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तेजस्वी के करीबी देवा गुप्ता ने सुबह की पोस्ट और शाम को STF ने किया गिरफ्तार

पटना. देवा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर पत्नी के साथ शादी की सालगिरह का भावुक संदेश साझा किया। कुछ ही घंटों बाद बिहार एसटीएफ ने पटना में छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र स्थित राधिका अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 301 में हुई। गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने दबिश दी और हिरासत में लिया। देवा को राजद नेता तेजस्वी यादव का करीबी माना जाता है।गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। पुलिस के अनुसार देवा गुप्ता पर हत्या, लूट, रंगदारी और जमीन कब्जे सहित 28 केस दर्ज हैं। मोतिहारी पुलिस की 100 अपराधियों की सूची में उनका नाम सबसे ऊपर था। एसपी ने उन पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। दो मामलों में वह लंबे समय से फरार बताए जा रहे थे। उन्हें 10 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद गिरफ्तारी से पहले उन्होंने कानूनी राहत ली थी। हाईकोर्ट से मिली थी अंतरिम राहत करीब दो महीने पहले पटना हाईकोर्ट ने सख्त कार्रवाई पर रोक लगाई थी। देवा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई लंबित रहने तक कार्रवाई टालने को कहा गया था। इसके बाद पुलिस की सीधी कार्रवाई कुछ समय के लिए रुकी रही। देवा ने अपने खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों का हवाला देते हुए याचिका दायर की थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि सुनवाई पूरी होने तक दंडात्मक कदम नहीं उठाए जाएंगे। अब STF की कार्रवाई के बाद कानूनी स्थिति फिर चर्चा में है। पत्नी मेयर, राजनीति में सक्रियता देवा गुप्ता की पत्नी प्रीति कुमारी मोतिहारी नगर निगम की मेयर हैं। 2022 में मेयर चुनाव से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई। 2025 में राजद ने देवा को चुनावी मैदान में उतारा था। इससे पहले लोकसभा टिकट की भी दावेदारी की गई थी। गिरफ्तारी के बाद प्रीति कुमारी ने कार्रवाई को बेवजह बताया। उन्होंने कहा कि कई मामलों में बेल और स्टे मिल चुका है। तेजस्वी का नाम चर्चा में, सियासत गरम गिरफ्तारी के बाद तेजस्वी यादव का नाम राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था से जोड़कर सवाल उठा रहा है। राजद खेमे में इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताया जा रहा है। एसटीएफ की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा है। मामले ने राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। अब नजरें जांच एजेंसी और अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

झारखंड की 8 नगर परिषदों और 9 नगर पंचायतों में निर्दलीयों का दबदबा, भाजपा और झामुमो ने दर्ज की जीत

रांची  झारखंड की नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव परिणामों में छोटे शहरी क्षेत्रों के स्थानीय मुद्दे और व्यक्तिगत छवि निर्णायक भूमिका में नजर आई. कई जगहों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने प्रमुख दलों को कड़ी टक्कर देते हुए अपना दमखम दिखाया. वहीं, कुछ इलाकों में भाजपा और झामुमो के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला. इसके अलावा, दूसरे दलों की उपस्थिति सीमित रही. एनडीए और इंडिया गठबंधन में शामिल आजसू और राजद समर्थित किसी प्रत्याशी के जीतने की जानकारी नहीं है. झारखंड के 17 नगर अध्यक्ष पद पर निर्दलीयों का कब्जा झारखंड के 39 छोटे में से 17 शहरों के नगर अध्यक्ष पद पर ऐसे प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है, जिनको किसी दल का समर्थन मिला. वहीं, भाजपा समर्थित कुल 11 प्रत्याशियों को जीत मिली है, जबकि झामुमो समर्थित नौ प्रत्याशी जीतने में सफल रहे हैं. दो प्रत्याशी कांग्रेस और एक प्रत्याशी माले समर्थित है. भाजपा ने संतुलित उपस्थिति दर्ज कराई इस बार शहरी मतदाताओं ने स्थानीय मुद्दों जैसे सड़क, जलापूर्ति, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को प्राथमिकता दी है. स्थानीय स्तर पर सक्रियता और व्यक्तिगत संपर्क बनाए रखनेवाले प्रत्याशियों को बिना किसी दल के समर्थन के भी लाभ मिला. भाजपा और झामुमो ने अपने-अपने प्रभाव क्षेत्रों में संगठनात्मक मजबूती के दम पर प्रदर्शन किया. झामुमो का संताल और कोल्हान क्षेत्र में प्रभाव कायम दिखा, जबकि भाजपा ने विभिन्न जिलों में संतुलित उपस्थिति दर्ज कराई. आठ नगर पंचायतों के विजेताओं को समर्थन नहीं नगर परिषद और नगर पंचायतों के परिणाम को अलग-अलग देखा जाए, तो कुल 20 परिषदों में से पांच पर झामुमो, चार पर भाजपा, दो पर कांग्रेस और नौ पर ऐसे प्रत्याशियों को जीत मिली है, जिन्हें किसी भी दल का समर्थन नहीं मिला. वहीं, राज्य की 19 नगर पंचायतों में से छह पर भाजपा, चार पर झामुमो और एक पर माले समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है. आठ नगर पंचायतों पर ऐसे प्रत्याशियों ने कब्जा जमाया, जिन्हें किसी भी दल से समर्थन नहीं था. नगर पंचायतों में कांग्रेस समर्थित एक भी प्रत्याशी जीत का स्वाद नहीं चख सका. 9 नगर पंचायत और 8 नगर परिषदों में निर्दलीयों की जीत     हुसैनाबाद नगर पंचायत: अजय भारती     हरिहरगंज नगर पंचायत: कुमारी शीला चौधरी     छत्तरपुर नगर पंचायत: अरविंद गुप्ता     श्री बंशीधरनगर नगर पंचायत: साधना देवी     मझिआंव नगर पंचायत: सुमित्रा देवी     लातेहार नगर पंचायत: महेश सिंह     कोडरमा नगर पंचायत: साजिद हुसैन लल्लू     बासुकीनाथ नगर पंचायत: वीणा देवी     जामताड़ा नगर पंचायत: आशा गुप्ता     गढ़वा नगर परिषद: आशीष सोनी उर्फ दौलत सोनी     विश्रामपुर नगर परिषद: गीता देवी     चतरा नगर परिषद: अताउर रहमान     झुमरीतिलैया नगर परिषद: रमेश हर्षधर     गोड्डा नगर परिषद: सुशील रमानी     पाकुड़ नगर परिषद: शबरी पाल     चिरकुंडा नगर परिषद: सुनीता देवी     कपाली नगर परिषद: परवेज आलम     सिमडेगा नगर परिषद: ओलिवर लकड़ा 7 नगर पंचायत और 4 नगर परिषदों में भाजपा के अध्यक्ष     डोमचांच नगर पंचायत: उमेश वर्मा     बड़कीसरैया नगर पंचायत: शोभा देवी     लातेहार नगर पंचायत: महेश सिंह     राजमहल नगर पंचायत: केताबुद्दीन     महागामा नगर पंचायत: प्रबोध सोरेन     बरहरवा नगर पंचायत: अर्पिता दास     खूंटी नगर पंचायत: रानी टूटी     मिहिजाम नगर परिषद: जयश्री देवी     मधुपुर नगर परिषद: मिती कुमारी     लोहरदगा नगर परिषद: अनिल उरांव     गुमला नगर परिषद: शकुंतला उरांव 4 नगर पंचायत और 5 नगर परिषद में झामुमो के अध्यक्ष     बुंडू नगर पंचायत: जीतेंद्र उरांव     राजमहल नगर पंचायत: केताबुद्दीन     सरायकेला नगर पंचायत: मनोज कुमार चौधरी     चाकुलिया नगर पंचायत: सोमवारी सोरेन     साहिबगंज नगर परिषद: रामनाथ पासवान     दुमका नगर परिषद: अभिषेक चौरसिया     चकधरपुर नगर परिषद: शनि उरांव     चाईबासा नगर परिषद: नितिन प्रकाश     जुगसलाई नगर परिषद: नौशान खान कांग्रेस और माले समर्थित प्रत्याशी     फुसरो नगर परिषद: निर्मला देवी (कांग्रेस)     रामगढ़ नगर परिषद: कुसुमलता कुमारी (कांग्रेस)     धनवार नगर पंचायत: विनय कुमार संथालिया (माले)  

माडल स्कूलों में योग्य शिक्षकों का चयन कर होगी गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई

भागलपुर. जिले में शिक्षा विभाग ने 16 प्रखंडों के लिए माडल स्कूलों का चयन कर लिया है। मुख्यालय के निर्देशानुसार इन स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू होगा। माडल स्कूलों के बेहतर संचालन के लिए अब जिले के विभिन्न स्कूलों से योग्य और अनुभवी शिक्षकों का चयन किया जाएगा। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है। माडल स्कूलों में प्राथमिकता बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) से चयनित उच्च रैंक वाले शिक्षकों को दी जाएगी। साथ ही यह देखा जाएगा कि चयनित शिक्षकों ने विशेष प्रशिक्षण लिया है या नहीं। दक्षता परीक्षा और विशिष्ट शिक्षक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षक भी इस प्रक्रिया में शामिल होंगे। सेवानिवृत्त और अनुभवी शिक्षक भी होंगे शामिल पुराने शिक्षक जो सेवानिवृत्त होने के करीब हैं, उनमें से भी योग्य और बेहतर प्रदर्शन वाले शिक्षकों को माडल स्कूलों में शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि इन स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित की जा सके। यह कार्य मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। चयन और प्रशिक्षण की आगे की योजना प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के माध्यम से शिक्षकों की प्रारंभिक सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद जिला स्तर पर एक टीम का गठन कर अंतिम चयन किया जाएगा। चयनित शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि पढ़ाई की गुणवत्ता निजी स्कूलों के स्तर के समान रहे। छात्र-शिक्षक अनुपात और संसाधन माडल स्कूलों में छात्र संख्या के अनुसार शिक्षक तैनात किए जाएंगे। वर्तमान में प्रत्येक स्कूल से छात्र-शिक्षक संख्या का डाटा लिया गया है। उच्च माध्यमिक स्तर (कक्षा 9-10) में न्यूनतम 8 शिक्षक, और प्लस टू स्तर (कक्षा 11-12) में कम से कम 16 शिक्षक तैनात किए जाएंगे। इन स्कूलों में पुस्तकालय, प्रयोगशाला, ICT आधारित शिक्षण, पर्यावरण क्लब और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा, माडल स्कूलों में आवासीय सुविधा भी प्रदान की जाएगी। मुख्यालय स्तर से निर्देश मिले – मुख्यालय स्तर से वीडियो कान्फ्रेंसिंग में माडल स्कूल के शिक्षकों के लिए निर्देश मिले हैं। शिक्षकों के चयन इस प्रकार किया जाएगा उससे संबंधित जानकारी आने के बाद यह प्रक्रिया शुरू की जाएगी। – राजकुमार शर्मा, डीईओ

बेतिया में नई रेललाइन का ट्रैक टूटने से बाल-बाल बची बगहा-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस

बेतिया. बिहार में बेतिया में बड़ा रेल हादसा टल गया। यहां बगहा-पाटलिपुत्र इंटरसिटी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बची। नरकटियागंज-बेतिया रेलखंड पर कुमारबाग रेलवे स्टेशन से करीब तीन सौ मीटर की दूरी पर शनिवार की सुबह डाउन लाइन की रेल पटरी फ्रैक्चर हो गयी। इस दौरान टूटी रेल पटरी से ही पाटलिपुत्र जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस की दो बोगियां भी निकल गयी। इसी बीच चालक को रेल ट्रैक धंसने का एहसास हो गया और चालक ने ट्रेन को रोक दिया। जब चालक व ट्रेन के गार्ड ने उतरकर देखा तो ट्रैक टूटकर थोड़ी धंस गयी थी। चालक की सूज-बूझ से टला हादसा चालक एवं ट्रेन मैनेजर की सूझबूझ से सभी यात्री दुर्घटना के शिकार होते बाल-बाल बच गये। रेल यात्रियों के बीच भी अफरा तफरी मच गयी। जानकारी मिलते ही रेलवे के कई वरीय अधिकारी व निर्माण कार्य से जुड़े कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। आरपीएफ के जवान ने भी मौके पर पहुंच छानबीन की। अन्य ट्रेनों के परिचालन को भी थोड़ी देर के लिए रोककर टूटी रेल पटरी को ठीक करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया गया। जिसके बाद डाउन रेलवे लाइन पर परिचालन शुरू किया गया। हालांकि रेल पटरी टूटने का कारण घटनास्थल पर मौजूद किसी अधिकारी एवं कर्मी ने नहीं बता पाया। दो बोगियों के गुजरने के बाद हुआ एहसास रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 15202 इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन कुमारबाग रेलवे स्टेशन से सुबह 5:48 बजे खुली। करीब 300 मीटर दूर जाने पर इंजन एवं दो बोगियां गुजरने के दौरान चालक को ट्रेक धंसने का एहसास हुआ, तब जाकर रेल दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गयी। रेल पटरी को कैसे भी ठीक करा ट्रेन का परिचालन शुरू हुआ। इस दौरान कुमारबाग में करीब दो घंटे तक इंटरसिटी एक्सप्रेस रुकी रह गयी। चनपटिया में सप्तक्रांति एक्सप्रेस को भी रोक दिया गया था। बताया जा रहा है हाल में ही इसी रेल लाइन का सीआरएस भी हुआ था।

झारखंड निकाय चुनाव 2026 के चुनाव में बीजेपी को बढ़त

रांची. झारखंड में नगर निकाय चुनावों के नतीजे (Jharkhand Nikay Chunav result 2026 winner and loser list) अब सामने आ गए हैं। नगर निकाय चुनावों में बीजेपी को काफी बढ़त दिखाई दे रही है। वहीं, जेएमएम समर्थित उम्मीदवारों ने देवघर और गिरिडीह जैसे महत्वपूर्ण महापौर पदों पर सेंध लगाने में सफलता हासिल की है। बता दें कि राज्य में कुल 48 नगर निकायों के लिए 23 फरवरी तो मतदान हुआ था। कुल 62 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मत का इस्तेमाल किया था। धनबाद नगर निगम (Dhanbad Nagar Nigam Result) को छोड़कर बाकी सभी जगह के नतीजे सामने आ गए हैं। नगर निगम / पंचायत     कौन जीता      कौन हारा मेदिनीनगर नगर निगम      अरुणा शंकर      नम्रता त्रिपाठी हजारीबाग नगर निगम      अरविंद राणा      मो. सरफराज गिरिडीह नगर निगम      प्रमिला मेहरा      डॉक्‍टर शैलेंद्र कुमार चौधरी देवघर नगर निगम      रवि कुमार रावत      रीता चौरसिया धनबाद नगर निगम      र‍िजल्‍ट आना बाकी       र‍िजल्‍ट आना बाकी चास नगर निगम     भोलू पासवान      अविनाश कुमार रांची नगर निगम      रोशनी खलखो      रमा खलखो आदित्यपुर नगर निगम      संजय सरदार      भुगलू सोरेन मानगो नगर निगम      सुधा गुप्‍ता      संध्‍या स‍िंंह गढ़वा नगर परिषद      आशीष कुमार सोनी      संतोष कुमार केशरी विश्रामपुर नगर परिषद      गीता देवी      चंद्रावती देवी चतरा नगर परिषद      अताउर रहमान      अमन कुमार झुमरीतिलैया नगर परिषद      रमेश हर्षधर       राजेंद्र कुमार मधुपुर नगर परिषद      दरक्शां परवीन       मीति कुमारी गोड्डा नगर परिषद      सुशील रमानी      कामरान अशरफी साहेबगंज नगर परिषद     रामनाथ पासवान     कपिल देव दास पाकुड़ नगर परिषद     शबरी पाल     शेख सेलिना सुल्ताना दुमका नगर परिषद      अभिषेक चौरसिया      अजय कुमार झा मिहिजाम नगर परिषद      जयश्री देवी      कविता देवी चिरकुण्डा नगर परिषद      सुनीती देवी      शुक्ला राय फुसरो नगर परिषद      निर्मला देवी      ममता देवी रामगढ़ नगर परिषद (वर्ग-क)      कुसुमलता कुमारी       प्रिया करमाली लोहरदगा नगर परिषद     अनिल उरांव     पावन एक्का गुमला नगर परिषद     शकुंतला उरांव     टोप्पो सिमडेगा नगर परिषद      ओल‍िवर लकड़ा       चक्रधरपुर नगर परिषद      सन्नी उरांव      विजय सिंह चाईबासा नगर परिषद      नितिन प्रकाश      रमेश खिरवार कपाली नगर परिषद       परवेज आलम      सरवर आलम जुगसलाई नगर परिषद      नौशीन खान      रिंकू सिंह श्री वंशीधरनगर नगर पंचायत      साधना देवी       लता देवी  मझिआंव नगर पंचायत      सुमित्रा देवी        मारुतनंदन सोनी हुसैनाबाद नगर पंचायत     अजय भारती     शशि कुमार हरिहरगंज नगर पंचायत     कुमारी शीला चौधरी     आशा कुमारी छत्तरपुर नगर पंचायत     अरविंद कुमार गुप्ता     मोहन कुमार  लातेहार नगर पंचायत     महेश सिंह     बिलासी टोपनो कोडरमा नगर पंचायत     साजिद हुसैन लल्लू     राजेश सिंह उर्फ राजू डोमचांच नगर पंचायत     उमेश वर्मा     पप्पू मेहता बड़कीसरैया नगर पंचायत      शोभा देवी      सुनीता देवी धनवार नगर पंचायत     विनय कुमार संथालिया     रोबिन कुमार महागामा नगर पंचायत      प्रबोध सोरेन      राकेश सोरेन राजमहल नगर पंचायत     केताबुद्दीन शेख     भावना गुप्ता बरहरवा नगर पंचायत     अर्पिता दास     बबीता कुमारी बासुकीनाथ नगर पंचायत      वीणा देवी      मधुमिता देवी जामताड़ा नगर पंचायत      आशा गुप्ता      रीना कुमारी बुण्डू नगर पंचायत     जितेंद्र उरांव     राजेश उरांव खूंटी नगर पंचायत     रानी टूटी     बोदरा  सरायकेला नगर पंचायत      मनोज कुमार चौधरी      राजा प्रताप आदित्य सिंह देव चाकुलिया नगर पंचायत     सोमवारी सोरेन     चंदना मुर्मू

धर्मांतरण रोकने के लिए कानून की मांग तेज, बिहार विधानसभा में 18 विधायकों का जोरदार उठान

पटना बिहार में 'धर्मांतरण' के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग उठी है। इस संबंध में बजट सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को विधानसभा में सत्तारूढ़ दल के कई सदस्यों ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया। मैथिली ठाकुर, मिथिलेश तिवारी, वीरेंद्र कुमार, जनक सिंह, संजय कुमार सिंह, जीवेश कुमार, तार किशोर प्रसाद और बैद्यनाथ प्रसाद समेत सत्ताधारी गठबंधन के 18 विधायकों ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने दूसरे राज्यों की तरह ही बिहार में 'धर्मांतरण' के खिलाफ कानून बनाने की मांग की। विधायकों ने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों ने धर्म बदलने के खिलाफ कानून लागू किए हैं। इन कानूनों में धोखाधड़ी से धर्मांतरण, बाल विवाह या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के मामलों में एक से 10 वर्ष या कुछ मामलों में 20 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। सत्तापक्ष के विधायकों ने यह भी दावा किया कि बिहार के कुछ हिस्सों में डेमोग्राफी बदली है, जिसे देखते हुए कानूनी दखल की जरूरत है। उन्होंने सीमावर्ती जिलों के हालात पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन हो रहा है। भाजपा विधायक मिथिलेश तिवारी ने कहा, "उत्तर प्रदेश में सख्त कानून हैं और बिहार में भी ऐसा ही कानून बनना चाहिए। अकेले बक्सर में 1,000 दलित परिवारों ने धर्म परिवर्तन किया है। इसलिए, इस धर्मांतरण विरोधी कानून की जरूरत है। सरकार को इस पर सोचना चाहिए।" कुछ विधायकों ने बिहार में आबादी बढ़ने और चर्च बनने के आंकड़ों का हवाला दिया। इसके साथ ही आरोप लगाया कि लालच देकर धर्म परिवर्तन हो रहे हैं। कुछ सदस्यों ने धर्म परिवर्तन के बाद आरक्षण के फायदों पर भी सवाल उठाए और अपनी दलीलों में संवैधानिक नियमों का जिक्र किया। पर्यटन और कला एवं संस्कृति मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने विधानसभा में जवाब दिया कि बिहार सरकार के पास अभी धर्म परिवर्तन से जुड़ा कानून लाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। मंत्री ने सदन में कहा, "इस समय इससे जुड़ा कोई कानून बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।" वहीं, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि ध्यानाकर्षण प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है और जरूरत पड़ने पर सरकार मामले की समीक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर आगे कोई चर्चा नहीं होगी।

राजनीतिक विवाद: RJD ने उठाया सीएम घेरने वालों की संपत्ति पर सवाल

पटना राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और विधान पार्षद सुनील सिंह ने विधानमंडल सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को सबसे भ्रष्ट पार्टी करार देते हुए आरोप लगाया कि सीएम के आस-पास रहने वाले तीन-चार लोगों के पास छोटे राज्यों के बजट से अधिक संपत्ति है। उन्होंने जेडीयू पर कंपनियों से करोड़ों रुपया का चंदा लेकर उन्हें बेजा फायदा पहुंचाने का भी आरोप लगाया है। राजनीतिक दलों को चंदा पर यह बवाल विधान परिषद में जेडीयू के एमएलसी नीरज कुमार के उस आरोप के बाद शुरू हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राजद ने शराब कंपनियों से चंदा लिया है। सदन के अंदर भी सुनील सिंह और नीरज कुमार में इस मसले पर नोंक-झोंक हुई थी। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार के सदन में दिए बयान पर राजद एमएलसी सुनील सिंह ने शुक्रवार को विधानमंडल परिसर में पत्रकारों से बातचीत में जेडीयू के चंदों के कथित दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि जदयू ने कई वर्षों तक किंग महेंद्र (दिवंगत राज्यसभा सांसद महेंद्र प्रसाद) से हर महीने 99 लाख रुपये चंदा लिया और कुल 146 करोड़ का डोनेशन हासिल किया। सुनील सिंह ने पूछा कि जेडीयू को लोगों ने अपनी औकात से ज्यादा चंदा कैसे दिए, जिस कंपनी का टर्नओवर 27 करोड़ था, उसने 24 करोड़ का चंदा ही कैसे दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह तो बैंक खाता में है, इससे कई गुना ज्यादा पैसा इनलोगों ने कच्चा (काला धन) में लिया है। सुनील सिंह ने कहा कि समाजवादी चोला ओढ़कर ईमानदार बन रही पार्टी को यह बताना चाहिए। सुनील ने आरोप लगाया कि बिजली के स्मार्ट मीटर में यूनिट उठता है 100, पैसा लेता है 200 का, वैसे लोगों से करोड़ों का चंदा लिया गया है। उन्होंने कहा कि जिस आदमी की क्षमता नहीं है, उससे करोड़ों रुपया लिया गया है। सुनील सिंह ने एक कंपनी एटूबीएस इन्फ्रास्ट्रक्चर का नाम लेकर कहा कि इसका सालाना टर्नओवर 27 करोड़ था और इसने 24 करोड़ चंदा जेडीयू को दे दिया। सुनील ने कहा कि वो सरकार से जानना चाहते हैं कि इतनी छोटी कंपनी ने जदयू को 24 करोड़ चंदा कैसे दे दिया। उन्होंने बताया कि जेडीयू ने खुद कबूल किया है कि 2020 से 2022 में 93 करोड़ रुपया चंदा वसूल किया, जिसमें सिर्फ 2 जगह से 39 करोड़ आया। सुनील ने कहा कि दवा कंपनी से 27 करोड़ चंदा लिया गया है और बिहार की जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। शराब कंपनी से चंदा लेने के आरोप पर राजद का बचाव करते हुए सुनील सिंह ने कहा कि जो पार्टी 20 साल से विपक्ष की राजनीति कर रही हो, उसको कोई भी चंदा नहीं देता है। उन्होंने दावा किया कि राजद के पास जो भी चंदा है, वो बैंक खाते में है, सदस्यता का है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि बिहार तबादला उद्योग चल रहा है। उन्होंने जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के नेता प्रशांत किशोर के इसी तरह के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि सीओ-बीडीओ से लेकर डीएम-एसपी तक बिना पैसा लिए ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होता है, यह पूरा बिहार जानता है।

दलाल-मुंशी सिस्टम पर लगेगी रोक, भू-माफियाओं को नहीं मिलेगी राहत: विजय सिन्हा की दो टूक चेतावनी

पटना बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व प्रशासन की इकाइयों में दलालों एवं मुंशियों के हस्तक्षेप पर रोक लगाने और भू-माफियाओं के विरुद्ध कड़ी कारर्वाई के निर्देश जारी किए हैं।        विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी समाहर्ताओं को पत्र जारी कर स्पष्ट कहा है कि राजस्व प्रशासन में किसी भी प्रकार की बिचौलिया संस्कृति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पत्र में उल्लेख किया गया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की‘समृद्धि यात्रा'तथा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के‘भूमि सुधार जन कल्याण संवाद'कार्यक्रमों के दौरान विभिन्न जिलों के भ्रमण में यह तथ्य सामने आया कि नगर क्षेत्रों में कार्य की अधिकता के नाम पर हल्का कर्मचारियों द्वारा अनौपचारिक रूप से ‘सहायक मुंशी' रखे गए हैं। पटना महानगर क्षेत्र में तो संपतचक में समानांतर कार्यालय संचालित होने की जानकारी भी सामने आई। प्रधान सचिव ने इसे प्रशासनिक निरीक्षण एवं नियंत्रण की कमी का संकेत बताते हुए कहा है कि राजस्व प्रशासन पर भू-माफियाओं द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे तत्वों के विरुद्ध‘रूल ऑफ लॉ'के तहत सख्त न्यायिक एवं आपराधिक कारर्वाई की जाएगी। निर्देशानुसार सभी अंचल कार्यालयों में हाई-एंड सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए विभाग द्वारा राशि आवंटित की जा चुकी है। उद्देश्य है कि कार्यालयों की कार्यप्रणाली पारदर्शी हो तथा दलालों का प्रवेश पूरी तरह निषिद्ध किया जा सके।

लाखों शिक्षकों की बल्ले-बल्ले! बिहार सरकार प्रमोशन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में

पटना बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने प्रमोशन को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाने का संकेत दिया है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधान परिषद में घोषणा की कि चालू वित्तीय वर्ष समाप्त होते ही शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान एमएलसी प्रो. संजय कुमार सिंह ने शिक्षकों को लंबे समय से प्रमोशन नहीं मिलने का प्रश्न उठाया। इस पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग आवश्यक तैयारियां पूरी कर रहा है और वित्तीय वर्ष के समापन के बाद पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष (मार्च 2026) के समाप्त होते ही, यानी अप्रैल महीने से प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस फैसले से न केवल शिक्षकों के पदोन्नति होगी बल्कि उनके वेतन में भी अच्छी खासी वृद्धि होगी।

मौसम का यू-टर्न! झारखंड में बारिश ने बढ़ाई ठंड, दिनभर चलती रहीं तेज हवाएं

रांची झारखंड की राजधानी रांची और आसपास के जिलों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। बीते बुधवार को दिनभर तेज हवाओं का असर रहा, जबकि शाम होते ही तापमान में गिरावट देखने को मिली। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार, राज्य के ज्यादातर हिस्सों में सुबह को कुहासा रहेगा और दिन में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। मौसम शुष्क रहने की संभावना है। अगले 24 घंटों में राज्य में न्यूनतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इसके बाद 27 फरवरी से 2 मार्च तक तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा हुई। सबसे ज्यादा बारिश 9 मिमी पूर्वी सिंहभूम के गुराबंधा में दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस जगन्नाथपुर में रहा, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान गुमला में 11 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 26.6 और न्यूनतम 13.2 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी में गर्मी का असर कम हुआ पिछले सोमवार को तेज हवाओं और बूंदाबांदी के बाद रांची का तापमान दो-तीन डिग्री तक गिर गया था। अब राजधानी में गर्मी का असर कम हुआ है और सुबह-शाम ठंडक महसूस हो रही है।