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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया रक्तदान, मेगा ब्लड डोनेशन महाअभियान की हुई शुरुआत

रांची  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित मेगा रक्तदान शिविर में रक्तदान कर स्वैच्छिक रक्तदान महा अभियान का शुभारंभ किया। झारखंड की 25वीं वर्षगांठ के अव सर पर रक्तदान शिविर महाअभियान पूरे राज्य में 28 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने रक्तदान महादान का संदेश देते हुए कहा कि आपका दिया रक्त जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने के काम आ सकता है। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से स्वैच्छिक रक्तदान महा अभियान के तहत आयोजित होने वाले शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य की 25वीं वर्षगांठ एक नए संकल्प के साथ हमारा राज्य आगे बढ़ाने को तैयार है। अब पूरा राज्य जीवनदान का केंद्र बनेगा. इस बाबत स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के द्वारा 12 से 28 नवंबर तक पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर स्वैच्छिक रक्तदान अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अलग-अलग स्थान पर विशेष रक्त दान शिविर लगाए जाएंगे, जहां लोग स्वैच्छिक रक्तदान कर सकेंगे। इस अभियान का उद्देश्य राज्य में रक्त की कमी को पूरा करना और हर जरूरतमंद तक सुरक्षित रक्त पहुंचाना है। अस्पताल में रक्त की कमी से किसी की जिंदगी की सांसे थमे नहीं, इसे सुनिश्चित करना हम सभी का परम उत्तरदायित्व है। ऐसे में हम सभी मिलकर झारखंड को जीवनदायिनी राज्य बनाने ला संकल्प लें। स्वैच्छिक रक्तदान महा अभियान के शुभारंभ के मौके पर मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री हफीजुल हसन, मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो, मंत्री सुदिव्य कुमार, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, मुख्य सचिव अविनाश कुमार और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।

आचार संहिता प्रभावी: पटना में नहीं बजेगा डीजे, 16 नवंबर तक जश्न पर सख्त मनाही

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों से पहले पटना जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को काबू में रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। चुनाव आयोग के निर्देश पर पटना जिले में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) को 16 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है। इस दौरान किसी भी तरह के विजय जुलूस, राजनीतिक सभा, रैली या डीजे बजाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि मतगणना के दिन या उसके बाद किसी भी तरह की भीड़भाड़ या उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पटना जिले की 14 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना 14 नवंबर को एएन कॉलेज में होगी। इसी को देखते हुए जिला दंडाधिकारी (DM) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि 16 नवंबर तक किसी भी राजनीतिक सभा, जुलूस, प्रदर्शन या धरने पर रोक रहेगी। साथ ही लाउडस्पीकर और साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर भी पाबंदी लागू की गई है। कानून व्यवस्था से समझौता नहीं होगा: डीएम पटना डीएम पटना ने सख्त लहजे में कहा कि, “कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जो भी व्यक्ति या पार्टी नियमों का उल्लंघन करेगी, उसके खिलाफ कार्रवाई तय है।” इसके साथ ही प्रशासन ने सभी उपमंडलीय अधिकारियों (SDO) और पुलिस अधिकारियों (SDPO) को कानून व्यवस्था पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया है। वहीं डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम (0612-2219810 / 2219234) को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है ताकि किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके

घाटशिला उपचुनाव का फैसला कल, जनता के जनादेश से तय होगी 13 उम्मीदवारों की किस्मत

घाटशिला घाटशिला विधानसभा उपचुनाव मंगलवार को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान के साथ सम्पन्न हुआ। शाम 5 बजे तक कुल 74.63 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अब लोगों का कल का इंतजार है क्योंकि कल सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी और यह साफ हो जाएगा कि सीट किसके नाम जाएगी। 15 टेबल पर 20 राउंड में मतगणना की जायेगी सूत्रों के मुताबिक को-ऑपरेटिव कॉलेज में कुल 15 टेबल पर 20 राउंड में मतगणना की जायेगी। सर्विस वोट सुबह 8 बजे से पहले आने वाले मतों में शामिल किए जाएंगे। इसके चलते मतगणना केंद्र पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। प्रवेश केवल अधिकृत पासधारी व्यक्तियों को ही मिलेगा और संपूर्ण प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी में होगी। जिला निर्वाचन पदाधिकारी कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि मतगणना प्रक्रिया निर्वाचन की विश्वसनीयता का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। प्रत्येक कर्मी को आयोग के निर्देशों का हूबहू पालन करना होगा। निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही नहीं हो। बता दें कि घाटशिला विधानसभा सीट पर कुल 73.88 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के औसत से अधिक है। इस उपचुनाव में कुल 2,55,823 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें महिलाओं की संख्या 1,30,921 और पुरुष मतदाता 1,24,899 रही। यानी इस बार महिलाओं ने पुरुषों से अधिक मतदान कर लोकतंत्र की मजबूती का संदेश दिया। इस उपचुनाव में 13 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनकी किस्मत अब EVM (Electronic Voting Machine) में कैद हो चुकी है। अब सभी की निगाहें मतगणना के दिन पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि घाटशिला की जनता ने किसे अपना जनप्रतिनिधि चुना है। मतगणना 14 नवंबर को होगी। झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से खाली हुई इस सीट पर अब उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन मैदान में हैं और भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन ताल ठोक रहे हैं। वैसे तो 13 प्रत्याशी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला फिलहाल सत्तारूढ़ झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन और भाजपा के बाबूलाल सोरेन के बीच बताया जा रहा है।  

प्रशांत किशोर की राजनीति पर संकट? अपनी ही शर्त से घिरे रणनीतिकार

पटना बिहार में दो चरणों की बंपर वोटिंग के बाद अब मतगणना की बारी है। तमाम एग्जिट पोल्स का अनुमान है कि बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है। आधे दर्जन से अधिक एग्जिट पोल्स में एनडीए को बंपर सीटें मिलने की भविष्यवाणी की गई है। यदि सर्वे सच साबित होते हैं तो ना सिर्फ महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव को बड़ा झटका लगेगा बल्कि बिहार में अपने लिए जगह तलाश रहे जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के लिए भी अपने बयान पर खड़े रहने की चुनौती खड़ी हो जाएगी। दरअसल, चुनावी रणनीतिकार और अपनी सटीक भविष्यवाणियों के लिए चर्चित रहे प्रशांत किशोर ने बिहार को लेकर एक बड़ा दावा करते हुए अपने राजनीतिक भवष्य को दांव पर लगा दिया। पीके नाम से मशहूर प्रशांत किशोर ने कभी पूरे विश्वास से यह तो दावा नहीं किया कि जन सुराज की ही सरकार बनेगी पर ताल ठोकर जेडीयू को 25 से ज्यादा सीटें नहीं मिलने की भविष्यवाणी की थी। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि नीतीश कुमार की पार्टी को इससे ज्यादा सीटों पर जीत गई तो वह राजनीति छोड़ देंगे। अधिकतर एग्जिट पोल्स में जो भविष्यवाणी की गई है, नतीजे उसके करीब भी रहे तो प्रशांत किशोर खुद से लगाई अपनी शर्त हार सकते हैं। अधिकतर सर्वे में भाजपा-जेडीयू की अगुवाई वाले गठबंधन को 150 से अधिक सीटों पर जीत मिलने की संभावना जताई गई है। एक्सिस माय इंडिया के मुताबिक एनडीए को 121 से 141 सीटें मिल सकती हैं तो महागठबंधन को 98 से 118 सीटों पर जीत मिल सकती है। सर्वे एजेंसी के मुताबिक, जेडीयू का तीर 56-62 सीटों पर विजयी निशाना लगा सकता है। यदि एजेंसी के अनुमान से 15-20 सीटें कम भी जेडीयू को मिलीं तो प्रशांत किशोर के सामने यह चुनौती होगी कि वह अपने बयान पर कायम रहते हुए राजनीति छोड़ने का ऐलान कर देंगे या फिर यूटर्न के लिए कोई नई दलील पेश करेंगे। क्या कहा था प्रशांत किशोर ने? प्रशांत किशोर ने कई टीवी इंटरव्यू और जनसभाओं में जेडीयू को 25 से कम सीटें मिलने का दावा करते हुए कहा था कि यदि यह सच नहीं हुआ तो वह राजनीति छोड़ देंगे। न्यूज 24 को दिए एक इंटरव्यू में भी पीके ने यह दावा किया था। उन्होंने कहा था, 'एनडीए की सरकार बिल्कुल नहीं आ रही है। लिखकर ले लीजिए। दो तीन बातें लिखकर ले लीजिए। नीतीश कुमार नवंबर के बाद मुख्यमंत्री नहीं होंगे, नया मुख्यमंत्री होगी। जेडीयू को, तीर सिंबल को 25 से ज्यादा सीटें नहीं आएंगी। (एंकर ने कहा कि आ गईं तो राजनीति छोड़ देंगे तो प्रशांत किशोर ने दो बार कहा) आ गईं छोड़ देंगे, छोड़ देंगे भाई।' एक अन्य चैनल न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में जब पीके से पूछा गया कि उन्होंने जेडीयू को 25 से ज्यादा सीटें आने पर सियासत छोड़ने की बात कही है तो उन्होंने दोहराते हुए कहा,'रिजल्ट के बाद यदि 25 सीट से ज्यादा जदयू को आ जाए यदि जनसुराज भी जीता होगा तो मैं छोड़ दूंगा। मैं इतने दावे के साथ कह रहा हूं नहीं आएंगी 25 सीटें। लिख लो मेरी बात। वजह की बात नहीं है, यह तो शर्त लगाने वाली बात हो गई।'  

एग्जिट पोल के बाद JDU समर्थकों में जोश, पटना में लगे ‘टाइगर अभी जिंदा है’ के पोस्टर

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले जेडीयू खेमे में जोश और आत्मविश्वास की नई लहर दिखाई दे रही है। पटना के जेडीयू मुख्यालय में शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में “टाइगर अभी जिंदा है” का बड़ा पोस्टर लगाया गया। पोस्टर में नीतीश कुमार की मुस्कुराती तस्वीर दिखाई दे रही है। पोस्टर के अंदर बड़े अक्षरों में- टाइगर अभी जिंदा है लिखा हुआ है। यहा पोस्टर इस बात का संकेत है कि एग्जिट पोल के बाद एनडीए और जेडीयू खेमे में जोश लौट आया है। गौरतलब है कि दूसरे चरण के चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल्स ने बिहार में एनडीए गठबंधन के पक्ष में रुझान दिखाए हैं। कई चैनलों ने संकेत दिया है कि नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए सरकार बनाने की स्थिति में हो सकता है। तेजस्वी ने एग्जिट पोल को नकारा वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव के बाद आये 'एग्जिट पोल' को खारिज करते हुए बुधवार को कहा कि प्रदेश में महागठबंधन बड़ी जीत की तरफ बढ़ रहा है और 18 नवंबर को वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। तेजस्वी ने कहा कि भाजपा के प्रभाव में मीडिया अपनी विश्वसनीयता खो चुका है और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जैसा सर्वे चाहते हैं उसी के हिसाब से आंकड़े जनता के सामने पेश किये जाते हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि इसी मीडिया ने ऑपरेशन सिंदूर के समय लाहौर पर भारत का कब्जा करवाया था। झारखंड और बंगाल में 'एग्जिट पोल' में भाजपा को जिताया था और अब बिहार में उसी भूमिका का निर्वहन कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश मे मीडिया की विश्वसनीयता निम्नतम स्तर पर पहुंच गई है और एक दिन पहले इसी मीडिया ने फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र को जीते जी मार दिया था। उन्होंने कहा कि हास्य का विषय है कि कुछ भाजपाई नेताओं में धर्मेंद्र के निधन पर शोक भी व्यक्त कर दिया था।  

PF खाताधारकों के लिए खुशखबरी! EPFO ने दी 100% निकासी की मंजूरी, ऐसे करें क्लेम

पटना कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने सदस्यों के लिए भविष्य निधि (पीएफ) की आंशिक निकासी प्रक्रिया को और सरल एवं उदार बनाया है। संगठन ने पूर्व में लागू 13 अलग-अलग प्रावधानों को घटाकर अब तीन मुख्य आवश्यकताओं – शिक्षा, गृह कार्य एवं विशेष परिस्थितियों – में वर्गीकृत किया है। नई व्यवस्था के तहत सदस्य अब अपनी भविष्य निधि शेष राशि (नियोक्ता और कर्मचारी के अंशदान सहित) का 100 प्रतिशत तक उपयोग इन तीनों जरूरतों में कर सकेंगे। शिक्षा से संबंधित निकासी की सीमा को 3 से बढ़ाकर 10 बार, जबकि विवाह के लिए निकासी की सीमा को 3 से बढ़ाकर 5 बार तक कर दिया गया है। इन सभी प्रकार की निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि 12 माह निर्धारित की गई है। पहले विशेष परिस्थितियों जैसे प्राकृतिक आपदा, कंपनी बंद होने, तालाबंदी, महामारी या सतत बेरोजगारी की स्थिति में दावे के साथ कारण बताना आवश्यक था। अब कारण बताने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है, जिससे दावों के निरस्त होने की संभावना कम होगी। संगठन ने यह भी प्रावधान किया है कि सदस्यों के खातों में कम से कम 25 प्रतिशत राशि भविष्य निधि के रूप में सुरक्षित रखी जाए। इसके साथ ही, सम्पूर्ण पीएफ निकासी के न्यूनतम अंतराल को 2 माह से बढ़ाकर 12 माह और पेंशन फंड की निकासी के अंतराल को 2 माह से बढ़ाकर 36 माह कर दिया गया है। पहले सदस्य 2 माह बाद पूरी पेंशन राशि निकाल लेते थे, जिससे नई नौकरी लगने पर सेवा की निरंतरता टूट जाती थी और वे पेंशन लाभ से वंचित रह जाते थे। नई नीति से अब निरंतर सेवा सुनिश्चित होगी और अधिक सदस्य पेंशन के पात्र बन सकेंगे। ईपीएफओ के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 हेमन्त कुमार ने बताया कि इस सुधार से निकासी प्रक्रिया पारदर्शी होगी, दावों का शत प्रतिशत निपटारा सुनिश्चित किया जा सकेगा और सदस्यों की शिकायतों में उल्लेखनीय कमी आएगी।  

नवंबर में जमने लगी सर्दी! झारखंड में शाम के बाद सुनसान सड़कें

रांची झारखंड में इस नवंबर माह की शुरुआत में मौसम का अचानक बदलाव देखने को मिला है। रांची और आसपास के इलाकों में पहले दोपहर में गर्मी का अहसास था, लेकिन अब अचानक ठंडी हवाओं ने ठंड की मार बढ़ा दी है। सड़कों पर शाम के बाद छा जाता है सन्नाटा राज्य के कई जिलों में केवल कुछ ही दिनों में न्यूनतम तापमान में पांच से छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सर्दी काफी बढ़ गई है। रांची में पहले हफ्ते तक लोग बिना स्वेटर, हल्के कपड़े पहनकर सैर करते थे, लेकिन दूसरे हफ्ते आते- आते तापमान में इतनी गिरावट आई है कि लोगों को गर्म कपड़े पहनने पड़ रहे हैं। खासकर सुबह और शाम के समय ठंड का प्रभाव ज्यादा महसूस किया जा रहा है। गुमला जिले में हालात ज्यादा गंभीर हैं। यहां की सड़कों पर शाम के बाद सन्नाटा छा जाता है और लोग घरों के बाहर अलाव के पास जुटकर ठंड से बचने की कोशिश करते देखे जाते हैं। गुमला का न्यूनतम तापमान अब मात्र 8.5 डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि कोडरमा, रामगढ़, और गढ़वा जैसे जिलों में भी तापमान 9 डिग्री के करीब पहुंच चुका है। शाम-सुबह की धूप के बावजूद ठंडी हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ठंडी हवाओं ने लोगों की बढ़ाई परेशानी मौसम विभाग ने इस ठंड के लिए हिमालय क्षेत्र से आने वाली ठंडी हवाओं को जिम्मेदार बताया है, जो सबसे पहले राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों को प्रभावित करती हैं। विभाग ने कोडरमा, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, रांची, रामगढ़, पलामू और सिमडेगा के लिए अगले पांच दिनों तक सर्दी का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में न्यूनतम तापमान 9 से 10 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। ठंड के बढ़ने के कारण लोगों में सर्दी-जुकाम, बुखार जैसी हल्की बीमारियों के लक्षण भी बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से सर्दी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।  

मतगणना से पहले समस्तीपुर डीएम का स्ट्रांग रूम निरीक्षण, अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

समस्तीपुर बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 की मतगणना नजदीक आते ही जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। इसी क्रम में बुधवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-डीएम रोशन कुशवाहा और पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने समस्तीपुर कॉलेज स्थित वज्रगृह (स्ट्रांग रूम) का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने मतदान के बाद जमा की गई ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा, व्यवस्था और निगरानी प्रणाली की बारीकी से समीक्षा की। डीएम ने दिए सख्त निर्देश डीएम रोशन कुशवाहा ने स्पष्ट निर्देश दिया कि वज्रगृह की सुरक्षा अभेद्य रहनी चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मतगणना केंद्र में प्रवेश केवल उन्हीं व्यक्तियों को मिलेगा, जिनके पास निर्वाची पदाधिकारी द्वारा जारी आधिकारिक पहचान पत्र होगा। सुरक्षा जांच के उपरांत केवल निर्वाची पदाधिकारी, नियुक्त मतगणना अभिकर्ता तथा फॉर्म-18 पर अधिकृत व्यक्ति ही काउंटिंग हॉल में प्रवेश कर सकेंगे। उन्होंने यह भी सख्ती से निर्देश दिया कि एक बार अंदर प्रवेश करने वाले कर्मी या अभिकर्ता को बाहर जाने के बाद पुनः प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह व्यवस्था मतगणना प्रक्रिया की शुचिता, पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य की गई है। काउंटिंग हॉल की तैयारियों की समीक्षा निरीक्षण के दौरान डीएम ने काउंटिंग हॉल के अंदर की टेबल व्यवस्था, सीसीटीवी मॉनिटरिंग, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा बलों की तैनाती और कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मतगणना प्रक्रिया शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न होनी चाहिए तथा सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी की जाएं। त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था त्रिस्तरीय रहेगी। प्रत्येक संवेदनशील बिंदु पर पुलिस बल, अर्धसैनिक बल और दंडाधिकारी की तैनाती की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि पूरी तैयारी के साथ मतगणना को निष्पक्षता और पूर्ण सुरक्षा के बीच सम्पन्न कराया जाएगा।  

बिहार में वोटों की रखवाली! स्ट्रॉन्ग रूम पर तीन चक्र की सख्त निगरानी, गिनती की पूरी तैयारी

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में मंगलवार को अंतिम चरण के मतदान के बाद सभी लोगों की नजर 14 नवंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी है। इससे पहले तमाम एजेंसियों द्वारा जारी एग्जिट पोल में फिर से एनडीए सरकार आने की संभावना जताई गई है। इधर, दूसरे चरण के मतदान के बाद मतगणना की तैयारी तेज कर दी गई है। सभी मतदान केंद्रों के समीप स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा सख्त रखी गई है। पटना में भी मतदान को लेकर आवश्यक तैयारी की जा रही है। पटना के जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम ने कहा कि 14 नवंबर को मतगणना होनी है, जिसकी तैयारी चल रही है। स्ट्रॉन्ग रूम (वज्र गृह) में तीन चक्र की सुरक्षा व्यवस्था है। वज्रगृह की सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्द्धसैनिक (सीएपीएफ), बिहार विशेष सशस्त्र बल (बीएसएपी) तथा जिला सशस्त्र पुलिस (डीएपी) की व्यवस्था की गई है। सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। तीन अपर पुलिस अधीक्षकों, पुलिस उपाधीक्षकों तथा 13 पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती है। नियंत्रण कक्ष क्रियाशील है। अभ्यर्थियों को भी एसओपी के अनुसार स्ट्रॉन्ग रूम का भ्रमण कराया जाता है। मतगणना के दिन जो भी मतगणना अभिकर्ता होंगे, उन्हें जांच कर अंदर लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मतगणना के दिन क्षेत्र में पुलिसकर्मियों की मूवमेंट बढ़ाई जाएगी, जिससे उस दिन किसी तरह की विधि व्यवस्था की समस्या होने पर सख्ती से निपटा जा सके। मोकामा और दानापुर जैसे क्षेत्र पहले से हम लोगों की नजर में हैं। वहां किसी भी समस्या को सख्ती से निपटा जाएगा। बिहार निर्वाचन विभाग के मुताबिक, मतगणना केंद्रों पर तय समय पर सभी ईवीएम लाई जाएंगी और वोटों की गिनती की जाएगी। इसके लिए सभी जिलों के निर्वाचन पदाधिकारियों को चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मंगलवार को 122 सीटों के लिए मतदान हुआ। इससे पहले छह नवंबर को पहले चरण में 121 सीटों पर वोट डाले गए थे। मतगणना 14 नवंबर को होनी है।

रेगिस्तान में रणभेरी: मरु ज्वाला सैन्य अभ्यास में गूंजे धमाके, दिखा युद्ध कौशल

बाड़मेर पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में मंगलवार का दिन युद्ध जैसी स्थितियों से भरा रहा। जैसलमेर, जालौर और बाड़मेर जिलों में थल सेना और वायुसेना के जांबाजों ने अपने संयुक्त सैन्य अभ्यासों के दौरान जबरदस्त युद्ध कौशल और समन्वय का प्रदर्शन किया। आसमान में धमाकों की गूंज और जमीन से उठते धुएं व रेत के गुब्बारों ने मानो वास्तविक युद्ध का अहसास करा दिया। जैसलमेर में सेना ने दुश्मन पर किया जवाबी हमला जैसलमेर जिले के सियालो का तला क्षेत्र में सेना के जवानों ने युद्ध जैसे दृश्य का निर्माण किया। इस दौरान अभ्यास में दिखाया गया कि दुश्मन सैनिकों ने भारत की अग्रिम चौकियों पर कब्जा कर लिया था।   रेत के बीच टैंकों और पैराट्रूपर्स ने दिखाया दम मरु ज्वाला अभ्यास के दूसरे चरण में टैंकों से दागे गए गोलों ने दुश्मन के ठिकानों को पलक झपकते ही तबाह कर दिया। करीब 12,500 फीट की ऊंचाई से पैराट्रूपिंग कर उतरे सैनिकों ने गोलों और बमों की बरसात कर दुश्मनों को निष्क्रिय किया। सेना की सेवन पैरा टीम के जवानों ने यह साबित किया कि भारतीय सेना के लिए जल, थल और नभ तीनों ही मार्गों में कोई भी बाधा दुर्गम नहीं है। वायुसेना के सी-295 परिवहन विमान से पैराकमांडो ने ऊंचाई से पैराशूट के सहारे छलांग लगाकर वॉर जोन में उतरने का अद्भुत प्रदर्शन किया। जालौर और बाड़मेर में वायुसेना का ‘महागजराज’ अभ्यास इसी दिन सीमांत जालौर जिले के चितलवाना और बाड़मेर के बाखासर क्षेत्र में भारतीय वायुसेना ने ‘महागजराज’ नाम से विशेष युद्धाभ्यास किया। इस दौरान फाइटर जेट जगुआर और सुखोई-30 ने भारत माला एक्सप्रेस वे-925A की 3 किलोमीटर लंबी आपातकालीन एयर स्ट्रिप पर लैंडिंग और टेकऑफ कर अपनी सामरिक क्षमता का प्रदर्शन किया। ट्रायल की शुरुआत सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के टच-एंड-गो अभ्यास से हुई, जिसके बाद जगुआर और सुखोई जेट्स ने अपनी ताकत का परिचय दिया। अभ्यास के दौरान हाईवे पर यातायात पूरी तरह बंद रहा, जबकि सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस व प्रशासनिक टीमें मुस्तैदी से तैनात रहीं। देशभक्ति के जोश से गूंजे इलाके विंग कमांडर देवेंद्र पांडे ने बताया कि यह अभ्यास साउथ-वेस्टर्न कमांड के तहत आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य आपातकालीन एयर लैंडिंग फील्ड की वैधता और उपयोगिता को परखना था। फाइटर विमानों की गर्जना से आसमान गूंज उठा और आसपास मौजूद लोगों के चेहरों पर देशभक्ति का उत्साह झलकने लगा।