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झारखंड CM का संदेश: आदिवासी समाज में बिखराव नहीं, एकता जरूरी

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आदिवासी समुदायों के सामने बढ़ती चुनौतियों को गंभीर बताते हुए पूरे देश के आदिवासियों से व्यापक एकजुटता की अपील की है. उन्होंने कहा कि अगर आदिवासी समाज अब भी बिखरा रहा, तो आने वाले समय में उनका अस्तित्व ही संकट में पड़ सकता है. देश के विभिन्न हिस्सों से आए आदिवासी प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का समय चेतावनी का है. आपने हमेशा देखा होगा कि बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाती है. यह कहावत केवल पानी की दुनिया की नहीं है, यह समाज पर भी सही बैठती है. उनका संकेत इस बात पर था कि शक्तिशाली वर्ग हमेशा कमजोर तबकों को दबाने की कोशिश करता है और इस स्थिति से उबरने का एकमात्र रास्ता एकता है. जनगणना में आदिवासियों की उपेक्षा पर सीएम ने जताई नाराजगी हेमंत सोरेन ने जनगणना में आदिवासियों की उपेक्षा पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय को कभी भी उसकी सही हिस्सेदारी या पहचान नहीं दी जाती. सालों से हमारी अस्मिता, हमारी भाषा, हमारी पहचान को सही मान्यता नहीं मिल पाई है. यह अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण लेकिन मजबूत लड़ाई का समय है. जनता ने राज्य का नेतृत्व करने की दी जिम्मेदारी- हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें झारखंड की जनता ने राज्य का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी है, लेकिन वह जानते हैं कि आगे का सफर आसान नहीं होगा. जैसे-जैसे हम आगे बढ़ेंगे, चुनौतियां भी बढ़ेंगी. ऐसे में हम सबको एक जुट होकर तैयार रहना होगा. झामुमो अध्यक्ष ने आदिवासी समाज को चेताते हुए कहा कि अगर वे संगठित नहीं हुए, तो उन्हें भविष्य में और ज्यादा हाशिए पर धकेला जा सकता है. प्रणालीगत उपेक्षा और हाशिए पर डालना कोई नई बात नहीं है. आज जरूरत है कि आदिवासी समाज एक मंच पर आए और अपनी पहचान को मजबूत करें. अपार संपदा से भरी है राज्य की मिट्टी – सोरेन हेमंत सोरेन ने झारखंड की प्राकृतिक संपदा, विशेषकर खनिज संसाधनों पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि राज्य की मिट्टी अपार संपदा से भरी है, लेकिन लोगों को यह सोचना चाहिए कि क्या यह ‘समृद्धि’ वास्तव में एक वरदान साबित हुई है या फिर इसका दोहन आदिवासी समुदाय के लिए अभिशाप बन गया है. उन्होंने कहा कि संसाधनों पर केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण उपयोग भी जरूरी है.

न्याय व्यवस्था में बड़ा सुधार: डिप्टी सीएम ने बताए किन जिलों में खुलेंगे नए फास्ट ट्रैक कोर्ट

पटना बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि बिहार में 100 फास्ट ट्रैक न्यायालयों (FTC) का गठन किया जाएगा। इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन, न्यायालय का बोझ कम करना और संवेदनशील प्रकृति के मामलों पर उचित ध्यान और समय देना है। उन्होंने कहा- राज्य के विभिन्न न्यायालयों में 18 लाख से अधिक लंबित मामलों के मद्देनज़र ये फास्ट ट्रैक न्यायालय बड़ी राहत देने वाले साबित होंगे। उन्होंने बताया कि पटना में आठ फास्ट ट्रैक अदालतें प्रस्तावित हैं जबकि गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर में चार-चार अदालतें स्थापित की जाएंगी। नालंदा (बिहारशरीफ), रोहतास (सासाराम), सारण (छपरा), बेगूसराय, वैशाली (हाजीपुर), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), समस्तीपुर और मधुबनी में तीन-तीन फास्ट ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी। इसी तरह पश्चिम चंपारण (बेतिया), सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर, नवादा, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, कैमूर (भभुआ), बक्सर, भोजपुर (आरा), सीतामढ़ी, शिवहर, सीवान, गोपालगंज, सुपौल, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, कटिहार, बांका, जमुई, शेखपुरा, लखीसराय और खगड़िया में दो-दो फास्ट ट्रैक अदालतें संचालित होंगी। इसके अतिरिक्त नवगछिया और बगहा उप-मंडलीय न्यायालय में एक-एक फास्ट ट्रैक अदालत स्थापित करने का प्रस्ताव है। 900 पदों पर नियुक्ति भी की जाएगी उन्होंने बताया कि जिलापदाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से चिन्हित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाएगा।  राज्य के 38 जिलों और उप-मंडलों में कुल 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाने के लिए कर्मियों की नियुक्ति भी बड़े पैमाने पर की जाएगी। प्रत्येक अदालत के लिए आठ प्रकार के पदों जैसे, बेंच क्लर्क, कार्यालय लिपिक, स्टेनोग्राफर, डिपोज़िशन राइटर, डेटा एंट्री ऑपरेटर, ड्राइवर, प्रोसेस सर्वर और चपरासी या ऑर्डर्ली के कुल 900 पदों पर नियुक्ति प्रस्तावित है। 79 न्यायालय एक्ट कोर्ट के रूप में नामित उपमुख्यमंत्री चौधरी ने कहा- शस्त्र अधिनियम से संबंधित लंबित मामलों के त्वरित निपटारे हेतु 79 न्यायालयों को एक्ट कोर्ट के रूप में नामित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि शस्त्र अधिनियम जैसे गम्भीर मामलों का शीघ्र समाधान कानून व्यवस्था को मजबूत करेगा।  राज्य सरकार न्यायिक प्रक्रिया को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। यही वजह है कि 100 फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन किया जाएगा।

दूध उत्पादन सुधार पर फोकस: सीएम ने किया पटना डेयरी प्रोजेक्ट का निरीक्षण

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना डेयरी प्रोजेक्ट, सुधा फुलवारीशरीफ का निरीक्षण किया। इस बीच अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रोडक्शन हॉल, आइसक्रीम प्लांट, दही कोल्ड रूम सहित विभिन्न यूनिटों का जायजा लिया व उत्पादों की गुणवत्ता एवं क्षमता से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बाद में कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक में कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक ने कॉम्फेड की वर्तमान कार्यप्रणाली, आगामी पांच वर्षों की योजना, दुग्ध समितियों, प्रोक्यूरमेंट सिस्टम, इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार और नए उत्पादों के लॉन्च से जुड़े बिंदुओं की प्रस्तुति दी। सीएम ने बताया कि राज्य में 21 हजार से अधिक ग्राम स्तरीय दुग्ध सहकारी समितियां कार्यरत हैं, जिनसे 7.5 लाख पशुपालक जुड़े हैं, जिनमें लगभग 25% महिलाएं शामिल हैं। ये समितियां प्रतिदिन औसतन 22 लाख किलोग्राम और अधिकतम 30 लाख किलोग्राम दूध का संकलन करती हैं। कॉम्फेड की वर्तमान प्रसंस्करण क्षमता 54 लाख लीटर प्रतिदिन है और इसे और बढ़ाने की योजना है। 'राज्य में दूध उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई' बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2008 से लागू कृषि रोड मैप ने कृषि व इससे जुड़ी गतिविधियों में उल्लेखनीय सुधार किया है। इसकी बदौलत राज्य में दूध उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डेयरी की उत्पादन इकाइयों, प्रोक्यूरमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर और दुग्ध समितियों का विस्तार तेज किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग जुड़ें, उनकी आमदनी बढ़े और रोजगार के नए अवसर तैयार हों। सीएम ने कहा कि कर्मचारियों के लिए आवास व्यवस्था विकसित करने की भी आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और पशुपालकों की समृद्धि के लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। सुधा ब्रांड के नए उत्पाद बाजार में उपलब्ध कराए जा रहे हैं और यह ब्रांड पूरे देश में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कॉम्फेड की पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति वर्ष 1983 में ऑपरेशन फ्लड कार्यक्रम के तहत गठित कॉम्फेड वर्तमान में राज्य के 31 जिलों में 8 दुग्ध संघों के माध्यम से कार्यरत है। 37 हजार से अधिक खुदरा विक्रय केंद्रों और 914 होल-डे-मिल्क बूथ के माध्यम से सुधा दूध और दुग्ध उत्पाद राज्य के लगभग हर प्रखंड व नगर निकाय तक उपलब्ध हैं। टेट्रा पैक दूध की आपूर्ति उत्तरी-पूर्वी राज्यों के साथ भारतीय सेना को भी की जा रही है। साथ ही, दिल्ली और कोलकाता जैसे महानगरों में भी सुधा उत्पादों की बिक्री लगातार बढ़ रही है। मार्च 2025 में कॉम्फेड ने 5 मीट्रिक टन घी अमेरिका और 8 मीट्रिक टन गुलाबजामुन कनाडा निर्यात कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी उपस्थिति दर्ज की है।

नीतीश कुमार ने बेनेवोलेंट फंड में दिया अंशदान, जनता से भी आगे आने की अपील

पटना  आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर सैनिक कल्याण निदेशालय के निदेशक ब्रिगेडियर मृगेन्द्र कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से 01 अणे मार्ग में मुलाकात कर उन्हें सशस्त्र सेना झंडा दिवस का फ्लैग लगाया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बिहार स्टेट एक्स सर्विसमैन बेनेवोलेंट फंड में अंशदान किया और देश के बहादुर सैनिकों के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान प्रकट किया। उन्होंने कहा कि उनकी कुर्बानियों अमर है। वे अपने जान के मूल्य पर राष्ट्र पर आए बाह्य एवं आंतरिक संकटों का मुकाबला बहादुरी के साथ करते हैं। इन बहादुर सैनिकों के कल्याण एवं पुनर्वास के लिए उन्होंने राज्यवासियों से बिहार स्टेट एक्स सर्विसमैन बेनेवोलेंट फंड में अंशदान किए जाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि आपका यह अंशदान बहादुर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता होगी। इस अवसर पर जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी, गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, सैनिक कल्याण निदेशालय के निदेशक ब्रिगेडियर मृगेन्द्र कुमार, कर्नल संतोष कुमार त्रिपाठी, कर्नल मनोज कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सम्राट चौधरी ने किया CCTNS पोर्टल लॉन्च, अब घर बैठे होगी पुलिस कार्रवाई की शुरुआत

पटना उप मुख्य (गृह) मंत्री  सम्राट चौधरी ने आज सरदार पटेल भवन सह पुलिस मुख्यालय में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) के नागरिक सेवा पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल राज्य के आम नागरिकों को पुलिस सेवाओं तक तेज, पारदर्शी और डिजिटल माध्यम से पहुंच सुनिश्चित करेगा। शुभारंभ कार्यक्रम के उपरांत माननीय उप मुख्य (गृह) मंत्री की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय के विभिन्न प्रभागों आर्थिक अपराध इकाई, साइबर अपराध प्रभाग, बिहार इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) तथा गृह विभाग के अंतर्गत अभियोजन निदेशालय, कारा एवं सुधार सेवा और प्रोबेशन सेवा की कार्यप्रणाली, उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। अभियोजन निदेशालय के विशेष सचिव सह निदेशक सुधांशु कुमार चौबे ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अभियोजन निदेशालय की विभागीय प्रगति की जानकारी दी। इसके पश्चात गृह सचिव सह कारा महानिरीक्षक प्रणव कुमार द्वारा माननीय उप मुख्य (गृह) मंत्री के समक्ष कारा एवं सुधार सेवा तथा प्रोबेशन सेवा से संबंधित विभागीय प्रगति और भविष्योन्मुखी योजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। बैठक में माननीय उप मुख्य (गृह) मंत्री सम्राट चौधरी ने सभी प्रभागों और निदेशालयों की समीक्षा करते हुए राज्य की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने हेतु आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय कार्यों में अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल सेवाओं के विस्तार से न केवल आम जनता को सुविधा होगी, बल्कि अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। इस अवसर पर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविन्द कुमार चौधरी, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, गृह सचिव सह कारा महानिरीक्षक प्रणव कुमार सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक का उद्देश्य राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, कानून-व्यवस्था की मजबूती, अपराध नियंत्रण, साइबर सुरक्षा के विस्तार और सुरक्षा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को और प्रभावी बनाना रहा।  

पटना में आधार अपडेट का नया इंतज़ाम, डाकघर ने बढ़ाया समय रात 8 बजे तक

पटना आज के समय में आधार कार्ड सबसे जरूरी दस्तावेजों में से एक है। इसमें बायोमेट्रिक और डेमोग्राफिक जानकारी दर्ज होती है। कई बार नाम, पता या मोबाइल नंबर जैसी जानकारी गलत अपडेट हो जाती है या उसे बदलना होता है। वहीं पटना में अब आधार कार्ड अपडेट से जुड़ी परेशानियों से निजात मिलने वाली है। दरअसल बढ़ती भीड़ के कारण बांकीपुर डाकघर पटना में आधार कार्ड अपडेट करने को लेकर समय सीमा में विस्तार किया जाएगा।। बांकीपुर डाकघर में नए साल से सुबह 8 से रात 8 बजे तक लगातार सेवा देगा। यानी अब दिन में 12 घंटे  ये सुविधा मिलेगी। डाक विभाग के अनुसार, आधार कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए UIDAI से 18 चयनित कर्मचारियों को यूजर आइडी जारी करने का अनुरोध किया गया है। कर्मचारियों के चयन की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। पटना में बांकीपुर डाकघर में  प्रतिदिन 250 से अधिक लोग आधार कार्ड से संबंधित कार्य कराने पहुंचते हैं। वर्तमान में डाकघर में 10 आधार काउंटर संचालित हैं। अधिकारी देर शाम तक काम करते रहते है। ताकि दूर दराज क्षेत्रों से आने वाले लोगों को निराश होकर वापस न लौटना पड़े। वह अपने आधार से संबंधित काम करवा कर ही लौटे।

बर्फीली हवाओं ने उड़ा दिए होश, झारखंड के कई जिलों में लोगों को परेशानी

रांची झारखंड में ठंड का कहर इस कदर है कि अलाव और कंबल भी फेल हो गए। दिसंबर के पहले हफ्ते ही ये हाल है तो अभी पूरा दिसंबर पड़ा है तो ऐसे में दिसंबर के आखिर में तो और भी ठंड हो जाती है। दरअसल, हिमालय क्षेत्र में अच्छी खासी बर्फबारी के चलते झारखंड में भीषण ठंड को देखने को मिल रही है। इस वजह से लोगों का हाल बेहाल है। मौमस विभाग ने रांची में कड़ाके की ठंड का अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं, सबसे ठंडा गुमला शहर रहा। यहां पिछले 24 घंटे में सबसे कम न्यूनतम तापमान 5 डिग्री दर्ज किया गया। जानकारी के मुताबिक शाम 6 बजे के बाद घर से निकलने में लोग डर रहे हैं। राज्य में ठंड इस कदर है कि अलाव और कंबल भी फेल हो गए। मौमस विभाग के मुताबिक अब लोगों को ठंड से राहत नहीं मिलने वाली है क्योंकि 48 घंटे के बाद न्यूनतम तापमान सीधे 4-5 डिग्री के बीच देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 11 जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट दिया है। मौसम विभाग के अनुसार पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, रांची, बोकारो, खूंटी और रामगढ़ में शीतलहर का सबसे ज्यादा खतरा है। यहां तेज उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, जिसके कारण तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जाएगी।  

राबड़ी देवी की याचिका पर कोर्ट सख्त, आईआरसीटीसी मामले में 9 दिसंबर को अगली सुनवाई

नई दिल्ली आईआरसीटीसी घोटाला मामले में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी को शनिवार को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। राबड़ी देवी ने स्पेशल जज विशाल गोंगने (जो इस मामले की नियमित सुनवाई कर रहे हैं) को हटाकर किसी दूसरे जज की बेंच में केस ट्रांसफर करने की मांग की थी। राबड़ी देवी की मांग पर अदालत में सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। ऐसे में इस ट्रांसफर याचिका पर अगली सुनवाई अब 9 दिसंबर (मंगलवार) को होगी। शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान राबड़ी देवी के वकील ने जज विशाल गोंगने पर गंभीर आरोप लगाए। वकील का दावा था कि जज पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं और जून 2026 तक जल्दबाजी में फैसला सुना देने का इरादा रखते हैं। उन्होंने कहा कि जज कई कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं कर रहे हैं। वकील ने यह भी कहा कि आरोप तय करने के समय उनके मुवक्किल को चुनाव के बीच दिल्ली बुलाया गया, जिससे उन्हें भारी असुविधा हुई। जज द्वारा आरोप तय करने के आदेश के तरीके पर भी सवाल उठाए गए। राबड़ी देवी के वकील ने दलील दी कि इस मामले में कुल 103 आरोपी हैं, जिनमें ज्यादातर पटना सहित दूर-दराज के इलाकों से हैं। इनकी परेशानियों पर कोर्ट ध्यान नहीं दे रहा। शुक्रवार को एक आरोपी कोर्ट नहीं आ सका तो सीबीआई ने तुरंत जमानत रद्द करने की मांग शुरू कर दी। वकील का कहना था कि लालू परिवार को विशेष रूप से टारगेट किया जा रहा है। इस मामले के एक अन्य आरोपी, सुजाता होटल्स के मालिक विनय कोचर ने भी राबड़ी देवी की ट्रांसफर याचिका का समर्थन किया और सहमति जताई। जांच एजेंसी के अनुसार, लालू यादव पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आईआरसीटीसी के कई अधिकारियों की मिलीभगत से कोचर ब्रदर्स को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप है। इसके एवज में पटना स्थित एक कीमती भूमि को कोचर ब्रदर्स ने एक ऐसी कंपनी को बेच दिया जो लालू प्रसाद यादव के करीबी और राजद के राज्यसभा सदस्य प्रेमचंद गुप्ता से जुड़ी थी। यह जमीन मेसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (डीएमसीपीएल) के नाम से खरीदी गई थी, जिसे बाद में लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी के नाम से परिवर्तित कर दिया गया। यह कंपनी लालू परिवार के हित में संचालित की जा रही थी और अंततः इस संपत्ति का नियंत्रण राबड़ी देवी और तेजस्वी प्रसाद यादव के हाथों में चला गया।

क्या JMM और BJP साथ आएंगे? बाबूलाल मरांडी का बड़ा बयान

रांची झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में लग रहीं अटकलों पर मीडिया से कहा कि ठंड के मौसम में आप लोग थोड़ा आनंद लीजिए.देश में पारा भले ही गिरने लगा हो लेकिन झारखंड में सियासत का तापमान बढ़ा हुआ है. यहां पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी JMM and BJP के साथ आने की अटकलें लग रही हैं. अब इस पर झारखंड बीजेपी के चीफ बाबूलाल मरांडी की प्रतिक्रिया सामने आई है.मीडिया ने जब उनसे इन अटकलों को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा, “ये चर्चा में आप लोगों (मीडिया) से सुनता भी हूं और देखता भी हूं. लेकिन वास्तव में और कहीं से कुछ हमको सुनाई नहीं दिया.”क्या आप इस नए समीकरण को खारिज कर रहे हैं, इस सवाल पर उन्होंने कहा, “पार्टी या कहीं और से हमको कुछ ऐसा सुनाई नहीं देता है. ठंड का मौसम है, आप सब लोग इसमें थोड़ा आनंद लीजिए. यही मैं कह सकता हूं.” बाबूलाल मरांडी ने सत्तापक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा, “हम लोग क्या त्रस्त करेंगे. ये सरकार खुद लूटने में लगी हुई है. तो क्या हम ये विषय नहीं उठाएंगे? जब शराब नीति बन रही थी तो दो-ढाई साल पहले ही हमने CM को पत्र लिखा था. आज भी इस प्रश्न का जवाब सरकार की ओर से नहीं आया. हम तो इस प्रदेश के नागरिक के साथ-साथ CM भी रहे हैं. उस समय में भी हम विधायक दल के लीडर हुए थे. मेरे पास जो जानकारी थी हमने सरकार और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संज्ञान में दिया.” इससे पहले कांग्रेस लीडर और झारखण्ड गवर्नमेंट  के मंत्री इरफान अंसारी ने गुरुवार (4 दिसंबर) को कहा था कि हमारी सरकार पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने अफवाह फैलाने का काम किया. उन्होंने साथ में ये भी कहा कि सीएम हेमंत सोरेन गुरु जी शिबू सोरेन के बेटे हैं और वो कभी नहीं झुकेंगे.

महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में काटी नसें, अधिकारी की पत्नी होने का दावा

समस्तीपुर समस्तीपुर के दलसिंहसराय उपकारा के सहायक जेल अधीक्षक आदित्य कुमार की कथित पत्नी अमृता कुमारी ने न्याय न मिलने से आहत होकर शनिवार को समस्तीपुर एसपी कार्यालय के बरामदे में अपनी कलाई की नस काटकर आत्महत्या का प्रयास किया। घायल अवस्था में उन्हें महिला पुलिस ने तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है। अमृता कुमारी, जो नवादा जिले की रहने वाली हैं और दो बच्चों की मां हैं, पिछले तीन दिनों से लगातार एसपी अरविंद प्रताप सिंह के जनता दरबार में अपनी शिकायत लेकर पहुंच रही थीं। उन्हें पिछले दो दिनों से रात में वन स्टेप गृह में ठहराया जा रहा था। शनिवार को भी वह अपने दोनों बच्चों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचीं, पर मुलाकात नहीं हो पाई। इसके बाद उन्होंने ब्लेड से अपनी बाईं कलाई की नस काट ली। पत्नी मानने से इनकार कर रहा सहायक जेलर अमृता ने बताया कि 2022 में गया स्थित विष्णुपद मंदिर में आदित्य कुमार से उनकी शादी हुई थी और वे पति-पत्नी की तरह साथ रहते थे। लेकिन आदित्य कुमार के समस्तीपुर ट्रांसफर होने के बाद उनका व्यवहार अचानक बदल गया। अमृता का आरोप है कि आदित्य अब उन्हें पत्नी मानने से इनकार कर रहे हैं। महिला ने बताया कि वह दो बच्चों के साथ पिछले दो दिनों से आदित्य कुमार के सरकारी आवास में रह रही थीं, लेकिन एक दिसंबर को उनके ससुर दिलीप सिंह ने पुलिस बुलाकर उन्हें आवास से मारपीट कर भगा दिया। इसके बाद से वह लगातार जिला पुलिस कप्तान के पास न्याय की गुहार लगाने पहुंच रही थीं। मामला दर्ज दलसिंहसराय थानाध्यक्ष इरशाद अहमद ने बताया कि अमृता कुमारी के आवेदन पर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। डॉक्टरों ने कहा कि घायल महिला की कलाई में टांके लगाए गए हैं और इलाज जारी है।