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घाटशिला उपचुनाव: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की समीक्षा बैठक, चुनाव अधिकारियों को मिले आदेश

रांची 11 नवंबर को घाटशिला विधानसभा उपचुनाव होने हैं। इसके चलते राज्य में तैयारियां शुरू हो गई हैं। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा कि घाटशिला में प्रत्येक बूथ मॉडल बूथ के रूप में कार्य करेंगे। मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए गाइडलाइन्स को फॉलो करते हुए मतदान हेतु सभी एश्योर्ड मिनिमम फैसिलिटी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। के. रवि कुमार घाटशिला अनुमंडल सभागार में 45-घाटशिला (अ.ज.जा.) विधानसभा उप चुनाव के लिए वरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए कहा कि निर्वाचन कार्य में जीरो एरर के साथ कार्य करना है। मतदान के लिए प्रत्येक बिंदुओं पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विस्तृत नियमावली बनाए गए है एवं हर कार्य के लिए मॉड्यूल एवं एसओपी बने हुए है, सभी पदाधिकारी अपने कार्यों के संपादन के लिए इन दिशा निर्देशों का अक्षरशः: अनुपालन सुनिश्चित करें। कुमार ने कहा कि निर्वाचन कार्य को त्रुटि रहित बनाने के लिए एवं मतदान प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए तैयार दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही पदाधिकारियों को ट्रेनिंग देना सुनिश्चित करें। सोशल मीडिया पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों पर विशेष ध्यान रखें। इसके लिए प्रतिनिधियों के सोशल मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर लें एवं उन्हें आदर्श आचार संहिता के क्या करें क्या न करें का बिंदुवार जानकारी उपलब्ध करा दें।  

‘ऑपरेशन जखीरा’ में बड़ी कामयाबी, पटना पुलिस ने 392 किलो विस्फोटक और 5 अपराधियों को पकड़ा

पटना पटना पुलिस ने आतिशबाजी बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, एक देशी पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद किए हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी ने बताया कि पिछले 40 घंटे के दौरान शहर के पश्चिमी क्षेत्र में चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन जखीरा' के तहत ये बरामदगी और गिरफ्तारियां की गईं। पटना (पश्चिम) के पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने बताया, ‘‘पुलिस ने बेऊर और आईआईटी अमहारा थाना क्षेत्रों में समन्वित छापेमारी के दौरान एक वाहन, एक देशी पिस्तौल, तीन कारतूस और 392 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री जब्त की है, जो संभवतः आतिशबाजी बनाने के लिए रखी गई थी।'' गुप्त सूचना के आधार पर की कार्रवाई अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सिंह ने कहा कि गुप्त सूचना के आधार पर एक विशेष पुलिस दल का गठन किया गया, जिसने दोनों स्थानों पर छापेमारी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस द्वारा जारी बयान में बताया गया कि बेऊर थाना क्षेत्र में विशुनपुर पकरी निवासी मुकुंद कुमार उर्फ मुकेश कुमार को वाहन, देशी पिस्तौल और तीन कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ रुपसपुर थाना में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, आईआईटी अमहारा थाना क्षेत्र के तरनागर गांव में शनिवार रात चार लोगों मोहम्मद अरमान आलम (37), मोहम्मद राजा (31), मोहम्मद आफताब उर्फ अली इमाम (20) और मोहम्मद सोनू आलम उर्फ प्याजू (35) को विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया। इन चारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023, विस्फोटक अधिनियम, 1908 और कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि विस्फोटक सामग्री के स्रोत तथा संभावित उपयोग का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

NDA की उम्मीदवार सूची का ऐलान टला, मांझी-कुशवाहा विवाद बना बाधा

पटना बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सीट बंटवारे को लेकर जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की नाराजगी ने सीट और कैंडिडेट लिस्ट की घोषणा टलवा दी है। शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की सूचना थी, लेकिन वह स्थगित हो गई। इस बात की जानकारी देने वाला जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का ट्वीट भी डिलीट हो गया है। एनडीए नेताओं ने रविवार की शाम सीट बंटवारे को आपसी सहमति से करने का दावा किया था। मांझी को छोड़कर बाकी सारे नेताओं ने एक ही तरह का ट्वीट भी किया था। बाद में मांझी ने कहा कि जो मिला वो संतुष्ट हैं, लेकिन कम सीट मिलने का खामियाजा एनडीए को भुगतना पडे़गा। बाद में कुशवाहा भी शेरो-शायरी करने लगे। धर्मेंद्र प्रधान संकट को सुलझा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा है कि कल ऐलान होगा और 15 से 18 अक्टूबर तक एनडीए के सारे कैंडिडेट नामांकन कर देंगे। एनडीए के सीट बंटवारे में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जेडीयू को 101-101 सीट मिली है। चिराग पासवान की लोजपा-आर को 29, उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो और जीतनराम मांझी की हम को 6-6 सीट मिली है। इसको लेकर कुशवाहा और मांझी की पार्टी में भारी बवाल मचा है। मांझी 15 सीट मांग रहे थे जबकि कुशवाहा भी कम से कम 10 सीट की उम्मीद में थे। चिराग ने इन दोनों नेताओं से लगभग 5 गुना सीट झटका है जो उनकी परेशानी का कारण है। दोनों की पार्टी में भी टिकट के दावेदारों के इस्तीफे का दबाव है। नीतीश फिनिश, संजय झा ने मिशन पूरा कर लिया; एनडीए के सीट बंटवारे पर बोले पप्पू यादव एनडीए के सीट बंटवारे को लेकर विपक्षी दल भी जेडीयू और नीतीश कुमार की स्थिति पर तंज कस रहे हैं। राजद प्रवक्ता मनोज झा और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि असल में इस सीट बंटवारा में बीजेपी प्लस 142 है और नीतीश की जेडीयू 101। राजद और कांग्रेस के नेताओं ने जेडीयू और बीजेपी के बराबर सीटें लड़ने को लेकर कहा है कि चुनाव के बाद नीतीश कुमार को कुर्सी से उतार दिया जाएगा।  

गठबंधन को झटका: NDA से अलग होकर SBSP ने बिहार में दिखाई दमखम, 153 सीटों पर चुनाव लड़ेगी

पटना  बिहार से बड़ी खबर आई है, यहां वोटिंग से पहले NDA को बड़ा झटका लगा है. दरअसल, यूपी में सरकार का हिस्सा राजभर की पार्टी एसबीएसपी ने बिहार में एनडीए से नाता तोड़ लिया है. SBSP ने यहां 153 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने एनडीए से नाराजगी जाहिर करते हुए प्रदेश में गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया. बता दें बिहार में पहले चरण में 6 नवंबर और दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान होंगे. राजभर ने भाजपा पर लगाया ‘गठबंधन धर्म’ न निभाने का आरोप ओम प्रकाश राजभर ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एनडीए उनकी पार्टी को चार-पांच सीटें नहीं देता तो एसबीएसपी अकेले ही सभी सीटों पर उतरेगी. राजभर ने भाजपा पर ‘गठबंधन धर्म’ न निभाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी अब बिहार में अपना अलग मोर्चा गठित कर चुनाव लड़ेगी.   बिहार के लोग ‘गठबंधन धर्म’ निभाना ही नहीं जानते ओपी राजभर ने कहा कि बिहार के लोग ‘गठबंधन धर्म’ निभाना ही नहीं जानते. बिहार बीजेपी ने अपनी नेतृत्व को गलत फीडबैक दिया. हम तो ‘गठबंधन धर्म’ निभाने को तैयार हैं लेकिन अब समय है कि आप हमें साथ रखना चाहें तो चार-पांच सीटें दें. बता दें बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं. पहले चरण के लिए 52 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय राजभर ने स्पष्ट कहा कि अगर एनडीए हमारी बात नहीं मानती तो हम अकेले ही मैदान संभालेंगे. उन्होंने आगे बताया कि पार्टी ने पहले चरण के लिए 52 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं और नामांकन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. एसबीएसपी कुल 153 सीटों पर दांव लगाने को तैयार है.

लिच्छवी एक्सप्रेस में धुआं देखकर ट्रेन से कूदे यात्री, एकमा स्टेशन पर अफरा-तफरी

सारण बिहार में सारण जिले के पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा-सिवान रेलखंड के एकमा स्टेशन पर सोमवार को सीतामढ़ी से आनन्द बिहार जा रही लिच्छवी एक्सप्रेस 14005 ट्रेन के पीछे के दो बोगियों से अचानक धुंआ उठने यात्रियों के बीच अफ़रा-तफ़री मच गई। रेलवे सूत्रों ने आज यहां बताया कि अपने निर्धारित समय पर लिच्छवी एक्सप्रेस ट्रेन एकमा स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन के पहुंचने के साथ ही ट्रेन के पीछे की दो बोगियों से धुआं उठने लगा। जिसके कारण यात्री ट्रेन से उतर कर भागने लगे। घटना की जानकारी मिलने पर स्टेशन अधीक्षक सहित राजकीय रेल थाना पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की टीम मौके पर पहुंची। जहां उक्त दोनों बोगियों की जांच करने पर यह जानकारी मिली कि बोगी में लगायें गये अग्नि शमन यंत्र से अचानक लिकेज होने के कारण उसका गैस निकलने धुंआ बन गया जिससे यात्री भयभीत हो थे। लगभग 45 मिनट तक जांच के बाद ट्रेन को अपने गन्तव्य स्थान के लिए भेजा गया।  

नक्सली हमलों का शिकार बने जानवर भी, IED विस्फोट में घायल हाथी ने तोड़ा दम

चाईबासा झारखंड के सारंडा वन्यजीव अभयारण्य में पिछले सप्ताह कथित तौर पर माओवादियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुई 10 वर्षीय मादा हाथी की रविवार सुबह मौत हो गई। यह जानकारी वन अधिकारियों ने दी। सारंडा प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) अविरूप सिन्हा ने बताया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर थाना क्षेत्र के अंकुआ वन अभ्यारण्य में लगाए गए एक आईईडी पर पैर रखने से हथिनी के दाहिने पैर में गंभीर चोटें आईं। सिन्हा ने बताया कि विभाग को पिछले सोमवार को घायल हाथी के बारे में सूचना मिली थी और उसका इलाज शुरू कर दिया गया था। सिन्हा ने कहा, "सारंडा वन्यजीव अभयारण्य में चाईबासा और ओडिशा के राउरकेला और क्योंझर वन प्रभागों के पशु चिकित्सकों की टीम को तैनात किया गया था। घटनास्थल पर एक मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई तैनात की गई थी और वंतारा (गुजरात) से एक विशेषज्ञ टीम भी बचाव और उपचार प्रयासों में शामिल हुई थी।" वन अधिकारी ने बताया, "पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, हाथी की मौत सेप्टीसीमिया के कारण हुई, जिसके कारण उसके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया।" इस घटना ने क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि नक्सलियों द्वारा लगाए गए विस्फोटक अब न केवल सुरक्षा बलों के लिए बल्कि वन्यजीवों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। वन अधिकारियों ने बताया, "उसे बेहोश कर दिया गया और एंटीबायोटिक्स व दर्द निवारक दवाएं दी गईं। टीम ने कई दिनों तक उसकी देखभाल जारी रखी, लेकिन गंभीर चोटों और संक्रमण के कारण हथिनी की जान नहीं बचाई जा सकी।"  

शहीद CRPF हेड कांस्टेबल को अंतिम विदाई, राज्यपाल ने कहा – देश हमेशा रहेगा कृतज्ञ

रांची झारखंड के चाईबासा के सारंडा जंगल में आईईडी विस्फोट में शहीद सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल महेंद्र लश्कर को रांची के धुर्वा स्थित सीआरपीएफ कैंप की 133वीं बटालियन में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर अंतिम सलामी दी। इस मौके पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, झारखंड के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), आईजी सीआरपीएफ समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने शहीद जवान के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। पुलिस मुख्यालय की जानकारी के अनुसार, यह हमला चाईबासा के मनोहरपुर प्रखंड के सारंडा जंगल में नक्सलियों के खिलाफ एक सघन अभियान के दौरान हुआ। इनामी नक्सलियों की सक्रियता को देखते हुए सीआरपीएफ जवान नक्सलियों की धरपकड़ में लगे थे कि इसी बीच शुक्रवार को आईईडी विस्फोट हो गया। इस विस्फोट में सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर समेत तीन जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें हेड कांस्टेबल महेंद्र लश्कर भी शामिल थे। महेंद्र लश्कर असम के नौगांव के निवासी थे और वे 60 बटालियन में तैनात थे। गंभीर रूप से घायल होने पर उनका इलाज राउरकेला के अस्पताल में किया जा रहा था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की। राज्यपाल गंगवार ने शहीद महेंद्र लश्कर के बलिदान को याद करते हुए कहा कि हमारी रक्षा के लिए हमारे जवानों का यह त्याग और साहस राष्ट्र के लिए कभी भुलाया नहीं जा सकता। श्रद्धांजलि सभा के पश्चात शहीद महेंद्र लश्कर का पार्थिव शरीर उनके पैतृक राज्य असम भेजा जाएगा। वहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

दिलीप जायसवाल बोले: NDA में सीटों का बंटवारा तय, आज से शुरू होगी उम्मीदवारों की घोषणा

पटना बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपने-अपने हिस्से की सीटों को अंतिम रूप दे दिया है। वहीं राजग में सीट शेयरिंग पर बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, NDA गठबंधन ने सीटों के बंटवारे की घोषणा कर दी है। मैं शुरू से कहता रहा हूं कि हम पांच पांडव, बिहार विधानसभा चुनाव पूरी एकजुटता के साथ लड़ेंगे। दिलीप जायसवाल ने आगे बताया, "हमने सबसे पहले सीटों के बंटवारे की घोषणा कर दी है और आज शाम से उम्मीदवारों की घोषणा करेंगे।" उन्होंने आगे कहा, "जीतन राम मांझी ने कहा है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे।" वहीं NDA में सीटों के बंटवारे पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "सीटों का बंटवारा हो गया है। चर्चा करके प्रत्याशियों को लेकर भी जल्द स्पष्टता मिल जाएगी।" बता दें कि Bihar Vidhan Sabha Election 2025 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (यूनाइटेड) यानी JDU ने बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। दोनों दल 101-101 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेंगे। एनडीए में हुए सीट बंटवारे के तहत केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें दी गई हैं। वहीं उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) और जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) को 6-6 सीटें दी गई हैं।

बिहार चुनाव से पहले लालू को बड़ा झटका, IRCTC घोटाले में कोर्ट ने चलाने का आदेश दिया मुकदमा

पटना /नई दिल्ली दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी घोटाला मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की अनुमति दे दी है. बिहार विधानसभा चुनाव के ठीक बीच आया यह फैसला लालू यादव के लिए एक बड़ा झटका है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि सीबीआई ने इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और उनके द्वारा पेश किए गए सबूतों से पता चलता है कि यह साजिश लालू यादव की जानकारी में रची गई थी. हालांकि, सुनवाई के दौरान आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया है. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी स्कैम और लैंड फॉर जॉब केस में लालू, राबड़ी और तेजस्वी के खिलाफ आरोप तय करने पर फैसला सुना दिया है. राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष सीबीआई अदालत ने कहा कि लालू यादव ने टेंडर प्रक्रिया में दखल दिया था. टेंडर प्रक्रिया में बड़ा बदलाव कराया था. विशेष सीबीआई कोर्ट ने लालू यादव के खिलाफ तय कर दिए हैं. लालू के साथ ही राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार समेत अन्य धाराओं के तहत आरोप तय कर दिए हैं.  कोर्ट ने साजिश, पद के दुरुपयोग और टेंडर प्रक्रिया में छेड़छाड़ की बात कही और यह भी जोड़ा कि सब कुछ लालू यादव की जानकारी में हुआ. कोर्ट ने कहा कि जमीन का हक राबड़ी और तेजस्वी को देने की साजिश थी. लालू यादव ने सरकारी पद का दुरुपयोग किया. कोर्ट ने लालू यादव से पूछा कि आरोप सही मानते हैं या गलत? कोर्ट के सवाल पर लालू यादव ने कहा कि मैं दोषी नहीं हूं. राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव से भी यही सवाल किए गए. राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव का जवाब भी यही रहा- हम दोषी नहीं हैं. इससे पहले, लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी याद दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश होने पहुंचे. लालू यादव व्हीलचेयर पर कोर्ट पहुंचे. राउज एवेन्यू कोर्ट में लैंड फॉर जॉब केस में आरोप तय करने पर भी फैसला आना है. राउज एवेन्यू कोर्ट की सीबीआई अदालत के जज विशाल गोगने ने आईआरसीटीसी केस में फैसला सुनाया. लालू फैमिली पर फैसले में कोर्ट ने क्या कहा, क्या-क्या धाराएं लगाईं? विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने लालू यादव को कहा कि आपने षड्यंत्र रचा, आपने लोक सेवक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग किया, टेंडर प्रोसेसिंग में दखल दिया, और टेंडर हासिल करने की शर्तों में हेराफेरी की गई. कोर्ट ने लालू यादव को कहा कि आपने कोचर से ज़मीन के टुकड़ों की कम कीमत पर खरीद की साजिश रची, और बाद में इन जमीनों पर प्रभावी नियंत्रण राबड़ी और तेजस्वी को हस्तांतरित करने के लिए अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची गई.  विजय कोचर और विनय कोचर इस मामले में अन्य आरोपी हैं.  अदालत ने लालू यादव को पूछा कि क्या आप अपने ऊपर लगाए गए आरोप को स्वीकार करते हैं. इस पर लालू यादव ने खुद को बेगुनाह बताया. यही सवाल अदालत ने राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव से पूछा. दोनों ने ही अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताया. अदालत ने लालू यादव पर लोकसेवक के रूप में साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार का आरोप लगाया है. लाल यादव पर षड्यंत्र रचने और लोक सेवक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप है.  अदालत ने कहा कि लालू यादव ने कोचर से जमीन के टुकड़ों की कम कीमत पर खरीद की साजिश रची फिर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर इन जमीनों पर राबड़ी और तेजस्वी को प्रभावी नियंत्रण हस्तांतरित करने की साजिश रची.  अदालत ने कहा कि निविदा प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए. लालू यादव ने IRCTC के होटलों के हस्तांतरण को प्रभावित करने में हस्तक्षेप किया. अदालत में रेल मंत्री के रूप में लालू यादव पर षड्यंत्र रचने और पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाने के लिए सीबीआई द्वारा साक्ष्यों की श्रृंखला प्रस्तुत की गई.  अदालत ने कहा कि इससे सरकारी खजाने को नुकसान होता है. अदालत को गंभीर संदेह है कि कई लोग लालू यादव परिवार को जमीन का नियंत्रण हस्तांतरित करने की साजिश में शामिल थे.  लालू-राबड़ी और तेजस्वी के खिलाफ किन धाराओं के तहत चलेगा मुकदमा विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने सुनवाई के दौरान कहा कि सीबीआई (Central Bureau of Investigation) द्वारा पेश किए गए साक्ष्य पर्याप्त हैं, इसलिए अब इस मामले में मुकदमा चलेगा. सभी आरोपी आज कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे. इस मामले में अदालत ने कहा कि लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 आईपीसी के तहत आरोप तय किए जाएं. कोर्ट ने आदेश दिया है कि लालू यादव और आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) के तहत आरोप तय किए जाएं.  भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) के अनुसार, जो कोई भी आपराधिक कदाचार करता है, उसे कम से कम एक वर्ष के कारावास से दंडित किया जाएगा, यह सजा सात वर्षों तक हो सकती है. दोषी पाए जाने पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है. आपराधिक कदाचार का अर्थ है लोक सेवक का ऐसे तरीकों से व्यवहार करना जो रिश्वतखोरी या अन्य भ्रष्ट आचरण को बढ़ावा देता है.  अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 120B (साजिश) के तहत और धारा 32 के तहत सामान्य आरोप तय किए जाने का आदेश भी दिया. मामला क्या है? यह मामला 2004-2009 के दौरान लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के समय का है. आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्रालय के अधीन आईआरसीटीसी के दो होटलों – बीएनआर होटल (रांची, झारखंड) और पुरी होटल (ओडिशा) के रखरखाव और सुधार के ठेकों के आवंटन में भ्रष्टाचार किया. लालू ने इन ठेकों को अपनी पत्नी राबड़ी देवी के स्वामित्व वाली कंपनी सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को अनुचित रूप से दिलवाया. इसके बदले, कंपनी ने लालू के परिवार को फायदा पहुंचाया. इन ठेकों में  पारदर्शिता की कमी और पक्षपातपूर्ण आवंटन का आरोप है.  ठेकों में आईआरसीटीसी के पूर्व ग्रुप जनरल … Read more

गठबंधन में मोह या मजबूरी? मांझी-कुशवाहा की खामोशी और BJP की चालाकी

पटना  बिहार चुनाव के जारी नामांकन प्रक्रिया के बीच सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीट बंटवारे का ऐलान हो गया है. एनडीए के सबसे बड़े घटक भारीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सीट शेयरिंग फॉर्मूले का ऐलान कर दिया. बीजेपी और जनता दल (यूनाइटेड) 101-101, जबकि चिराग पासवान की पार्टी 29 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टियों को छह-छह सीटें मिली हैं. जीतनराम मांझी 15 सीटों की डिमांड पर अड़े थे. वहीं, उपेंद्र कुशवाहा 12 सीटें मांग रहे थे. सहयोगी दलों के अड़ियल रुख से फंसे सीट शेयरिंग के पेच को बीजेपी ने आखिर कैसे सुलझाया? बीजेपी 15 सीटों की मांग पर अड़े मांझी और 10 सीटों की डिमांड कर रहे कुशवाहा को 6–6 सीट पर कैसे ले आई?  दरअसल, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा परिवार और रिश्तेदार के मोह में फंस गए. सीट शेयरिंग को लेकर मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के साथ हर दौर की बातचीत में बीजेपी ने उनसे अपनी दावेदारी वाली सीटों से संभावित उम्मीदवारों के नाम सामने रखने को कहा. जीतनराम मांझी की अगुवाई वाली हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) और उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के साथ सीट शेयरिंग पर बातचीत के दौरान बीजेपी को एक बात समझ आ गई. बीजेपी यह समझ गई कि दोनों ही नेता (मांझी और कुशवाहा) अपने परिजनों या रिश्तेदारों के लिए मनपसंद सीटें चाहते हैं. सूत्रों के मुताबिक इस बात का अंदाजा लगते ही बीजेपी ने जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा पर सीटों की संख्या कम करने के लिए प्रेशर बनाना शुरू कर दिया. मांझी और कुशवाहा परिवार और रिश्तेदार के मोह में फंस गए और सीटों का पेच सुलझ गया. जीतनराम मांझी अपनी समधन ज्योति मांझी को बाराचट्टी से चुनाव लड़ाएंगे. वहीं, इमामगंज सीट से उनकी बहू दीपा मांझी उम्मीदवार होंगी. कुछ ऐसी ही रणनीति आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की भी है. उपेंद्र कुशवाहा भी अपनी पत्नी और बेटे, बहू को विधानसभा चुनाव में उतारने की तैयारी में हैं. उपेंद्र कुशवाहा अपनी पत्नी स्नेह लता को सासाराम विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारेंगे. वहीं, महुआ सीट से उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक कुशवाहा या बहू साक्षी मिश्रा कुशवाहा में से किसी एक के चुनावी जंग में उतरने की चर्चा है. आरएलएम प्रमुख ने सीट शेयरिंग पर बातचीत के दौरान दिनारा विधानसभा सीट से आलोक सिंह और उजियारपुर से प्रशांत पंकज के नाम बतौर उम्मीदवार रखे. यह दोनों ही नए नाम हैं.