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मोरहाबादी मेले में महिलाओं की पहल बनी आकर्षण, मछली से बने उत्पादों ने खींचा ध्यान

रांची मोरहाबादी मैदान में आयोजित तीन दिवसीय कृषि व्यापार मेले में मंगलवार को राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान, उद्यमी और आम लोग पहुंचे। मेले में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, सिंचाई, उन्नत बीज, पौधों और कृषि उपकरणों से जुड़े कई स्टॉल लगाए गए हैं, जहां लोग नई तकनीकों और व्यवसायिक संभावनाओं की जानकारी ले रहे हैं। मेले का प्रमुख आकर्षण महेशपुर मत्स्यपालन सहयोग समिति का स्टॉल रहा। समिति से जुड़ी 60 महिलाओं का समूह सामूहिक रूप से मछली पालन का कार्य कर रहा है। समूह की सदस्य सुनीता देवी ने बताया कि महिलाएं केवल मछली पालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उससे मूल्यवर्धित उत्पाद भी तैयार कर रही हैं। मछली से समोसा, बर्गर, कटलेट और अचार बनाकर बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मछली के अचार की खासियत यह है कि उसमें मछली की गंध बिल्कुल महसूस नहीं होती और उसका स्वाद सामान्य अचार की तरह ही होता है। इस पहल से महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया अवसर मिला है। वर्तमान में 60 महिलाएं इस कार्य से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं। मेले में मोती पालन की आधुनिक तकनीक भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। विशेषज्ञों ने बताया कि सीप (शीप) के माध्यम से मोती उत्पादन की प्रक्रिया में लगभग दो वर्षों का समय लगता है। इसके पालन में स्वच्छ जल, पर्याप्त ऑक्सीजन और शैवाल (ऐलगी) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रदर्शनी में मोती उत्पादन की पूरी प्रक्रिया को मॉडल और प्रदर्शन के माध्यम से समझाया गया, जिससे किसानों और युवाओं ने काफी रुचि दिखाई। इसके अलावा मेले में उन्नत किस्म के मिर्च, बैंगन तथा अन्य सब्जियों के पौधों की भी बिक्री की जा रही है। किसान नई किस्मों के बीज और पौधों की जानकारी लेकर अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उपाय जान रहे हैं।  

खनिज माफियाओं पर कसेगा शिकंजा, बिहार सरकार ने प्रतिदिन 5 वाहन जब्त करने का दिया लक्ष्य

पटना. बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग ने 20 जून से राज्य में प्रभावी इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (आईएसटीपी) को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। विभागों ने सभी बॉर्डर जिलों को निर्देश दिए हैं कि प्रतिदिन पांच ऐसे वाहनों को पकड़े और जब्त करें जो बिना वैध इंटर स्टेट ट्रांजिट पास खनिज लदे वाहनों के साथ बिहार की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। खान एवं भू-तत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह ने सभी सहायक निदेशक और खनिज विकास पदाधिकारियों के साथ इंटर स्टेट ट्रांजिट पास समेत विभाग की योजनाओं की समीक्षा की।  दूसरे राज्यों से आने वाले गाड़ियों के जांच के निर्देश वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई बैठक में आईएसटीपी व्यवस्था की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि आइएसटीपी के नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और अधिक से अधिक वाहनों का पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही दूसरे राज्यों से आने वाले लघु खनिज लदे वाहनों की सघन जांच करने को कहा गया। पांच वाहनों को जब्त करने के निर्देश इसी क्रम में प्रतिदिन पांच वाहनों को जब्त करने के निर्देश भी दिए गए। खान सचिव ने वाहनों की जांच के लिए छापेमारी बढ़ाने और अधिक समय तक जांच अभियान चलाने को कहा। बैठक में औरंगाबाद के खनिज विकास पदाधिकारी द्वारा जांच में लापरवाही बरतने का मामला भी सामने आया। इस पर संबंधित पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि आईएसटीपी चालान दिन और रात दोनों समय लगभग समान संख्या में जारी हो रहे हैं। इसे देखते हुए अधिकारियों को दिन के समय भी विशेष जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।

बिहार की राजधानी को मिलेगा नया नाम! पटना बनेगा पाटलिपुत्र, CM सम्राट चौधरी की घोषणा

पटना  बिहार की राजधानी पटना का नाम अब पाटलिपुत्र होगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ये ऐलान किया. उन्होंने सहयोग शिविर के दौरान फुलवारी शरीफ के नदियावां में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पटना का नाम अब पाटलिपुत्र होगा. बता दें कि ये कोई नया नाम नहीं है बल्कि राजधानी का प्राचीन नाम है. पटना एक बार फिर अपने प्राचीन नाम पाटलिपुत्र से जाना जाएगा. एनडीए शासित कई राज्यों में जगहों के नाम बदले जा चुके हैं. अब बिहार की राजधानी पटना को भी नई पहचान मिल गई है. हालांकि ये नाम पुराना है जो फिर से पटना को मिल गया है।  सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि पटना की पहचान एक नए शहर पाटलिपुत्र के नाम से होनी चाहिए. कई लोग मुद्दा बनाते हैं कि ये ये मगध की राजधानी था और इसका नाम पाटलिपुत्र था. इसका नाम बदल देना चाहिए.उन्होंने कहा कि मैंने तो इससे बड़े पटना की कल्पना की है और उसका नाम भी पाटलिपुत्र रखने का काम किया है. उन्होंने कहा कि अब किसी को दिक्कत नहीं होगी।   उन्‍होंने कहा कि अपराध‍ियों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं है। उन्‍हें नेपाल ही भागना होगा, क्‍योंक‍ि यूपी में योगी बाबा, पश्‍च‍िम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी दादा और बिहार में सम्राट बैठा है।   इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार बड़े पटना की परिकल्पना पर काम कर रही है और इसकी पहचान भविष्य में पाटलिपुत्र के नाम से स्थापित की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह नगर विकास मंत्री थे, तब पटना के कई इलाकों में जलजमाव सबसे बड़ी समस्या थी। पानी निकालने में काफी मुश्क‍िल होती थी।  विशेष रूप से कंकड़बाग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कभी इसे एशिया का सबसे बड़ा टाउनशिप कहा जाता था, लेकिन समय के साथ वहां बुनियादी सुविधाओं की चुनौतियां बढ़ गईं। बड़े पटना की परिकल्‍पना, पाटल‍िपुत्रा होगा नाम  अब सरकार नए और आधुनिक टाउनशिप विकसित कर रही है, ताकि राजधानी का स्वरूप बदले और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिले। उन्होंने कहा कि बड़े पटना की जो अवधारणा तैयार की गई है, उसका नाम पाटलिपुत्र रखा गया है। उनका मानना है कि राजधानी की पहचान केवल वर्तमान शहर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसके ऐतिहासिक गौरव को भी सामने लाना चाहिए। किसानों को मिलेगा अधिक मुआवजा मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार जल्द ही कैबिनेट में ऐसे प्रस्ताव लाएगी, जिनसे किसानों को वर्तमान से अधिक मुआवजा मिल सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार फैसले ले रही है। विपदा और शादी-विवाह में भी मिलेगी तत्काल सहायता सम्राट चौधरी ने कहा कि जिन परिवारों के सामने अचानक कोई संकट, आपदा या शादी-विवाह जैसी जरूरतें आती हैं, उनकी मदद के लिए जिलाधिकारियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर प्रशासन तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगा, ताकि किसी परिवार को कठिन परिस्थिति में परेशानी का सामना न करना पड़े। उद्योग और टाउनशिप से बदलेगी आर्थिक तस्वीर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कानून का राज स्थापित करना और उद्योगों का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उनका कहना था कि नए टाउनशिप विकसित होने से निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और राज्य की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा। बजट वृद्धि का किया उल्लेख अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब वह पहली बार सदन में पहुंचे थे, तब बिहार का बजट करीब 6 हजार करोड़ रुपये था। 2024-25 का बजट प्रस्‍तुत करते समय सीना 56 इंच का हो गया। उस दिन एक घंटा पहले पेश झारखंड का बजट 1 लाख 40 हजार करोड़ भी नहीं था। बिहार का बजट तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। उन्होंने इसे बिहार की विकास यात्रा का प्रमाण बताते हुए कहा कि राज्य लगातार आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है। कानून-व्यवस्था पर सख्त संदेश महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। भोजपुर से जुड़े हालिया मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही उन्होंने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार में कानून से खिलवाड़ करनेवालों के लिए कोई जगह नहीं है और सरकार अपराध तथा अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखेगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास, सुरक्षा, निवेश और जनकल्याण को साथ लेकर बिहार को आगे बढ़ाने का लक्ष्य है और आने वाले वर्षों में राजधानी पटना समेत पूरे राज्य में बड़े बदलाव दिखाई देंगे।  

बिहार में मौसम बिगड़ा, कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी

पटना मौसम विभाग ने बिहार के 4 जिलों में बुधवार शाम तक के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। बेगूसराय, मुंगेर, जमुई और लखीसराय जिले में आंधी और वज्रपात के साथ तेज बारिश होने के आसार हैं। वहीं, कुछ अन्य जिलों में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, इनमें खगड़िया, बांका, भागलपुर, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, मधुबनी और सीतामढ़ी जिले शामिल हैं। इन जिलों में भी 17 जून शाम तक मौसम बिगड़ने की आशंका बनी रहेगी। कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा है, इसलिए लोगों से सावधान रहने की अपील की गई। पटना, नालंदा एवं शेखपुरा जिले में एक-दो जगहों पर भी आंधी-बारिश की संभावना है। मुजफ्फरपुर में दोपहर को झमाझम मुजफ्फरपुर में बुधवार दोपहर अचानक से मौमस के रूख में बदलाव आया। अचानक से काले बादल आसमान में छा गए। करीब एक बजे के आस पास झमाझम बारिश शुरू हो गई। इससे तेज उमस वाली गर्मी से लोगों को राहत मिली। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मुजफ्फरपुर जिले में मॉनसून एक्टिव हो गया है। हालांकि, फिलहाल मॉनसूनी बारिश की मात्रा थोड़ी कम रहेगी। वहीं उमस वाली गर्मी की अधिकता बनी रह सकती है। दक्षिण बिहार में हीटवेव अलर्ट दूसरी ओर, मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण बिहार में कई जिलों में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा। बुधवार को भोजपुर, बक्सर, अरवल, कैमूर, जहानाबाद और रोहतास जिले में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद गुरुवार को भी कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद में लू का अलर्ट है। बिहार में कमजोर मॉनसून पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले 3-4 दिनों तक राज्य में मॉनसून के कमजोर रहने की ही आशंका है। इससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान में फिलहाल कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। मॉनसून पिछले 3-4 दिनों से मुजफ्फरपुर के पास अटका हुआ है। इसकी उत्तरी सीमा मुजफ्फरपुर और जमुई से होकर गुजर रही है। बिहार में इस साल मॉनसून निर्धारित समय से दो दिन पहले ही पहुंच गया था। राज्य में प्रवेश 24 घंटे के भीतर ही इसने आधे बिहार को कवर भी कर लिया था। मगर मुजफ्फरपुर के करीब आकर मॉनसून की गति रुक गई। इसका प्रभाव भी बहुत कमजोर हो गया। फिलहाल दक्षिण और पश्चिम बिहार के लोगों को मॉनसून का बेसब्री से इंतजार है। फिलहाल इसके आगे बढ़ने के लिए स्थिति प्रतिकूल नहीं नजर आ रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे के भीतर रोहतास, औरंगाबाद, जहानाबाद, गयाजी, वैशाली और किशनगंज जिले के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हुई। शेष जिलों में मौसम शुष्क बना रहा। लोग उमस भरी गर्मी से परेशान नजर आए। राज्य का सर्वाधिक तापमान मंगलवार को 42.2 डिग्री सेल्सियस कैमूर में दर्ज हुआ। शेखपुरा, बक्सर और कैमूर में हीटवेव की स्थिति दर्ज हुई।

प्रिंस यादव मौत मामले में जांच तेज, खान सर पर एफआईआर की मांग उठी

 पटना फैजल खान उर्फ खान सर और और रौशन आनंद सर के बीच विवाद अभी थमने वाला नहीं बल्कि ऐसा लगता है कि यह पूरा विवाद और भी बड़ा रूप लेने वाला है। अब रौशन आनंद सर के वकील निरंजन कुमार सिंह ने कहा है कि वो रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत के मामले में हत्या का केस खान सर पर दर्ज करवाएंगे। निरंजन कुमार सिंह ने कहा है कि इस मामले में वो ना सिर्फ खान सर पर मर्डर का केस दर्ज करवाएंगे बल्कि सीबीआई जांच की मांग भी करेंगे। बता दें कि रौशन आनंद सर के जेल में रहने के दौरान नेपाल में उनके छोटे भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत हो गई थी। रौशन आनंद सर ने पहले भी खान सर पर हत्या का आरोप लगाया था। मीडिया से बातचीत में निरंजन कुमार सिंह ने कहा, 'चूकि यह भी आईने की तरफ साफ है कि एक केस में रौशन आनंद को आरोपी बनाया जाता है। जिस केस में धारा 109 कहीं से नहीं लगना था लेकिन जबरदस्ती उस केस को गंभीर बनाने के लिए 109 को लाया गया। दूसरा केस, रियल पिक्चर के आधार पर दर्ज होता है। यह केस खान सर पर दर्ज किया जाता है। उसी दिन खान सर का बयान भी आता है लेकिन फिर भी उनकी गिरफ्तारी नहीं होती है। किसी तरह से उन्होंने कोर्ट में जाकर अंतरिम राहत मिली है। अगर रौशन आनंद के भाई की हत्या के आरोप में खान सर पर सरकार द्वारा स्वत: संज्ञान नहीं लिया जाता है और उनपर केस दर्ज नहीं किया जाता है तो हमलोग हत्या के आरोप के अंतर्गत खान सर पर एफआईआर दर्ज करवाएंगे। निरंजन कुमार सिंह ने कहा कि रौशन आनंद सर का परमानेंट बेल हुआ है। इनका तो जेल जाना ही अपने आप में एक अन्याय था। वो बिल्कुल निर्दोष हैं। उनको कुछ पता तक नहीं है और उस इंसान को जेल के पीछे डाल दिया गया। इधर जिसने साजिश रच कर यह संगठित अपराध किया और साजिश पर साजिश रची और भाई की खोने की वजह भी बना वो बाहर है। प्रिंस यादव की मौत की जारी है जांच बहरहाल आपको बता दें कि पटना के चर्चित ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान से जुड़े प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत मामले में नेपाल पुलिस की जांच लगातार जारी है। मामले को लेकर पुलिस ने मृतक के साथ होटल में ठहरे चार भारतीय नागरिकों से पूछताछ भी की है, जबकि एक नेपाली नागरिक को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपस्थित होने की शर्त पर रिहा कर दिया गया है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता डीएसपी मर्केंद्र कुमार मिश्र ने बताया था कि घटना के कारणों का स्पष्ट खुलासा अभी नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो पाएगी। इधर हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाने के लिए भारतीय पुलिस से भी संपर्क कर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्यों से पर्दा उठने की संभावना है। फिलहाल जांच पूरी होने तक पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।

बस की छत पर रखी साइकिल बनी जानलेवा, 11 हजार वोल्ट करंट से नालंदा में दर्दनाक हादसा

 नालंदा बिहार के नालंदा जिले में बड़ा हादसा हो गया है। यहां पावापुरी थाना क्षेत्र के शमवशरण मंदिर के समीप बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में मजदूरों से भरी एक यात्री बस 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गई। हादसे में करंट लगने से एक दंपती की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को इलाज के लिए पावापुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां पांच लोगों की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। बस पर करीब 60 मजदूर सवार थे। सभी नरकटिया से ईंट-भट्ठे पर काम करने के बाद अपने गांव घोसरावां लौट रहे थे। बस की छत पर एक साइकिल भी रखी गई थी। शमवशरण मंदिर के पास पहुंचते ही साइकिल ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन बिजली तार के संपर्क में आ गई। साइकिल के तार से छूते ही पूरी बस में करंट दौड़ गया, जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हादसा इतना भयावह था कि बस में सवार लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। करंट की चपेट में आने से रुदल मांझी और उनकी पत्नी फूलो देवी की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों रिश्ते में पति-पत्नी थे और मजदूरी कर अपने घर लौट रहे थे। वहीं आठ अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को बस से बाहर निकाला और इलाज के लिए पावापुरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। घायलों में , पुटूस कुमारी , रिंकू देवी, करु मांझी, संतोष मांझी, पवन मांझी, सरोज देवी, धर्मेंद्र मांझी और राजकुमार मांझी शामिल हैं। सभी घायलों का इलाज पावापुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पावापुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। पावापुरी थानाध्यक्ष गौरव कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बस की छत पर रखा साइकिल हाईटेंशन तार के संपर्क में आने से हादसा होने की बात सामने आई है। बस में सवार सभी लोग ईंट-भट्ठे में मजदूरी का कार्य कर अपने गांव लौट रहे थे।

निवारणपुर स्थित RSS ऑफिस को बनाया निशाना, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

रांची  निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के ऑफिस को निशाना बनाकर पेट्रोल बम फेंकने की खबर सामने आई है. यह घटना देर रात हुई, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए. बताया जा रहा है कि देर रात एक कार में सवार दो अज्ञात हमलावर RSS कार्यालय के पास पहुंचे. आरोप है कि उन्होंने ऑफिस की ओर पेट्रोल बम फेंका और वहां से फरार हो गए. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही सदर डीएसपी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा. पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है. घटनास्थल से सबूत जुटाए जा रहे हैं. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके.पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में पेट्रोल बम फेंके जाने की बात सामने आई है. हालांकि घटना के पीछे की वजह क्या थी, इसका पता अभी नहीं चल पाया है. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. घटना के बाद RSS कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है. सुरक्षा के मद्देनजर कार्यालय के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी. फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और हमलावरों की तलाश में छापेमारी भी शुरू कर दी गई है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना का खुलासा कर लिया जाएगा. वहीं प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील की है.

30 दिन में शिकायत का निस्तारण नहीं तो अधिकारी होंगे निलंबित, सिवान में CM का बड़ा ऐलान

सिवान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को पचरुखी प्रखंड के पपौर पंचायत भवन में आयोजित सहयोग सह जनकल्याण शिविर में जिले के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं उन्होंने कहा कि सिवान में शीघ्र ही चीनी मिल स्थापित की जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी को उपयुक्त भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिवान शहर को व्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही जिले में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के संकल्प को साकार करने के लिए तेजी से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सहयोग शिविर आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन चुका है। अब तक प्राप्त 3.03 लाख से अधिक आवेदनों में से करीब 2.61 लाख मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। 30 दिन तक कार्रवाई नहीं हुई तो शुरू होगी निलंबन की प्रक्रिया मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में जवाबदेही तय की गई है। किसी आवेदन पर 10 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया जाएगा। यदि 30 दिनों तक भी कार्रवाई नहीं होती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध स्वतः निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। 15 अगस्त से स्थानीय स्तर पर होगा मरीजों का इलाज स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुमंडल और जिला अस्पतालों को सुदृढ़ किया जा रहा है। ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है कि आगामी 15 अगस्त से सामान्य मरीजों को इलाज के लिए बाहर रेफर नहीं करना पड़े। स्थानीय स्वास्थ्य संस्थानों में ही उनका उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। केवल गंभीर और जटिल मामलों में ही मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा। गरीब परिवारों को मिलेंगे सोलर पैनल मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो वर्षों में राज्य के 25 लाख गरीब परिवारों के घरों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज और मॉडल स्कूल स्थापित करने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। 2030 तक एक करोड़ युवाओं को रोजगार का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, आयुष्मान कार्ड तथा अनुग्रह अनुदान योजना के लाभुकों को सांकेतिक चेक और प्रमाणपत्र भी वितरित किए।

झारखंड सरकार ने रेलवे को सौंपी 150 एकड़ जमीन, दो चरणों में पूरा होगा गोड्डा–पीरपैंती रेल कॉरिडोर

 भागलपुर आजादी के लंबे कालखंड के बाद भी बिहार और झारखंड के सीमावर्ती प्रक्षेत्र गोड्डा से पीरपैंती के बीच सीधे रेल संपर्क न होने से स्थानीय आबादी पूरी तरह सड़क मार्ग पर निर्भर थी. हालांकि, अब पूर्व रेलवे के निर्माण विभाग की सक्रियता से इस कमी को दूर करने का प्रयास तेज कर दिया गया है. कुल 1,393 करोड़ रुपये की लागत वाली इस नई रेल लाइन परियोजना के प्रथम चरण का काम वर्तमान में गति पकड़ चुका है. इसी कड़ी में, प्रथम चरण का निर्माण पूरा होने से पहले दूसरे चरण के लिए आवश्यक जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रशासनिक तैयारी शुरू कर दी गई है, ताकि तकनीकी विसंगतियों के कारण परियोजना के काम में कोई रुकावट न आए. झारखंड सरकार ने रेलवे को सौंपी 150 एकड़ जमीन; दो चरणों में बंटा है पूरा प्रोजेक्ट इस रेल परियोजना के प्रशासनिक और भौगोलिक विस्तार की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं. कुछ महीने पहले इस परियोजना की कमान संभालते हुए झारखंड सरकार ने रेलवे को 150 एकड़ भूमि आधिकारिक रूप से उपलब्ध करा दी थी. गोड्डा के जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने इस संबंध में पूर्व रेलवे के डिप्टी चीफ कंस्ट्रक्शन कुमार हेमंत को भूमि आवंटन का आधिकारिक पत्र सौंपा था, जिसके बाद से रेलवे की तकनीकी टीम धरातल पर मुस्तैद है. यह पूरी 62 किलोमीटर की रेल योजना दो अलग-अलग चरणों में पूरी की जा रही है. पहले फेज के तहत गोड्डा से महागामा तक रेल ट्रैक बिछाने का काम तेजी से चल रहा है, जबकि दूसरे फेज में महागामा से पीरपैंती तक की दूरी को रेल कड़ियों से जोड़ा जाएगा. एनटीपीसी फरक्का को कोयला आपूर्ति में मिलेगी राहत; व्यापार को मिलेगा संबल “इस नए रेलखंड के पूरी तरह संधारित हो जाने के बाद एनटीपीसी (NTPC) फरक्का को ललमटिया माइंस से कोयले की आपूर्ति के लिए एक नया और छोटा मार्ग मिल जाएगा, जिससे वर्तमान में कहलगांव होकर जाने वाले रूट का अतिरिक्त दबाव कम होगा. इसके अतिरिक्त, मिर्जाचौकी, पाकुड़ और साहेबगंज प्रक्षेत्र से स्टोन चिप्स के परिवहन के लिए यह ट्रैक सबसे मुफीद साबित होगा. साथ ही, सरकार द्वारा पीरपैंती में प्रस्तावित नए पावर प्लांट के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में भी यह रेल परियोजना गेम-चेंजर साबित होगी.” पहले फेज के काम के साथ ही दूसरे फेज के भूमि अधिग्रहण की रूपरेखा तैयार पूर्व रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग के कनिष्ठ और वरिष्ठ अधिकारी इस परियोजना की लाइव मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि समय सीमा के भीतर कली-मजदूरों और निर्माण एजेंसियों को फील्ड में उतारा जा सके. रेल मार्ग के चालू होने से न केवल आम यात्रियों को सुगम सफर की सुविधा मिलेगी, बल्कि सीमावर्ती जिलों के व्यापारिक प्रक्षेत्र को भी एक नया आर्थिक संबल प्राप्त होगा. इस संबंध में आधिकारिक बयान साझा करते हुए पूर्व रेलवे के डिप्टी चीफ कंस्ट्रक्शन कुमार हेमंत ने बताया कि गोड्डा से पीरपैंती नई रेल लाइन योजना के लिए झारखंड सरकार से 150 एकड़ भूमि प्राप्त हो चुकी है. पहले फेज के तहत गोड्डा से महागामा तक निर्माण कार्य पूरी मुस्तैदी से जारी है. पहले चरण की कड़ियों को आपस में जोड़ने के साथ ही, दूसरे फेज के लिए भूमि अधिग्रहण का काम भी जल्द ही धरातल पर शुरू कर दिया जाएगा ताकि पूरी परियोजना को बिना किसी प्रशासनिक विसंगति के समय पर पूरा किया जा सके.

दो दिन की गर्मी के बाद राहत के आसार, 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं तेज हवाएं

 रांची मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मॉनसून के दो दिनों तक कमजोर रहने के बाद एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, 17 जून को रांची सहित खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, रामगढ़ और बोकारो में दोपहर बाद 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा, वज्रपात और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. इसे देखते हुए इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. जबकि, अन्य जगहों पर आकाश में बादल छाये रह सकते हैं, लेकिन तापमान में वृद्धि रहेगी. 18 जून को भी यही स्थिति रहने की संभावना है. मौसम विज्ञान केंद्र ने 22 जून तक मौसम में बदलाव के संकेत दिए हैं. कई जगहों पर बारिश हो सकती है. 19 जून का मौसम 19 जून से रांची सहित 17 जिलों हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, साहिबगंज और गोड्डा में तीन दिनों तक 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी और वज्रपात के साथ कहीं-कहीं रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है. इसे देखते हुए इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मॉनसून कमजोर पड़ते ही बढ़ा तापमान मॉनसून के कमजोर पड़ने के साथ ही जिलों के अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है. मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है. पिछले 24 घंटे में तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है. रांची का अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं, जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस, बोकारो का 39.2 डिग्री और चाईबासा का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस रहा. मंगलवार को सिर्फ कांके में एक मिमी बारिश हुई.