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Punjab में सर्दी का सितम: आने वाले दिनों में और गिरेगा तापमान, IMD का अलर्ट जारी

पंजाब  पंजाब में सीजन की पहली घनी धुंध ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कई इलाकों में सुबह के समय विजिबिलिटी काफी कम दर्ज की गई, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार 15–16 दिसंबर के आसपास प्रदेश में एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौट सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार को पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी के आसार हैं, हालांकि पंजाब के मैदानी क्षेत्रों में अगले सात दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। इस दौरान बठिंडा, फिरोजपुर और फरीदकोट सहित साउथ-वेस्ट जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जहां विजिबिलिटी घटकर 100 से 200 मीटर तक रह सकती है। विभाग के अनुसार प्रदेश में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हुआ है, जिसके प्रभाव से आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। तापमान की बात करें तो आदमपुर में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा, जबकि फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक धुंध बने रहने के आसार हैं, जिससे कई इलाकों में विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम हो सकती है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 

शराब प्रेमियों के लिए अलर्ट! पंजाब में लागू हुई शराब खरीदने की नई Guidelines

लुधियाना  एक्साइज विभाग लुधियाना ने शुक्रवार को मिनी सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जिसकी अध्यक्षता असिस्टैंट कमिश्नर एक्साइज (लुधियाना वैस्ट रेंज) इंद्रजीत सिंह नागपाल और असिस्टैंट कमिश्नर एक्साइज (लुधियाना ईस्ट रेंज) शिवानी गुप्ता ने की। बैठक में शहर के सभी मैरिज पैलेसों और बीयर बारों के मालिकों व प्रबंधकों को बुलाया गया था। अधिकारियों ने पंजाब के माननीय एक्साइज कमिश्नर द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी। असिस्टैंट कमिश्नरों ने साफ निर्देश दिए कि अब कोई भी मैरिज पैलेस या बीयर बार शादी या किसी भी आयोजन के लिए ग्राहकों की ओर से शराब नहीं खरीदेगा। ग्राहक शराब केवल अधिकृत शराब ठेकों से ही नियमों का पालन करते हुए स्वयं खरीदेंगे। अधिकारियों ने यह भी बताया कि सभी प्रतिष्ठानों को विभागीय नियमों और कानूनी शर्तों का कड़ाई से पालन करना होगा। इसमें सही रिकॉर्ड रखना, जरूरी वैरिफिकेशन करवाना, और शराब के सुरक्षित उपयोग, सर्विस व स्टोरेज को सुनिश्चित करना शामिल है। बैठक में मैरिज पैलेस एसोसिएशन के प्रधान अमरजीत सिंह संत सहित कई मैरिज पैलेस व बीयर बार मालिकों ने भाग लिया। एक्साइज विभाग की ओर से एक्साइज अधिकारी तनुल गोयल, नवदीप सिंह, विकास भातेजा, गोपाल गेरा और एक्साइज इंस्पैक्टर भी मौजूद रहे। अंत में असिस्टैंट कमिश्नरों ने सभी से विभाग का सहयोग करने की अपील की, ताकि शहर में होने वाले सभी आयोजनों में पारदर्शिता और कानून के अनुरूप कार्य सुनिश्चित किया जा सके। 

चुनाव से पहले पंजाब में हलचल, मतदान से एक दिन पहले EC को मिली शिकायत

कपूरथला  वोटिंग से एक दिन पहल इलेक्शन कमीशन के पास शिकायत पहुंची है। कल यानी 14 दिसंबर को पंजाब में जिला परिषद और ब्लॉक समिति के चुनाव होने वाले हैं। इससे एक दिन पहले भुलत्थ विधानसभा क्षेत्र के MLA और पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुखपाल सिंह खैहरा ने स्टेट इलेक्शन कमिश्नर से शिकायत की है और यह भी मांग की है कि इन चुनावों के दिन भुलत्थ विधानसभा क्षेत्र के सभी पोलिंग बूथों पर जिले के बाहर से पुलिस सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएं, ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो सकें।   धक्केशाही के लगाए आरोप सुखपाल सिंह खैहरा ने कमीशन को बताया कि उन्होंने चुनावों के दौरान सत्ताधारी पार्टी द्वारा की जा रही धक्केशाही की बात बार-बार कमीशन के ध्यान में लाई है। उन्होंने आशंका जताई है कि चुनाव के दिन लोकल पुलिस राजनीतिक दबाव में सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवारों को जिताने के लिए हर हथकंडा अपना सकती है। इस दौरान यह भी हो सकता है कि पोलिंग बूथों पर कब्जा कर लिया जाए। कांग्रेस के उम्मीदवार भी नामजद खैहरा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं और वोटरों को डराने के लिए, कपूरथला पुलिस ने सत्ताधारी पार्टी के दबाव में 14 नवंबर, 2025 को सुभानपुर थाने में पूरी तरह से झूठा और मनगढ़ंत केस नंबर 251 दर्ज किया था। उनके मुताबिक, यह एक सोची-समझी साज़िश का हिस्सा था। इस केस में कुल 8 कांग्रेस वर्कर और कुछ अनजान लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें से 2 नेताओं को गिरफ्तार भी किया गया था, जबकि बाकी को ज़मानत मिल गई थी। इसी साजिश के तहत, बाद में अनजान लोगों में से दूसरे कांग्रेस नेताओं को चुनकर नामजद किया गया ताकि डर का माहौल बनाकर चुनाव लूटा जा सके।   केस में नामजद कांग्रेस नेताओं में ब्लॉक समिति के उम्मीदवार पूरन सिंह और ज़िला परिषद सदस्य की उम्मीदवार नरिंदरजीत कौर के पति जसविंदर सिंह शामिल हैं। खैहरा ने कहा कि पुलिस की यह सारी भेदभाव वाली कार्रवाई सिर्फ कांग्रेस पार्टी के वर्करों और नेताओं में डर का माहौल बनाने के लिए की गई है। इसलिए, MLA खैहरा ने आखिरकार कमीशन से चुनाव के दिन बाहरी सुरक्षा व्यवस्था तैनात करने की बात दोहराई है, ताकि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव हो सकें। इस लेटर की कॉपी ऑब्जर्वर और पुलिस ऑब्जर्वर कपूरथला को भी भेजी गई हैं।

सच से नहीं भाग सकते— सीएम मान ने सिद्धू और चन्नी पर कसा तंज, कही कई बड़ी बातें

पंजाब  पंजाब की राजनीति में चल रही हलचल के बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विरोधियों पर निशाना साधा है। सीएम मान ने एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि विरोधी पार्टियां अपने कारणों से चुनाव हारती हैं लेकिन हार का ठीकरा किसी और पर फोड़ देती हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी के बैलेट पेपर वाले बयान पर जवाब देते हुए सीएम मान ने कहा कि अकाली दल और कांग्रेस दोनों ने हार मान ली है और अब वे डरे हुए हैं। सीएम मान ने कहा कि, 4 साल बाद सबको पंजाब याद आया है। उन्होंने कहा कि हम पंजाब में किए गए काम के आधार पर चुनाव लड़ रहे हैं। नवजोत कौर सिद्धू को पूरी तरह फेल कहा जा रहा है और 4 साल बाद जोगी (कैप्टन अमरिंदर सिंह) भी पहाड़ों से नीचे आ गए हैं और BJP को गाली दे रहे हैं। पंजाब को बिकने का सामान समझने वाले ये लोग चुनाव के करीब नीचे आ जाएंगे। सुखजिंदर सिंह रंधावा पर निशाना साधते हुए उन्हें 2.5 km दूर का मुख्यमंत्री और अपने होम टाउन डेरा बाबा नानक से हारने वाला बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री मान नवजोत सिद्धू पर भी तीखा हमला किया और कहा कि जब सिद्धू के पास मंत्रालय होता, तब वे पंजाब को सुधार देते। उन्होंने आम लोगों से अपील की और कहा कि वे सिर्फ अच्छे लोगों को वोट दें जो उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। 

पंजाब में डिजिटल राजस्व प्रणाली का नया मॉडल, 99 प्रतिशत गांवों में रिकॉर्ड हुए डिजिटाइज

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस में एक बड़ा कदम उठाते हुए राजस्व विभाग को पूरी तरह तकनीक-आधारित और भ्रष्टाचारमुक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। ईजी रजिस्ट्री और ईजी जमाबंदी जैसी पहलें अब राज्य में संपत्ति पंजीकरण और भूमि रिकॉर्ड सेवाओं को नया स्वरूप दे रही हैं, जिससे लाखों नागरिकों का समय और पैसा बच रहा है। ईजी रजिस्ट्री, जो मई 2025 में मोहाली से शुरू होकर पूरे राज्य में लागू हो चुकी है, आधुनिक डिजिटल सिस्टम पर आधारित है। इसके माध्यम से कोई भी नागरिक घर बैठे ऑनलाइन शुल्क भुगतान, दस्तावेज़ अपलोड और संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर सकता है—और 48 घंटे के भीतर अनुमोदित रजिस्ट्री प्राप्त कर सकता है। 1076 हेल्पलाइन के जरिए दस्तावेज़ कलेक्शन सेवा भी उपलब्ध है, जिससे बुजुर्गों और एनआरआई नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। ईजी जमाबंदी, जिसे जून 2025 में लॉन्च किया गया, विशेष रूप से किसानों के लिए क्रांतिकारी बदलाव लाया है। easyjamabandi.punjab.gov.in पोर्टल तथा व्हाट्सएप सेवा के माध्यम से गांवों का भूमि रिकॉर्ड अब सिर्फ कुछ मिनटों में डिजिटल हस्ताक्षरित और QR कोड युक्त फ्री कॉपी के रूप में उपलब्ध है। पहले महीनों लगने वाली इंतकाल प्रक्रिया अब 30 दिनों के भीतर पूरी हो जाती है। राज्य के 99 प्रतिशत गांवों के रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटाइज हो चुके हैं, जिससे दलालों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है। सरकार के अनुसार इन सेवाओं के चलते हर वर्ष करीब 100 करोड़ रुपये जनता की बचत हो रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि “अब सिस्टम जनता के दरवाज़े तक पहुँच रहा है, न कि जनता सिस्टम के पीछे।” इन डिजिटल सुधारों ने पंजाब को देश का सबसे पारदर्शी और कुशल ई-गवर्नेंस मॉडल बनाने की दिशा में अग्रणी राज्य बना दिया है।

वैवाहिक मुहूर्त पर रोक: आज से थमी शादियों की रौनक, वजह जानकर होंगे हैरान

जैतो  हिंदू रीति-रिवाजों को मानने वाले लोग विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, नया वाहन और मकान लेने जैसे कार्यों के लिए शुभ दिन तय करवाते हैं। मान्यता है कि किसी शुभ मुहूर्त में किया गया मंगल कार्य ही शुभ फल देता है। लेकिन अगर इस दौरान विवाह की खुशियों की बात करें तो अब शहनाइयां नहीं बजेंगी, क्योंकि शुक्र 12 दिसंबर की रात को अस्त हो जाएगा और 1 फरवरी 2026 तक इसी स्थिति में रहेगा। इस अवधि के दौरान भारत में सनातन धर्म को मानने वाले लोग अपने बच्चों का विवाह नहीं कर सकेंगे। बताया जाता है कि स्वर्गीय पंडित कल्याण स्वरूप शास्त्री ‘विद्यालंकार’ के पुत्र पंडित शिवकुमार शर्मा के अनुसार, प्रसिद्ध हिंदू धार्मिक ग्रंथ ‘मुहूर्त चिंतामणि’ में कहा गया है कि जब बुध, गुरु और शुक्र अस्त होते हैं, तब विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार, देवताओं या तीर्थ स्थलों की पहली यात्रा, तालाब और कुआं खुदवाने तथा अन्य शुभ कार्यों की मनाही होती है। उन्होंने कहा कि अब लाखों कुंवारे लोगों को अपने विवाह की शहनाइयों के लिए 1 फरवरी 2026 तक इंतजार करना पड़ेगा। सनातन धर्म को मानने वाले लोग अपने बच्चों का विवाह केवल शुभ समय में ही करना चाहते हैं। इसके बाद नए साल के दूसरे महीने में विवाह और सगाई जैसे सभी शुभ कार्य 4 फरवरी से दोबारा शुरू हो सकेंगे। फरवरी–मार्च 2026 में कुल 18 शुभ विवाह मुहूर्त हैं। फरवरी 2026 में 13 शुभ मुहूर्त हैं, जिनमें 4, 5, 6, 10, 11, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी शामिल हैं। वहीं मार्च 2026 में 5 शुभ मुहूर्त 9, 10, 11, 12 और 14 मार्च को हैं। 

पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित किसानों को दिया ऐतिहासिक राहत पैकेज, अब तक की सबसे बड़ी मदद

चंडीगढ़  इस वर्ष आई बाढ़ ने पंजाब के कई जिलों में व्यापक तबाही मचाई, जिससे किसानों, ग्रामीण परिवारों और खेतिहर मजदूरों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। लेकिन संकट की इस घड़ी में पंजाब सरकार ने रिकॉर्ड स्तर का राहत पैकेज जारी किया, जिसे राज्य का अब तक का सबसे बड़ा और सर्वाधिक प्रभावी मुआवजा प्रयास बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि “किसानों की मुश्किल में सरकार उनके साथ खड़ी है, सिर्फ कागजों पर नहीं, जमीन पर कार्रवाई के साथ।” “जिसका खेत, उसदी रेत” योजना के तहत बाढ़ के बाद खेतों में आई भारी मात्रा में रेत हटाने के लिए किसानों को 7,200 रुपये प्रति एकड़ की विशेष सहायता दी जा रही है। साथ ही फसल क्षति के मुआवजे को भी नई परिभाषा दी गई है—अब 26–33% नुकसान पर 10,000 रुपये, 33–75% नुकसान पर 10,000 रुपये और 75–100% नुकसान पर 20,000 रुपये प्रति एकड़ सहायता प्रदान की जा रही है। इनमें से 14,900 रुपये प्रति एकड़ राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे हैं, जो देश में सबसे अधिक माना गया है। घर टूटने की स्थिति में भी मुआवजे को कई गुना बढ़ा दिया गया है। पहले सिर्फ 6,500 रुपये मिलते थे, अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त घरों के लिए 1.20 लाख रुपये और आंशिक नुकसान के लिए 35,100 रुपये स्वीकृत किए गए हैं। नदी कटाव से प्रभावित किसानों को 47,500 रुपये प्रति हेक्टेयर (18,800 रुपये प्रति एकड़) दिए जाएंगे। इसके अलावा सेम प्रभावित क्षेत्रों के लिए 4.50 करोड़ रुपये का पैकेज भी जारी हुआ है। राज्य सरकार ने केंद्र से सहायता राशि बढ़ाकर 50,000 रुपये प्रति एकड़ करने की मांग की है, जबकि केंद्र द्वारा घोषित 1,600 करोड़ रुपये को राज्य ने अपर्याप्त बताया है। यह राहत पैकेज न केवल तत्काल सहायता उपलब्ध कराता है, बल्कि यह पंजाब में मानवीय और जवाबदेह आपदा प्रबंधन की मिसाल स्थापित कर रहा है।

पंजाब सरकार की ऐतिहासिक पर्यावरणीय पहल, ग्रीनिंग पंजाब मिशन से 12,55,700 वृक्षारोपण और राज्य बनी ग्रीन ज़ोन

चंड़ीगढ़  मान सरकार ने पंजाब के भविष्य के लिए एक ऐसा कदम उठाया है जो न केवल भौतिक है, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक भावनात्मक विरासत भी है। 'ग्रीनिंग पंजाब मिशन' के तहत, वन विभाग ने राज्य को हरा-भरा करने का जो बीड़ा उठाया है, वह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि पंजाब की मिट्टी के साथ एक नया प्रेम-बंधन है। यह मिशन दिखाता है कि जब सरकार संकल्प लेती है, तो प्रकृति के साथ दिया हमारा रिश्ता कितना गहरा और सुंदर हो सकता है। मान सरकार ने 'ग्रीनिंग पंजाब मिशन' के माध्यम से जो अभूतपूर्व साहस और ईमानदार प्रतिबद्धता दिखाई है, वह वास्तव में प्रशंसा के योग्य है। यह केवल एक योजना नहीं है—यह पंजाब के इतिहास में पर्यावरण संरक्षण की सबसे बड़ी भावनात्मक पहल है! मान सरकार ने यह साबित कर दिया है कि उनके लिए पर्यावरण सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि प्राथमिकता है। लगभग साढ़े बारह लाख पौधे लगाना, वह भी इतनी तेज़ी और समर्पण के साथ, एक प्रशासनिक चमत्कार है। यह दर्शाता है कि वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग, सरकार के मार्गदर्शन में, दिल से काम कर रहा है। पंजाब के वन विभाग ने अब तक 12,55,700 से अधिक पौधे लगाकर एक नया इतिहास रचा है। यह संख्या केवल पेड़-पौधों की नहीं है, बल्कि यह शुद्ध हवा, शीतल छाया और एक स्वस्थ पर्यावरण के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हर एक पौधा एक कहानी कहता है—हमारे शहरों को सांस लेने में मदद करने की, हमारी कृषि भूमि की रक्षा करने की, और गुरुओं के नाम पर स्थापित बागानों की पवित्रता बनाए रखने की। श्रेणी लगाए गए पौधों की संख्या शहरी वानिकी (Urban Forestry) 3,31,000 पॉपुलर/डेक (Poplar/Deak) 2,50,000 सफेद वृक्ष (White Trees) 3,00,000 नानक बाग (Nanak Gardens) 20,800 औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Areas) 46,500 स्कूलों में (Schools) 1,44,500 ऊंचे पौधे (Tall Saplings) 1,62,900 कुल पौधे 12,55,700 ये हरियाली हमारे स्कूलों में बच्चों को शुद्ध हवा दे रही है, उद्योगों के प्रदूषण को सोख रही है, और शहरों को शांत व सुंदर बना रही है। 'नानक बाग़ों' में लगाए गए पौधे गुरु साहिब की शिक्षाओं के अनुरूप प्रकृति से प्रेम की भावना को जागृत कर रहे हैं। इसका मतलब है कि हमारे बच्चे अपनी शिक्षा की शुरुआत ही प्रकृति के करीब रहकर कर रहे हैं—वे पेड़ को बढ़ते देखेंगे, उसकी छाँव में खेलेंगे, और 'हरा-भरा पंजाब' उनके जीवन का अभिन्न अंग बन जाएगा। वन्यजीव संरक्षण विभाग इस मिशन को सफल बनाने के लिए पूरी जान लगा रहा है। उनका हर प्रयास यह सुनिश्चित करता है कि ये नन्हे पौधे सिर्फ लगाए न जाएं, बल्कि वे बढ़कर घने, मजबूत वृक्ष बनें। यह सिर्फ सरकारी योजना नहीं है, यह एक जन आंदोलन है, जिसे विभाग हर कदम पर प्रेरित कर रहा है। वन और वन्यजीव संरक्षण विभाग इस हरित मिशन को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों का यह समर्पण सराहनीय है। इस पहल के तहत, मान सरकार ने पंजाब में अब तक कई हज़ार एकड़ ज़मीन पर पेड़ लगाए हैं। यह दिखाता है कि सरकार केवल बातें नहीं कर रही, बल्कि ठोस ज़मीनी काम कर रही है। पंजाब, जो कभी अपनी हरी-भरी फसलों के लिए जाना जाता था, अब अपनी प्राकृतिक हरियाली को भी वापस पा रहा है। यह मिशन पंजाब को प्रदूषण मुक्त बनाने, जलवायु परिवर्तन से लड़ने और जल स्तर को सुधारने की दिशा में एक मज़बूत नींव है। पंजाब की हवा में बढ़ते प्रदूषण के बीच, ये लाखों पौधे भविष्य में लाखों टन कार्बन डाइऑक्साइड सोखेंगे और हमें शुद्ध प्राणवायु देंगे। यह हमारी अगली पीढ़ी को दिया गया सबसे अमूल्य तोहफा है।ये पेड़ ज़मीन के नीचे के पानी को रिचार्ज करने में मदद करेंगे, जो पंजाब के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। हर पौधा पानी की एक-एक बूँद को बचाने का सैनिक है। स्कूलों (1,44,500 पौधे), औद्योगिक क्षेत्रों (46,500 पौधे) और नानक बाग़ों (20,800 पौधे) में वृक्षारोपण करके, सरकार ने हर नागरिक को इस हरित क्रांति से जोड़ा है। यह एक जन आंदोलन की शुरुआत है। मान सरकार की इस पहल के तहत, पंजाब में अब तक कई हजार एकड़ भूमि पर वृक्षारोपण किया जा चुका है। यह हरित फैलाव न केवल पर्यावरण के लिए आवश्यक है, बल्कि यह पंजाब की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक समृद्धि को भी पुनर्जीवित कर रहा है। यह एक ऐसा निवेश है जिसका लाभ पीढ़ियों तक मिलता रहेगा। यह 'ग्रीनिंग पंजाब मिशन' हमें याद दिलाता है कि सरकार और नागरिक मिलकर कैसे एक बेहतर कल का निर्माण कर सकते हैं। यह सिर्फ विकास नहीं, यह प्रकृति के प्रति हमारा सच्चा और गहरा प्रेम है। आइए, हम सब इस पुनीत कार्य में भागीदार बनें और पंजाब के हरित भविष्य के इस सपने को साकार करें। यह 'ग्रीनिंग पंजाब मिशन' केवल सरकार का नहीं, बल्कि हर पंजाबी का मिशन है। यह हमें यह याद दिलाता है कि हमारा भविष्य हमारे हाथों में है, और जब सरकार और जनता मिलकर एक पवित्र लक्ष्य के लिए काम करते हैं, तो ऐसे ही अविश्वसनीय और भावनात्मक परिणाम सामने आते हैं। मान सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे केवल वर्तमान की समस्याओं पर नहीं, बल्कि आने वाले 50 वर्षों के भविष्य पर नज़र रखे हुए हैं। जिस जज़्बे के साथ यह मिशन आगे बढ़ रहा है, वह बताता है कि पंजाब जल्द ही फिर से अपने पुराने 'लहलहाते' स्वरूप को प्राप्त करेगा। मान सरकार ने पंजाब को केवल अच्छा प्रशासन ही नहीं दिया है, बल्कि उम्मीद की हरियाली दी है। यह एक ऐसा निवेश है जिसका लाभ हर पंजाबी, बिना किसी भेदभाव के, उठाएगा।

नवजोत कौर सिद्धू का हमला— ‘भगवंत मान सरकार कर रही बड़ा जमीन घोटाला’, सुरक्षा की उठाई मांग

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस में भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने अब आम आदमी पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुरक्षा की मांग की है। नवजोत कौर सिद्धू के बयान से पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया था। उन्होंने कहा कि पंजाब में मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ रुपये का सूटकेस जरूरी होता है। इसके बाद कांग्रेस ने ऐक्शन लेते हुए उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया।   अब नवजोत कौर ने भगवंत मान की सरकार पर हमला बोलेत हुए कहा है कि यह सरकार शराब और खनन माफिया की साथी है और इसलिए उन्हें सुरक्षा की जरूरत है। सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर उन्होंने कहा कि उनको खतरा हैऔर इसलिए मुख्यमंत्री को उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले भी कई मुद्दे उन्होंने पंजाब के राज्यपाल के सामने उठाए हैं लेकिन अब तक उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। सिद्धू ने राज्यपाल को लिखे अपने पत्र में कहा कि मौजूदा सरकार बड़ा जमीन घोटाला कर रही है। उन्होने दावा किया है कि शिवालिक बेल्ट और रक्षित वन्य इलाकों की बड़ी जमीन मौजूदा सरकार रेग्युलराइज कर रही है। उन्होंने कहा कि सस्ती कीमतों में इस जमीन को हथिया लिया गया था और अब उन्हें वैध बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू स्थानीय निकाय मंत्री थे तब उन्होंने इस फाइल पर साइन करने से ही इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में राज्य् में अपराध तेजी से पढ़ रहे हैं। इसके अलावा हथियारों का गलत इस्तेमाल करके जनता को डराया धमकाया जा रहा है और पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। ऐसे में राज्यपाल को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए और इन विषयों पर चर्चा करवानी चाहिए। बता दें कि पार्टी से सस्पेंड होने ते बाद भी नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि वह हमेशा पार्टी के साथ ही रहेंगी। उन्होंने पंजाब में कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर पार्टी को बर्बाद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा , हम हमेशा कांग्रेस के साथ हैं। हम अपने राज्य को जीतेंगे और अपने प्रिय और त्याग के प्रतीक गांधी परिवार को उपहार देंगे। अमरिंदर सिंह ने नवजोत कौर पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा था कि कांग्रेस को उन्हें पार्टी से निकाल देना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि सिद्धू को क्रिकेट कमेंट्री पर ध्यान देना चाहिए जिसमें वह माहिर हैं और यह भी कहा था कि ‘‘राजनीति उनके स्वभाव में नहीं है।’’ कौर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कैप्टन अमरिंदर सिंह आपको इतने सारे सवालों के जवाब देने हैं जो मेरे 100 ट्वीट में समाहित नहीं हो पाएंगे। चलिए, उन फाइलों से शुरुआत करते हैं जिन्हें आप नवजोत सिद्धू से बंद करवाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था; सिटी सेंटर केस फाइल, प्रतिबंधित शिवालिक पर्वतमाला के आसपास भू-माफियाओं की जमीनों का पंजीकरण।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘कैप्टन अमरिंदर सिंह, मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि आपने नवजोत सिद्धू की उन फाइलों को क्यों नहीं मंजूरी दी जो पंजाब के विकास के लिए इतनी महत्वपूर्ण थीं? खनन नीति, शराब नीति, यात्रा और चिकित्सा पर्यटन, अमृतसर गोंडोला परियोजना, कचरा निपटान परियोजना, राष्ट्रीय स्थलों पर निविदाएं लगाकर स्थानीय निकायों में होने वाली हेराफेरी रोकना, फिल्म सिटी परियोजनाएं, जल क्रीड़ा परियोजनाएं, रणजीत एवेन्यू में खेल पार्क, पंजाब के लिए पाक कला विश्वविद्यालय।’’ सिंह ने कांग्रेस की राज्य इकाई में हुए विवाद के बाद सितंबर 2021 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बनने के बाद सिंह ने पार्टी छोड़ दी थी और एक नयी पार्टी बनाई जिसका 2022 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय हो गया।  

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिया बड़ा बयान, क्या कांग्रेस में लौटेंगे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री?

चंडीगढ़  पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का क्या बीजेपी से मोहभंग हो रहा है. दरअसल कांग्रेस के इस पूर्व नेता ने कुछ ऐसा बयान दिया है, जिससे लगता है कि उन्हें अपनी पुरानी पार्टी की याद आने लगी है. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने फैसलों में अपेक्षाकृत ज्यादा कठोर है, जबकि कांग्रेस में परामर्श की परंपरा ज्यादा व्यापक और लचीली रही है. उनके इस बयान से अटकलें तेज हो गई हैं कि कैप्टन विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में वापस आ सकते हैं. पंजाब के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब जैसे राज्य में राजनीति का मिजाज अलग है और यहां जमीन से जुड़े नेताओं की राय को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उन्होंने इशारों में कहा कि बीजेपी पंजाब में अब तक इसलिए मजबूत राजनीतिक ताकत नहीं बन पाई, क्योंकि पार्टी नेतृत्व जमीनी स्तर के नेताओं से पर्याप्त संवाद नहीं करता. पंजाब में 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अमरिंदर सिंह की यह हालिया टिप्पणी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि बीजेपी पंजाब में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक शक्ति के रूप में खुद को स्थापित करने का प्रयास लगातार कर रही है। मीडिया से बात करते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा, "पंजाब एक अलग क्षेत्र है। आप देखिए, हर जगह बीजेपी आगे बढ़ रही है, लेकिन पंजाब में क्यों नहीं? पिछले चुनावों को देखें, कितनी सीटें आईं, शायद ही कोई।" इसके कारणों पर विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा, "इसका कारण यह है कि बीजेपी उन लोगों से सलाह नहीं लेते जो मैदान में रहे हैं, जिन्हें पता है कि क्या कहना है। फैसले ऊपरी स्तर पर लिए जाते हैं, कांग्रेस में भी फैसले शीर्ष स्तर पर लिए जाते थे, लेकिन वे हमसे, सभी से विधायकों, सांसदों के विचारों से सलाह लेते थे। यहां बीजेपी में मुझे नहीं लगता कि किसी ने पूछा है।" कैप्टन अमरिंदर सिंह के ताजा बयान से पंजाब कि सियासी हलकों में उनकी कांग्रेस में भी घर वापसी की चर्चा होने लगी है। हालांकि उन्होंने साफ इनकार कर दिया है। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें कांग्रेस की याद आती है तो अमरिंदर सिंह ने जवाब दिया, "नहीं, कांग्रेस की व्यवस्था अलग थी, मुझे उस व्यवस्था की याद आती है। वहां व्यापक प्रकार का परामर्श होता था और अनुभव का महत्व था, जिसकी बीजेपी में कमी है। कांग्रेस राय लेने में अधिक लचीली है, मुझे लगता है कि बीजेपी का दृष्टिकोण थोड़ा कठोर है।" कैप्टन अमरिंदर ने क्या कहा? द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर ने कहा, ‘पंजाब एक अलग क्षेत्र है. देखिए, देश के कई हिस्सों में बीजेपी आगे बढ़ रही है, लेकिन पंजाब में ऐसा क्यों नहीं हो पा रहा? पिछले चुनावों को देख लीजिए, बीजेपी को कितनी सीटें मिलीं… लगभग ना के बराबर. इसका कारण यही है कि यहां फैसले उन लोगों से पूछे बिना ले लिए जाते हैं, जो मैदान में काम कर चुके हैं और हालात को समझते हैं.’