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सुविख्यात पार्श्व गायक किशोर कुमार ने जीवन के हर रंग से साक्षात्कार कराया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के गौरव, सुविख्यात पार्श्वगायक एवं अभिनेता किशोर कुमार की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवन के हर रंग से साक्षात्कार कराते खंडवा की माटी के लाल स्व. किशोर कुमार के कालजयी गीत और सदाबहार आवाज का जादू आज भी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किशोर कुमार ने आपातकाल के दौर में तत्कालीन निरंकुश सत्ता का प्रतिकार करते हुए राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण दिखाया था।  

MP हाउसिंग बोर्ड की प्रॉपर्टी अब डिजिटल! 80 लाख दस्तावेज डिजीलॉकर में होंगे संरक्षित

भोपाल  मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड से जुड़ी 80 लाख प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट अब डिजी लॉकर पर भी मिलेंगे। ऐसे में अब डॉक्यूमेंट आग लगने या चोरी होने पर भी सुरक्षित रहेंगे। अभी 75 हजार आवंटियों की प्रॉपर्टी को सुरक्षित किया गया है। हाउसिंग बोर्ड ने अपने आवंटियों की प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित करने के लिए डिजिटाइजेशन का काम करीब पूरा कर लिया है। अब तक बोर्ड 75 हजार से ज्यादा आवंटियों की 80 लाख संपत्तियों के दस्तावेज और नस्तियां ऑनलाइन कर चुका है 80 लाख प्रॉपर्टी दस्तावेज और नस्तियां 8 महीने तक स्केन करके ऑनलाइन किए गए हैं। इस डॉक्यूमेंट को हाउसिंग बोर्ड ने डिजी लॉकर एप पर भी अपलोड कर दिया है। यानी, किसी आवंटी को अपने डॉक्यूमेंट की जरूरत है या देखना है तो वह अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करके अपने दस्तावेज डिजी लॉकर पर देख सकता है। कुल 101 तहत के डॉक्यूमेंट ऑनलाइन डिजी लॉकर पर मप्र शासन के 101 तरह के दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उनमें अब हाउसिंग बोर्ड भी आ गया है। चोरी होने, आग लगने या किसी प्राकृतिक आपदा में डॉक्यूमेंट गायब होने की समस्या अब खत्म हो जाएगी। बोर्ड से किसी भी तरह की प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोग अब बिना ऑफिस के चक्कर लगाए 30-40 साल पुरानी प्रॉपर्टी के भी पेपर ऑनलाइन देख सकते हैं। बोर्ड अपने डेढ़ लाख से ज्यादा आवंटियों के लेजर (खाता) पहले ही ऑनलाइन कर चुका है। बोर्ड के डिप्टी कमिश्नर एवं चीफ आईटी ऑफिसर एमके साहू ने बताया कि पूरे डॉक्यूमेंट्स को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाने में करीब 8 महीने लगे हैं। अभी भी टीम काम कर रही है। इससे आवंटियों को बड़ा फायदा मिलेगा। डिजिटलाइजेशन से ये फायदा     चोरी होने, आग लगने या किसी भी प्राकृतिक आपदा में दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे।     आवंटी को अपने किसी भी डॉक्यूमेंट की जानकारी के लिए बोर्ड के लोकल ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने होंगे।     किसी कानूनी विवाद की स्थिति में आवंटी के पास सभी पेपर उसके मोबाइल में मौजूद रहेंगे।     30-40 सल पुराने दस्तावेज ढूंढने में कोई परेशानी नहीं होगी।     नामांतरण और हस्तांतरण जैसी प्रक्रिया में फाइल न मिलने जैसी समस्या दूर होगी। काम आसान होगा।     जो जानकारी आरटीआई के तहत मांगी जाती थी वो ऑनलाइन मिल जाएगी।     प्रॉपर्टी के एग्रीमेंट पेपर, लीज एग्रीमेंट, पेमेंट की रसीद जैसे पेपर ऑनलाइन अपलोड होंगे।     50 साल बाद भी नामांतरण-हस्तांतरण के लिए दस्तावेज ढूंढने नहीं पड़ेंगे। प्रॉपर्टी की खरीद-बेच में पारदर्शिता आएगी। 40 साल पुराने डॉक्यूमेंट भी ऑनलाइन हाउसिंग बोर्ड अपने डेढ़ लाख से ज्यादा आवंटियों के 30 से 40 साल पुराने दस्तावेज भी ऑनलाइन कर रहा है। बोर्ड की वेबसाइट पर आवंटी अपने 40 साल पुराने पेपर भी घर बैठे देख सकता है। 75 हजार लोगों का प्रॉपर्टी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड हो गया है और बाकी लोगों के डॉक्यूमेंट की स्कैनिंग फेज वाइज चल रही है। सभी 15 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हाउसिंग बोर्ड ने संपत्ति के नामांतरण, हस्तांतरण, एनओसी जैसी अपनी सभी 15 सुविधाएं ऑनलाइन कर दी हैं। इन सुविधाओं के लिए पहले आवंटी को बोर्ड के कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब सभी प्रकार की राशि ऑनलाइन ही जमा हो रही हैं। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस द्वारा सूचना दी जाती है। हर पेमेंट की डिटेल ऑटो मोड में ऑनलाइन अपडेट होती है। कमिश्नर बोले-डेटा और दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड में प्रॉपर्टी बुक करने से लेकर पेमेंट तक सभी काम ऑनलाइन होता है। डिजिटल होते जमाने में आवंटियों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए डिजिटलाइजेशन का काम भी तेजी से किया जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि सभी आवंटी घर बैठे अपने सभी डॉक्यूमेंट एक्सेस कर पाएं। साथ ही उनका दस्तावेज सुरक्षित रहे।

शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए बेहतर प्रयासों से विश्वविद्यालय को मिली नैक की ए ग्रेडिंग

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल को नेशनल असेंसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल ‘नैक’ की “ए ग्रेडिंग” मिलने पर बधाई दी है। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रबंधन, संकाय और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि यह प्रदेश में शैक्षणिक गुणवत्ता के लिये बेहतर प्रयासों का सुफल है। राज्यपाल पटेल को यह जानकारी बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु सुरेश कुमार जैन ने राजभवन पहुंच कर दी। राज्यपाल पटेल ने कहा है कि विश्वविद्यालय को नैक द्वारा “ए ग्रेडिंग” मिलना शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान, कार्य कुशल प्रबंधन और नवाचारों की उत्कृष्टता का प्रमाण है। इससे विश्वविद्यालय की पहचान मजबूत होगी। विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय शोध और उच्च अध्ययन के नये अवसर सृजित होंगे। विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट संभावनाएं भी बढ़ेंगी। साथ ही विश्व के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ समन्वय, सहभागिता और शोध अनुदान आदि की स्थिति बेहतर होगी।  

कैदियों से राखी पर मुलाकात सीमित: बहनों को सिर्फ 15 मिनट, मिठाई पर पाबंदी

उज्जैन  केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में बंद कैदियों को रक्षाबंधन पर्व पर उनकी बहनें राखी बांध सकेंगी। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक जेल प्रशासन विशेष मुलाकात करवाएगा। जेल कैंटीन से महिलाएं मिठाई, फल व नारियल खरीद सकेंगी। केंद्रीय जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू ने बताया कि 9 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में विभिन्न मामलों में बंद कैदियों को उनकी बहनों द्वारा राखी बांधने की विशेष व्यवस्था की जा रही है। हालांकि रक्षाबंधन पर शासकीय अवकाश होने के बावजूद पूर्व वर्षों से जारी परंपरा को देखते हुए भाई-बहनों के मुलाकात की व्यवस्था की गई है। बंदियों से उनकी बहनों की मुलाकात एवं रक्षाबंधन विशेष सुरक्षा प्रबंध के दायरे में होंगे। इन निर्देशों का करना होगा पालन     रक्षाबंधन पर केवल महिलाओं को मुलाकात दी जाएगी।     मुलाकात का समय सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक रहेगा।     समय-सीमा 15 मिनट रहेगी।     बहनों के साथ तीन वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।     मुलाकात पंजीयन के लिए फोटोयुक्त परिचय-पत्र अथवा आधार कार्ड की छायाप्रति साथ होना अनिवार्य है।     एक बंदी से एक ही बार मुलाकात होगी। सभी बहनें एक साथ आएं।     स्टील की थाली जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।     मुलाकात के पूर्व महिला स्टाफ को सघन तलाशी देना जरूरी होगा।     थाली में राखी, कुमकुम, चावल, फूटा हुआ नारियल, एक फल व 250 ग्राम मिठाई जेल कैंटीन से खरीदी जा सकेगी। मुलाकात के दौरान इन वस्तुओं पर रहेगा प्रतिबंध महिलाएं अपने साथ झोला, बैग, पर्स, केरीबैग आदि नहीं ले जा सकेंगी। इसके अलावा नकद राशि, मोबाइल, नशीली वस्तु, धारादार वस्तुएं एवं बाहर से निर्मित खाद्य सामग्री एवं मिठाई नहीं ले जा पाएंगी। नियम एवं निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित के विरूद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

खाद वितरण में पारदर्शिता की तैयारी: किसानों के लिए बनेगा डेबिट कार्ड, ब्लैक मार्केटिंग होगी बंद

 राजगढ़ मध्यप्रदेश में खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए किसानों को डेबिट कार्ड पर खाद देने की व्यवस्था बनाई जा रही है। राजगढ़ में भी जिले की 140 सहकारी समितियों में किसानों को डेबिट कार्ड के जरिए खाद देने की व्यवस्था की जा रही है। सहकारी बैंकों से सबद्ध किसानों को अब डेबिट कार्ड मुहैया कराया जाएगा। इसी के माध्यम से उन्हें रबी और खरीफ के सीजन में खाद मिलेगा। यानी एटीएम की तर्ज पर कम्प्यूटरीकृत ब्रांच में जाकर उन्हें कार्ड स्वैप करना होगा, तभी खाद मिल पाएगा। डेबिट कार्ड से मिलेगा किसानों को खाद सहकारी समितियों की हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में हाल ही में वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं। राजगढ़ जिले में भी सहकारी समितियों के तहत आने वाले किसानों के अब डेबिट कार्ड बनेंगे। एटीएम में जिस तरह से कैश निकाला जाता है उसी हिसाब से उक्त कार्ड के माध्यम से खाद मिलेगा। जिससे खाद की पूरी एंट्री ऑनलाइन रहेगी। हालांकि प्रबंधक का कहना है कि अभी भी खाद का वितरण पीओएस मशीन से किया जाता है लेकिन नई व्यवस्था से और पारदर्शिता आएगी। 15 अगस्त से कार्ड बनना शुरू होंगे। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि अगस्त माह के बाद बिना डेबिट कार्ड के किसी भी किसान को खाद नहीं दिया जाएगा। सभी बैंकों की ओर से इस पर सख्ती से अमल करवाने के लिए निर्देशित किया गया। सभी समिति प्रबंधकों इसकी जिम्मेदारी दी गई है। डेबिट कार्ड से खाद बांटने पर ये होंगे फायदे..     खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा, ये फायदे भी-     डेबिट कार्ड होने से वही किसान खाद ले पाएगा जिसका कार्ड हो।     एक तय लिमिट तक ही डेबिट कार्ड के माध्यम से खाद खरीदा जा सकेगा।     जरूरत से ज्यादा कोई खाद नहीं ले सकेगा, जितना तय होगा उतना ही मिलेगा।     किसानों को जारी खाद की डिटेल उनके मोबाइल फोन पर आएगी, मैसेज आएगा।     खाद लेने के लिए किसानों परमिट की जरूरत नहीं पड़ेगी।     किसान किसी भी समिति से कार्ड के जरिए खाद ले सकेंगे।

बिजुरी उपकेन्‍द्र के अंतर्गत आने वाले बिजुरी टाउन में 05 अगस्‍त को विद्युत आपूर्ति रहेगी अवरुद्ध

अनूपपुर  म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड अनूपपुर के अधीक्षण अभियंता (संचा./संधा.) ने बताया है कि उपसंभाग कोतमा के वितरण केन्‍द्र बिजुरी अंतर्गत ग्राम लोहसरा फीडर में स्थित स्‍टेडियम के ऊपर से गुजरी हुई 33 के.व्‍ही. लाइन शिफ्ट करने एवं रखरखाव करने हेतु मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। इस कार्य के प्रभावी रूप से सम्पादन हेतु 05 अगस्‍त को 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र कोतमा से निकलने वाली 33 के.व्‍ही. बहेराबांध कॉलरी एवं बिजुरी उपकेन्‍द्र के अंतर्गत आने वाले बिजुरी टाउन एवं सभी ग्राम की विद्युत आपूर्ति प्रातः 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक अवरुद्ध रहेगी। कार्य के अनुसार विद्युत आपूर्ति अवरुद्ध रहने की समयावधि को बढ़ाया या घटाया जा सकता है।

MP में 35 हजार पैथोलॉजी लैब्स का संकट टला, निर्बाध संचालन का रास्ता खुला

भोपाल  मध्य प्रदेश में संचालित 35 हजार पैथोलॉजी लैब जो बंद होने की कगार पर खड़ी थीं, अब उनके निर्बाध संचालन का रास्ता खुल सकता है। मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेश शुक्ला ने यह कहा कि मध्यप्रदेश में पैथोलॉजी के सहज संचालन लिए जल्द ही नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। यह बात उन्होंने मेडिकल लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन माल्टा के साथ लगातार हो रही चर्चा के बाद कही है। कई महीनों की चर्चा का नतीजा इस बारे में जानकारी देते हुए माल्टा के प्रदेश सचिव संजय श्रीवास्तव ने बताया कि माल्टा के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य मंत्री से संपर्क और उनके निर्देश के बाद उनके भोपाल स्थित आवास में विभाग के अधिकारियों से पैथालाजी संचालन के नियमों को लेकर कई महीने चर्चा की। एमपी की 35 हजार लैब बंद हो जाएंगी चर्चा के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि अगर पैथोलॉजी लैब का संचालन सिर्फ पैथोलॉजिस्ट को ही करने का नियम लागू किया गया तो मध्यप्रदेश की 35 हजार लैब बंद हो जाएंगी, क्योंकि इतनी संख्या में प्रदेश में पैथोलॉजिस्ट नहीं। इस नियम की वजह से लैब टेक्नीशियन की पढ़ाई करने वाले युवाओं का भविष्य भी अंधकारमय हो जाएगा। सरकारी अस्पतालों में टेक्नीशियन ही चला रहे लैब प्रदेश के सभी जिलों में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में टेक्नीशियन ही लैब का संचालन कर रहे हैं। कुछ जिलों में ही जिला मुख्यालय के अस्पतालों में पैथोलॉजिस्ट हैं जबकि कई जिलों में तो पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर भी नहीं है। यह होगा फायदा माल्टा ने यह सवाल भी उठाया था कि जब सरकारी अस्पतालों में टेक्नीशियन लैब को बेहतर ढंग से चला रहे हैं तो फिर किसी एक एमबीबीएस डॉक्टर के मार्गदर्शन में पैथोलॉजी लैब का संचालन होने में क्या परेशानी होगी। माल्टा ने यह मांग भी रखी कि मध्यप्रदेश में पैथालाजी संचालन के नियमों में उदारता जरूरी है। प्रदेश में ज्यादातर लैब का संचालन एमबीबीएस डॉक्टर के मार्गदर्शन में लैब टेक्नीशियन द्वारा किया जाता है, जो आगे भी जारी रह सकेगा। पैरामेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले उन हजारों छात्रों के सामने से संशय की स्थिति समाप्त हो जाएगी जो लैब टेक्नीशियन का कोर्स कर रहे हैं। ग्रामीण स्तरों तक निजी पैथालाजी लैब खोलना संभव हो सकेगा।

MP में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को नया जीवन! इन शहरों में सबसे पहले चलेंगी सरकारी बसें

भोपाल  मध्य प्रदेश में सरकारी बस सेवा शुरू करने के लिए सरकार ने कदम बढ़ा दिए। प्रदेश के अंदर और दूसरे राज्यों तक सरकारी बसों को दौड़ाने के लिए सरकार ने कंपनियों के गठन का अहम चरण पूरा कर लिया। मप्र यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड नाम से राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी बनाई है। इसकी 7 सहायक कंपनियों का भी पुनर्गठन किया। ये वे कंपनियां हैं, जो अभी भोपाल, इंदौर, उज्जैन (Ujjain), जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर में सिटी बस कंपनी के तौर पर काम कर रही है। इनके शेयर होल्डिंग में बदलाव किया गया है। सबसे पहले इंदौर और उज्जैन संभाग में शुरू होगी सरकारी लोक परिवहन सेवा सरकारी लोक परिवहन सेवा सबसे पहले इंदौर (Indore)-उज्जैन संभाग में शुरू होगी। यहां रूट के निर्धारण व ट्रैफिक दबाव संबंधी सर्वे लगभग अंतिम दौर (Survey Complete) में है। वहीं, जबलपुर-सागर संभाग में भी सर्वे शुरू हो गया है। अगले चरण में भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल, ग्वालियर, चंबल संभाग में मार्ग निर्धारण सर्वे होंगे। बता दें, अप्रेल में सीएम ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना को मंजूरी दी थी। सीएम अध्यक्ष, परिवहन मंत्री और सीएस उपाध्यक्ष प्रदेशस्तरीय होल्डिंग कंपनी के अध्यक्ष मुख्यमंत्री, उपाध्यक्ष परिवहन मंत्री और मुख्य सचिव होेंगे। कंपनियों में आइएएस स्तर के अफसर सीईओ होंगे। ये कंपनियां परिवहन विभाग के अधीन होंगी। हर जिले में दफ्तर होंगे। मॉडर्न बस स्टैंड, क्विक रिस्पांस पोर्टल, कैशलैस किराया सिस्टम होगा।

केन्द्रीय मंत्री शिवराज ने जाना बाढ़ पीड़ितों का हाल, मूंग खरीदी केंद्र पर मारी अचानक दस्तक

रायसेन  केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान  दिन अपने संसदीय क्षेत्र रायसेन पहुंचे। उन्होंने जिले के सिलवानी तहसील में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया गया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ से फसलों, मकानों आदि को हुई क्षति का जायजा लिया। साथ ही पीड़ितों से मिलकर उनका दुख-दर्द साझा किया। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने बाढ़ प्रभावितों से कहा कि यह दुख, तकलीफ की घड़ी है। माताएं-बहनें, किसान आंखों में आंसू मत लाना, मुसीबत की इस घड़ी से सरकार बाहर निकालेगी। केन्द्र और प्रदेश सरकार बाढ़ प्रभावितों के साथ है उनकी हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि वह किसान हैं और किसानों के दर्द को भली-भांति जानते हैं। किसानों की सेवा भगवान की पूजा चौहान ने कहा कि किसानों की सेवा उनके लिए भगवान की पूजा है। बाढ़ से हुई क्षति का सर्वे कर आंकलन किया जाएगा और सर्वे पूरा होने पर सूची पंचायत में लगाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वे कार्य ईमानदारी से किया जाए। साथ ही राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि क्षेत्र में खाद की शिकायत प्राप्त होने पर अकेले सिलवानी के लिए 600 मीट्रिक टन खाद का आवंटन कराया है। इससे जरूरत हो वहां किसानों को सरलता से खाद मिले। साथ ही पूरे रायसेन जिले के लिए 2500 मीट्रिक टन खाद का आवंटन कराया गया है। जिले में कहीं भी नकली खाद बेची जाती है तो दोषियों को जेल भेजा जाएगा। मूंग खरीदी में किसानों को ना हो परेशानी शिवराज सिंह ने कहा कि भारत सरकार समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी की जा रही है। उपार्जन केन्द्रों पर केवल किसानों की मूंग ही खरीदी जाए। कुछ जगह सर्वेयर की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, इसकी जांच कराई जाएगी। मूंग उपार्जन कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप कराया जाए। इस दौरान पूर्व केबीनेट मंत्री रामपाल सिंह, स्थानीय जनप्रतिनिधि, राकेश शर्मा और अधिकारी भी उपस्थित रहे। बम्होरी में मूंग उपार्जन केन्द्र का किया निरीक्षण केन्द्रीय मंत्री चौहान ने बम्होरी में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी केन्द्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यहां मूंग विक्रय हेतु आए किसानों से संवाद कर व्यवस्थाओं तथा उपार्जन कार्य की जानकारी ली। केन्द्रीय मंत्री ने केन्द्र प्रभारी और अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि मूंग उपार्जन कार्य पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से हो। किसानों को मूंग विक्रय के लिए अधिक इंतजार ना करना पड़े। मूंग उपार्जन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बागेश्वर सरकार पर टिप्पणी कर घिरे प्रोफेसर, धार्मिक भावनाएं आहत करने पर FIR

छतरपुर  बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर महिला तस्कर कहने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रविकांत के खिलाफ छतरपुर के बमीठा थाना में FIR दर्ज की गई है।   सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व ट्विटर) पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रविकांत के खिलाफ छतरपुर जिले के बमीठा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला तब शुरू हुआ जब पुलिस ने छतरपुर में एक एम्बुलेंस को रोका, जिसमें कुछ महिलाएं सवार थीं। पूछताछ में सामने आया कि ये महिलाएं अपनी असली पहचान छिपाकर बागेश्वर धाम में रह रही थीं और उन पर अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने का संदेह जताया गया। इस घटना से जुड़े वीडियो को प्रोफेसर रविकांत ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए एक विवादास्पद पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "नॉन बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित छोटा भाई धीरेन्द्र शास्त्री धर्म की आड़ में महिला तस्करी कर रहा है!" इस टिप्पणी में उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को "महिला तस्कर" कहा, जिससे विवाद खड़ा हो गया। प्रोफेसर की इस पोस्ट के विरोध में बागेश्वर धाम सेवा समिति के सदस्य धीरेंद्र कुमार गौर ने बमीठा थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया है कि प्रोफेसर रविकांत की टिप्पणी से हिंदू धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और धार्मिक सौहार्द बिगड़ा है। इसी आधार पर उनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सोशल मीडिया पोस्ट को साक्ष्य के रूप में संकलित किया जा रहा है।  विदेश यात्रा से लौटे बागेश्वर महाराज  बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर बागेश्वर सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी 20 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय यात्रा से लौटकर आज सुबह बागेश्वर धाम पहुंचे। उनकी इस धार्मिक यात्रा में लंदन, ओमान और दुबई में कथा और आशीर्वचन कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। बागेश्वर धाम प्रशासन के अनुसार, बागेश्वर महाराज 4 अगस्त से 11 अगस्त तक धाम परिसर में दिव्य दरबार का आयोजन करेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु शामिल होंगे। बागेश्वर महाराज ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' और अन्य माध्यमों से एक वीडियो साझा कर इस दिव्य दरबार की जानकारी पहले ही अपने अनुयायियों को दी थी। दिव्य दरबार के दौरान श्रद्धालुओं को आशीर्वचन, समाधान और परामर्श प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। धाम प्रशासन ने आयोजन की तैयारियां तेज कर दी हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आयोजकों का अनुमान है कि प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु बागेश्वर धाम पहुंच सकते हैं।