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गुरदासपुर-मुक्तसर डीसी ऑफिस को उड़ाने की मिली धमकी

गुरदासपुर. पंजाब में बम धमकी भरी ईमेल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन आईएस-खोरासान प्रांत (आईएसकेपी) की ओर से अब गुरदासपुर और मुक्तसर साहिब के डीसी कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल भेजा गया है, जिसके बाद पूरे जिले में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। धमकी मिलने के बाद पुलिस, इंटेलिजेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारी ईमेल के स्रोत और तकनीकी ट्रेल को खंगाल रहे हैं। हालांकि ईमेल की प्रामाणिकता को लेकर पुष्टि जारी है, लेकिन इसे गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी गई है। गुरदासपुर प्रशासन ने तुरंत परिसर की सुरक्षा बढ़ाते हुए प्रवेश और निकास द्वारों पर निगरानी दोगुनी कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि हर तरह की धमकी को सुरक्षा मानकों के तहत जांचना आवश्यक है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। सुबह 9.30 बजे ईमेल का पता चला मुक्तसर के डीसी आफिस को खाली करा लिया गया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस खोजी कुत्तों की मदद से किसी तरह के संभावित बम की तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक सुबह करीब साढ़े 9 बजे इस मेल का पता चला। इससे पहले अमृतसर, जालंधर और पटियाला के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। इसके बाद लुधियाना समेत कई जगहों पर कोर्ट काम्प्लेक्स उड़ाने की भी धमकी मिली थी। हालांकि सर्च में किसी तरह का कोई बम नहीं मिला था। तीन बम  रखने की बात कही गई एसपी गुरविंदर सिंह ने बताया कि डीसी कार्यालय की आफिशियल मेल पर एक मेल आई है। जिसमें तीन बम कंप्लेक्स में रखने की बात कही गई है। जिसके बाद एसएसपी गुरदासपुर आदित्या के निर्देशों पर पूरी जांच की गई है, लेकिन फिलहाल अभी तक ऐसा कुछ बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि पुलिस की स्टेट साइबर सैल की टीमें जांच कर रही हैं। कंप्लेक्स में भी अभी जांच जारी है और सबकुछ शांतमय चल रहा है श्री हरिमंदिर साहिब को भी ऐसी ही ईमेल मिलीं थी यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले श्री हरिमंदिर साहिब को बीते साल बम से उड़ाने की धमकियां मिली थी। ये एक ईमेल नहीं थी, कई ईमेल थी, जो लगातार श्री हरिमंदिर साहिब प्रबंधकों को भेजी गई थी। उन ईमेल्स में भी तमिलनाडू व डीएमके का जिक्र किया गया था। पुलिस ने लंबी जांच के बाद एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, लेकिन कुछ भी पुख्ता हाथ ना लगने के कारण किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। दो दिन पहले लुधियाना और मोगा में अलर्ट इससे पहले 13 जनवरी 2026 को लुधियाना और मोगा के कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इतना ही नहीं, अमृतसर के भी दो स्कूलों को बम की धमकी से जुड़े ईमेल मिले थे। दोनों स्थानों को तुरंत खाली कराया गया और बम डिस्पोजल स्क्वायड व डॉग स्क्वायड ने कई घंटों तक तलाशी की। हालांकि ये धमकियां नकली साबित हुईं, परंतु कोर्ट का कामकाज गंभीर रूप से प्रभावित रहा और लोगों में डर का माहौल देखने को मिला। उससे पहले जनवरी 2026 की शुरुआत में रोपड़, आनंदपुर साहिब, फिरोजपुर, मानसा और मोगा अदालतों को भी इसी तरह की धमकियां मिली थीं, जो बाद में hoax निकलीं। दिसंबर 2025 में अमृतसर के 15 स्कूलों को धमकी ईमेल भेजे गए थे, जिसके बाद सभी स्कूलों को खाली कर तलाशी ली गई थी। जानें आईएसकेपी के बारे में आईएसकेपी पाकिस्तान-अफगानिस्तान क्षेत्र में सक्रिय इस्लामिक स्टेट का सहयोगी गुट है, जो समय-समय पर भारत के विभिन्न शहरों को निशाना बनाने की धमकी देता रहा है। पंजाब में बार-बार हो रही बम धमकी ईमेल की घटनाओं से पुलिस और खुफिया एजेंसियों में गहरी चिंता बनी हुई है।

‘गर्भवती पत्नी की देखभाल’ की दलील पर हाईकोर्ट ने दे दी जमानत

चंडीगढ़. पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज एक आरोपी को उसके बच्चे के जन्म और प्रसवोत्तर अवधि के दौरान उसकी पत्नी की देखभाल करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए छह सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी है। जस्टिस संजय वशिष्ठ ने कहा कि याचिकाकर्ता की पत्नी पहले से ही गर्भवती थीं और अब 05 जनवरी 2026 को उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया है। निःसंदेह, इस समय याचिकाकर्ता की पत्नी को अपने सबसे अच्छे साथी यानी अपने पति के साथ की आवश्यकता होगी। याचिकाकर्ता की पत्नी और नवजात शिशु के स्वास्थ्य आदि की देखभाल के लिए उन्हें विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। पांच जनवरी को दिया था बच्चे का जन्म याचिकाकर्ता ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 22 के तहत पंजाब में दर्ज एफआईआर के संबंध में दो महीने की अंतरिम जमानत के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी। यह याचिका इस आधार पर दायर की गई थी कि याचिका दायर करते समय उनकी पत्नी गर्भावस्था के उन्नत चरण में थीं और बाद में उन्होंने 05 जनवरी को एक बच्चे को जन्म दिया था। पुलिस रिपोर्ट में जमानत देने का विरोध करते हुए बताया गया कि याचिकाकर्ता के पास से ट्रामडोल हाइड्रोक्लोराइड यूएसपी 100 मिलीग्राम की 1,12,000 गोलियां बरामद की गई हैं और वह कथित तौर पर एक बड़े मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह का हिस्सा था। राज्य ने आगे तर्क दिया कि याचिकाकर्ता की पत्नी अपने ससुराल वालों और माता-पिता की देखरेख में है और जमानत पर रिहा होने की स्थिति में याचिकाकर्ता के फरार होने की संभावना है। 'देखभाल और ध्यान की आवश्यता है' दोनों पक्षों की बात सुनने और रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद, न्यायालय ने पाया कि याचिकाकर्ता की पत्नी द्वारा हाल ही में बच्चे को जन्म देने के तथ्य पर कोई विवाद नहीं था। यह देखते हुए कि ऐसी अवस्था में एक महिला को अपने पति के साथ और समर्थन की आवश्यकता होती है और मां और नवजात शिशु दोनों को ही अत्यधिक देखभाल और ध्यान की आवश्यकता होती है, न्यायालय ने मामले की बारीकियों में जाए बिना यह माना कि याचिकाकर्ता मानवीय आधार पर सीमित अंतरिम राहत का हकदार है। याचिकाकर्ता को अंतरिम जमानत इस शर्त पर दी गई थी कि वह राष्ट्रीयकृत बैंक से 5 लाख रुपए की एफडीआर के रूप में बैंक गारंटी निचली अदालत में जमा करे।

जालंधर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का विशेष दौरा खराब मौसम के कारण रद्द

जालंधर. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जालंधर दौरे से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रपति मुर्मू का जालंधर दौरा रद्द हो गया है। जानकारी के अनुसार खराब मौसम के कारण उनकी फ्लाइट उड़ान नहीं भर सकी। उनकी फ्लाइट अमृतसर से उड़ाने भरने वाली थी। उन्होंने अमृतसर से स्पेशल विमान से जालंधर आना था। बता दें कि राष्ट्रपति मुर्मू ने जालंधर में एन.आई.टी. के कन्वोकेशन समागम में शिरकत करनी थी लेकिन उनकी फ्लाइट खराब मौसम के चलते टेकऑफ नहीं कर सकी जिसके चलते वह समागम में नहीं पहुंच रहीं। एक दिन पहले गुरुवार को ही सीएम भगवंत मान ने अमृतसर के होटल ताज स्वर्ण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को श्री हरिमंदिर साहिब की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया भी उपस्थित थे। राष्ट्रपति ने सीएम मान और राज्यपाल के साथ रात्रि भोज किया।

सीएम मान ने राष्ट्रपति मुर्मू के साथ डिनर कर भेंट की हरिमंदिर साहिब की तस्वीर

अमृतसर. सीएम भगवंत मान ने अमृतसर के होटल ताज स्वर्ण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को श्री हरिमंदिर साहिब की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया भी उपस्थित थे। राष्ट्रपति ने सीएम मान और राज्यपाल के साथ रात्रि भोज किया। बता दें, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी की 50वीं गोल्डन जुबली कन्वेंशन में शामिल होने अमृतसर पहुंचीं थीं, जिसमें वह मुख्य मेहमान रहीं। शिक्षा सिर्फ रोजगार का साधन नहीं: राष्ट्रपति कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि शिक्षा सिर्फ रोजगार का नहीं, समाज-राष्ट्र की तरक्की का शक्तिशाली साधन है। वर्तमान में एग्रीटेक से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिफेंस से लेकर स्पेस एक्सप्लोरेशन तक स्टार्टअप के अवसर युवाओं के लिए खुले हैं। राष्ट्रपति ने जीएनडीयू कन्वेंशन में डिग्री-पुरस्कार लेने वालों में महिलाओं की मजबूत भागीदारी पर भी खुशी जाहिर की। राष्ट्रपति ने महिलाओं को आत्मविश्वास के रखने, सशक्त बनने और सामाजिक सद्भावना की मुहिम को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विधार्थियों पर समाज का बहुत बड़ा कर्ज है, जिन्होंने उनकी परवरिश की है। वहीं आगे बढ़ने के साथ ही अपने पीछे रह गए लोगों को भी साथ लेकर चलना चाहिए। अगले दो दशकों में विकसित भारत के सपने को साकार किया जाना है। देश का भविष्य विज्ञानिक उत्सुकता, जिम्मेदारी और निस्वार्थ सेवा की भावना वाले युवाओं पर निर्भर है। "ਪੰਜਾਬ ਦੌਰੇ 'ਤੇ ਆਏ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਮਾਣਯੋਗ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਸ਼੍ਰੀਮਤੀ Droupadi Murmu ਜੀ ਦੀ ਸ੍ਰੀ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਨਿੱਘੀ ਮਹਿਮਾਨ ਨਿਵਾਜ਼ੀ ਕਰਨ ਦਾ ਮੌਕਾ ਮਿਲਿਆ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਪੰਜਾਬੀ ਖਾਣੇ ਦਾ ਆਨੰਦ ਮਾਣਿਆ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਰਸੇ, ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਦੀ ਸਾਂਭ-ਸੰਭਾਲ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬੀ ਮਹਿਮਾਨ ਨਿਵਾਜ਼ੀ ਦੀ…" — Bhagwant Mann (@BhagwantMann) January 15, 2026 

पंजाब में कड़ाके की ठंड के बीच स्कूलों का बदलेगा समय?

लुधियाना. पंजाब में कड़ाके की ठंड और घनी धुंध के प्रकोप ने जनजीवन के साथ शिक्षा विभाग की गतिविधियों की रफ्तार पर रोक लगानी शुरू कर दी है। मौसम के बिगड़ते मिजाज और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जहां एक ओर राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं और अधिकारियों के महत्वपूर्ण ओरिएंटेशन प्रोग्राम को टाल दिया गया है, वहीं दूसरी ओर अध्यापक संगठनों ने सुबह की जानलेवा धुंध से बचाव के लिए स्कूलों के समय में तुरंत बदलाव की आवाज उठाई है। पंजाब के कई हिस्सों में विजीबिलिटी शून्य होने के कारण सड़कों पर बढ़ते खतरों ने अभिभावकों और अध्यापकों की चिंता को बढ़ा दिया है। प्रचंड ठंड का सीधा असर खेल के मैदानों पर भी दिखाई दिया है। डायरैक्टर स्कूल एजुकेशन पंजाब के स्पोर्ट्स विभाग ने लुधियाना जिले में आयोजित होने वाली 69वीं इंटर-डिस्ट्रिक्ट प्राइमरी स्कूल खेलों के कार्यक्रम में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। विभाग द्वारा जारी ताजा निर्देशों के अनुसार 16 से 22 जनवरी तक होने वाली इन राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। विभाग के उच्च अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जारी कड़ाके की ठंड और छोटे बच्चों की सेहत व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन खेलों को हाल की घड़ी के लिए मुल्तवी करना ही उचित समझा गया है। डायरेक्टर ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर सभी जिलों को सूचित कर दिया है। स्कूलों का समय 10 से 3 बजे तक करने की मांग मास्टर कैडर यूनियन ने प्रदेश में बढ़ रही शीत लहर और शून्य दृश्यता को देखते हुए शिक्षा विभाग से स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक करने की पुरजोर मांग की है। यूनियन के प्रांतीय उपाध्यक्ष जगजीत सिंह साहनेवाल और जिला जनरल सचिव गुरप्रीत सिंह दोराहा ने कहा कि धुंध के कारण दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों और अध्यापकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी लगातार गिर रही है। वे बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर छुट्टियों में वृद्धि न करने के सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं लेकिन गिरते तापमान के बीच समय परिवर्तन में देरी करना किसी बड़े हादसे को न्यौता देने के समान है। छुट्टियों के बाद पहले दिन कम रही हाजिरी सर्दियों की छुट्टियों के बाद आज जब स्कूल खुले तो पहले ही दिन कड़ाके की ठंड का असर विद्यार्थियों की उपस्थिति पर साफ देखने को मिला। घनी धुंध और ठिठुरन के कारण अधिकांश स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बहुत कम दर्ज की गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई निजी स्कूलों ने अपने स्तर पर ही स्कूल के समय में बदलाव कर दिया है ताकि बच्चों को सुबह की भीषण ठंड से बचाया जा सके। इस बीच, सोशल मीडिया पर भी अध्यापकों और अभिभावकों का गुस्सा देखने को मिल रहा है। वेदान्त प्रकाश मारवाह और हरविंदर लहरा जैसे लोगों ने सोशल मीडिया कमैंट्स के जरिए बताया कि आज इस सर्दी का सबसे ठंडा दिन था और भीषण ठंड के कारण बच्चों का बुरा हाल रहा। यहां तक कि ठंड की वजह से हाथ भी सही से काम नहीं कर रहे थे। कुलदीप सिंह अरोड़ा और लखविंदर लकी ने भी पुष्टि की कि स्कूलों में बच्चे बहुत कम आए। वहीं, किरन पुनिया बराड़ जैसे अभिभावकों ने पुरजोर मांग की है कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए स्कूल का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 2 या 3 बजे तक होना चाहिए। प्रशासनिक कारणों से 'मिशन समर्थ' की ओरिएंटेशन भी मुल्तवी स्टेट कौंसिल फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एस.सी.ई.आर.टी.), पंजाब ने भी अपने प्रशासनिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है। 'मिशन समर्थ 4.0' के तहत 15 जनवरी को होने वाली एक दिवसीय ओरिएंटेशन को आगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में पंजाब के समूह जिला शिक्षा अधिकारियों (सैकेंडरी और एलीमैंट्री), समूह प्रिंसीपल डाइट और समूह उप जिला शिक्षा अधिकारियों ने हिस्सा लेना था। डायरैक्टर एस.सी.ई.आर.टी. पंजाब के अनुसार, इस ओरिएंटेशन की नई तारीखों का एलान भविष्य में उचित समय पर किया जाएगा। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षा विभाग का पूरा ध्यान फिलहाल मौसम के कारण उत्पन्न चुनौतियों से निपटने पर केंद्रित है।

पंजाब में शीतलहर के कहर के बीच बठिंडा रहा सबसे ठंडा

लुधियाना. पंजाब में धुंध और शीतलहर जारी है। बुधवार को बठिंडा सबसे ठंडा रहा। यहां का न्यूनतम तापमान सबसे कम 3.2 डिग्री दर्ज किया गया। चंडीगढ़ सहित तीन जिलों में शीत दिन की स्थिति रही। यहां अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहा है। अमृतसर में न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह पटियाला का न्यूनतम तापमान 4.4 व अधिकतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस रहा। बुधवार को दिन भर धुंध छाई रही। दृश्यता बेहद कम रहने से वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी बीच छुट्टियां खत्म होने पर स्कूल खुले, लेकिन बच्चों की उपस्थिति कम रही। बुधवार को दिन भर धुंध छाई रही। दृश्यता बेहद कम रहने से वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी बीच छुट्टियां खत्म होने पर स्कूल खुले, लेकिन बच्चों की उपस्थिति कम रही। बेहद घने कोहरे के चलते अमृतसर में दृश्यता शून्य रही। एसबीएस नगर में केवल 5 मीटर, बठिंडा व फरीदकोट में 50 मीटर से कम, पटियाला में 70 मीटर और गुरदासपुर में 100 मीटर दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 18 जनवरी से तीन दिनों तक कुछ इलाकों में बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। अमृतसर का न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री, लुधियाना 5.4, पटियाला 4.4, गुरदासपुर 3.5, एसबीएस नगर 4.5, फरीदकोट 5.1, होशियारपुर 5.6 और रूपनगर 5.0 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान अमृतसर में 8.8 डिग्री, लुधियाना 10.8, पटियाला 9.6, पठानकोट 8.5, बठिंडा 13.5, फरीदकोट 13.6, एसबीएस नगर 8.5 और होशियारपुर 8.4 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि वीरवार को बेहद घना कोहरा पड़ने के साथ कुछ क्षेत्रों में कोल्ड डे रहेगा। आने वाले दिनों में पंजाब में ठंड और कोहरे का असर जारी रहेगा। लोगों से सड़क पर सतर्क रहने और वाहन धीमी गति से चलाने की अपील की गई है। दृश्यता शून्य के कारण अमृतसर की सड़कों पर वाहन और लोगों की आवाजाही प्रभावित रही। 

‘झाड़ू लगाते बीती जिंदगी, लेकिन नौकरी आज भी अस्थायी’ पर हाईकोर्ट सख्त

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 40 वर्षों से पार्ट टाइम सफाईकर्मी के रूप में सेवा दे रहे कर्मचारी के साथ हरियाणा सरकार के रवैये पर तीखा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने कहा कि इतने लंबे समय तक काम लेने के बाद भी कर्मचारी के नियमितीकरण से इनकार करना संविधान की आत्मा के विरुद्ध है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वर्ष 1986 से लगातार सेवाएं दे रहे करनाल निवासी बीर सिंह उर्फ भीरा को आज भी अस्थायी बनाए रखना राज्य द्वारा किया गया संस्थागत शोषण है, जिसे किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता। जस्टिस संदीप मोद्गिल ने कहा कि राज्य से अपेक्षा की जाती है कि वह एक मॉडल एंप्लायर की तरह व्यवहार करे, लेकिन तकनीकी वर्गीकरण का सहारा लेकर दशकों तक श्रम लेने के बाद जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेना इस अवधारणा को ही खोखला कर देता है। अदालत ने कहा कि लंबे समय तक सेवा लेने के बाद कर्मचारी को अनियमित बनाए रखना न्याय और निष्पक्षता की बुनियादी भावना पर चोट है। अदालत के समक्ष यह भी आया कि याचिकाकर्ता का सेवा रिकार्ड पूरी तरह निष्कलंक रहा है और उसकी ईमानदारी या कार्यकुशलता पर कभी सवाल नहीं उठा। न्यायालय ने माना कि याचिकाकर्ता द्वारा किया गया कार्य न तो अस्थायी प्रकृति का है और न ही कभी-कभार किया जाने वाला काम है, बल्कि संस्थान के दैनिक संचालन के लिए अनिवार्य और स्थायी काम वह कर रहा है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे कर्मचारी को वर्षों तक अस्थायी बनाए रखना समानता के संवैधानिक सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है। हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय संविधान केवल औपचारिक समानता की बात नहीं करता, बल्कि वह गरिमा, आजीविका और सामाजिक न्याय की ठोस गारंटी देता है। प्रस्तावना में निहित समाजवादी गणराज्य की भावना तब निरर्थक हो जाती है, जब प्रशासनिक ढांचे के सबसे निचले पायदान पर काम करने वालों को जीवन भर की सेवा के बाद भी सुरक्षा और सम्मान नहीं मिलता। कोर्ट ने टिप्पणी की कि भले ही याचिकाकर्ता को नाममात्र का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कहा गया हो, लेकिन उसके द्वारा किया श्रम सार्वजनिक संस्थानों के सुचारू संचालन की रीढ़ है।

पंजाब हुआ महंगाई वाले टॉप पांच राज्यों की सूची से बाहर

चंडीगढ़. कर्ज के बोझ में डूबे और महंगाई की मार झेल रहे पंजाब के लिए नया साल अच्छी खबर लाया है। सूबा उन टॉप पांच राज्यों की सूची से बाहर हो गया है जो महंगाई की सबसे अधिक मार झेल रहे हैं। राज्य की महंगाई दर कम होकर 1.82 प्रतिशत तक पहुंच गई है। केंद्र सरकार का जीएसटी दरों में कटौती करना प्रदेश के लिए राहत लेकर आया है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में महंगाई दर में और गिरावट देखने को मिल सकती है क्योंकि जरूरी सामान की कीमतें में कमी आई है। लोगों की जेब पर बोझ भी कम हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2025 में सूबे की महंगाई दर 1.82 प्रतिशत तक दर्ज की गई है जबकि पिछले काफी महीनों से नवंबर 2025 तक पंजाब उन पांच राज्यों में शामिल था जहां महंगाई दर सबसे अधिक थी। राष्ट्रीय स्तर पर भी महंगाई दर 1.33 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वहीं 9.49% महंगाई दर के साथ केरल टॉप पर है। दूसरे नंबर पर कर्नाटक की महंगाई दर 2.99%, आंध्र प्रदेश 2.71%, तमिलनाडु 2.67% और जम्मू एंड कश्मीर की 2.26% है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2026 में जीएसटी दरों में कटौती से पंजाब के जीएसटी राजस्व में 6.7 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है जिससे सरकार को 1786 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। रिपोर्ट के अनुसार जीएसटी का कुल राजस्व वर्ष में बढ़कर 28,507 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। प्रदेश पर कर्ज के बोझ के बीच यह अच्छे संकेत हैं। वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य पर अनुमानित कर्ज 3.82 लाख करोड़ था जो 2025-26 के बजट के अनुसार आगामी वित्तीय वर्ष के अंत तक 4.17 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में भी आई कमी इसी तरह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में भी कमी आई है। पंजाब में नवंबर 2025 के दौरान सीपीआई 190.8 दर्ज किया गया था, जो दिसंबर 2025 में कम होकर 190.4 हो गया है। अनुमान है और आगे सीपीआई में और कमी हो सकती है। सबसे अधिक सीपीआई केरल में 221.6 दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर भी सीपीआई में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है। नवंबर में यह 197.9 था, जो दिसंबर में बढ़कर 198 हो गया है। सीपीआई एक तरह का पैमाना है, जिससे यह पता लगाया जाता है कि समय के साथ आम लोगों की तरफ से खरीदी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है। इसमें खाने-पीने का सामान, किराया, कपड़े, शिक्षा, इलाज, परिवहन, बिजली व पानी समेत अन्य सेवाएं शामिल होती हैं।

डेरा सच्चा सौदा बधियाकरण केस में वीसी के जरिए होगी गवाही

पंचकूला. डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ चल रहे कथित बधियाकरण (नपुंसक बनाने) मामले में पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने आदेश पारित किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के न्यूयॉर्क में रह रहे मुख्य गवाह की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से दर्ज की जाएगी, लेकिन गवाही के दौरान गवाह के निजी वकील को दूरस्थ वीसी कक्ष में मौजूद रहने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, अदालत ने मुख्य गवाह को उसकी स्वास्थ्य स्थिति से अवगत कराने के लिए एक माह का समय दिया है। गवाह की फिटनेस रिपोर्ट मिलने के बाद ही फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में उसकी गवाही की तिथि तय की जाएगी। बता दें कि मुख्य गवाह ने आंखों के इलाज का हवाला देते हुए पहले से तय गवाही की तिथियों को स्थगित करने का अनुरोध किया था। गवाह ने अदालत को बताया कि वह रेटिनल वेन ऑक्लूजन बीमारी से पीड़ित है और डाक्टरों ने उसे लंबे समय तक आंखों पर दबाव न डालने की सलाह दी है। मुख्य गवाह वर्तमान में न्यूयार्क में रह रहा है और उसकी गवाही भारतीय वाणिज्य दूतावास/महावाणिज्य दूतावास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज की जानी है। इससे पहले, अगस्त 2025 में सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने उसे अमेरिका से वीसी के जरिए जिरह की अनुमति दी थी। इसके लिए सीबीआई द्वारा विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से आवश्यक अनुमति भी प्राप्त की जा चुकी है। गवाह ने यह भी दलील दी कि गुरमीत राम रहीम सिंह एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और उनके कई राजनीतिक संपर्क बताए जाते हैं, जिससे उसे भय और दबाव की आशंका है। इसी आधार पर उसने गवाही के दौरान अपने वकील को वीसी कक्ष में साथ बैठने की अनुमति मांगी। हालांकि, आरोपियों के बचाव पक्ष ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों का हवाला देते हुए इस मांग का कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि वीसी के दौरान दूरस्थ स्थल पर केवल अधिकृत समन्वयक की मौजूदगी की अनुमति है। गवाह का वकील गवाही शुरू होने से पहले वीसी कक्ष के बाहर परामर्श कर सकता है, लेकिन रिकॉर्डिंग के दौरान उसकी मौजूदगी नहीं होगी। स्वास्थ्य संबंधी आवेदन पर निर्णय देते हुए अदालत ने कहा कि फिलहाल गवाह का इलाज जारी है, इसलिए उसे एक माह का समय दिया जाता है। गवाह को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपनी फिटनेस की जानकारी अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत को दे, जिसके बाद फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में गवाही की अगली तिथि तय की जाएगी। गौरतलब है कि यह मामला वर्ष 2014 का है, जिसमें राम रहीम पर अपने कथित निर्देश पर अनुयायियों के सामूहिक बधियाकरण के आरोप लगे हैं।

पंजाब की जीएनडीयू में आज राष्ट्रपति मुर्मू देंगी 463 विद्यार्थियों को डिग्री

चंडीगढ़. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह अमृतसर की गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में 50वीं गोल्डन जुबली कान्वोकेशन में हिस्सा लेंगी। पूरे अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज पंजाब दाैरे पर हैं। वे अमृतसर में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) की 50वीं गोल्डन जुबली कान्वोकेशन में हिस्सा लेंगीं। उनके आगमन को लेकर पुलिस और प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। जीएनडीयू मैनेजमेंट, जिला प्रशासन और राज्य पुलिस ने संयुक्त रूप से सुरक्षा रिहर्सल पूरी कर कार्यक्रम को यादगार बनाने की तैयारियां पूरी कर ली हैं। एसएस परमार की अध्यक्षता में एडीजीपी स्तर की सुरक्षा टीम ने कन्वेंशन हाल में सुरक्षा मानकों और रूट प्लान का विस्तार से रिव्यू किया। वीसी प्रो. डा. करमजीत सिंह, डीसी दलविंदरजीत सिंह, पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, एआईजी परमिंदर सिंह भंडाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी विद्यार्थियों को पहचान दस्तावेज और पास जारी किए गए। मेडल और डिग्री पाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एडमिशन डाॅक्यूमेंट और टैग नंबर भी तय किए गए। परिसर और आसपास के इलाके को बैरिकेडिंग के साथ सील किया गया और तलाशी के बाद ही लोगों को एरिया में प्रवेश दिया जा रहा है। इस कान्वोकेशन में कुल 463 विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल दिए जाएंगे, जिनमें 74 अंडरग्रेजुएट, 102 पोस्टग्रेजुएट, 270 पीएचडी डिग्री और 7 मेमोरियल मेडल शामिल हैं। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी दो मशहूर हस्तियों को ऑनरेरी डॉक्टरेट प्रदान करेगी। राज्यपाल भी पहुंचेंगे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और गवर्नर गुलाबचंद कटारिया भी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं, मुख्यमंत्री गुरुवार को हरमिंदर साहिब व अकाल तख्त में विशेष स्पष्टीकरण देंगे, जिसके चलते वहां भी सख्त सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। संपूर्ण व्यवस्था में पुलिस और प्रशासन सतर्क हैं, जिससे आम जनता और प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।