samacharsecretary.com

सर्दी ने पकड़ी रफ्तार: अमृतसर में तापमान गिरेगा, जानें अगले 10 दिनों का मौसम ट्रेंड

अमृतसर गुरु नगरी में दिसंबर की दस्तक के साथ ही ठंड अपना असर दिखाने लगी है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार आने वाले 7 से 10 दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज होगी। दिन का अधिकतम तापमान जहां 20-22 डिग्री सैल्सियस के आस-पास रहेगा, वहीं रात का पारा 6-7 डिग्री तक लुढ़कने की संभावना है। रात व सुबह की ठिठुरन आम दिनों की तुलना में और तेज महसूस होगी। शहर में अधिकतम तापमान लगभग 23 डिग्री व न्यूनतम 6 डिग्री दर्ज हुआ। दिन यहां धूप भी निकलती रही, वहीं हलके काले बादल छाये रहे व ठंडी हवाएं चलती रहीं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, रातें लगातार ठंडी होती जाएंगी और दिसंबर की शुरुआत में गर्म कपड़ों की जरूरत बढ़ जाएगी। आसमान ज्यादातर साफ रहने की उम्मीद है, हालांकि हल्की धुंध और सर्द हवाएं सुबह-शाम चल सकती हैं। बदलते मौसम के चलते चिकित्सा विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़ों का उपयोग करना जरूरी बताया गया है। धूप के समय तापमान थोड़ा राहत देता है, लेकिन सूरज ढलते ही ठंड फिर अपना जोर दिखा देती है। बदलते मौसम में रखें खुद का ख्याल आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है। दिसंबर की शुरुआत अमृतसर के लिए इस बार सामान्य से ज्यादा ठंडी रहने वाली है। जिससे बदलते मौसम में खुद का ध्यान रखे सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें, धूप निकलने पर थोड़ी देर धूप सेकें, रात में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखें,सर्द हवाओं से बचने के लिए टोपी, मफलर और जैकेट का प्रयोग करें।  

चंडीगढ़ में बड़ी तैयारी—स्लम खत्म करने को प्रशासन का मास्टर प्लान तैयार

पंजाब  चंडीगढ़ में प्रशासन बड़ी तैयारी में है। दरअसल, अब भारी संख्या में झुग्गियां हटाई जाएगीं, जिससे चंड़ीगढ़ स्लम फ्री हो जाएगा। क्लब की झुग्गी बस्ती हटाने के बाद अब प्रशासन धनास की कच्ची कॉलोनी में हटाने की तैयारी कर रही है।  मिली जानकारी के अनुसार, 10 एकड़ क्षेत्र में बसी 800 से झुग्गियों पर बुलडोजर चलाया जाएगा। इस संबंधी जानकारी देते हुए प्रशासन ने बताया कि सर्दियों में शहर  की कच्ची कॉलोनी में कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए कोर्ट का स्टे मिलने की भी संभवना है। गौरतलब है कि, पिछले कई सालों से अवैध कब्जों और अनियोजित बस्तियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, जिसके चलते अब तक 4 झुग्गी एरिया हटाए गए हैं। इस अभियान के दौरान 520-528 एकड़ सरकारी जमीन को कब्जाधारियों से खाली करवाया गया है। इसी के साथ प्रशासन ने पिछले कई सालों से अनधिकृत, बिना किसी नक्शे के बनी कॉलोनियों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें ध्वस्त किया है।  इन 3  कॉलोनी पर कार्रवाई प्रशासन द्वारा इस साल चलाए गए अभियान के दौरान अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। इनमें जनता कॉलोनी, संजय कॉलोनी और आर्दश कॉलोनी शामिल है। इन क्षेत्रों पर कार्रवाई करते हुए इन्हें खाली करवाकर इसे विकास योजनाओं लिए तैयार किया गया है।  धनास की कच्ची कॉलोनी पर कार्रवाई पर किसानों का कहना है कि, वह जमीन प्रशासन को देने के लिए तैयार हैं। लेकिन यहां पर लैंड पुलिंग पॉलिसी लागू होनी चाहिए। किसानों कहना है कि, उनकी जमीन खेती के ये येग्य नहीं है। इसी के चलते उन्होंने यहां पर शैड डालकर लोगों को किराए पर रहने के लिए दिए हुए हैं। 

अमरिंदर सिंह का खुलासा—राहुल गांधी को लेकर बयान ने गरमाई पंजाब की राजनीति

अमृतसर पंजाब की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम सुर्खियों में है। एक मीडिया इंटरव्यू में कैप्टन ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए 2018 का पुराना, लेकिन अनसुना किस्सा सांझा किया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने उन पर एक मंत्री को कैबिनेट से हटाने का जबरदस्त दबाव बनाया था और जब उन्होंने इनकार किया तो ट्वीट करने की धमकी तक दे डाली, साथ ही, कैप्टन ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के संदर्भ में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (एस.ए.डी.) के बीच गठबंधन को राज्य में सत्ता हासिल करने की 'एकमात्र राह' बताया, बिना इसके 2027 या 2032 तक सरकार बनाने की कल्पना को 'भ्रम' करार दिया। कैप्टन ने बताया कि यह घटना 2018 की है, जब वे पंजाब के मुख्यमंत्री थे। राहुल गांधी ने उनसे मुलाकात की और एक समाचार पत्र की कटिंग दिखाई, जिसमें एक मंत्री पर कथित अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए गए थे। कैप्टन के अनुसार, वे आरोप बेबुनियाद थे और जांच चल रही थी, लेकिन राहुल ने तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया। जब कैप्टन ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस सबूत के ऐसा कदम राजनीतिक रूप से हानिकारक साबित होगा तो राहुल ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अगर आप कार्रवाई नहीं करेंगे तो मैं खुद ट्वीट करके घोषणा कर दूंगा कि मंत्री को बर्खास्त किया जा रहा है। कैप्टन ने इसे 'गलत संदेश' भेजने वाला बताया, क्योंकि इससे पार्टी के अंदर अनुशासनहीनता का आभास होता। अंततः, कैप्टन ने मंत्री को बुलाया और हाईकमान की इच्छा से अवगत कराया, जिसके बाद मंत्री ने मात्र पांच मिनट में अपना इस्तीफा सौंप दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला तत्कालीन मंत्री राणा गुरजीत सिंह से जुड़ा था, जो माइनिंग विभाग संभाल रहे थे और वर्तमान में कपूरथला से कांग्रेस विधायक हैं। इस खुलासे से कांग्रेस में हलचल मचने की संभावना है, खासकर जब पंजाब की राजनीति पहले से ही जटिल है। उन्होंने राहुल के इस रवैये को 'अनुभवहीन' करार देते हुए कहा कि इससे न केवल मंत्री का अपमान हुआ, बल्कि पार्टी की छवि को भी ठेस पहुंची।   दूसरी तरफ कैप्टन ने पंजाब की बदलती राजनीतिक समीकरणों पर गहन विश्लेषण पेश किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को 2027 के विधानसभा चुनावों में सफलता पाने के लिए अकाली दल के साथ मजबूत गठबंधन करना होगा। उनका तर्क है कि भाजपा का ग्रामीण पंजाब में अभी कोई ठोस आधार नहीं है, जबकि अकाली दल का सिख समुदाय और ग्रामीण इलाकों में गहरी पैठ है। भाजपा को राज्य की जटिल सामाजिक-राजनीतिक संरचना समझनी होगी। कैडर निर्माण में दो-तीन चुनाव लगेंगे, इसलिए गठबंधन ही एकमात्र विकल्प है। बिना इसके 2027 या 2032 की सरकार बनाने का सपना देखना व्यर्थ है," कैप्टन ने स्पष्ट शब्दों में कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे खुद स्वस्थ और सक्रिय हैं तथा 2027 के चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पंजाब ने उन्हें जो कुछ दिया, उसके प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के हित में वे हमेशा प्रतिबद्ध रहेंगे। कैप्टन के बयान छेड़ सकते पंजाब की राजनीति में नई बहस कैप्टन के ये बयान एक प्रमुख मीडिया चैनल को दिए गए इंटरव्यू में आए हैं, जो पंजाब की राजनीति में नई बहस छेड़ सकते हैं। भाजपा और अकाली दल के बीच संबंधों को लेकर लंबे समय से अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन कैप्टन का यह आह्वान गठबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। कांग्रेस के प्रवक्ताओं ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो चुकी हैं।

नई नीति से खुलेंगे अंतरराष्ट्रीय दरवाज़े: रिसर्च यात्रा और ठहरने का पूरा खर्च उठाएगी पंजाब सरकार

चंडीगढ़ पंजाब के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक कदम उठाया है। "यंग साइंटिस्ट्स ट्रैवल असिस्टेंस स्कीम" की शुरुआत के साथ, सरकार ने राज्य के प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए वैश्विक मंच के दरवाजे खोल दिए हैं। यह दूरदर्शी पहल पंजाब में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊर्जा भरने का काम कर रही है, जिससे राज्य के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की स्पष्ट इच्छा दिखाई देती है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (PSCST) द्वारा STEM आउटरीच प्रोग्राम के तहत संचालित यह स्कीम, इस बुनियादी चुनौती को संबोधित करती है कि कई प्रतिभाशाली शोधकर्ता केवल आर्थिक सीमाओं के कारण विश्व की सर्वश्रेष्ठ कॉन्फ्रेंसेज़ और रिसर्च प्लेटफॉर्म तक नहीं पहुँच पाते। मान सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है: पंजाब का कोई भी युवा वैज्ञानिक सिर्फ पैसों की कमी के कारण पीछे न रह जाए। यह योजना विशेष रूप से राज्य के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों में कार्यरत 45 वर्ष से कम आयु के योग्य वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों और शिक्षकों के लिए है, जिनके पास पीयर-रिव्यू वाली पत्रिकाओं (Scopus/SCI/Web of Science) में न्यूनतम दो प्रकाशन होना अनिवार्य है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि यह सहायता युवा वैज्ञानिकों को देश और विदेश में आयोजित होने वाले महत्वपूर्ण शैक्षणिक और वैज्ञानिक आयोजनों, जैसे कि कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, सिम्पोज़िया, कार्यशालाओं, अल्पकालिक स्कूल/पाठ्यक्रम/प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने या अपने शोध पत्र प्रस्तुत करने में सक्षम बनाएगी। योजना के अंतर्गत, प्रतिभागियों को अधिकतम ₹15,000 तक की ट्रैवल असिस्टेंस प्रदान की जाएगी, जिसमें हवाई किराए या रखरखाव भत्ते का 50 प्रतिशत और पंजीकरण फीस शामिल है। यह सहयोग युवा वैज्ञानिकों को दुनिया भर में हो रहे नवीनतम वैज्ञानिक विकास और तकनीकी रुझानों से परिचित होने, ज्ञान का आदान-प्रदान करने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग स्थापित करने का अवसर देगा। यह कदम पंजाब की वैज्ञानिक और तकनीकी प्राथमिकताओं के अनुरूप अनुसंधान को बढ़ावा देगा। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस योजना को पंजाब की प्रगतिशील सोच का प्रतीक बताया है। उनके अनुसार, अब समय आ गया है कि पंजाब के युवा भी विश्वस्तरीय वैज्ञानिक चर्चा का हिस्सा बनें और अपनी शोध को दुनिया के सामने रखें। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार युवा शक्ति और वैज्ञानिक प्रगति में दृढ़ विश्वास रखती है। यह स्कीम केवल एक वित्तीय मदद नहीं है, बल्कि हमारे युवा शोधकर्ताओं के सपनों को उड़ान देने का माध्यम है।" मान सरकार लगातार यह साबित कर रही है कि विकास का अर्थ सिर्फ सड़कें और इमारतें नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाना भी है। पहले जहां सरकारी योजनाएँ अक्सर कागज़ों तक सीमित रहती थीं, वहीं अब पंजाब में वास्तविक और दृश्यमान परिवर्तन दिखाई दे रहा है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि यह योजना स्पष्ट संदेश देती है कि पंजाब का युवा अब पीछे नहीं रहने वाला। यह पहल न केवल रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देगी, बल्कि पंजाब की नई पीढ़ी को उच्च स्तर पर सोचने, सीखने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने का मौका भी देगी। पंजाब के मतदाता यह महसूस कर रहे हैं कि राज्य में एक ऐसी सरकार कार्यरत है जो सिर्फ वादे नहीं करती, बल्कि उन पर अमल भी करती है, और यह योजना उसी दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम है जो अवसर, सम्मान और एक उज्ज्वल भविष्य देने के मान सरकार के लक्ष्य को दर्शाती है।

जनता पूछेगी तो जवाब देना होगा: CM मान ने ECI की पारदर्शिता पर उठाए सवाल

चंडीगढ़ आज देश में चुनावों को लेकर एक अजीब-सी बेचैनी फैली हुई है। लोग सवाल पूछ रहे हैं, चर्चा कर रहे हैं, और अपने मन का संदेह खुलकर व्यक्त कर रहे हैं। यह कोई छोटी बात नहीं है—जब जनता, जो लोकतंत्र की असली मालिक है, अपने ही चुनावी सिस्टम पर भरोसा खोने लगे, तो समझ जाइए कि समस्या बहुत गहरी है। इसी बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया। चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर पैदा हुए संदेहों के बीच उन्होंने वह बात कही, जो करोड़ों भारतीयों के मन की आवाज़ थी—“सबूत जनता क्यों दे? जवाब तो चुनाव आयोग को देना चाहिए।” यह बात सिर्फ एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं थी, बल्कि लोकतंत्र की असली आत्मा की रक्षा करने वाला एक साहसिक संदेश था। जब जनता सवाल उठाती है, तो वह देश को कमजोर नहीं करती—वह लोकतंत्र को मजबूत बनाती है। CM मान ने साफ कहा कि अगर वोटर चिंतित हैं, अगर प्रक्रिया पर शक है, तो इसे दूर करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। जनता से सवाल पूछने के बजाय, उसका सम्मान किया जाए। क्योंकि लोकतंत्र जनता से ही चलता है, और जनता के भरोसे पर ही टिकता है। इस दौर में, जब कई नेता जनभावनाओं से जुड़ने से बचते हैं, CM मान का यह बयान लोगों के मन को छू गया। उन्होंने उन्हीं शब्दों में बात की, जिनमें आम आदमी सोचता है। यही कारण है कि उनका संदेश सिर्फ पंजाब में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में गूंज उठा। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव किसी पार्टी का आयोजन नहीं, बल्कि जनता का पवित्र अधिकार है और जब इस अधिकार पर सवाल उठते हैं, तो चुप्पी समाधान नहीं — पारदर्शिता समाधान है। CM भगवंत मान का यह बयान —एक ऐसा सच है, जिसे कहने की हिम्मत बहुत कम नेताओं में होती है। CM मान ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया लोगों को भरोसा दे, डर नहीं। यह बात सुनकर हर वह नागरिक राहत महसूस करता है जो अपने वोट को अपनी आवाज़ समझता है। ऐसे समय में, जब लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर बेचैन थे, CM मान की आवाज़ एक भरोसा बनकर उभरी। उन्होंने न जनता को दोषी ठहराया, न सवाल पूछने वालों को दबाया, बल्कि यह कहा कि सवाल उठाना जनता का हक है, और जवाब देना संस्था का कर्तव्य। ऐसे ही नेताओं से लोकतंत्र मजबूत होता है—जो जनता की चिंता को समझते हैं और सच बोलने से नहीं डरते। भगवंत मान ने साबित कर दिया कि पंजाब सिर्फ बहादुरों की धरती नहीं, बल्कि सच्चाई बोलने और जनता के अधिकारों की रक्षा करने वालों की धरती है। CM मान का यह बयान सिर्फ पंजाब की आवाज नहीं, पूरे भारत की आवाज है।यह याद दिलाता है कि अभी भी इस देश में ऐसे नेता हैं जो कुर्सी से नहीं, जनता के भरोसे से अपनी ताकत लेते हैं।

कल होगी भारी किसान रैली — हर पहलू पर एक नज़र

चंडीगढ़  स्थानीय डी.सी. दफ्तर के समक्ष भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) द्वारा बाढ़ पीड़ित किसानों को गेहूं का बीज बांटकर लौटते सड़क हादसे में जान गंवाने वाले किसान नेता हरजीत सिंह कोटकपूरा के परिवार और गंभीर घायल बलवंत सिंह नंगल के लिए मुआवजे की मांगों के लिए चल रहे अनिश्चित समय के धरने में सरकार द्वारा अपनाई टालमटोल और अनदेखी की नीति के खिलाफ सख्त एक्शन का ऐलान किया गया है। यह जानकारी देते हुए किसान नेताओं हरबंस सिंह कोटली, गुरभगत सिंह भलाईआना और नत्था सिंह रोड़ी कपूरा ने बताया कि किसानों की मुआवजे की जायज मांगों प्रति सरकार द्वारा अपनाए गए मैं ना मानूं वाले किसान विरोधी रवैये का सख्त नोटिस लेते हुए राज्य कमेटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार 2 दिसम्बर को डी.सी. दफ्तर के सामने मालवा के 6 जिलों (मोगा, बठिंडा, मानसा, फाजिल्का, फरीदकोट) और स्थानीय जिले के किसान बड़ा रोष प्रदर्शन करेंगे। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार के बहरे कानों तक आवाज पहुंचाने और मृतक किसान नेता हरजीत सिंह के परिवार को 10 लाख का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, पूरा कर्ज माफ और गंभीर घायल बलवंत सिंह नंगल के इलाज का सरकारी खर्चे पर इलाज की मांगों की प्राप्ति के लिए विशाल रोष प्रदर्शन में हजारों किसान शामिल होंगे। डी.सी. दफ्तर के गेट सामने रोष प्रदर्शन करते किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि कल होने वाले इस बड़े रोष प्रदर्शन के लिए गांवों में किसानों की लामबंदी की जा रही है। इस मौके निर्मल सिंह, शेरजंग सिंह खारा, बिक्कर सिंह भलाईआना, अजैब सिंह मल्लण, जगसीर सिंह घाली, जोगिंदर सिंह बुट्टर शरींह, हरभगवान सिंह रोड़ीकपूरा और गुरप्रीत सिंह बिट्टू मल्लण समेत अनेक किसान नेता मौजूद थे। 

केंद्र ने लगाई रोक! चंडीगढ़ की अलग विधानसभा पर हरियाणा की उम्मीदों को करारा धक्का

चंडीगढ़  चंडीगढ़ में हरियाणा की अलग विधानसभा बनाने का मामला आखिरकार बंद हो गया है। केंद्र ने हरियाणा को बड़ा झटका दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हरियाणा सरकार के प्रस्ताव पर साफ इनकार कर दिया है। वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सुझाव दिया है कि इस मुद्दे पर अब आगे कोई कदम न बढ़ाया जाए। यह फैसला ऐसे समय आया है जब केंद्र ने हाल ही में चंडीगढ़ को स्वतंत्र यूनियन टेरिटरी घोषित करने वाला 131वां शोध बिल वापस लिया था। इसे पंजाब के पक्ष में केंद्र का दूसरा बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं पंजाब के पूर्व मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने भी केंद्र के फैसले का स्वागत करते हुए कहा—“चंडीगढ़ पंजाब का है… यहां किसी और का दावा नहीं माना जा सकता।” बता दें कि 2022 में जयपुर में हुई नॉर्दर्न ज़ोनल काउंसिल की बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हरियाणा को नई विधानसभा के लिए जमीन देने की घोषणा की थी। तो वहीं 2023 में UT प्रशासन ने IT पार्क के पास लगभग 10 एकड़ जमीन भी चिन्हित कर दी थी, जिसकी कीमत करीब 640 करोड़ रुपए बताई गई। इसके बदले हरियाणा ने पंचकूला में 12 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव दिया, लेकिन जनवरी 2024 में UT प्रशासन ने सर्वे के बाद इसे खारिज कर दिया। रिपोर्ट में जमीन को नीचा इलाका बताया गया, जहां बीच से नाला गुजरता है और कनेक्टिविटी भी कमजोर है। लंबी चर्चा के बाद केंद्र ने साफ कर दिया कि मामले को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा और मंत्रालय इसमें रुचि नहीं रखता। गौरतलब है कि जैसे ही हरियाणा का प्रस्ताव आगे बढ़ा था, पंजाब सरकार ने खुलकर इसका विरोध किया। AAP विधायक गुरलाल घनौर ने कहा, “चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है, नई विधानसभा के निर्माण की कोई अनुमति नहीं दी जाएगी।”  

शादी समारोह में हुई फायरिंग के मामले में गरमाई सियासत, सुखबीर बादल ने लगाए गंभीर आरोप

पंजाब  लुधियाना में बाथ कैसल मैरिज पैलेस में शादी के दौरान हुई फायरिंग के मामले में विपक्ष द्वारा सरकार को घेरा जा रहा है और सवाल खड़े किए जा रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने इस मामले में मंत्रियों और एम.एल.ए. पर आरोप लगाते हुए एक्स पर एक पोस्ट डाली है।  एक्स पर डाली पोस्ट में सुखबीर बादल ने लिखा कि ''पंजाब बणया गैंगलैंड, बीती रात लुधियाना के एक शादी समारोह में हुई गोलीबारी में कई जानें चली गई और कई लोग घायल हो गए। मौके के चश्मदीदों के अनुसार सरकार के एक मंत्री के साथ आए लोगों ने गोलियां चलाई है जो कि गंभीर जांच का विषय है। आप सरकार के विधायक और मंत्री दोस्ती निभाते हुए गैंगस्टरों को शादियों में अपने साथ लेकर जाते हैं तो पंजाब में अमन-कानून की स्थिती का जायजा आप खुद ही लगा सकते हो। भगवंत मान ने रंगले पंजाब को गैंगलैंड बना कर रख दिया है, आए दिन हत्या और लूटपाट हो रही है पर सरकार को कोई फिक्र नहीं। इस घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों से मेरी दिल से संवेदना है और  घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।''  इसके साथ ही उन्होंने एक चश्मदीद का वीडियो भी पोस्ट के साथ शेयर किया है।     

कोहरा बढ़ने के कारण जालंधर व अमृतसर सहित जम्मू रूट की 16 ट्रेनें 3 महीने के लिए रद्द, देखें List

जम्मू-कश्मीर  जैसे- जैसे ठंड बढ़ती जाती ही वैसे-वैसे ट्रेनें के समय में भी बदलाव हो जाता है , कभी तो रेलवे द्वारा कुछ ट्रेनों को रद्द भी करना पड़ता है। इस बार भी ठंड में कोहरा बढ़ने के कारण कुछ ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार सहारनपुर मार्ग से चलने वाली 16 लंबी दूरी की ट्रेनें अगले 3 महीनों तक रद्द रहेंगी। यह व्यवस्था 30 नवंबर 2025 से शुरू होकर फरवरी 2026 या कुछ के लिए मार्च 2026 तक चलेगी। कौन-कौन सी ट्रेनें रहेंगी रद्द (संक्षेप में): दिल्ली–जालंधर इंटरसिटी (14681, 14682) — दिसंबर 2025 से फरवरी/मार्च 2026 तक काठगोदाम–जम्मूतवी गरीब रथ (12207, 12208) — दिसंबर से फरवरी के तय दिनों में कोलकाता–अमृतसर दुर्गियाना (12357, 12358) — दिसंबर से फरवरी के खास दिनों में कोलकाता–अमृतसर अकालतख्त (12317, 12318) — दिसंबर से फरवरी के खास दिनों में योगनगरी ऋषिकेश–जम्मूतवी (14605, 14606) — दिसंबर से फरवरी के चुनिंदा दिनों में बरौनी–अंबाला हरिहर एक्सप्रेस (14523, 14524) — दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के चुने हुए दिनों में लालकुआं–अमृतसर (14615, 14616) — दिसंबर से फरवरी तक पूर्णिया कोर्ट–अमृतसर जनसेवा (14617) — 3 दिसंबर 2025 से 2 मार्च 2026 तक कोहरे के कारण कई लंबी दूरी की ये ट्रेनें कुछ महीनों तक रद्द रहेंगी, इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस अवश्य जांच लें।

मान सरकार ने दिया तोहफा: पात्र परिवारों को नए मकानों के निर्माण की हरी झंडी

चंडीगढ़/तरनतारन पंजाब की मान सरकार आम लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी सिलसिले में कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने एक अहम कदम उठाते हुए पट्टी विधानसभा इलाके में 674 योग्य परिवारों को नए घर बनाने के लिए मंजूरी लेटर सौंपे हैं। ये सिर्फ कागज के कुछ पन्ने नहीं हैं, ये इन परिवारों के लिए खुशियों का दरवाजा हैं, उनके बच्चों के सुरक्षित भविष्य की नींव हैं, और हर माता-पिता के सपने को पूरा करने की दिशा में पहला कदम हैं। एक ऐसा सपना जो उन्होंने सालों से संजोया हुआ है। यह पहल सिर्फ एक सरकारी स्कीम का हिस्सा नहीं है, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है, जो सालों से पक्के घर का सपना देख रहे हैं। कैबिनेट मंत्री भुल्लर ने अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को साफ निर्देश दिए हैं कि इन परिवारों को बिना किसी देरी, रुकावट या भेदभाव के स्कीम का फायदा मिले, यह पक्का किया जाए। यह फैसला सरकार की संवेदनशीलता और लोगों की भलाई के प्रति उसके वचनबद्धता को दिखाता है। इसी बात का लोगों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है क्योंकि असली बदलाव तभी आता है जब सरकार मिलकर काम करती है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने अपने चुनाव क्षेत्र पट्टी में 674 लाभार्थी परिवारों को नए घर बनाने के लिए मंजूरी पत्र जारी किए। इन लाभार्थी परिवारों में नगर परिषद पट्टी के तहत 237 परिवार और पट्टी विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के 437 परिवार शामिल हैं। सभा को संबोधित करते हुए, कैबिनेट मंत्री भुल्लर ने कहा कि शहरी इलाकों में लाभार्थी परिवारों को घर बनाने के लिए 2.5 लाख रुपये मिलेंगे, जबकि ग्रामीण इलाकों में लाभार्थी परिवारों को MNREGA स्कीम के तहत घर बनाने के लिए 1.2 लाख रुपये और मजदूरी के लिए 31,000 रुपये मिलेंगे, जिसमें बाथरूम बनाने के लिए 12,000 रुपये शामिल हैं। कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर ने कहा कि पट्टी चुनाव क्षेत्र में हाल ही में आई बाढ़ के पानी से फसलों और घरों को काफी नुकसान हुआ है। सरकार ने प्रभावित किसानों को उनकी खराब फसलों के लिए मुआवजा पहले ही जारी कर दिया है।