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पंचायत उप निर्वाचन में हुआ 70.51 प्रतिशत मतदान, सागर और दमोह में हुआ आईपीबीएमएस से मतदान

भोपाल पंचायत उप निर्वाचन 2025 में त्रि-स्तरीय पंचायतों में रिक्त पद के लिये मंगलवार को मतदान हुआ। सरपंच पद के लिये 49 और जनपद पंचायत सदस्य के 5 पदों के लिये मतदान हुआ। कुल 70.51 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री अभिषेक सिंह ने बताया कि खास बात यही रही कि सागर जिले की 4 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिये 9 मतदान केन्द्रों और दमोह जिले के वार्ड-16 के जनपद सदस्य के निर्वाचन के लिये 9 मतदान केन्द्रों में मतदान इंटिग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम (आईपीबीएमएस) से कराया गया। इन मतदान केन्द्रों की मतदान प्रक्रिया का लाइव प्रसारण भी किया गया। राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय के सामने तथा सागर और दमोह में एक-एक स्क्रीन लगाई गई इसमें मतदान प्रतिशत सहित अन्य जानकारियां लोगों ने लाइव देखीं। सागर जिले में मतदान का प्रतिशत 74.61 रहा। मतदाताओं ने की पेपरलेस मतदान प्रक्रिया की सराहना सागर जिले के जनपद पंचायत जैसीनगर की ग्राम पंचायत अगरा, औरिया, जनपद पंचायत खुरई की ग्राम पंचायत मुहासा और जनपद पंचायत राहतगढ़ की ग्राम पंचायत सेमरा-लहरिया के मतदान केन्द्रों में इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम से मतदान कराया गया। मतदाताओं ने पेपरलेस मतदान प्रक्रिया को बहुत अच्छा कदम बताया और कहा कि वोट डालने में कम समय लगा और आसानी से वोट डाल सके। आईपीबीएमएस प्रक्रिया के पर्यवेक्षण के लिये राज्य निर्वाचन आयोग के उप सचिव डॉ. सुतेश शाक्य और श्री मुकुल गुप्ता के नेतृत्व में टीम भी गठित की गई थी। उप सचिव श्रीमती संजू कुमारी ने पूरी प्रक्रिया का सतत् पर्यवेक्षण कर जरूरी मार्गदर्शन दिया। इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पेपरलेस बूथ की नवीन पहल की गई है। इस प्रक्रिया में मतदान केन्द्रों में मतदाता और मतदानकर्मियों द्वारा किये जाने वाला पूरा काम डिजिटल माध्यम से किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इस नवीन पहल के तहत वर्ष 2024 में भोपाल जिले के बैरसिया तहसील की ग्राम पंचायत रतुआ रतनपुर और रीवा जिले के अतरैला ग्राम पंचायत के सरपंच पद के लिये मतदान सफलतापूर्वक किया जा चुका है। जनपद पंचायत सदस्य निर्वाचन के लिये पहली बार इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम से मतदान करवाया गया। 

गंगवाल परिवार द्वारा देहदान का संकल्प पूरा करना वंदनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देहदान महादान है, चिकित्सा शिक्षा और सामाजिक चेतना विकसित करने के लिए देहदान का संकल्प पूरा करना वंदनीय है। मृत्य पश्चात अंगदान/देहदान करने पर राज्य सरकार दानदाताओं और उनके परिवारजन को राजकीय सम्मान दे रही है। उज्जैन के वरिष्ठ समाजसेवी श्रद्धेय नरेन्द्र गंगवाल के निधन के बाद पुत्र श्री प्रणय गंगवाल ने पिता की देहदान करने का फैसला लिया। राज्य सरकार के निर्णय अनुसार, मंगलवार को श्री गंगवाल को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की है।  

पुनरारोपण का संदेश: CM ने स्वीकारीं चूकें, 4000 पौधों से दी पर्यावरण को नई सांस

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें करीब 4,000 पौधे रोपे गए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राजधानी भोपाल को हरियाली से समृद्ध बनाना और जन-जागरण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना था। पर्यावरण सुरक्षा का लिया संकल्प इस आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक अशोक पांडे, सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, भोपाल उत्तर के विधायक भगवानदास सबनानी, भोपाल महापौर मालती राय और भोजपाल मित्र संस्था के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से वृक्षारोपण में भाग लिया और पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया। सीएम ने रोपा बेलपत्र का पौधा सीएम ने मानव संग्रहालय में बेलपत्र का पौधा रोपा। पौधारोपण के बाद सीएम ने मीडिया से चर्चा में कहा, पूरे प्रदेश में बृहद पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा- अकेले पौधा रोपें नहीं, बल्कि बड़ा होने तक उसकी देखभाल भी करें। सीएम बोले- एमपी वन संपदा में सबसे समृद्ध राज्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि आज यहां 4 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं और पूरे भोपाल नगर में 5,100 पौधे लगाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर जीवन वृक्षों के बिना संभव नहीं है। वृक्षों से प्राप्त ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का संतुलन ही पर्यावरण को संतुलित बनाए रखता है। सीएम ने गर्व के साथ बताया कि मध्यप्रदेश देश का वह राज्य है जहां सबसे अधिक वन संपदा है। उन्होंने कहा कि हम आर्थिक समृद्धि की ओर तो बढ़ ही रहे हैं, लेकिन साथ ही हमें प्राकृतिक समृद्धि और वन संरक्षण को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। पेड़-पौधों से रक्षाबंधन जैसा रिश्ता मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण के सांस्कृतिक पक्ष को भी रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में पेड़-पौधों के साथ वैसा ही आत्मीय रिश्ता है जैसा रक्षाबंधन में भाई-बहन के बीच होता है। बहनें अपने आंगन में लगे पौधों को राखी बांधकर अपनी भावनाएं प्रकट करती हैं।  यह हमारी संस्कृति में प्रकृति के साथ संबंध का जीवंत उदाहरण है। बेलपत्र का पौधा लगाकर दी प्रेरणा मुख्यमंत्री ने संग्रहालय परिसर में बेलपत्र का पौधा रोपित कर वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की। उन्होंने मीडिया से चर्चा में बताया कि पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सिर्फ पौधा लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी देखरेख तब तक करें जब तक वह बड़ा न हो जाए। पीएम के दौरे की स्मृति में किया गया आयोजन मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि संग्रहालय का पूरा इलाका आज से चार महीने पहले ही प्रधानमंत्री जी ने अपनी उपस्थिति से हमारे जनजीवन के साथ मप्र को समृद्ध बनाने का संकल्प कराया। एक तरफ हम आर्थिक समृद्धि की तरफ जाना चाह रहे हैं। दूसरे तरफ वन संपदा में भी समृद्धि आना चाहिए। मप्र में सबसे ज्यादा वन संपदा सीएम ने कहा- आज यहां (मानव संग्रहालय) चार हजार पौधे रोपे जा रहे हैं। भोपाल नगर में मिलाकर 5100 पौधे लगाने का संकल्प है। हम सब जानते हैं कि इस पृथ्वी का जीवन वृक्ष और बाकी जनजीवन से जुड़ा हुआ है। कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन का परस्पर एक दूसरे पर अवलंबन ये हमारे लिए जीवन प्रदान करता है। खासकर मप्र तो और भाग्यशाली है। पूरे देश के बाकी राज्यों की तुलना में यदि सर्वाधिक वन संपदा कहीं हैं तो मप्र में हैं। हमसे जहां गलतियां हुई वहां पौधारोपण की जरूरत सीएम ने कहा- ये संग्रहालय का पूरा इलाका आज से चार महीने पहले ही प्रधानमंत्री जी ने अपनी उपस्थिति से हमारे जनजीवन के साथ मप्र को समृद्ध बनाने का संकल्प कराया। एक तरफ हम आर्थिक समृद्धि की तरफ जाना चाह रहे हैं। दूसरे तरफ वन संपदा में भी समृद्धि आना चाहिए। वृक्षारोपण से रक्षाबंधन जैसा संबंध एक दूसरे से जुड़कर ही जीवन बनता है। हमारी सनातन संस्कृति में प्रारंभ से वृक्षारोपण के साथ ऐसा संबंध है जैसे कि हमारे यहां रक्षाबंधन होता है तो अपने घर-आंगन में बने गमले से लेकर पेड़ पौधों को राखी बांधकर बहनें अपने भाव को प्रकट करती हैं।

मुख्यमंत्री के स्वदेश आगमन पर खाद्य मंत्री राजपूत ने व्यक्त की खुशी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विदेश यात्रा से लौटने पर खाद्य मंत्री राजपूत ने दी शुभकामनाएं डॉ. यादव की विदेश यात्रा से वापसी पर खाद्य मंत्री ने किया स्वागत, दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री के स्वदेश आगमन पर खाद्य मंत्री राजपूत ने व्यक्त की खुशी डॉ. यादव की वापसी पर मंत्रिमंडल में उल्लास, खाद्य मंत्री ने दी हार्दिक बधाई मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को मिलेंगे नए आयाम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दुबई और स्पेन की सफल विदेश यात्रा के बाद मंगलवार को कैबिनेट बैठक से पूर्व खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। मंत्री राजपूत ने मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि यह यात्रा मध्यप्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच और निर्णायक नेतृत्व से प्रदेश में वैश्विक निवेश के नए द्वार खुलेंगे। राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह ऐतिहासिक यात्रा प्रदेश में औद्योगीकरण को नई गति देगी, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 से 19 जुलाई 2025 तक दुबई और स्पेन के प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने 'ग्लोबल डायलॉग 2025' के तहत मध्यप्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार सृजन को लेकर अनेक वैश्विक कंपनियों और संगठनों से मुलाकाते की। दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीपी वर्ल्ड, जेबेल अली फ्री जोन जैसे अंतर्राष्ट्रीय समूहों से मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर सकारात्मक चर्चा की। स्पेन में उन्होंने ला लीगा मुख्यालय, यूरोपीय टेक्सटाइल निर्माता संघ और स्पेनिश फिल्म आयोग के अधिकारियों से बैठक कर खेल, पर्यटन और फिल्म उद्योग में संभावनाओं को टटोला। मुख्यमंत्री डॉ यादव की विदेश यात्रा के बाद प्रदेश में 11 हजार करोड़ से अधिक के निवेश की संभावनाएं बनी है, जिससे लगभग 14000 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वैश्विक मंच पर चमकेगा मध्यप्रदेश मंत्री राजपूत ने कहा कि यह यात्रा प्रदेश को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की रणनीतिक पहल से आने वाले समय में प्रदेश में निवेशकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और इससे उद्योग, सेवा, खेल, पर्यटन, टेक्सटाइल व फिल्म सेक्टर में रोजगार और विकास के नए द्वार खुलेंगे। मंत्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सतत विकास की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है। उनकी कार्यशैली और सोच ने प्रदेश को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है।  

तिरंगे की शान को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने का अवसर है राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस की शुभकामनाएं दीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह तिरंगे की आन-बान-शान को वैश्विक स्तर पर निरंतर बढ़ाने का पावन अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस पर देशवासियों को कर्तव्य निर्वहन के साथ देश की सेवा करने और तिरंगे का मान बढ़ाने का संकल्प लेने के लिए भी प्रेरित किया।  

10 साल पहले मर चुके, फिर भी नाम FIR में! विदिशा में प्रशासन की बड़ी चूक

विदिशा विदिशा जिले के गंजबासौदा क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली का अजीब मामला सामने आया है. यहां दो ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है, जिनकी मौत 8 से 10 साल पहले हो चुकी है. जब स्थानीय स्तर पर इसकी शिकायत की गई तो कोई सुनवाई नहीं हुई. हारकर फरियादी जिला मुख्यालय पहुंचा और एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे से न्याय की गुहार लगाई. गंजबासौदा के बरेठ गांव में प्रजापति समाज और गुर्जर समाज के बीच एक विवाद हुआ था. इसी विवाद में पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज की, लेकिन इसमें जिन लोगों के नाम शामिल किए गए उनमें से दो व्यक्ति 8 से 10 साल पहले ही दुनिया से विदा हो चुके हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए फरियादी राजकुमार शर्मा जिला मुख्यालय पहुंचा और एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे से पूरे मामले की शिकायत की. शर्मा ने कहा- 'ये दोनों लोग जिन पर FIR की गई है, वो कई साल पहले मर चुके हैं. हमने थाने में भी शिकायत की, लेकिन किसी ने हमारी बात नहीं सुनी, इसलिए जिला मुख्यालय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे के यहां आए हैं. हमने जांच कर उचित कार्यवाही की मांग की है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे ने उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है. एडिशनल एसपी विदिशा प्रशांत चौबे ने कहा- '17 तारीख को बरेठ गांव में विवाद हुआ था, जिसमें कुछ नामों पर आपत्ति आई है. दो मृत व्यक्तियों के नाम FIR में दर्ज होना गंभीर मामला है. संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच कर दस्तावेज प्रस्तुत करें. उचित कार्रवाई की जाएगी.'

MP में बदलेगा मौसम का मिजाज, आज 12 जिलों में भारी बारिश और कल से पूरे प्रदेश में तेज बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में सिस्टम कमजोर पड़ने की वजह से पिछले 4 दिन से भारी बारिश का दौर थमा था। मंगलवार से फिर शुरू होगा। मौसम विभाग ने जबलपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं बुधवार से पूरे प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। इससे पहले सोमवार को इंदौर समेत कई जिलों में बारिश हुई।  इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास और सीहोर। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी बचे जिलों में भी हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून टर्फ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी, इंदौर, देवास, उज्जैन, हरदा, पांढुर्णा, खरगोन और सीहोर जिलों में हल्की बारिश, आंधी चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून ट्रफ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 जिलों में बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 से अधिक जिलों में बारिश हुई। इंदौर-सिवनी में पौन इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना और सीधी में आधा इंच से ज्यादा, खजुराहो, उमरिया और बालाघाट के मलाजखंड में करीब आधा इंच बारिश हुई। दमोह, जबलपुर, सागर, रायसेन में भी बारिश का दौर चला। कई जिलों में हुई बारिश सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश हुई यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। इंदौर में तेज बारिश, कई इलाकों में सड़कें डूबीं सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश की वजह से सड़कें डूब गईं। खजराना मंदिर के सर्विस रोड पर एक कार गड्ढे में फंस गई। तीन इमली चौराहे पर ज्यूपिटर हॉस्पिटल के पहले सर्विस रोड पर भी पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही में परेशानी हुई। मौसम विभाग ने यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड, खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा।  

MP में बदलेगा मौसम का मिजाज, आज 12 जिलों में भारी बारिश और कल से पूरे प्रदेश में तेज बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में सिस्टम कमजोर पड़ने की वजह से पिछले 4 दिन से भारी बारिश का दौर थमा था। मंगलवार से फिर शुरू होगा। मौसम विभाग ने जबलपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं बुधवार से पूरे प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। इससे पहले सोमवार को इंदौर समेत कई जिलों में बारिश हुई।  इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास और सीहोर। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी बचे जिलों में भी हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून टर्फ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी, इंदौर, देवास, उज्जैन, हरदा, पांढुर्णा, खरगोन और सीहोर जिलों में हल्की बारिश, आंधी चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून ट्रफ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 जिलों में बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 से अधिक जिलों में बारिश हुई। इंदौर-सिवनी में पौन इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना और सीधी में आधा इंच से ज्यादा, खजुराहो, उमरिया और बालाघाट के मलाजखंड में करीब आधा इंच बारिश हुई। दमोह, जबलपुर, सागर, रायसेन में भी बारिश का दौर चला। कई जिलों में हुई बारिश सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश हुई यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। इंदौर में तेज बारिश, कई इलाकों में सड़कें डूबीं सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश की वजह से सड़कें डूब गईं। खजराना मंदिर के सर्विस रोड पर एक कार गड्ढे में फंस गई। तीन इमली चौराहे पर ज्यूपिटर हॉस्पिटल के पहले सर्विस रोड पर भी पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही में परेशानी हुई। मौसम विभाग ने यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड, खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा।  

IIT खड़गपुर में फिर हादसा: छात्र की मौत ने उठाए सुरक्षा और मानसिक दबाव पर सवाल

खड़गपुर/भोपाल  टेक्नीकल एजुकेशन के मामले में देशभर में अगल पहचान रखने वाले आईआईटी खड़गपुर में संदिग्ध हालात में हो रही छात्रों की मौत से हड़कंप है. 4 दिन पहले एक छात्र की मौत का मामला गर्म था कि यहां पढ़ने वाले एक और छात्र की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मृतक छात्र चंद्रदीप पवार मध्य प्रदेश का रहने वाला था और वह इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष का छात्र था. चंद्रदीप पवार की मौत सोमवार रात को हुई. प्रबंधन ने श्वास नली में टेबलेट फंसना बताया सूत्रों के अनुसार आईआईटी खड़गपुर के छात्र चंद्रदीप पवार छात्र ने  रात डिनर किया. इसके बाद तबियत बिगड़ गई. अस्पताल पहुंचने पर उसकी मौत हो गई. इस मामले में पुलिस और आईआईटी अधिकारियों का कहना है "खाना खाते समय दवा उसके श्वास नली में फंसने से मौत हो गई." छात्र ने  रात करीब 11:30 बजे आईआईटी खड़गपुर के पास बीसी रॉय अस्पताल में दम तोड़ा. डिनर के बाद मेडिसिन ली और दम तोड़ दिया बताया जाता है कि खाना खाने के बाद छात्र चंद्रदीप पवार अस्पताल ले जाने के बाद सीपीआर शुरू किया गया. इलाज के दौरान छात्र की मौत हो गई. मंगलवार को मेदिनीपुर मेडिकल में पोस्टमार्टम किया जाएगा. खड़गपुर आईआईटी प्रबंधन और पुलिस के अनुसार चंद्रदीप आईआईटी खड़गपुर के नेहरू हॉल (कमरा डी-408) में रहता था. खाना खाने के बाद बुखार और सर्दी की दवा लेते समय एक गोली उसकी श्वास नली में फंस गई. दवा गले में अटकने से चंद्रदीप को सांस लेने में तकलीफ होने लगी. परिवार को आईआईटी खड़गपुर प्रबंधन ने सूचित कर दिया है. स्टूडेंट्स की टास्क फोर्स गठित करने का फैसला गौरतलब है कि इससे पहले इसी सप्ताह आईआईटी खड़गपुर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के चौथे वर्ष के छात्र रितम मंडल की अप्रत्याशित रूप से मृत्यु हो गई थी. उसका शव उसके कमरे में मिला था. इस घटना के मात्र 4 दिन के भीतर एक छात्र की मौत से हड़कंप और दहशत है. आईआईटी खड़गपुर प्रबंधन के अधिकारी स्तब्ध हैं. 7 माह के अंदर 5 छात्रों की मौत बताया जाता है इस वर्ष के पहले 7 महीनों में आईआईटी खड़गपुर परिसर में 5 छात्रों की मौत हो चुकी है. हालांकि इससे पहले हुई 4 छात्रों की मौत में सामने आया था कि उन्होंने खुद जान दी है. लेकिन सारे मामले संदिग्ध हैं. वहीं, आईआईटी खड़गपुर प्रबंधन ने प्रत्येक छात्रावास में एक छात्र टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया है. सुप्रीम कोर्ट ने मांगी थी छात्र की मौत पर रिपोर्ट आईआईटी खड़गपुर के डायरेक्टर सुमन चक्रवर्ती का कहना है "इन मौतों के कारणों की तह में जाने के लिए 10 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है. ये टीम विभिन्न कारणों के गहराई तक जाकर जांच करेंगी. पुलिस भी मामलों की जांच कर रही है." गौरतलब है कि पिछले दिनों आईआईटी खड़गपुर में इंजीनियरिंग छात्र को लेकर हाल में ही में सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था "ऐसी घटनाओं ने हमारी मौजूदा शिक्षा व्‍यवस्‍था पर भी सवाल खड़ा कर दिया है." सुप्रीम कोर्ट ने संस्थान से रिपोर्ट भी मांगी थी. 

मसाज के नाम पर जाल: अश्लील वीडियो बनाकर एक लाख वसूले

ग्वालियर ग्वालियर के पिंटो पार्क, राम बिहार में रहने वाला एक युवक हजीरा चौराहे पर मेडिकल स्टोर से मेडिसिन लेने पहुंचा था। यहां वह एक अजनबी से टकराया। अजनबी ने उस युवक से पूछा कि क्या उसे मसाज करानी है? इस सवाल ने युवक की जिंदगी का रंग ही बदल दिया। यहां से शुरु हुई फरेब की ठोस जंजीर, जिसके पहले कदम में युवक उसे स्पा लेकर पहुंचा। पहले कपड़े उतरे फिर मसाज टेबल पर साजिश रची गई। इसके बाद वीडियो बना और एक लाख ठग लिए गए। क्या है पूरा मामला, यहां समझिए ग्वालियर में एक युवक का न्यूड वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई और उससे एक लाख रुपए ऐंठ लिए गए। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस अकाउंट में पैसे भेजे गए हैं, वह किसी सतपाल सिंह का है। अब पुलिस सतपाल सिंह को तलाश कर रही है। मेडिकल से सीधे स्पा पहुंच गया पीड़ित पिंटो पार्क रामबिहार निवासी युवक हजीरा चौराहे पर एक मेडिकल स्टोर पर मेडिसिन लेने पहुंचा था। यहां उसे 25 साल का युवक मिला। उसने अपना नाम शिवा शिवहरे बताया और पूछा कि तुमको मसाज करानी है, जिस पर युवक ने हां कर दिया। शिवा उसे अपनी स्कूटी पर बैठाकर उपनगर ग्वालियर स्थित गोसपुरा में एक घर में ले गया। घर ले जाकर शिवा ने युवक के कपड़े उतारे और अपने भी कपड़े उतार दिए। इसके बाद वह मसाज करने लगा। दो युवकों की एंट्री और बदल गया सब तभी कमरे में दो युवक आते हैं और उसका वीडियो बना लेते हैं। उसे न्यूड वीडियो दिखाकर धमकाते हैं। कहते हैं कि उनको रुपए नहीं मिले तो यह वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर उसे बदनाम कर देंगे। ब्लैकमेल करने वाले युवकों ने पीड़ित का मोबाइल छीनकर उसके फोन-पे अकाउंट से दो बार में 90 हजार एवं 10 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद उसे धमकाकर छोड़ दिया। युवक ने भाई को दी जानकारी घबराए हुए युवक ने डरते हुए अपने भाई को यह बात बताई, जिसके बाद वह थाना पहुंचे और मामले की शिकायत की। बदमाशों ने पीड़ित के फोन-पे से एक लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे। पुलिस ने पड़ताल की तो पता लगा जिस अकाउंट में रुपए ट्रांसफर हुए थे वह किसी सतपाल सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है। अब पुलिस इस सतपाल की भी तलाश कर रही है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी एएसपी सुमन गुर्जर ने बताया कि एक युवक द्वारा खुद के साथ हुई ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। जिस पर से कार्रवाई कर एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्दी उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।