samacharsecretary.com

भाजपा या कांग्रेस? नवजोत सिद्धू की वापसी पर CM मान ने खोला राज

चंडीगढ़ नवजोत सिंह सिद्धू की पंजाब की राजनीति में वापसी को लेकर माहौल गरम होना शुरू हो गया है। पिछले दिनों सिद्धू द्वारा प्रियंका गांधी से मुलाकात की गई, जिसके बाद उनके राजनीति में फिर सक्रिय होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए नवजोत सिद्धू के राजनीति में फिर सक्रिय होने पर तंज कसते हुए कहा कि कोई भी जब चाहे राजनीति में शामिल होने या छोड़ने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि सिद्धू ने अपने अन्य रुचियों से हटकर एक बार फिर पंजाब को याद किया है।  उन्होंने कहा कि पूर्व क्रिकेटर (नवजोत सिद्धू) से कुछ भी नया और बेहतर अपेक्षित नहीं किया जा सकता क्योंकि उन्होंने अपना पुराना एजेंडा दोहराने के अलावा कुछ नहीं किया। उन्होंने क्रिकेटर से राजनीति में आए नवजोत सिद्धू को अपना नया राजनीतिक सफर शुरू करने के लिए शुभकामनाएँ दीं। 

रियल एस्टेट सेक्टर को राहत, पंजाब सरकार ने तय की ये नई शर्तें

लुधियाना आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा फेस्टिवल सीजन के दौरान रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी राहत दी है, जिसके तहत सी एल यू के साथ नक्शा पास करवाने की शर्त से छूट मिल गई है। यहां बताना उचित होगा कि लंबे समय से कोई कालोनी, बिल्डिंग, कमर्शियल प्रोजैक्ट के लिए सी.एल.यू. और नक्शा अलग-अलग पास करवाने का पैटर्न चल रहा था लेकिन 2023 के दोरान सी.एल.यू. के साथ ही नक्शा, ले आऊट पास करवाने की शर्त लगा दी गई। अब सरकार द्वारा निवेश बढ़ाने के अलावा इंडस्ट्री को सुविधाएं मुहैया करवाने के नाम पर जो लगातार मीटिंगें की जा रही है, इस दौरान रियल एस्टेट सैक्टर द्वारा सी.एल.यू. के साथ नक्शा पास करवाने की शर्त खत्म करने की मांग की गई है जिसके मद्देनजर शहरी विकास विभाग द्वारा एक बार फिर सिस्टम में बदलाव कर दिया गया है जिसके मुताबिक सी.एल.यू. के बाद अलग से नक्शा, ले आऊट पास करवाने या लाइसैंस लेने के लिए अप्लाई किया जा सकता है। इस संबंध में नोटीफिकेशन जारी कर दिया गया है जिसके लिए किसी भी रिहायशी या कमर्शियल प्रोजैक्ट का नक्शा पास करवाने से पहले लोन या अन्य विभागों से एन.ओ.सी. लेने के लिए सी.एल.यू. की मंजूरी जरूरी होने का हवाला दिया गया है।हालांकि सी.एल.यू. के साथ नक्शा पास करवाने का पुराना विकल्प भी खुला रखा गया है जो फॉर्मूला नगर निगम में भी लागू होगा। 4 साल की फिक्स की गई है डैडलाइन सी.एल.यू. पास करवाने के लिए 4 साल की डैडलाइन फिक्स की गई है जिसमें पहले 2 साल के लिए वैलिड होगी और फिर 20 फीसदी फीस जमा करने पर 2 साल की एक्सटैंशन मिल सकती है लेकिन यह शर्त मास्टर प्लान में बदलाव पर निर्भर करेगी। 3 महीने में देनी होगी मंजूरी सरकार द्वारा रियल एस्टेट सैक्टर के लोगों द्वारा किसी भी तरह के प्रोजैक्ट को पास करवाने के दौरान होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए 3 महीने के भीतर मंजूरी देना लाजिमी कर दिया है,जिसके तहत 23 दिन में सी.एल.यू. और नक्शा पास करवाने या लाइसेंस देने का फैसला एक महीने के अंदर करना होगा जिसके लिए यह भी तय कर दिया गया है कि किस ऑफिसर के लैवल पर मंजूरी मिलेगी और उसे कितने दिन में फाइल क्लीयर करनी होगी। 

इतिहास रचने वाली पहल: पंजाब सरकार ने शुरू की नई Policy, जानें पूरा विवरण

पंजाब  पंजाब सरकार लगातार नागरिकों की भलाई और कल्याण के लिए नई पहलें कर रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब में स्टेट मेंटल हेल्थ पॉलिसी की शुरुआत की गई है। यह घोषणा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर की। इस पहल को मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने और मानसिक विकारों, विशेषकर डिप्रेशन, से निपटने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। नई नीति का मुख्य उद्देश्य लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सभी नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस नीति के माध्यम से पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर व्यक्ति को मानसिक रूप से स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य मानसिक स्वास्थ्य नीति सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें नागरिकों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि अक्सर मानसिक रूप से प्रभावित व्यक्ति अपनी समस्याओं को अकेले झेलते हैं, जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में शामिल किया जाएगा, ताकि जरूरतमंदों को तुरंत और प्रभावी इलाज मिल सके। 

होटलों की सुरक्षा अब और सख्त, पुलिस ने बढ़ाई निगरानी

अमृतसर  त्यौहारी सीजन को देखते हुए पंजाब पुलिस ने अमृतसर शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। शहर के विभिन्न चौराहों पर नाकाबंदी की गई है, साथ ही हर गली-मोहल्ले में पुलिस द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में थाना बी डिवीजन के एस.एच.ओ. बलजिंदर सिंह औलख व ए.सी.पी. अनुभव जैन (आई.पी.एस.) ने होटल मालिकों और होटल संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में पुलिस अधिकारियों ने होटल मालिकों को सख्त निर्देश दिए कि त्यौहारी सीजन के दौरान किसी भी होटल में जुआ संचालित करते पाए जाने पर होटल मालिक और संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति होटल में जुआ कराने की मांग करता है तो इसकी तत्काल सूचना पुलिस को दी जाए। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को होटल में कमरा नहीं दिया जाए। यदि पुलिस जांच के दौरान किसी होटल में बिना पहचान पत्र के व्यक्ति पाया गया तो होटल मैनेजर के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति होटल में ठहरने आता है तो होटल मालिकों को तुरंत थाना बी डिवीजन पुलिस को सूचित करना होगा। यदि इस तरह की कोई सूचना पुलिस को नहीं दी गई व पुलिस को अन्य स्रोतों से जानकारी प्राप्त होती है तो होटल मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का यह कदम शहर में त्यौहारी सीजन के दौरान शांति व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। होटल मालिकों व संचालकों से अपील की गई है कि वे पुलिस के साथ पूरा सहयोग करें ताकि शहर में कानून-व्यवस्था बनी रहे।

आस-पास के शहरों में मौसम की नई चेतावनी, जानें क्या है असर

पंजाब पंजाब भर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार सुबह से बादल छाए रहने के साथ कई इलाकों में हलकी बारिश हुई। बारिश व ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में आए इस बदलाव ने जहां गर्मी और उमस से राहत दी है वहीं सेहत पर इसका असर भी देखने को मिल रहा है। तापमान में गिरावट, हवा में बढ़ी नमी मौसम विभाग के अनुसार अमृतसर और आसपास के इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। शहर का अधिकतम तापमान लगभग 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सैल्सियस के आस-पास रहने का अनुमान है। हवा में नमी बढ़ने से सर्दी की शुरुआत का संकेत मिल रहा है। स्वास्थ्य पर असर डॉक्टरों के मुताबिक मौसम में अचानक बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और गले में खराश जैसे मौसमी संक्रमण तेजी से फैल सकते हैं। बुजुर्गों, बच्चों और दमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार सुबह और रात के समय गर्म कपड़े पहनें, ठंडा पानी या आइसक्रीम जैसी चीज़ों से परहेज़ करें, गुनगुना पानी पीएं और भाप लें ताकि गले में खराश न हो। बाहर निकलते समय मास्क पहनें क्योंकि ठंडी हवाओं और प्रदूषण का असर एक साथ स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। मौसमी फलों और विटामिन सी से भरपूर चीज़ों का सेवन करें ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे। बढ़ा डेंगू का खतरा स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार बारिश के बाद गमलों, टंकी, कूलर और खुले बर्तनों में जमा पानी में ए.डी.ज़ एजिप्टाई मच्छर तेजी से पनपते हैं जो डेंगू फैलाते हैं। डेंगू के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों में दर्द और शरीर पर लाल चकत्ते शामिल हैं। यदि ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत खून की जांच करवानी चाहिए और स्वयं से कोई दवाई न लें।  

कृषि क्षेत्र में बदलाव: पंजाब सरकार ने जारी किए अहम निर्देश

जालंधर/चंडीगढ़ पंजाब के खाद्य व आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा है कि मंडियों में आ रही धान की फसल की क्वालिटी अच्छी है और मंडियों में धान की खरीद के 24 घंटों के अंदर किसानों को भुगतान किया जा रहा है। आज विभिन्न मंडियों में धान की खरीद का जायजा लेने के बाद लालचंद कटारूचक्क ने कहा कि किसानों को कहा गया है कि वह अपनी फसल को पूरी तरह से सुखा कर मंडियों में लाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण चाहे फसल को नुकसान पहुंचा था परन्तु उसके बावजूद किसानोंका मनोबल काफी ऊंचा है। अभी तक मंडियों में 11 लाख मीट्रिक टन धान की फसल पहुंची थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जो दिशा-निर्देश फसल की खरीद को लेकर दिए हैं उन पर खरीद एजैंसियों द्वारा पूरा अमल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान चाहे एक दिन लेट धान की फसल मंडियों में लेकर आए परन्तु वह पूरी तरह से सूखी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक से फसल की खरीद के लिए साथ-साथ लिमिट जारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देशों की उल्लंघना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।उन्होंने इस अवसर पर स्वयं धान की क्वालिटी देखी और उस पर तसल्ली व्यक्त की। 

ऑटो बन रहे लुटेरों का नया ठिकाना, पुलिस भी हैरान

लुधियाना महानगर में ऑटो गैंग एक बार फिर बेखौफ होकर सक्रिय हो गया है। घंटाघर चौक से सवारी बनकर बैठे 2 लुटेरों ने एक व्यक्ति का मोबाइल और पर्स चुराने की कोशिश की लेकिन इस बार किस्मत ने साथ नहीं दिया। सवारी ने बहादुरी दिखाते हुए लोगों की मदद से पीछा कर दोनों को पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार, गुरनाम सिंह नामक व्यक्ति घंटाघर चौक से प्रताप चौक जाने के लिए ऑटो में सवार हुआ। ऑटो में पहले से ही एक युवक बैठा हुआ था। ड्राइवर ने रास्ता बदलते हुए ऑटो को प्रताप चौक की बजाय दंडी स्वामी चौक की ओर मोड़ दिया। तभी पीछे बैठे युवक ने मौका पाकर गुरनाम सिंह की जेब से पर्स निकाल लिया। गुरनाम सिंह को जब चोरी का अहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत शोर मचाया और युवक को पकड़ लिया। तभी ड्राइवर ने ऑटो तेज रफ्तार से भगाना शुरू कर दिया। झड़प के दौरान आरोपियों ने गुरनाम सिंह को धक्का देकर सड़क पर गिरा दिया और ऑटो लेकर फरार हो गए लेकिन गुरनाम सिंह ने हिम्मत नहीं हारी, एक राहगीर की बाइक पर सवार होकर आरोपियों का पीछा शुरू कर दिया। करीब 3 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद भारत नगर चौक के पास दोनों बदमाशों को काबू कर लिया गया। मौके पर जुटे लोगों ने दोनों की जमकर धुनाई की और बाद में पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह हाल ही में हुई कई वारदातों से जुड़ा हो सकता है। गुरनाम सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले भी ऐसे गिरोहों की खबरें सुनी थीं, लेकिन खुद पर वारदात होते देख हैरान रह गए। उन्होंने कहा अगर मैं हिम्मत न करता तो शायद यह गैंग किसी और को निशाना बना लेता। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान ऑटो में सवार न हों और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

ऐतिहासिक फैसला: पंजाब सरकार की नई नीति से लाखों लोगों को मिलेगा फायदा

पंजाब पंजाब सरकार लगातार नागरिकों की भलाई और कल्याण के लिए नई पहलें कर रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब में स्टेट मेंटल हेल्थ पॉलिसी की शुरुआत की गई है। यह घोषणा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर की। इस पहल को मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने और मानसिक विकारों, विशेषकर डिप्रेशन, से निपटने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। नई नीति का मुख्य उद्देश्य लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सभी नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस नीति के माध्यम से पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर व्यक्ति को मानसिक रूप से स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य मानसिक स्वास्थ्य नीति सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें नागरिकों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि अक्सर मानसिक रूप से प्रभावित व्यक्ति अपनी समस्याओं को अकेले झेलते हैं, जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में शामिल किया जाएगा, ताकि जरूरतमंदों को तुरंत और प्रभावी इलाज मिल सके। 

दिनदहाड़े गोलीकांड: मेडिकल स्टोर मालिक को बनाया निशाना, पुलिस ने शुरू की जांच

तरनतारन  तरनतारन में एक बड़ी घटना सामने आई है। दरअसल, हलका खेमकरण के अंतर्गत भिखीविंड में बलेर रोड पर स्थित बाबा दीप सिंह जी मेडिकल स्टोर के मालिक वरिंदर सिंह पुत्र फकीर सिंह निवासी माड़ी मेघा के साथ गोलीबारी की घटना घटी। जानकारी के अनुसार, वरिंदर सिंह अपनी दुकान पर लौट रहा था, तभी पीछे से आए मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने उसकी जांघों में गोली मार दी। इस दौरान वरिंदर सिंह घायल हो गया और उसे तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल, गोलीबारी करने वाले मोटरसाइकिल सवार दोनों लोगों की पहचान नहीं हो पाई है। इस संबंध में भिखीविंड थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

बड़ी सौगात! पंजाब में पोर्टल रीलॉन्च से आया ₹29,480 करोड़ का निवेश और 67,672 नौकरियों का अवसर

चंडीगढ़ पंजाब में निवेश की बयार इन दिनों कुछ ऐसी चल रही है कि हर तरफ विकास और रोज़गार की बातें हो रही हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार के प्रयासों से राज्य में औद्योगिक माहौल पूरी तरह बदल गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक पंजाब में ₹29,480 करोड़ का निवेश आ चुका है, जिससे 67,672 नई नौकरियां पैदा होने का अनुमान है। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि पंजाब अब निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। पिछले ढाई सालों में मान सरकार ने कुल मिलाकर ₹88,000 करोड़ से ज़्यादा का निवेश राज्य में लाया है, जो किसी भी सूरत में एक बड़ी उपलब्धि है। सरकारी प्रवक्ता ने दावा किया कि टाटा स्टील लिमिटेड ने ₹2,600 करोड़, सनातन पॉलीकॉट प्राइवेट लिमिटेड ने ₹1,600 करोड़, और अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनियों ने पंजाब में निवेश किया है। इसके अलावा इंफोसिस ने भी मोहाली में अपने ऑपरेशन को बढ़ाने के लिए करीब ₹300 करोड़ के निवेश की घोषणा की है, जिससे 2,500 सीधी नौकरियां और 210 अप्रत्यक्ष नौकरियां पंजाबियों को मिलेंगी। यह सब मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी नीतियों और उद्योग-समर्थक माहौल का नतीजा है। सरकार ने शुरू से ही यह तय किया था कि पंजाब को उद्योगों के लिए सबसे आसान और पारदर्शी राज्य बनाना है, और इसी दिशा में लगातार काम किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि निवेश प्रोत्साहन पोर्टल को नए सिरे से लॉन्च करना मान सरकार का एक बेहद अहम फैसला साबित हुआ है। इस पोर्टल के रीलॉन्च के बाद प्रोजेक्ट आकर्षण में 167% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है। पहले निवेशकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, फाइलें एक विभाग से दूसरे विभाग में महीनों तक घूमती रहती थीं। लेकिन अब यह पोर्टल एक तरह से वन-स्टॉप सॉल्यूशन बन गया है, जहां निवेशक घर बैठे ऑनलाइन सभी ज़रूरी अनुमति और मंज़ूरी ले सकते हैं। इससे समय की बचत तो हुई ही है, साथ ही पारदर्शिता भी बढ़ी है। अब कोई फाइल अटकती नहीं है, और निवेशकों को पता रहता है कि उनके प्रोजेक्ट की क्या स्थिति है। प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत सभी विभागों की मंज़ूरी एक ही जगह से मिल जाती है। इसके अलावा औद्योगिक भूमि बैंक भी बनाया गया है, ताकि निवेशकों को ज़मीन ढूंढने में परेशानी न हो। राज्य सरकार ने टैक्स में छूट, सब्सिडी, और आसान लाइसेंसिंग की व्यवस्था भी की है। खासकर छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) के लिए कई तरह की सुविधाएं दी गई है, जिससे वे भी बिना किसी रुकावट के अपना काम शुरू कर सके। यह सारे कदम मान सरकार की उस सोच को दर्शाते है, जिसमें लालफीताशाही को खत्म करके काम को तेज़ी से आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब ने सिर्फ ढाई साल में ₹86,541 करोड़ से ज़्यादा का निवेश आकर्षित किया है, जो राज्य की आर्थिक यात्रा में एक बड़ा मील का पत्थर है। यह निवेश अलग-अलग सेक्टर में फैला हुआ है – मैन्युफैक्चरिंग, आईटी और सॉफ्टवेयर, कृषि-आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, और पर्यटन। यह विविधता यह सुनिश्चित करती है कि हर तरह के कौशल वाले युवाओं को रोज़गार मिले। शहरों के साथ-साथ छोटे कस्बों और गांवों में भी उद्योग लग रहे है, जिससे पलायन रुक रहा है और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर बढ़ रहे है। मार्च 2022 से अब तक पंजाब को ₹1.14 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले है, जिससे 4.5 लाख से ज़्यादा रोज़गार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि पंजाब अब वैश्विक निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बन गया है, और जापान, अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन जैसे देशों की कंपनियां यहां निवेश करने में दिलचस्पी दिखा रही है। यह सब तभी संभव हुआ है जब सरकार ने ईमानदारी से काम किया है, भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई है, और निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि उनका पैसा सुरक्षित है और उन्हें सभी तरह की सुविधाएं मिलेंगी। पंजाब सरकार ने हाल ही में 24 सलाहकार पैनल भी बनाए है, जो अलग-अलग सेक्टर के विशेषज्ञों से मिलकर बने है। इन पैनलों का काम है उद्योगों को और ज़्यादा बढ़ावा देना, नई नीतियां बनाना, और निवेशकों की समस्याओं को तुरंत हल करना। इस तरह की पहल से यह साफ होता है कि सरकार सिर्फ घोषणाएं नहीं कर रही, बल्कि ज़मीनी स्तर पर काम भी कर रही है। उद्योगपतियों और व्यापारियों ने भी मान सरकार की तारीफ की है और कहा है कि पंजाब में अब काम करना बहुत आसान हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कई बार यह कहा है कि पंजाब के युवाओं को रोज़गार देना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसीलिए हर निवेश प्रस्ताव को मंज़ूरी देते समय यह देखा जाता है कि उससे कितनी नौकरियां पैदा होंगी। वर्तमान वित्तीय वर्ष में आए ₹29,480 करोड़ के निवेश से 67,672 नौकरियां मिलने वाली है, जो पंजाब के हज़ारों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है। यह नौकरियां सिर्फ एक शहर या एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में फैली हुई है। इससे हर ज़िले, हर तहसील के युवाओं को फायदा होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पंजाब में निवेश की यही रफ्तार बनी रही, तो अगले दो-तीन साल में राज्य की आर्थिक तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। पंजाब न सिर्फ रोज़गार के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि देश के औद्योगिक नक्शे पर भी एक अहम जगह बनाएगा। मान सरकार ने जो नींव रखी है, वह मज़बूत है। अब ज़रूरत सिर्फ इस बात की है कि इसी तरह से काम जारी रहे, नीतियां लागू होती रहें, और निवेशकों का भरोसा बना रहे।