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BJP की नई चाल शाहाबाद-मगध में, 2020 की 36 सीटों को फिर से जीतने की तैयारी

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी ने इस बार ‘जीती सीटों को बचाने’ के साथ-साथ ‘हारी सीटों को वापस पाने’ का बड़ा अभियान शुरू किया है. पार्टी के भीतर इसे “मिशन रिकवरी प्लान” का नाम दिया गया है. पिछले विधानसभा चुनाव 2020 में भाजपा ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 74 पर जीत हासिल की थी. हालांकि, पार्टी ने बाद में हुए उपचुनावों में कुढ़नी, रामगढ़ और तरारी जैसी तीन सीटों पर अपनी वापसी दर्ज करायी थी. इन 36 सीटों के लिए बीजेपी तैयार कर रही रणनीति अब भाजपा की निगाह उन 36 सीटों पर है जहां 2020 में हार मिली थी. पार्टी ने इन सभी सीटों को दो चरणों में विभाजित कर उनकी अलग-अलग रणनीति तैयार की है. पहले चरण की 18 सीटों में बैकुंठपुर, दरौली, सीवान, राघोपुर, गरखा, सोनपुर, कुढ़नी, मुजफ्फरपुर, बखरी, उजियारपुर, बक्सर, तरारी, शाहपुर, बख्तियारपुर, फतुहा, दानापुर, मनेर और बिक्रम शामिल हैं. वहीं, दूसरे चरण की हार वाली सीटों में कल्याणपुर, भागलपुर, रजौली, हिसुआ, बोधगया, गुरुआ, औरंगाबाद, गोह, डिहरी, काराकाट, रामगढ़, मोहनिया, भभुआ, चैनपुर, जोकिहाट, बायसी, किशनगंज और अरवल हैं. बीजेपी 2020 में जहां हारी, उन क्षेत्रों में विशेष फोकस इन सभी सीटों के लिए भाजपा ने अपने बूथ और जातिगत समीकरणों की गहराई से समीक्षा की है. विशेष रूप से उन जिलों पर फोकस किया गया है, जहां 2020 में पार्टी का ‘संपूर्ण सफाया’ हुआ था. इनमें औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और बक्सर जैसे जिले शामिल हैं. इन चारों जिलों में पिछली बार एक भी सीट नहीं मिल पाई थी. दिलचस्प बात यह है कि 2015 के विधानसभा चुनाव में कैमूर की चारों सीटें भाजपा के खाते में थीं, लेकिन 2020 में पार्टी को यहां करारी हार झेलनी पड़ी. यही वजह है कि इस बार भाजपा शाहाबाद और मगध क्षेत्र को लेकर बेहद सतर्क है. शाहाबाद-मगध में ‘पावर स्टार’ का दांव पार्टी ने इन क्षेत्रों में सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिए ‘लोकप्रिय चेहरों’ की रणनीति अपनाई है. भोजपुरी गायक और अभिनेता पवन सिंह को एक बार फिर भाजपा के प्रचार अभियान में सक्रिय किया गया है. पवन सिंह की क्षेत्र में पकड़ और लोकप्रियता को देखते हुए पार्टी उन्हें ‘जनसंपर्क का चेहरा’ बना रही है. इसके अलावा RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा का मगध और शाहाबाद क्षेत्र में गहरा प्रभाव है. इसी कड़ी में भाजपा के बिहार प्रभारी विनोद तावड़े ने हाल ही में दिल्ली में पवन सिंह और कुशवाहा की मुलाकात कराई थी. जिसे राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है. हर जिले के लिए ‘माइक्रो प्लान’ भाजपा संगठन ने हर जिले की हारी हुई सीट के लिए अलग-अलग ‘माइक्रो प्लान’ तैयार किया है. इसमें पुराने उम्मीदवारों का आकलन, स्थानीय समीकरणों की पुनर्समीक्षा, और सहयोगी दलों के साथ सीट तालमेल पर जोर दिया गया है. हालांकि एनडीए में सीटों का बंटवारा अभी अंतिम रूप में नहीं है, लेकिन भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि चाहे सीटें बदली जाएं या नहीं, पार्टी का संगठन हर क्षेत्र में पूरी ताकत के साथ उतरेगा. ‘हारी नहीं, छोड़ी सीटों पर भी वापसी’ का लक्ष्य पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि 2020 में कुछ सीटें हार की वजह से नहीं, बल्कि सीट-शेयरिंग के कारण छूटी थीं. इस बार भाजपा ऐसे क्षेत्रों पर भी फोकस कर रही है, जहां उसके संगठन की मजबूत जड़ें हैं लेकिन पिछले बार साथी दलों को मौका मिला था. शाहाबाद-मगध में BJP की परीक्षा कुल मिलाकर, भाजपा ने बिहार में इस बार चुनावी जंग को दो हिस्सों में बांट दिया है. ‘सेव द सीट्स’ (जीती सीटें बचाने का अभियान) और ‘रिक्लेम द लॉस्ट’ (हारी सीटें वापस पाने की रणनीति). शाहाबाद और मगध की सियासी जमीन पर भाजपा की सबसे बड़ी परीक्षा होने जा रही है, जहां से पार्टी अपने खोए जनाधार को वापस पाने की जुगत में जुटी है. 

चुनावी प्रशासन सख्त: बिहार में पीठासीन पदाधिकारियों की जांच के लिए मेडिकल टीम गठित

पटना निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नियुक्त माइक्रो ऑब्जर्वर, पीठासीन पदाधिकारी और मतदान पदाधिकारियों की स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल टीम का गठन किया है। यह टीम 17 और 18 अक्टूबर को संबंधित पदाधिकारी और कर्मचारियों की ओर से रखे जाने वाले साक्ष्य और प्रमाण पत्रों के आधार पर उनकी जांच करेगी। आयोग ने शुक्रवार को जानकारी दी कि जो माइक्रो ऑब्जर्वर, पीठासीन पदाधिकारी और मतदान पदाधिकारी गंभीर बीमारी, रोग या दिव्यांगता के कारण निर्वाचन कार्य करने में असमर्थ हैं, उन्हें सूचित किया गया है कि उनके स्वास्थ्य संबंधी विषय को लेकर चिकित्सा जांच दल का गठन किया गया है। निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में संबंधित पदाधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित तारीखों को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक मेडिकल टीम के सामने उपस्थित हो सकते हैं। पटना के गांधी मैदान स्थित श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में इन पदाधिकारियों की जांच की जाएगी। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियत तारीख के बाद किसी भी गंभीर बीमारी, रोग या विकलांगता के आधार पर चुनाव कार्य से मुक्त करने के लिए कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे पहले, बिहार विधानसभा चुनाव और उपचुनावों के मद्देनजर चुनाव आयोग ने 9 और 10 अक्टूबर को सभी रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (एआरओ) के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग सेशन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में 243 आरओ और 1418 एआरओ ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। इस ट्रेनिंग सेशन में नामांकन प्रक्रिया, योग्यता-अयोग्यता, मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (एमसीसी), नामांकन वापसी, प्रतीक आवंटन, मतदान के दिन की व्यवस्थाएं और मतगणना समेत चुनाव संचालन के सभी चरणों को कवर किया गया। राष्ट्रीय स्तर के मास्टर ट्रेनर्स ने आरओ और एआरओ के शंकाओं का समाधान किया, ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके। चुनाव आयोग, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा 21 सहपठित धारा 24 के अनुसार प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए रिटर्निंग अधिकारियों (आरओ) को नामित या मनोनीत करता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चुनाव कानून और उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार आयोजित किए जाएं। निर्धारित अवधि के दौरान आरओ और एआरओ आयोग के नियंत्रण, अधीक्षण और अनुशासन के अधीन होंगे। आयोग मतदान से पहले सभी मतदान केंद्रों पर पीठासीन अधिकारियों के लिए एप्लीकेशन का ट्रायल रन भी आयोजित करेगा। ये सत्र संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की ओर से अपने-अपने राज्यों और केंद्र शासित राज्य क्षेत्रों में आयोजित किए जा रहे प्रशिक्षण सत्रों के अतिरिक्त होंगे।

महागठबंधन का बड़ा सवाल: बिहार की सीटों पर असमंजस, कौन देगा नेतृत्व की बड़ी सोच?

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन महागठबंधन के घटक दलों में सीट बंटवारे को लेकर पेंच फंसा है। मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री पद के चेहरों पर संशय की स्थिति है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने शुक्रवार को पटना में संसदीय दल की बैठक बुलाई तो कांग्रेस के नेता पप्पू यादव ने सीटों के लिए राजद को सुझाव दिया है कि उसे बड़ा दिल दिखाना चाहिए। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने सीट बंटवारे पर कहा, "सभी को बड़ा दिल करने की जरूरत है। हिमालय से ऊंचा सिर और समुद्र से गहरा दिल रखने की जरूरत है।" इससे पहले उन्होंने राजद को सुझाव दिया था कि पार्टी को बड़ा दिल दिखाते हुए 100 से कम सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए। पप्पू यादव ने पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री पद के लिए महागठबंधन में दावेदारी को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "हम लोगों के लिए मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री कोई मुद्दा नहीं है। हम लोगों के लिए मुख्य मुद्दा है कि कैसे एनडीए सरकार को यहां से हटाया जा सके।" इस बीच, बिहार विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक अशोक गहलोत ने सीट बंटवारे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "लालू प्रसाद यादव से मुलाकात नहीं हुई। मुलाकात का कार्यक्रम था, लेकिन अभी यह नहीं हुई है।" वहीं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा, "सीटों को लेकर बातचीत जारी है। वक्त आने पर फैसले के बाद में बता दिया जाएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही सीट बंटवारे को लेकर ऐलान कर दिया जाएगा। चुनाव के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक अधीर रंजन चौधरी भी पटना पहुंचे हुए हैं। उन्होंने सीट बंटवारे पर कहा कि हमारी रोज बड़ी मीटिंग चल रही है। जल्द फैसला होने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि सीट बंटवारे को लेकर कोई अंदरूनी झगड़ा नहीं है। हालांकि, मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री फेस पर सवाल का जवाब दिए बगैर अधीर रंजन चौधरी निकल गए। महागठबंधन में सीट बंटवारे पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा, "कोई भी पेच अटका नहीं है। हम लगातार बातचीत कर रहे हैं और सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा है। जल्दबाजी करने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि हमारे पास अभी पर्याप्त समय है।"

सोन नदी त्रासदी: युवती का शव मिला, औरंगाबाद में नाव पलटने से 5 लोग अभी भी लापता

पटना  बिहार के औरंगाबाद जिले के बड़ेम थाना अंतर्गत सोन नदी में शुक्रवार को नाव पलटने से 6 लोग डूब गए, जिनमें से अब तक सिर्फ एक का शव बाहर निकाला गया है तथा शेष की तलाश जारी है। वहीं, इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। एक युवती का शव बरामद जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने आज यहां बताया कि सोन नदी में एक नाव पर करीब 15 लोग सवार थे और वे कृषि कार्य के लिए बड़ेम से सोन डिल्ला जा रहे थे। उसी समय अचानक पानी के तेज प्रवाह से नाव पलट गयी और सभी 15 सवार नदी में गिर गए। नदी में गिरे लोगों में से 09 किसी तरह तैर कर बाहर निकल गये और बाकि के 06 डूब गए, जिनमे से एक युवती का शव बरामद कर लिया गया है और बाकि पांच लोगों की तलाश एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम कर रही है। इस घटना में बड़ेम निवासी सलीम अंसारी की पुत्री तमन्ना कुमारी ( 21) का शव बरामद किया गया है जबकि नरेश चौधरी की पुत्री सोनी कुमारी (21) संजय चौधरी की पत्नी रंजीता देवी (35) , सुरेन्द्र चौरसिया की पुत्री मंजू कुमारी (20), योगेन्द्र लाल की पुत्री काजल कुमारी ( 20), चितरंजन पासवान की पत्नी सबिता देवी (30) की तलाश की जा रही है। इधर, घटना की सूचना मिलने पर पहुंचे जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री, पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल, अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार पांडेय एवं थानाध्यक्ष अमरजीत चौधरी ने स्थिति का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने बताया कि मृतकों के परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत उचित मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी।   

इलाका दहला देने वाली फायरिंग! पुलिस कार्रवाई में दो बदमाश घायल, हथियारों का भंडार पकड़ा

रांची झारखंड में रांची के रातू थाना क्षेत्र के खलारी रोड पर शुक्रवार सुबह पुलिस और राहुल दुबे गैंग के सदस्यों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में दो कुख्यात अपराधी घायल हो गए हैं। पुलिस ने इस मुठभेड़ के बाद जैसे ही इलाके में सर्च अभियान चलाया, वहां भारी मात्रा में हथियार सहित कारतूस भी बरामद किए हैं।         पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि ठाकुर गांव, खलारी और रातू थाना क्षेत्र की सीमा पर अपराधियों के होने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस की एक टीम मौका-ए-वारदात पर पहुंची। जैसे ही पुलिस ने पहुंच कर तलाशी शुरू की, वहां मौजूद अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी उसी वक्त जवाबी कार्रवाई की इसमें दो अपराधियों को गोली लगी। दोनों घायल अपराधी साजन अंसारी और अमित गुप्ता बताए जा रहे हैं। इन दोनों अपराधियों को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। रांची ग्रामीण एसपी प्रवीन पुष्कर ने बताया कि अभी दोनों से पूछताछ की जा रही है ताकि इनके गैंग की अन्य जानकारी मिल सके और बाकी अपराधियों को भी पकड़ा जा सके। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इलाके में व्यापक सर्च अभियान चलाकर घटनास्थल में 8 पिस्टल और दर्जनों कारतूस बरामद किए हैं।  

सीट शेयरिंग को लेकर NDA में तनाव? डिप्टी CM के आवास पर हुई अहम बैठक

पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राजनीतिक दलों में सीट शेयरिंग को लेकर खींचतान जारी है। ऐसे में एनडीए गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर महत्वपूर्ण बैठक डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पर हुई। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, विजय कुमार चौधरी, उमेश कुशवाहा के साथ भाजपा के सम्राट चौधरी, दिलीप जायसवाल और धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे।  इस बैठक में दूर हुए कुछ मतभेद बैठक का मुख्य एजेंडा सीट शेयरिंग पर सहमति बनाना था। चर्चा के दौरान गठबंधन के सभी दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर स्थिति पर गहन विचार-विमर्श हुआ। खबर है कि इस बैठक में कुछ मतभेद दूर कर लिए गए हैं और जल्द ही सीट शेयरिंग का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा। हालांकि, इससे पहले हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता जीतन राम मांझी ने 15 से 20 सीटों की मांग की थी, जबकि एनडीए गठबंधन ने केवल 7 से 10 सीटें देने की बात कही थी। अब बताया जा रहा है कि बीच का रास्ता निकाल लिया गया है और दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी है। एनडीए के नेताओं का कहना है कि गठबंधन के सभी सदस्य दल मिलकर चुनाव मैदान में उतरेंगे और कोई नाराजगी या मतभेद नहीं है। वे जल्द ही सीट बंटवारे की घोषणा कर बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप देंगे। यह बैठक बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।  

पहली कैंडिडेट लिस्ट जारी: कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों की सूची

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है। अब सिर्फ एनडीए और महागठबंधन में सीट बंटवारे की घोषणा का इंतजार है। सूत्रों के अनुसार, महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर फंसे पेंच की बीच कांग्रेस पार्टी की पहली लिस्ट तैयार हो गई है। कहा जा रहा है कि बस औपचारिक घोषणा होना बाकी है। कुछ संभावित नाम जो कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ सकतें हैं-     कुटुंबा से राजेश राम     कदवा से शकील अहमद खान     बछवाड़ा से शिवप्रकाश गरीब दास     किशनगंज से इजहारुल हुसैन     औरंगाबाद से आनंद शंकर सिंह     मनिहारी से मनोहर प्रसाद सिंह⁠⁠     करहगर से संतोष मिश्रा     मुजफ्फरपुर से विजेंद्र चौधरी     बेगूसराय से अमिता भूषण     रीगा से अमित कुमार टुन्ना     वारिसलीगंज से सतीश     कुमाररोसड़ा से बीके रवि     चेनारी से मंगल राम बता दें कि विपक्षी महागठबंधनकी ओर से मुख्यमंत्री उम्मीदवार को लेकर भी जल्द ही औपचारिक घोषणा की जाएगी। सूत्रों की मानें तो तेजस्वी यादव के नाम पर लगभग सभी सहयोगी दलों की सहमति बन चुकी है।

जन सुराज में होगा धमाका! ज्योति सिंह ने प्रशांत किशोर से किया विचार विमर्श

पटना  भोजपुरी गायक और अभिनेता पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह (Jyoti Singh) ने शुक्रवार को जनसुराज पार्टी के संस्थापक और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) से शेखपुरा स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी, हालांकि ज्योति सिंह ने साफ किया कि उनका उद्देश्य चुनावी राजनीति से जुड़ा नहीं है। मैं यहां किसी चुनाव में भाग लेने या टिकट के लिए नहीं आई हूं- PK प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ज्योति सिंह ने कहा, “मैं यहां किसी चुनाव में भाग लेने या टिकट के लिए नहीं आई हूं। मेरे साथ जो अन्याय हुआ है, वह किसी और महिला के साथ न हो। मैं उन सभी महिलाओं की आवाज बनना चाहती हूं जो अन्याय का सामना कर रही हैं।” उन्होंने कहा कि वह समाज में महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए काम करना चाहती हैं और इसी उद्देश्य से प्रशांत किशोर से मिलने आई थीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि ज्योति सिंह उनसे दो साल पहले भी कुछ साथियों के साथ मिली थीं और उस समय भी उन्होंने अपने पारिवारिक मामलों में किसी हस्तक्षेप की बात नहीं की थी। उन्होंने स्पष्ट किया, “जनसुराज पार्टी किसी व्यक्ति विशेष के लिए अपने नियमों में बदलाव नहीं करती। आरा क्षेत्र से पहले ही डॉ. विजय गुप्ता पार्टी उम्मीदवार घोषित किए जा चुके हैं, और इसमें अब कोई परिवर्तन नहीं होगा।” राजनीतिक विश्लेषक अशोक मिश्रा का मानना है कि यह मुलाकात सामाजिक मुद्दों पर संवाद का प्रयास हो सकता है, लेकिन चुनावी दृष्टि से इसका तत्काल कोई प्रभाव नहीं दिखता। भाषा कैलाश पवनेश रंजन  

हथियारों के दम पर परिवार को बनाया बंधक, उड़ाए लाखों रुपये, जांच में जुटी पुलिस

गिरिडीह झारखंड में गिरिडीह जिले के चिताखरा गांव में बृहस्पतिवार को करीब छह नकाबपोश बदमाशों ने एक व्यक्ति के घर में घुसकर कथित तौर पर पांच लाख रुपये की नकदी और कीमती सामान लूट लिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हथियारबंद बदमाश पिछले दरवाजे से संजय वर्मा के घर में दाखिल हुए थे। बगोदर-सरिया के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) धनंजय राम ने बताया कि वर्मा ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह और परिवार के सदस्य सो रहे थे कि तभी बदमाश अचानक घुस आए और हथियारों का डर दिखाकर धमकाया। उन्होंने कहा कि बदमाश 2.5 लाख रुपये नकद, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आभूषण लूट ले गए। एसडीपीओ ने बताया कि घर से निकलते समय उन्होंने घर के लोगों को शोर न मचाने की धमकी दी और घर को बाहर से बंद कर दिया। मामले में पुलिस ने आसपास के इलाके में विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से फुटेज एकत्र की है और पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। इसके अलावा अपराधियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।  

पप्पू यादव के खिलाफ FIR, बाढ़ पीड़ितों को पैसे बांटने पर उठे सवाल

वैशाली वैशाली जिले में बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पैसे बांटने को लेकर चुनाव आदर्श आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन के आरोप में बिहार के सांसद पप्पू यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, पूर्णिया से निर्दलीय लोकसभा सदस्य यादव के खिलाफ यह मामला वैशाली जिले के सहदेई थाने में बृहस्पतिवार रात जिला प्रशासन की शिकायत पर दर्ज किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) ललित मोहन शर्मा ने बताया, “सीसीटीवी फुटेज और चुनावी ड्यूटी में तैनात एक अधिकारी के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।” राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 6 और 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आचार संहिता प्रभावी हो जाती है।