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हाथी के हमले में किसान की जान गई, ग्रामीण बोले—समय पर नहीं पहुंचा वन विभाग

गिरिडीह झारखंड के गिरिडीह जिले के देवरी थाना क्षेत्र के सियाटांड के बाघेडी गांव में झुंड से बिछड़ा एक हाथी ने शनिवार को एक किसान को कुचल कर मार डाला। मृतक का नाम जागो महतो बताया जा रहा है। किसान की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने रोड जाम कर वन प्रमंडल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप था कि देवरी में दो दिन से जंगली हाथियों का दल विचरण कर रहा है, लेकिन वन विभाग भगाने को लेकर कोई पहल नहीं कर रहा। इसी कारण सुबह में जागो महतो की मौत हुई। रोड जाम किए जाने से दोनों और गाड़ियों का कतार लग गया। हालांकि मृतक के परिजनों को मुआवजा मिलने के बाद रोड जाम हटा दिया गया। जानकारी के अनुसार जागो महतो पर दल से बिछड़े हाथी ने उस समय हमला किया, जब वो अकेले घर के बाहर घूम रहा था और अपने खेत जा रहा था। इसी दौरान हाथी ने उसे अपने चपेट में ले लिया और जागो को पांव से कुचल कर मार दिया।  

पूरा परिवार खत्म: पति ने गला घोंटकर पत्नी-बच्चों की ली जान, फिर खुद भी फांसी लगाई

दुमका झारखंड के दुमका जिले में रविवार सुबह एक दंपति और उनके दो बच्चे घर में मृत पाए गए। सभी शवों के गले पर गहरा निशान मिला है, जो हत्या की ओर संकेत करता है। यह घटना हंसडीहा पुलिस थाना क्षेत्र के बरदाही गांव में हुई। बताया जा रहा है कि यहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों की हत्या कर खुद भी फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। हंसडीहा पुलिस थाने के प्रभारी ताराचंद ने कहा, “हमने घर से चार शव बरामद किये हैं। शुरुआती जांच से पता चलता है कि व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो बच्चों का कथित तौर पर गला घोंट दिया और फिर खुद फंदे से लटककर जान दे दी। जांच जारी है।” उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान वीरेंद्र मांझी (30), उनकी पत्नी आरती कुमारी (26), उनकी बेटी रूही कुमारी (4) और बेटे विराज कुमार (2) के रूप में हुई है। मृतक के पिता मनोज मांझी ने बताया कि सुबह जब घर का दरवाजा नहीं खुला तो संदेह हुआ। अंदर जाकर देखा तो बहू और दोनों बच्चे मृत पड़े थे। इसके बाद बेटे की तलाश की गई और वह घर से दूर एक पेड़ से लटका मिला। उन्होंने बताया कि जीवित होने की उम्मीद में उन्होंने बेटे का शव नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक के पिता ने बताया कि मृतक के बेटे विराज की तबीयत काफी समय से खराब थी और उसका इलाज चल रहा था। बेटे के इलाज और आर्थिक बोझ को लेकर दंपती के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। शनिवार दोपहर ही वीरेंद्र अपनी पत्नी और बच्चों को मायके से वापस लेकर आया था। रात में किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच बहस हुई और देर रात यह घटना घटित हो गई।  

परिवारिक त्रासदी: पत्नी-बच्चों की गला दबाकर हत्या, आरोपी पति ने भी दी जान; दुमका में सनसनी

दुमका  झारखंड के दुमका में खौफनाक घटना सामने आई है। यहां के हंसडीहा थाना क्षेत्र के बरदेही गांव में दम्पति और दो बच्चों सहित चार का शव पुलिस ने बरामद किया है। महिला और दोनों बच्चों का शव घर के भीतर मिला है, जबकि पुरूष का शव घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित धान के खेत से मिला है। सभी के गले में काला दाग पड़ गया है। जानकारी के मुताबिक मृतक के पिता जब सुबह उठा तो घर में किसी को जगा हुआ नहीं पाया। जब उठाने के लिए गया तो सभी को मृत अवस्था मे देखा। थोड़ी देर बाद पुत्र का भी शव खेत में पड़े होने की सूचना मिली। जिसके बाद घटना की सूचना हंसडीहा थाना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी है।   पुलिस के शुरुआती जांच में पति के द्वारा ही पत्नी और दोनों बच्चों की गला दबाकर हत्या करने, फिर घर से कुछ दूरी पर धान के खेत स्थित नीम का पेड़ से फांसी लगा आत्महत्या करने की आशंका जताई है। पुलिस के मुताबिक 6 साल पहले मृतक की शादी देवघर के पालाजोरी में हुई थी। शनिवार की शाम को ही पति ने अपनी पत्नी और दोनों बच्चे को ससुराल से लेकर घर आया था। पुलिस ने मृतक के घर से रस्सी का टुकड़ा भी बरामद किया है। बताया जाता है कि घटना की जानकारी मिलने पर मृतक के पिता मनोज मांझी ने अपने पुत्र के शव को नीम का पेड़ से उतार कर जमीन पर रखा था और मामले की जानकारी पुलिस को दी थी। पुलिस सभी बिंदुओं पर अभी जांच कर रही है। सभी मृतक की पहचान हंसडीहा थाना क्षेत्र के बरदेही निवासी पति बीरेंद्र मांझी (30), पत्नी आरती कुमारी (24), बेटी रोहि (4) औ बेटा विराज कुमार (2) के रूप में हुई है। अभी घटना को लेकर कारण कुछ भी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है। एक साथ एक ही परिवार के चार लोगों की शव मिलने से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।  

तेज़ रफ्तार ने छीनी 7 ज़िंदगियाँ: बिहार के तीन जिलों में दर्दनाक हादसे

पटना  बिहार में रविवार को रफ्तार का कहर बरपा। अबतक 7 मौत की खबर आ चुकी है। छपरा और दरभंगा में हुए हादसों में 6 लोग जख्मी हुए हैं। सभी घायलों का इलाज विभिन्न अस्तालों में चल रहा है जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। छपरा में हादसे के बाद बवाल मचाया गया और लोगों ने सड़क जाम कर दिया। पुलिस मौके पर मौजूद है। जानकारी के मुताबिक मुजफ्फरपुर-छपरा एनएच 722 पर गड़खा थाना क्षेत्र के जासोसती के पास रविवार की सुबह अज्ञात वाहन ने ऑटो में टक्कर मार दी जिसमें दो लोगों की मौत। ऑटो पर सवार अन्य चार लोग जख्मी। वहीं मकेर के फुलवरिया एन एच 722 पर रविवार की ही सुबह ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा दिया। उसके बाद गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दिया। रामनगर में हसड़क दुघर्टना में एक की मौत बेतिया के रामनगर – लौरिया मुख्य पथ पर शनिवार की देर रात हुए सड़क दुर्घटना में कार सवार एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान चरघरवा – बिशुनपुरवा गांव निवासी मुख्तार शाह के 22 वर्षीय पुत्र मो इरशाद के रूप में हुई हैं। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम में भेज दिया हैं। गाड़ी में चार लोग सवार थे। जिसमें गाड़ी चला रहे युवक की मौत हो चुकी थी। उसमें सवार तीन अन्य लोगों को भी चोटें आई थी। जो बाद में वहां से निकल गये। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच में जुट गई। थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम में बगहा अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया गया हैं। पुलिस उस पर सवार अन्य लोगों की पहचान में जुटी हुई है। लेकिन संवाद प्रेषण तक इसमें सफलता नही मिल सकी हैं। उधर परिजनों की माने तो वह अपने किसी मित्र के साथ बेतिया की तरफ किसी गांव में न्योता में गया हुआ था। जहां से लौटने के दौरान वह हादसे का शिकार हो गया। बांका में एक्सीडेंट इधर बांका के भरको पेट्रोल पंप के समीप सोमवार देर शाम दो वाहनों की जोरदार टक्कर में बारात जा रहा एक युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गया। तेज रफ्तार में हुए हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां से उसे गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। ऑटो और बाइक के बीच टक्कर में तीन जख्मी अररिया-फारबिसगंज फोरलेन मार्ग स्थित टोल प्लाजा के समीप ऑटो और बाइक के बीच हुई टक्कर में बाइक सवार तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये। इसे स्थानीय लोगों व परिजनों की मदद से सदर अस्पताल अररिया लाया गया। जहां चिकित्सकों की देखरेख में तीनों जख्मी व्यक्ति का इलाज किया जा रहा है। जख्मी व्यक्ति नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के पुलहा निवासी मैना देवी, द्रोपती देवी और विद्यानंद सादा बताया जा रहा है। बाइक असंतुलित होकर गिरने से युवक घायल अररिया-पूर्णिया फोरलेन मार्ग स्थित गैयारी के समीप बाइक असंतुलित होकर गिरने से बाइक सवार एक युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गये। इसे स्थानीय लोगों व परिजनों की मदद से सदर अस्पताल अररिया लाया गया। जहां चिकित्सकों की देखरेख में जख्मी युवक का इलाज किया जा रहा है। जख्मी युवक खुर्शीद बताया जा रहा है।  

झारखंड में 48 घंटे की छुट्टी का ऐलान, सभी शिक्षण संस्थान व दफ्तर बंद

रांची  झारखंड में 27 और 28 नवंबर को दो दिन की छुट्टी का ऐलान किया गया है। इस घोषणा के बाद स्कूल, कॉलेज और सरकारी-निजी दफ्तर बंद रहेंगे। प्रशासन ने यह फैसला मुख्य रूप से मौसम की बदलती स्थिति और त्योहारों की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए लिया है। इन दो दिनों में सभी शिक्षण संस्थान और कई कार्यालय बंद रहेंगे ताकि त्योहारों के दौरान भीड़ और ट्रैफिक जाम को कम किया जा सके। यह छुट्टी सामान्य अवकाशों से अलग होती है क्योंकि इसे विशेष परिस्थितियों जैसे मौसम या त्योहार के कारण जल्दी घोषित किया जाता है। स्कूल–कॉलेज बंद का मतलब यह है कि शिक्षण संस्थान इन दो दिनों में पढ़ाई नहीं करेंगे और सभी शैक्षणिक गतिविधियां रोक दी जाएंगी। हालांकि कई जगहों पर ऑनलाइन कक्षाओं और वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था भी जारी रहेगी ताकि कामकाज प्रभावित न हो। प्रशासन ने सभी से अपील की है कि वे शांतिपूर्वक और जिम्मेदारी से इस छुट्टी का लाभ उठाएं। जरूरत न होने पर बाहर न निकलें और सामाजिक दूरी का पालन करें ताकि यह अवकाश सभी के लिए सुरक्षित रहे।  

यूरिया–डीएपी के बढ़ते दामों से मची हाहाकार, गया जिले में खाद की किल्लत बढ़ी

गयाजी जिले में रबी फसल की बोआई का सीजन जोर पर है और इसी के साथ किसानों की आवश्यकताएं भी बढ़ गई हैं। कृषि विभाग ने दावा किया है कि बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसानों को सरकारी दुकानों और अधिकृत केंद्रों पर बीज सरलता से उपलब्ध कराया जा रहा है। किसान भी विभाग की इस व्यवस्था से संतुष्ट दिख रहे हैं। उर्वरक को लेकर किसानों की परेशानी लेकिन दूसरी ओर उर्वरक को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। जिले में यूरिया और डीएपी का पर्याप्त भंडारण होने के बावजूद बाजार में इनकी कीमतें नियंत्रित स्तर से अधिक वसूली जा रही हैं। किसानों का आरोप है कि विक्रेता मनमाने दाम पर उर्वरक बेच रहे हैं। जिसके कारण बोआई लागत बढ़ गई है। शहर के किरानी घाट स्थित एक उर्वरक विक्रेता ने पुष्टि करते हुए बताया कि वर्तमान में यूरिया 360 रुपये प्रति बोरा और डीएपी 16 सौ रुपये प्रति बोरा बेचा जा रहा है। वहीं फतेहपुर एवं टनकुप्पा प्रखंड में कुल 73 निबंधित उर्वरक और बीज दुकानें हैं, लेकिन इनमें से कई दुकानों को एफएमएस आईडी नहीं मिलने के कारण संचालन अस्थायी रूप से बाधित है।  फतेहपुर में 47 में से 30 दुकानें सक्रिय फतेहपुर में 47 में से 30 दुकानें सक्रिय हैं, जबकि टनकुप्पा में 26 दुकानों से उर्वरक और प्रमाणित बीजों की बिक्री जारी है। रबी फसल के मौसम में किसानों को डीएपी के बाद यूरिया की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। सरकारी दर के अनुसार डीएपी का मूल्य 1350 रुपये प्रति बोरी निर्धारित है, लेकिन किसानों का आरोप है कि बाजार में यह 15 सौ से 16 सौ रुपये तक में बेचा जा रहा है। दुकानदारों का कहना है कि कंपनियां उर्वरक के साथ फास्फेट, जिंक, पोटाश जैसी पौष्टिक किट देती हैं, जिसे जोड़कर मूल्य बढ़ जाता है। किसान विनय यादव और महेंद्र यादव ने बताया कि फतेहपुर प्रखंड में बिस्कोमान का गोदाम नहीं होने से उन्हें खुदरा दुकानों से ही उर्वरक खरीदना पड़ता है। जबकि टनकुप्पा में बिस्कोमान का एक गोदाम है।  जहां किसानों को सरकारी दर पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाता है। किसानों का कहना है कि सरकारी गोदाम फतेहपुर में भी खोला जाए, ताकि किसानों का आर्थिक बोझ कम हो सके।  सरकार द्वारा यूरिया 266.50 रुपये प्रति बोरा  उधर, प्रखंड कृषि पदाधिकारी टनकुप्पा सोमेश्वर मेहता और फतेहपुर बीएओ दिलीप रजक ने बताया कि विभागीय आदेश के अनुसार दुकानों की समय-समय पर जांच की जाती है। यदि किसी दुकानदार द्वारा अधिक दर पर उर्वरक बेचने की शिकायत मिलती है तो जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  वहीं गुरुआ प्रखंड क्षेत्र के गुरुआ, सगाही और भरौधा बाजार में स्थित करीब दो दर्जन उर्वरक दुकानों पर किसानों से मनमाने दाम वसूलने का आरोप लगा है। सरकार द्वारा यूरिया 266.50 रुपये प्रति बोरा तथा डीएपी 1350 से 1550 रुपये प्रति बैग निर्धारित है। लेकिन दुकानदार किसानों को यूरिया 350 रुपये और डीएपी 17 सौ रुपये प्रति बोरा में बेच रहे हैं। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। किसान रामनरेश सिंह और ललन सिंह ने बताया कि गुरुआ क्षेत्र के लगभग सभी दुकानदार अधिक कीमत लेकर ही खाद बिक्री किया जा रहा है।  इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी अमित भारती ने कहा कि यदि जांच में कालाबाजारी की पुष्टि होती है तो संबंधित दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसानों से अपील की कि वे निर्धारित मूल्य से अधिक भुगतान की स्थिति में इसकी सूचना विभाग को दें।  

अपराध पर जीरो टॉलरेंस: सम्राट चौधरी बोले— बिहार में बदमाशों की अब खैर नहीं

पटना बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस बार गृह मंत्रालय की भी जिम्मेदारी मिली है। इस बीच, गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने पर उन्होंने शनिवार को साफ कर दिया कि बिहार में अपराधियों की खैर नहीं है, उन्हें प्रदेश से बाहर ही जाना होगा। दरअसल, गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे। प्रदेश कार्यालय पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस बीच, मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, " भाजपा नेतृत्व, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर मुझे गृह मंत्री के तौर पर काम करने का मौका दिया है। बिहार की जनता को मैं आश्वस्त करता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार में लगातार सुशासन स्थापित होने की चिंता की जाएगी।" उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार ने लगातार सुशासन स्थापित किया है। आगे भी सुशासन की पूरी व्यवस्था उनके ही मार्गदर्शन और नेतृत्व में होगी।" बिहार के उप मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "बिहार में सुशासन है। बिहार में एक व्यवस्था खड़ी है। बिहार के सुशासन ने अराजकता और जंगलराज को समाप्त कर दिया है और उसी व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा। लेकिन इतना तय है कि अपराधियों के लिए बिहार नहीं है। बिहार से बाहर ही अपराधियों को जाना होगा।" दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के एक दिन बाद शुक्रवार को बिहार सरकार में विभागों का बंटवारा कर दिया गया। नई कैबिनेट में सबसे अहम गृह विभाग डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को सौंपा गया है। भाजपा कोटे से आने वाले सम्राट चौधरी अब नीतीश सरकार में कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा की कमान संभालेंगे। गुरुवार को नीतीश कैबिनेट में कुल 26 मंत्रियों ने शपथ ली थी। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने 202 सीटें हासिल कर जबरदस्त सफलता हासिल की है। 

सरकार पहुँची गांव-गांव: DC ने जनसमस्याओं का किया समाधान, लोगों ने जताई संतुष्टि

 गढ़वा  गढ़वा जिले में जनता तक सुशासन पहुंचाने के लिए “आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार” कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। झारखंड राज्य स्थापना दिवस के रजत पर्व पर जनता को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए इस मुहिम की शुरुआत की गई। सेवा का अधिकार का ये कार्यक्रम सप्ताह तक चला जाएगा। गढ़वा के चिनियां प्रखंड के बरवाडीह पंचायत में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त दिनेश यादव ने किया। वहीं कार्यक्रम स्थल पर अलग अलग विभागों द्वारा लगाए गए जनकल्याणकारी योजनाओं के स्टॉलों का भी डीसी ने जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनहित से जुड़े कार्यों को पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया जाए। शिविर में पहुंचे लाभुकों से उपायुक्त ने सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।  

सरकार बदली, चुनौतियाँ वही: शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर क्या होगा असर?

छपरा बिहार में नई सरकार के गठन के बाद मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव की उम्मीद लगाए बैठी जनता तब हैरान रह गई, जब मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और शिक्षा मंत्री जैसे अहम पद फिर से पुराने चेहरों को ही सौंप दिए गए। इसके बाद राज्य की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में वास्तविक सुधार को लेकर कई सवाल तेज हो गए हैं। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मंत्रिमंडल में स्थिरता प्रशासनिक निरंतरता के लिहाज से फायदेमंद हो सकती है, लेकिन जिन विभागों की पिछले कार्यकाल में सबसे ज्यादा आलोचना हुई, जैसे सरकारी अस्पतालों की बदहाली, चिकित्सकों-कर्मियों की कमी, स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति और कमजोर आधारभूत संरचना उनमें बदलाव न होना जनता के मन में संदेह पैदा कर रहा है। स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार को लेकर बढ़ा असंतोष स्थानीय लोगों का कहना है कि सदर अस्पतालों से मरीजों को बिना इलाज रेफर कर देने की पुरानी व्यवस्था अब खत्म होनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की आधारभूत संरचना तो तैयार कर दी गई है, लेकिन डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों की भारी कमी आज भी बनी हुई है। विगत वर्षों में स्वास्थ्य विभाग पर कई गंभीर आरोप लगे हैं, अस्पतालों में दवाओं और मशीनों की कमी, पंचायत स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं का कमजोर होना और बेहतर इलाज के लिए बिहार से बाहर जाने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या प्रमुख मुद्दे हैं। ऐसे में पुरानी टीम का ही पुनः जिम्मेदारी संभालना जनता के बीच यह सवाल खड़ा कर रहा है कि क्या अबकी बार वाकई बदलाव देखने को मिलेगा। सारण प्रमंडल के सारण, सिवान और गोपालगंज जिलों सहित कई क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं “इलाज” से ज्यादा “रेफर” आधारित व्यवस्था पर निर्भर हैं। सड़क हादसे, गोलीबारी और अन्य आपात मामलों में प्रखंड अस्पतालों से लेकर जिला सदर अस्पताल तक केवल औपचारिकता निभाकर मरीजों को पटना पीएमसीएच या अन्य मेडिकल कॉलेज भेज दिया जाता है। शिक्षा विभाग में भी सुधारों पर सवाल शिक्षा विभाग पर भी सरकार लगातार निशाने पर रही है। शिक्षकों की भारी कमी, स्कूलों में संसाधनों की दयनीय स्थिति और सरकारी स्कूलों के गिरते परिणामों ने चिंता बढ़ाई है। विभाग से जुड़े अधिकारियों व शिक्षक संघों का कहना है कि बिना संरचनात्मक सुधार के केवल घोषणाओं से शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। हालांकि राज्य सरकार ने दावा किया है कि 2025–30 के कार्यकाल में शिक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, और बजट व इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों स्तरों पर बड़े कदम उठाए जाएंगे। क्या बदलेगी बिहार की तस्वीर? अब जनता की नजर इस बात पर है कि क्या पुरानी टीम, नई नीतियों और नई ऊर्जा के साथ सचमुच स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों की जर्जर स्थिति को बदल पाएगी। विशेषकर शिक्षा विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा मौजूदा शिक्षा मंत्री को सौंपी गई है। जनता अब सरकारी दावों नहीं, बल्कि जमीनी बदलाव का इंतजार कर रही है।

गे-लेस्बियन विवाह से भूकंप की बात कहकर कन्हैया भेलारी हुए ट्रोल, रोहिणी का पुराना बयान फिर चर्चा में

पटना  बेटियों को मायके से दूर रहना चाहिए जैसा बयान देने पर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या से भर पेट बात सुनने वाले बिहार के पत्रकार कन्हैया भेलारी का एक नया वीडियो वायरल हो गया है। इस वीडियो में उनकी पौराणिक सोच का स्तर और नीचे गिरते देखा जा सकता है। यू-ट्यूब चैनल लल्लटॉप के शो में कन्हैया भेलारी यह कहकर सबको चौंका दे रहे हैं कि लड़का का लड़का और लड़की का लड़की से शादी (सेम सेक्स मैरिज, गे मैरिज, लेस्बियन मैरिज, समलैंगिक संबंध) करने के कारण भूंकप आ रहे हैं। चैनल का पत्रकार जब उनको भूकंप के वैज्ञानिक कारण बताता है तो वो और जिद पकड़ लेते हैं और कहते हैं कि एडवांस होने का मतलब ये सब नहीं है।   कन्हैया भेलारी को रोहिणी आचार्या ने टीवी चैनलों पर उनके बयानों को लेकर 18 नवंबर को फोन करके काफी फटकारा था। भेलारी ने किसी चैनल पर कहा था कि बेटियों को शादी के बाद नैहर यानी मायके से दूर रहना चाहिए। बेटियों को शादी, पर्व त्योहार और न्योता पर ही मां-बाप के घर आना चाहिए। बता दें कि चुनाव नतीजों के अगले दिन लालू यादव के परिवार में रोहिणी आचार्या और तेजस्वी यादव के बीच हार के कारणों को लेकर विवाद हुआ था। रोहिणी ने आरोप लगाया था कि संजय यादव का नाम लेने पर उन्हें गाली दी गई और उन पर चप्पल चलाया गया। रोहिणी तब से दिल्ली होते हुए मुंबई में अपनी सास के पास हैं। ताजा वायरल बयान में कन्हैया भेलारी महिला का महिला और पुरुष का पुरुष से समलैंगिक संबंध को गलत बताते हुए कह रहे हैं कि इन्हीं कारणों से भूकंप आता है। भेलारी ने कहा है कि आजकल ऐसा हो गया है कि लड़का दूसरे लड़के से शादी कर लेता है और कोई लड़की किसी लड़की से ही शादी कर लेती है। वो इसे ठीक नहीं मानते। जब उनसे कहा गया कि अगर कोई समलैंगिक संबंध से खुश है तो उनको क्या समस्या है। उनके अपने अधिकार हैं जिन पर सुप्रीम कोर्ट ने रजामंदी दे दी है। इसे अपराध की श्रेणी से बाहर रखा है। इस पर भेलारी ने अजीबोगरीब जवाब दिया। भेलारी ने कहा कि इसीलिए भूकंप आता है। जब चैनल ने भूकंप का वैज्ञानिक कारण बताया तो भेलारी ने कहा- इसका कोई मतलब है जी। एडवांस होने का यह अर्थ नहीं है। हम इसको नहीं मानते। कन्हैया भेलारी ने एक न्यूज चैनल के डिबेट में कहा था कि ब्याही बेटियों को अपने मायके में कम रहना चाहिए। यहां कुंडली मारकर नहीं बैठना चाहिए। उन्हें किसी खास अवसर पर मायके आना चाहिए और फिर चले जाना चाहिए। बेटियों को पिता परिवार के मसलों में दखल नहीं देना चाहिए। इस पर रोहिणी आचार्या ने उनकी क्लास लगा दी थी और कहा था कि बेटियों के हक में दखल देने का अधिकार आपको किसने दे दिया। रोहिणी ने फोन पर बातचीत का वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया था।