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सीएम डॉ. यादव ने शूटिंग चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को दी बधाई, कहा- प्रदेश को आप पर गर्व

प्रदेश के शूटिंग स्टार्स को सीएम की बधाई, डॉ. यादव बोले- युवाओं की मेहनत से बढ़ा मध्यप्रदेश का मान मानसी रघुवंशी ने स्वर्ण और ज्योतिरादित्य सिंह सिसोदिया ने जीता कांस्य पदक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कजाकिस्तान में जारी 16वीं एशियाई शूटिंग शॉटगन चैंपियनशिप में प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा स्वर्ण और कांस्य पदक जीतने पर प्रदेश के विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानसी रघुवंशी और ज्योरादित्य सिंह ने वैश्विक मंच पर देश और प्रदेश को गौरवान्वित किया है। एशियाई शूटिंग शॉटगन चैंपियनशिप के अंतर्गत जूनियर महिला वर्ग में मानसी रघुवंशी ने स्वर्ण पदक और ज्योतिरादित्य सिंह सिसोदिया ने जूनियर पुरुष वर्ग में कांस्य पदक जीते। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि कठिन परिश्रम, अटूट समर्पण और एकनिष्ठ ध्येय के पर्याय प्रदेश के खिलाड़ियों की यह उपलब्धि असंख्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल-खेल महोत्सव में प्रदेश के खिलाड़ियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की

पहले दिन ही जीते तीन पदक कृष्ण जाट, मयंक और मासूमा यादव को दी बधाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कश्मीर की प्रतिष्ठित डल झील में आयोजित देश के पहले 'खेलो इंडिया जल-खेल महोत्सव' के पहले दिन प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा तीन मैडल जीतने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कयाकिंग-केनोइंग की पृथक-पृथक श्रेणियों में रजत पदक जीतने वाले कृष्ण जाट, कांस्य पदक जीतने वाले मयंक और मासूमा यादव को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीन दिवसीय महोत्सव की आगामी प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के खिलाड़ी जल-खेल महोत्सव में पदक जीतने का कीर्तिमान स्थापित करेंगे।  

हाईकोर्ट में अफसरों ने मांगी माफी, संस्कृत विद्यालयों के छात्रों के लिए विशेष परीक्षा का आदेश

जबलपुर   मध्य प्रदेश में अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में उपस्थित हुए महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान भोपाल के संचालक प्रभात राज तिवारी एवं असिस्टेंट डायरेक्टर रेशमा लाल ने पूर्व में पारित आदेश का पालन नहीं करने पर बिना शर्त माफी मांगी। उन्होंने हाईकोर्ट में अभिवचन दिया कि संस्कृत विद्यालयों के जो विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होने से वंचित हुए हैं, उनके लिए विशेष परीक्षा का आयोजन करवाया जाएगा। छात्रों को परीक्षा के लिए आवेदन करने 7 दिन के लिए पोर्टल खोला जाएगा। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने दोनों अधिकारियों के अधिकारियों के बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए 45 दिन के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिये हैं। पुष्पांजली संस्कृत विद्यालय सिंगरौली और अन्य की तरफ से दायर की गई। अवमानना याचिका में कहा गया था कि महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान भोपाल ने पूर्व में एक आदेश जारी कर यह शर्त रखी थी कि उनके संस्थान से संबद्ध जिन विद्यालयों के छात्रों ने माशिमं या सीबीएससी से नौवीं या ग्यारहवीं परीक्षा उत्तीर्ण की है, उन्हें दसवीं और बारहवीं में परीक्षा में शामिल नहीं किया जाएगा। जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने उक्त आदेश को मनमाना मानते हुए निरस्त कर दिया था। हाईकोर्ट द्वारा आदेश निरस्त किये जाने के बावजूद भी संस्थान ने याचिकाकर्ता विद्यालयों के करीब 22 सौ विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल नहीं किया। जिसके कारण उक्त अवमानना याचिका दायर की गई थी। अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए विगत 14 अगस्त को हाईकोर्ट ने उक्त अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछा था कि नियम स्थगित करने के बावजूद याचिकाकर्ता संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल क्यों नहीं किया गया। पिछली सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने महर्षि पतंजली संस्कृत संस्थान भोपाल के दोनों अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। याचिकाकर्ता विद्यालयों की तरफ से अधिवक्ता एनएस रूपराह और मुस्कान आनंद ने पक्ष रखा।  

भोपाल से नहीं मिली अनुमति, ऑफिस में फर्नीचर के बिना चटाई पर काम करने को मजबूर एजीएम

ग्वालियर  सरकारी दफ्तरों में समानता की बात अभी भी सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आती है ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं कि दलित वर्ग से आने वाला एक अधिकारी अपने दफ्तर में चटाई पर बैठ कर काम करने को मजबूर है. पदस्थापना के करीब डेढ़ साल बाद भी ग्वालियर में भवन विकास निगम के सहायक महाप्रबंधक सतीश कुमार डोंगरे को अपने दफ्तर में कुर्सी टेबल तक नहीं मिली है. जातिगत भेदभाव या अनदेखी! ग्वालियर में मध्य प्रदेश भवन विकास निगम के दफ्तर में कभी जाना हो और वहां जमीन पर बैठ कर काम करते एक अधिकारी दिखे तो चौंकियेगा नहीं, क्योंकि ये अधिकारी हैं यहां पदस्थ सहायक महाप्रबंधक सतीश कुमार डोंगरे. इनके अधिकारियों ने ही इनका हाल बेहाल कर रखा है, यह सरकारी अफसर अपने दफ्तर में अन्य अधिकारियों से सिफर जमीन पर बैठकर काम करते हैं. लेकिन ये कोई शौक नहीं है बल्कि ये उनके साथ हो रहे भेदभाव की मिसाल है. सतीश कुमार डोंगरे भी अपने वरिष्ठों के इस व्यवहार से दुखी हैं. चटाई पर बैठ काम निपटा रहे सहायक महाप्रबंधक ग्वालियर के गोविंदपुरी इलाके में स्थित मध्य प्रदेश भवन विकास निगम के दफ्तर में पहुंचा तो पता चला कि यह ऑफिस किराए के भवन में संचालित है. लेकिन चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब इस दफ्तर में पदस्थ सहायक महाप्रबंधक अपने केबिन की जगह ऑफिस की जमीन पर चटाई बिछाए फाइलों का काम निपटाते दिखे और जब उनसे इसके पीछे का कारण पूछा तो जवाब बेहद हैरान करने वाला था. जातिगत भेदभाव और षड्यंत्र का आरोप भवन विकास निगम के सहायक महाप्रबंधक सतीश कुमार डोंगरे ने बताया कि "2023 में उनकी पदस्थापना बालाघाट जिले में थी लेकिन उनके उच्च अधिकारियों ने षड्यंत्र के तहत झूठा प्रकरण बनाकर पद से हटवा दिया लेकिन उन्होंने न्यायालय की शरण ली और जीत हासिल हुई. जिसके बाद नाखुश हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें 800 किलोमीटर दूर ग्वालियर में तबादला कर भेज दिया. इतना ही नहीं उन्होंने परेशान करने या उनके मन में जो जातिगत भेदभाव हैं उसके चलते यहां भी ठीक से काम नहीं करने दे रहे हैं." 'साथी अधिकारी को केबिन, मेरे लिए कुर्सी तक नहीं' सहायक महाप्रबंधक सतीश कुमार डोंगरे का कहना है कि, "इस दफ्तर में आए लगभग डेढ़ साल हो चुका है, यहां 3 अधिकारियों को पद के अनुरूप टेबल कुर्सी की पात्रता है. 2 को यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है लेकिन आज तक उन्हें पद के अनुरूप पात्रता के हिसाब से बैठने के लिए एक्जीक्यूटिव कुर्सी और एग्जीक्यूटिव टेबल नहीं दिया गया है. जबकि उनके समकक्ष साथी अक्षय गुप्ता हैं जो सामान्य वर्ग से आते हैं उन्हें अटैच लेटबाथ के एक साथ केबिन दिया गया है जिसमें उन्हें पात्रता के हिसाब सभी सुविधाएं दी गई हैं. वहीं मैं अनुसूचित जाति वर्ग से आता हूं और मेरे पास बैठने के लिए कुछ नहीं है. मैं चटाई पर बैठ कर अपना ऑफिस का काम और फाइलें निपटाते हैं." सभी के लिए व्यवस्था, डोंगरे की उपेक्षा! सतीश कुमार डोंगरे का यह भी कहना है कि "उप महाप्रबंधक के द्वारा कई बार कुर्सी टेबल की डिमांड भेजी गई है क्योंकि दफ्तर में 8 अधिकारी कर्मचारी पदस्थ हैं लेकिन यहां सिर्फ 4 टेबल कुर्सी हैं. जिन पर सभी लोग कहीं ना कहीं बैठ जाते हैं लेकिन डोंगरे का आरोप है कि उनके साथ उपेक्षा होती है. उन्हें बैठने के लिए स्थान तक नहीं दिया गया है इसलिए उन्हें मजबूरी में नीचे ही बैठना पड़ता है." भोपाल में बैठे अधिकारियों पर लगाया है आरोप सतीश कुमार डोंगरे का मानना है कि "डिमांड भेजने के बाद भी भोपाल से मानव संसाधन विभाग द्वारा उसे पूरा नहीं किया जा रहा है. ऐसे में उन्हें लगता है कि या तो वहां बैठे अधिकारी उनके प्रति जातिगत भेदभाव रखते हैं या पूर्व से किसी बात को लेकर कुंठित हैं." उच्च अधिकारी बोले-कुर्सी टेबल के लिए नहीं है फंड इन हालातों में एक महत्वपूर्ण सरकारी ऑफिस में काम कर रहे सतीश डोंगरे पिछले लगभग डेढ़ साल से इस तरह से अपमान का घूंट पी रहे हैं. सतीश कुमार डोंगरे कहते हैं कि "जब लोग दफ्तर में आते हैं तो उन्हें जमीन पर बैठा देखते हैं तो वे खुद को उपेक्षित महसूस करते हैं. इस मामले में मध्य प्रदेश भवन विकास निगम ग्वालियर के अतिरिक्त महाप्रबंधक अच्छेलाल अहिरवार से बात की गई तो उनका कहना था कि "कुर्सी टेबल के लिए भोपाल डिमांड भेज दी है जब उसके लिए फंड आएगा तब ही फर्नीचर उपलब्ध करा पाएंगे." इन हालातों से ये बात तो साफ है कि, पढ़ाई लिखाई कर अपनी मेहनत से अधिकारी का पद पाने वाले 2 अफसरों को अलग-अलग व्यवस्थाए दी जाएं तो यह भेदभाव का संकेत है लेकिन ताज्जुब इस बात का है कि जिस प्रदेश में विकास के प्रोजेक्ट्स के नाम पर हजारों करोड़ों रुपये सेंक्शन हो जाते हैं वहां 18 महीने से एक अधिकारी को कुर्सी टेबल के लिए फंड नहीं है. 

मानवता को सलाम: इंदौर में देह दान करने वाले को पहली बार गार्ड ऑफ ऑनर

इंदौर  इंदौर अंगदान में देश में पहले स्थान पर है। कई लोग देहदान भी इंदौर में करते है। शुक्रवार को पहला मौका था जब 80 वर्षीय अशोक वर्मा की इच्छा अनुसार उनकी देह एक निजी मेडिकल काॅलेज को सौंपी गई। उससे पहले पुलिस जवानों ने पार्थिव देह को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अभी तक गार्ड ऑफ ऑनर शहीदों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को दिया जाता है। मध्य प्रदेश सरकार ने आदेश जारी किए है कि जो भी व्यक्ति देह दान करता है। उनकी मृत्यु होने पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इस आदेश के बाद इंदौर में पहला देहदान सम्पन्न हुआ।जवाहर मार्ग निवासी अशोक वर्मा का गुरुवार रात निधन हो गया था। जब वे जीवित थे तो परिजनों से कहा था कि मृत्यु होने पर अंत्येष्टी करने के बजाए उनका देहदान किया जाए। परिजन ने देहदान, नेत्रदान एवं त्वचादान के लिए दधीचि मिशन से संपर्क किया लेकिन तकनीकी कारण से नेत्रदान एवं त्वचादान संभव नहीं हो पाया। शुक्रवार सुबह उनकी अंतिम यात्रा निकली और अरविंदो मेडिकल काॅलेज पहुंची। यहां गार्ड ऑफ ऑनर के लिए पुुलिस जवान पहले से मौजूद थे। शस्त्रों से श्री वर्मा को सलामी दी गई।इसके बाद देह काॅलेज प्रबंधन को सौप दी गई। अंगदान समिति के नंदकिशोर व्यास ने बताया कि श्री वर्मा ने कुछ वर्षों पहले देहदान की स्वीकृति दी थी। उनकी राजवाड़ा पर मेडिकल शाॅप है। वहां भी उन्होंने कई लोगों से देहदान के लिए संकल्प पत्र भरवाए थे। उनके एक बेटे का युवा अवस्था में निधन हो गया था। बेटे का भी उन्होंने देहदान किया था। इसके बाद पुत्रवधू का उन्होंने पुनर्विवाह भी कराया था।  

शिव मंदिर में नंदी की प्रतिमा खंडित करने वाले दो आरोपी मैहर में सलाखों के पीछे

मैहर धार्मिक नगरी मैहर में धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने की साजिश को अंजाम देने वाले आरोपियों को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाली थाना क्षेत्र के संकुटा तालाब किनारे बने शिव मंदिर में भगवान नंदी की मूर्ति खंडित करने के मामले में पुलिस ने 72 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस के मुताबिक दिनांक 18 अगस्त को मैहर जिले के संकुटा तालाब के किनारे स्थित शिव मंदिर में नंदी भगवान की मूर्ति खंडित पाई गई थी। इस घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया था। कोतवाली पुलिस ने तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस की त्वरित कार्रवाई वही, मैहर पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने मामले को संज्ञान में लेते हुए थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अनिमेष द्विवेदी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसराइल और नावेद ने शराब के नशे में तोड़ी थी नदी की मूर्ति जांच के दौरान टीम ने घटना स्थल और आसपास के इलाकों में सघन पूछताछ की। इसी आधार पर पुलिस ने मो. इसराइल उर्फ इस्सी (36 वर्ष), निवासी चिकान मोहल्ला, मैहर को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि अपने साथी नावेद अहमद (23 वर्ष) निवासी पुरानी बस्ती, मैहर के साथ संकुटा तालाब के पास शराब पीने के बाद नशे में नंदी भगवान की मूर्ति खंडित की थी। दोनों आरोपी पहुंचे जेल अमर्यादित कृत्य स्वीकार करने के बाद पुलिस ने आरोपी मो. इसराइल उर्फ इस्सी को 18 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, फरार चल रहे उसके साथी नावेद अहमद को पुलिस ने 21 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे भी जेल भेज दिया गया है।

मुस्लिमबहुल इलाके की सड़कों के नाम बदलने पर बवाल, इंदौर में साइनबोर्ड हटाए गए

इंदौर इंदौर के एक मुस्लिमबहुल इलाके की सड़कों के नामों को लेकर विवाद के बाद बृहस्पतिवार को नगर निगम ने विवादित साइनबोर्ड हटा दिए और स्थानीय प्रशासन ने कहा कि वह इन मार्गों के कथित तौर पर अवैध नामकरण के कारण क्षेत्रीय पार्षद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि चंदन नगर की कुछ सड़कों का नया नामकरण ‘धर्म विशेष' के नामों के आधार पर कर दिया गया है और शहरी निकाय के कर्मचारियों ने सड़कों पर ‘परिवर्तित नामों' के साइनबोर्ड भी लगा दिए हैं. कैलाश विजयवर्गीय के बेटे ने दी चेतावनी आकाश, मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं. उन्होंने आयुक्त को लिखे पत्र में चेतावनी दी कि अगर ‘परिवर्तित नामों' के बोर्ड सड़कों से तुरंत नहीं हटाए गए, तो ‘उग्र आंदोलन' किया जाएगा. मामले के तूल पकड़ने पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा,‘‘चंदन नगर के वॉर्ड क्रमांक दो की पार्षद फातमा रफीक खान ने अवैधानिक तौर पर इस क्षेत्र की पांच सड़कों का नया नामकरण करके नगर निगम के कर्मचारियों से साइनबोर्ड लगवाए. इसकी सूचना मिलने पर ये साइनबोर्ड हटवा दिए गए हैं.'' भार्गव ने कहा कि उन्होंने इस मामले में क्षेत्रीय पार्षद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. महापौर के आरोप को पार्षद ने किया खारिज उधर, पार्षद के पति रफीक खान ने महापौर के इस आरोप को खारिज किया कि उनकी पत्नी ने मुस्लिमबहुल वॉर्ड की सड़कों का नया नामकरण कर दिया है. उन्होंने कहा,‘‘हमने दो साल पहले नगर निगम को पत्र लिखकर चंदन नगर क्षेत्र के घनी बसाहट वाले इलाकों की सड़कों पर साइनबोर्ड लगाने का अनुरोध किया था ताकि लोगों को पता ढूंढने में आसानी हो. इसके बाद नगर निगम ने ही इन सड़कों के करीब 40 साल से प्रचलित नामों के आधार पर संबंधित साइनबोर्ड लगवाए.'' खान ने कहा कि सड़कों के विवादास्पद साइनबोर्ड हटाये जाने पर उनकी ओर से हालांकि कोई विरोध नहीं जताया गया है, लेकिन वह और उनकी पत्नी महापौर से मिलकर उनके सामने अपना पक्ष जरूर रखेंगे. सड़कों के बदल दिए नाम चंदन नगर क्षेत्र की सड़कें दशकों से चंदू वाला रोड, लोहा गेट रोड, मिश्रा रोड, आम वाला रोड नाम से पहचानी जा रही हैं। हाल ही में इन सड़कों के नाम बदलकर बोर्ड लगा दिए गए थे। इसमें चंदू वाला रोड को गौसिया रोड, लोहा गेट को रजा गेट, मिश्रा रोड को ख्वाजा रोड और आम वाला रोड को हुसैन रोड बताया गया। इसकी खबर लगते ही रहवासी आक्रोशित हो गए। उनका कहना था कि दशकों से ये सड़कें पुराने नामों से जानी जा रही हैं। रातोरात इन सड़कों का नाम बदला गया है। क्षेत्र में इसे लेकर हंगामा हो गया। पूर्व विधायक ने मामले को लेकर महापौर को पत्र भी लिखा। सूचना महापौर तक पहुंची जिसके बाद निगम की टीम ने कार्रवाई की। नगर निगम ने साइन बोर्ड हटाएं नगर निगम ने चंदन नगर में जो विवादास्पद साइनबोर्ड हटाए हैं, उनमें एक ही सड़क के दो प्रचलित नाम लिखे गए थे. मसलन एक साइन बोर्ड पर ‘सकीना मंजिल रोड' के साथ ही 'चंदन नगर सेक्टर-बी वॉर्ड क्रमांक दो' भी लिखा गया था. इसी तरह, अन्य साइनबोर्ड पर ‘रजा गेट' के साथ ही ‘लोहा गेट रोड' भी लिखा गया था. क्षेत्रीय नागरिक अब्दुल वाहिद खान ने बताया,‘‘हमारे इलाके में हटाए गए एक साइन बोर्ड में जनता की सुविधा के लिए गौसिया रोड के साथ ही चंदू वाला रोड भी लिखा गया था क्योंकि इस सड़क के दोनों नाम प्रचलित हैं. जाहिर तौर पर साइनबोर्ड हटाए जाने से आम लोगों को पता ढूंढने में परेशानी होगी.''

टैक्स डिफाल्टर रैंकिंग: इंदौर नंबर-1, भोपाल और जबलपुर बाद में, ग्वालियर सबसे कम

 ग्वालियर  परिवहन विभाग हर वाहन से परिवहन कर वसूल करता है। यह टैक्स दो तरह से वसूला जाता है। व्यक्तिगत वाहनों से एक मुश्त और व्यावसायिक वाहनों से तीन, छह व वार्षिक आधार पर। जिन व्यावसायिक वाहनों का टैक्स उनके मालिक नहीं भरते हैं, वे डिफाल्टर हो जाते हैं। परिवहन टैक्स डिफाल्टर प्रदेश के हर जिले में हैं, लेकिन प्रदेश के चार महानगरों में सबसे कम टैक्स डिफाल्टर ग्वालियर में हैं। सबसे अधिक डिफाल्टर प्रदेश के सबसे बड़े महानगर इंदौर में हैं। इसके बाद नंबर भोपाल और जबलपुर का है। बता दें कि कार, बाइक जैसे व्यक्तिगत वाहनों से विभाग पंजीयन के समय ही एक मुश्त परिवहन कर वसूल कर लेता है, लेकिन वहीं व्यावसायिक उपयोग यानी माल ढोने से यात्रियों को लाने ले जाने वाले वाहनों से तीन महीने, छह महीने व वार्षिक तौर पर टैक्स लेता है। इस तरह डिफाल्टरों से वसूला जाता है टैक्स परिवहन विभाग टैक्स न देने वाले व्यावसायिक वाहनों के मालिकों को पहले अपने कार्यालय व चेकपोस्ट के माध्यम से नोटिस देता है। नोटिस के बाद भी यदि टैक्स जमा नहीं किया जाता है, तो विभाग वाहन जब्त करता है और जुर्माना भी लगाता है। साथ ही परिवहन विभाग के अफसर सड़कों पर चेकिंग कर वाहनों से टैक्स वसूलते हैं और चेक पोस्ट पर भी वाहनों की जांच करता है। महानगरों में टैक्स डिफाल्टर की स्थिति     इंदौर –                    41396     भोपाल –                 19867     जबलपुर –              13124     ग्वालियर –              12099 अन्य प्रमुख शहरों में टैक्स डिफाल्टर शहर टैक्स डिफाल्टर     उज्जैन – 9316     रीवा – 7893     मुरैना – 7349     सागर – 4297     छिंदवाड़ा – 4303     शिवपुरी – 3976     भिंड – 1599     दतिया – 904     श्योपुर – 580 टैक्स वसूली के नियमित प्रयास होते हैं     ग्वालियर में वाहनों से परिवहन टैक्स की वसूली के नियमित प्रयास होते हैं। इस वजह से ग्वालियर में चारों महानगरों की तुलना में डिफाल्टरों से टैक्स वसूलने में आगे हैं। डिफाल्टर वाहनों से टैक्स वसूली नोटिस, चेकिंग व उन्हें जब्त करने के माध्यम से की जाती है। – विक्रमजीत सिंह कंग, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, ग्वालियर।  

MP में झमाझम बारिश का अलर्ट, 24 जिलों में दो दिन तक मौसम रहेगा मेहरबान

भोपाल  मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर छह मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। मानसून द्रोणिका भी प्रदेश से होकर गुजर रही है। इसके चलते विभिन्न जिलों में रुक-रुककर बारिश (Rain in Madhya Pradesh) का सिलसिला जारी है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार-शनिवार को ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल एवं उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश (Heavy Rain in MP) हो सकती है। शेष क्षेत्रों में बादल छंट सकते हैं, लेकिन बीच-बीच में हल्की बौछारें पड़ने की भी संभावना है।मध्यप्रदेश में इन दिनों एक मानसून ट्रफ उत्तरी और पश्चिमी हिस्से से गुजर रही है। एक अन्य ट्रफ बीचोंबीच में है। एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है। इस वजह से तेज बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार सुबह भोपाल में रिमझिम बारिश हुई। फिर धूप निकल आई। मध्य प्रदेश के 24 जिलों अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, गुना, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, भिंड, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, आगर मालवा, देवास, मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर और उज्जैन में आज और कल भारी बारिश हो सकती है। नर्मदापुरम में तवा डैम का एक गेट 3 फीट तक खोलकर 5146 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। श्योपुर में सीप नदी के उफान पर आने से निचली बस्तियों में पानी भर गया। बोदल की पुलिया बहने से सवाई माधोपुर रोड बंद हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आज श्योपुर, नीमच और मंदसौर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, रतलाम, आगर-मालवा, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। बाकी जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। श्योपुर में सबसे ज्यादा 3.2 इंच पानी गिरा पिछले 24 घंटे के दौरान श्योपुर में सबसे ज्यादा 3.2 इंच पानी गिर गया। गुना में 1.7 इंच, रतलाम में 1.5 इंच, शिवपुरी में 1.3 इंच, भोपाल में 1.2 इंच, रायसेन में 1.1 इंच और पचमढ़ी में 1 इंच बारिश हुई। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बैतूल, नर्मदापुरम, दमोह, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, खंडवा, मंडला, सागर, बालाघाट, टीकमगढ़, उमरिया, खरगोन, सतना, रीवा, छतरपुर, दतिया में भी बारिश हुई। मौसम की वर्तमान स्थिति मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मानसून ट्रफ माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर नलिया, वल्लभ, विद्दानगर, बैतूल, मंडला से होते हुए गुजर रही है. एक मानसून ट्रफ मध्यप्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्से से गुजर रही है. एक अन्य ट्रफ बीचोंबीच में एक्टिव है. वहीं, एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन भी एक्टिव है. जिसके चलते प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी है.  इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने आज धार, उज्जैन, श्योपुर, नीमच और मंदसौर में भारी से अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है. इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान साढ़े 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है.  इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, आज यानी शुक्रवार को  ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, रतलाम, आगर-मालवा, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में तेज बारिश का येलो अलर्ट है. वहीं, बाकी के जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.  कल कैसा रहेगा मध्य प्रदेश का मौसम अगर बात करें कल यानी 23 अगस्त के मौसम की तो इस दिन भी प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग के मुताबिक, 23 अगस्त यानी शनिवार को ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश का येलो अलर्ट है. वहीं, प्रदेश के बाकी जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट जारी है.  कल कहां कितनी हुई बारिश अगर बात करें कल यानी गुरुवार को हुई बारिश के आकड़ों की तो इस दिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश हुई. गुरुवार को दिनभर हुई बारिश के आकड़ों के मुताबिक, बैतूल में चार मिलीमीटर, भोपाल में 12, दतिया में दो, ग्वालियर में 25, गुना में 25, ग्वालियर में दो, नर्मदापुरम में तीन, इंदौर में पांच, पचमढ़ी में 11, रायसेन में 13, रतलाम में 23, श्योपुर में 12, शिवपुरी में 30, उज्जैन में दो, छिंदवाड़ा में 6, दमोह में दो, नरसिंहपुर में 15, सागर में 22, सिवनी में 7, उमरिया में चार और बालाघाट में 8 मिलीमीटर बारिश हुई है. वहीं, पिछले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर में 53.8, नर्मदापुरम में 25.02, खंडवा में 21,पचमढ़ी में 25.02, रतलाम में 97, उज्जैन में 21, दामोह में 66, नरसिंहपुर में 73 मिली मीटर पानी गिरा है.    

IPS अधिकारियों का तबादला: मंदसौर और नरसिंहपुर SP बदले, 9 अफसरों की नई पोस्टिंग

भोपाल   सरकार ने  देर रात नौ आइपीएस अफसरों के तबादले किए। नरसिंहपुर एसपी मृगाखी डेका की जगह इंदौर जोन-4 उपायुक्तत ऋषिकेश मीना को एसपी बनाया है। डेका को एआइजी भोपाल मुख्यालय पदस्थ किया है। मंदसौर एसपी अभिषेक आनंद को हटाकर सेनानी प्रथम वाहिनी विसबल इंदौर भेजा है तो मंदसौर का नया एसपी इंदौर जोन-1 के उपायुक्त विनोद कुमार मीना को बनाया है।  इन्हें भी किया इधर से उधर भोपाल जोन-4 के उपायुक्त जितेंद्र सिंह पंवार को यातायात का जिम्मा दिया है। उज्जैन एएसपी मयूर खंडेलवाल को भोपाल जोन-4 का उपायुक्त बनाया है। खंडेलवाल की जगह सिंगरौली एएसपी अभिषेक रंजन को भेजा है। जबलपुर एएसपी आनंद कलादगी को हटाकर इंदौर के जोन-4 का पुलिस उपायुक्त बनाया है। ग्वालियर एएसपी कृष्ण लालचंदानी को इंदौर जोन-1 का उपायुक्त नियुक्त किया है।