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गंगा-पुनपुन का बढ़ा जलस्तर, बिहार में बाढ़ का खतरा; CM सम्राट चौधरी करेंगे हवाई सर्वेक्षण

पटना बिहार सरकार ने गुरुवार को 8 जिलों में बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया। आपदा प्रबंधन विभाग ने गंगा, पुनपुन और दरधा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए यह चेतावनी जारी की है। इन जिलों में पटना, नालंदा, भोजपुर, वैशाली, सारण, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद शामिल हैं। बाढ़ से इन जिलों के कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं। पटना के ग्रामीण दियारा इलाकों के बाद शहरी क्षेत्र में भी बाढ़ का पानी घुसने लगा है। जिले में पीएचईडी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक भी बुलाई है। दक्षिण बिहार की नदियों के जलस्तर में तेजी सो बढ़ोतरी हो रही है। आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव संतोष मल्ल ने बाढ़ प्रभावित जिलों के डीएम को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। उन्हें नदियों के जलस्तर पर नजर रखने और पानी फैलने पर राहत बचाव कार्य में जुट जाने के निर्देश दिए गए हैं। सम्राट ने किया निरीक्षण मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को भी बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बेंगलुरु रवाना होने से पहले पटना में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। शुक्रवार को वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर आला अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। कमांड कंट्रोल रूम से नजर डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने गुरुवार को जल संसाधन विभाग के कमान एंड कंट्रोल सेंटर में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि जिन जगहों पर तटबंध में टूटने की खबर है, वीडियो कांफ्रेसिंग से वहां के हालत का जायजा लिया गया है। दक्षिण बिहार में पुनपुन और दरधा नदी का निरीक्षण किया गया है। गंगा नदी में बढ़े हुए जलस्तर के कारण भागलपुर में तटबंध टूटा है वहां का भी जायजा लिया गया। उन्होंने बताया कि स्टीमर से मेगा जिओ बैग लगाकर स्थिति नियंत्रण में करने की कोशिश की जा रही है। जल संसाधन विभाग के सभी अधिकारी और इंजीनियर तटबंधों पर मौजूद हैं। कमांड कंट्रोल रूम से पूरे बिहार पर नजर रखी जा रही है। नीतीश ने भी लिया जायजा पूर्व मुख्यमंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार भी गुरुवार को बाढ़ की आशंका को देखते हुए निरीक्षण पर निकले। उन्होंने महात्मा गांधी सेतु से गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया। इस दौरान जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा भी मौजूद रहे। कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से पटना जिले के कई निचले और दियारा इलाकों में बाढ़ की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। प्रभावित परिवारों को संक्रामक बीमारियों से बचाने और बुनियादी सुविधाएं देने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने बड़े पैमाने पर राहत अभियान शुरू किया है। संकट को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर विभाग के सभी पर्यवेक्षकों और जिला कार्यालय के पदाधिकारियों की छुट्टियां बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं।

10 लेन सड़क के विरोध में उतरे लोग, 7 सितंबर को शहीद मैदान में धरना

रांची  राजधानी की सड़कों को हरा-भरा और खूबसूरत बनाने की कवायद शुरू हो गई है। वहीं प्रस्तावित दूसरी ओर दस लेन सड़क का विरोध शुरू हो गया है। रांची नगर निगम ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में ग्रीन पैच विकसित करने के लिए करीब 2.86 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए हैं। इनमें चुटिया, रांची रेलवे स्टेशन, कोकर, कांटाटोली, डोरंडा, हटिया, हरमू, अरगोड़ा, बिरसा चौक, कडरू, पंडरा समेत कई प्रमुख इलाके शामिल हैं। खास बात यह है कि इन ग्रीन पैच का निर्माण करने के साथ एक साल तक इनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसी की होगी। ग्रीन पैच पर कुल अनुमानित लागत 2,85,81,660 रुपये है। इन मार्गों पर बनेगा ग्रीन पैच चुटिया, रांची रेलवे स्टेशन और कोकर के विभिन्न स्थानों पर ग्रीन पैच विकसित किए जाएंगे। इसकी अनुमानित लागत 84.37 लाख रुपये है। कांटाटोली, डोरंडा और हटिया इलाके में हरियाली विकसित करने की योजना है। इस काम पर करीब 57.71 लाख रुपये खर्च होंगे। सहजानंद चौक, हरमू, अरगोड़ा चौक, बिरसा चौक और कडरू सहित विभिन्न स्थानों को शामिल किया गया है। इसकी अनुमानित लागत 60.49 लाख रुपये है। दीनदयाल चौक से जज कालोनी तक, एलपीएन साहदेव चौक और पंडरा समेत अन्य स्थानों पर ग्रीन पैच विकसित किए जाएंगे। इसके लिए निगम ने 83.25 लाख रुपये की अनुमानित लागत तय की है। 10 लेन सड़क के विरोध में उतरे लोग, 7 सितंबर को शहीद मैदान में धरना प्रस्तावित 10 लेन सड़क निर्माण के खिलाफ बस्ती बचाओ संघर्ष समिति ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। बुधवार को समिति की ओर से जगन्नाथपुर चौक पर नुक्कड़ सभा की गई। इसमें स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण से बस्ती, स्कूल और ऐतिहासिक स्थलों पर पड़ने वाले असर को लेकर विरोध जताया। सभा की अध्यक्षता समिति के वरिष्ठ सदस्य दिलीप कुमार ने की। समिति के संयोजक मिंटू पासवान ने कहा कि 10 लेन सड़क बनने से जगन्नाथपुर की ऐतिहासिक रथ यात्रा और मेला प्रभावित होगा। इलाके में 1691 ईस्वी से स्थापित प्राचीन देवी मंदिर और करीब 50 साल पुराने दुर्गा मंदिर के भी प्रभावित होने की आशंका है। समिति ने सरकार से 10 लेन सड़क की योजना रद करने की मांग की। कहा कि अगर यातायात व्यवस्था के लिए सड़क जरूरी है तो फ्लाईओवर का विकल्प अपनाया जा सकता है। सभा में वार्ड 37 के पार्षद परमेश्वर सिंह समेत राधा पूर्ति, हरेंद्र सिंह, विमला देवी, सुषमा देवी, रूदन देवी, जीतन मुंडा, मोहन बरला, श्याम थापा और धीरज राम सहित कई लोग मौजूद थे। समिति ने 7 सितंबर को शहीद मैदान में धरना देने का निर्णय लिया है।

मोरहाबादी में आज गूंजेगा जय श्रीकृष्ण! दही हांडी, भजन संध्या और रासलीला का होगा भव्य आयोजन

 रांची दो दिवसीय श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का शुभारंभ बाल गोपाल-बाल राधा पोशाक प्रतियोगिता के साथ चिरौंदी मोरहाबादी स्थित गीतांजली बैंक्वेट हाल में शुरू हो गई। कांके विधायक सुरेश बैठा ने दीप जलाया। इस अवसर पर श्री कृष्ण जन्माष्टमी आयोजन समिति मोरहाबादी के मुख्य संरक्षक राजीव रंजन प्रसाद, अध्यक्ष बिनोद गोप, संरक्षक डॉ राजेश गुप्ता छोटू, कार्यकारी अध्यक्ष राहुल सिंह, महासचिव मनोज गुप्ता, विजय शर्मा, राजेश गुप्ता सचिव रोहित सिंह उपस्थित थे। आज चार सितंबर को ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में दही हांडी का आयोजन होगा। भजन संध्या एवं रासलीला का मंचन किया जाएगा। सुरेश बैठा ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर रांचीवासियों में खासा उत्साह है। इस वर्ष दो दिवसीय आयोजन में बच्चों से लेकर युवाओं और श्रद्धालुओं के लिए श्री कृष्ण जन्मोत्सव आयोजन समिति द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शहर वासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं मुख्य संरक्षक राजीव रंजन प्रसाद ने भी तमाम राज्यवासियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि इस आयोजन को पहले भी लोगों का प्यार और समर्थन मिलता रहा है जो ऐसे भव्य आयोजन के लिए प्रेरणा देता है lसंरक्षक डा राजेश गुप्ता ने भी शहर वासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं l गोपाल एवं बाल राधा पोशाक प्रतियोगिता 0 से 5 वर्ष एवं 6 से 12 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे बाल गोपाल एवं बाल राधा की पोशाक ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में जज की भूमिका में शहर की प्रख्यात फैशन डिजाइनर स्मृति राजीव, अंशिका कुमारी और राम सिंह ने उपस्थित बच्चों के परिधान एवं अन्य पहलुओं का मूल्यांकन किया l मोरहाबादी मैदान में दही हांडी का आयोजन प्रतिभागी बच्चों के अभिभावकों ने भी कार्यक्रम में सहयोग दिया l प्रतियोगिता के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय विजेताओं को 4 सितंबर को मोरहाबादी मैदान स्थित दही हांडी आयोजन स्थल पर माननीय मुख्यमंत्री द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।  

बेंगलुरु में गूंजा बिहार का गौरव! बिहार महोत्सव 2026 में झिझिया, मधुबनी पेंटिंग और बिहारी स्वाद का जलवा

पटना कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में गुरुवार को चार दिनी बिहार महोत्सव 2026 का शानदार आगाज हुआ। छह सितंबर तक चलने वाले इस महोत्सव का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में श्रीश्री रवि शंकर की गरिमामयी उपस्थिति में शुभारंभ किया। इस आयोजन के माध्यम से बिहार की जीवंत लोक परंपराओं, विशिष्ट खान-पान, हस्तशिल्प और आधुनिक उद्यमिता को एक मंच पर लाया गया है, जिसमें एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस अवसर पर बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। शाम की शुरुआत गौरव और अपनत्व की भावना से ओत-प्रोत बिहार गौरव गान की भावपूर्ण प्रस्तुति के साथ हुई। इसके बाद बिहार की विशिष्ट लोक नृत्य परंपराओं में शामिल झिझिया की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। कलाकारों ने सिर पर दीप रखकर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। समृद्ध लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बिहार की समृद्ध लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। इनमें झिझिया, सामा-चकेवा, कजरी और झूमर प्रमुख हैं। प्रसिद्ध लोक गायिका कल्पना पटवारी और लोक गायक सत्येंद्र कुमार संगीत बिहार की संगीत विरासत को मंच पर जीवंत करेंगे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अलावा महोत्सव में श्रीश्री योग सत्र, आयुर्वेद एवं वेलनेस सत्र, शास्त्रीय नृत्य कार्यशालाएं, भजन क्लबिंग और ध्यान कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। महोत्सव के दौरान आर्ट ऑफ लिविंग के विशेष कार्यक्रमों के तहत हैप्पीनेस और सहज समाधि पाठ्यक्रम भी आयोजित होंगे। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। श्रीश्री रविशंकर बोले -बिहार के हर क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर ने पिछले कई दशकों में बिहार में आए व्यापक बदलाव को याद करते हुए कहा, मैंने बिहार को देखा है और आज के बिहार को भी देख रहा हूं। दोनों में जमीन-आसमान का अंतर है। बिहार में अपने कार्यों के दिनों को याद करते हुए श्रीश्री ने राज्य में हुए एक महत्वपूर्ण सामाजिक परिवर्तन का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि किस तरह कभी एक-दूसरे के कट्टर विरोधी रहे रणवीर सेना और सीपीआई-एमएल के विद्रोहियों को एक साथ लाकर ध्यान और सुदर्शन क्रिया का अभ्यास कराया था। अंतिम दिन दोनों समूहों के सदस्यों की आंखों में आंसू थे और उन्होंने एक-दूसरे को गले लगाया। इससे पूरे वातावरण में अपनत्व और शांति की एक नई भावना का संचार हुआ। श्रीश्री ने कहा, “दोनों समूह एक-दूसरे से मिले, आंसू बह निकले और पूरा वातावरण बदल गया। उन्होंने कहा कि बिहार में वर्तमान विकास की गति पर कहा कि चाहे आप पूर्णिया देखें, भागलपुर या दूसरे जिले, आप देख सकते हैं कि कितना विकास हुआ है। बिहार को बहुत-बहुत बधाई। कहा कि सम्राट चौधरी बहुत मेहनती हैं और वे बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। समृद्ध बिहार से पूरा होगा विकसित भारत का सपना: सम्राट मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रवासी बिहारियों से अपने राज्य के विकास में योगदान देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बिहार को अब विकास और समृद्धि के नए दौर में आगे ले जाना है। इसके लिए बिहार के बाहर रहने वाले सभी लोगों का सहयोग आवश्यक है। बिहार की धरती ने भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, गुरु गोविंद सिंह और महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तित्वों को अपनी विरासत से जोड़ा है। आज आवश्यकता है कि बिहार के लोग अपनी कर्मभूमि के साथ-साथ अपनी जन्मभूमि के विकास में भी सहयोग करें। बिहार समृद्ध होगा, तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकेगा। बिहारी व्यंजन और मधुबनी पेंटिंग के स्टॉल सीएम ने कहा कि अगले दो वर्षों में 31 दिसंबर 2028 तक बिहार में मां सीता का भव्य मंदिर स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार ने विकास की लंबी यात्रा तय की। उन्होंने कहा कि आज का युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आर्ट ऑफ लिविंग प्रांगण में लगे बिहार के व्यंजन, मधुबनी पेंटिंग्स सहित अन्य स्टॉलों का अवलोकन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने गौशाला, आश्रम में स्थित गुरुकुल का भ्रमण किया और गणेश मंदिर में पूजा कर बिहारवासियों की सुख, समृद्धि की कामना की।मुख्यमंत्री ने पाग और अंगवस्त्र भेंटकर श्रीश्री रविशंकर जी का स्वागत किया। बिहार की विरासत को विश्व पटल पर पहुंचाना हमारा दायित्व : डॉ. प्रेम कुमार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बिहार की गौरवशाली विरासत को विश्व पटल पर पहुंचाना हमारा दायित्व है। बिहार का इतिहास जितना प्राचीन है, उतना ही गौरवशाली भी है। प्राचीन काल में पाटलिपुत्र विश्व की महानतम राजधानियों में शामिल रहा है। उन्होंने कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव, आत्मसम्मान और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को स्मरण करने का अवसर है। बिहारी जहां भी रहते हैं, नाम रोशन करते हैं: सरावगी बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ बेंगलुरु पहुंचे। एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में मौजूद बिहारवासियों ने दोनों का गर्मजोशी से स्वागत किया। ‎इस मौके पर सरावगी ने कहा कि बिहार के लोग देश के जिस भी हिस्से में रहते हैं, अपनी मेहनत, प्रतिभा और संस्कारों के माध्यम से बिहार का नाम रोशन कर रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष श्री श्री गौशाला पहुंचे और वहां गौ सेवा की। सरावगी ने कहा यहां बिहार के लोगों से मिले स्नेह, सम्मान और अपनत्व से वह अभिभूत हूं। उन्होंने कहा कि बिहार से दूर रहकर भी अपनी माटी, संस्कृति और संस्कारों से जुड़े आप सभी लोगों का यह स्नेह हृदय को छू गया। बिहार में सेवा और साधना प्रयासों से आया बड़ा बदलाव चार दशकों से अधिक समय से श्रीश्री रवि शंकर और द आर्ट ऑफ लिविंग ने बिहार के कुछ चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में काम किया है। संस्था ने कभी हिंसा और उपेक्षा के लिए पहचाने जाने वाले क्षेत्रों को संवाद और पुनर्निर्माण के केंद्रों में बदलने का प्रयास किया है। नक्सली संघर्ष से प्रभावित रहे गांवों में वर्षों तक चले संवाद और ध्यान के प्रयासों ने 100 से अधिक समुदायों को पुरानी हिंसा और प्रतिशोध के चक्र से बाहर निकलने में मदद की है। आज इन समुदायों ने शिक्षा, कृषि और शांतिपूर्ण जीवन … Read more

गंगा ने बढ़ाई पटना की मुसीबत, बिंद टोली से मनेर तक तबाही; हजारों परिवार बेघर

पटना  बिहार में बाढ़ हाहाकारी रूप धारण करती जा रही है। राजधानी पटना में गंगा नदी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही है। आज गंगा नदी अब तक के सबसे उच्चतम जलस्तर को पार कर सकती है। सोन, पुनपुन और दरधा नदियों में बढ़ा जलस्तर पटना जिले के निचले इलाकों में तबाही मचाने लगी हैं। घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बिंद टोली में सैकड़ों घर डूब गए हैं। मिट्टी के घर ध्वस्त हो गए हैं। करीब 1500 परिवार जेपी गंगा पथ पर प्लास्टिक के टेंट बनाकर रहने को विवश हैं। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटना जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। शहर में बाढ़ का पानी प्रवेश न करे, इसके लिए डीएम ने पटना सुरक्षा दीवार बांध के सभी 108 गेट को पूरी तरह से बंद करने का निर्देश दिया है। यही नहीं, दीवार के 13 स्लूइस गेट को तत्काल डीएम की मौजूदगी में ही दुरुस्त कराया गया। पीएचईडी विभाग के सभी पर्यवेक्षकों और जिला कार्यालय के पदाधिकारियों की छुट्टियां बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। दियारा और अन्य निचले इलाकों की दर्जनों पंचायतों में हजारों एकड़ धान और मकई की फसलें डूब चुकी हैं। कई सड़कें बाढ़ में बहकर ध्वस्त हो गई हैं। सड़क संपर्क टूटने लगा है। हजारों लोगों की आबादी घरों में कैद है। रोजगार के साधन खत्म होने लगे हैं। गांवों में बाढ़ का पानी जमा होने से मनेर से मोकामा तक हजारों परिवार ऊंची जगहों, रेलवे स्टेशनों, सड़कों, स्कूल व अन्य स्थानों पर शरण लेने को विवश हैं। कई जगहों पर प्रशासन से कोई सुविधा नहीं मिलने की भी शिकायत लोग कर रहे हैं। सबसे भयावह स्थिति दीघा क्षेत्र स्थित बिंद टोली की है। बाढ़ का पानी घुस चुका है। लोगों के घर डूब चुके हैं। यहां लेागों को पीने के साफ पानी के लिए भी जूझना पड़ रहा है। यहां बसे रितिक कुमार, बलराम जी, शकुंतला देवी ने बताया कि चौकी-बिछावन पानी में डूब चुका है। कुछ बर्तन-चूल्हा और मवेशियों को लेकर यहां पहुंचे हैं। यहीं पर दो दिनों से किसी तरह गुजारा हो रहा है। मवेशियों को चारा नहीं मिल रहा है मनेर का इस्लामगंज बना टापू,मरीजों की जान सांसत में गंगा और सोन के बीच बसा मनेर का इस्लामगंज गांव टापू बन गया है। पानी गांव के चारों ओर फैल गया है। आवाजाही का एकमात्र सहारा नाव है। खाना बनाने से लेकर शौच तक के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा प्रभावित महिलाएं और बच्चे हैं। गांव की सुमित्रा देवी, झुमकी सहनी समेत कई महिलाओं ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी बीमार पड़ने पर होती है। रात में नाव नहीं चलती। ऐसे में मरीज को खटिया पर लादकर पैदल ही मनेर तक जाना पड़ता है। गीता देवी, कौशल्या देवी, रीना देवी नीलम देवी ने बताया कि गांव की बिजली गुल है। खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही गंगा पटना में गुरुवार को गंगा के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो गई है। मनेर से मोकामा तक गंगा खतरे के निशान से लगभग दो मीटर ऊपर बह रही है। हालांकि गुरुवार की सुबह की तुलना में देर शाम को जलस्तर में हल्का गिरावट (20 सेमी.) देखा गया है। जल संसाधन विभाग की मानें तो प्रयागराज और वाराणसी में गंगा के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी के कारण पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ा है। वहां पर खतरे के निशान से लगभग पांच मीटर ऊपर गंगा बह रही है। जैसे-जैसे वहां के जलस्तर में कमी आएगी, पटना में भी खतरा कम होता जाएगा। अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी का निर्देश कुछ स्था पर स्लूइस गेटों से रिसाव की शिकायत मिली। इस पर डीएम ने 13 स्लूइस गेटों के लीकेज को बंद करवाया। अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी का निर्देश दिया। साथ ही निगम के सभी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों को पूरी क्षमता के साथ चालू रखने को कहा गया है। पाटलिपुत्र कॉलोनी और आसपास के निचले इलाकों में जल प्रवेश रोकने को विशेष व्यवस्था करने को कहा गया है। सदाकत आश्रम के पास नाले के रास्ते शहर में पानी आने की आशंका को देखते जल संसाधन और नगर निगम की टीम को रातभर में नाला बंद करने को कहा गया। जल संसाधन विभाग, नगर निगम और बुडको की संयुक्त टीम को आपसी समन्वय से इस काम को तुरंत पूरा करने को कहा गया। सुरक्षा बांध के गेट से पानी का बहाव होने पर दीघा से बोरिंग रोड, राजापुर पुल, कुर्जी से लेकर मंदिरी आदि मोहल्लों में बाढ़ का खतरा हो सकता है। पटना में गंगा नदी के जल स्तर का जायजा लेते नीतीश कुमार नीतीश कुमार ने बाढ़ की स्थिति का जायजा पूर्व मुख्यमंत्री व जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने आम लोगों से अपील की है कि वे गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर घबराएं नहीं। वे गुरुवार को पटना में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर एवं उत्पन्न बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने जेपी सेतु क्षेत्र से लेकर सिक्स लेन पुल तक पहुंचकर गंगा के जलस्तर, नदी के बहाव एवं आसपास निरीक्षण किया। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा इस दौरान उनके साथ थे।

दो पत्नियों के बाद तीसरी ‘जूली’ के साथ भागा पति, 4 बच्चों की मां पहुंची SP के दरबार

जहानाबाद  बिहार के जहानाबाद जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक शख़्स ने अपनी 2 बीवियों को छोड़कर तीसरी के साथ फरार हो गया. जैसे ही घटना की जानकारी सामने आई, उसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई. यह मामला गुरुवार का है. अब इस बात को लेकर दोनों पत्नी पुलिस अधीक्षक कार्यालय आवेदन देने पहुंची हैं. सोचने वाली बात यह है कि दोनों बीवी से दो बेटे और दो बेटी हैं, लेकिन तीसरी बीवी जूली के साथ भागने वाली के पास भी 2 बच्चे हैं. अब पुलिस से मदद को लेकर दोनों पत्नियां पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची हैं. इससे पूर्व नगर थाना भी गईं थी।  दरअसल, मामला जहानाबाद जिला मुख्यालय स्थित मलहचक मोड़ का है. 15 साल पहले राजू लाल की शादी हिंदू रीति रिवाज से शकूराबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला रिंकू देवी के साथ शादी हुई थी. जीवन शुरुआत में सब सही चल रहा था. दो बेटे भी हुए. पति शुरुआत से होटल में काम करता था. होटल में काम के दौरान ही एक और महिला से प्रेम प्रसंग हो गया. बाद में उस महिला के साथ भी फरार हो गया. इसके बाद बहुत लड़ाई झगड़ा हुआ, लेकिन बाद में किसी तरह पहली पत्नी, दूसरी पत्नी के साथ शादी करवाने को राजी हो गई।  अब दो बीवी को छोड़कर तीसरी के साथ फरार  जानकारी के अनुसार, राजू लाल 45 साल का है और 8 साल पहले दूसरी पत्नी खुशबू देवी से भी शादी हो गई. किसी तरह दोनों पत्नियां साथ में रहने लगे. दूसरी से दो बेटी भी हुई।  4 दिन का बंधा हुआ था दिन पीड़िता के अनुसार, दोनों पत्नी रिंकू देवी और खुशबू देवी को लेकर मलहचक मोड़ पर किराए पर रखता था. साथ ही दोनों को 4-4 दिन समय देता था. इस पर पहली पत्नी तैयार हो गई. इसके बाद दोनों का खर्च जुटाने का कार्य कर रहा था. हालांकि, शुरू में गलत आचरण के पति राजू लाल ने होटल में ही काम करते हुए एक और महिला के साथ बात करना शुरू कर दिया. पहली पत्नी को भनक लगी तो मोबाइल में चेक करना शुरू कर दिया. कुछ -कुछ ऐसा लगने पर पति-पत्नी में जमकर झगड़ा हुआ. इसी कड़ी में बुधवार को होटल में काम करने के दौरान ही युवक साथ ही काम कर रही महिला जूली के साथ फरार हो गया।  चार बच्चों का पिता है राजू लाल पहली पत्नी रिंकू देवी ने बताया कि हम इंसाफ को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय आए हुए हैं. इससे पहले नगर थाना भी गया. हमारे साथ में दूसरी पत्नी भी मौजूद है. दोनों से चार बेटे बेटी हैं. अब वो तीसरी के साथ फरार हो गया है. हमलोगों को धोखा देकर इस प्रकार से कार्य कर रहा है तो कैसे बर्दाश्त करेंगे. अपने पति के खिलाफ केस करेंगे और उसे सजा दिलवाएंगे. इसी उम्मीद से पुलिस अधीक्षक कार्यालय आए हैं।  ‘दो दिन से भूखे हैं हमलोग’ वहीं, दूसरी पत्नी खुशबू देवी ने बताया कि हमने ऐसा इंसान तो देखा ही नहीं है. दो पत्नी को साथ रखने के बाद तीसरी के साथ फरार हो गया है. ऐसे में पहले से हमलोग परेशान हैं और दो दिन से भूखे हैं और छोटे- छोटे बच्चे घर पर हैं. इंसाफ की गुहार लगाने को पुलिस अधीक्षक कार्यालय आई हुई हैं। 

इंदिरा गांधी, वाजपेयी, आडवाणी और राजीव गांधी के खिलाफ लड़े चुनाव, 280 बार मैदान में उतरे ‘धरतीपकड़’ का निधन

भागलपुर वार्ड सदस्य से राष्ट्रपति तक चुनाव लड़ने का रिकॉर्ड बनाने वाले नागरमल बाजोरिया उर्फ धरतीपकड़ नहीं रहे। पटना में इलाज के दौरान गुरुवार को 97 साल की उम्र में निधन हो गया। एमपी द्विवेदी रोड स्थित देवी बाबू धर्मशाला के समीप के रहने वाले नागरमल बाजोरिया ने कुल 280 चुनाव लड़कर रिकॉर्ड कायम किया था। नगर निकाय (वार्ड) से लेकर तमाम चुनावों में पर्चा दाखिल कर वे चर्चा में आए थे। इंदिरा गांधी के खिलाफ रायबरेली से, राजीव गांधी के खिलाफ अमेठी से, संजय गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और एलके आडवाणी जैसे राजनीतिक दिग्गजों के खिलाफ भी उन्होंने चुनाव लड़ा। धरतीपकड़ ने वर्ष 2012 में प्रणब मुखर्जी के खिलाफ राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के लिए दाखिल किया लेकिन, उनका पर्चा खारिज हो गया था। पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि वर्ष 1969 में तत्कालीन राष्ट्रपति उम्मीदवार वीवी गिरि के खिलाफ नामांकन किया था और उन्होंने अपना आखिरी चुनाव 2019 में लड़ा था। हालांकि उन्हें किसी भी चुनाव में जीत नहीं मिली। मनिहारी का व्यापार करने वाले बाजोरिया समाजसेवा से भी जुड़े रहे। पीएमसीएच में चल रहा था इलाज परिजन आलोक कुमार अग्रवाल ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर गुरुवार रात नौ बजे पटना से भागलपुर लाया गया। जिले के पवित्र बरारी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। चार पुत्र और एक पुत्री के पिता धरतीपकड़ के परिवार में एक बेटे विजय बाजोरिया की मृत्यु हो चुकी है। शेष सतीश बाजोरिया, अजय बाजोरिया और दिलीप बाजोरिया व्यापार से जुड़े हैं। सतीश पिता की बनाई मनिहारी दुकान गोविंद चूड़ी भंडार में बैठते हैं। दिलीप पटना और अजय दिल्ली के कारोबार देखते हैं। बेटी मंजू देवी का पटना में ससुराल है। पौत्र सौरव बाजोरिया ने बताया कि करीब 10 से 15 दिनों से उनकी तबीयत खराब थी और उनका इलाज पीएमसीएच, पटना में चल रहा था। पाकिस्तान के लाहौर में जन्म, भागलपुर में बस गए चांद झुनझुनवाला ने बताया कि नागरमल बाजोरिया का जन्म वर्ष 1930 में पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था। देश की आजादी से पहले ही उनका परिवार भागलपुर आकर बस गया था। वह पूरे देश में 280 बार चुनाव लड़ चुके हैं। उनकी समाजसेवा, कन्या विवाह के प्रति लगन, गरीब महिलाओं के प्रति सेवा की लगन, बच्चों की पढ़ाई के प्रति इनका समर्पण पूरी दुनिया में सबसे अनोखा है। चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रहे रामगोपाल पोद्दार ने बताया कि नागरमल बाजोरिया की खासियत यह थी कि चुनाव उनके लिए सिर्फ जीत-हार का माध्यम नहीं था, बल्कि लोकतंत्र में भागीदारी का एक जरिया था। बढ़ती उम्र के साथ नागरमल बाजोरिया पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। गधों के गले में तख्तियां डाल निकाली थी नामांकन रैली नागरमल बाजोरिया का चुनावी अभियान अनोखा रहा। उनकी पोषाक, उनके कपड़ों पर लिखे श्लोगन और उनकी नामांकन रैली सभी लोगों को ध्यान आकर्षित करने वाली होती थी। वर्ष 2005 के एक चुनाव के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार पर निशाना साधते हुए नामांकन रैली निकाली थी। स्टेशन चौक पर उनकी इस रैली को देखने वालों की भीड़ लगी थी। रैली में कुछ राजनीतिक टिप्पणी वाली तख्तियां गधों के गले में डालकर निकले थे, खूब सुर्खियां बनी थीं। निधन पर व‍िधायक ने जताया शोक भागलपुर व‍िधानसभा के भाजपा व‍िधायक रोह‍ित पांडेय ने नागरमल बाजोरिया के न‍िधन पर दुख जताया है। उन्‍होंने कहा क‍ि- नागरमल जी का जीवन प्रेरणादायी था। वहीं भाजपा की प्रदेश महामंत्री और पार्षद डॉ. प्रीति शेखर और मोंटी जोशी ने भी शोक जताया है।

बिहार में गजब जुगाड़! चोरी से बचाने के लिए क्रेन से घर की छत पर पहुंचाई Scorpio, Video Viral

पटना  बिहार का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में Mahindra Scorpio को चोरी से बचाने के लिए ऑनर अनोखा जुगाड़ लगाता दिख रहा है. जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर ये काफी तेजी से फैल रहा है. बताया जा रहा है कि SUV के मालिक को विदेश जाने के दौरान अपनी गाड़ी की सेफ्टी की चिंता थी. इसी वजह से उसने कार को जमीन पर पार्क करने के बजाय घर की छत पर रखने का फैसला किया. हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस दावे और वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।  क्रेन से छत पर पहुंचाई Scorpio वायरल वीडियो में Mahindra Scorpio Classic को एक क्रेन की मदद से धीरे-धीरे उठाकर रेजिडेंशियल बिल्डिंग की छत पर रखा जाता हुआ दिखाई देता है. वीडियो में एक Scorpio Classic को क्रेन की मदद से घर की छत पर चढ़ाते हुए देखा जा सकता है. इस अजीबोगरीब तरीके को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. कई लोगों ने इसे गाड़ी चोरी होने की चिंता से निपटने का अनोखा तरीका बताया है।  इस वायरल वीडियो में पूरी घटना को देखा जा सकता है. हालांकि, कई जरूरी जानकारी कंफर्म नहीं हुई है. ये बिहार में कहां की घटना है, उसके बारे में भी पता नहीं चल पाया है. साथ ही Scorpio के मालिक की पहचान भी नहीं हो पाई है. SUV कितने समय तक छत पर रहेगी और क्रेन से गाड़ी उठाने के लिए जरूरी परमिशन ली गई थी या नहीं, इसकी जानकारी भी सामने नहीं आई है. इस वजह से वायरल वीडियो के आधार पर इन चीजों को पक्के तौर पर सही नहीं माना जा सकता है।  SUV को छत पर रखना नहीं है सेफ कार को क्रेन से घर की छत पर रखना देखने में भले ही अनोखा लगे, लेकिन इसमें कई सेफ्टी रिस्क भी हो सकते हैं. आपको बता दें कि एक SUV का वजन काफी ज्यादा होता है. घर की छत को आमतौर पर इतने भारी लोड को सहने के लिए डिजाइन नहीं किया जाता है. जिसके कारण छत पर SUV रखने से पहले बिल्डिंग की स्ट्रक्चरल कैपेसिटी को समझना बेहद जरूरी है. इसके अलावा क्रेन से इतनी भारी गाड़ी को उठाने के लिए ट्रेंड ऑपरेटर, सही लिफ्टिंग पॉइंट्स और नीचे पर्याप्त सेफ्टी एरिया की जरूरत होती है. लिफ्टिंग के दौरान छोटी सी गलती भी गाड़ी, बिल्डिंग या आसपास मौजूद लोगों के लिए खतरा पैदा कर सकती है।  गाड़ी वापस नीचे लाना भी चुनौती SUV को छत पर पहुंचाने के बाद उसे वापस नीचे लाना भी एक अलग चुनौती हो सकती है. लंबे समय तक गाड़ी का इस्तेमाल नहीं होने, मौसम के सीधे संपर्क में रहने और छत तक पहुंच की लिमिटेड सुविधा का असर SUV पर पड़ सकता है. बारिश, धूल और धूप जैसी चीजों से भी गाड़ी को नुकसान हो सकता है. अगर किसी कार मालिक को लंबे समय के लिए अपनी गाड़ी को बिना निगरानी के छोड़ना है, तो सिक्योर कवर्ड पार्किंग, भरोसेमंद केयरटेकर, व्हील लॉक, GPS-बेस्ड ट्रैकिंग, इंश्योरेंस और सिक्योरिटी कैमरों जैसे ऑप्शन ज्यादा प्रैक्टिकल हो सकते हैं।  Scorpio नाम Mahindra की पहचान Mahindra Scorpio भारत में कंपनी के सबसे पहचान वाले SUV नेमप्लेट्स में से एक है. मौजूदा Scorpio-N की कीमत वैरिएंट, इंजन और ड्राइवट्रेन के आधार पर 13.37 लाख रुपये से शुरू होती है. Scorpio-N में 2.2-लीटर mHawk डीजल इंजन दिया जाता है. इसके हायर स्पेसिफिकेशन में ये इंजन 132 hp तक की पावर और 300 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. ट्रांसमिशन ऑप्शन में 6-स्पीड मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स मिलते हैं. वहीं चुनिंदा डीजल वैरिएंट्स में फोर-व्हील ड्राइव का ऑप्शन भी दिया जाता है। 

Bhagalpur में Trade License की जांच तेज, 50 हजार दुकानों की होगी पड़ताल; 1.42 करोड़ जुटे

भागलपुर. होल्डिंग टैक्स वसूली के साथ-साथ भागलपुर नगर निगम ने अब व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के ट्रेड लाइसेंस को लेकर भी सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। चल रहे 'राजस्व वसूली माह' के तहत निगम प्रशासन ने ट्रेड लाइसेंस जांच अभियान को गति देने के लिए एक विशेष टास्क टीम का गठन किया है। यह टीम शहर के मुख्य बाजारों और व्यावसायिक इलाकों में जाकर दुकानों के वैध लाइसेंस की भौतिक जांच करेगी। जिन व्यवसायियों ने अब तक लाइसेंस नहीं बनवाया है, उन्हें पहले समझाइश देकर ऑनलाइन आवेदन के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके बाद भी लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने सिल्क सिटी के लगभग 50 हजार दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को ट्रेड लाइसेंस के दायरे में लाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक पोर्टल पर 16,405 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 14,708 आवेदनों का सत्यापन कर ट्रेड लाइसेंस जारी कर दिए गए हैं, जबकि 913 आवेदनों में भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। इसके अतिरिक्त करीब 8,000 पुराने ट्रेड लाइसेंस नवीनीकरण की प्रत्याशा में लंबित पड़े हैं। जांच के साथ जागरूक करेगी टास्क टीम अभियान के दौरान निगम की टास्क टीम दुकानदारों को ऑनलाइन आवेदन करने की सरल प्रक्रिया और ट्रेड लाइसेंस के लाभों से अवगत कराएगी। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश छोटे-मंझोले व्यवसायी प्रक्रिया की जानकारी के अभाव में लाइसेंस नहीं बनवाते हैं। ऐसे में टीम मौके पर ही मार्गदर्शन प्रदान करेगी। निगम का स्पष्ट उद्देश्य शहर के शत-प्रतिशत कारोबार को औपचारिक दायरे में लाकर नगर निकाय के राजस्व में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है। अब तक 1.42 करोड़ की कमाई, 24 लाख से अधिक प्रक्रियाधीन ट्रेड लाइसेंस जारी करने के एवज में नगर निगम को अब तक 1.42 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। इसके अलावा 24.70 लाख रुपये का भुगतान विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियाधीन है, जो जल्द ही निगम के खाते में जुड़ जाएगा। निगम अधिकारियों के मुताबिक, विशेष जांच अभियान के गति पकड़ते ही आवेदनों और राजस्व दोनों में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। सर्वे के आधार पर बिना लाइसेंस संचालित हो रही दुकानों को चिह्नित कर उन्हें समय सीमा के भीतर दस्तावेज दुरुस्त करने का अंतिम मौका दिया जाएगा।

बिहार में होल्डिंग टैक्स भरने वालों को राहत, 1 अक्टूबर से बकाये पर 1.5% कंपाउंड इंटरेस्ट

भागलपुर. भागलपुर नगर निगम ने होल्डिंग टैक्स समेत विभिन्न शुल्कों की वसूली में तेजी लाने के उद्देश्य से सितंबर को 'राजस्व वसूली माह' घोषित किया है। निगम प्रशासन शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर माइकिंग करवाकर नागरिकों को जागरूक कर रहा है। चेतावनी भी दी गई है कि सितंबर बीतते ही बकायेदारों की जेब पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा। 1 अक्टूबर से बकाया होल्डिंग टैक्स पर 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से चक्रवृद्धि ब्याज वसूला जाएगा। निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यदि करदाता चालू माह यानी सितंबर में अपने बकाये होल्डिंग टैक्स का भुगतान कर देते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त ब्याज नहीं देना होगा। नियमों के तहत अप्रैल से जून तक एकमुश्त टैक्स जमा करने पर 5 प्रतिशत की छूट का प्रविधान था। अब यदि सितंबर की समय सीमा चूक गई, तो अगले महीने की पहली तारीख से 1.5 फीसदी चक्रवृद्धि ब्याज का मीटर चालू हो जाएगा। इसी वित्तीय दंड से बचने के लिए निगम ने शहरवासियों से तत्काल टैक्स जमा करने का आग्रह किया है। सरकारी संस्थानों और बड़े बकायेदारों पर शिकंजा राजस्व घाटे की भरपाई के लिए निगम ने इस बार सरकारी महकमों और निजी बड़े बकायेदारों पर विशेष रूप से फोकस किया है। बकाया रखने वाले तमाम सरकारी कार्यालयों और संस्थानों की विस्तृत सूची तैयार कर ली गई है। शाखा प्रभारियों को वार्डवार रोस्टर सौंपते हुए वसूली का जिम्मा दिया गया है। पिछले दो दिनों से शाखा प्रभारी विभिन्न सरकारी दफ्तरों का दौरा कर टैक्स बिल (विपत्र) थमा रहे हैं। साथ ही, टैक्स संग्राहकों को बड़े बकायेदारों के घर-घर जाकर विपत्र हस्तगत कराने और मौके पर ही राशि जमा कराने का निर्देश जारी किया गया है। नगर निगम सितंबर को मना रहा राजस्व वसूली माह; प्रमुख चौक-चौराहों पर माइकिंग कराकर लोगों से टैक्स जमा करने की अपील की जा रही है- सितंबर में होल्डिंग टैक्स चुकाने पर मिलेगी ब्याज से छूट, 1 अक्टूबर से बकाया राशि पर लगेगा प्रतिमाह 1.5 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज सरकारी संस्थानों और बड़े बकायेदारों पर विशेष शिकंजा; वार्डवार रोस्टर बनाकर घर-घर व दफ्तरों में बांटे जा रहे बिल अब तक 15 करोड़ रुपये की हो चुकी है वसूली; 25 सितंबर तक शत-प्रतिशत टैक्स संग्रह का रखा गया लक्ष्य 25 सितंबर तक शत-प्रतिशत का लक्ष्य नगर निगम को चालू वित्तीय वर्ष में अब तक होल्डिंग टैक्स मद में लगभग 15 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। निगम प्रशासन ने आगामी 25 सितंबर तक शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। लक्ष्य प्राप्ति के लिए सभी राजस्व कर्मियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी गई है। निगम का पूरा प्रयास है कि शहरवासी 30 सितंबर से पहले अपने करों का निपटारा कर लें, जिससे वे 1 अक्टूबर से प्रभावी होने वाले चक्रवृद्धि ब्याज के दायरे से बच सकें।