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मकान बनाने के लिए नए मानक लागू, नक्शा पास कराने में अब सख्ती बढ़ेगी

पटना अगर आप बिहार में किसी जगह पर अपना नया मकान बनाना चाहते हैं या फिर आप कोई बिल्डर हैं और नया अपार्टमेंट बनाना चाहते हैं तो आपको यह खबर जरूर पढ़नी चाहिए। राज्य में ने मकानों, रसोईघर या शौचालय की ऊंचाई कितनी हो, इसे लेकर नए मानक बनाए गए हैं। इन मानकों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई भी होगी। दरअसल बिहार में अपार्टमेंट और मकान के कमरे, रसोई, शौचालय आदि के क्षेत्रफल और ऊंचाई के मानक तय कर दिए गए हैं। कमरे की ऊंचाई कम से कम 2.75 वर्गमीटर या 9 फीट और क्षेत्रफल 9 वर्गमीटर या 97 वर्गफीट होगा। इसका उल्लंघन करने वालों पर गाज गिरेगी। नक्शा स्वीकृत नहीं होगा। नगर विकास विभाग ने भवन निर्माण उपविधि के ड्राफ्ट में इसे शामिल किया है। सम्राट चौधरी कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे पूरे बिहार में लागू किया जाएगा। ड्राफ्ट में मकान के सभी घटक(कंपोनेंट) की ऊंचाई, चौड़ाई और क्षेत्रफल के मानक निर्धारित किए गए हैं। न्यूनतम मानकों का पालन करना सभी बिल्डर या मकान निर्माण करने वालों के लिए जरूरी होगा। इसके अनुसार रहने योग्य कमरे का क्षेत्रफल कम से कम 9 वर्गमीटर या 97 वर्गफीट, चौड़ाई 2.4 मीटर या 8 फीट और ऊंचाई 2.75 मीटर या 9 फीट होगी। इसी तरह रसोई का क्षेत्रफल 4.5 वर्गमीटर, चौड़ाई 1.8 मीटर या 6 फीट और ऊंचाई 2.75 मीटर या 9 फीट होगी। केवल स्नानागार यानी बाथरूम का क्षेत्रफल कम से कम 1.8 वर्गमीटर, चौड़ाई 1.2 मीटर और ऊंचाई 2.2 मीटर होगी। केवल शौचालय का क्षेत्रफल कम से कम 1.2 वर्गमीटर, चौड़ाई 0.9 मीटर होना चाहिए। इसी तरह प्लिंथ और छत की मुंडेर की ऊंचाई भी निर्धारित की गई है। वर्तमान में निर्माण के दौरान मानकों का पालन नहीं किया जाता है। बिल्डर स्वीकृत ऊंचाई में ज्यादा से ज्यादा फ्लोर बनाने के फेर में कमरे की ऊंचाई कम कर देते हैं। कई जगह आठ फुट तक ऊंचाई होती है। इससे आम लोगों को परेशानी होती है। जाहिर है नई भवन निर्माण उपविधि के लागू होने से ऐसी गतिविधियों पर काफी हद तक लगाम लगेगी। घटक – क्षेत्रफल (वर्गफीट) – चौड़ाई (फीट) – ऊंचाई (फीट) कमरा- 97 – 8 – 9 रसोई – 48.5 – 6 – 9 रसोई और डायनिंग – 81 – 7 – 9 केवल स्नानागार – 20 – 4 – 7.25 केवल शौचालय – 13 -3 – 7.25 शौचालय और स्नानागार – 30 – 4- 7.25 छत की मुंडेर – तय नहीं – तय नहीं – 3.95 से 4.92 फीट

रांची एयरपोर्ट की उड़ानों में बदलाव, अहमदाबाद, पटना और चेन्नई रूट प्रभावित

 रांची मानसून सीजन को देखते हुए विमानन कंपनियों ने अपनी उड़ान सेवाओं के शेड्यूल में बदलाव किया है। इंडिगो एयरलाइंस ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से संचालित होने वाली कुछ प्रमुख उड़ानों के दिनों में परिवर्तन किया है। नए शेड्यूल के अनुसार यात्रियों को यात्रा से पहले फ्लाइट की स्थिति जरूर जांच लेने की सलाह दी गई है। इंडिगो की रांची-अहमदाबाद विमान सेवा अब सप्ताह में पांच दिन संचालित होगी। यह उड़ान रविवार, मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार और शनिवार को उपलब्ध रहेगी। वहीं रांची-पटना रूट पर विमान सेवा मंगलवार और गुरुवार को छोड़कर सप्ताह के बाकी दिनों में संचालित होगी। रांची से कोलकाता जाने वाले यात्रियों के लिए भी बदलाव किया गया है। इंडिगो की उड़ान संख्या 6ई-7251 अब सप्ताह में तीन दिन उपलब्ध नहीं होगी। यह सेवा सोमवार, बुधवार और शनिवार को संचालित नहीं की जाएगी। इसके अलावा रांची-चेन्नई विमान सेवा सप्ताह में चार दिन रविवार, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को उड़ान भरेगी। मानसून के दौरान मौसम की स्थिति का असर विमान परिचालन पर पड़ सकता है। तेज बारिश, कम दृश्यता या खराब मौसम की स्थिति में उड़ानों के समय में बदलाव या देरी की संभावना रहती है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि एयरपोर्ट पहुंचने से पहले एयरलाइंस की वेबसाइट, मोबाइल एप या हेल्पलाइन से फ्लाइट का ताजा अपडेट जरूर प्राप्त कर लें। यात्रियों को बोर्डिंग समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने और यात्रा के दौरान जरूरी दस्तावेज साथ रखने की भी अपील की गई है, ताकि अंतिम समय में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।  

झारखंड में परिसीमन पर आदिवासी प्रतिनिधिमंडल की चिंता, आरक्षित सीटों पर असर का दावा

 रांची  आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उरांव के नेतृत्व में आदिवासी छात्र संघ के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने लोकभवन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की। वर्ष 2027 में प्रस्तावित परिसीमन, अनुसूचित जनजातियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की सुरक्षा, पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों के संवैधानिक संरक्षण एवं आगामी जनगणना में पृथक सरना धर्म कोड लागू करने की मांग को ले ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि परिसीमन प्रक्रिया में आदिवासी समाज के ऐतिहासिक, सामाजिक एवं संवैधानिक अधिकारों को ध्यान में रखा जाए तथा वर्ष 1971 की जनगणना के आधार पर अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीटों की वर्तमान संरचना को सुरक्षित रखा जाए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि वर्ष 2027 की जनगणना के आधार पर परिसीमन किया जाता है, तो झारखंड में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों में लगभग 6 सीटों तथा लोकसभा की 1 अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीट के प्रभावित होने की आशंका है। इससे राज्य के आदिवासी समाज का राजनीतिक प्रतिनिधित्व कमजोर होगा। इसी संवैधानिक चिंता को देखते हुए आदिवासी छात्र संघ द्वारा प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया का विरोध किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि झारखंड राज्य का गठन आदिवासी समाज के ऐतिहासिक संघर्ष, बलिदान एवं जल-जंगल-जमीन की रक्षा की भावना से हुआ है। इसलिए केवल जनसांख्यिकीय परिवर्तन के आधार पर आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। सुशील उरांव ने कहा कि बिहार राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के प्रविधानों के तहत झारखंड के आदिवासियों को प्राप्त जनजातीय राजनीतिक प्रतिनिधित्व पूरी तरह अक्षुण्ण है और हमेशा अक्षुण्ण रहना चाहिए। इस संवैधानिक अधिकार में किसी भी प्रकार की कटौती या हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं, खनन, औद्योगिकीकरण एवं विस्थापन के कारण हुए जनसांख्यिकीय बदलाव का राजनीतिक नुकसान आदिवासी समाज को नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा आदिवासी भूमि, मूलवासी भूमि एवं राज्य सरकार की गैर-मजरूआ भूमि पर हुए अनाधिकृत कब्जे, बाहरी व्यापारिक गतिविधियों, व्यावसायिक विस्तार, मुटिया मजदूरी तथा औद्योगिक श्रमिक आबादी से हुए जनसांख्यिकीय बदलाव को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। ऐसे बदलाव को निर्वाचन क्षेत्र के परिसीमन एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। कहा कि झारखंड के मूल निवासियों के लोकतांत्रिक अधिकार, सांस्कृतिक पहचान एवं जल-जंगल-जमीन से जुड़े अधिकारों की रक्षा करना आवश्यक है। उन्होंने आदिवासी समाज से अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति सजग, सतर्क एवं एकजुट रहने का आह्वान किया। आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय कोषाध्यक्ष सह संयोजक जलेश्वर भगत ने कहा सरना धर्म कोड की मांग कई दशकों पुरानी है और वर्ष 2027 की जनगणना से पूर्व हर हाल में पृथक सरना धर्म कोड लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा आदिवासी छात्र संघ द्वारा झारखंड सहित ओड़िशा, बिहार, पश्चिम बंगाल एवं असम में जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में सुशील उरांव, डा. जलेश्वर भगत, मनोज उरांव, विद्यासागर, संजय व रवि उपस्थित रहे।

होटल से लेकर रेपिडो तक बना हमले का पूरा नेटवर्क, जांच में बड़ा खुलासा

रांची रांची में आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने की साजिश और हमले की जांच में गिरफ्तार सायन अंसारी ने जेल जाने से पहले कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। उसने बताया कि घटना से पहले वह अपने बचपन के दोस्त अमन अंसारी उर्फ गोलू और सैफ अंसारी उर्फ रोहित के साथ टुकटुक (टोटो) से आरएसएस कार्यालय की रेकी करने गया था। अमन ने पहले ही उसे उस स्थान का लोकेशन भेज दिया था और वह मौके का मुआयना कर चुका था। बाद में तीनों आरोपित रेपिडो से निवारणपुर पहुंचे और घटना को अंजाम देकर वापस कांटाटोली लौट आए। सायन के बयान से यह भी सामने आया है कि कांटाटोली स्थित एक होटल में अमन अंसारी के नाम से कमरा बुक किया गया था, जहां पेट्रोल बम तैयार किया गया था। ऑटो चालक है सायन अंसारी सायन अंसारी ने बताया कि वह टोटो चलाकर जीविका चलाता है। उसके पिता का टोटो है, जिसे वह चलाकर कमाई करता है। उसका ननिहाल लोहरदगा के आजाद बस्ती में है, जहां अमन अंसारी उर्फ गोलू का भी घर है। दोनों बचपन के दोस्त हैं और अमन जब भी रांची आता था तो उससे मुलाकात करता था। दिसंबर 2025 में सायन की शादी रुकसार परवीन से हुई थी और वह सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा था। सायन के अनुसार, अमन अंसारी ने उसे फोन कर कहा कि एक काम करना है, जिसके बदले 50 हजार रुपये और अतिरिक्त इनाम मिलेगा। इसके बाद अमन उसके घर आया। टुकटुक में ही सभी के बीच चर्चा हुई कि काम को अंजाम देने के लिए कुछ सामान की जरूरत है। सड़क किनारे होटल में खाना खाकर रिश्तेदार के घर गया था अमन सड़क के किनारे स्थित एक होटल में तीनों आतंकियों ने खाना खाया था। इसके बाद अमन कुछ देर के लिए अपनी खाला के घर गया। लौटने के बाद तीनों कांटाटोली स्थित एक होटल पहुंचे, जहां अमन अंसारी के नाम पर एक कमरा बुक कराया गया। होटल संचालक ने एक हजार रुपये लेकर तीन लोगों के ठहरने की व्यवस्था की। कमरे की बुकिंग के समय अमन ने अपना आधार कार्ड होटल में जमा किया था। होटल में कुछ देर रुकने के बाद तीनों नीचे उतरे और होटल के सामने स्थित पेट्रोल पंप के पास एक चाउमीन दुकान से 10 रुपये में चिली सास की खाली बोतल खरीदी। सायन ने बताया कि दुकानदार ने उन्हें यह भी कहा था कि किसी लड़ाई-झगड़े या किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं करना। उसी दुकान के बगल में एक बंद दुकान के बाहर कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतल पड़ी थी, जहां से उन्होंने स्प्राइट की एक खाली बोतल उठा ली। होटल से चादर लेकिन निकले थे आतंकी सैफ और अमन ने पहचान छिपाने के लिए होटल का तौलिया और बिस्तर पर बिछी हरे-सफेद रंग की चादरनुमा कपड़ा अपने चेहरे पर लपेट लिया। रात के समय सायन और अमन के मोबाइल फोन बंद हो गए थे। इसके बाद सैफ अंसारी के मोबाइल से रेपिडो बुक किया गया। जब रेपिडो चालक आया तो उससे भी सैफ के मोबाइल से ही बातचीत की गई। सायन ने बताया कि रेपिडो को पहले डोरंडा का लोकेशन दिया गया बाद में आरएसएस कार्यालय का दिया गया। इसके बाद रेपिडो चालक को निवारणपुर चलने के लिए कहा गया। लोकेशन के आधार पर तीनों निवारणपुर पहुंचे, जहां घटना को अंजाम दिया गया। इसके तुरंत बाद वे उसी रेपिडो से वापस कांटाटोली लौट आए। रेपिडो का 400 रुपये किराया अमन ने दिया। उसके पास खुले पैसे नहीं थे, इसलिए पास की एक दुकान से छुट्टा कराया गया। घटना के बाद तीनों फिर होटल लौट आए और तीनों ने राणा से तय 50,50 हजार रुपये की मांग की। इस पर राणा ने कहा कि पैसे अगले दिन सुबह दे दिए जाएंगे। हालांकि उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला। नगर निगम की निर्माणाधीन इमारत के पीछे छिपाया कपड़ा तीनों आतंकी घटना को अंजाम देने के बाद अगली सुबह करीब नौ बजे तीनों उठे और दस बजे होटल छोड़ दिया। होटल के नीचे स्थित एक कपड़े की दुकान पर जाकर उन्होंने सस्ते कपड़े खरीदने की कोशिश की, लेकिन वहां 100-150 रुपये के कपड़े नहीं मिले। इसके बाद दूसरी दुकान से 150-150 रुपये में कपड़े खरीदे गए। अमन और सैफ ने अपने पुराने कपड़े बदलकर सायन को दे दिए। बाद में तीनों ने उन कपड़ों को खादगढ़ा बस स्टैंड के पास नगर निगम की निर्माणाधीन इमारत के पीछे पहले से पड़े एक प्लास्टिक पोस्टर के अंदर छिपा दिया। पहले जाना था लखनऊ लेकिन डायरेक्ट ट्रेन नहीं होने से गए कानपुर सायन ने बताया कि राणा ने अमन और सैफ को लखनऊ जाने का निर्देश दिया था। जब दोनों ने ट्रेन की जानकारी जुटाई तो पता चला कि रांची से लखनऊ के लिए सीधी ट्रेन नहीं है। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि दोपहर करीब पौने तीन बजे एक ट्रेन कानपुर जाती है। दोनों ने आपस में बातचीत कर कानपुर तक जाने और वहां से दूसरी ट्रेन पकड़कर लखनऊ पहुंचने की योजना बनाई। उन्होंने सायन को भी साथ चलने का प्रस्ताव दिया, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद वह अपने घर लौट गया, जबकि अमन और सैफ रेलवे स्टेशन की ओर निकल गए

पटना में अस्पताल का फायर ऑडिट फिर फेल, ऑटोमैटिक सिस्टम और इमरजेंसी निकास अब भी अधूरे

पटना नोटिस मिलने के बावजूद खान सर के अस्पताल में फायर सेफ्टी से जुड़े खामियों को अब तक दूर नहीं किया जा सका है। सात जून को अग्निशमन विभाग ने खान सर के पटना स्थित अस्पताल में फायर सेप्टी के लिए किए गए इंतजामों की ऑडिट की थी। लेकिन इस ऑडिट में कई कमियां उजागर होने के बाद अस्पताल प्रबंधन को नोटिस दिया गया था। अब अग्निशमन विभाग ने एक बार पिर शनिवार को अशोक राजपथ स्थित खान सर के अस्पताल का ऑडिट किया। अग्निशमन अधिकारियों ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में एक बार फिर आग से सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं मिले। इसके बाद विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को दोबारा नोटिस जारी कर खामियां दूर करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। अग्निशमन विभाग की ओर से 14 दिन पहले भी ऑडिट की गई थी। उस वक्त वहां आग से बचाव के पर्याप्त उपाय नहीं होने पर प्रबंधन को नोटिस दिया गया था। पिछली बार विभाग ने कई सुझाव दिए थे। उसकी प्रगति काफी धीमी पाई गई है। अब 10 दिन बाद एक बार फिर अस्पताल का निरीक्षण किया जाएगा। विभाग ने अशोक राजपथ के एनी बेसेंट रोड स्थित खान सर के अस्पताल का पहली बार सात जून को ऑडिट किया। इस दौरान वहां आग से बचाव के पर्याप्त प्रबंध नहीं पाए गए थे। अस्पताल में ऑटोमेटिक फायर अलार्म सिस्टम, फिक्सड फायर फाइटिंग सिस्टम, आपातकालीन निकास, तय संख्या में पोर्टेबल अग्निशमन सिलेंडर व भूमिगत पानी की टंकी की व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद विभाग ने नोटिस जारी कर 10 दिनों में आग से सुरक्षा की सारी व्यवस्था का निर्देश दिया था। नोटिस के 14 दिन पूरा होने पर लोदीपुर अग्निशमन केंद्र प्रभारी इंद्रजीत कुमार के नेतृत्व में अग्निशमन कर्मी शनिवार की दोपहर दोबारा खान सर के अस्पताल पहुंचे थे। अग्निशमन कर्मियों ने वहां आग से बचाव के किए जा रहे कार्य को देखा। निरीक्षण में अग्निशमन की टीम ने पाया कि पिछली बार जो हिदायत दी गई थी, उसमें धीमी गति से कार्य कराया जा रहा है। इंद्रजीत कुमार ने बताया कि अस्पताल में अभी भी काफी कमियां है। विभाग ने फायर निकास निर्माण का सुझाव दिया था। यह कार्य अभी अधूरा है। ऑटोमेटिक फायर डिटेक्टर और स्प्रिंकलर सिस्टम भी नहीं लगाया गया है। लिहाजा विभाग ने व्यवस्था के लिए अस्पताल प्रबंधन को दोबारा से 10 दिन का समय दिया है। उन्होंने बताया कि रोजाना अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इसलिए फायर सेफ्टी व्यवस्था में किसी प्रकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  खान सर  की अग्रिम जमानत 25 तक बढ़ी इधर खान ग्लोबल कोटिंग इंस्टीच्यूट परिसर में फायरिंग से जुड़े एक केस का सामना कर रहे खान सर उर्फ फैजल खान की अग्रिम जमानत पर सुनवाई के लिए पुलिस ने शनिवार को अदालत के समक्ष सील बंद लिफाफे में कांड की केस डायरी और साक्ष्य पेश किया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रुपेश देव की अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी सुनवाई हुई। अदालत ने अग्रिम जमानत अर्जी पर सरकार की ओर से बहस करने की तैयारी के लिए सील बंद केस डायरी और साक्ष्य को लोक अभियोजक राजेश कुमार को सौंप दिया। लोक अभियोजक ने सील बंद केस डायरी प्राप्त की। 23 जून को केस डायरी और साक्ष्य सील बंद लिफाफा कोर्ट को सौंप देंगे। अदालत ने फैजल खान के खिलाफ दंडात्मक कारवाई पर रोक को 25 जून तक बढ़ा दी। इससे पहले कोर्ट ने 9 जून को अग्रिम जमानत पर सुनवाई के बाद फैजल खान के खिलाफ दंडात्मक कारवाई पर रोक लगा दी थी, और उनके दो गार्ड के खिलाफ पुलिस ने कदमकुंआ थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी कांड में फैजल खान के दो गार्ड को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

स्वास्थ्य मंत्री के आग्रह पर सीएम सम्राट चौधरी का ऐलान, शिक्षा व्यवस्था में जुड़ेगा योग

नई दिल्ली  भारत समेत पूरी दुनिया में विश्व योग दिवस की धूम है। रविवार यानी 21 जून को दुनिया भर में लोगों ने अलग-अलग जगहों पर योग किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर योग किया और देशवासियों के स्वस्थ रहने की कामना की है। बिहार में भी योग दिवस को लेकर लोगों में उत्साह नजर आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित कंकड़बाग पाटलिपुत्र खेल परिसर में योग दिवस पर योग किया। उनके साथ बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, सांसद ललन सिंह पूर्व मंत्री मंगल पांडेय समेत कई नेताओं ने योग किया है। इस बेहद ही खास मौके पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मुख्यमंत्री से एक मांग की जिसे लेकर सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान भी किया। दरअसल बिहार के स्वास्थ्य मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मैंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अनुरोध किया है कि बिहार के जितने भी स्कूल और कॉलेज हैं उसके पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि स्कूल-कॉलेजों में योग से संबंधित आधे घंटे का एक प्रोग्राम होना चाहिए जिसमें योग, ध्यान इत्यादि चीजें कराई जाए। हालांकि, इसके लिए किसी को बाध्य नहीं किया जाएगा बल्कि यह छात्रों की इच्छा पर निर्भर करेगा कि अगर उन्हें करना है तो इसे करें या ना करें। इसके लिए हाजिरी बनाने या फिर क्लास करने की भी जरूरत नहीं होगी और ना ही इसकी परीक्षा होगी। सम्राट चौधरी ने किया बड़ा ऐलान निशांत कुमार के इस आग्रह पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य के स्कूल-कॉलेजों में योग के पाठ्यक्रम को शामिल किया जाएगा। सीएम ने कहा कि जिस जिले से मैं आता हूं उसी जिले से योग का केंद्र दुनिया में गया और दुनिया के लोग आज भी मुंगेर की धरती पर आते हैं और योग को दुनिया भर में फैलाने का काम करते हैं। इसलिए मैं सबसे स्वस्थ रहने की कामना करता हूं। सरकार का एक बड़ा बजट इसमें खर्च होता है और सरकार चाहती है कि आप स्वस्थ रहें तथा आपके जीवन में खुशहाली रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत से जोड़ना पड़ा ताकि देश स्वस्थ रहे। इसके बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि हमारे मंत्री का विशेष आग्रह है कि योग को हमारे पाठ्यक्रम में जोड़ना चाहिए। इसलिए मैं जरूर यह कहता हूं कि हमारे यहां जो पीटी की व्यवस्था है और तमाम जो अन्य कार्य स्कूल-कॉलेज में किए जाते हैं तो अब साल से मैं जरूर निर्देशित करूंगा कि योग को भी अपने पाठ्यक्रम में जोड़कर इसको आगे बढ़ाने का काम करें। हमारा जीवन तब ही सफल होगा जब हम स्वस्थ रहें। आप अगर अपने जीवन में अगर योग का सहारा लेंगे तो जीवन की उन्नति खुद-ब-खुद बढ़ जाएगी।

‘योग को बनाइए जीवन का हिस्सा’ योग दिवस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बिहारवासियों से आह्वान

पटना आज पूरे देश और दुनिया के साथ-साथ बिहार में भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की धूम बेहद उत्साह के साथ देखी जा रही है। इस खास मौके पर राजधानी पटना के कंकड़बाग स्थित पाटलिपुत्र खेल परिसर में राज्य स्तरीय मुख्य योग समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष योग दिवस की थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing) रखी गई थी, जिसका उद्देश्य बढ़ती उम्र में स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ इस सामूहिक योग शिविर में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय समेत कई वीवीआईपी नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और हजारों की संख्या में आम लोगों व खेल प्रेमियों ने एक साथ मिलकर विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने किया योग कंकड़बाग खेल परिसर के विशाल मैदान में आयोजित इस भव्य शिविर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और सूबे के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार योग के रंग में पूरी तरह रंगे नजर आए। दोनों नेताओं ने आम लोगों के साथ चटाई पर बैठकर अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी और सूर्य नमस्कार जैसे कई महत्वपूर्ण योगासनों का अभ्यास किया। इस दौरान मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि योग हमारी प्राचीन सनातन संस्कृति का एक अनमोल उपहार है, जो शरीर और मन दोनों को पूरी तरह संतुलित रखता है। उन्होंने बिहारवासियों से अपील की कि वे योग को केवल एक दिन का उत्सव न बनाएं, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाएं ताकि एक स्वस्थ और समृद्ध बिहार का निर्माण किया जा सके ललन सिंह और मंगल पांडेय भी रहे मौजूद इस राज्य स्तरीय योग महोत्सव में जेडीयू के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और भाजपा के कद्दावर नेता व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय मौजूद रहे। वहीं, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने इस मौके पर कहा कि उनका विभाग राज्य के कोने-कोने तक योग और वेलनेस सेंटरों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कंकड़बाग पाटलिपुत्र खेल परिसर में सुरक्षा और डॉक्टरों की टीम के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और कार्यक्रम के समापन पर सभी गणमान्य लोगों ने निरोग रहने और समाज में सकारात्मकता फैलाने का संकल्प लिया।

हीट वेव का अलर्ट बरकरार: 20-21 जून को बिहार के कई जिलों में तेज लू चलने की चेतावनी

पटना बिहार में मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां राज्य के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है, वहीं दूसरी तरफ मानसून को लेकर राहत भरी खबर आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं और 23 जून के आसपास मानसून बिहार के कुछ और हिस्सों में दस्तक दे देगा। 23 जून तक मानसून पकड़ेगा रफ्तार मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल बिहार के जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। अनुमान है कि 23 जून तक मानसून राज्य के अन्य हिस्सों में अपनी पहुंच का विस्तार कर लेगा, जिससे तपती गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के मधुबनी जिले के राजनगर में 8 सेमी की महत्वपूर्ण बारिश भी दर्ज की गई है। अगले दो दिन 'हीट वेव' की चेतावनी राहत की खबरों के बीच मौसम विभाग ने सचेत किया है कि बिहार के कुछ इलाकों में 20 और 21 जून को लू (Heat Wave) की स्थिति बनी रहेगी। पिछले 24 घंटों में राज्य के छिटपुट इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक अधिक है। इसके साथ ही रात के तापमान (न्यूनतम तापमान) में भी सामान्य से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रातें भी गर्म महसूस हो रही हैं। आंधी बारिश की चेतावनी 20 से 22 जून और फिर 25 से 26 जून के दौरान राज्य में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं (झोंके) चलने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 50 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है।  

बिहार में BPSC 70वीं परीक्षा का परिणाम घोषित, सफल अभ्यर्थियों के लिए खुला प्रशासनिक सेवा का रास्ता

पटना बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। लंबे समय से अंतिम परिणाम का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को आखिरकार राहत मिल गई है। आयोग ने परिणाम अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित कर दिया है। 5,401 अभ्यर्थियों ने दिया था इंटरव्यू फाइनल रिजल्ट से पहले मुख्य परीक्षा में सफल घोषित किए गए 5,401 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया था। इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग ने अंतिम चयन सूची जारी की है। मुख्य परीक्षा में 20 हजार से अधिक उम्मीदवार हुए थे शामिल 70वीं मुख्य (लिखित) परीक्षा का आयोजन 25 से 30 अप्रैल 2025 के बीच पटना के 32 परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। इस परीक्षा में कुल 20,034 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। मुख्य परीक्षा का परिणाम 16 दिसंबर 2025 को घोषित किया गया था। आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है रिजल्ट अभ्यर्थी बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं। चयन सूची पीडीएफ प्रारूप में जारी की गई है, जिसमें सफल अभ्यर्थियों के रोल नंबर और अन्य विवरण उपलब्ध हैं। ऐसे करें अपना रिजल्ट चेक रिजल्ट देखने के लिए अभ्यर्थियों को बीपीएससी की वेबसाइट पर जाकर नवीनतम अपडेट सेक्शन में उपलब्ध 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के फाइनल रिजल्ट लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद खुलने वाली पीडीएफ में अपना रोल नंबर और नाम खोजा जा सकता है। सफल अभ्यर्थियों के लिए खुला सरकारी सेवा का रास्ता फाइनल रिजल्ट जारी होने के साथ ही सफल अभ्यर्थियों के लिए विभिन्न प्रशासनिक और अन्य सरकारी पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। चयनित उम्मीदवारों के लिए यह वर्षों की मेहनत और तैयारी का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ है।  

पीएम किसान योजना: बिहार में किसानों को मिली राहत, 34 हजार नाम लिस्ट से बाहर

पटना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत बिहार के लाखों किसानों का लंबा इंतजार अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। सरकार की ओर से शनिवार को राज्य के लगभग 73 लाख किसानों के बैंक खातों में योजना की राशि सफलतापूर्वक ट्रांसफर कर दी गई है। प्राप्त आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने बिहार के इन लाभार्थी किसानों के लिए कुल 1,463 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी की है, जो सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किसानों के खातों में क्रेडिट हो चुकी है। खेती-किसानी के इस चालू सीजन में बैंक खातों में पैसा आने से बिहार के ग्रामीण इलाकों के किसानों को एक बहुत बड़ी आर्थिक राहत मिली है। किसानों के खाते में पहुंचे दो-दो हजार रुपये इस योजना के नियमों के तहत सभी पात्र और लाभुक किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये की सम्मान राशि भेजी गई है। मालूम हो कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित इस बेहद लोकप्रिय योजना के तहत प्रत्येक वर्ष देश भर के किसानों को हर चार-चार माह के अंतराल पर दो-दो हजार रुपये की तीन बराबर किस्तें सीधे उनके खातों में भेजी जाती हैं। बिहार के किसानों के खातों में आज जो रकम क्रेडिट हुई है, वह इस योजना के तहत मिलने वाली 23वीं किस्त की राशि है। मोबाइल पर मैसेज आते ही बिहार के किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है और वे अपनी अगली फसलों की खाद व बीज की व्यवस्था के लिए बैंकों व सीएसपी केंद्रों का रुख करने लगे हैं। 22वीं किस्त के मुकाबले इस बार 34 हजार किसानों को लगा बड़ा झटका जहाँ एक तरफ 73 लाख किसानों के घरों में इस राशि के आने से उत्साह का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ राज्य के हजारों किसानों को इस बार मायूसी का सामना भी करना पड़ा है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पिछली यानी 22वीं किस्त की तुलना में बिहार के लगभग 34 हजार किसानों को इस बार योजना की राशि नहीं मिल सकी है। गौरतलब है कि 22वीं किस्त के समय बिहार के कुल 73 लाख 34 हजार किसानों के खातों में 1,467 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई थी। लेकिन इस बार भू-सत्यापन और ई-केवाईसी जैसी जरूरी तकनीकी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा नहीं करने के कारण राज्य के 34 हजार किसानों के नाम लाभार्थी सूची से बाहर हो गए हैं। कृषि विभाग ने इन वंचित किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी त्रुटियों को सुधारें ताकि अगली किस्त में उन्हें इस समस्या का सामना न करना पड़े।