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लालू यादव को करारा झटका, राजद विधायक पहुंचे पीएम मोदी की सभा में

गया/ नवादा विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की पार्टी को बड़ा झटका लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गया दौरे के दौरान नवादा से राष्ट्रीय जनता दल की वर्तमान विधायक विभा देवी और रजौली विधायक प्रकाश वीर पीएम मोदी के मंच पर दिखाई दिए। इसके बाद सियासी गलियारे में हड़कंप मच गया। दोनों विधायक जल्द ही सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड का दामन थामने जा रहे हैं। दोनों को विशेष तौर पर पीएम मोदी के मंच पर बुलाया गया था। हालांकि, जदयू की ओर से इसकी औपचारिक घोषणा अब तक नहीं की गई है। राजबल्लभ प्रसाद ने कभी वोट का सौदा नहीं किया जानकारी के मुताबिक, पूर्व राज्य मंत्री राजवल्लभ प्रसाद यादव की पत्नी विभा देवी लंबे समय से राजद से नाराज चल रही थीं। वहीं, प्रकाश वीर भी पार्टी में अपनी अनदेखी से असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। हाल में ही उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और राजद नेताओं पर कई आरोप लगाए थे। हाल में ही विभा देवी प्रेस वार्ता कर कहा था कि ने कहा कि उन्होंने, उनके जेठ कृष्णा प्रसाद, स्व. जेहल प्रसाद या जेल में बंद राजबल्लभ प्रसाद ने कभी वोट का सौदा नहीं किया। यह नवादा है, राघोपुर नहीं, जहां एक दिन में करोड़ों रुपये बांटे जाते हैं। उन्होंने कहा कि नवादा के सैकड़ों परिवारों से उनका नाता है। उन्हें हर बात की जानकारी है। परिवार की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है पूर्व मंत्री राजबल्लभ यादव की पत्नी और नवादा सदर से राजद विभा देवी ने कहा कि तेजस्वी और उनके कुछ करीबी नेताओं द्वारा उनके और उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उनके सम्मानित परिवार की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है। विभा देवी ने कहा कि वह राजनीति में अपना सम्मान बेचकर नहीं आई हैं। उन्होंने कभी घूस नहीं ली और न ही भ्रष्टाचार किया। विभा देवी ने आरोप लगाया कि जब सरकार बनाने-बिगाड़ने का खेल चल रहा था, तब तेजस्वी के साथ रहने वाले उनके कुछ करीबी नेताओं ने उनसे भारी धनराशि की मांग की थी। वह यह रकम नहीं दे सकीं। इसके बावजूद उन्होंने और विधायक प्रकाश वीर ने पार्टी नहीं छोड़ी। जबकि कई नेताओं ने उन्हें पाला बदलने का प्रलोभन दिया था। उन्होंने कहा कि यही उनकी गलती थी कि वह तेजस्वी को गलत काम के लिए पैसा नहीं दे सकीं।

सीएम नीतीश ने दिलाई पुराने दौर की याद, पूछा- लालू-राबड़ी शासनकाल में क्या हाल था?

गया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फिर से लालू-राबड़ी राज की याद दिला दी। गयाजी में पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के दौरान मंच पर उन्होंने लोगों से पूछा कि 2005 से पहले क्या हाल था?  बिहार का कितना बुरा हाल था? पहले कोई ठीक से कपड़ा तक नहीं पहन पाता था? कोई महिलाओं के लिए काम नहीं किया। मुस्लिमों के लिए भी कोई काम नहीं किया। लेकिन, हमलोगों की सरकार बनी तो सब लोगों के लिए काम किया। अब सब काम ठीक से हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज 13,000 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं का उद्घाटन किया जा रहा है, जिससे बिहार को अत्यधिक लाभ मिलेगा। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी को हृदय से धन्यवाद देता हूं। यहां के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री जी बेगूसराय के सिमरिया जाकर नवनिर्मित गंगा पुल का उद्घाटन करेंगे। मैं उनका अभिनंदन एवं नमन करता हूं। हम यह बताना चाहते हैं कि गया और बोधगया में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु एवं पर्यटक आते हैं। पहले यहां की स्थिति बहुत खराब थी। पूर्ववर्ती सरकारों ने इस दिशा में कोई विशेष कार्य नहीं किया। हमने एक-एक चीज़ को ध्यान में रखते हुए कार्य शुरू किया और अब यहां सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं। गया में फल्गु नदी पर रबर डैम के माध्यम से ‘सीता सेतु’ का निर्माण कराया गया है। बोधगया में ‘महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र’ की स्थापना कराई गई है। हमने गया का नाम बदलकर 'गयाजी' कर दिया है। अब एक ओर बोधगया है और दूसरी ओर गयाजी। पहले की सरकारों ने कोई ठोस काम नहीं किया मुख्यमंत्री ने बिहार के संदर्भ में कुछ और बातें साझा करना चाहूंगा। 24 नवंबर 2005 को एनडीए सरकार के गठन से पहले की सरकारों ने कोई ठोस काम नहीं किया। लेकिन हमारी सरकार आने के बाद हमने पूरे बिहार में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य शुरू किए। आज बिहार हर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली समेत हर क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। इन कार्यों के अतिरिक्त हाल ही में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। बिहार में वृद्धजन, दिव्यांगजन एवं विधवा महिलाओं को दी जाने वाली पेंशन राशि को 400 रुपए से बढ़ाकर 1,100 रुपए कर दिया गया है, जिससे 1.12 करोड़ लाभार्थियों को सीधा फायदा होगा। पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2018 में हमने ‘हर घर बिजली’ योजना के अंतर्गत राज्य के सभी घरों तक बिजली पहुंचा दी थी। बिजली आपूर्ति की दरें भी काफी रियायती रखी गईं। इस वर्ष हमने बिजली को पूर्णतः निःशुल्क करने का निर्णय लिया है। अब तक हमने 10 लाख सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं तथा 39 लाख लोगों को विभिन्न रूपों में रोजगार उपलब्ध कराया है। चुनाव से पूर्व यह संख्या 50 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य है। साथ ही, अगली सरकार बनने पर आगामी पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का संकल्प लिया गया है। हमने महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग के लिए काम किया है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि बिहार में नए उद्योगों की स्थापना हेतु राज्य सरकार विशेष प्रोत्साहन प्रदान करेगी। बिहार के समग्र विकास हेतु केंद्र सरकार का पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है। चुनाव के उपरांत बिहार को विशेष वार्षिक  सहायता प्राप्त होगी। फरवरी 2025 के बजट में मखाना बोर्ड, एयरपोर्ट और कोसी क्षेत्र के विकास हेतु विशेष राशि आवंटित की गई है। हमने महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग के लिए काम किया है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का पुनः अभिनंदन करता हूं।

देवघर में खौफनाक घटना: आवारा कुत्ते के हमले से मासूम घायल, मां बनी ढाल

देवघर देश भर में कुत्तों का आतंक कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है। देश के अलग-अलग राज्यों से आए दिन कुत्तों द्वारा इंसान पर हमला करने की खबरें आती रहती हैं। ताजा मामला झारखंड के देवघर से आया है जहां एक आवारा कुत्ते ने ढाई साल के मासूम बच्चे पर बुरी तरह से हमला कर दिया। मामला जिले के पालोजोरी थाना के महुआ डाबर गांव का है। बताया जा रहा है कि दोपहर को ढाई साल का शकीबुल हसन नामक मासूम बच्चा गली में खेल रहा था। इस दौरान आवारा कुत्ते ने उसे पकड़कर बुरी तरह से नोंच डाला। करीब 10 मिनट के बाद बेटे के शोर मचाने की आवाज सुनकर मां दौड़ी आई। मां ने पहले कुत्ते को डराकर भगाने का प्रयास किया, लेकिन कुत्ते ने बच्चे को नहीं छोड़ा। फिर पत्थर मारा तो कुत्तों ने बच्चे को छोड़ा और वहां से भाग गया। बच्चे की मां ने बताया कि कुत्ते ने बालक के चेहरे पर कई बार काटा। बेटा जितना शोर मचा रहा था, कुत्ता उतना ही उसे नोच रहा था। बच्चे के चाचा ने बताया कि इस समय पालोजोरी में आवारा कुत्तों का आतंक है। भतीजा को कई जगह पर काटा था, इसलिए डॉक्टर की सलाह पर दुमका लेकर आए। उन्होंने बताया कि पालोजोरी में तो आवारा कुत्तों की वजह से लोगों ने अपने बच्चों का घर से निकलना बंद कर दिया है। कुत्ते झुंड में बैठे रहते हैं और छोटे बच्चे को देखकर हमला कर देते हैं। गनीमत थी कि भतीजे पर एक की कुत्ता ने हमला किया, अगर कई सारे कुत्ते होते तो कुछ भी अनहोनी हो सकती थी।  

Government Job # खेल प्रशिक्षक से लेकर अधिकारी और लिपिक तक, युवाओं के लिए सुनहरा मौका

Sports JOB खेल विभाग में आई 824 पदों पर बंपर बहाली! नौकरियों का ‘नया मैदान’ तैयार Government Job # खेल प्रशिक्षक से लेकर अधिकारी और लिपिक तक, युवाओं के लिए सुनहरा मौका Sports JOB # बिहार में यह अब तक का सबसे बड़ा खेल में बहाली अभियान है शुरू Job Vacancy # बिहार में खेल नौकरियों की बंपर बहाली, 824 पदों पर होगी नियुक्ति Bihar Job vacancy # खेल प्रशिक्षक से लेकर अधिकारी तक, जानिए खेल के किस-किस विभाग में सरकारी नौकरी का मौका! पटना  खेल में नौकरी के इंतजार में बैठे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आ गई है। राज्य सरकार ने खेल विभाग में बंपर बहाली का रास्ता खोल दिया है। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब नवगठित खेल विभाग में 824 पदों पर बहाली होने जा रही है। खेल प्रशिक्षक से लेकर क्रीड़ा सेवा संवर्ग में अधिकारी, खेल लिपिक और अन्य पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। खेल विभाग ने इन नियुक्तियों के लिए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) और बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) को सफरिश भेज दी है। ग्राफिक के लिए ::: किस किस पद पर होगी बहाली खेल प्रशिक्षक (Sports Trainer): 379 पद खेल सेवा संवर्ग के अधिकारी: 33 पद निम्नवर्गीय लिपिक: 53 पद राजगीर खेल अकादमी: 81 पद (खेल प्रशिक्षक और लिपिक दोनों) बिहार राज्य खेल प्राधिकार, पटना: 301 पद खेल प्रशिक्षकों के 379 पद होगी सीधी बहाली वो युवा जो खेल विभाग में नौकरी की आस लगाए लंबे समय से बैठे थे और खेल के प्रशिक्षक बनना हैं। अब उनकी लौटरी लगने वाली है। खेल विभाग की ओर बिहार खेल अधीनस्थ सेवा संवर्ग में 380 पद स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 379 पद अभी खाली हैं। इन सभी पदों पर बहाली के लिए खेल विभाग ने BSSC को प्रस्ताव भेज दिया है। जल्‍द ही इन पर सीधी बहाली की जाएगी।  खेल सेवा संवर्ग में होंगे 33 अधिकारी बिहार खेल सेवा संवर्ग में भी 33 अधिकारियों के लिए 44 नए पदों का सृजन किया गया है। इनमें से 11 पद प्रोन्नति के लिए हैं, जबकि 33 पदों पर सीधी भर्ती होगी है। इन पदों पर नियुक्ति के लिए BPSC को अधियाचन भेज दिया गया है। लिपिकीय सेवा संवर्ग का गठन खेल विभाग में लिपिकीय सेवा संवर्ग का भी गठन कर दिया गया है। इसके लिए 80 पदों की स्वीकृति भी मिल गई है। इनमें से 53 रिक्त पद ऐसे हैं जिस पर जल्‍द बहाली होनी है। जिसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राजगीर खेल अकादमी में 81 पदों पर भर्ती निम्नवर्गीय लिपिक के 10 पद और विभिन्न खेलों के प्रशिक्षकों के 48 पद पूरी तरह खाली। वहीं, खेल प्राधिकार में भी 301 पदों पर नियुक्ति होनी है। प्रस्ताव को कार्यकारिणी समिति की मंजूरी मिल चुकी है और नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी कर दिया गया है। नियुक्ति प्रक्रिया की सिफारिश BTSC को भी सौंप दी गई है। युवाओं के लिए सुनहरा मौका इन बहालियों के साथ ही बिहार में खेलों के क्षेत्र में बड़ा बदलाव तय है। खेल प्रशिक्षकों की तैनाती से गांव-गांव और शहर-शहर में खेल प्रतिभाओं को निखरने का मौका मिलेगा। वहीं, खेल सेवा संवर्ग और प्राधिकार के अधिकारियों की नियुक्ति से खेल प्रशासन को नई गति मिलेगी। बिहार में यह अब तक का सबसे बड़ा खेल बहाली अभियान है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार और राज्य को नई खेल पहचान मिलने वाली है।  खेल प्रेमियों और नौकरी के इच्छुक युवाओं के लिए यह खबर किसी बंपर खुशखबरी से कम नहीं।

विकास का महाकुंभ: PM मोदी ने बिहार को दी 13,000 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

पटना  बिहार के विकास में केंद्र और राज्य की सरकारें यानी डबल इंजन की सरकार पूरी सिद्दत से लगी हुई है। इसी का नतीजा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक 7 बार बिहार आ चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज यानी शुक्रवार को बिहार पहुंचकर बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शहरी विकास और जल आपूर्ति जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 13,000 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया। वहीं इस मौके पर सीएम नीतीश कुमार भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री बक्सर में 6,880 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 660 मेगावाट की बिजली परियोजना समेत कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। वह गंगा नदी पर 1,870 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित 1.86 किलोमीटर लंबे छह लेन वाली औंटा-सिमरिया पुल परियोजना का भी उद्घाटन किया इससे पटना के मोकामा और बेगूसराय के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। अमृत भारत एक्सप्रेस और बौद्ध सर्किट ट्रेन को दिखाई हरी झंडा प्रधानमंत्री दो ट्रेनों – गया और दिल्ली के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस और वैशाली और कोडरमा के बीच बौद्ध सर्किट ट्रेन – को भी हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 12,000 ग्रामीण लाभार्थियों और प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत 4,260 लाभार्थियों को चाबियां सौंपी। होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र का भी किया उद्घाटन  प्रधानमंत्री लगभग 1,900 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एनएच-31 के चार लेन वाले बख्तियारपुर-मोकामा खंड का भी उद्घाटन किया, जिससे यातायात की भीड़ कम होगी, यात्रा का समय बचेगा और यात्री एवं माल ढुलाई में वृद्धि होगी। वह मुजफ्फरपुर में होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र का भी उद्घाटन किया। इस केंद्र में उन्नत ऑन्कोलॉजी ओपीडी, आईपीडी वार्ड, ऑपरेशन थिएटर, आधुनिक प्रयोगशाला, ब्लड बैंक और 24 बिस्तरों वाली गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) शामिल हैं। इस केंद्र से बिहार और पड़ोसी राज्यों के मरीजों को उन्नत व किफायती कैंसर देखभाल मिलेगी, जिससे इलाज के लिए दूर-दराज के महानगरों में जाने की आवश्यकता कम हो जाएगी। शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी किया शिलान्यास प्रधानमंत्री लगभग 1,260 करोड़ रुपये की लागत वाली शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया। इनमें औरंगाबाद और जहानाबाद के दाउदनगर में एसटीपी और सीवरेज नेटवर्क, लखीसराय और जमुई के बरहिया में एसटीपी और इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन कार्य शामिल हैं। अटल कायाकल्प एवं शहरी परिवर्तन मिशन के अंतर्गत, वह औरंगाबाद, बोधगया और जहानाबाद में जलापूर्ति परियोजनाओं की आधारशिला रखी।    

ईओयू का बड़ा एक्शन: अवर निबंधक विनय सौरभ की संपत्ति आय से 188% अधिक

पटना बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शुक्रवार को जिला अवर निबंधक कार्यालय, भागलपुर में पदस्थापित विनय सौरभ के ठिकानों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के तहत छापेमारी की है। इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मचा हुआ है। जांच में सामने आया कि विनय सौरभ ने अपनी ज्ञात वैध आय ₹1,43,85,000/- (एक करोड़ तैतालीस लाख पचासी हजार) के मुकाबले ₹2,70,78,000/- (दो करोड़ सत्तर लाख अठहत्तर हजार) की संपत्ति अवैध रूप से अर्जित की है। यह उनकी वैध आय से लगभग 188.23% अधिक पाई गई है। EOU की टीम ने एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की टीम ने कई स्थानों पर रेड मारी है, जिनमें पैतृक आवास: सेनुआर, थाना शिव सागर, जिला रोहतास (सासाराम), निजी निवास अभिनव इनक्लेव, खंजरपुर, थाना बरारी, जिला भागलपुर, एक अन्य आवास पैनोरमा सिटी, बाईपास रोड, थाना सदर, जिला पूर्णिया और कार्यस्थल: जिला अवर निबंधक कार्यालय प्रकोष्ठ, भागलपुर है। इस कार्रवाई के बाद विनय सौरभ के खिलाफ आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 21/2025, दिनांक 21.08.2025 को दर्ज किया गया है। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत कायम किया गया है

सीएम नीतीश ने ‘मुफ्त बिजली-पेंशन-रोजगार’ से सेट किया बिहार का सियासी समीकरण!

'सोशल इंजीनियर' ने सेट किया समीकरण …तो 2025 से 2030 फिर से नीतीश!  सीएम नीतीश ने ‘मुफ्त बिजली-पेंशन-रोजगार’ से सेट किया बिहार का सियासी समीकरण! बिहार की सियासत में नीतीश का तिहरा वार! गरीब, बुजुर्ग और युवाओं को साधने की चली ऐसी चाल!  सीएम नीतीश ने दिखाया सोशल इंजीनियरिंग और वोट मैनेजमेंट का कमाल! एक साथ करोड़ों को दिया फायदा पटना बिहार का राजनीतिक माहौल चरम पर है। चुनावी तैयारियां जोरों पर है। सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी ताकत झोंकी हुई है। कुछ लोगों को भले यह मुगालता हो कि नीतीश कुमार एक्टिव नहीं हैं। ये विपक्षी खेमे के लिए और भी खतरनाक साबित हो सकता है। दरअसल, हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं कि वो चुपचाप ऐसे काम कर रहे हैं जो आने वाले विधानसभा चुनावों में गेम चेंजर साबित होगा है। बताते चलें कि कि सीएम नीतीश की चर्चा उन राजनेताओं में होती है, जो चुपचाप बाजी पलटने का हुनर रखते हैं। सोशल सेक्‍टर और वोट बैंक मैनेजमेंट  गौर करने वाली बात ये है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल के दिनों में ऐसी-ऐसी घोषणाएं की हैं, जिससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि सीएम नीतीश का सीधा फोकस सोशल सेक्‍टर और वोट बैंक मैनेजमेंट पर है। आइए उन महत्‍वपूर्ण प्‍वांट पर चर्चा करते हैं, जिसके जरिए उन्‍होंने सीधे उस बड़े समूहों साधने की कोशिश की जहां से बिहार की चुनावी जंग में जीत का रास्‍ता गुजरता है।  विपक्ष को दिया राजनीतिक करंट राजनीतिक जानकारों की माने तो सीएम नीतीश कुमार ने बिहार की राजनीति में सियासी करंट दे दिया है। 125 यूनिट मुफ्त बिजली देकर सीएम नीतीश कुमार ने राज्य के 1 करोड़ 86 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को राहत दी है। जिनका मासिक बिल अब पूरी तरह माफ हो गया। गौर से देखा जाए तो बिहार की 90 फीसद आबादी को इसका सीधा फायदा मिल रहा है। राजनीतिक रूप से देखें तो ग्रामीण और निम्न-मध्यम वर्ग के वोटरों में इसकी सबसे ज्यादा चर्चा है। सर्वे में भी 63 फीसद लोगों ने माना कि यह योजना सत्‍ता की राह आसान बनाएगी।  पेंशन राशि बढ़ाकर ‘संवेदनशील मुख्यमंत्री’ की छवि बीते दो महीनों के दौरान सीएम नीतीश ने सामाजिक सुरक्षा को लेकर बड़ी घोषणाएं की हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 400 से बढ़ाकर 1100 रुपये कीं। इस घोषणा से उन्‍होंने सीधे तौर पर 1 करोड़ 12 लाख लोग लाभान्वित हुए। इन लाभार्थियों में बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांगजन शामिल हैं। यानी वह वर्ग जो चुनाव में वोट डालने में सबसे ज्यादा सक्रिय और निर्णायक भूमिका निभाता है। उसके लिए यह घोषणा राजनीति रूप से अहम माना जा रहा है।  युवाओं को नौकरी और रोजगार का वादा बताते चलें कि नीतीश कुमार अब तक 10 लाख सरकारी नौकरियां और 39 लाख रोजगार उपलब्ध करा चुके हैं। चुनावी माहौल को देखते हुए उन्‍होंने इस लक्ष्‍य को बढ़ा कर इसी साल 12 लाख नौकरी और 50 लाख रोजगार का तय कर दिया। जिस पर काम जारी है। इतना ही नहीं, सीएम नीतीश ने चुनावी दांव खेलते हुए अगले पांच में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का वादा भी कर डाला। नीतीश के इस दांव को काफी अहम माना जा रहा है। गौर करने वाली बात ये है कि सीएम नीतीश के इस मास्‍टर स्‍ट्रोक की चर्चा राजनीतिक गलियारे में भी है। इस वादे ने युवा वोट बैंक और उनके परिवारों को भी अपने साध लिया है। जानकारों का मानन है कि लंबे समय से नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं और उनके परिवार को नीतीश कुमार के विकास कार्यों और औद्योगिक क्षेत्र के विकास के ऐलान से उम्‍मीद जगी है। सर्वे का संकेत, नीतीश फिर पसंदीदा हाल में हुए सी-वोटर सर्वे में भी सीएम नीतीश बढ़त बनाए हुए हैं। इस सर्वे में बिहार की 65 फीसद जनता ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पहली पसंद बताया है। समझने वाली बात ये है कि नीतीश कुमार ने मुफ्त बिजली देकर ग्रामीण और गरीब वर्ग को साधने की कोशिश की। पेंशन में बढ़ोतरी से बुजुर्ग, महिलाओं और दिव्यांगों को अपने पाले में लाने का प्रयास किया, नौकरी और रोजगार के वादे से युवाओं को, मानदेय और पेंशन बढ़ोतरी से सरकारी कर्मी ओर समाजसेवी वर्ग प्रभावित करने वाला दांव खेल दिया है। इन फैसलों से एक साथ एक बड़ा वोट बैंक लाभंवित हुआ है। जिसका चुनावी फायदा मिलना तय माना जा रहा है। माना जा रहा है चुनाव से ठीक पहले किए गए ये फैसले सीएम नीतीश के लिए मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकते हैं।

वोटर बनने की प्रक्रिया में हुए अजीब बदलाव, साजन और सजनी की कहानी

पूर्णिया एसआईआर की समीक्षा में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इसके अलावा, बीएलओ द्वारा आंख बंदकर दस्तावेज अपलोड करने का भी मामला सामने आ रहा है। मतदाता बनने की जुगाड़ में कहीं किसी का साजन बदल गया है तो कहीं किसी की सजनी बदल गई है। पूर्णिया के प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने गुरुवार को पूर्णिया के विधानसभा क्षेत्रों के एसआईआर की समीक्षा में इस तरह के कई खामियां पकड़ी है। आयुक्त ने इस मामले में संबंधित मतदान केन्द्र के बीएलओ को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए गलत कागजात प्रस्तुत करने वाले मतदाता सहित उसे अपलोड करने वाले बीएलओ के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई का निर्देश पूर्णिया के जिलाधिकारी अंशुल कुमार को दिया है। अमौर विधान सभा क्षेत्र के मतदान केन्द्र संख्या-85 के सभी अभिलेखों गणना प्रपत्र पंजी, गणना प्रपत्र आदि की जांच में कई कॉलम खाली पाए गए। बीएलओ के स्तर से गणना प्रपत्र पंजी तथा गणना प्रपत्र एवं कागजात प्रमाण पत्र का सही-सही संधारण नहीं किया हुआ पाया गया। जांच के क्रम में इस मतदान केन्द्र के तीन गणना प्रपत्र संदेहास्पद पाए गए। एक गणना प्रपत्र में निर्वाचक का नाम-सुखफजा, इपिक नंबर- जेडओएल .2718922 जन्म तिथि-01.1.1949, पिता का नाम-ईसा फली, माता का नाम-जैनफ एवं पति का नाम-मो मुस्लिम गणना प्रपत्र प्रारूप में अंकित है। गणना प्रपत्र पर बीएलओ द्वारा 2003 मतदाता सूची का पार्ट-51 क्रमांक 744 अंकित किया गया है। जबकि गणना प्रपत्र के साथ संलग्न 2003 मतदाता सूची में इस क्रमांक पर नाम सुरब्जा अंकित है। इस प्रकार गलत कागजात गणना प्रपत्र के साथ पाया गया। उक्त निर्वाचक 2003 के मतदाता सूची में नाम अंकित नहीं पाया गया। दूसरे मामले में निर्वाचक का नाम-आसमीन इपिक-जेडओएल 1955384 जन्म तिथि-01.1.1980, पिता-मो अफाक, माता-नूर दाना, पति-आजाद गणना प्रपत्र प्रारूप में अंकित है। गणना प्रपत्र पर बीएलओ द्वारा 2003 मतदाता सूची का पार्ट-51 क्रमांक 137 अंकित किया गया है, जबकि उक्त गणना प्रपत्र के साथ संलग्न 2003 के मतदाता सूची में क्रमांक-137 पर नाम आसमीन, पति-सरीफ अंकित है। जांच में यह कागजात भी गलत पाया गया। तीसरे मामले में निर्वाचक का नाम-रुकसाना बेगम, इपिक जीक्यूबी 5273362, पिता-हनीफ, माता-मुरनपा, पति-मोहम्मद फैयाज गणना प्रपत्र में अंकित है। गणना प्रपत्र पर बीएलओ द्वारा 2003 मतदाता सूची का पार्ट-51 क्रमांक-865 अंकित किया गया है, जबकि उक्त प्रपत्र के साथ संलग्न 2003 के मतदाता सूची के क्रमांक-865 पर निर्वाचक का नाम फकरीन, पति-फैयाज अंकित है। यह भी जांच में गलत पाया गया। समीक्षा के बाद आयुक्त ने माना कि अमौर विधान सभा के मतदान केन्द्र संख्या 85 के बीएलओ ने गणना प्रपत्र को बिना जांच पड़ताल किये कागजात संलग्न कर दिया है जो उनके लापरवाही का परिचायक है। इस संबंध में पृच्छा करने पर बीएलओ द्वारा कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया। इस मामले में इआरओ को आदेश दिया गया कि तत्काल इस मामले की जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध करावें। इस मामले में बीएलओ सहित गलत कागज देने वाले दोषी लोगों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। बायसी विधानसभा में भी पकड़ी गई कई गड़बड़ी आयुक्त ने 57-बायसी विधान सभा क्षेत्र के मतदान केन्द्र संख्या-115 एवं 205 के सभी अभिलेखों यथा-गणना प्रपत्र पंजी, गणना प्रपत्र आदि के जांच में भी अनियमितताएं पायी। यहां जांच के क्रम में पाया गया कि गणना प्रपत्र प्रारूप में निर्वाचक का नाम जीरानी बेगम, जन्म तिथि-01.1.1960, पिता-महमुद आलम, माता-तहमीना खातून, पति-मो० अकबर हुसैन अंकित है। गणना प्रपत्र पर बीएलओ द्वारा 2003 मतदाता सूची का पार्ट-172 क्रमांक-352 अंकित किया गया है, जबकि उक्त प्रपत्र के साथ संलग्न 2003 के मतदाता सूची के क्रमांक-352 में निर्वाचक का नाम सैदा खातून, पति-अकबर अंकित है। इससे बीएलओ की कार्य के प्रति लापरवाही पाई गई। इस संबंध में संबंधित इआरओ को इसकी जांच कर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया। इसके अलावा इस मतदान केन्द्र के बीएलओ को बदलते हुए उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया गया। बनमनखी विधानसभा की जांच में मिली कई खामियां 59-बनमनखी विधान सभा क्षेत्र के मतदान केन्द्र संख्या-45 एवं 115 के सभी अभिलेखों यथा-गणना प्रपत्र पंजी, गणना प्रपत्र आदि के जांच की गई। जांच के क्रम में गणना प्रपत्र पंजी के कई कॉलम खाली पाया गया। कई गणना प्रपत्र प्रारूप में लगे फोटो अस्पष्ट एवं संलग्न कागजात सही नहीं पाए गए तथा कुछ गणना प्रपत्र में निर्वाचकों का हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान नहीं पाया गया। इस संबंध में संबंधित इआरओ को अभियान चलाकर उक्त त्रुटियों के सुधार के लिए निर्देश दिया गया। समीक्षा बाद आयुक्त ने जिला पदाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी को वरीय पदाधिकारी के माध्यम से समय-समय पर इनके कार्यों की औचक जांच कराने तथा कार्य में लापरवाही पाये जाने की स्थिति में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।  

बिहार और बंगाल के लिए PM मोदी की बड़ी घोषणाएँ, पुल और मेट्रो परियोजनाएँ शामिल

औंटा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 22 अगस्त को बिहार और पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे. वह सुबह गया में लगभग 13,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. इस दौरान प्रधानमंत्री दो नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर जनता को संबोधित करेंगे. इसके बाद, मोदी गंगा नदी पर बने औंटा–सिमरिया पुल परियोजना का उद्घाटन करेंगे. लगभग 1,870 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 6 लेन पुल की लंबाई 1.86 किलोमीटर है, जबकि एप्रोच रोड सहित कुल लंबाई 8.15 किलोमीटर है. यह पुल मोकामा और बेगूसराय को जोड़ेगा और उत्तर व दक्षिण बिहार के बीच आवागमन को तेज़ और सुगम बनाएगा. कई जिलों के बीच दूरी 100 किलोमीटर तक घट जाएगी और सफर का समय लगभग डेढ़ घंटे तक कम होगा. 34 मीटर चौड़ा यह एशिया का सबसे चौड़ा पुल है, जिसे 18 मज़बूत पिलरों पर बनाया गया है. गेमचेंजर साबित होगा पुल पुल के दोनों छोर पर आधुनिक रोटरी और हरियाली से युक्त पार्क विकसित किए गए हैं. निर्माण के दौरान Push Box Method, Gabbion Wall और PVD जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे पुल की मजबूती और लोडिंग कैपेसिटी बढ़ाई जा सके. यह पुल न केवल बिहार बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों के उद्योग और व्यापार के लिए भी गेमचेंजर साबित होगा. प्रधानमंत्री द्वारा 2015 में घोषित विशेष पैकेज के तहत यह पुल तैयार किया गया है. 2017 में मोदी ने इसकी आधारशिला रखी थी और अब इसका उद्घाटन होने जा रहा है. प्रधानमंत्री बिहार में बक्सर थर्मल पावर प्लांट (6,880 करोड़ रुपये), मुजफ्फरपुर कैंसर अस्पताल, मुंगेर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (520 करोड़ रुपये) और 1,260 करोड़ रुपये की शहरी परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हज़ारों लाभार्थियों को घर सौंपे जाएंगे. कोलकाता में करोड़ों की परियोनाओं का उद्घाटन शाम को प्रधानमंत्री कोलकाता पहुंचेंगे और लगभग 5,200 करोड़ रुपये की मेट्रो और अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे. वे खुद मेट्रो की सवारी भी करेंगे. नई मेट्रो सेवाएं कोलकाता में यात्रा समय घटाएंगी और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मज़बूती देंगी. साथ ही, वे 1,200 करोड़ रुपये की लागत वाले 7.2 किमी लंबे कोना एक्सप्रेसवे की आधारशिला भी रखेंगे. यह हावड़ा और कोलकाता के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा.

नई पहल: बच्चों को पढ़ाई जाएगी शिबू सोरेन की जीवनगाथा, स्कूली पाठ्यक्रम में होगा समावेश

रांची झारखंड के स्कूलों में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जीवनी पढ़ाई जाएगी। जी हां, झारखंड सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने ये घोषणा की है। स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की घोषणा के अनुसार, वर्ष 2026 से राज्य के सभी विद्यालयों में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जीवन और योगदान से जुड़ी सामग्री को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। पहली से बारहवीं कक्षा तक की कुल 8 किताबों में शिबू सोरेन के जीवन पर आधारित अध्याय जोड़े जाएंगे। छोटे बच्चों (कक्षा 1 से 5) के लिए शिबू सोरेन का परिचय सरल भाषा और कहानियों के माध्यम से कराया जाएगा, जबकि बड़ी कक्षाओं में उनके सामाजिक और राजनीतिक संघर्ष, आदिवासी पहचान की रक्षा में उनकी भूमिका, और संसदीय जीवन जैसे पहलुओं को विस्तार से पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट वर्क और शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से भी इस विषय से जोड़ा जाएगा। बता दें कि शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त को दिल्ली के सर गंगा अस्पताल में हुआ था। उनका 5 अगस्त को उनके पैतृक गांव नेमरा में अंतिम संसकार हुआ था। बेशक शिबू सोरेन दुनिया छोड़ कर चले गए, लेकिन वह हमेशा सभी के दिलों में रहेंगे।