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पंजाब के इस जिले में 10 लाख की स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत, लाल लकीर वाले भी लाभान्वित

अमृतसर   ‘आप’ के तरनतारन उप-चुनाव के लिए उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू ने हलके के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार द्वारा किए गए बड़े विकास कार्यों और लोक पक्षीय फैसलों के बारे में जानकारी दी। संधू ने बताया कि उनके निवेदन पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 10 लाख रुपए की मुफ्त सेहत बीमा योजना की शुरूआत तरनतारन से की, जिसके तहत हलके की 3 लाख की आबादी वाले लोगों को इस योजना के घेरे में लाया गया है। उन्होंने बताया कि जहां पहले गांवों में ‘लाल लकीर’ के अंदर वाले घरों और प्लॉटों के मालिकाना हकों को लेकर कब्जे और लड़ाई-झगड़े होते थे, वहां मान सरकार ने बड़ा प्रयास करते हुए उन लोगों को भी मालिकाना हक दे दिए हैं, जिससे उनका बहुत बड़ा मसला हल हो गया है। इस संबंध में रजिस्ट्रेशन का काम चल रहा है और इससे लोग अब अपनी जायदाद बेच सकते हैं या उस पर लोन लेकर कारोबार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों के बुनियादी ढांचे और चौड़ीकरण के लिए सिर्फ तरनतारन हलके के लिए 55 करोड़ रुपए आ चुके हैं। इसके साथ ही पंचायतों के विकास कार्यों के लिए 30 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं। संधू ने हलके के वोटरों को अपील की कि वे अपने हलके को तरक्की की बुलंदियों पर लेकर जाएं और ‘आप’ को कामयाब करें। 

पंजाब में अस्पताल सुरक्षा में बढ़ावा, 2 साल में 80 मारपीट के मामलों के बाद 23 जिलों में सुरक्षा प्रोजेक्ट शुरू

चंडीगढ़  स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के 23 जिलों के अस्पतालों में सुरक्षा गार्ड तैनात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले चरण में 200 सुरक्षा गार्डों को तैनात किया जाएगा जिसके लिए विभाग के नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक ने पंजाब एक्स सर्विसमैन कॉरपोरेशन (पेस्को) को पत्र लिख दिया है। इससे डॉक्टरों की एक बड़ी मांग पूरी हो गई है क्योंकि अस्पतालों में हिंसा की बढ़ती घटनाओं के चलते वह सुरक्षा कर्मी तैनात करने की मांग कर रहे थे। विभाग ने पत्र में कहा है कि 31 मार्च-2026 तक सभी अस्पतालों में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जानी है। सुरक्षा कर्मियों के वेतन पर आने वाले खर्चों की अदायगी पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन के अधीन चलती स्कीम के तहत किया जाएगा। विभाग ने कहा है कि तैनाती प्रक्रिया दौरान पंजाब सरकार की आरक्षण नीति की पालना की जाएगी। पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रधान अखिल सरीन ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पहले चरण में जिला अस्पतालों में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके बाद दूसरे चारण में सब डिविजनल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इससे अब डॉक्टर बिना डरे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दिन रात काम कर सकेंगे।  इस महीने के अंत तक सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। अगर यह प्रोजेक्ट कामयाब रहता है तो अन्य अस्पतालों में भी इसे लागू किया जाएगा। वहीं, इस फैसले से डॉक्टरों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि इससे लोगों को काफी फायदा होगा। यह स्टाफ इमरजेंसी में तैनात रहेगा। हर 10वें दिन डॉक्टरों से मारपीट पंजाब के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के साथ इमरजेंसी में मारपीट के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अगर दो सालों की बात करें तो डॉक्टरों के साथ अस्पतालों में मारपीट के लगभग 80 केस आ चुके हैं। हर 10वें दिन एक केस आता है। डॉक्टरों की मानें तो यह स्थिति बॉर्डर एरिया के जिलों में ही नहीं बल्कि वीआईपी जिले मोहाली में भी आ चुकी है। वहीं, कई बार तो इस वजह से डॉक्टर अपना काम भी उचित तरीके से नहीं कर पाते हैं। उन्हें अपनी सुरक्षा का डर सताने लगता है। सिक्योरिटी ऑडिट में मिली थी खामियां पिछले साल सितंबर में जब मोहाली के डेराबस्सी और जालंधर में डॉक्टरों से मारपीट हुई थी, उस समय डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया था। साथ ही डॉक्टरों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद यह फैसला लिया गया था कि सारे जिलों में गठित हेल्थ सिक्योरिटी बोर्ड की तरफ से मेडिकल संस्थानों का सिक्योरिटी ऑडिट किया जाएगा। वित्त विभाग से मंजूरी के बाद गार्ड तैनाती का फैसला साथ ही सारे अस्पतालों में उन स्थानों की पहचान करने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद सारे अस्पतालों में डार्क पॉइंट कवर किए गए थे। अधिकतर अस्पतालों की इमरजेंसी में कैमरे लगाए गए थे, लेकिन अभी तक गार्ड नहीं लग पाए थे क्योंकि इसमें फंड की कमी आ रही थी। इसके बाद वित्त विभाग से इस बारे में मंजूरी ली गई, जिसके बाद इनकी तैनाती का फैसला लिया गया है। 31 मार्च तक रहेगी तैनाती इन सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति 31 मार्च 2026 तक आउटसोर्स के माध्यम से की जाएगी। इनकी नियुक्ति में पंजाब सरकार की रिजर्वेशन पॉलिसी लागू रहेगी। इन मुलाजिमों को भुगतान पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉर्पोरेशन के अधीन चल रही स्कीम के तहत किया जाएगा। पीसीएमएस एसोसिएशन पंजाब के डॉ. अखिल सरीन ने कहा कि सरकार का यह अच्छा कदम है। इससे डॉक्टरों को अस्पताल में एक अच्छा माहौल मिलेगा। संस्थान- सिक्योरिटी गार्ड की संख्या     डीएच अमृतसर- 11     डीएच बरनाला- 7     डीएच बठिंडा- 11     डीएच फरीदकोट- 7     डीएच फतेहगढ़ साहिब- 7     डीएच फाजिल्का- 9     डीएच फिरोजपुर- 9     डीएच गुरदासपुर- 9     डीएच होशियारपुर- 9     डीएच जालंधर- 11     डीएच कपूरथला- 9     डीएच लुधियाना- 12     डीएच मालेरकोटला- 7     डीएच मानसा- 7     डीएच मोगा- 9     डीएच मुक्तसर साहिब- 9     डीएच पठानकोट- 7     डीएच एमकेएच पटियाला- 11     डीएच रूपनगर- 7     डीएच संगरूर- 9     डीएच मोहाली- 9     डीएच एसबीएस नगर- 7     डीएच तरनतारन- 7

तरणतारन सीट पर शिअद का कब्जा, आप के लिए बरकरार रखने की मुश्किलें बढ़ीं

चंडीगढ़  पंजाब का तरनतारन विधानसभा क्षेत्र कभी शिरोमणि अकाली दल का गढ़ रहा है मगर पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी ने यहां से शानदार जीत दर्ज की थी। हालांकि इस सीट से कांग्रेस भी एक बार जीत का स्वाद चख चुकी है। आप विधायक डॉ. कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद अब यहां उपचुनाव करवाया जा रहा है। चुनावी बिगुल बज चुका है और 11 नवंबर को यहां उप चुनाव होंगे। जनादेश 14 नवंबर को आएगा। चुनावी घोषणा के बाद हलके में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राजनीतिक दलों शिअद, आप, भाजपा व कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशी पहले ही घोषित कर रखे हैं और सभी क्षेत्र में प्रचार भी कर रहे हैं। शिअद से अलग हुई पंथक पार्टी भी यहां अपना प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है। इसके लिए पार्टी ने एक कमेटी का गठन किया है, जो प्रत्याशी पर फैसला लेगी। बगावत के बाद यह पंथक दल इस सीट पर शिरोमणि अकाली दल के वोटबैंक में सेंधमारी कर मुश्किलें पैदा कर सकता है। उधर शिअद ने इस क्षेत्र में राजनीति और समाज सेवा से जुड़े आजाद ग्रुप को अपने साथ मिला लिया है। इस ग्रुप ने इलाके में अपने करीब 40 सरपंच और 7 पार्षद जितवाएं हैं। इसी ग्रुप से जुड़ीं प्राचार्य सुखविंदर कौर रंधावा को शिअद ने इस बार अपना प्रत्याशी बनाया है। सुखविंदर कौर के पति धर्मी फौजी रहे हैं। उनका भी क्षेत्र में अच्छा प्रभाव था। इसका भी फायदा सुखविंदर को मिल सकता है। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने इस बार दलबदलू हरमीत सिंह संधू पर दांव खेला है। संधू 2002, 2007 व 2012 में विधायक रह चुके हैं। उन्होंने दो बार शिअद से चुनाव जीता और एक बार निर्दलीय (2002) चुनाव जीता था। साल 2017 व 2022 में वे हार गए थे। क्षेत्र में अच्छा रसूख रखने वाले इसी संधू को आप ने अब अपने साथ मिला लिया है और उन्हीं पर दांव खेल दिया है। पंथक दल के बाद संधू भी शिअद के लिए दूसरी बड़ी चुनौती बन सकते हैं। कांग्रेस ने किसान नेता करणबीर सिंह बुर्ज को मैदान में उतारा है। साल 2017 में कांग्रेस के डॉ. धर्मबीर अग्निहोत्री ने इस सीट से जीत दर्ज की थी। अब पार्टी को बुर्ज से उम्मीदें हैं। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के करीबी माने जाते हैं और कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। भाजपा ने तरनतारन के जिलाध्यक्ष हरजीत सिंह संधू को चुनावी समर में उतारा है। हरजीत पहले अकाली दल से जुड़े रहे हैं मगर साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर ली थी। क्षेत्र प्रभाव ठीक बताया जा रहा है और वे अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन इकबाल सिंह लालपुरा के नजदीकी माने जाते हैं। सीट पर कब्जा काबिज रखना चाह रही आप तरनतारन सीट पर पहली बार साल 2022 में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी कश्मीर सिंह सोहल ने जीत दर्ज की थी। साल 2017 में आप ने करतार सिंह पहलवान पर दांव खेला था मगर वह कांग्रेस के धर्मबीर अग्निहोत्री से कड़े मुकाबले में हार गए थे। आप इस सीट पर अपना कब्जा काबिज रखना चाहती है। तीन दिन पहले मुख्यमंत्री तरनतारन में एक कार्यक्रम के दौरान हरमीत सिंह संधू को आप का प्रत्याशी घोषित करके आए थे। सीएम ने तरनतारन की जनता से आह्वान किया था कि वे इस बार भी आप के प्रत्याशी को जितवा दें, उसके बाद वे देखेंगे कि तरनतारन में विकास की गति कैसे तेज होती है। उधर, उपचुनाव का रिकॉर्ड देखें तो आप के पक्ष में ही रहा। सूबे में हुए उपचुनाव में जालंधर वेस्ट विधानसभा चुनाव में आप के मोहिंदर भगत, डेरा बाबा नानक से गुरदीप सिंह रंधावा, चब्बेवाल से डाॅ. इशांक चब्बेवाल, गिद्दड़बाहा से डिंपी ढिल्लों, बरनाला से हरिंदर सिंह धारीवाल और लुधियाना वेस्ट से संजीव अरोड़ा ने जीत दर्ज की थी। अब आप की निगाहें तरनतारन की सीट पर है।

मंत्री बैंस ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र, कहा—शिक्षक हैं ज्ञान और मूल्यों के स्तंभ

चंडीगढ़ पंजाब में अब कोई भी शिक्षक पढ़ाने के सिवाय गैर शैक्षिक कार्य नहीं करेगा। शिक्षामंत्री हरजोत बैंस ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत प्रभाव से इस संदर्भ में सभी विभागों को सख्त हिदायत जारी करें। शिक्षामंत्री ने साफ कहा कि शिक्षकों के लिए कक्षाएं सबसे ज्यादा जरूरी कार्य हैं न कि अन्य कार्य। कई जिलों में शिक्षकों को कक्षाओं से हटाकर रुटीन प्रशासनिक कामों में लगाने की रिपोर्टों पर शिक्षामंत्री ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने इस रिवायत को शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के साथ घोर अन्याय करार दिया। उन्होंने शिक्षण ड्यूटी को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि शिक्षक अपनी मुख्य जिम्मेदारी पर ही ध्यान केंद्रित करें। मुख्य सचिव को लिखे पत्र में मंत्री बैंस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षक केवल साधारण सरकारी कर्मचारी नहीं हैं – वे ज्ञान और मूल्यों के ध्वजवाहक हैं, जिन्हें पंजाब के भविष्य को दिशा देने की पवित्र जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें कक्षाओं की जगह विभिन्न प्रशासनिक कामों में लगाना न केवल उनके साथ बल्कि हमारे बच्चों के साथ भी अन्याय है। ऐसा करने से बच्चों की शिक्षा का अधिकार प्रभावित होता है। बताते चलें कि इस संदर्भ में सूबे के शिक्षक भी मांग कर रहे थे, जिस पर अब शिक्षा मंत्री संज्ञान ले लिया है। मंत्री ने आरटीई एक्ट का दिया हवाला मंत्री ने बच्चों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम-2009 की धारा 27 का हवाला देते हुए कहा कि यह धारा गैर-शैक्षिक उद्देश्यों के लिए शिक्षकों की तैनाती पर रोक लगाती है। यह मनाही केवल कुछ विशेष मौकों जैसे दस वर्षीय जनगणना, आपदा राहत कार्य और स्थानीय संस्थाओं, राज्य विधानसभाओं या संसदीय चुनावों में ड्यूटी पर लागू नहीं होती। शिक्षा मंत्री बैंस ने बताया कि यह व्यवस्था बहुत सोच-समझकर लागू की गई थी ताकि शिक्षकों का समय और ऊर्जा क्लासरूम शिक्षण पर केंद्रित रह सके, जो हमारे समाज की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि कई बार जरूरी सरकारी काम हो सकते हैं, लेकिन ऐसे कार्यों के लिए शिक्षक को पहला विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। कक्षाओं में उनकी मौजूदगी के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होना चाहिए। लिखित अनुमति लेना अनिवार्य पत्र में मुख्य सचिव को निर्देश देते हुए मंत्री बैंस ने कहा कि सभी प्रशासनिक विभागों और जिला अधिकारियों को स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं कि आरटीई अधिनियम, 2009 की धारा 27 में बताई गई ड्यूटी के अलावा शिक्षकों की कोई भी गैर-शैक्षिक ड्यूटी न लगाई जाए। ऐसी कोई भी स्थिति, जहां शिक्षकों की तैनाती आवश्यक हो, ऐसी किसी भी तैनाती से पहले स्कूल शिक्षा विभाग से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य किया जाए।

फास्ट फूड कॉर्नर और ढाबों में सप्लाई होने वाला 189 किलो पनीर लुधियाना में जब्त

लुधियाना  इन दिनों त्योहारी सीजन चल रहा है। ऐसे में मिलावट खोर भी सक्रिय हो गए हैं। त्योहार में मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है, लेकिन बाजारों में मिलावटी मिठाई सेहत को खराब भी कर सकती है। त्योहारी सीजन में मिलावट खोर मोटा मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत बिगाड़ने से नहीं बाज नहीं आते। दूध एवं उससे बनने वाले मावा, पनीर आदि में मिलावट की सबसे ज्यादा संभावना रहती है। हालांकि मिलावटखोरी रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट हो गई हैं।  पंजाब के लुधियाना में नकली पनीर की बड़ी खेप पकड़ी गई है। सेहत विभाग के फूड सेफ्टी विंग ने त्योहारी दिनों में मिलावटी खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई की है। सीआईए जगरांव की टीम के साथ मिलकर सेहत विभाग की टीम ने गांव रामगढ़ भुल्लर के पास सिधवां बेट रोड पर नाकेबंदी की। वाहनों की जांच के दौरान एक टेंपो से 189 किलो पनीर बरामद किया। यह पनीर हरियाणा के नरवाणा से 210 रुपये प्रति किलो की दर पर खरीदा गया था और जगरांव से नकोदर तक फास्ट फूड कॉर्नर और ढाबों में सप्लाई किया जाना था। फूड सेफ्टी विंग ने पनीर के सैंपल भरकर गुणवत्ता जांच के लिए स्टेट फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी में भेज दिए और शेष पनीर को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर ने बताया कि यह कार्रवाई भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई जिसके तहत डेयरी उत्पादों के निर्माण, भंडारण और परिवहन के दौरान स्वच्छता, तापमान नियंत्रण व गुणवत्ता मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि पनीर की सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की पहचान और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।  

विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पंजाब में राजनीतिक हलचल, गुप्ता सहित कई बड़े चेहरे मैदान में

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी (आप) ने उद्योगपति राजिंदर गुप्ता को राज्यसभा की टिकट देकर एक बार फिर से उद्योगपतियों को साधने का प्रयास किया है। वर्ष 2027 विधानसभा चुनाव में उद्योग वर्ग अहम भूमिका निभाने वाला है। प्रदेश में इससे जुड़ा अच्छा खासा वोट बैंक भी है। यही कारण है कि विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए आप कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इससे पहले दो उद्योगपतियों और एक बिजनेसमैन की राज्यसभा में पार्टी एंट्री करवा चुकी है।  संजीव अरोड़ा के इस्तीफे के बाद फिर से उद्योग वर्ग से उद्योगपति विक्रमजीत सिंह साहनी के रूप में सिर्फ एक सांसद रह गया था। इसके अलावा एक बिजनेसमैन अशोक कुमार मित्तल भी आप से राज्यसभा में सांसद है। उद्योगपतियों के अहम रोल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आप सरकार ने पंजाब व हरियाणा के बॉर्डर पर लगे किसानों का मोर्चा भी हटा दिया था, जिस कारण उद्योगपतियों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा था। उद्योगपतियों के साथ बैठक के बाद ही यह कार्रवाई सामने आई थी। राजिंद्र गुप्ता ने छोटी उम्र से ही हाथ से मेहनत की और फिर ट्राइडेंट समूह खड़ा किया, जिसके वह चेयरमैन बने। उन्होंने टेक्सटाइल, पेपर व केमिकल उद्योग का संचालन किया। गुप्ता अकाली दल और कांग्रेस की सरकारों में अहम पदों पर रहे हैं। वह दोनों सरकारों के दौरान योजना बोर्ड के वाइस चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन रहे हैं। उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था। पंजाब में राज्यसभा की 7 सीटें हैं। इनमें से एक पद रिक्त हैं। साहनी और मित्तल के अलावा पर्यावरणविद बलबीर सिंह सीचेवाल, आप नेता राघव चड्डा, आप नेता संदीप कुमार पाठक, क्रिकेटर हरभजन सिंह भी इसमें हैं।

पंजाब को नशे से मुक्त करने का वादा दोहराई आम आदमी पार्टी ने, नए पदाधिकारी बनाए

जालंधर  पंजाब को नशे के अभिशाप से मुक्त करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, आम आदमी पार्टी ने 'नशे के विरुद्ध युद्ध' अभियान के अंतर्गत 'नशा मुक्ति मोर्चा' के नए पदाधिकारियों की घोषणा की है। ये नवनियुक्त पदाधिकारी राज्य भर में नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने, पीड़ितों को नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचाने और सरकार द्वारा नशा विरोधी कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। 'आप' पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनकी नई ज़िम्मेदारी के लिए बधाई दी। अमन अरोड़ा ने कहा कि ये नियुक्तियां नशे के विरुद्ध अभियान को एक नई दिशा देंगी और आप पंजाब में एक स्वस्थ और समृद्ध समाज बनाने के अपने एजेंडे को और मजबूत करेगी। 

चंडीगढ़ की तर्ज पर पंजाब के महानगर में नई पहल, खास सुविधाएं मिलने वालीं

जालंधर  रोटरी क्लब जालंधर सिटी के प्रधान धन्या नैय्यर की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें मेयर वनीत धीर मुख्यातिथि थे। उन्होंने शहर में चल रहे विकास कार्यों की चर्चा करते हुए बताया कि 2016 में स्वच्छ भारत अभियान की रैंकिंग में जालंधर 117वें स्थान पर था, लेकिन अब शहर के विकास कार्यों की बदौलत जालंधर रैकिंग में 82वें स्थान पर पहुंच गया है। फारैस्ट विभाग की सहायता से पटेल चौक से सूरानुस्सी तक साढ़े 5 करोड़ रूपए की लागत से विभिन्न पौधे लगाए जा रहे है। उन्होंने बताया कि जल्द ही माडल टाउन से मिठ्ठापुर रोड, अर्बन अस्टेट, 120 फुटी रोड, पुडा कम्पलैक्स के नजदीक, श्री देवी तालाब मंदिर से पठानकोट चौंक 6 स्थानों पर साइकलिंग व वाकिंग ट्रैक का निर्माण करवाया जाएगा। इसके साथ ही पी.ए.पी. चौक से शहर में प्रवेश मार्ग को जल्द ही सुंदर बनाने का कार्य भी जल्द ही शुरू किया जाएगा। शहर की टूटी सड़कों की मुरम्मत जल्द ही करवाई जा रही है। कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए 1 करोड़ रूपए की लागत से रामामंडी में आप्रेशन थिएयर का निर्माण करवाया जाएगा। वहीं ब्रजेश सिंघल ने बताया कि रोटरी क्लब की ओर से नकोदर रोड के नजदीक जल्द ही रोटरी कम्युनिटी वैल्फेयर व वोकेश्नल सैंटर का निर्माण करवाया जाएगा, जिसमें युवाओं की करियर काउंसलिंग की सिखलाई दी जाएगी। प्रोजैक्ट डायरैक्टर सुभाष सूद ने विभिन्न प्रोजैक्टों की जानकारी दी तथा बी.के. मैनी ने सबका धन्यवाद व्यक्त किया। इस अवसर पर एस.वी.हंस, महेश गुप्ता, इंदर इकबाल अरोड़ा, ईरा पाल, गीतिका चड्डा, रविंदर सूद, छाया बख्शी, डा. अमनप्रीत ओबराय, जैसमिन पन्नू, पुनीत चड्डा, डा. पवन गुप्ता, दीपक पाल, शिव बासंल, चेतन बख्शी, शीतल शर्मा, कमल गुप्ता, डा. विक्रम ओबराय, प्रभपाल पुन्नू व अन्य गण्य भी उपस्थित थे।

पंजाब की गरीबी दर में सुधार, शहरों में 17.6% से घटकर 2.6%, हरियाणा की स्थिति क्या है?

चंडीगढ़  पंजाब में पिछले एक दशक के दौरान गरीबों की संख्या घटी है। अब शहरों में सिर्फ 2.6 फीसदी लोग ही गरीब हैं। इसी तरह गांवों में भी सुधार हुआ है।ग्रामीण इलाके में वर्ष 2011-12 में 7.4 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे थे लेकिन वर्ष 2022-23 में सिर्फ 0.6 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे रह गए हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की रिपोर्ट में यह सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2011-12 के दौरान शहरों में 17.6 फीसदी लोग गरीबी के रेखा के नीचे थे लेकिन वर्ष 2022-23 में गरीबी में रिकॉर्ड स्तर की गिरावट दर्ज की गई है। सिर्फ 2.6 फीसदी ही लोग ही गरीबी रेखा के नीचे रह गए हैं। पंजाब में अब असमानता दूर हो रही है और साथ ही लोगों की प्रति व्यक्ति मासिक खपत भी बढ़ रही है जिसका सीधा असर सुधार के रूप में मिल रहा है। केंद्र और राज्य सरकारें समावेशी विकास और गरीबों के लिए आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने वाले नीतियां बनाकर भी गरीबी उन्मूलन के लिए काम कर रही हैं जिसके अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। अब गरीबी के पैमाने में भी आया बदलाव रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में गरीबी के पैमाने में भी बदलाव आया है। वर्ष 2011-12 में ग्रामीण गरीबी रेखा 1127 और शहरी गरीबी रेखा 1479 रुपये प्रति व्यक्ति हर माह थी। वर्ष 2022-23 में यह बढ़कर ग्रामीण इलाकों में 2048 और शहरी क्षेत्रों में 2622 रुपये हो गई है। अगर ग्रामीण क्षेत्रों में कोई व्यक्ति 2048 रुपये से कम प्रति माह खर्च करता है, तभी उसे गरीब माना जाएगा। इससे साफ है कि गरीबी का पैमाना बदलने के बावजूद गरीबों की संख्या में कमी हो रही है। मुफ्त राशन, रोजगार गारंटी व अन्य सरकारी योजनाओं ने गरीब लोगों की स्थिति में सुधार में अहम भूमिका निभाई है। पड़ोसी राज्य में भी पहले से सुधार पड़ोसी राज्यों में भी पहले से सुधार हो रहा है। हरियाणा में वर्ष 2011-12 के दौरान गांवों में 11 फीसदी, जबकि वर्ष 2022-23 में सिर्फ 4.1 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे रह गए हैं। इसी तरह शहरों में वर्ष 2011-12 के दौरान 15.3 फीसदी जबकि अब सिर्फ 4.3 प्रतिशत लोग ही गरीबी रेखा नीचे रह गए हैं। डीएवी कॉलेज अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर बिमल अंजुम ने बताया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी दर लगभग समाप्त हो गई है। शहरी क्षेत्रों में भी गरीबी दर बहुत कम है। इसका श्रेय कृषि उत्पादन, उद्योग और सरकारी योजनाओं को जाता है। गरीबी कम होने के बावजूद प्रदेश के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। इसमें बेरोजगारी, नशा, किसानों की आय बढ़ाना और आर्थिक असमानता शामिल हैं। मुफ्त राशन योजना से भी बाहर, घर में गाड़ी व एसी है तो नहीं मिलेगा राशन इसी का नतीजा है कि प्रदेश में अधिकतर लोग मुफ्त राशन योजना से भी बाहर हो रहे हैं। हाल ही में सरकार ने इसे लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसके तहत प्रदेश में जिस किसी भी घर में गाड़ी, एयर कंडीशनर (एसी) या फिर परिवार के किसी भी सदस्य के पास 2.5 एकड़ भूमि है तो उन्हें मुफ्त राशन का लाभ नहीं मिलेगा। पंजाब में फिलहाल 1.52 करोड़ लाभार्थी हैं जिन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मुफ्त गेहूं मिलता है। इनमें से अब 10.28 लाख लाभार्थियों को मुफ्त राशन से हाथ धोना पड़ सकता है।  

भगवंत सिंह मान ने आनंदपुर साहिब में किया दौरा, जनता के लिए घोषणा किए बड़े लाभ

आनंदपुर साहिब  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज श्री आनंदपुर साहिब का दौरा किया, जहां मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के लोगों को एक बड़ा तोहफा देते हुए 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली हेरिटेज स्ट्रीट का शिलान्यास किया। इससे गुरु नगरी की अलौकिक सुंदरता और निखरेगी। आपको बता दें कि हेरिटेज स्ट्रीट का शिलान्यास करने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेका और सभी के कल्याण के लिए प्रार्थना की।  अपने संबोधन के दौरान सी.एम. भगवंत मान ने कहा कि यह हेरिटेज रोड 55 साल बाद बन रही है। आनंदपुर साहिब को व्हाइट नगरी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इसमें सफेद संगमरमर का इस्तेमाल किया जाएगा और 6 द्वार बनाए जाएंगे, जो पुरानी विरासत से जुड़े होंगे। यह एक ऐतिहासिक बात होगी। उन्होंने कहा कि  इस सेवा को पाकर खुद को बहुत भाग्यशाली मानते हैं। यहां होला-मोहल्ला समेत कई ऐतिहासिक मेले लगते हैं। बाढ़ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि बेशक, पंजाब को बाढ़ से बहुत नुकसान हुआ है, लेकिन पंजाब संकटों से उबरकर संकटों को छोटा कर देता है। पंजाबियों का जज्बा, पंजाबियों के इरादे संकटों को छोटा कर देते हैं।