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पंजाब में मंडी बोर्ड का कर्मचारी रंगे हाथों गिरफ्तार, भ्रष्टाचार पर एक्शन

अमृतसर पंजाब मंडी बोर्ड के सरकारी कर्मचारी मंडी सुपरवाइजर परमजीत सिंह को विजिलेंस ब्यूरो की चंडीगढ़ फ्लाइंग स्कवॉयड की तरफ से भगतांवाला अनाज मंडी में 7 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उसके साथ एक और अन्य कर्मचारी भी पकड़ा गया है। जानकारी के अनुसार परमजीत भगतांवाला अनाज मंडी के आढ़ती से धान के सीजन की बधाई मांग रहा था, लेकिन आढ़ती ने बधाई देने के बजाय विजिलेंस ब्यूरो चंडीगढ़ में शिकायत कर दी और जैसे ही परमजीत मंडी के आढ़ती से रिश्वत लेने के लिए आया तो पहले से ही ट्रैप लगाकर बैठी फ्लाइंग स्कवॉयड ने उसको गिरफ्तार कर लिया एक अन्य कर्मचारी जो परमजीत के साथ आया था, उसके बारे में मंडी के कर्मचारियों का कहना है कि वह रिश्वत के मामले में परमजीत के साथ शामिल नहीं था, लेकिन उसको परमजीत के साथ आना भारी पड़ गया और उसके खिलाफ भी फ्लाइंग स्कवॉयड ने एफ.आई.आर. दर्ज कर दी है। वहीं यह मामला सामने आने के बाद मंडीबोर्ड के कर्मचारियों की भी पोल खुल गई है, जो आढ़तियों से अपने सरकारी सेवा करने के एवज में रिश्वत की मांग करते हैं। 

अमित शाह को सीएम मान की चिट्ठी—क्यों उठानी पड़ी यह मांग, क्या है पंजाब सरकार की बड़ी चिंता?

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) के जनरल मैनेजर की नियुक्ति का मुद्दा उठाया है। चिट्ठी में उन्होंने कहा कि FCI पंजाब और चंडीगढ़ के जनरल मैनेजर के लिए पंजाब के ही IAS अधिकारी को चुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाहरी अधिकारी पंजाब की स्थिति को ठीक से नहीं जान सकते। इसलिए FCI पंजाब और चंडीगढ़ का जनरल मैनेजर पंजाब का ही अधिकारी होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब कैडर के अधिकारियों को राज्य के खरीद, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम का सीधा अनुभव होता है, जिससे राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के बीच अच्छा तालमेल बना रहता है। उन्होंने कहा कि पंजाब कैडर के IAS अधिकारियों का एक पैनल केंद्र सरकार को भेजा गया है। पहला पैनल मंजूर नहीं हुआ था, जिसके बाद इसे रिवाइज करके भेजा गया था, लेकिन यह पैनल भी मंजूर नहीं हुआ और इस अहम पद के लिए दूसरे कैडर के IAS अधिकारी का नाम मंजूर कर लिया गया है। 

अमरिंदर सिंह का बड़ा बयान—पंजाब में 2027 फतह के लिए BJP–अकाली गठबंधन अनिवार्य

चंडीगढ़  कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। इंडिया टुडे को दिए साक्षात्कार में उन्होंने स्पष्ट कहा कि पंजाब में बीजेपी की जीत केवल शिरोमणि अकाली दल (SAD) के साथ गठबंधन से ही संभव है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि बीजेपी को अभी पंजाब की सामाजिक और राजनीतिक संरचना की गहरी समझ नहीं है। उन्होंने कहा. “अगर आप 2027 का चुनाव जीतना चाहते हैं, तो अपना कैडर मजबूत करना होगा, लेकिन इसमें दो-तीन चुनाव लगेंगे। अकाली दल के साथ गठबंधन ही जीत का एकमात्र रास्ता है।” 2027 चुनाव लड़ने को पूरी तरह तैयार कैप्टन ने यह भी कहा कि वे पूरी तरह फिट हैं और 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए सक्रिय राजनीति में पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने बताया, “मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं और 2027 के चुनावों के लिए तैयार हूं।” अकाली दल–बीजेपी गठबंधन पर फिर जोर पूर्व मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब में बीजेपी को सत्ता में लाने का रास्ता केवल SAD के साथ मिलकर ही खुल सकता है। उन्होंने कहा, “सरकार बनाने का दूसरा कोई रास्ता ही नहीं है, अकाली दल के साथ ही जाना होगा।” बता दें, भाजपा व अकाली दल का लंबे समय तक गठबंधन रहा। इस दौरान दोनों दलों ने सत्ता का स्वाद चखा, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के कारण दोनों दलों के बीच दूरी हो गई। किसान बहुल पंजाब में किसान कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। ऐसे में अकाली दल को भाजपा के साथ रहना मुश्किल हो रहा था। इसी कारण अकाली दल ने भाजपा से गठबंधन तोड़ दिया था। लेकिन, इस गठबंधन के टूटने के बाद राज्य में दोनों दल अकाली दल व भाजपा हाशिये पर आ गए।

पंजाब में भयानक सड़क हादसा, एक की मौ’त, 4 घायल

गढ़शंकर, कोटफतूही  आज सुबह करीब 5 बजे माहिलपुर-फगवाड़ा रोड पर बिस्त दोआब नहर के चोरस्ते वाले पुल पर एक टिप्पर और टोयोटा कार के बीच आमने-सामने की टक्कर में कार में सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और उनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसकी पहचान सुखविंदर सिंह के रूप में हुई है। मौके पर मिली जानकारी के अनुसार, आज सुबह करीब 5 बजे टिप्पर बहराम से माहिलपुर की तरफ जा रहा था और दूसरी तरफ बिस्त दोआब नहर रोड पर गांव भवानीपुर थाना गढ़शंकर से एक कार आ रही थी, जिसका ड्राइवर अपने चाचा को अमृतसर एयरपोर्ट छोड़ने जा रहा था। जब यह कार चोरस्ते वाले पुल के पास पहुंची तो इसकी टिप्पर से आमने-सामने की टक्कर हो गई।  इस घटना में कार ड्राइवर अजय खेपड़, उसके चाचा बिंदरपाल, उसके दोस्त सुखविंदर सिंह, 13 साल का कृष्णा चाचा का बेटा, सभी भवानीपुर के रहने वाले, परमिंदर सिंह मामा का बेटा हाजीपुर के रहने वाले बुरी तरह घायल हो गए, जिन्हें राहगीरों ने माहिलपुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें आगे के लिए रेफर कर दिया गया। इस घटना में बुरी तरह घायल 13 साल के कृष्णा को DMC लुधियाना और बिंदरपाल को सिविल अस्पताल होशियारपुर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान सुखविंदर सिंह की मौत हो गई, जबकि टिप्पर ड्राइवर मौके से भाग गया। 

विक्रम मजीठिया का करीबी 6 दिन के विजिलेंस रिमांड पर

पंजाब  विक्रम मजीठिया से जुड़ी खबर सामने आई है। विक्रम मजीठिया के करीबी को आज मोहाली कोर्ट में पेश किया गया है। जानकारी के लिए बता दें कि शराब व्यापारी हरप्रीत सिंह गुलाटी को आज विक्रम मजीठिया से जुड़े मामले में मोहाली कोर्ट में पेश किया गया है। जहां कोर्ट ने हरप्रीत सिंह गुलाटी को 6 दिन के विजिलेंस रिमांड पर भेजा है।  वहीं कयास लगाए जा रहे हैं कि विक्रम मजीठिया और हरप्रीत गुलाटी को आमने-सामने बैठा कर गहराई से विजिलेंस पूछताछ कर सकती है। विक्रम मजीठिया मामले में गुलाटी गवाह है। बताया जा रहा है कि मामला 10 करोड़ रुपए के लेन-देन का है। मजीठिया ने इस पैसे से शिमला और दिल्ली में  प्रॉपर्टी खरीदी थी। बता दें कि हरप्रीत सिंह गुलाटी को मोहाली के सेक्टर 106 से गिरफ्तार किया गया था।  

शादी में खूनखराबा: पुरानी रंजिश में गैंग युद्ध भड़का, गोलियों की बौछार से दहशत

लुधियाना  पंजाब के लुधियाना में एक शादी समारोह में हंगामा हो गया. ठेकेदार के घर पर शादी थी, जिसमें दो गैंगस्टर पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि दोनों के गुटों के बीच विवाद हो गया, जिसमें गोली चली और इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग घायल हो गए. गुटों के बीच पहले बहस हुई और फिर बहस लड़ाई में बदल गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने दूसरे पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. बताया जा रहा है कि शादी समारोह पखोवाल रोड स्थित बाथ कैसल पैलेस में चल रहा था. देर रात शादी में दो पक्षों में कहासुनी हुई और फिर इसने विवाद का रूप ले लिया, जिसमें गोलीबारी तक चलने लगी. गोलीबारी में घायल लोगों को डीएमसी और अन्य प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. हालांकि, अभी तक घायलों की पहचान नहीं हुई है. दो गैंगस्टर के गुटों के बीच हुआ विवाद रात को पैलेस में गोली चलने की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक गोली चलाने वाले वहां से फरार हो चुके थे. बताया जा रहा है कि शादी समारोह में दो गैंगस्टर थे, जिनकी आपस में बहस हो गई थी और उन्होंने ही एक दूसरे के गुट पर गोलियां चलाईं. यह शादी एक झूला ठेकेदार के परिवार की थी. समारोह में स्थानीय विधायक भी शामिल हुए थे. 20 से 25 राउंड फायरिंग की जानकारी इस शादी में गैंगस्टर शुभम मोटा और अंकुर लुधियाना भी मौजूद थे. दोनों गैंगस्टरों के गुटों के बीच किसी पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हुई. फिर मारपीट होने लगी और देखते ही देखते एक पक्ष की ओर से गोलियां चला दी गईं. बताया जा रहा है कि मौके पर 20 से 25 राउंड फायरिंग हुई. फायरिंग में ठेकेदार की रिश्तेदार नीरू छाबड़ा गंभीर रूप से घायल हो गईं. उन्हें देर रात फिरोजपुर रोड स्थित ग्लोबल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. वहीं एक अन्य मृतक की पहचान एक कारोबारी के रूप में हुई है. हालांकि, अभी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर एक्टिव, पंजाबी सिंगर के लिए मांगा इंसाफ

जालंधर  कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर एक्टिव हो गए हैं। नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के नए गाने 'बरोटा' पर 36 सेकंड की रील तैयार की है। इस रील में नवजोत सिद्धू ने अपनी अलग-अलग तस्वीरें और वीडियो शामिल किए हैं।   शेयर की गई रील की खास बात यह है कि नवजोत सिद्धू ने इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए हैशटैग #justiceforsidhumoosewala दिया है। सिद्धू मूसेवाला का गाना 'गीता बरोटा' हाल ही में रिलीज हुआ है, जिसने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां आपको बता दें कि सिद्धू मूसेवाला की 29 मई, 2022 को मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली थी। हालांकि, इस मामले में अभी तक किसी को सजा नहीं मिली है।   नवजोत सिंह सिद्धू ने भले ही पंजाब की राजनीति से दूरी बना रखी हो, लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले वह कभी-कभी पंजाब की राजनीति में नजर आते हैं। मूसेवाला के बहाने सिद्धू ने एक बार यह दिखाने की कोशिश की है कि टेलीविजन और क्रिकेट में व्यस्त रहने के बावजूद उनका पूरा ध्यान पंजाब के मुद्दों पर है।    इससे पहले उन्हें पटियाला में लोगों से मिलते हुए देखा गया था। उन्होंने दिल्ली में प्रियंका गांधी से मुलाकात की अपनी एक तस्वीर भी जारी की थी। यही वजह है कि जब भी कांग्रेस के सदस्यों को लगता है कि सिद्धू पंजाब की राजनीति से हट गए हैं, तो वह कोई न कोई कदम उठा लेते हैं, जिससे कांग्रेसी हैरान हो जाते हैं।

पंजाब में सड़क क्रांति! मान सरकार 44,920 किमी सड़कें बनाएगी, 16,000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट

चंडीगढ़  पंजाब में इस समय गांवगांव में डामर की खुशबू उठती है, JCB की आवाज़ खेतों के पार तक सुनाई देती है, ट्रैक्टरों पर गिट्टी और रोलरों की लय जैसे पंजाब का नया राग बनी हुई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सड़कों को राजनीति का शो-पीस नहीं, जनता के हक़ का विकास बनाया है. 19,373 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों पर काम पहले से चल रहा था, और अब इस रफ्तार को बढ़ाकर पंजाब को एक ही सांस में 44,920 किलोमीटर सड़क नेटवर्क पर खड़ा करने का लक्ष्य रखा गया है. यह घोषणा नहीं, पूरा रोडमैप है, जो जमीन पर बिछता हुआ दिखाई देता है. पंजाब सरकार ने सिर्फ ठेके नहीं दिए, खेल के नियम बदल दिए. टेंडर के बदले कमीशन की पुरानी राजनीति को एक झटके में हटाकर कहा- सड़क अच्छी बनाओ, पैसा समय पर मिलेगा, लेकिन हेराफेरी की तो पंजाबी में कहावत है, एक भीठ, एक ठोक. और यह चेतावनी डंडा नहीं बनी, व्यवस्था बन गई. फ्लाइंग स्क्वायड बनाया गया, जिसका काम सड़क की गहराई, मोटाई, बिटुमेन की शुद्धता, सब कुछ वहीं पर जांचना है. वीडियो किसी गांव से उठती है, और सरकार के कदम सीधे उस जगह पहुँचते हैं. पहले सिस्टम शिकायत बाद में सुनता था, अब सिस्टम शिकायत आने से पहले सतर्क रहता है. जांच पड़ताल के बाद काम हो रहा कई जगह मटेरियल घटिया निकला, टेंडर रद्द हुए, अधिकारियों को निलंबित किया गया. एक खाला बिना मसाले के दीवार जैसा खड़ा किया जा रहा था, खबर सरकार तक पहुँची तो उसी वक्त काम रुकवा दिया गया. ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट कैंसल, निर्माण का नया आदेश. यह पहली बार हुआ है कि ठेकेदार दो बार सोचता है, सड़क बनानी है या सजा लेनी है. और जब ज़िम्मेदारी ठेकेदार पर हो, जब जनता निरीक्षक हो, जब मुख्यमंत्री वादा नहीं चेतावनी दे, तब सड़क की उम्र खुद मजबूत हो जाती है. यहां निर्माण के साथ पांच साल की मरम्मत की जिम्मेदारी भी ठेकेदार पर ही है, ताकि सड़क साल दो साल में थक न जाए. गांवों में सरपंच अब सिर्फ पंचायत नहीं, सड़क का गारंटर है. सड़क अच्छी लगी तो वह हस्ताक्षर करेगा, तभी सरकार भुगतान करेगी. जनता वीडियो भेज दे, मटेरियल घटिया निकला तो मान सरकार उसी फुटेज पर कार्रवाई कर देती है. यह विकास का ऐसा मॉडल है जिसमें जनता वही नहीं, वह सुपरीक्षक है, और सरकार उसके साथ है. कोई कागज़ी प्रोजेक्ट नहीं, आंखों के सामने पिघलता डामर, धूप में काली चमकती सड़क और सफ़ेद चूने की लाइनें- यही असली रिपोर्ट कार्ड है. पंजाब को नई दिशा देने का अभियान तरनतारन साहिब में 17 अक्टूबर को 19,000 किलोमीटर सड़कों का उद्घाटन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, यह पंजाब के अगले दशक की दिशा थी. मंडी बोर्ड, PWD, नगर निगम, नगर परिषदें — सब अलगअलग रास्तों पर नहीं, एक बड़े लक्ष्य की ओर चल रही हैं. पंजाब का विकास अब किताबों में नहीं, गूगल मैप पर दिख रहा है. ट्रेडर को माल पहुंचाने में घंटों की बचत होती है, किसान की फसल समय पर मंडी पहुंचती है, गांव का लड़का शहर में नौकरी पर उसी दिन लौट सकता है, एम्बुलेंस अटकती नहीं, गड्ढे नहीं, रफ्तार है. सड़कें पंजाब के आत्मविश्वास की नई परिभाषा बन रही हैं. राजनीति में भाषण बहुत हुए, योजनाएं बहुत आईं, लेकिन जो इस वक्त हो रहा है, वह एक रिकॉर्ड लिख रहा है. यह काम विपक्ष भी देख रहा है, कार्यकर्ता भी, गांव का बुजुर्ग भी और शहर का व्यापारी भी. मगर सबसे ज्यादा यह बात जनता समझ रही है कि यह सिर्फ विकास नहीं, विकास की भाषा का बदलाव है. यहां घोषणा नहीं, ज़मीन पर चलती मशीनें बोल रही हैं. पंजाब के नक्शे पर डामर की ये काली लंबी लकीरें कल की नहीं, आज की गवाही हैं. और कहानी इतनी सी है, सड़कें अब सिर्फ बन नहीं रहीं, टिक भी रही हैं. 

तरनतारन में हंगामा: कंचनप्रीत की गिरफ्तारी पर पूरी रात कोर्ट में बहस, तड़के 4 बजे बाहर आईं

चंडीगढ़  जिला अदालत तरनतारन में पूरी रात चली सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा ने रविवार तड़के कानचनप्रीत कौर को पुलिस हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया। सुबह 4 बजे सुनाया गया फैसला अकाली नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच खुशी की लहर लेकर आया। क्षेत्र के प्रमुख अकाली नेता, जिनमें विरसा सिंह वाल्टोहा भी शामिल थे, कानचनप्रीत के साथ मौजूद रहे। कानचनप्रीत ने अदालत के फैसले पर खुशी जताई और न्यायपालिका पर अपना विश्वास दोहराया। इससे पहले, उन्हें शुक्रवार को चबल थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कानचनप्रीत कौर, शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) नेता सुखविंदर कौर रंधावा की बेटी हैं, जिन्होंने हाल ही में तरनतारन विधानसभा उपचुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें विजय नहीं मिली। फिर भी, चुनाव में सुखविंदर का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा और एसएडी दूसरे स्थान पर रही, जिससे आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की स्थिति मजबूत हुई। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश पर पुलिस को निर्देश दिया गया था कि वे शनिवार को कानचनप्रीत को न्यायिक हिरासत में सौंपें और रात 8 बजे तक उनके वकीलों के जिला अदालत पहुंचने का इंतजार करें। इसी बीच, राज्य सरकार ने भी महाधिवक्ता कार्यालय से अपने वकीलों की नियुक्ति के लिए एक आवेदन दिया, जिसके बाद बहस का आरंभ रात 10 बजे हो सका। कार्यवाही रात 2 बजे तक चली और सुबह 4 बजे उनकी रिहाई का आदेश जारी किया गया। एसएडी नेताओं ने कानचनप्रीत की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। नेताओं का तर्क था कि यह गिरफ्तारी एक निर्दोष महिला को निशाना बनाने की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई है, जो पंजाबियों की गरिमा पर चोट है। कंचनप्रीत शिअद नेता सुखविंदर कौर रंधावा की बेटी हैं जो हाल में तरन तारन विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार से हार गई थीं। उपचुनाव के दौरान कथित धमकी से जुड़े एक मामले में कंचनप्रीत को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया। मामला 11 नवंबर को तरन तारन के चभल थाने में दर्ज किया गया था।   सुनवाई के दौरान पुलिस ने कंचनप्रीत की 10 दिन की पुलिस हिरासत का अनुरोध किया था। शिअद नेतृत्व ने इसे आप सरकार की ‘‘राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित'' मामला बताया है। मामला शुरू में अमृतपाल सिंह बाथ के खिलाफ दर्ज किया गया था। बाथ पर शिकायतकर्ता पधरी कलां निवासी गुरप्रीत कौर को वोट देने के लिए धमकाने का आरोप था। हालांकि, कंचनप्रीत का नाम 27 नवंबर को प्राथमिकी में दर्ज किया गया। उन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 174 (लोकसेवक के आदेश का पालन नहीं करना), 351(2) (आपराधिक धमकी), 351(3) (गुमनाम संदेश भेजकर आपराधिक धमकी) और 111 (संगठित अपराध) के तहत मामला दर्ज किया गया है। कंचनप्रीत पर पहले ही चुनाव से जुड़े चार मामले दर्ज हैं, जिनमें उन्हें अग्रिम जमानत मिल चुकी है। इस मामले में याचिकाकर्ता एवं अकाली दल के विधि प्रकोष्ठ के प्रमुख अर्शदीप सिंह क्लेर ने शनिवार को कंचनप्रीत की गिरफ्तारी के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की और उनकी गिरफ्तारी को गैर-कानूनी बताया। सरकारी वकील चंचल के सिंगला ने याचिकाकर्ता के वकील की दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि प्राथमिकी पहले ही दर्ज हो चुकी है। इस बीच, आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई के महासचिव बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि कंचनप्रीत के पति अमृतपाल सिंह बाथ एक गैंगस्टर हैं और अकाली दल इस बात को जानबूझकर छिपा रहा है। उन्होंने एक बयान में कहा कि शिअद नेतृत्व इसे अकाली नेता की बेटी की गिरफ्तारी के तौर पर क्यों पेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस ‘‘तथ्य को छिपा रही है'' कि वह एक गैंगस्टर की पत्नी है। पन्नू ने प्रश्न किया कि उपचुनाव के दौरान कंचनप्रीत के पति द्वारा मतदाताओं को डराए-धमकाए जाने की बात को अकाली दल क्यों छिपा रहा है।

पंजाब में आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए नए आदेश लागू, सरकार ने बढ़ाई सख्ती

पटियाला  पंजाब राज्य खाद्य आयोग के सदस्य जसवीर सिंह सेखों ने पटियाला जिले के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिया कि जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पीने के लिए शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए पानी की जांच करवाई जाए और आरओ लगवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिला प्रशासनिक परिसर में राशन वितरण प्रक्रिया, मिड–डे मील योजना, आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से दिए जाने वाले सामान और भोजन की भंडारण प्रणाली की समीक्षा करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) दमनजीत सिंह मान और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद पंजाब राज्य खाद्य आयोग के सदस्य जसवीर सिंह सेखों ने सरकारी स्कूल, स्कूल ऑफ एमिनेंस, मंडौर का दौरा कर बच्चों के पीने के पानी का टीडीएस जांचा और इसकी मात्रा 609, जो कि काफी अधिक पाई गई, के कारण तुरंत आरओ और वॉटर फिल्टर लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने मिड–डे मील की भी जांच की और संतोष व्यक्त किया। इस मौके पर उन्होंने निर्देश दिया कि मिड–डे मील बनाने वाले रसोइया सिर ढककर और हाथ धोकर ही भोजन तैयार करें और उनकी चिकित्सा जांच भी अनिवार्य रूप से करवाई जाए। पहले की गई बैठक के दौरान जसवीर सिंह सेखों ने जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को मिड–डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से दिए जाने वाले भोजन और सामग्री की नियमित जांच के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि बच्चों को दिए जाने वाले भोजन में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और डी.एफ.एस.सी. को निर्देश दिए गए हैं कि जिले के सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और राशन डिपो के बाहर पंजाब राज्य खाद्य आयोग की शिकायत और हेल्पलाइन नंबर 98767-64545 तथा संपर्क विवरण साफ–साफ लिखे जाएं, ताकि लोग अपनी शिकायतें सीधे आयोग तक पहुंचा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में स्मार्ट राशन कार्ड की ई–केवाईसी सुनिश्चित करने के साथ–साथ नए राशन कार्ड बनाने का काम भी किया जाए ताकि जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।   जसवीर सिंह सेखों ने पोषण संबंधी दिशा–निर्देशों की सख्ती से पालना करने के निर्देश देते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य बच्चों सहित सभी को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। उन्होंने आगे निर्देश दिया कि जिन मामलों में दूसरा बच्चा लड़की है, ऐसे मामलों में संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई के लिए तुरंत जिला कार्यक्रम अधिकारी से संपर्क करें, ताकि लाभार्थी परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि स्कूलों में विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले भोजन में पौष्टिक सलाद का शामिल होना अनिवार्य है और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय–समय पर भोजन के नमूनों की जांच भी की जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्कूलों में जहां भी आवश्यकता हो, अतिरिक्त कमरे बनाए जाएं और ऐसे बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए प्रवासी भारतीयों का सहयोग भी लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों और मौके पर की जाने वाली जांच भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी, ताकि किसी भी स्तर पर अधिनियम का उल्लंघन न हो सके। बैठक के दौरान इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) दमनजीत सिंह मान, डीएफएससी डॉ. रविंदर कौर, सिविल सर्जन डॉ. जसविंदर सिंह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गुरप्रीत कौर, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रदीप गिल, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) शालू मेहरा, डीईओ (सेकेंडरी) संजीव कुमार, उप–डीईओ रविंदर पाल सिंह और हेडमास्टर जगमीत सिंह सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।