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फतेहगढ़ साहिब में शहीदी सभा को लेकर कड़ी सुरक्षा, 3400 जवानों के साथ अलर्ट मोड

जालंधर/चंडीगढ़  शहीदी सभा के मद्देनजर पुलिस के विशेष महानिदेशक (स्पैशल डी.जी.पी.) कानून एवं व्यवस्था, अर्पित शुक्ला ने फतेहगढ़ साहिब का दौरा किया और सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की, ताकि जिले में आयोजन को सुचारू और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराया जा सके। दसवें सिख गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों बाबा ज़ोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की अद्वितीय शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु तीन दिवसीय वार्षिक शहीदी सभा 25 दिसंबर से 27 दिसंबर 2025 तक फतेहगढ़ साहिब में आयोजित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि पूरे क्षेत्र को योजनाबद्ध ढंग से 6 सैक्टरों में विभाजित किया गया है। देश-विदेश से आने वाली लाखों संगत की सुरक्षा, सुचारू आवागमन और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए 6 एसपी रैंक के अधिकारियों तथा 24 डी.एस.पी. रैंक के अधिकारियों की निगरानी में 3400 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इस अवसर पर स्पैशल डी.जी.पी. अर्पित शुक्ला के साथ डीआईजी रोपड़ रेंज नानक सिंह और एस.एस.पी. फतेहगढ़ साहिब शुभम अग्रवाल भी उपस्थित थे। स्पैशल डी.जीपी ने शहीदी सभा के पुख्ता सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने हेतु तैनात सभी एसपी एवं डी.एस.पी. रैंक के अधिकारियों और पुलिस बल को पूर्ण निष्ठा से ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को संगत के साथ अत्यंत विनम्रता एवं सौम्यता से पेश आने तथा आयोजन को सफल बनाने के लिए श्रद्धा-भावना और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करने के निर्देश भी दिए। सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष शांति एवं सुव्यवस्थित ढंग से शहीदी सभा संपन्न कराने के लिए फतेहगढ़ साहिब पुलिस द्वारा कई नई पहलें लागू की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को मत्था टेकने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। स्पैशल डी.जी.पी. ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु कुल 22 पार्किंग स्लॉट निर्धारित किए गए हैं तथा पार्किंग क्षेत्रों से गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब तक शटल बस सेवा भी उपलब्ध रहेगी। निर्बाध यातायात प्रबंधन और संगत को न्यूनतम असुविधा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा गूगल के समन्वय से पार्किंग स्थलों की रियल-टाइम जियो-टैगिंग की गई है और मार्गदर्शन हेतु साइन बोर्ड लगाए गए हैं।   उन्होंने बताया कि संगत की सहायता के लिए छह हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जिनमें एक पुलिस डेस्क, चिकित्सा सहायता तथा अग्निशमन सुविधाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त एक एकीकृत कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। स्पैशल डी.जी.पी. अर्पित शुक्ला ने कहा कि समाज-विरोधी तत्वों पर कड़ी नजर रखने के साथ-साथ यातायात और पार्किंग व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए 6 ड्रोन और 300 सी.सी.टी.वी. कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। इस दौरान सड़क सुरक्षा को बढ़ाने और कोहरे के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से एक पहल के तहत पुलिस टीमों द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टर स्टिकर भी लगाए जाएंगे।

स्वास्थ्य शिक्षा में बड़ा फैसला: पंजाब के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों के कायाकल्प को ₹68 करोड़ मंजूर

चंडीगढ़  पंजाब के आम लोगों को बेहतर इलाज और जांच की सुविधाएं मिले, इसके लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों का कायाकल्प करने का प्लान तैयार किया है. पंजाब सरकार ने इसके लिए 68.98 करोड़ रुपए के फंड तुरंत जारी करने के आदेश दिए हैं. मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने सुविधाओं का विस्तार करने का आदेश जारी किया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों को अति-आधुनिक और विश्वस्तरीय मशीनरी से लैस करना जरूरी है ताकि ये मरीजों को बेहतर तरीके से सेवाएं दे सकें. भगवंत सिंह मान ने मेडिकल शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि इन मेडिकल कॉलेजों में सुविधाओं को अपग्रेड करने के लिए तुरंत 68.98 करोड़ रुपए जारी किए जाएं.   कौन-कौन से मेडिकल कॉलेज के लिए फंड मुख्यमंत्री ने कहा कि 26.53 करोड़ रुपए सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर, 28.51 करोड़ रुपए सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला, 9.43 करोड़ रुपए डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एस.ए.एस. नगर (मोहाली) तथा 4.51 करोड़ रुपए पी.जी.आई. सैटेलाइट सेंटर, फिरोजपुर के लिए तुरंत दिए जाएं. उन्होंने कहा कि इन फंडों का उपयोग आधुनिक मशीनें एवं अन्य उपकरण खरीदने के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों में विकास कार्यों के लिए किया जाए. भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि हमारी सरकार पंजाब को दुनिया भर में मेडिकल शिक्षा का गढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि इससे इलाज एवं मेडिकल टेस्ट की सुविधाओं को और बल मिलेगा. ताकि किफायती दरों पर मिले इलाज मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में ये सुविधाएं समयबद्ध एवं उचित तरीके से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है ताकि लोगों को इलाज की सुविधाएं किफायती दरों पर उपलब्ध हों. उन्होंने कहा कि पंजाब का इतिहास रहा है कि इसने विश्वस्तरीय डॉक्टर पैदा किए हैं. आज भी राज्य में बड़ी संख्या में विद्यार्थी डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल शिक्षा ले रहे हैं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों में मानक शिक्षा देना राज्य सरकार का फर्ज है ताकि मेडिकल शिक्षा ले रहे विद्यार्थियों को बड़े स्तर पर लाभ मिले. इस अवसर पर मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, अतिरिक्त मुख्य सचिव अलोक शेखर, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत तथा अन्य उपस्थित थे.  

देशभक्ति की मिसाल बना नन्हा ‘योद्धा’: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैनिकों की सेवा, अब राजधानी दिल्ली में सम्मान

फिरोजपुर  पंजाब के सरहदी जिले फिरोजपुर के चक तरां वाली गांव के रहने वाले 10 साल के श्रवण सिंह को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया जाएगा. श्रवण को भारत की राष्ट्रपति के द्वारा 26 दिसंबर 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ मिलेगा. इसके लिए वह अपने पिता के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं. श्रवण ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान असाधारण साहस का परिचय निस्वार्थ सेवा दिखाया था. ​श्रवण सिंह को मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उनके असाधारण साहस, सूझबूझ और निस्वार्थ सेवा के लिए पहचाना गया. भारत-पाकिस्तान सीमा पर अत्यधिक तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच, श्रवण सिंह ने तैनात सैनिकों को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की थी. दुश्मन के ड्रोनों की निरंतर घुसपैठ और भारी तनाव के माहौल में, देशभक्ति के जज्बे से ओतप्रोत होकर श्रवण प्रतिदिन अग्रिम चौकियों तक जाते थे. वे सैनिकों के लिए पानी, दूध, लस्सी, चाय और बर्फ जैसी आवश्यक सामग्री पहुंचाते थे. श्रवण ने सैनिकों को पहुंचाई थी मदद दुश्मन की सीधी निगरानी और हमले के निरंतर खतरे के बावजूद, उनके अटूट संकल्प ने लंबे समय से तैनात सैनिकों के लिए जल-आपूर्ति और मनोबल बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन के रूप में काम किया. ​श्रवण ने अपने परिवार को भी सशस्त्र बलों के पूर्ण समर्थन के लिए प्रेरित किया. उन्होंने सैनिकों के आराम और लॉजिस्टिक के लिए अपने घर और संसाधनों के दरवाजे खोल दिए, जिससे संवेदनशील सीमा क्षेत्र में नागरिक-सैन्य सहयोग की भावना को मजबूती मिली. अब मिलेगा पीएम बाल पुरस्कार उनके इस साहसी और करुणामयी आचरण ने स्थानीय समुदाय को एकजुट किया और देश भर के बच्चों के लिए एक प्रेरक उदाहरण पेश किया है. उनके इस नेक और बहादुर कार्य के लिए ‘गोल्डन एरो डिवीजन’ ने उनकी शिक्षा को स्पॉन्सर किया है. ​उनकी असाधारण वीरता, निरंतर समर्पण और प्रेरणादायक देशभक्ति को स्वीकार करते हुए, भारत सरकार ने मास्टर श्रवण सिंह को बच्चों को दिए जाने वाले देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 के लिए चुना है. उनका अनुकरणीय साहस और सेवा की गहरी भावना भारतीय समाज के बेहतरीन मूल्यों को दर्शाती है और राष्ट्र के युवाओं के लिए एक चमकते प्रकाश स्तंभ के समान है. वही परिवार में और इलाके में खुशी का माहौल है. परिवार ने कहा कि श्रवण को अवार्ड मिल रहा है हमें बड़ी खुशी है.  

दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे पर मातम: संगरूर में कार की टक्कर से दो लोगों की जान गई

संगरूर  संगरूर जिले में नए बने दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के पास गांव झनेड़ी में एक स्विफ्ट कार ने पैदल चल रहे दो लोगों को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे दोनों लोगों की मौत हो गई, जबकि कार ड्राइवर घायल हो गया। सहायक सब इंस्पेक्टर जैबरा नंद ने बताया कि महेंदर कत्याल (53) निवासी कपिल कॉलोनी भवानीगढ़ और हरदयाल सिंह निवासी दीप कॉलोनी भवानीगढ़ गांव झनेड़ी के पास एक पोल्ट्री फार्म पर गए थे। जब वे दोनों पैदल भवानीगढ़ लौट रहे थे, तो दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के पास गांव झनेड़ी के पास सुनाम की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के कारण महेंदर कत्याल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हरदयाल सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दौरान कार ड्राइवर भूपिंदर सिंह घायल हो गया। पुलिस ने एक्सीडेंट में शामिल कार को कब्जे में ले लिया है और कार ड्राइवर के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा रही है।

सीमा पार से ड्रग्स तस्करी करने वाले को पंजाब की अदालत ने दी तीन साल की जेल

जालंधर  पंजाब की एक विशेष अदालत (पीएमएलए) ने सीमा पार से ड्रग्स तस्करी करने वाले एक व्यक्ति को तीन साल की कठोर कारावास और 10,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक अधिकारी ने  यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि जालंधर के विशेष न्यायाधीश (पीएमएलए) ने सोमवार को अथर सईद को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया। विशेष अदालत ने जांच एजेंसी द्वारा बरामद 17 लाख रुपए की अपराध से प्राप्त आय (पीओसी) को जब्त करने का भी आदेश दिया। ईडी के जालंधर कार्यालय ने यह जांच पंजाब पुलिस द्वारा अथर सईद और अन्य के खिलाफ सीमा पार मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। ईडी की जांच में पता चला कि अथर सईद सीमा पार हेरोइन की तस्करी में शामिल था और इस प्रकार उसने अपराध से प्राप्त धन (पीओसी) अर्जित किया। वह हेरोइन की तस्करी और उसके बाद प्रतिबंधित माल की बिक्री और मादक पदार्थों की तस्करी से प्राप्त धन की वसूली में शामिल था। इससे पहले 1 अप्रैल 2016 को पीएमएलए के प्रावधानों के तहत दो स्थानों पर तलाशी ली गई थी। इसके अलावा 21 मार्च 2018 के कुर्की आदेश के तहत अथर सईद से 17 लाख रुपए की चल संपत्ति जब्त की गई थी। जालंधर के विशेष न्यायाधीश (पीएमएलए) ने अपने फैसले में कहा कि अगर अथर सईद 10,000 रुपए का जुर्माना अदा करने में लापरवाही करते हैं, तो उन्हें तीन महीने कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।

गैस सिलेंडर पर नई आफत! पंजाब में अगले 7 दिन तक उपभोक्ताओं को झटका

लुधियाना सर्दियों के सीजन में घरेलू गैस सिलैंडरों की किल्लत पिछले डेढ़ महीने से बनी हुई है। इंडेन और हिंदुस्तान पैट्रोलियम गैस कम्पनियों के अधिकांश डीलर अपने उपभोक्ताओं को फोन कर माफी मांगते हुए बता रहे हैं कि अगले 7 दिन तक गैस सिलैंडर की सप्लाई संभव नहीं है। डीलरों ने बताया कि सर्दियों में रसोई गैस की मांग बढ़ जाने के कारण उन्हें लगातार दबाव का सामना करना पड़ रहा है। बुकिंग करने के बाद कई बार उपभोक्ताओं को 5 से 7 दिन तक सिलैंडर नहीं मिल पा रहे हैं। इसके पीछे कम्पनी अधिकारियों की तैयारी और समय पर प्लांट की मैंटीनैंस में देरी को मुख्य कारण माना जा रहा है। गैस एजैंसियों के कर्मचारियों और डिलीवरी स्टाफ ने कहा कि कई बार लोड (सिलैंडरों से भरे ट्रक) केवल 2 दिनों के अंतराल पर मिल रहे हैं, जिससे एजैंसी संचालन प्रभावित हो रहा है। घने कोहरे और मौसम की कठिनाई भी सप्लाई में देरी का एक और कारण बन रहे हैं। सेल्स अधिकारियों का दावा : इंडेन गैस कम्पनी के सेल्स अधिकारी अर्जुन कुमार और गौरव जोशी ने कहा कि केवल कुछ एजैंसियों में 3-4 दिनों का बैकलॉग है और जल्द ही स्थिति सामान्य कर दी जाएगी। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे पैनिक न हों।  

एक बयान और विवादों में नवजोत सिद्धू, क्या फिर छिड़ेगी राजनीतिक जंग?

अमृतसर  पंजाब की राजनीति में अपने साफ अंदाज के लिए जाने जाने वाले नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने विरोधियों को करारा जवाब दिया है। सिद्धू ने साफ कहा कि वह कबूतर की तरह नहीं, बल्कि बाज की तरह जीते हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे पलटना आता है, मुझे झपट्टा मारना भी आता है और झपट्टा मारने के बाद पलटना मेरी आदत है।’ इस बयान को उनके राजनीतिक विरोधियों को सीधी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। नवजोत सिंह सिद्धू ने यह भी कहा कि वह किसी के दबाव में नहीं झुकने वाले हैं, न ही किसी से डरते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति सच्चाई, हिम्मत और बहादुरी पर आधारित है। सिद्धू के बयान के बाद पंजाब की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना ​​है कि सिद्धू का बयान आने वाले समय में कांग्रेस की राजनीति और पंजाब के राजनीतिक माहौल को और गरमा सकता है। उनके समर्थक इस बयान से उत्साहित हैं, जबकि उनके विरोधी इसे सिर्फ बयानबाजी बताकर खारिज कर रहे हैं। 

हाईवे पर सफर होगा सस्ता और आसान, पंजाब में यह टोल प्लाजा हटाने का फैसला

बाघापुराना बाघापुराना-मोगा रोड पर स्थित गांव चंदपुराना में बना टोल-प्लाजा पिछले काफी समय से बंद पड़ा था, लेकिन इसका साजो-सामान तथा स्ट्रक्चर (इमारत) ज्यों का त्यों खड़ा था। यह स्ट्रक्चर सालों से गुजर रहे राहगीरों के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ था, खास कर इन दिनों में जब धुंध के कारण दृश्यता बहुत कम रहती है। बंद पड़े टोल-प्लाजा के पिल्लरों, शैडों तथा डिवाइडरों ने कई वाहनों को धुंध में धोखा देकर हादसों का कारण बनाया है तथा कई छोटे-बड़े हादसे यहां हो चुके हैं। राहगीरों तथा रोजाना गुजरने वाले डिवाइडरों द्वारा इस स्ट्रक्चर बारे लगातार चिंताएं जाहिर की जा रही थी। लोगों की समस्याओं को देखते हुए पंजाब केसरी द्वारा इस मसले को विशेष तौर पर प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। खबर प्रकाशित होने के बाद स्थानीय प्रशासन तथा संबंधित विभाग तुरंत हरकत में आ गए। लोगों में इस खबर को लेकर काफी रूची तथा उम्मीद पैदा हुई कि शायद अब यह खतरनाक स्ट्रक्चर हटाया जाएगा। आज इस खबर का सीधा प्रभाव सामने आया है। प्रशासन द्वारा बाघापुराना-मोगा रोड पर गांव चंदपुराना में टोल-प्लाजा के साजो-सामान तथा स्ट्रक्चर को हटाना शुरू कर दिया गया है। मशीनरी लगाकर शैडों, बूथों तथा दूसरे बनतरों को हटाया जा रहा है, ताकि सड़क पूरी तरह से खाली करके वाहनों की सुरक्षित आवाजाही यकीनी बनाई जा सके। इस कार्रवाई से राहगीरों तथा स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। उन्होंने पंजाब केसरी द्वारा इस मुद्दे को उजागर करने की प्रशंसा की है। लोगों का कहना है कि जब मीडिया लोगों की आवाज बनकर ऐसे मुद्दे उठाता है, तो प्रशासन तक सच्ची तस्वीर पहुंचती है तथा जनतक सुरक्षा के लिए जरूरी कदम तुरंत उठाए जाते हैं।  

केंद्रीय राज्यमंत्री के तीखे तेवर, दिशा बैठक में अपनी पार्टी के जिला अध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से हड़काया

पलवल केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने आज पलवल लघु सचिवालय में दिशा की मीटिंग ली और नगर परिषद में हुए घोटालों को लेकर अधिकारियों ने जमकर लताड़ लगाई और घोटालों की विजिलेंस जांच के लिए लिखा। इस दौरान स्थानीय भाजपा जिला अध्यक्ष के बीच में हस्तपक्षेप करने पर उनको भी जमकर हड़काया और कहा कि मीटिंग लेने में आया हूं तुम नहीं चुप बैठो। इस दौरान अन्य अधिकारी भी बगल झांकते नजर आए। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के ये तेवर यहां मौजूद लोगों के कैमरों में कैद हो गए। कृष्णपाल गुर्जर ने घोटालों की लिस्ट के साथ एक एक कर सभी घोटालों को लेकर सवाल जबाव किए इस दौरान अधिकारियों पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं बना तो केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और ज्यादा हाइपर हो गए। इस दौरान उन्होंने अवैध रूप से निकाली गई राशि का ब्यौरा जिला नगर आयुक्त से सवाल किया तो कोई जवाब नहीं बन पाया, साथ ही उन्होंने कार्यरत कर्मचारी और भर्ती किए गए कुल कर्मचारियों के बीच के अंतर को लेकर भी जमकर लताड़ लगाई।   बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है और काफी लंबे समय से शिकायतें मिल रही थी जिसको लेकर अब विजिलेंस जांच के आदेश दिए है जो भी जांच में सामने आएगा उनपर कार्यवाही की जाएगी। आपको बतादें की नगर परिषद में लंबे समय से घोटालों के आरोप लग रहे थे हाल ही में कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री करन दलाल ने भी घोटालों के मुद्दे को प्रेस वार्ता के माध्यम से उठाया था जिनपर केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के तीखे तेवरों ने मोहर लगा दी।  

पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: तीन शहर घोषित हुए पवित्र, नॉन-वेज और शराब की बिक्री पर रोक

चंडीगढ़  अमृतसर वॉलड सिटी (चारदीवारी वाला शहर), तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब में मांस, शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री अब बैन है. पंजाब सरकार ने इन तीनों शहरों को ‘पवित्र शहर’ का दर्जा दिया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक वीडियो मैसेज में इसका ऐलान किया था. पिछले महीने श्री आनंदपुर साहिब में पंजाब विधानसभा का एक विशेष सत्र आयोजित किया गया था. इस दौरान सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया था. यह विशेष सत्र गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ के मौके पर बुलाया गया था. फिर 15 दिसंबर को, राज्य सरकार ने रूपनगर जिले में श्री आनंदपुर साहिब, बठिंडा में तलवंडी साबो और अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के आसपास के ‘गलियारा’ क्षेत्र को ‘पवित्र शहर’ का दर्जा की एक अधिसूचना जारी की गई थी. अपने वीडियो संदेश में, सीएम मान ने कहा कि सिखों के पांच ‘तख्त’ हैं. जिनमें से तीन – श्री अकाल तख्त साहिब (अमृतसर), श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो, बठिंडा) और तख्त श्री केशगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) पंजाब में हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ई-रिक्शा, मिनी-बसें, शटल बसें और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विस समेत सभी जरूरी व्यवस्थाएं करेगी और सुविधाओं का इंतजाम करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पवित्र शहरों में अब सख्त नियम लागू होंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि मांस, शराब, तंबाकू और किसी भी नशीले पदार्थ की बिक्री पूरी तरह से बैन है. उन्होंने आश्वासन दिया कि शहरों का उचित विकास होगा. सीएम मान ने कहा कि ये शहर न केवल धार्मिक केंद्र हैं बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत के एक बहुत अहम प्रतीक भी हैं.