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हस्तशिल्प से आजीविका संवर्धन पर आयोजित संगोष्ठी संपन्न

भोपाल सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि समाज का मूल आधार सहकारिता है। सहकारिता के माध्यम से परिवार, समाज, राष्ट्र और दुनिया चलती है। जब तक एक-दूसरे का समन्वय, सहयोग और सहभागिता नहीं होती, तब तक किसी भी काम का परिणाम प्राप्त नहीं किया जा सकता। मंत्री  सारंग शनिवार को मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ में आयोजित हस्तशिल्प से आजीविका संवर्धन संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ द्वारा क्रियान्वित एवं विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित सीएचसीडीएस योजना अंतर्गत निर्मित सीएफसी कॉमन फैसिलिटी सेंटर का लोकार्पण भी किया। मंत्री  सारंग ने कहा कि राज्य सहकारी संघ द्वारा विभाग की योजना के माध्यम से स्किल ट्रेनिंग प्राप्त करने से रोजगार के अवसर सृजित हो सकेंगे। कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त कर टूलकिट से अपनी जीविका को गति देने से परिवार की आय में वृद्धि होगी। इसका सद्उपयोग कर अपने व्यवसाय कों आगे बढ़ाये और परिवार की आय में अपना सहयोग दें और समृद्ध मध्यप्रदेश सहित विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करें। कार्यक्रम को सहकारिता आयुक्त  मनोज पुष्प ने भी संबोधित किया। शुरूआत में राज्य सहकारी संघ के प्रबंध संचालक  ऋतुराज रंजन ने स्वागत भाषण दिया। इस मौके पर हस्तशिल्प के उप संचालक  वैभव यशवंत मोहारे और अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक  मनोज गुप्ता उपस्थित थे। मंत्री  सारंग ने कार्यक्रम में प्रतीक स्वरूप 6 महिला प्रतिभागी किरण राजपूत, नीलम यादव, आशा मेहरा, कविता रजक, सोनी यादव और महिमा यादव को कढ़ाई एवं जूट शिल्प का टूलकिट वितरित किया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश में हुए कार्यों एवं गतिविधियों के संकलन की पुस्तिका "सहकारिता के नवयुग का शंखनाद" का विमोचन किया। इस अवसर पर मंत्री  सारंग ने सामान्य सुविधा केन्द्र का लोकार्पण किया। यह सुविधा केन्द्र प्रारंभिक तौर पर इंदौर, भोपाल और नौगाँव में शुरू किये गये हैं। साथ ही उन्होंने Coopcraft वाणिज्यिक पोर्टल का शुभारंभ भी किया।  

AI आधारित स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली एवं डिजिटल विद्युत प्रबंधन मॉडल की सराहना

भोपाल  भारत सरकार के ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत संचालित आरडीएसएस कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में स्मार्ट मीटरिंग, फीडर सेपरेशन, पीएम कुसुम योजना, वन क्षेत्र विद्युत अधोसंरचना तथा डिजिटल विद्युत प्रबंधन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। ऊर्जा सचिव  अग्रवाल ने निर्देश दिए कि कंपनी क्षेत्र में शेष अविद्युतीकृत घरों का सर्वे शीघ्र पूर्ण कर उनका डेटा तैयार किया जाए तथा डीपीआर को अंतिम रूप देकर प्रस्ताव तैयार किए जाएं, जिससे पात्र घरों तक विद्युत सुविधा पहुंचाई जा सके।  अग्रवाल ने आरडीएसएस योजना अंतर्गत फीडर सेपरेशन में शामिल 874 फीडरों को पीएम कुसुम योजना से जोड़कर लाभान्वित करने पर विशेष बल दिया। साथ ही वन्य जीव अभयारण्य क्षेत्रों से गुजरने वाली एलटी लाइनों के केबलीकरण के निर्देश देते हुए कहा कि इससे वन्य जीवों के साथ होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी तथा विद्युत आपूर्ति अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनेगी। बैठक में आरडीएसएस योजना अंतर्गत पूर्व क्षेत्र कंपनी के 41 ऐसे प्रकरणों की भी समीक्षा की गई, जिनमें वन विभाग की स्वीकृति लंबित है। ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन प्रकरणों में वन मंत्रालय स्तर पर सतत फॉलोअप किया जाए, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके। समीक्षा के दौरान स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली में Artificial Intelligence (AI) एवं Machine Learning आधारित विश्लेषण प्रणाली की विशेष प्रस्तुति दी गई। अधिकारियों ने बताया कि AI आधारित तकनीकों के माध्यम से विद्युत चोरी की संभावनाओं की पहचान अधिक प्रभावी ढंग से की जा रही है। उपभोक्ताओं के खपत पैटर्न, स्मार्ट मीटर टैंपर इवेंट्स, डीटीआर ऊर्जा संतुलन, GIS आधारित उपभोक्ता मैपिंग तथा ऐतिहासिक बिलिंग डेटा का विश्लेषण कर संदिग्ध उपभोक्ताओं की सूची स्वतः तैयार की जा रही है। बैठक में कंपनी के स्मार्ट बिजली ऐप का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में लगभग 13 हजार स्मार्ट मीटर उपभोक्ता प्रतिदिन स्वयं अपना विद्युत उपभोग ऐप के माध्यम से देख रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं में ऊर्जा संरक्षण एवं डिजिटल सहभागिता के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। अधिकारियों ने बताया कि मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से लागू टैरिफ ऑर्डर में TOD योजना लागू की जा चुकी है, जिसका लाभ स्मार्ट मीटर वाले घरेलू उपभोक्ताओं को प्राप्त हो रहा है। ऊर्जा सचिव  अग्रवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे ऊर्जा संरक्षण, लोड प्रबंधन एवं डिजिटल उपभोक्ता सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। ऊर्जा सचिव  अग्रवाल ने पूर्व क्षेत्र कंपनी द्वारा किए जा रहे नवाचारों एवं डिजिटल उपभोक्ता सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के तकनीक आधारित मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. दादा असीम बनर्जी को दी श्रद्धांजलि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सतना पहुंचकर वरिष्ठ समाजसेवी उत्तम बनर्जी के पिता स्वर्गीय दादा असीम बनर्जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और शोक संतप्त परिजन से भेंट कर ढांढस बंधाया। इस दौरान नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद सतना गणेश सिंह, खजुराहो सांसद बीडी शर्मा, महापौर योगेश ताम्रकार, जिलाध्यक्ष भगवती प्रसाद पाण्डेय ने भी स्व. दादा असीम बैनर्जी को श्रृद्धांजलि अर्पित की।  

मुख्यमंत्री ने सीधी जिले के ग्राम कसिहवा में हुई घटना पर लिया संज्ञान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सीधी जिले के ग्राम कसिहवा में शॉर्ट सर्किट से हुए एक हादसे में तीन बच्चों की मृत्यु हो जाने की घटना का त्वरित संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा है कि घटना अत्यंत ही दुखद एवं हृदय विदारक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल परिजन के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर ईश्वर से दिवगतों को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की है। उन्होंने कहा है कि दुख की इस घड़ी में सरकार परिजन के साथ है। मुख्यमंत्री ने परिजन के लिए राहत राशि भी घोषित की है। उन्होंने कहा है कि मृत बच्चों के परिजन को राज्य सरकार की ओर से 6-6 लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जायेगी। उन्होंने बताया कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी, सीधी की ओर से परिजन को 20-20 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता राशि दे दी गई है। सीधी जिले के ग्राम कसिहवा, ग्राम पंचायत बघवारी, तहसील गोपद बनास में शनिवार की सुबह 11:20 बजे श्री रामरतन साकेत के घर के पास बिजली के पोल से शार्ट-सर्किट होने से आग लग गई, जिसमें श्री रामरतन की दो बेटियां कुमारी घुम्मु उर्फ संध्या साकेत (लगभग 6 वर्ष) कुमारी रिद्धि (लगभग 1.6 वर्ष) एवं एक बेटा नागेन्द्र (लगभग 3 वर्ष) की दर्दनाक मृत्यु हो गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा घटना पर तत्काल संज्ञान लेकर परिजन को 2-2 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई। म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा परिजन को 4-4 लाख रूपए राहत राशि देने की घोषणा की गई है। इसी क्रम में जिला प्रशासन सीधी की ओर से 5-5 हजार रुपये के मान से 15 हजार रूपए अंत्येष्टि सहायता राशि एवं 20-20 हजार रूपए जिला रेडक्रास सोसाइटी सीधी की ओर से तत्काल सहायता राशि परिजन को दे दी गई है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. श्रीमती सरोज देवी माहेश्वरी को दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सतना पहुंचकर मणिकांत माहेश्वरी की माताजी स्व. श्रीमती सरोज देवी माहेश्वरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिटी कोतवाली के पीछे स्थित माहेश्वरी निवास में स्व. श्रीमती माहेश्वरी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोक संतप्त परिजन से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद सतना गणेश सिंह, खजुराहो सांसद बीडी शर्मा, महापौर योगेश ताम्रकार, समाजसेवी श्रीकृष्ण माहेश्वरी, पूर्व महापौर ममता पाण्डेय, पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र, समाजसेवी डॉ. स्वप्ना वर्मा, सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा का त्वरित असर: कोसरंगी की दीदियों को मिली 50 निःशुल्क सिलाई मशीनें

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय द्वारा बीते दिन आरंग विकासखंड के एलआरसी सेंटर, कोसरंगी के अवलोकन किया गया था तथा कोसरंगी में जन चौपाल के दौरान की गई घोषणा पर त्वरित अमल करते हुए आज मीरा एवं राधा ग्राम संगठन, कोसरंगी की महिलाओं को 50 निःशुल्क सिलाई मशीनें वितरित की गईं। मुख्यमंत्री  साय ने एलआरसी सेंटर के निरीक्षण के दौरान ग्राम संगठन की महिलाओं से मुलाकात कर उनके आजीविका गतिविधियों और कार्यों की जानकारी ली थी।  महिलाओं ने जन चौपाल में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री  साय ने महिलाओं की मांग को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही अधिकारियों को शीघ्र सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश का पालन करते हुए आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में ग्राम संगठन की दीदियों को जिला पंचायत सदस्य  गुरु सौरभ साहेब एवं  जनपद पंचायत आरंग अध्यक्ष मती ताकेश्वरी मुरली साहू की उपस्थिति में सिलाई मशीन प्रदान किया गया। ग्राम कोसरंगी के ग्राम संगठन की दीदी मती सपना पटेल ने बताया कि मेरे समूह कल जन चौपाल में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी हमारे गांव आए थे जहां हमने सिलाई मशीन की मांग की जिसके बाद हमे आज जिला प्रशासन द्वारा सिलाई मशीन दे दी गई। मीरा ग्राम संगठन की सदस्य मती यशोदा मांडले ने बताया कि कल हमारे ग्राम कोसरंगी में मुख्यमंत्री  जी का कार्यक्रम था जिसमें हमने सिलाई मशीन की मांग की थी और हमें सिलाई मशीन मिल गई। मांग जल्द पूरी होने पर उत्साहित दीदियों ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने उनकी जरूरत को समझते हुए तुरंत निर्णय लिया, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नई ताकत मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मददगार साबित होगा।

गिद्ध संरक्षण, जैव-विविधता अभिलेखीकरण, जनभागीदारी आधारित नवाचार सर्पदंश जागरूकता अभियान ने दिलाई पहचान

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस 22 मई 2026 के अवसर पर भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM) में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड द्वारा घोषित “राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार 2024 एवं 2025” में दक्षिण पन्ना वनमण्डल को “जैव-विविधता स्वामित्व रखने वाला सर्वश्रेष्ठ विभाग” श्रेणी में सम्मानित किया गया। दक्षिण पन्ना वनमण्डल द्वारा जैव-विविधता संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में अनेक अभिनव एवं जनभागीदारी आधारित कार्य किए गए। वनमण्डल द्वारा पक्षियों, तितलियों, औषधीय पौधों, विरासत वृक्षों, प्राकृतिक झिरियों तथा स्थानीय जैविक धरोहरों का व्यापक अभिलेखीकरण एवं दस्तावेजीकरण किया गया। साथ ही स्थानीय स्तर पर जैव-विविधता संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए गए। गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में दक्षिण पन्ना द्वारा “वल्चर फ्रेंडली गौशाला”, सतत मॉनिटरिंग, प्रतिबंधित दवाइयों की रोकथाम एवं ग्रामीण सहयोग आधारित संरक्षण मॉडल विकसित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप दक्षिण पन्ना क्षेत्र में गिद्धों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2021 में जहां गिद्धों की संख्या 614 थी, वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 1127 तक पहुँच गई। मानव-सर्प संघर्ष को कम करने एवं सर्पदंश से बचाव के लिये दक्षिण पन्ना वनमण्डल द्वारा विशेष “सांप-सीढ़ी” आधारित शैक्षणिक खेल विकसित किया गया। इस नवाचार के माध्यम से हजारों बच्चों एवं ग्रामीणों को सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक उपचार एवं वैज्ञानिक जानकारी सरल तरीके से उपलब्ध कराई गई। इस पहल से जनजागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई तथा मानव-सर्प संघर्ष संबंधी भ्रांतियों को कम करने में सहायता मिली। व्यक्तिगत (शासकीय) श्रेणी में दक्षिण पन्ना वनमण्डल के वनरक्षक  जगदीश प्रसाद अहिरवार को प्रथम पुरस्कार एवं वनरक्षक  वीरेंद्र पटेल को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।  जगदीश प्रसाद अहिरवार द्वारा दक्षिण पन्ना क्षेत्र में 129 महत्वपूर्ण औषधीय पौधों का अभिलेखीकरण एवं जनजागरूकता कार्य किया गया। वहीं  वीरेंद्र पटेल द्वारा कल्दा क्षेत्र में 97 पक्षी प्रजातियों का दस्तावेजीकरण कर पक्षी एवं जैवविविधता संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का उल्लेखनीय कार्य किया गया। दक्षिण पन्ना वनमण्डल की यह उपलब्धि जनभागीदारी, टीम भावना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवाचार आधारित संरक्षण प्रयासों का परिणाम है। यह सम्मान न केवल दक्षिण पन्ना वन विभाग बल्कि पूरे पन्ना जिले के लिए गौरव का विषय है तथा भविष्य में जैव-विविधता संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में प्रेरणादायक सिद्ध होगा। जैव-विविधता संरक्षण में डिंडोरी वनमण्डल हुआ पुरस्कृत मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड द्वारा प्रदेश में जैव-विविधता संरक्षण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से प्रारंभ किये गये "राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार-2024 एवं 2025 अंतर्गत वनमंडल डिंडोरी को पहुंच एवं लाभ प्रभाजन के अधिकतम अनुबंध श्रेष्ठ वनमंडल अतंर्गत वर्ष 2023-24 में प्रथम स्थान एवं वर्ष 2024-25 में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण, चेन्नई के अध्यक्ष  वीरेंद्र आर. तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय वन प्रबंधन संस्थान, भोपाल के निदेशक डॉ. के. रविचंद्रन ने की तथा राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण के सदस्य सचिव डॉ. बी. बालाजी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव  सुदीप सिंह ने किया। राज्य स्तरीय पुरस्कार दक्षिण पन्ना वनमण्डल की ओर से वनमण्डलाधिकारी अनुपम शर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी पवई  नितेश पटेल एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी कल्दा  परिवेश भदौरिया द्वारा प्राप्त किया गया। दक्षिण पन्ना वनमण्डल के नामांकन की अनुशंसा जिला कलेक्टर मती उषा परमार एवं वनमण्डलाधिकारी द्वारा की गई थी।  

देवास ब्लास्ट हादसा: एमवाय अस्पताल में भर्ती दो घायलों की मौत, अब तक 8 लोगों की गई जान

देवास  देवास जिले के टोंककला में 14 मई को हुए पटाखा फैक्टरी हादसे में झुलसे अजय और निरंजन ने भी दम तोड़ दिया। शुक्रवार रात इलाज के दौरान दोनों घायलों की मौत हो गई। इसके साथ ही हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। फैक्ट्री विस्फोट के बाद से दोनों का उपचार MYH में चल रहा था। बर्न यूनिट में दोनों मरीजों की हालत अभी बेहद गंभीर बनी हुई थी। दोनों बिहार के रहने वाले थे। वहीं इंदौर के एमवाय अस्पताल में एडमिट एक मरीज की सोमवार रात मौत हो गई थी। सोमवार को जिस मरीज की मौत हुई थी उसका नाम राम (20) पिता मुकेश कुमार था। वहीं हादसे में घायल विशाल (25) को सिर में गंभीर चोट आने के बाद न्यूरो सर्जरी वार्ड में एडमिट है। धमाके के दौरान विशाल दूर जाकर गिर पड़ा था, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई और खून का थक्का जम गया। विशाल की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। विशाल को आज दोपहर 1 बजे बाद डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। बर्न यूनिट में संक्रमण की आशंका को देखते हुए पांच नर्सिंग कर्मचारियों की शिफ्ट वाइज 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों की देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। उधर, चोइथराम हॉस्पिटल में एडमिट चार मरीजों में से तीन को सोमवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। अभी यहां एक मरीज एडमिट है। उसकी हालत ठीक है। उसे बुधवार को डिस्चार्ज किया जाएगा। देवास जिले के टोंककलां इलाके में गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। हादसे में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। मृत मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार के थे। शुरुआत में धीरज, सनी और सुमित की मौत की जानकारी सामने आई थी। गुरुवार देर रात अमलतास अस्पताल में इलाजरत दो मजदूर अमर और गुड्डू ने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई। अब राम की मौत सहित मृतकों की संख्या छह हो गई है। ब्लास्ट इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। फैक्ट्री की दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और आसपास के मकान तक हिल गए। हादसे के बाद झुलसे मजदूर बदहवास हालत में बाहर निकलते दिखे। कुछ लोगों के कपड़े स्किन से चिपक गए थे। फैक्ट्री के बाहर बाल और जले अवशेष बिखरे पड़े मिले।

शादी के 27 दिन बाद उजड़ा परिवार, पत्नी की मौत के बाद पति ने भी दी जान

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नवविवाहित जोड़े की आत्महत्या ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. एक महीने पहले जिन दो परिवारों में शादी की खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है. सिद्धार्थ कांदिल और मेघा उर्फ ज्योति की शादी 25 अप्रैल को हुई थी, लेकिन शादी के 27 दिन बाद ही दोनों की मौत हो गई।  जानकारी के मुताबिक, शादी के कुछ दिन बाद मेघा अपने मायके मुरार चली गई थी. बताया जा रहा है कि 1 मई को वह मायके पहुंची थी. इसके बाद 20 मई को उसने दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. नवविवाहिता की मौत की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया।  पत्नी की मौत से सिद्धार्थ पूरी तरह टूट गया था. बताया जा रहा है कि वह गहरे सदमे में चला गया था. पत्नी की मौत के दो दिन बाद 22 मई को सिद्धार्थ ने भी पिंटो पार्क स्थित अपने घर के बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।  पुलिस जांच में जुटी, मोबाइल रिकॉर्डिंग खंगाल रही टीम घटना के बाद इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है. जिन घरों में कुछ दिन पहले शहनाइयां गूंज रही थीं, वहां अब सिर्फ आंसू और मातम दिखाई दे रहा है. नवविवाहित जोड़े की लगातार दो मौतों ने सभी को हैरान कर दिया है।  मामले में पुलिस ने दोनों घटनाओं को दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल रिकॉर्डिंग की मदद से आत्महत्या की वजह तलाशने में जुटी हुई है. फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया गया है।  सीएसपी अतुल सोनी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और मोबाइल रिकॉर्डिंग समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके। 

ट्विशा शर्मा केस में जांच तेज, कोर्ट ने आरोपी पति समर्थ को 7 दिन की रिमांड पर भेजा

भोपाल भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा केस में आरोपी पति समर्थ को कोर्ट ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. कड़ी सुरक्षा के बीच समर्थ को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनुदिता गुप्ता की अदालत में पेश किया गया, जहां सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में भारी भीड़ देखने को मिली. इस दौरान पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में मामले की विस्तृत बहस हुई।  पुलिस ने रिमांड के लिए तर्क देते हुए कहा कि घटनास्थल का वेरिफिकेशन, अन्य साक्ष्यों की जब्ती और विस्तृत बयान दर्ज करने के लिए आरोपी का कस्टडी में रहना जरूरी है. वहीं बचाव पक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अधिकांश साक्ष्य पहले ही जुटाए जा चुके हैं और एक दिन की रिमांड पर्याप्त है. सुनवाई के दौरान मृतका ट्विशा के भाई मेजर हर्षित समेत परिजन भी अदालत पहुंचे।  पुलिस ने मांगी 7 दिन की रिमांड, कोर्ट ने तुरंत कर दी मंजूर, परिजन बोले- पहली जीत मिली ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह की 7 दिन की रिमांड भोपाल कोर्ट ने मंजूर कर दी है. कोर्ट ने आरोपी का पासपोर्ट भी जब्‍त कर लिया है. कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को माना. इधर, समर्थ के वकीलों ने इसका विरोध किया और कोर्ट से केवल 1 दिन की रिमांड देने का अनुरोध किया था. ट्विशा के परिजनों ने इसे अपनी पहली जीत बताया है. पुलिस ने जिला अस्‍पताल में मेडिकल कराने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया था. समर्थ सिंह के भाई सिद्धार्थ और वकीलों की टीम पहले से ही कोर्ट परिसर में थी. समर्थ सिंह की अग्रिम बेल पहले ही कोर्ट रद्द कर चुकी थी, इसके बाद समर्थ फरार हो गया था और उस पर 30 हजार रुपए का इनाम रखा गया था।  दूसरे पोस्टमार्टम के लिए आज भोपाल पहुंचेगी AIIMS दिल्ली की टीम, चार्टर्ड विमान से रवाना होंगे डॉक्टर  ट्विशा शर्मा डेथ केस में दूसरे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अब तेज हो गई है. जानकारी के मुताबिक AIIMS दिल्ली की फॉरेंसिक टीम रविवार को भोपाल पहुंचेगी. यह टीम ट्विशा शर्मा के दोबारा पोस्टमार्टम के लिए गठित किए गए मेडिकल बोर्ड का हिस्सा होगी. सूत्रों के अनुसार अदालत के आदेश में केवल AIIMS दिल्ली के निदेशक को मेडिकल बोर्ड गठित करने के लिए अधिकृत किया गया था. कोर्ट का आदेश मिलने के बाद AIIMS दिल्ली के फॉरेंसिक विभाग प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने निदेशक की मंजूरी से चार वरिष्ठ डॉक्टरों का विशेष मेडिकल बोर्ड तैयार किया है. बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश सरकार की ओर से रविवार सुबह पोस्टमार्टम कराने के लिए आधिकारिक अनुरोध AIIMS दिल्ली को भेजा गया. इसके बाद मेडिकल बोर्ड ने तैयारी शुरू कर दी. टीम अत्याधुनिक फॉरेंसिक उपकरणों के साथ रविवार शाम करीब 6 बजे राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए चार्टर्ड विमान से भोपाल के लिए रवाना होगी. यही मेडिकल बोर्ड ट्विशा शर्मा का दूसरा पोस्टमार्टम करेगा. पूरे मामले पर देशभर की नजर बनी हुई है, क्योंकि केस पहले ही हाई प्रोफाइल और संवेदनशील बन चुका है।   पुलिस ने मांगी 7 दिन की रिमांड, समर्थ के वकील ने किया विरोध, बोले- एक दिन काफी  ट्विशा शर्मा डेथ केस में आरोपी समर्थ सिंह को लेकर कोर्ट में शनिवार को अहम सुनवाई हुई. पुलिस ने अदालत से समर्थ सिंह की 7 दिन की रिमांड मांगी. पुलिस का तर्क था कि मामले में स्पॉट वेरिफिकेशन कराना है, कई अन्य साक्ष्यों की जब्ती बाकी है और कुछ लोगों के विस्तृत बयान भी दर्ज किए जाने हैं. जांच एजेंसी ने कहा कि केस में डिजिटल एविडेंस और घटनास्थल से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल अभी जारी है, इसलिए आरोपी से लंबी पूछताछ जरूरी है. वहीं समर्थ सिंह के वकील ने पुलिस की मांग का विरोध किया. बचाव पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि मामले में जरूरी साक्ष्यों की जब्ती पहले ही हो चुकी है और लंबे समय की रिमांड की आवश्यकता नहीं है. वकील ने कहा कि यदि पूछताछ करनी भी है तो एक दिन की रिमांड पर्याप्त होगी. मामले को लेकर अदालत में दोनों पक्षों के बीच विस्तृत बहस हुई. अब कोर्ट के फैसले पर सभी की नजर टिकी हुई है।  समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस ने किया गिरफ्तार ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जबलपुर पुलिस ने समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस को हैंडओवर कर दिया था. पुलिस उसे भोपाल ले आई है और दोपहर तक उसे कोर्ट में पेश किया। समर्थ सिंह शुक्रवार (22 मई) को जबलपुर जिला जज के कोर्ट रूम में सरेंडर करने पहुंचा था. 12 मई से फरार चल रहे समर्थ सिंह पर 30 हजार रुपये का इनाम रखा गया था. इसके अलावा, पुलिस ने लुक आउट नोटिस भी जारी किया था. इस बीच समर्थ सिंह के वकील ने अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली थी और जज को बताया था कि समर्थ सरेंडर करने को तैयार है।  गिरफ्तारी से बच रहा था समर्थ सिंह शुक्रवार को सरेंडर करने के बाद भोपाल पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था. अब समर्थ सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. पेशे से वकील समर्थ सिंह 12 मई को ट्विशा शर्मा की मौत के बाद से गिरफ्तारी से बच रहा था. बार काउंसिल ने उसकी वकालत का लाइसेंस भी रद्द कर दिया है. जबलपुर जिला न्यायालय में उसके मौजूद होने की खबर मिलने के कुछ देर बाद जबलपुर पुलिस ने समर्थ को हिरासत में लिया और ओमती थाने ले गई, जहां उसे भोपाल पुलिस को सौंप दिया गया।  पुलिस ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 30,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी. इससे पहले, शुक्रवार को समर्थ सिंह ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की अपनी याचिका वापस ले ली थी. इसके साथ ही समर्थ के पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था. आत्मसमर्पण के लिए जबलपुर जिला कोर्ट पहुंचने पर भी गहमागहमी रही क्योंकि ट्विशा के परिजनों के वकील ने यह कहते हुए विरोध किया कि हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक आरोपी समर्थ को या तो भोपाल जिला न्यायालय या फिर मामले के जांच अधिकारी के समक्ष आत्मसमर्पण करना चाहिए।