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नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा कड़ी, झारखंड पुलिस को SRE योजना से 43.66 करोड़ की सहायता

रांची झारखंड में आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और सुद्दढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए झारखंड पुलिस मुख्यालय को केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से संचालित एसआरई (सिक्योरिटी रिलेटेड एक्सपेंडिचर) योजना के तहत कुल 43.66 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस संबंध में गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने औपचारिक आदेश जारी कर दिया है।          केंद्र–राज्य की साझा हिस्सेदारी जारी आदेश के अनुसार, स्वीकृत राशि एसआरई योजना के दोनों घटकों के अंतर्गत दी गई है। इसमें एक हिस्सा 100 प्रतिशत केंद्र प्रायोजित मद के तहत है, जबकि दूसरा हिस्सा 60:40 के अनुपात (केंद्र : राज्य) में साझा किया गया है। कुल 43.66 करोड़ रुपये में से केंद्र सरकार का योगदान 35.99 करोड़ रुपये तथा राज्य सरकार का अंश 7.66 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। आईजी अभियान होंगे निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी फंड की निकासी और उपयोग को लेकर सरकार ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश में आईजी अभियान, झारखंड, रांची को इस राशि का निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। इसका अर्थ है कि फंड की निकासी और खर्च की पूरी जिम्मेदारी आईजी अभियान के अधीन होगी।          राशि लेप्स न होने के निर्देश, समयबद्ध खर्च पर जोर सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत राशि का उपयोग केवल उन्हीं मदों और कार्यों पर किया जाएगा, जिनके लिए इसे स्वीकृति प्रदान की गई है। किसी भी स्थिति में राशि का दुरुपयोग या निर्धारित मद से इतर खर्च स्वीकार्य नहीं होगा। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि निकाली गई राशि लेप्स नहीं होनी चाहिए, यानी तय समय-सीमा के भीतर उसका पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा खर्च पर होगा उपयोग गौरतलब है कि एसआरई फंड का उपयोग मुख्य रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा से जुड़े खर्चों के लिए किया जाता है। इसमें सुरक्षाबलों की आवाजाही, हथियारों और आधुनिक उपकरणों की खरीद, खुफिया तंत्र को मजबूत करने, अभियान के दौरान होने वाले आकस्मिक खर्च तथा अन्य सुरक्षा संबंधी आवश्यकताएं शामिल हैं।   पुलिस की ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने में मिलेगी मदद       सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस फंड से झारखंड पुलिस की ऑपरेशनल क्षमता में इजाफा होगा और नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार की यह स्वीकृति आने वाले समय में पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण संबल मानी जा रही है।  

खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा: श्रेयशी सिंह ने जिले में नए क्रिकेट स्टेडियम की घोषणा की

दरभंगा दरभंगा जिले के जाले प्रखंड में आयोजित काजी मौलाना मुजाहिद उल इस्लाम मेमोरियल जिला स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट 2025 का फाइनल मुकाबला भव्य और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। फाइनल मैच का उद्घाटन बिहार सरकार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयशी सिंह ने किया। दरभंगा पहुंचने पर पूर्व मंत्री सह जाले विधायक डॉ. जीवेश कुमार मिश्रा सहित आयोजन समिति के सदस्यों ने खेल मंत्री का मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग, चादर और मखाना की माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर खेल मंत्री ने जाले की जनता को एक बड़ी सौगात देते हुए अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की। मंच से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “हम जाले की पावन धरती से यह घोषणा करते हैं कि यहां एक अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा।” मंत्री की इस घोषणा के साथ ही पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और जाले विधानसभा क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। खेल मंत्री की मौजूदगी में खेले गए फाइनल मुकाबले में मोतिहारी और समस्तीपुर की टीमें आमने-सामने थीं। मुकाबले में मोतिहारी की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए समस्तीपुर को 28 रनों से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। मोतिहारी की टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलित और प्रभावी खेल का प्रदर्शन किया। वहीं समस्तीपुर की टीम अंत तक संघर्ष करती रही और मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा, लेकिन निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। फाइनल मैच के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयशी सिंह एवं पूर्व मंत्री सह जाले विधायक डॉ. जीवेश कुमार मिश्रा मौजूद रहे। दोनों अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया और सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति की जमकर सराहना की। टूर्नामेंट का समापन समारोह अत्यंत उत्साह और उमंग के माहौल में संपन्न हुआ। खिलाड़ियों, दर्शकों और आयोजकों के सामूहिक प्रयास से यह प्रतियोगिता यादगार बन गई। वहीं जाले में क्रिकेट स्टेडियम निर्माण की घोषणा ने इस आयोजन की खुशियों को दोगुना कर दिया है।

POCSO केस में कथावाचक श्रवण दास फंसे, पुलिस ने दर्ज किया पीड़िता का बयान, मौनी बाबा पर भी सवाल

दरभंगा दरभंगा में प्रसिद्ध कथावाचक श्रवण दास और उनके गुरु राम उदित दास उर्फ मौनी बाबा के खिलाफ गंभीर आरोपों में महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़िता की मां के आवेदन पर दोनों के खिलाफ पोक्सो एक्ट की धारा 4/6/64(1) सहित BNS की धारा 351(2), 352, 89 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस बात की पुष्टि डीएसपी सदर राजीव कुमार ने की है। उन्होंने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पचाढ़ी मठ के महंत और राम जानकी मंदिर, बलभद्रपुर के महंत राम उदित दास के शिष्य एवं कथावाचक श्रवण दास पर एक नाबालिग युवती ने शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण का आरोप लगाया था। युवती ने मामले से जुड़े कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किए थे, जिनमें कथावाचक के साथ बंद कमरे में शादी से जुड़े दृश्य भी सामने आए थे। पीड़िता की मां द्वारा महिला थाना में दिए गए आवेदन के अनुसार, कथावाचक श्रवण दास ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर शादी का झांसा दिया और करीब एक वर्ष तक उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। इस दौरान पीड़िता गर्भवती हो गई, जिसके बाद आरोपी ने दो बार दवा खिलाकर गर्भपात कराया। इससे लड़की को अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी हालत गंभीर हो गई। बाद में परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के बाद उसकी जान बच सकी। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि कथावाचक श्रवण दास ने पीड़िता के घर में ही किराए पर कमरा ले रखा था और घर में कोई नहीं होने पर वह नाबालिग के साथ दुष्कर्म करता था। पीड़िता की मां का आरोप है कि जब इस पूरे मामले की जानकारी महंत मौनी बाबा को दी गई, तो उन्होंने लड़की के बालिग होने पर शादी कराने का आश्वासन दिया। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कथावाचक श्रवण दास और नाबालिग लड़की की बंद कमरे में शादी दिखाई दे रही है। आरोप है कि 29 नवंबर 2024 को महंत मौनी बाबा ने अपने भतीजे कथावाचक श्रवण दास की शादी गुपचुप तरीके से करवा दी और पीड़िता के परिजनों पर मामला दर्ज नहीं कराने का दबाव बनाया। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कथावाचक ने अश्लील फोटो और वीडियो बनाकर पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी। साथ ही 8 से 10 लोगों के साथ घर पर आकर केस न करने का दबाव बनाया गया। इस पूरे मामले पर डीएसपी सदर राजीव कुमार ने बताया कि कथावाचक के खिलाफ कांड संख्या 182/25 दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं मामले की जांच कर रहे हैं, एफएसएल टीम से भी जांच कराई जा रही है। पीड़िता का बयान कोर्ट में दर्ज कराया जा रहा है और मेडिकल जांच भी कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पटना में सियासी शक्ति प्रदर्शन: भाजपा कार्यकारी अध्यक्ष के रोड शो में दिखा हाथी-घोड़ा और बुलडोजर

पटना भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन पटना पहुंच चुके हैं। स्टेट हैंगर में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। पटना एयरपोर्ट से लेकर बेली रोड होते हुए मिलन हाईस्कूल ग्राउंड तक नितिन नवीन के लिए रोड शो में शामिल होने के लिए भाजपा नेताओं की भीड़ उमड़ चुकी है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, सांसद संजय जायसवाल, मंत्री दिलीप जायसवाल, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत कई बड़े नेताओं ने नितिन नवीन का स्वागत किया। इसके बाद नितिन नवीन रथ पर सवार होकर रोश शो के लिए निकले। उनके साथ रथ पर दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी हैं। कुछ ही देर में वह राजवंशी नगर में वह भगवान हनुमान की पूजा करेंगे। इधर, बेली रोड पर भाजपा नेता हाथी-घोड़ा और बुलडोजर लेकर नितिन नवीन के स्वागत में खड़े हैं। बुलडोजर से भाजपा नेता अपने कार्यकारी अध्यक्ष पर फूलों पर बारिश कर रहे हैं। एयरपोर्ट से लेकर मिलर हाई स्कूल ग्राउंड तक बैनर और पोस्टर दिख रहे हैं। हालांकि, इस कार्यक्रम के कारण पटना के बेली रोड, एयरपोर्ट समेत कई इलाकों में जाम की समस्या भी उत्पन्न हो चुकीे है।   भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बोले- आज ऐतिहासिक दिन संजय सरावगी ने कहा कि यह दिन भारतीय जनता पार्टी के लिए भी बड़ा है और देश व बिहार के नौजवानों के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि जिस वर्ष भाजपा की स्थापना हुई, उसी वर्ष के आसपास नितिन नवीन का जन्म हुआ, जो अपने आप में एक रोचक संयोग है। बिहार में उनके आगमन को लेकर जबरदस्त उत्साह है और पार्टी इसे ऐतिहासिक रूप देने के लिए पूरी ताकत से जुटी हुई है।

जीएमसीएच में हंगामा: रसोई में काम कर रहीं जीविका दीदियों से जूनियर डॉक्टरों की मारपीट, कई घायल

बेतिया बेतिया स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल से बुधवार को एक बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है। अस्पताल परिसर में संचालित दीदी की रसोई में कार्यरत जीविका दीदियों के साथ जूनियर डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों द्वारा जमकर मारपीट की गई। घटना के बाद अस्पताल में अफरातफरी मच गई और कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया। मारपीट में करीब आधा दर्जन जीविका दीदियां घायल हो गईं, जिन्हें GMCH में ही भर्ती कराया गया है। वहीं दीदी की रसोई के अन्य स्टाफ भी चोटिल हुए हैं। घटना से आक्रोशित जीविका दीदियों ने रसोई को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। घायल जीविका दीदियों ने बताया कि कुछ जूनियर डॉक्टर दीदी की रसोई में खाना खाने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने दही और ऑमलेट का ऑर्डर दिया। जब ऑर्डर तैयार हो गया तो डॉक्टरों ने दही लेने से इनकार कर दिया, जिसको लेकर बहस शुरू हो गई। आरोप है कि इसी विवाद के बाद जूनियर डॉक्टरों ने बदतमीजी और गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर मामला इतना बढ़ गया कि देखते ही देखते करीब 50 से 60 की संख्या में जूनियर डॉक्टर और अस्पतालकर्मी दीदी की रसोई में घुस आए। जीविका दीदियों का आरोप है कि हमलावरों ने लाठियों और हाथों से बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान कई महिलाओं के गहने और मंगलसूत्र तक तोड़ दिए गए। अचानक हुए हमले से रसोई में भगदड़ मच गई और महिलाएं जान बचाकर इधर-उधर भागने लगीं।घटना के बाद जीएमसीएच परिसर में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा। घायल जीविका दीदियों को आनन-फानन में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना से आहत और डरी जीविका दीदियों ने दीदी की रसोई को बंद कर दिया है, जिससे अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को भोजन की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर महिलाओं के साथ इस तरह की हिंसा ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर मंथन जारी है, वहीं जीविका दीदियां दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही हैं।

शिक्षा और आवास में मुफ्त सुविधा: बिहार ने अल्पसंख्यक छात्रों के लिए उठाया कदम

पटना  बिहार सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किशनगंज और दरभंगा में बिहार राज्य अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन विद्यालयों में पढ़ाई के साथ-साथ छात्रावास की सुविधा भी पूरी तरह निःशुल्क होगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अल्पसंख्यक वर्ग के प्रतिभाशाली छात्रों को सुरक्षित, अनुशासित और उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ सकें। नामांकन प्रक्रिया इसी दिसंबर से शुरू सरकार सत्र 2025–26 के लिए इन विद्यालयों में नामांकन प्रक्रिया इसी दिसंबर से शुरू कर रही है। इच्छुक अभ्यर्थी 30 दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा आवेदन के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे अधिक से अधिक छात्र इस योजना का लाभ उठा सकें। छात्रों के सर्वांगीण विकास पर फोकस इन आवासीय विद्यालयों में मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी समुदाय के छात्रों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाएगी। साथ ही सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और अनुशासित शैक्षणिक माहौल भी सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार का फोकस केवल शिक्षा तक सीमित न होकर छात्रों के सर्वांगीण विकास पर भी रहेगा। 75 प्रतिशत सीटें ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए आरक्षित सत्र 2025–26 के लिए कला और विज्ञान संकाय में नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके तहत कक्षा 9 और कक्षा 11 में प्रवेश के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार कक्षा 9 के लिए अधिकतम आयु 16 वर्ष और कक्षा 11 के लिए 18 वर्ष निर्धारित की गई है। वर्तमान में नवमी और ग्यारहवीं कक्षा में अध्ययनरत, विशेषकर विज्ञान और कला संकाय के छात्र-छात्राओं को प्रवेश में प्राथमिकता दी जाएगी। सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कुल सीटों में से 75 प्रतिशत सीटें ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए आरक्षित करने का निर्णय लिया है, जिनमें से 50 प्रतिशत सीटें बालिकाओं के लिए होंगी। आरक्षण प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा इसके अलावा राज्य सरकार के अधीन संचालित शिक्षण संस्थानों में लागू आरक्षण प्रावधानों को भी यहां प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा, ताकि सभी पात्र वर्गों को समान अवसर मिल सके। गौरतलब है कि वर्ष 2005 से पहले राज्य की शिक्षा व्यवस्था कई चुनौतियों से जूझ रही थी। बीते वर्षों में बिहार सरकार ने स्कूलों, कॉलेजों और आवासीय विद्यालयों के माध्यम से शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया है। अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय इसी क्रम में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होंगे। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। सरकार का विश्वास है कि यह योजना अल्पसंख्यक छात्रों को मुख्यधारा से जोड़ने, ड्रॉपआउट दर कम करने और उन्हें आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।  

कोहरा और ठिठुरन का दौर: मौसम विभाग ने जारी की बड़ी चेतावनी, 48 घंटे चुनौतीपूर्ण

पटना बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को लगातार पांचवें दिन न्यूनतम तापमान  में गिरावट देखी गई, क्योंकि पिछले दिन धूप न निकलने से ठंड बढ़ गई थी। मौसम विभाग (IMD) ने पटना के लिए कोल्ड डे की चेतावनी जारी की है। साथ ही राज्य में अगले 48 घंटों के लिए अलर्ट (IMD Alert) जारी किया गया है। इस दौरान जबरदस्त ठंड के साथ पछुआ हवाओं और कोहरे की मार झेलनी पड़ सकती है। कुछ जगहों पर कोल्ड डे की स्थिति मौसम विभाग ने बताया कि सोमवार को पश्चिमी और मध्य बिहार में कुछ जगहों पर कोल्ड डे की स्थिति बनी रह सकती है। अधिकांश जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे के साथ बादल छाए रहने की उम्मीद है। मंगलवार को उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी जिलों में एक या दो जगहों पर घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जबकि अन्य जगहों पर हल्का से मध्यम कोहरा बना रह सकता है। अगले दो दिनों में अधिकतम या न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव की उम्मीद नहीं है।  IMD ने अगले छह दिनों तक पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहने का भी पूर्वानुमान लगाया है। पटना एयरपोर्ट पर 5 उड़ानें रद्द ठंड और घने कोहरे का असर परिवहन व्यवस्था पर साफ दिख रहा है। रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, पटना से गुजरने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनें 10 से 20 घंटे देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। पटना एयरपोर्ट पर खराब विजिबिलिटी के कारण पांच उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि कई अन्य उड़ानें काफी देरी से संचालित हुईं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की स्थिति में सुधार होने तक पहले से शेड्यूल जांच लें और सतर्क रहें। शिवहर में, जहां एक हफ्ते से अधिक समय से शीतलहर जारी है, जिला मजिस्ट्रेट प्रतिभा रानी ने 23 दिसंबर तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। यह फैसला गिरते तापमान और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। यह बंदी कक्षा 1 से 8 तक के लिए लागू है, जबकि शिक्षकों को नियमित रूप से स्कूल आने का निर्देश दिया गया है।   इन जिलों में स्कूल बंद बिहार में कड़ाके की ठंड की वजह से अररिया, सिवान, भोजपुर, गोपालगंज और सीतामढ़ी के जिला प्रशासन ने 24 दिसंबर तक सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। मुजफ़्फरपुर में, पूरी तरह से बंद करने के बजाय, स्कूलों का समय बदल दिया गया है। अब सरकारी और प्राइवेट दोनों स्कूलों में पढ़ाई सुबह 10.00 बजे से दोपहर 3.30 बजे तक ही होगी। गोपालगंज जिले में, प्रशासन ने ठंड की लहर के बीच बच्चों की सेहत और सुरक्षा को देखते हुए 22 दिसंबर से 24 दिसंबर तक सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों, प्री-स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में पढ़ाई बंद कर दी है। हालांकि, क्लास 9 और उससे ऊपर की क्लास के लिए कुछ छूट दी गई है, जो सुबह 10.00 बजे से शाम 4.30 बजे तक चलेंगी।

जनवरी 2026 में होगी बिहार पुलिस सब-इंस्पेक्टर परीक्षा, जानें एडमिट कार्ड की डेट

पटना बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने गृह विभाग (पुलिस शाखा) में सब-इंस्पेक्टर (SI) पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा की तारीख जारी कर दी है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर जाकर आधिकारिक नोटिस चेक कर सकते हैं। ऑफिशियल नोटिफिकेशन में दी गई जानकारी के अनुसार सब-इंस्पेक्टर (SI) पर चयन के लिए प्रारंभिक लिखित परीक्षा का आयोजन 18 जनवरी 2026 (रविवार) और 21 जनवरी 2026 (बुधवार) को किया जाएगा। परीक्षा का आयोजन दो शिफ्टों में किया जाएगा। पहली शिफ्ट का आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जाएगा। पहली शिफ्ट का आयोजन दोपहर 2:30 बजे से दोपहर 4:30 बजे तक किया जाएगा। उम्मीदवारों को परीक्षा के लिए 2 घंटे का समय दिया जाएगा। ई-एडमिट कार्ड की जानकारी- प्रारंभिक लिखित परीक्षा के लिए उम्मीदवारों के ई-एडमिट कार्ड (E-Admit Card) आधिकारिक वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर 30 दिसंबर 2025 से उपलब्ध होंगे। परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए अभ्यर्थी ई-एडमिट कार्ड के साथ अपना एक वैलिड फोटो आईडी जैसे-मतदाता पहचान-पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड अथवा आधार कार्ड भी लेकर जरूर जाएं। यदि ई- एडमिट कार्ड पर फोटो स्पष्ट नहीं है या उपलब्ध नहीं है तो ऐसी स्थिति में अभ्यर्थी परीक्षा केन्द्र पर अपने साथ आवेदन फॉर्म के समान दो फोटोग्राफ भी ले जाएं। जो अभ्यर्थी किसी कारणवश वेबसाईट से ई- एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं कर सकें वे 9 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग के 5, हार्डिंग रोड, पटना-800001 स्थित ऑफिस से अपने आवेदन फॉर्म की फोटोकॉपी और एक वैलिड फोटो आईडी कार्ड के साथ स्वयं उपस्थित होकर अपने खर्च पर डुप्लिकेट ई- एडमिट कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। पदों की डिटेल्स- इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए दरोगा के कुल 1799 पदों पर उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। उम्मीदवारों को वेतनमान लेवल 6 के अनुसार दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया- 1. प्रारंभिक लिखित परीक्षा 2. मेंस लिखित परीक्षा 3. शारीरिक योग्यता/दक्षता परीक्षा 4. मेरिट लिस्ट एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें- 1. सबसे पहले आपको ऑफिशियल वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर जाना होगा। 2. इसके बाद आपको होम पेज पर दिए गए ‘Home Dept.’ टैब में जाकर एडमिट कार्ड लिंक पर क्लिक करना होगा। 3. इसके बाद आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर लॉगिन करना होगा। 4. अब आपकी स्क्रीन पर आपका एडमिट कार्ड ओपन हो जाएगा। 5. अब आप एडमिट कार्ड को डाउनलोड कर लीजिए। 6. परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड का प्रिंट आउट निकाल लीजिए।  

कल पटना में नितिन नबीन का रोड शो, कई इलाकों में बदलेगा ट्रैफिक सिस्टम; जानिए कौन-से रास्ते रहेंगे बंद

पटना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के मंगलवार को प्रस्तावित रोड शो को लेकर पटना पुलिस ने व्यापक यातायात व्यवस्था लागू की है। यह रोड शो दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक या वीआईपी कार्यक्रम समाप्ति तक आयोजित होगा। इस दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा और वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। रोड शो पटना एयरपोर्ट से शुरू होकर अरण्य भवन, शेखपुरा मोड़, पटेल भवन, पुनाईचक, पटना उच्च न्यायालय, ऊर्जा भवन, आयकर चौराहा होते हुये भाजपा प्रदेश कार्यालय और मिलर हाई स्कूल तक जायेगा। वीरचंद पटेल पथ पर आर ब्लॉक गोलंबर से आयकर चौराहे तक दोनों लेन में सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। वहीं जगदेव पथ और वीरचंद पटेल पथ पर पार्क भी वर्जित रहेगी। अग्निशमन वाहन, एंबुलेंस, शव वाहन, मरीजों और न्यायिक कार्यों से जुड़े वाहनों और पासधारी वाहनों को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। रोड शो में शामिल होने वाले छोटे वाहनों की पार्किंग जीपीओ गोलंबर से आर ब्लॉक तक और बड़ी गाड़ियों और बसों की पार्किंग अटल पथ पर निर्धारित की गई है। वैकल्पिक मार्गों का करें उपयोग जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से मुख्य मार्गों पर जाने से बचें और तय वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

झारखंड में शीतलहर और घना कोहरा, कई जिलों में IMD का येलो अलर्ट जारी

रांची भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने झारखंड के कुछ हिस्सों में ठंड और घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। इन जिलों में अलर्ट जारी आईएमडी के अनुसार, गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार और लोहरदगा जिलों के लिए ठंड को लेकर ‘येलो अलर्ट' जारी किया गया है। वहीं, गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद और खूंटी सहित कुल 15 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। छह जिलों में शीतलहर की संभावना आईएमडी ने एक बुलेटिन में बताया कि राज्य के छह जिलों में शीतलहर जैसी स्थिति भी दर्ज की गई है, जहां न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। इन जिलों में गुमला, हजारीबाग, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा और रांची शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण नमी वाली हवा ठंडी सतह से टकरा रही है, जिससे जलवाष्प की महीन बूंदें कुहासे में बदल रही हैं। धूलकण और प्रदूषण के कण इसमें शामिल होकर द्दश्यता और कम कर रहे हैं, जिसके कारण दिन में भी ठंड और कनकनी महसूस हो रही है।