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पटना में शिक्षक को गोलियों से भुना, इलाज के दौरान PMCH में दम तोड़ा

वैशाली बिहार के सोनपुर में शुक्रवार की शाम एक शिक्षक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना पहलेजा थाना क्षेत्र के खरिक बाजार के पास हुई, जहां प्राथमिक विद्यालय गंगाजल में पदस्थापित 45 वर्षीय शिक्षक सनोज कुमार को बाइक सवार दो अपराधियों ने सिर में गोली मारकर फरार हो गए। शिक्षक सनोज कुमार स्कूल से अपनी बाइक पर घर लौट रहे थे और घर से कुछ ही दूरी पर थे कि पीछे से आए दो अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोली चलाई। गोली सिर के पीछे लगी और वह सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें गंभीर हालत में पटना PMCH ले जाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दिनदहाड़े बाजार के पास हुई इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही सारण एसपी डॉ. कुमार आशीष, ग्रामीण एसपी संजय कुमार और सोनपुर एसडीपीओ प्रीतीश कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसडीपीओ ने बताया कि मौके से एक खोखा बरामद किया गया है और प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह पैसों के लेनदेन का विवाद सामने आया है। पुलिस के अनुसार, गोली शिक्षक के सिर के पीछे से दागी गई थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। फिलहाल परिजनों द्वारा कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक मृतक के पिता ने बताया कि सनोज कुमार का लगभग तीन लाख रुपये के लेनदेन को लेकर एक ग्रामीण से विवाद चल रहा था और इसी विवाद को हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है। परिवार में घटना के बाद कोहराम मचा हुआ है, वहीं पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।  

एग्जाम सेंटर में अव्यवस्था हावी, भीड़भाड़ पर जेपीयू ने मांगा जवाब

  छपरा बिहार में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक अव्यवस्था की तस्वीरें अक्सर सामने आती रही हैं। कहीं आधारभूत संरचना का अभाव है, तो कहीं शिक्षकों और कर्मियों की भारी कमी। इसी बीच उच्च शिक्षा प्रणाली की लचर स्थिति को उजागर करती एक और घटना सामने आई है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर स्थापित जयप्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू) के स्नातक CBCS चार वर्षीय सत्र 2024–2028 की द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा के दौरान गंभीर कुव्यवस्था सामने आई है। परीक्षा में भरी अव्यवस्था 20 नवंबर 2025 को आयोजित स्नातक द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा के दौरान सिवान जिला मुख्यालय स्थित राजा सिंह महाविद्यालय परीक्षा केंद्र की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इस तस्वीर में एक ही बेंच पर पांच-पांच और छह-छह परीक्षार्थियों को बैठाकर परीक्षा कराई जा रही थी। यह स्थिति न केवल परीक्षा अनुशासन का उल्लंघन है, बल्कि कदाचार की संभावना को भी बेहद बढ़ाती है। तस्वीर सामने आने के बाद छात्रों, अभिभावकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने जेपीयू प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन की कड़ी आलोचना की। मेहनती छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए। विश्वविद्यालय ने तुरंत लिया संज्ञान, जारी किया नोटिस वायरल तस्वीर को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशोक कुमार मिश्रा ने केंद्राधीक्षक को नोटिस जारी किया है। Letter No. CE 2456, Dated 21/11/2025 के माध्यम से दो दिनों के अंदर घटना पर स्पष्ट प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया गया है। पत्र के साथ वह वायरल तस्वीर भी संलग्न की गई है, जिसमें अव्यवस्था साफ दिखाई दे रही है। केंद्राधीक्षक से कड़ा स्पष्टीकरण मांगा गया पत्र में उल्लेख है कि परीक्षा केंद्र पर व्यवस्था की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और केंद्राधीक्षक की है। वायरल फोटो विश्वविद्यालय की साख को धूमिल करने वाली है और इस पर तत्काल जवाब आवश्यक है। सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई कर सकता है। कॉलेज प्रशासन की भूमिका, परीक्षा कक्षों की क्षमता और व्यवस्थाओं की कमी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस घटना ने उच्च शिक्षा में परीक्षा अनुशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। छात्रों का कहना है कि ऐसी अव्यवस्थाएं उनका भविष्य प्रभावित करती हैं। अभिभावकों ने मांग की है कि जेपीयू कठोर कदम उठाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका वनडे मुकाबला 30 नवंबर को, रांची में टिकटों की धूम

 रांची  झारखंड की राजधानी के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम (IND vs SA ODI JSCA Stadium) में 30 नवंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (ODI) मैच को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। स्टेडियम को आकर्षक तरीके से सजाया जा रहा है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतकर्ता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं।   जेएससीए अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव ने बताया कि आयोजन को यादगार बनाने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। दोनों टीमें 27 नवंबर को चाटर्ड प्लेन से रांची पहुंचेगी। एयरपोर्ट से खिलाड़ियों को सीधे होटल ले जाया जाएगा। सुरक्षा के लिए विशेष रूट और अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जाएगी। वहीं 21 नवंबर यानी आज से टिकट जेनीईिटकट साइट पर ऑनलाइन टिकट  मिलना शुरू होगा और 25 नवंबर से सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक स्टेडियम टिकट काउंटर पर ऑफलाइन टिकट बिक्री शुरू होगी। दर्शकों से समय पर पहुंचने की अपील की गई है। किसी भी उम्र के बच्चे को प्रवेश के लिए अलग टिकट लेना अनिवार्य होगा। जेएससीए ने टिकटों की कीमत भी जारी कर दी है। वींग एक के लोअर टियर के लिए 1600 रुपए देने होंगे, वहीं अपर टियर के लिए 1300 रुपए का भुगतान करना होंंगा। इसके अलावा विंग बी के लिए टिकटों की कीमत लोअर टियर में 2200 रुपए  जबकि अपर टियर में 1700 रुपए जबकि  विंग डी में लोअर टियर की कीमट 2200 रुपए, स्पाइस बॉक्स के लिए 1700 रुपए, जबकि ईस्ट-वेस्ट हिल के लिए 1200 रुपए देने होंगे। इसके अलावा विंग सी के अपर टियर के लिए 1300 रुपए, जबकि लोअर टियर के लिए 1600 रुपए अदा करने होंगे।   एक टिकट पर सिर्फ एक बार प्रवेश    वहीं दर्शकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए है। पानी की बोतल छोड़कर कोई भी खाद्य पदार्थ स्टेडियम में ले जाना प्रतिबंधित है। एक टिकट पर सिर्फ एक बार प्रवेश मिलेगा। छोटे बच्चों को गोद में लाने की अनुमति नहीं – हर बच्चे का टिकट जरूरी। टिकट पर लिखे ईस्ट, वेस्ट, नॉर्थ, साउथ विंग के अनुसार ही संबंधित कतार में खड़ा होना होगा।गलत विंग की कतार में खड़े होने पर प्रवेश नहीं मिलेगा।करीब 39,000 दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम में भीड़ को सुचारू तरीके से संभालने के लिए अतिरिक्त गेट, पुलिस बल और वॉलंटियर्स लगाए जाएंगे। स्टेडियम को आकर्षक रोशनी और सजावट से संवारने का काम भी तेजी से चल रहा है। रांची में इस हाई-वोल्टेज मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह है। जेएससीए का कहना है कि जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए मैच को पूरी तरह सफल बनाने की तैयारी जारी है।

ठंड बढ़ने की चेतावनी: बिहार में पारा गिरने के आसार, सतर्क रहें

पटना मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में आगामी दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, शनिवार से राज्य के विभिन्न हिस्सों में रात का पारा गिरना शुरू हो सकता है, जिससे रात के समय ठंढ में बढ़ोतरी होने की पूरी उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि अगले 48 घंटों तक प्रदेश में तापमान की स्थिति लगभग स्थिर बनी रहेगी। इसके बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के अधिकांश इलाकों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस बदलाव के चलते देर रात और सुबह के समय शीतलहर जैसे हालात बनने की संभावना है। लोगों को ठंड से बचाव के आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। राज्य में दिन का तापमान अगले तीन से चार दिनों तक लगभग सामान्य रहने का अनुमान है। समस्तीपुर रहा सबसे ठंडा मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान में किसी बड़े उतार- चढ़ाव के संकेत नहीं मिले हैं। गुरुवार को समस्तीपुर राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान 13 से 20 डिग्री के बीच रहा। वहीं दूसरी ओर फारबिसगंज में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो दिन में सबसे गर्म रहा। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान 26.9 से 30.8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तरी भारत में हवाओं की दिशा बदलने और बादलों की कमी के कारण रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखी जायेगी। कुल मिलाकर, बिहार में अभी दिन में हल्की गर्माहट बनी रहेगी, लेकिन शनिवार से शुरू होने वाली ठंड रात के समय सिहरन बढ़ा सकती है।

फिर से जोड़े जाएंगे नए लाभुक: मंईयां योजना कैंप में इन जरूरी कागज़ों के साथ पहुँचे

पलामू आज से झारखंड में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पलामू से ‘आपकी सरकार-आपके द्वार’ कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। इस दौरान आम जनता की समस्याओं को सुना और निपटाया जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ‘आपकी सरकार-आपके द्वार’ कार्यक्रम में ही नए लाभुकों को मंईयां योजना से जोड़ने वाले हैं। आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पलामू के लेस्लीगंज में इस अभियान की शुरुआत कर सकते हैं। लाभुक अपने जरूरी दस्तावेज के साथ आपकी सरकार, आपकी योजना, आपके द्वार कार्यक्रम के कैंप में पहुंचेंगे और वहीं दस्तावेजों की जांच के बाद आवेदन स्वीकृत कर दिया जाएगा। कैंप लगाकर पात्र महिलाओं से लिया जाएगा आवेदन मंईयां सम्मान योजना में आवेदन के लिए आवेदकों को आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक, स्व-सत्यापन फॉर्म, दो पासपोर्ट साइज फोटो देनी होगी। 18 से 50 वर्ष तक की महिलाओं को ही योजना का लाभ मिलेगा। सभी जिलों में कैंप लगाकर पात्र महिलाओं से आवेदन लिया जाएगा। कैंप में ही दस्तावेज की जांच और स्वीकृति दोनों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अगर आप के परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है, टैक्स जमा करता हो तो आप इस योजना में नहीं जुड़ सकती है। इन सब के बावजूद अगर आप योजना से जुड़ती है तो आप पर कार्रवाई भी की जा सकती है और फिर पैसे की वसूली भी की जाती है।

बिहार में बदल रहा मौसम: सुबह कोहरा लौटेगा, पारा होगा और नीचे

पटना बिहार में ठंड बढ़ने लगी है। पारा गिरकर 13 डिग्री तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा है कि 4 से 5 दिन तक पछुआ हवा के कारण मौसम शुष्क बना रहेगा सुबह और शाम हल्की ठंड रहेगी। पटना समेत कई इलाकों में कोहरा छाया रहेगा। मौसम विभाग ने कहा है कि पटना समेत राज्य के लगभग सभी जिलों में अगले दो दिन तक तापमान में कोई विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है लेकिन इसके बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट होगी। आम लोग सावधान रहें। गर्म कपड़े पहनकर ही सुबह और शाम में बाहर निकलें। इधर, आज के मौसम की बात करें तो पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, गोपालगंज, दरभंगा समेत कुछ जिलों में सुबह से ही हल्का कोहरा देखने को मिला। हालांकि नौ बजे तक पटना, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर भागलपुर गया मुंगेर समेत कई जगह धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश भागों के न्यूनतम तापमान मे कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है। इसके बिहार राज्य के अनेक भागों के न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री तक की गिरावट का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार का मौसम शुष्क बना रहा। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस पूर्णिया का दर्ज किया गया। वहीं राज्य का अधिकतम तापमान 26.9 से 30.8 सेल्सियस के बीच रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार राज्य के अनेक भागों के अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं दर्ज की गयी। वहीं कम न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस पूसा (समस्तीपुर) में दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 13 डिग्री से 20 डिग्री के बीच रहा। सबसे कम न्यूनतम दृश्यता 1000 मीटर पटना एवं पूर्णिया में दर्ज किया गया। हालांकि इन दोनों जगहों पर विमान सेवा प्रभावित नहीं हुई। 

कैबिनेट पोर्टफोलियो पर मंथन तेज: नीतीश के पास होम, BJP को हाउस मिलने की चर्चा गर्म

पटना बिहार के 10वीं बार सीएम बने नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के 26 मंत्रियों के बीच विभाग और मंत्रालय के बंटवारे का इंतजार चल रहा है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी (एलएनएमयू) के दीक्षांत समारोह में शामिल होने सुबह दरभंगा गए थे और दोपहर बाद पटना लौट आए हैं। अब सीएम हाउस और राजभवन के बीच औपचारिकता पूरी होने के बाद मंत्रियों के विभागों का ऐलान कभी भी हो सकता है। संभावना है कि आज शाम तक मिनिस्टर के मंत्रालय सामने आ जाएं। इस बीच चर्चा है कि पहले की तरह होम यानी गृह मंत्रालय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास ही रहेगा। बीजेपी को पहले की तरह हाउस यानी विधानसभा में स्पीकर का पद मिलेगा। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने गया टाउन सीट से 1990 से लगातार जीत रहे प्रेम कुमार को इस बार मंत्री नहीं बनाया है। सुशील मोदी और नंद किशोर यादव के जमाने से भाजपा के बड़े नेता रहे प्रेम कुमार विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए एक पसंद हो सकते हैं। मंत्रालयों में वित्त मंत्रालय समेत कई बड़े विभाग भाजपा कोटे के मंत्रियों को मिलने की अटकलें है, जिसमें उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, खान, पथ निर्माण और सहकारिता जैसे मंत्रालय शामिल हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) कोटे के मंत्रियों को संसदीय कार्य, शिक्षा, परिवहन, जल संसाधन, ग्रामीण विकास, भवन निर्माण जैसे मंत्रालय मिलने की चर्चा है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की 8वीं सरकार का गुरुवार को शपथ ग्रहण हुआ था, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री आए थे। सरकार में नीतीश के अलावा 26 मंत्री बनाए गए हैं। नीतीश ने जेडीयू की बैठक में कहा था कि खरमास के बाद एक कैबिनेट विस्तार होगा। मौजूदा मंत्रिमंडल में सीएम समेत बीजेपी के 14, जेडीयू के 9, लोजपा-रा के 2, हम और रालोमो के 1-1 मंत्री शामिल किए गए हैं। कैबिनेट में 9 और मंत्री बनाने की जगह है, जिसमें जेडीयू की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी होगी। नीतीश कैबिनेट के मंत्रियों के विभाग और मंत्रालय की लिस्ट- जब सरकार घोषणा करेगी तब यह लिस्ट अपडेट की जाएगी। अभी आप मंत्रियों के नाम, पद और उनकी पार्टी देख सकते हैं।

किसे मिला कौन-सा विभाग? नीतीश के नए मंत्रिमंडल का पूरा ब्योरा

पटना बिहार में नीतीश सरकार के गठन के बाद अब मंत्रियों के विभाग का भी बटवारा कर दिया गया है. विभाग बटवार से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच एक अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक के बाद बिहार कैबिनेट के सभी विभागों का मंत्रियों में बांट दिया गया. इस सूची को राज्यपाल को भी सौंपा गया है. मिली जानकारी के मुताबिक डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के पास गृहमंत्रालय है जबकि विजय कुमार सिन्हा को भूमि एवं राजस्व, खान एवं भूतत्व विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. खास बात यह है कि विभागों के आवंटन में वरिष्ठता, अनुभव और क्षेत्रीय एवं जातीय संतुलन को बड़ा ध्यान में रखा गया है. आइए जानते हैं कि विभाग बटवारे में किस को क्या मिला है? मुख्य चेहरे और उनकी जिम्मेदारियां – सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम) को गृह मंत्रालय की कमान मिली है, जो उनकी बढ़ती राजनीतिक मौजूदगी और भरोसे का संकेत है. – विजय कुमार सिन्हा (डिप्टी सीएम) को भूमि एवं राजस्व के साथ-साथ खान एवं भू-तत्व मंत्रालय सौंपा गया है- यह उनके प्रशासकीय अनुभव और क्षेत्रीय दायित्व को दिखाता है. – विजय कुमार चौधरीजल संसाधन और भवन मंत्रालय संभालेंगे, जो विकास एवं अवसंरचना दोनों के लिए अहम हैं. – वहीं दिलीप जायसवाल को उद्योग मंत्री बनाया गया है, जिससे बिहार की आर्थिक वृद्धि और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. – श्रवण कुमारग्रामीण विकास कार्य और परिवहन विभाग की कमान संभालेंगे, ग्रामीण इलाकों में बेहतर संपर्क और विकास को उनकी जिम्मेदारी दी गई है. – अशोक चौधरीग्रामीण कार्य मंत्रालय में रहेंगे, जिससे स्थानीय सुदृढीकरण और सरकारी योजनाओं की पहुंच बनी रहेगी. – मदन सहनीसमाज कल्याण मंत्री होंगे, उनका ध्यान कमजोर वर्गों की सेवा पर रहेगा. – रमा निषाद पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा कल्याण विभाग का नेतृत्व करेंगी, जिससे समाज में समानता और अवसरों का विस्तार सुनिश्चित हो सके. – लखेन्द्र पासवान को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्रालय मिला है, जो सामाजिक न्याय को और मजबूत करेगा. अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालय – मंगल पांडेय स्वास्थ्य एवं विधि विभाग का जिम्मा सौंपा गया है. उनकी जिम्मेदारी सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानूनी सुधार दोनों पर रहेगी. – लेशी सिंह खाद्य उपभोक्ता मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगी, जो खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता हितों के लिए अहम है. – नितिन नवीन पथ निर्माण, नगर विकास और आवास विभाग देखेंगे, जिससे शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार को बल मिलेगा. – सुनील कुमार शिक्षा मंत्री होंगे, जो विद्यार्थियों की शिक्षा-ज्‍यादा अपनत्व सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे. – रामकृपाल यादव हरित क्रांति को आगे बढ़ाते हुए कृषि मंत्रालय का नेतृत्व संभालेंगे. – जमा खान अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री होंगे, समुदायों के सशक्तिकरण पर ध्यान देंगे. – संजय टाइगर श्रम संसाधन मंत्री होंगे, रोजगार और मजदूरों के हितों की रक्षा करेंगे. – अरुण शंकर प्रसाद पर्यटन, कला और संस्कृति मंत्रालय देखेंगे, जिससे सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. – सुरेन्द्र मेहता पशु एवं मत्स्य विभाग संभालेंगे, जो कृषि से जुड़े पशु-उत्पादन को सुदृढ़ बनाएगा. – नारायण प्रसाद आपदा प्रबंधन मंत्रालय में काम करेंगे- प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की जिम्मेदारी उनकी होगी. – श्रेयसी सिंह सूचना और खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी लेंगी, जिससे खेल और संचार दोनों को बढ़ावा मिलेगा. – प्रमोद कुमार चंद्रवंशी सहकारिता, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को संभालेंगे, जो सतत विकास और पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है. – दीपक प्रकाश और संजय पासवान को भी मंत्री बनाया गया है, हालांकि उनके विभागों की भूमिका अभी विस्तृत नहीं की गई है. राजनीतिक संतुलन और चुनौतियां इस विभाग-वितरण ने यह दर्शाया है कि नीतीश कुमार की अगुवाई वाली नई सरकार में अनुभव और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को बराबर महत्व मिला है. वरिष्ठ मंत्रियों को उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्र में रखा गया है, जबकि सामाजिक न्याय और विकास मंत्रालयों में पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों को भी भरोसे का दायित्व सौंपा गया है. अब अगला कदम नई कैबिनेट की पहली बैठक होगी, जिसमें सरकार की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी और नई नीतिगत दिशा का खाका तैयार किया जाएगा.

हेमंत सरकार पर अजय साह का हमला: स्कूली बच्चों की योजनाओं में भी लूटखसोट

रांची झारखंड में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने राज्य सरकार के शिक्षा विभाग पर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। साह ने आज यहां पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि झारखंड में चौतरफा लूट खसोट मचा हुआ है। यह सरकार स्कूली बच्चों को भी लूट रही है। साह ने कहा कि पिछले दो वर्षों में शिक्षा विभाग और एमकेएस एंटरप्राइज़ के गठजोड़ के चलते आधार कार्ड निर्माण से जुड़ा लगभग 75 करोड़ रुपये का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। साह ने बताया कि मार्च 2023 में स्कूली बच्चों के नए आधार एनरोलमेंट और बायोमेट्रिक अपडेट के लिए जेईपीसी-जो शिक्षा विभाग के अधीन कार्य करता है-द्वारा एजेंसी चयन के लिए टेंडर जारी किया गया, जिसमें एमकेएस एंटरप्राइज को नियुक्त किया गया। साह ने कहा कि टेंडर की मूल प्रति, एजेंसी को जारी वर्क ऑडर्र, जेईपीसी निदेशक के तीन आधिकारिक पत्र और आरटीआई से प्राप्त सूचनाएं स्पष्ट रूप से दिखाती हैं कि छात्रों से आधार एनरोलमेंट या बायोमेट्रिक अपडेट के लिए किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जानी थी। प्रति छात्र 50 रुपये का भुगतान भारत सरकार द्वारा जेपीईसी को किया जाना था, जिसे आगे एजेंसी को दिया जाना था, लेकिन इसके विपरीत, अजय साह ने डिजिटल लेन-देन के दस्तावेज दिखाते हुए दावा किया कि जेपीईसी के संरक्षण में एमकेएस एंटरप्राइज ने पिछले दो वर्षों में स्कूलों में व्यापक अवैध वसूली की। उन्होंने बताया कि 250 ब्लॉक रिसोर्स सेंटर्स में प्रतिदिन औसतन 2,000 रुपये की उगाही होती रही और इसी आधार पर करीब 36 करोड़ रुपये छात्रों से गैरकानूनी रूप से वसूले गए। इतना ही नहीं, आधार एनरोलमेंट के नाम पर केंद्र सरकार से भी लगभग इतनी ही राशि ली गई। इसके अलावा एजेंसी ने राज्यभर के लगभग 500 'आधार सुपरवाइज़र' से ‘सिक्योरिटी मनी' के नाम पर करीब 2.5 करोड़ रुपये की और वसूली की। इन सभी आंकड़ों को जोड़ने पर घोटाले की कुल राशि लगभग 75 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। साह ने आरोप लगाया है कि जेईपीसी और एजेंसी की मिलीभगत सिर्फ अवैध वसूली तक सीमित नहीं रही, बल्कि आधार सुपरवाइजर का खुला शोषण भी हुआ। नौकरी देने के नाम पर पहले 50-50 हजार रुपये वसूले गए और जब सुपरवाइजर ने अपनी बकाया सैलरी की मांग की तो उन पर उल्टा लाखों रुपये का जुर्माना थोपकर उन्हें धमकाया गया। उन्होंने कहा कि एमकेएस एंटरप्राइज़ बिहार और बंगाल में भी फर्जी आधार कार्ड बनाने की गतिविधियों में शामिल है और इसकी गहन जांच आवश्यक है। इसके अलावा यह मामला करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग से भी जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच अपरिहार्य है। भाजपा ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच, जेईपीसी की भूमिका की स्वतंत्र जांच और एमकेएस एंटरप्राइज को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है। संवाददाता सम्मेलन में युवा मोर्चा मीडिया प्रभारी प्रिंस कुमार उपस्थित थे।  

जन सुराज के लिए जीवन समर्पित: प्रशांत किशोर ने घर सहित सारी संपत्ति दान की, बोले– कमाई का 90% भी दूंगा

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव में 238 सीटें लड़कर जीरो पर आउट हुई जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के नेता प्रशांत किशोर ने पार्टी को आगे चलाने के लिए दिल्ली का एक घर छोड़कर सारी संपत्ति पार्टी को दान करने का ऐलान कर दिया है। प्रशांत ने इसके साथ ही अगले पांच साल तक सलाह देने के बदले होने वाली कमाई का 90 फीसदी हिस्सा भी जन सुराज को डोनेट करने की घोषणा की है। पार्टी की हार के लिए चंपारण के गांधी आश्रम में 24 घंटे का प्रायश्चित उपवास तोड़ने के बाद पीके ने 15 जनवरी से बिहार में नए सिरे से पार्टी का अभियान शुरू करने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि जन सुराजी एक-एक वार्ड में जाएंगे और सरकार के वादों पर अमल करवाएंगे। प्रशांत ने कहा कि पार्टी महिलाओं का फॉर्म भरवाएगी, ताकि उनको 10 हजार रुपये मिले या बाद में मिलने वाला 2 लाख रुपया भी सरकार दे। प्रशांत ने कहा कि महिलाओं को 10 हजार देने वक्त कोई शर्त नहीं रखा गया लेकिन 2 लाख देने के नाम पर अफसर शर्त बताएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की जो शर्त जारी की है, उस शर्त के मुताबिक बिहार की डेढ़ करोड़ महिलाओं से फॉर्म भरवाकर जमा कराना जन सुराज के कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य के 1 लाख 18 हजार वार्ड में जाकर फॉर्म भरवाएंगे और जमा करवाएंगे। उन्होंने कहा कि या तो 2 लाख रुपया मिले या उनको सबक मिले कि भविष्य में गलती से वोट बेचना नहीं है। प्रशांत किशोर ने पार्टी को आगे चलाने के लिए संसाधन और पैसों की जरूरत पर चर्चा की और कहा कि 20 साल में उन्होंने जो भी कमाया है, दिल्ली का एक घर परिवार के लिए छोड़कर सारी चल-अचल संपत्ति वो जन सुराज पार्टी को दान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 साल तक जो भी वो कमाएंगे, उसका कम से कम 90 परसेंट पार्टी को डोनेट करेंगे। उन्होंने जन सुराज को साल में कम से कम 1000 रुपये दान करने की अपील आम लोगों से की है। उन्होंने यह भी कहा कि अब वो सिर्फ उनसे मिलेंगे, जो जन सुराज को कम से कम 1000 रुपये का दान देंगे। उन्होंने कहा कि अब संघर्ष का समय शुरू हो रहा है।