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लॉरेंस गैंग की ‘जहर’ मैडम ड्रग्स-हथियारों का सिंडिकेट चलाते गिरफ्तार

जयपुर. अंडरवर्ल्ड और गैंगस्टरों की काली दुनिया में अब सिर्फ पुरुषों का वर्चस्व नहीं रहा। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक ऐसी 'लेडी डॉन' को दबोचा है, जिसका नाम सुनते ही पुलिस के भी कान खड़े हो गए हैं। बता दें कि कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग की सक्रिय सदस्य खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा, जिसे अपराध की दुनिया में 'मैडम जहर' के नाम से जाना जाता है, अब पुलिस की गिरफ्त में है। नेहा की गिरफ्तारी महज एक अपराधी की पकड़ नहीं है, बल्कि यह लॉरेंस गैंग के उस खतरनाक 'महिला विंग' का पर्दाफाश है, जो दिल्ली-NCR में ड्रग्स और हथियारों का सिंडिकेट चला रहा था। ब्यूटी पार्लर की आड़ में 'डर्टी गेम' जांच में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, वह है नेहा का काम करने का तरीका। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में नेहा एक ब्यूटी पार्लर चलाती थी। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य पार्लर लगता था, लेकिन पुलिस का दावा है कि इसकी आड़ में वह लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग के लिए ड्रग्स सिंडिकेट और हथियारों की सप्लाई का जिम्मा संभाल रही थी। वह गैंग के गुर्गों के बीच 'कम्युनिकेशन लिंक' का काम करती थी और फरारी के दौरान अपराधियों को सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराती थी। कौन है बॉबी कबूतर? 7 साल की फरारी और 'मैडम जहर' का साथ 'मैडम जहर' का सबसे गहरा कनेक्शन गैंगस्टर महफूज उर्फ बॉबी कबूतर से है। बॉबी कबूतर लॉरेंस गैंग का मुख्य गन सप्लायर और गनमैन है। पुलिस के मुताबिक, नेहा और बॉबी पिछले 7 सालों से लिव-इन रिलेशनशिप में थे। बॉबी बीते 7 साल से दिल्ली पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था और इस लंबी फरारी में नेहा उसकी सबसे बड़ी ढाल बनी हुई थी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (काउंटर इंटेलिजेंस) ने टेक्निकल सर्विलांस और खुफिया इनपुट के आधार पर महिपालपुर फ्लाईओवर के पास घेराबंदी की। यहां से बॉबी कबूतर, नेहा और उनके दो गुर्गों (मोहम्मद राजी खान और शाहबाज) को भारी मात्रा में ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया। सिद्धू मूसेवाला और दिशा पाटनी केस में खूंखार भूमिका बॉबी कबूतर और नेहा की गिरफ्तारी से कई बड़े मर्डर केस की गुत्थियां सुलझती दिख रही हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले बॉबी कबूतर ने ही पंजाब जाकर रेकी की थी। उसने मूसेवाला के मूवमेंट और रूट की सटीक जानकारी हमलावरों तक पहुंचाई थी। एक्ट्रेस दिशा पाटनी केस यूपी के बरेली में फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग मामले में भी बॉबी कबूतर वांटेड था। पुलिस का दावा है कि दिशा के घर हमला करने वाले शूटर्स को विदेशी हथियार बॉबी ने ही मुहैया कराए थे। नादिर शाह मर्डर और सीलमपुर डबल मर्डर दिल्ली के चर्चित नादिर शाह हत्याकांड और सीलमपुर में हुए दोहरे हत्याकांड में इस्तेमाल हुए हथियारों की सप्लाई की कड़ी भी बॉबी कबूतर और नेहा से जुड़ी है। ISI एजेंट 'सलीम पिस्टल' से सीधा कनेक्शन बॉबी कबूतर का नेटवर्क सिर्फ भारत तक सीमित नहीं था। वह एशिया के कुख्यात हथियार तस्कर सलीम पिस्टल के संपर्क में था, जो नेपाल-भारत बॉर्डर से पकड़ा जा चुका है। सलीम पिस्टल के तार सीधे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े हुए थे। सलीम से मिले अवैध हथियारों की खेप बॉबी और नेहा के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग तक पहुंचती थी। लॉरेंस गैंग में 'लेडी डॉन्स' की बढ़ती फौज पुलिस अब इस बात से चिंतित है कि लॉरेंस गैंग में महिलाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। 'मैडम जहर' से पहले भी कई नाम सामने आ चुके हैं। जोया खान- हाशिम बाबा की बेगम, जो फिलहाल जेल में है। लेडी डॉन दीपा- चंडीगढ़ की मशहूर लेडी डॉन जो गैंग के ऑपरेशन्स देखती थी। अनुराधा चौधरी (मैडम मिंज)- जो पहले से ही चर्चित रही है। ये महिलाएं पुलिस की नजरों से बचने के लिए ब्यूटी पार्लर, बुटीक या छोटे बिजनेस का सहारा लेती हैं और पर्दे के पीछे से गैंग की 'मैनेजर' के तौर पर काम करती हैं। अब क्या करेंगी पुलिस? स्पेशल सेल अब नेहा उर्फ 'मैडम जहर' से यह उगलवाने की कोशिश कर रही है कि गैंग में और कितनी महिलाएं शामिल हैं और उनका अगला टारगेट कौन था। पुलिस का मानना है कि बॉबी कबूतर और नेहा के पकड़े जाने से लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा के ड्रग्स और आर्म्स सिंडिकेट को बड़ा झटका लगा है। क्या लॉरेंस गैंग अब अपनी रणनीति बदल रहा है? क्या 'मैडम जहर' जैसे किरदारों के जरिए गैंग दिल्ली-NCR में फिर से किसी बड़ी वारदात की फिराक में था? पुलिस की पूछताछ में जल्द ही बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

लॉरेंस गैंग का खौफ: जोधपुर के दो व्यापारी निशाने पर

जोधपुर जोधपुर शहर में दो कारोबारियों को कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर जान से मारने की धमकी देने और दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। इस संबंध में चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है, जिसके बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। डिब्बा कॉल के जरिए दी गई धमकी पुलिस के अनुसार हाउसिंग बोर्ड के दो लोगों को एक डिब्बा कॉल के जरिए धमकी दी गई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को लॉरेंस गैंग से जुड़ा बताते हुए लॉरेंस का भाई 'आरजू' होने का दावा किया। आरोपी ने दोनों कारोबारियों से 48 घंटे के भीतर एक-एक करोड़ रुपये, कुल दो करोड़ रुपये की रंगदारी देने की मांग की और पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। भारत से ही आया था धमकी जानकारी के मुताबिक धमकी देने वाला और कॉल रिसीव करने वाला व्यक्ति दोनों ही भारत से बाहर थे। आरोपी ने पहले एक व्यक्ति को कॉल किया और फिर उसी के माध्यम से व्हाट्सएप कॉल से बात करवाई गई। बिचौलिए ने अपने मोबाइल का स्पीकर ऑन कर धमकी देने वाले की आवाज दोनों को सुनाई। इस तरह की तकनीक को डिब्बा कॉल कहा जाता है, जिसमें कॉल को तीसरे व्यक्ति के माध्यम से जोड़कर बातचीत करवाई जाती है, जिससे कॉल का स्रोत ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है। क्रिकेट सट्टे के व्यवसाय से जुड़े हैं कारोबारी सूत्रों के अनुसार दोनों कारोबारी क्रिकेट सट्टे के व्यवसाय से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनमें से एक हाल ही में दुबई से भारत लौटा है। धमकी मिलने के बाद उनके परिवार में डर और दहशत का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पहले भी कई बार लॉरेंस गैंग के नाम पर फर्जी लोगों द्वारा धमकी देने के मामले सामने आ चुके हैं। फिलहाल कॉल डिटेल, तकनीकी साक्ष्य और बिचौलिए की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धमकी वास्तविक गैंग से जुड़ी है या किसी ने फर्जी तरीके से डराने की कोशिश की है।

लॉरेंस गैंग की वापसी से हड़कंप: किसान के फार्महाउस में तोड़फोड़-आगजनी, मुख्य आरोपी शशांक पांडेय पकड़ा गया

पश्चिम चंपारण पश्चिम चंपारण जिले के मैनाटांड़ थाना क्षेत्र के चिउटाहा गांव में शनिवार को ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। पुरैनिया गांव के किसान जीशान जुल्फेकार का फार्महाउस उस समय तबाह हो उठा, जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कुख्यात शूटर शशांक पांडेय अपने दर्जनों गुर्गों के साथ वहां धावा बोल दिया। घटना के दौरान फार्महाउस की बाउंड्री दीवार को तोड़ा गया और हथियारों से लैस भीड़ भीतर घुस पड़ी। अंदर प्रवेश के बाद तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी का ऐसा कोहराम मचा कि कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर मलबे और राख में तब्दील होने लगा। किसान जीशान के मुताबिक, करीब 200 लोग फार्महाउस में घुसे थे। कई के हाथों में धारदार हथियार थे, जबकि कई लोग पिस्टल लिए हुए थे। हमलावरों ने फार्महाउस के कमरों, स्टोर और शेड में रखे धान व गेहूं को लूट लिया, मवेशियों को भगा दिया और कई स्थानों पर आग लगा दी। इसी अफरातफरी के बीच कुख्यात शशांक पांडेय खुद जीशान के सामने पहुंचा और कनपटी पर पिस्टल सटाकर धमकी देते हुए बोला, "फार्महाउस मेरे नाम कर दो, नहीं तो यहीं खत्म कर दूंगा!" जब पड़ोसी महिला सहबुन खातून ने इस वारदात को रोकने की कोशिश की, तो शशांक ने उन्हीं पर पिस्टल तान दी। उसके बाद उसके साथी अविनाश मिश्रा ने लोहे की रॉड से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमलावर सहबुन खातून के घर में भी घुसे और वहां से जेवर व कीमती सामान लूटकर फरार हो गए। गांव का पूरा माहौल वारदात के दौरान खामोशी से जकड़ा रहा। दहशत ऐसी कि कोई भी आवाज़ उठाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छापेमारी अभियान चलाकर शनिवार को शशांक पांडेय, उसके तीन साथियों अविनाश मिश्रा, हरिराज मांझी, और रघु मांझी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि गांव में दहशत का माहौल अभी भी कायम है और पुलिस लगातार कैंप कर रही है। कौन है शशांक पांडेय? शशांक कोई सामान्य अपराधी नहीं बल्कि लंबे समय से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के लिए काम करता रहा है। हथियारों के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर दहशत फैलाना उसकी पहचान मानी जाती है। इन्हीं वीडियो के जरिए वह गैंग के संपर्क में आया। बताया जाता है कि वह लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई और गैंगस्टर विक्रम बरार का करीबी है। नेपाल में बेस बनाना, नए युवकों की भर्ती करना और उन्हें धमकी व रंगदारी की ट्रेनिंग देना उसकी मुख्य भूमिका रही है। 2023 में मोतिहारी पुलिस उसे मेड-इन-इटली 9MM पिस्टल के साथ पकड़ चुकी है। उसका नाम सलमान खान फायरिंग केस में भी सामने आया था। अप्रैल 2024 में गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग में शामिल दोनों शूटर बेतिया के रहने वाले थे और उन्हें नेपाल में शशांक ने ही ट्रेनिंग दी थी। इसके अलावा वह अंबाला में AAP नेता से 50 लाख की रंगदारी मांगकर फायरिंग कर चुका है और जयपुर की एक ज्वेलरी दुकान से 1 करोड़ की लूट में भी शामिल था। सबसे चौंकाने वाली बात यह कि शशांक ने सिकटा विधानसभा क्षेत्र से एमएलए चुनाव लड़ने के लिए तेजप्रताप की पार्टी से नामांकन भी किया था, लेकिन बाद में उसका नामांकन रद्द कर दिया गया। एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह ने बताया कि मामले में 17 ज्ञात तथा 100–200 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने शशांक पांडेय सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई तेज कर दी है।

लॉरेंस गैंग का खौफनाक हमला: लुधियाना में कबड्डी प्लेयर को गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया

लुधियाना  पंजाब के लुधियाना में कबड्डी प्लेयर गुरविंदर सिंह की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ले ली है सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर बताया गया कि इस मर्डर के पीछे बिश्नोई गैंग का ही हाथ है। पोस्ट में चेतावनी भी दी कि जो दुश्मनों का साथ, उसका भी यही हाल करेंगे। बीते दिन लुधियाना जिले के समराला ब्लॉक में कबड्डी प्लेयर की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। मृतक खिलाड़ी की पहचान गुरविंदर सिंह (उम्र 23 साल) के तौर पर हुई है। पुलिस के अनुसार, चार नकाबपोश हमलावर बाइक पर सवार होकर आए और गुरविंदर सिंह और उसके साथियों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी। बाइक सवार बदमाशों ने बरसाई गोलियां जानकारी के अनुसार घटना के समय गुरविंदर और उनके धर्मवीर और लवप्रीत सिंह गांव के एक मेडिकल स्टोर के पास सामुदायिक कार्यक्रम की तैयारी में जुटे थे। इसी दौरान अचानक वहां हमलावर आए और ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। मौके से पुलिस के हाथ कई खाली कारतूस लगे हैं। लॉरेंस गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट में क्या लिखा.. मानकी समराला में जो मर्डर हुआ है, उसकी जिम्मेदारी हैरी बॉक्सर और आरजू बिश्नोई (लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप) लेते हैं। ये मर्डर हमारे भाइयों करन मदपुर और तेजी चक ने किया है। बब्बू समराला और उसके साथ वाले, जो हमारे दुश्मन का साथ दे रहे हैं, कान खोलकर सुन लो, तुम्हारे में जो भी मिल गया, उसका भी यही हाल करेंगे। ये चेतावनी सबके लिए है जाे-जो हमारे दुश्मनों का साथ दे रहे हैं या तो सुधर जाओ या तैयार हो जाओ, अगली गोली तुम्हारी छाती में मारेंगे। हमारी नजर सबके ऊपर है। हमे सबका पता है। कौन किसकी मदद कर रहा है। अच्छा यही रहेगा खुद पीछे हट जाओ नहीं तो हम हटाना अच्छी तरह से जानते हैं। पोस्ट के अंत में गैंगस्टरों के नाम लिखे हुए हैं। बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर बिश्नोई गैंग ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली है। फेसबुक पर अनमोल बिश्नोई नाम के अकाउंट से पोस्ट कर कहा गया, "जो कबड्डी खिलाड़ी का मर्डर हुआ है, उसकी जिम्‍मेदारी हरि बॉक्‍सर और आरजू बिश्‍नोई (लॉरेंस बिश्‍नोई ग्रुप) लेते हैं। हमारे भाइयों करण मादपुर और तेज चक ने ये हत्या की है।" पोस्ट में चेतावनी देते हुए कहा गया, "बाबू समराला और उसके साथ वाले जो-जो हमारे दुश्‍मनों का साथ दे रहे हैं, वो कान खोलकर सुन लो> तुम्‍हारे में से जो भी मिल गया, उसका भी यही हाल करेंगे। ये चेतावनी सबके लिए है, जो-जो हमारे दुश्‍मनों का साथ दे रहे हैं या तो सुधर जाओ या तैयार रहो, अगली गोली तुम्‍हारी…।" गौरतलब है कि लुधियाना में लगातार हो रही कबड्डी प्लेयर की हत्याओं से डर और दहशत का माहौल है। इससे पहले 31 अक्टूबर को भी कबड्डी प्लेयर तेजपाल की हत्या कर दी गई थी। सोमवार रात को नकाबपोश हमलावरों ने की थी हत्या 3 नवंबर, सोमवार देर रात गांव की पुली पर 3 दोस्त नगर कीर्तन को लेकर सड़क की सफाई कर रहे थे। अचानक चार नकाबपोश आए और उन्होंने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई। गुरविंदर को पेट में गोली लगी और जबकि उसके साथी धर्मपाल को भी गोली लगी। उन्हें समराला सिविल अस्पताल ले गए और उनकी गंभीर स्थित को देखते हुए पीजीआई रेफर कर दिया गया। इस दौरान गुरविंदर की रास्ते में ही मौत हो गई। धर्मपाल पीजीआई चंडीगढ़ में दाखिल है। पिता ने कहा- गुरविंदर की रंजिश नहीं थी, गिरफ्तारी तक संस्कार नहीं करेंगे कबड्‌डी प्लेयर गुरविंदर के पिता राजिंदर सिंह का कहना है कि उनके बेटे की किसी के साथ निजी दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने कहा क उसके साथ जो युवक थे, उनकी दुश्मनी थी। उनके चक्कर में गुरविंदर की जान चली गई। गुरविंदर की मौत के बाद उसका शव सिविल अस्पताल समराला में रखा गया है। पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमॉर्टम करना था लेकिन उसके परिजनों ने पुलिस को साफ कह दिया कि जब तक उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तब तक वो शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुलिस बोली- कबड्‌डी प्लेयर नहीं था, पुलिस का इनकार खन्ना के एसपी पवनजीत सिंह ने कहा कि गुरविंदर सिंह कबड्‌डी का खिलाड़ी नहीं था बल्कि वह कबूतर पालने का शौकीन था। इसके जवाब में पिता ने एतराज जताते हुए कहा कि उनका बेटा स्थानीय स्तर पर कबड्डी खेलता था और वह कबूतर पालने का शौक भी रखता था। उसने घर में कबूतर भी पाले हुए थे। पुलिस के यह कहने पर उन्हें सख्त एतराज है कि गुरविंदर कबड्‌डी का प्लेयर नहीं था। कांग्रेस बोली- खिलाड़ियों को मेडल के बजाय मिल रही गोलियां कांग्रेस के विधायक व हॉकी टीम के पूर्व कप्तान परगट सिंह ने कबड्‌डी खिलाड़ियों पर हो रही फायरिंग पर गंभीर सवाल खड़े किए। परगट सिंह ने कहा क पंजाब में हमारे कबड्डी खिलाड़ी मेडल जीतने के बजाय अब गोलियों का निशाना बन रहे हैं। पहले संदीप सिंह, फिर तेजपाल सिंह और अब गुरिंदर सिंह। सरकार कितने परिवार उजाड़ने के बाद जागेगी? कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। इन लगातार हो रहे हत्याओं की जिम्मेदारी कौन लेगा?।

सिंगर हंसराज रघुवंशी को मिली धमकी: लॉरेन्स के नाम पर रंगदारी की मांग, पुलिस में शिकायत दर्ज

मुंबई 'मेरा भोला है भंडारी' भजन से मशहूर हुए सिंगर हंसराज रघुवंशी को जान से मारने की धमकी दी गई है। लॉरेंस और गोल्डी बरार गैंग से जुड़े होने का दावा करते हुए हंसराज रघुवंशी से 15 लाख रुपये की मांग की है। सिंगर की तरफ से मोहाली में इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश के एक शख्स के खिलाफ FIR दर्ज करवाई गई है। आरोपी हंसराज रघुवंशी की शादी में शरीक हुआ था और पहले उसने उनके परिवार का भरोसा जीता। आरोपी ने गायक और उनके परिवार से 15 लाख रुपये की मांग की और पैसे न देने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दीं। कहां-कब हुई हंसराज से पहली मुलाकात पुलिस ने मध्य प्रदेश के उज्जैन निवासी राहुल कुमार नागड़े के खिलाफ इस मामले में BNS की धारा 296, 351(2), 308(5) और आईटी एक्ट 67 के तहत एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में बताया गया है कि आरोपी की रघुवंशी से पहली मुलाकात उज्जैन के महाकाल मंदिर में हुई थी, जहां उन्होंने एक प्रोग्राम किया था। उसने पहले रघुवंशी परिवार का भरोसा जीता और फिर वह सिंगर का छोटा भाई बनकर लोगों को ठगने लगा। वह लगातार हंसराज के कार्यक्रमों में जाने लगा और खुद को उनका बड़ा भक्त बताते हुए उनसे नजदीकियां बढ़ाता गया। लोगों में फैलाया यह भ्रम, उठाया फायदा धीरे-धीरे उसने रघुवंशी के परिवार और टीम के मोबाइल नंबर हासिल कर लिए। उसने ‘राहुल रघुवंशी’ नाम से इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया और लोगों में ऐसी इमेज बनाई कि वह गायक का सगा छोटा भाई है। उसने हंसराज से कहकर अपना अकाउंट फॉलो करवा लिया, ताकि लोगों को यकीन हो कि वह वाकई सगा भाई है। साल 2023 में हंसराज की शादी में भी वह शामिल हुआ और परिवार की और तस्वीरें और कॉन्टैक्ट डिटेल्स अपने पास रख लिए। आरोपी राहुल ने लोगों को ठगना और उनसे महंगे गिफ्ट लेना शुरू कर दिया। वो ऑर्गनाइजर्स का भी फायदा उठाने लगा। वह ओडिशा की एक महिला को भी अपने साथ ले आया और उसे यकीन दिलाया कि वो हंसराज रघुवंशी का सगा भाई है। अनफॉलो किया तो आने लगीं धमकियां हंसराज और उनकी पत्नी कोमल सकलानी को जब इन घटनाओं की जानकारी मिली, तो उन्होंने आरोपी को सोशल मीडिया पर अनफॉलो कर दिया। इसके बाद से ही आरोपी का व्यवहार और आक्रामक हो गया। राहुल ने फोन और व्हाट्सऐप कॉल करके हंसराज, उनकी पत्नी और परिवार को जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दीं। उसने दावा किया कि वह लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार गैंग से जुड़ा है और यदि पैसे नहीं दिए गए तो वह गायक और उनके परिवार को जान से मार देगा। शिकायत के मुताबिक आरोपी ने सोशल मीडिया पर गायक की छवि खराब करने वाली पोस्टें भी डालीं।