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आरा जंक्शन पर RPF ने मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ाए 100 बच्चे

आरा. दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत रेल संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आरपीएफ द्वारा लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार की रात आरपीएफ कमांडेंट के निर्देश पर आरा जंक्शन पर एक बड़ी और सराहनीय कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जहां 100 बच्चों को मानव तस्करी के चंगुल से सुरक्षित बचा लिया गया। इस कार्रवाई का नेतृत्व आरपीएफ निरीक्षक दीपक कुमार ने किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरा जंक्शन से दानापुर–सिकंदराबाद एक्सप्रेस ट्रेन के माध्यम से इन सभी बच्चों को अवैध रूप से दूसरे राज्यों में ले जाने की तैयारी की जा रही थी। ट्रेन के प्रस्थान से पूर्व प्लेटफॉर्म पर इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए आरपीएफ निरीक्षक को शक हुआ और उन्होंने बच्चों से और उनके साथ लोगों से पूछताछ शुरू की। इसमें बच्चों की संख्या असामान्य पाई गई और उनके साथ मौजूद लोगों से जब पूछताछ की गई, तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसे पूरा मामला खुल गया और पता चला कि बच्चों को ट्रेन से कहीं ले जाया जा रहा था। आरपीएफ निरीक्षक ने बताया कि बच्चों को सुरक्षित कर लिया गया है और दो लोगों से हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।

चतरा के बलबल मेले में मकर संक्रांति से दिखेगा आस्था और मनोरंजन का संगम

चतरा. प्रसिद्ध ऐतिहासिक बलबल पशु मेला को लेकर प्रशासनिक व स्थानीय स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर मेले का भव्य उद्घाटन किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बलबल मेले में श्रद्धालुओं और दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। मकर संक्रांति के दिन अहले सुबह से ही दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु बलबल धाम पहुंचकर पवित्र गर्म जल कुंड में स्नान कर पूजा-अर्चना करेंगे। बलबल मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह पशु व्यापार और ग्रामीण संस्कृति का भी प्रमुख मंच माना जाता है। मेले में झारखंड सहित बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे कई राज्यों से पशु व्यापारी पहुंच चुके हैं। यहां गाय, बैल, भैंस, बकरी समेत अन्य पशुओं की खरीद-बिक्री होती है। किसानों और पशुपालकों के लिए यह मेला काफी उपयोगी सिद्ध होता है। मनोरंजन का फुल इंतजाम  मेले में श्रद्धालुओं और आगंतुकों के मनोरंजन के लिए कई आकर्षक साधन लगाए गए हैं। बच्चों के लिए झूले, ब्रेक डांस, ड्रैगन ट्रेन सहित अन्य खेल-तमाशे लगाए गए हैं। वहीं युवाओं और परिवारों के लिए सर्कस, जादू शो, मौत का कुआं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक नृत्य व गीतों की प्रस्तुति से मेले की रौनक और बढ़ गई है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुविधा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई है, वहीं साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की तैयारी  स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सा शिविर भी लगाया गया है, ताकि किसी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता मिल सके।बलबल मेला वर्षों से सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का प्रतीक रहा है। मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित यह मेला ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी सहेजता है। प्रशासन और मेला समिति को उम्मीद है कि इस वर्ष का बलबल मेला ऐतिहासिक और यादगार साबित होगा।

झारखंड के निकाय चुनाव में अब तीन संतान और फरारी वाले मैदान में नहीं उतर पाएंगे

रांची. झारखंड में 2026 के नगर निकाय चुनाव की हलचल तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त नियम लागू कर दिए हैं, जिनके चलते कई संभावित उम्मीदवार सीधे चुनावी दौड़ से बाहर हो जाएंगे। आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने सभी जिलों को निर्देश जारी कर स्पष्ट किया है कि कुछ खास श्रेणियों के लोग मेयर, अध्यक्ष या वार्ड पार्षद के लिए नामांकन नहीं दाखिल कर पाएंगे। ये हैं वो मुख्य नियम जो उम्मीदवारों को रोकेंगे उम्र का खेल: वार्ड पार्षद बनने के लिए कम से कम 21 साल की उम्र जरूरी है, जबकि मेयर या अध्यक्ष पद के लिए न्यूनतम 30 साल। नामांकन के समय अगर उम्र कम हुई तो नामांकन फौरन रिजेक्ट! दो बच्चे वाली लिमिट टूटेगी तो बाहर अगर किसी की तीसरी या उससे ज्यादा संतान 9 फरवरी 2013 के बाद पैदा हुई है, तो वो चुनाव नहीं लड़ पाएगा। हालांकि, अगर तीसरा बच्चा पैदा होने के बाद नहीं रहा (मृत्यु हो गई) तो उम्मीदवार योग्य रहेगा। जुड़वां बच्चे और गोद लिए बच्चे भी गिनती में शामिल होंगे। 9 फरवरी 2013 से पहले दो से ज्यादा बच्चे थे और उसके बाद कोई और नहीं हुआ, तो कोई समस्या नहीं। यह नियम जनसंख्या नियंत्रण को बढ़ावा देने के लिए है। लगातार तीन बैठकें मिस कीं? अब बाहर पहले निकाय में चुने गए कोई भी सदस्य अगर बिना वजह लगातार तीन बैठकों में गैरहाजिर रहा हो, तो अगले चुनाव में टिकट नहीं मिलेगा। आयोग रिकॉर्ड चेक करेगा। फरार हैं छह महीने से ज्यादा? नामांकन नामंजूर किसी आपराधिक केस में अगर कोई छह महीने से अधिक समय से फरार घोषित है, तो वो चुनावी मैदान में नहीं उतर सकेगा। पुलिस और कोर्ट रिकॉर्ड से जांच होगी। खर्च का हिसाब नहीं दिया? पिछले चुनाव में अगर किसी ने चुनाव खर्च का पूरा ब्योरा समय पर नहीं जमा किया या गड़बड़ी पाई गई, तो आयोग उसे अयोग्य घोषित कर सकता है। अतिरिक्त सख्ती: नामांकन के वक्त अगर उम्मीदवार पर नगर निकाय या जिला प्रशासन का कोई होल्डिंग टैक्स, शुल्क या किराया बकाया है, तो नामांकन रद्द हो जाएगा। बकाया चुकाना अनिवार्य है, साथ में नो ड्यूज सर्टिफिकेट भी लगेगा। गलत शपथ-पत्र देने पर सख्त कार्रवाई होगी। झारखंड के 48-49 शहरी निकायों (नगर निगम, परिषद, पंचायत) में फरवरी-मार्च 2026 में चुनाव संभावित हैं। आरक्षण सूची भी जारी हो चुकी है, जैसे रांची में मेयर ST के लिए आरक्षित। आयोग ने सभी डीसी को इन नियमों का पालन कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना से सरकारी दफ्तरों में करें इंटर्नशिप

पटना. बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने और उन्हें व्यावहारिक कार्य अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा इंटर्नशिप योजना का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत बिहार कौशल विकास मिशन (बीएसडीएम) के माध्यम से लागू यह योजना युवाओं के लिए सरकारी संस्थानों में काम सीखने का एक सशक्त मंच बनकर उभरी है। इस योजना की खास बात यह है कि इसमें केवल सरकारी विभाग ही नहीं, बल्कि देश की कई प्रतिष्ठित निजी कंपनियां और औद्योगिक घराने भी भागीदार के रूप में जुड़े हैं। कुछ निजी संस्थानों द्वारा इंटर्न्स को स्टाइपेंड के अलावा भोजन, आवासन और आवागमन जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी दी जा रही हैं। इससे बिहार के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर कार्य अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है, जो उनके करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा इंटर्नशिप योजना के तहत पात्र अभ्यर्थियों को विभिन्न सरकारी विभागों, राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों, राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों, निगमों और अन्य सरकारी संस्थाओं में इंटर्नशिप का अवसर दिया जा रहा है। इन संस्थानों में युवाओं को प्रयोगशाला सहायक, पुस्तकालय सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सोशल मीडिया प्रबंधन, वित्त, मानव संसाधन, हिंदी टाइपिंग सहित अन्य प्रशासनिक और तकनीकी क्षेत्रों में काम करने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है। अनुभवी अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ काम कर युवाओं को वास्तविक कार्य वातावरण को समझने का मौका मिलता है। इंटर्नशिप के साथ स्टाइपेंड की सुविधा इस योजना के अंतर्गत 18 से 28 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को तीन माह से लेकर एक वर्ष तक की अवधि के लिए इंटर्नशिप का अवसर दिया जाता है। 12वीं से स्नातकोत्तर स्तर तक के अभ्यर्थियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार 4,000 से 6,000 रुपये प्रतिमाह तक स्टाइपेंड प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा, जो युवा अपने गृह जिले के अलावा किसी अन्य जिले में इंटर्नशिप करते हैं, उन्हें प्रारंभिक तीन माह तक 2,000 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त सहायता और 5,000 रुपये की एकमुश्त राशि दी जाती है। यदि कोई अभ्यर्थी बिहार के बाहर अन्य राज्यों में इंटर्नशिप करता है, तो उसे पूरी इंटर्नशिप अवधि के दौरान यह सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से उसके बैंक खाते में प्रदान की जाती है। इंटर्नशिप की अवधि पूरी होने पर बिहार कौशल विकास मिशन और संबंधित विभाग द्वारा संयुक्त प्रमाण-पत्र भी दिया जाता है। राज्य सरकार ने आगामी पांच वर्षों में इस योजना के अंतर्गत कुल 1,05,000 युवाओं को इंटर्नशिप प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा इंटर्नशिप योजना बिहार के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।

बिहार कैबिनेट से वकीलों को तोहफा और कई विभागों में होंगी भर्तियां

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित संपन्न हो गई। नए साल 2026 में यह नीतीश सरकार की पहली कैबिनेट बैठक हुई। सीएम नीतीश कुमार मुख्य सचिवालय के मंत्रिमंडल कक्ष में अपने मंत्रियों के साथ बैठक की। इसमें 41 प्रस्ताव पर सीएम नीतीश ने स्वीकृति दी। सीएम नीतीश कुमार नए साल पर जनता को बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने कृषि जल संसाधन विभाग, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, शिक्षा विभाग, विधि विभाग समेत कई विभाग में नए पदों के सृजन के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। बैठक में गया में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) परियोजना को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के लिए 220 केवी डीसी ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस योजना पर करीब 33.29 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, दरभंगा एयरपोर्ट के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब के निर्माण के लिए चिन्हित 50.0004 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को भी प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके लिए 138.82 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है। इसके अलावा, माननीय उच्च न्यायालय, पटना के लिए कोर्ट मैनेजर के पदों की स्वीकृति सहित कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है। अधिवक्ताओं से लेकर जेल सुरक्षा तक के फैसले कैबिनेट की बैठक में बिहार के विकास और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए बिहार राज्य आकस्मिकता निधि से 30 करोड़ रुपये का अग्रिम देने को मंजूरी दी गई है। वहीं, पटना उच्च न्यायालय में चार विधि सहायकों के नए पद सृजित करने और 45 विधि लिपिकों का पदनाम बदलकर विधि सहायक करने का निर्णय लिया गया। तकनीकी शिक्षा को मजबूती देते हुए बगहा स्थित नए राजकीय पॉलिटेक्निक के लिए 106 पदों के सृजन को हरी झंडी दी गई। जेलों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए राज्य की 53 काराओं में 9,073 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने और 8 काराओं में पुराने सिस्टम के एकीकरण को मंजूरी दी गई, जिस पर करीब 155 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, सात निश्चय-3 कार्यक्रमों की निगरानी का दायित्व बिहार विकास मिशन को सौंपा गया है। राजवंशीनगर और शास्त्रीनगर के पुनर्विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने हेतु परामर्शी शुल्क को भी स्वीकृति दी गई। 16 जनवरी से सीएम निकलेंगे समृद्धि यात्रा पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 जनवरी से ‘समृद्धि यात्रा’ पर निकलने वाले हैं। यह यात्रा चार चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण में मुख्यमंत्री 16 जनवरी को पश्चिमी चंपारण से दौरे की शुरुआत करेंगे। इसके बाद 17 जनवरी को पूर्वी चंपारण, 19 जनवरी को सीतामढ़ी और शिवहर, 20 जनवरी को गोपालगंज, 21 जनवरी को सिवान, 22 जनवरी को सारण, 23 जनवरी को मुजफ्फरपुर और 24 जनवरी को वैशाली जिले का दौरा करेंगे। इन फैसलों पर भी मुहर लगाई झारखंड के साथ सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर एमओयू के लिए कैबिनेट में स्वीकृति मिली. 7.75 मिलियन एकड़ फीट जल में से 5. 75 मिलियन एकड़ फीट बिहार को और 2 मिलियन एकड़ फीट झारखंड को पानी मिलेगा. दरभंगा हवाई अड्डा के पास लॉजिस्टिक पार्क एवं कार्गो हब निर्माण के लिए 50 एकड़ भूमि अधिग्रहणकिए जाने के लिए 138 करोड़ 82 लाख 88 हजार रुपए की स्वीकृति. बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को सहायता हेतु एक मोस्ट 30 करोड रुपए राशि दिए जाने की स्वीकृति. राज्य के 13 काराओं में नए सिरे से 9073 सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने की स्वीकृति दी गई. इसमें 155 करोड़ 38 लाख 36 हजार 153 रुपए की राशि खर्च होगी. रोहतास में लगेगी सीमेंट फैक्ट्री बिहार कैबिनेट बैठक में रोहतास वालों के लिए खुशखबरी है. रोहतास में सीमेंट फैक्ट्री लगेगी. इसके लिए 107 करोड़ 32 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई. डालमिया सीमेंट लिमिटेड बंजारी रोहतास का विस्तार होगा. 594 कुशल एवं और कुशल कामगारों का नियोजन होगा. राजवंशी नगर और शास्त्री नगर पटना में आवासीय एवं गैर आवासीय रूप में पुनर्विकास हेतु मास्टर प्लान निर्माण के लिए परामर्शी को एक करोड़ 59 लाख ₹30000 भुगतान की स्वीकृति.                          जानिए, नई सरकार में क्या-क्या हुआ? पहली कैबिनेट बैठक- 25 नवंबर 2025 नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बुलाई गई थी। नौकरी-रोजगार पर फोकस। बंद पड़ी सरकारी चीनी मिलों को फिर से चालू करने की मंजूरी। दूसरी कैबिनेट बैठक- 9 दिसंबर 2025 एक करोड़ नौकरी/रोजगार का लक्ष्य पूरा करने के लिए तीन नए विभागों का गठन को मंजूरी दी गई। सरकार ने कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके महंगाई भत्ते में सीधे 5% की वृद्धि को मंजूरी दी। रोजगार, औद्योगिक विकास और आधारभूत संरचना एजेंडों पर प्रस्तावों पर मुहर लगाई। तीसरी कैबिनेट बैठक- 15 दिसंबर 2025 सीएम नीतीश कुमार ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट सात निश्चय योजना 3.0 को मंजूरी दी। सात निश्चय-3 का पहला निश्चय ‘दोगुना रोजगार- दोगुनी आय’ रखा गया। इसके अलावा उद्योग, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी फोकर रखा गया

जनसुराज में बड़ा भूचाल: प्रशांत किशोर के करीबी नेता ने दिया इस्तीफा, जानिए कारण

पटना बिहार की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, भोजपुरी गायक एवं अभिनेता रितेश पांडे (Ritesh Pandey) ने जन सुराज पार्टी (Jan Suraj) से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसका ऐलान किया है। रितेश पांडे ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "एक जिम्मेदार भारतीय होने के नाते और अधिकार से मैंने जन सुराज पार्टी के साथ जुड़कर लोक तंत्र के महापर्व में भाग लिया, परिणाम अनुकूल नहीं रहे पर मुझे इसका तनिक भी अफसोस नहीं है क्यों की मैंने अपना काम ईमानदारी से किया"। उन्होंने आगे लिखा कि, "खैर-अब उसी काम के माध्यम से आप सभी का सेवा जारी रखना है जिससे आप लोगो ने मुझ जैसे एक मामूली किसान परिवार के लड़के को इतना प्यार दुलार और सम्मान दे कर यहां तक पहुंचाया और इसमें किसी राजनैतिक दल का सक्रिय सदस्य रहकर काम करना बहुत मुश्किल है। करगहर से लड़ा था चुनाव भोजपुरी गायक ने आगे लिखा, आज मैं जन सुराज पार्टी की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे रहा हूं। कम शब्दों में अपनी बात को कहने का प्रयास किया है उम्मीद है आप लोग समझेंगे।" बता दें कि रितेश पांडे ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अपनी किस्मत आजमाते हुए करगहर से चुनाव लड़ा था। उन्होंने जन सुराज की टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन वे जीत हासिल नहीं कर पाए।

डिजिटल पेमेंट के जरिए चल रहा था देह व्यापार, कम उम्र की लड़कियों के शोषण का खुलासा

पटना बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के चर्चित रेड लाइट एरिया चतुर्भुज स्थान में देह व्यापार के एक काले खेल का पर्दाफाश हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद यहां नाबालिग लड़कियों से जबरन जिस्मफरोशी कराई जा रही थी। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब दिल्ली की एक संस्था ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के साथ मिलकर एक गुप्त ऑपरेशन चलाया। दिल्ली से बुना गया रेस्क्यू ऑपरेशन का जाल देह व्यापार की यह घिनौनी हकीकत तब सामने आई जब दिल्ली की संस्था रेस्क्यू फाउंडेशन को सूचना मिली कि मुजफ्फरपुर की गलियों में 13 से 17 साल की बच्चियों को बंधक बनाकर रखा गया है। संस्था के अधिकारी संजय प्रसाद गुप्ता ने इसकी जानकारी राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को दी। आयोग के निर्देश पर दिल्ली और मुंबई से विशेषज्ञों की एक विशेष टीम मुजफ्फरपुर पहुंची। स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर 8 जनवरी को शुक्ला रोड और मैना गली में अचानक रेड मारी गई। दो ठिकानों पर रेड, 6 बच्चियां बरामद  मैना गली (सबाना खातून का घर): यहां से 13, 16 और 17 साल की तीन लड़कियां रेस्क्यू की गईं। मौके से सबाना खातून और उसकी सहयोगी बानो खातून को गिरफ्तार किया गया। लड़कियों ने बताया कि उनसे जबरन धंधा कराया जाता था और सारा पैसा ये महिलाएं रख लेती थीं। शुक्ला रोड (कुमारी पल्लवी का घर): यहां से भी 17 साल की तीन लड़कियां मिलीं। हालांकि मुख्य आरोपी पल्लवी पुलिस के आने से पहले ही फरार होने में कामयाब रही।   हाईटेक हुआ धंधा: कैश नहीं तो स्कैनर तैयार छापेमारी के दौरान पुलिस तब दंग रह गई जब शुक्ला रोड स्थित ठिकाने से एक ATM/डिजिटल स्कैनर बरामद हुआ। बचाई गई लड़कियों ने खुलासा किया कि पल्लवी बहुत शातिर थी यदि किसी ग्राहक के पास नकद (Cash) नहीं होता था तो वह डिजिटल स्कैनर के जरिए ऑनलाइन पेमेंट लेती थी। आगे की कार्रवाई नगर थानेदार कमलेश कुमार के मुताबिक पुलिस ने इमोरल ट्रैफिकिंग एक्ट (अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पकड़ी गई दोनों महिलाओं को जेल भेज दिया गया है। सभी 6 नाबालिग लड़कियों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के सामने पेश किया गया है। अब उनके बयान दर्ज किए जाएंगे और उन्हें सुरक्षित पुनर्वास केंद्रों में भेजा जाएगा।  

झारखंड में सरकारी कंबल चोरी करते BDO की गाड़ी ग्रामीणों ने रोकी

हरिहरगंज/पलामू. पिपरा प्रखंड में कंबल वितरण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पंचायत जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने बीडीओ व कर्मचारियों पर कंबल चोरी करने का आरोप लगाया और उनकी गाड़ी को सड़क पर रोक दिया। यह हंगामा छतरपुर थाना क्षेत्र के दीनादाग मोड़ के पास एनएच 98 पर हुआ। इससे, काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही। जाकारी के अनुसार, पिपरा के बीडीओ अपनी सरकारी गाड़ी से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान पंचायत प्रतिनिधियों व स्थानीय ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। ग्रामीणों का आरोप था कि बीडीओ सरकारी कंबल चोरी कर बाहर ले जा रहे हैं। इसी दौरान प्रखंड में तैनात एक अन्य कर्मचारी की मोटरसाइकिल को भी रोका गया। इसके पास दो कंबल पाए गए। बीडीओ की गाड़ी से 10 कंबल मिला। आक्रोशित कई ग्रामीण व जनप्रतिनिधियों ने बीडीओ की गाड़ी की चाबी छीन ली। स्थिति बिगड़ती देख छतरपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंचकर हस्ताक्षेप कर मामले को शांत कराया। पुलिस के समझाने के बाद बीडीओ की गाड़ी की चाबी वापस कर दी गई। छुट्टी के दिन कंबल ले जाने पर उठे सवाल पिपरा के प्रखंड प्रमुख विक्रांत सिंह यादव ने कहा कि बीडीओ पहले भी 10 कंबल लेकर जा चुके थे। जरूरतमंद लगातार कंबल की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छुट्टी के दिन बीडीओ कंबल लेकर प्रखंड क्षेत्र से बाहर जा रहे थे, जो संदेहास्पद है। कंबल वितरण के लिए था तो प्रखंड क्षेत्र में ही गाड़ी रोकी जा सकती थी। जानबूझकर छतरपुर क्षेत्र में ले जाकर उन्हें कंबल बाहर ले जाने की कोशिश की गई। बीडीओ ने आरोपों को किया खारिज इस मामले में पिपरा के बीडीओ विनय कुमार ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रखंड को कुल 800 कंबल उपलब्ध कराए गए थे। इनमें से करीब 700 का वितरण पहले हो चुका है। उनकी गाड़ी में हर समय कुछ कंबल रहते हैं, ताकि जरूरतमंदों को तुरंत दिया जा सके। छुट्टी के दिन वह बस पकड़ने के लिए छतरपुर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी को रोक दिया गया। चाबी छीन ली गई। पूरे मामले के कानूनी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।

आज राष्ट्रीय युवा दिवस: स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती पर CM हेमंत का नमन

रांची आज 12 जनवरी को भारत के महान आध्यात्मिक गुरु और सबसे बड़े युवा आइकन स्वामी विवेकानन्द जी की जयंती है। स्वामी विवेकानन्द को करोड़ों युवा अपना आदर्श मानते हैं और उनके जोशीले विचारों से प्रेरणा लेते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वामी विवेकानंद को नमन किया है। CM हेमंत ने राष्ट्रीय युवा दिवस की दी बधाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिखा, युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सादर नमन। आज राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं, जोहार।         राजयपाल ने भी किया नमन राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोशल मीडिया पर लिखा, युगपुरुष एवं महान दार्शनिक स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन तथा राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ। भारतीय संस्कृति को विश्व-पटल पर गौरव दिलाने वाले स्वामी विवेकानंद जी के विचार और आदर्श युवाओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत हैं। विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता के एक बंगाली परिवार में हुआ था। उनके पिता विश्वनाथ दत्त कलकत्ता के उच्च न्यायालय में एक वकील थे। विवेकानंद के जन्म के समय उनका नाम नरेंद्र नाथ दत्त रखा गया था। 25 साल की आयु में विवेकानंद ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस से प्रेरित हो कर अपना घर छोड़ दिया था और एक सन्यासी की तरह अपना जीवन बिताने लगे थे। स्वामी विवेकानंद की 39 वर्ष की आयु में 4 जुलाई 1902 को मृत्यु हो गई थी। उनकी मृत्यु का कारण रात 9 बजे ध्यान करते समय मस्तिष्क में रक्त वाहिका का टूटना बताया गया था।

शिबू सोरेन की कॉफी टेबल बुक देख भावुक हुईं रूपी सोरेन

रांची. शिबू सोरेन पर प्रकाशित कॉफी टेबल बुक के विमोचन के साथ ही झामुमो के सीनियर नेता कॉफी टेबल बुक लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के पास पहुंचे। वहां एक-एक पन्ना पलटकर झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने रूपी सोरेन को पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन से जुड़ी पुरानी तस्वीरें दिखाईं। झामुमो नेता मनोज पांडेय भी इस दौरान उनके साथ मौजूद रहे। सामूहिक तस्वीरों में रूपी सोरेन ने शैलेंद्र महतो, सूरज मंडल, निर्मल महतो आदि की तस्वीरों को पहचाना और इस क्रम में उनके अधरों पर मुस्कान की हल्की लकीर भी दिखी। तस्वीरों को देखने के क्रम में उन्हें अपने ज्येष्ठ पुत्र दुर्गा सोरेन की याद आ गई और इस याद के साथ ही उनकी आंखें डबडबा गईं। कंपकंपाते होठों से उन्होंने दुर्गा सोरेन का नाम भी लिया और पार्टी नेताओं की ओर देखा। तस्वीर में शिबू भाषण देते दिख रहे थे और दुर्गा सोरेन खड़े थे। झामुमो नेताओं को यह बात समझते देर नहीं लगी कि मामला अब गमगीन हो सकता है सो उन्होंने दूसरी तस्वीरें दिखानी शुरू कर दीं। रूपी अपने परिवार के अन्य सदस्यों को कॉफी टेबल बुक में देखकर प्रसन्न भी हुईं। कॉफी कौतूहल के साथ सभी तस्वीरों को देखा। एक-एक पन्ना पलटा। इसके बाद वे मौके पर मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों के साथ चर्चा करने में जुट गईं।