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अनियंत्रित ट्रैक्टर पलटा, युवक की मौके पर मौत, सड़क हादसा

बांका बिहार के बांका जिले में गुरुवार देर शाम भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें 22 वर्षीय युवक की जान चली गई। हादसा उस वक्त हुआ जब बालू लदा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दुर्घटना में ट्रैक्टर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, घटना जिले के रजौन प्रखंड अंतर्गत सिंहनान पंचायत में घटी। मृतक की पहचान रंजीत कुमार के रूप में हुई मृतक की पहचान रंजीत कुमार, पिता रिडल यादव, निवासी जामगांव (बलुआचक), थाना जगदीशपुर, जिला भागलपुर के रूप में की गई है। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि रंजीत कुमार बालू से लदा ट्रैक्टर लेकर दयालपुर की ओर जा रहे थे। रास्ते में तेज रफ्तार के चलते ट्रैक्टर असंतुलित होकर सड़क किनारे पलट गया। ट्रैक्टर का भारी इंजन रंजीत पर गिर पड़ा और वह उसके नीचे दब गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इधर, घटना की सूचना मिलते ही रजौन थाना के अपर थानाध्यक्ष रवि कुमार और एसआई संजय कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।

बिना वोटर ID भी मिलेगा वोट डालने का अधिकार, ECI बोले – पहचान की प्रक्रिया होगी सुनिश्चित

पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। इससे पहले चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है जिन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं लेकिन उनके पास मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) नहीं है तो भी वे वोट डाल सकते हैं। ऐसे मतदाताओं के लिए 12 विकल्प दिए गए हैं। यह निर्देश आयोग ने 7 अक्टूबर 2025 को जारी अधिसूचना के माध्यम से दिया, ताकि ऐसे मतदाता भी आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें जिनके पास मतदान के समय वोटर आईडी कार्ड उपलब्ध नहीं है। चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाता निम्नलिखित पहचान पत्रों में से किसी एक को दिखाकर मतदान कर सकते हैं। 1. आधार कार्ड 2. मनरेगा जॉब कार्ड 3. बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक 4. श्रम मंत्रालय या आयुष्मान भारत योजना के तहत जारी हेल्थ इंश्योरेंस स्मार्ट कार्ड 5. ड्राइविंग लाइसेंस 6. पैन कार्ड (PAN Card) 7. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के तहत जारी स्मार्ट कार्ड 8. भारतीय पासपोर्ट 9. फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज 10. केंद्र/राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र 11. सांसद (MP), विधायक (MLA), विधान परिषद सदस्य (MLC) को जारी आधिकारिक पहचान पत्र 12. समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड हालांकि चुनाव आयोग ने बताया कि बिहार और जिन आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, वहां लगभग सभी मतदाताओं को EPIC कार्ड जारी किए जा चुके हैं। साथ ही सभी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि नए मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के 15 दिनों के भीतर EPIC कार्ड प्रदान कर दिए जाएं। चुनाव आयोग ने दोहराया कि मतदान का अधिकार केवल उन नागरिकों को है जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं। पहचान पत्र दिखाना आवश्यक है, परंतु नाम सूची में न होने पर कोई भी व्यक्ति मतदान नहीं कर सकेगा। आयोग ने इस बार बुर्का या पर्दा ओढ़ने वाली महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा, “पर्दानशीन महिलाओं की गरिमा और गोपनीयता बनाए रखने हेतु महिला मतदान अधिकारियों और सहायक कर्मियों की उपस्थिति में उनकी पहचान की जाएगी।” आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा की 243 सीटों के चुनाव कार्यक्रम की भी घोषणा कर दी है। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। मतों की गिनती 14 नवंबर को की जाएगी। आयोग के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची में कुल 7.42 करोड़ मतदाता दर्ज हैं। इस वर्ष 24 जून तक यह संख्या 7.89 करोड़ थी, जबकि 1 अगस्त 2025 की ड्राफ्ट सूची में 7.24 करोड़ मतदाता दर्ज किए गए। आयोग ने बताया कि करीब 65 लाख नामों को हटाया गया है।

राजनीतिक अपडेट: बीजेपी अगले हफ्ते चुनेगी कैंडिडेट्स, NDA की लिस्ट 13 अक्टूबर को सार्वजनिक

पटना  बिहार विधानसबा चुनाव 2025 के मद्देनजर एनडीए के उम्मीदवारों की पहली लिस्ट 13 अक्टूबर को जारी होगी। इस सूची में गठबंधन के सभी पांचों दलों के कुछ उम्मीदवारों के नाम शामिल होंगे। बाद में प्रत्येक दल अपनी-अपनी सीटों के नाम अलग से जारी कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक 12 अक्टूबर को दिल्ली में हो सकती है। इससे पहले 11 अक्टूबर को बिहार बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक होगी। बिहार बीजेपी ने कल चार घंटे मीटिंग करके 110-115 सीटों पर कम से कम तीन नाम का पैनल दिल्ली भेज दिया है। अब पार्टी दिल्ली में अंतिम फैसला करेगी और किसे टिकट देना है। बताया जा रहा है कि बीजेपी ने हर सीट के लिए तीन-तीन नाम तैयार इसलिए किए हैं, ताकि कोर ग्रुप और बाद में सीईसी की बैठक में चर्चा के बाद उपयुक्त उम्मीदवार तय किए जा सकें। बीजेपी और जेडीयू ने की मैराथन बैठक गौरतलब है कि गुरुवार को बीजेपी और जेडीयू ने अलग-अलग बैठकें कीं, जिसमें उम्मीदवारों के चयन से लेकर सीटों के समीकरण तक पर चर्चा हुई। बीजेपी की बैठक में संगठन के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जबकि मुख्यमंत्री आवास पर जेडीयू की अहम बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल थे। दोनों ही दलों ने अपने-अपने स्तर पर चुनावी रणनीति पर मंथन किया। सम्राट चौधरी बोले- जल्द खुशखबरी मिलेगी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने बैठक के बाद कहा कि पार्टी सभी घटक दलों से बातचीत कर रही है और जल्द ही सीट बंटवारे को लेकर खुशखबरी मिलेगी। उन्होंने कहा, “एनडीए पूरी तरह से एकजुट है। सभी दलों से बात हो रही है और जल्द ही उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी।”  

8.5 लाख कर्मियों की तैनाती के साथ बिहार चुनाव की तैयारी पूरी, मतदान प्रक्रिया होगी सख्त निगरानी में

नई दिल्ली बिहार विधानसभा चुनाव और छह राज्यों के आठ विधानसभा क्षेत्रों और जम्मू-कश्मीर के लिए उपचुनावों की घोषणा के बाद, इन चुनावों को सुचारू रूप से कराने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। चुनाव आयोग ने गुरुवार को बताया कि बिहार में चुनाव के विभिन्न चरणों की सुचारू और व्यवस्थित प्रगति सुनिश्चित करने के लिए लगभग 8.5 लाख चुनाव अधिकारियों को तैनात किया गया है। आयोग ने कहा कि तैनात किए जाने वाले कर्मियों में लगभग 4.53 लाख मतदान कर्मी, 2.5 लाख पुलिस अधिकारी, 28,370 मतगणना कर्मी, 17,875 माइक्रो ऑब्जर्वर, 9,625 सेक्टर अधिकारी, मतगणना के लिए 4,840 माइक्रो ऑब्जर्वर और 90,712 आंगनवाड़ी सेविकाएं भी तैनात की जा सकती हैं। 90,712 बीएलओ और 243 ईआरओ सहित चुनाव मशीनरी मतदाताओं के लिए फोन कॉल पर और ईसीआईनेट ऐप पर बुक-ए-कॉल टू बीएलओ सुविधा के माध्यम से उपलब्ध है। आयोग ने प्रेस बयान में कहा कि डीईओ/आरओ स्तर पर कोई भी शिकायत/प्रश्न दर्ज करने के लिए कॉल सेंटर नंबर +91 (एसटीडी कोड) 1950 भी उपलब्ध है। चुनाव आयोग ने आगे कहा कि तैनात सभी कार्मिकों को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 28ए के प्रावधानों के अनुसार चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा। चुनाव आयोग ने बिहार की 243 विधानसभा सीटों के लिए एक-एक जनरल ऑब्जर्वर नियुक्त किया है, जो आयोग के लिए निगरानी का काम करेंगे। इसके अलावा, 38 पुलिस ऑब्जर्वर और 67 खर्च ऑब्जर्वर भी तैनात किए गए हैं। ऑब्जर्वर अपने-अपने क्षेत्रों में रहेंगे और राजनीतिक दलों व उम्मीदवारों से नियमित रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। बुधवार को चुनाव आयोग ने घोषणा की कि बिहार विधानसभा चुनाव में 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग मतदाता, दिव्यांगजन और सेवा मतदाता अपने वोट डाक मतपत्र (पोस्टल बैलट) के जरिए डाल सकेंगे। चुनाव आयोग के एक प्रेस नोट के अनुसार, यह सुविधा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(सी) के तहत प्रदान की जाएगी।

पंडाल और गेट हटाने का अल्टीमेटम: प्रशासन ने पूजा समितियों को दो दिन दिए

रांची झारखंड की राजधानी रांची जिला प्रशासन ने दुर्गा पूजा पंडाल, गेट एवं तोरण द्वार दो दिनों में हटाने का निर्देश दिया है। जिला प्रशासन ने कहा कि दुर्गा पूजा 2025 का पर्व दिनांक 02 अक्टूबर एवं विसर्जन 03 अक्टूबर को संपन्न हो चुका है, बावजूद इसके कई पूजा समितियों द्वारा बनाए गए अस्थायी पूजा पंडाल, गेट एवं तोरण द्वार अब तक नहीं हटाए गए हैं। इससे शहर में यातायात बाधित हो रहा है तथा दुर्घटनाओं की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। उक्त परिस्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा पूजा समितियों को निर्देश जारी किया गया है कि वे तत्काल प्रभाव से दो दिनों के भीतर अपने-अपने क्षेत्रों में बनाए गए अस्थायी पूजा पंडालों, गेट एवं तोरण द्वारों को खोलकर हटा दें। ज्ञातव्य है कि कि झारखंड उच्च न्यायालय ने डब्ल्यू.पी. (पीआइएल) न. 4838/2025 में दिनांक 23 सितंबर 2025 को अपने आदेश में यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि पूजा समाप्ति के पश्चात सभी पूजा पंडालों एवं तोरण द्वारों को हटाकर भूमि को पूर्ववत समतल बना दिया जाए। जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सार्वजनिक हित एवं यातायात की सुगमता को ध्यान में रखते हुए सभी पूजा समितियों के अध्यक्ष/सचिव यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित अवधि में सभी अस्थायी संरचनाओं को हटा दिया जाए तथा संबंधित स्थानों को समतल एवं सुव्यवस्थित कर दिया जाए।  

खून हम जलाएं, टिकट दूसरे को!—नाम सामने आते ही जन सुराज कार्यालय में हंगामा

पटना जन सुराज पार्टी में बड़ा बवाल हो गया है। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को प्रशांत किशोर की  जन सुराज पार्टी ने 51 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। प्रत्याशियों की सूची जारी होते ही पटना के जन सुराज कार्यालय में भारी हंगामा हो गया। बेनीपट्टी विधानसभा क्षेत्र से अवध किशोर झा को टिकट नहीं मिलने पर उनके समर्थकों ने टिकट बंटवारे में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। क्यों मचा बवाल जन सुराज पार्टी की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने सूची का एलान किया था। इस सूची में बेनीपट्टी से बेनीपट्टी से मोहम्मद परवेज़ आलम का नाम आते ही हंगामा शुरू हो गया। अवध किशोर झा के समर्थकों ने नारेबाजी की कि बेनीपट्टी में जन सुराज पार्टी को खड़ा करने में हमने खून जलाया है। अवध किशोर झा का ही नाम हमेशा चर्चा में रहा और अब अचानक नया नाम सामने आया है, जिसने कभी उस क्षेत्र की ओर झांका भी नहीं होगा। आज ही जारी हुई 51 प्रत्याशियों की पहली सूची  प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपने पहले 51 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में 7 सुरक्षित और 44 सामान्य सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। पार्टी ने जातीय संतुलन का ध्यान रखते हुए अति पिछड़ा वर्ग से 17 (16 हिंदू और 1 मुस्लिम), अन्य पिछड़ा वर्ग से 11, सामान्य वर्ग से 9 और अल्पसंख्यक वर्ग से 7 उम्मीदवार उतारे हैं। इसके अलावा, वाल्मीकिनगर विधानसभा सीट से एक अनुसूचित जनजाति उम्मीदवार को टिकट दिया गया है।

JDU को झटका, वरिष्ठ नेता ने चुनाव से पहले RJD में की शामिल

पटना बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पाला बदलने का सिलसिला शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में जेडीयू को एक बड़ा झटका लगा है।  बिहार सरकार के पूर्व मंत्री लक्ष्मेश्वर राय ने जदयू से इस्तीफा देकर राजद का थामन लिया है। लक्ष्मेश्वर राय बिहार सरकार में आपदा प्रबंधन मंत्री रह चुके है। लक्ष्मेश्वर राय ने आज ही आरजेडी की सदस्यता ग्रहण की है। गौरतलब हो कि 2015 के विधानसभा चुनाव में जदयू के टिकट पर लौकहा सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रमोद प्रियदर्शी को हराया था। इसके बाद उन्हें बिहार सरकार में आपदा प्रबंधन मंत्री बनाया गया। बता दें कि कल 10 अक्टूबर से पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। गौरतलब है कि बिहार में पहले चरण का मतदान 6 नवंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होना है। वहीं अभी भी महागठबंधन और एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर पेंच फंसा हुआ है।  

कर्पूरी ठाकुर की पोती समेत 51 उम्मीदवारों को मिला जनसुराज से टिकट

पटना बिहार विधानसभा चुनाव से जुड़ी खबर सामने आ रही है। प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें 51 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया गया है। प्रीति किन्नर को गोपालगंज जिले की भोरे से टिकट, भोजपुरी गायक रितेश पांडे को करगहर से टिकट मिली है। इनके अलावा दरभंगा सदर विधानसभा सीट से आर.के. मिश्रा, सहरसा शहर विधानसभा सीट से किशोर मुन्ना, छपरा शहर विधानसभा सीट से पूर्व एडीजी जेपी सिंह, इमामगंज विधानसभा सीट से अजीत राम, कुम्हार विधानसभा सीट से केसी सिन्हा, मांझी विधानसभा सीट से वाईवी गिरि को टिकट दिया गया है। जानिए किन्हें मिला टिकट- 1.    वाल्मीकि नगर – डॉ. द्रिग नारायण प्रसाद 2.    लौरिया – सुनील कुमार 3.    हरसिद्धि (एससी) – अवधेश राम 4.    ढाका – डॉ. लाल बाबू प्रसाद 5.    सुरसंड – उषा किरण 6.    रून्नीसैदपुर – विजय कुमार साह 7.    बेनीपट्टी – मोहम्मद परवेज आलम 8.    निर्मली – राम प्रवेश कुमार यादव 9.    सिक्ती – राघिब बब्लू 10.    कोचाधामन – अबू अफ्फान फारुक़ी 11.    अमौर – अफरोज आलम 12.    बैसी – मोहम्मद शाहनवाज आलम 13.    प्राणपुर – कुणाल निषाद उर्फ सोनू सिंह 14.    आलमनगर – सुभोध कुमार सुमन 15.    सहरसा – किशोर कुमार मुन्ना 16.    सिमरी बख्तियारपुर – सुरेंद्र यादव 17.    महिषी – शमीम अख्तर 18.    दरभंगा ग्रामीण – शोएब खान 19.    दरभंगा- आर. के. मिश्रा 20.    कोटी – बिल्लू साहनी 21.    मीनापुर – तेज नारायण साहनी 22.    मुजफ्फरपुर – डॉ. अमित कुमार दास 23.    गोपालगंज – डॉ. शशि शेखर सिन्हा 24.    भोरे (एससी) – प्रीति किन्नर 25.    रघुनाथपुर – राहुल कीर्ति सिन्हा 26.    दरौंधा – सत्येंद्र कुमार यादव 27.    मांझी – यदुवंश गिरी 28.    बनियापुर – श्रवण कुमार महतो 29.    छपरा – जय प्रकाश सिंह 30.    परसा – मुसाहब महतो 31.    सोनपुर – चंदन लाल मेहता 32.    कल्याणपुर (एससी) – राम बालक पासवान 33.    मोरवा – जागृति ठाकुर 34.    मठियानी – डॉ. अरुण कुमार 35.    बेगूसराय – सुरेंद्र कुमार साहनी 36.    खगड़िया – जयंती पटेल 37.    बेलदौर – गजेन्दर कुमार सिंह (निषाद) 38.    परबत्ता – विनय कुमार वरुण 39.    पीरपैंती (एससी) – घनश्याम दास 40.    बेलहर – ब्रज किशोर पंडित 41.    अस्थावां – लता सिंह 42.    बिहारशरीफ – दिनेश कुमार 43.    नालंदा – कुमारी पूनम सिन्हा 44.    कुम्हरार – के. सी. सिन्हा 45.    आरा – डॉ. विजय कुमार गुप्ता 46.    चेनारी (एससी) – नेहा कुमारी (नटराज) 47.    करगहर – रितेश रंजन (पांडेय) 48.    गोह – सीता राम दुखारी 49.    नबीनगर- अर्चना चंद्रा 50.    इमामगंज (एससी) – डॉ. अजीत कुमार 51.    बोध गया (एससी) – लक्ष्मण मांझी

शहीदों के परिजनों से मिले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, 1 करोड़ का सहायता चेक सौंपा

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कांके रोड, रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में पलामू जिला बल के शहीद आरक्षी सुनील कुमार राम एवं संतन कुमार मेहता के परिजनों ने मुलाकात की। मौके पर मुख्यमंत्री सोरेन ने शहीद आरक्षी सुनील कुमार राम एवं संतन कुमार मेहता के परिजनों को सम्मान राशि के रूप में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत निर्गत 1 करोड़ 10 लाख रुपए की वित्तीय सहायता राशि का चेक सौंपा। शहीद हुए दोनों आरक्षी जवानों के परिजनों के बैंक अकाउंट में 1 करोड़ 10 लाख – 1 करोड़ 10 लाख की सम्मान राशि क्रेडिट किए गए। मौके पर वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री सोरेन ने शहीद जवान के परिजनों से सहानुभूति पूर्वक आत्मीयता के साथ बात-चीत की तथा उनकी पारिवारिक स्थिति की पूरी जानकारी ली। उन्होंने शहीद परिजनों के दर्द को बांटा। उन्होंने शहीद के परिजनों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि राज्य सरकार सदैव आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने दोनों शहीद आरक्षी जवान के मां, पिता, पत्नी, बच्चे, भाई सहित अन्य परिजनों से बात की तथा पीड़ित परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहीद आरक्षी सुनील कुमार राम एवं संतन कुमार मेहता ने राज्यवासियों की सेवा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, उनकी शहादत को नमन करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार शहीद परिवार की पीड़ा को गहराई से समझती है। झारखंड हमेशा अपने शहीदों का ऋणी रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एवं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों के बेहतर समन्वय और प्रयास से आपको आज यह सम्मान राशि दी जा रही है। इस सम्मान राशि का बेहतर उपयोग करते हुए आप अपने बच्चों को सकारात्मक दिशा प्रदान करने का कार्य करें ताकि उनके बेहतर भविष्य का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके।  

झारखंड: गिरिडीह में माओवादी जोड़े ने किया आत्मसमर्पण, दोनों पर दर्ज हैं कई मुकदमे

गिरिडीह झारखंड के गिरिडीह जिले में 2 माओवादियों ने मुख्यधारा में शामिल होने के लिए अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह आत्मसमर्पण पपरवाटांड स्थित नए पुलिस केंद्र में 'नयी दिशा-एक नयी पहल' पहल के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में हुआ। उनकी पहचान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) क्षेत्र समिति के सदस्य शिवलाल हेंब्रम उर्फ ​​शिव और दस्ते की सदस्य सरिता हांसदा उर्फ ​​उर्मिला के रूप में हुई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), बोकारो के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अमित कुमार सिंह ने बताया, "दोनों पति-पत्नी हैं। पारसनाथ क्षेत्र की कमान उनके हाथों में थी। उन्होंने अपने पुनर्वास के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 'नयी दिशा-एक नयी पहल' पहल के तहत आत्मसमर्पण किया।" कार्यक्रम के दौरान गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव और पुलिस अधीक्षक बिमल कुमार भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि दोनों के खिलाफ जिले में 12 से अधिक मामले दर्ज हैं।