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नवजात बच्ची की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क का पर्दाफाश

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मानव तस्करी, बाल अपराधों एवं बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त के विरुद्ध सतत, संवेदनशील एवं कठोर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में श्योपुर पुलिस ने एक अत्यंत गंभीर एवं संवेदनशील प्रकरण का सफल खुलासा करते हुए बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़े संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक महिला आरोपी की तलाश जारी है। यह प्रकरण तब सामने आया जब 18 अप्रैल को थाना मानपुर क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे-552 पर सोईकलां के समीप दांतरदा बैरियर के पास लगभग 2 वर्षीय एक मासूम बालिका लावारिस अवस्था में मिली। बालिका के अकेले मिलने तथा परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मामले को संवेदनशीलता से लेते हुए गहन जांच प्रारंभ की। प्रारंभिक स्तर पर यह आशंका व्यक्त की गई कि बालिका को जानबूझकर छोड़ दिया गया है । श्योपुर पुलिस द्वारा घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। साथ ही तकनीकी साक्ष्य, वाहन मूवमेंट, स्थानीय सूचनाओं एवं डिजिटल विश्लेषण के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया। विवेचना के दौरान सामने आया कि उक्त बालिका को वर्ष 2024 में जन्म के कुछ ही दिनों बाद उसकी जैविक मां से अलग कर अवैध रूप से विभिन्न व्यक्तियों के माध्यम से दूसरे लोगों तक पहुंचाया गया था। जांच में यह तथ्य सामने आया कि नवजात बालिका को मनीषा (धार) एवं हेमलता (खरगोन) के माध्यम से इंदौर में ब्यूटी पार्लर संचालिका नीता जैन तक पहुंचाया गया। तत्पश्चात नीता जैन एवं उसके पति वैभव जैन द्वारा राजगढ़ निवासी आकाश एवं उसकी पत्नी कृतिका को 1 लाख रुपए में बालिका को सौंप दिया गया। इसके बाद लगभग दो वर्ष तक बालिका उनके पास रही। बाद में वही दंपती बालिका को लेकर श्योपुर क्षेत्र में सुनसान स्थान पर छोड़कर चले गए। पुलिस द्वारा सघन पूछताछ, डिजिटल ट्रेल, बैंकिंग लेनदेन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड एवं विभिन्न जिलों में समन्वित कार्रवाई के आधार पर आरोपियों को चिन्हित किया गया। तत्पश्चात दबिश देकर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में बालिका को प्राप्त करने वाला दंपती, सौदे में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले व्यक्ति तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्य शामिल हैं। एक महिला आरोपी, जिस पर बालिका को उसकी मां से अलग कराने एवं प्रारंभिक संपर्क स्थापित करने का संदेह है, वर्तमान में फरार है। उसकी गिरफ्तारी हेतु विशेष टीमें लगातार प्रयासरत हैं। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा बालिका की वास्तविक पहचान स्थापित करने के लिए डीएनए परीक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बालिका को किन परिस्थितियों में जन्म के तुरंत बाद मां से अलग किया गया। इस संबंध में नवंबर 2024 के आसपास के डिलीवरी रिकॉर्ड, जन्म रजिस्टर एवं डिस्चार्ज एंट्री भी खंगाली जा रही हैं। पुलिस विभिन्न अस्पतालों, निजी क्लीनिकों एवं संबंधित अभिलेखों की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों, ऑनलाइन भुगतान माध्यमों, मोबाइल चैट एवं कॉल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही हैं, जिससे यह पता लगाया जा सके कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था तथा उनके द्वारा पहले भी ऐसे मामलों को अंजाम दिया गया है। तकनीकी एवं मैदानी स्तर पर समन्वित कार्रवाई के माध्यम से मामले की परत-दर-परत जांच की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त, संदिग्ध दत्तक प्रक्रिया, अस्पतालों अथवा क्लीनिकों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों तथा मानव तस्करी संबंधी किसी भी सूचना को तत्काल पुलिस तक पहुंचाएं। नागरिकों की सतर्कता ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश पुलिस मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।  

प्रेमिका के इनकार से आहत युवक का हाई-वोल्टेज ड्रामा, 120 फीट ऊंचे टावर पर चढ़कर मचाया हंगामा

इटारसी रविवार को आदिवासी विकासखंड केसला के ग्राम जामुनडोल गांव के निवासी एक प्रेमी युवक ने अपनी प्रेमिका से हुए विवाद के बाद हाईवोल्टेज ड्रामा कर पूरे प्रशासन को हिलाकर रख दिया। प्रेमी युवक ने लोगों को 1975 के दशक में आई चर्चित फिल्म शोले के किरदार वीरू की याद दिला दी, जिसमें वीरू यानी धर्मेंद्र अपनी प्रेमिका बसंती (हेमा मालिनी) से शादी की जिद में एक पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। केसला थाना प्रभारी मदन पवार के अनुसार रविवार सुबह गांव का युवक कमल पुत्र संतोष धुर्वे प्रेम प्रसंग में प्रेमिका से हुए विवाद में 125 केवी हाईटेंशन लाइन के करीब 120 फीट ऊंचे एनटीपीसी के टॉवर पर चढ़ गया था। ग्रामीणों से मिली सूचना के बाद केसला पुलिस, एनटीपीसी और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। करीब 5 घंटे की मशक्कत और प्रेमिका से बातचीत कराने के बाद टीम ने युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। पांच घंटे चले इस घटनाक्रम की वजह से मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई थी।

स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने राज्य सरकार सदैव तत्पर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य शासन स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य में 10 हजार स्टार्टअप धारकों ने अपना पंजीयन कराया है। स्टार्टअप शुरू करने वालों को राज्य सरकार प्रतिमाह स्टाइफंड भी दे रही है। प्रदेश में चारों ओर उद्योगों का फैलाव हो, इसके लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। बाहर की कम्पनियों को निवेश के लिए औद्योगिक समिट के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार मिले और प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ता रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर जिले के महू में एक निजी कॉलेज में आयोजित प्लेसमेंट प्रोग्राम में युवाओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉलेज के उन युवाओं को प्लेसमेंट के प्रमाण-पत्र वितरित किए, जिनका प्लेसमेंट विभिन्न कम्पनियों में हुआ। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक सु उषा ठाकुर, कॉलेज के सेक्रेटरी  सुनील बंसल और  शरद त्रिवेदी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को आह्वान किया कि यदि हम किसी विषय को मन लगाकर गहराई से पढ़ते हैं, तो उसकी याददाश्त लम्बे समय तक बनी रहती है। अत: एकाग्रचित होकर अध्ययन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षक बनकर विद्यार्थियों से प्रश्न किए, तो वहीं विद्यार्थियों ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव से प्रश्न किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से विज्ञान और राजनीति से जुड़े प्रश्न किए, तो वहीं विद्यार्थियों ने उद्योग और नवाचार को लेकर प्रश्न किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केवल पाठ्यक्रम तक ही विद्यार्थी स्वयं को सीमित न रखें, वह आगे भी अपना मनन और चिंतन जारी रखे। नये-नये नवाचार करें और स्वयं को भी परखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टार्टअप, गुरूत्वाकर्षण, ब्रह्माण्ड, नवाचार, निवेश आदि को विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने सुशीला देवी बंसल कॉलेज परिसर में आयोजित विज्ञान परियोजना प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों और प्रोजेक्ट के बारे में विद्यार्थियों से जानकारी प्राप्त की। साथ ही सामूहिक चित्र भी खिंचवाये। कार्यक्रम में कॉलेज के सचिव  सुनील बंसल ने बताया कि संस्था के इंदौर के अलावा भोपाल और मंडीदीप में भी कॉलेज है। अधिकांश विद्यार्थियों का प्लेसमेंट मध्यप्रदेश की कम्पनियों में ही हुआ है। इसका श्रेय राज्य सरकार को जाता है कि यहाँ लगातार नये उद्योग खुल रहे है और प्रदेश दिनों-दिन विकसित हो रहा है।  

तोमर ने उप नगर ग्वालियर के वार्ड 17, 6 और 7 में किया सफाई व्यवस्था का निरीक्षण

भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने रविवार को उप नगर ग्वालियर के वार्ड 17, 6 तथा 7 में विभिन्न गली-मोहल्लों की सफाई, सीवर, स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन तथा अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी क्षेत्रवासियों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण सुधार कार्य सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने हिदायत दी कि सीवर की सफाई, कचरा संग्रहण और सड़कों के रखरखाव के कार्य में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाए, लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने आमजन की सीवर, पानी, बिजली तथा सड़क से सम्बन्धित समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्वालियर विधानसभा मेरा परिवार है और परिवार को कोई भी असुविधा न हो मूलभूत सुविधाओ में जो कमी है, उसको तुरंत दुरस्त किया जाए। उन्होंने रविवार की सुबह 6 बजे उप नगर ग्वालियर के वार्ड 17 स्थित विभिन्न गली, मोहल्लों में पेयजलापूर्ति, सीवर सफाई, बिजली व्यवस्था सहित अन्य समस्याओं के सम्बन्ध में स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद किया। उप नगर ग्वालियर के वार्ड 06 स्थित जहाँगीर कटरा,मेवाती मोहल्ला, लधेडी, जगना पुरा, हथियापौर तथा वार्ड 7 के कृष्ण नगर में भी पहुंचे तथा यहां चल रही सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के सम्बन्ध में स्थानीय नागरिकों से जानकारी ली। उन्होंने लोगों से पूछा कि उन्हें राशन मिल रहा है, पेंशन मिल रही है, आयुष्मान कार्ड बन गया है। इसके जबाव में लोगों अपनी सहमति जताई। उन्होंने बहनों तथा बुजुर्ग माताओं से बातचीत कि और उनसे कुशलक्षेम पूछी। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने कहा कि हर कदम पर एक ही भावना रहनी चाहिए, हम बदलेंगे, तो हमारा ग्वालियर बदलेगा। यह राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि एक संकल्प है, अपने शहर, अपनी पीढ़ी और अपनों के भविष्य के लिए। उन्होंने आव्हान किया कि ग्वालियर को स्वच्छ, स्वस्थ और नशा मुक्त बनाने के अपने संकल्प को जनसहभागिता के साथ सफलता की सीढ़ी तक पहुंचाना है। स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जनता की सेवा और समस्याओं का समयबद्ध समाधान आपके सेवक की प्राथमिकता है।  

हब एंड स्पोक मॉडल से प्रदेशभर में स्किल और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए ‘सरदार पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन्स के तहत 12 मेगा स्किल हब और 63 जिला स्किल केंद्र स्थापित करेगी। यह मेगा स्किल हब और जिला स्किल केंद्र प्रदेश की आर्थिक प्रगति के साथ-साथ युवाओं के भविष्य को भी मजबूत आधार देंगे। इसके लिए योगी सरकार करीब 14,760 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके जरिये योगी सरकार ने हर साल 10 लाख से अधिक युवाओं को एडवांस स्किलिंग देने का लक्ष्य रखा है।  हब एंड स्पोक मॉडल से बदलेगी तस्वीर योगी सरकार की योजना ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल पर आधारित होगी। इसमें 12 बड़े शहरों क्रमश: लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, मेरठ, सहारनपुर, झांसी, बरेली, मुरादाबाद और गाजियाबाद में मेगा स्किल हब बनाए जाएंगे। इनके साथ जुड़े 63 जिला स्किल केंद्र ‘स्पोक’ के रूप में काम करेंगे। इस मॉडल के जरिए हर जिले तक कौशल विकास और उद्योगों की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। मेगा स्किल हब जहां बड़े स्तर पर प्रशिक्षण और उद्योगों को आकर्षित करेंगे, वहीं जिला केंद्र स्थानीय युवाओं को उनकी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण देंगे। इसकी विशेषता है कि इसमें स्किलिंग और औद्योगिक विकास को एक साथ जोड़ा गया है। योगी सरकार का उद्देश्य हर जिले में ऐसे औद्योगिक जोन विकसित करना है, जहां युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी मिलें। इन केंद्रों में तकनीकी कौशल के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल, भाषा प्रशिक्षण, डिजिटल साक्षरता और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके अलावा उद्योगों के लिए ‘प्लग एंड प्ले’ सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा।   रोबोटिक्स, डेटा एनालिटिक्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमशन का दिया जाएगा प्रशिक्षण स्किल हब और जिला केंद्रों में प्रशिक्षण की विविध श्रेणियां होंगी। इसमें पारंपरिक कौशल के साथ-साथ आधुनिक और भविष्य आधारित कौशल जैसे रोबोटिक्स, डेटा एनालिटिक्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, डिजिटल मार्केटिंग आदि शामिल होंगे। स्थानीय जरूरतों के अनुसार कौशल चयन किया जाएगा, जिससे ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) जैसी योजनाओं को भी मजबूती मिलेगी। इससे न केवल स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। योजना में सरकार के साथ निजी क्षेत्र की भी अहम भूमिका होगी। सरकार बुनियादी ढांचा और प्रारंभिक निवेश उपलब्ध कराएगी जबकि संचालन और प्रशिक्षण का काम निजी साझेदारों के जरिए किया जाएगा। शुरुआती पांच वर्षों तक वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) के जरिए इन संस्थानों को सहयोग दिया जाएगा। इससे स्किलिंग सेंटर और उद्योग इकाइयां आत्मनिर्भर बन सकेंगी और लंबे समय तक टिकाऊ विकास सुनिश्चित होगा। इन मेगा स्किल हब और जिला केंद्रों में आधुनिक बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें बिजली, पानी, सड़क, इंटरनेट, सुरक्षा, आवास, खेल और मनोरंजन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही स्टार्टअप सपोर्ट सेंटर, प्लेसमेंट एजेंसियां, रिसर्च और डिजाइन सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को प्रशिक्षण के बाद सीधे रोजगार या स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।

कंट्रोल रूम में लगी आग ने जलाए अहम दस्तावेज, जांच में जुटी पुलिस

छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले के पुलिस महकमे से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। शहर के पुलिस लाइन स्थित कंट्रोल रूम के रिकॉर्ड रूम में रविवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना में पुलिस विभाग के कई महत्वपूर्ण और बरसों पुराने दस्तावेज जलकर खाक हो गए हैं। रिकॉर्ड रूम से उठा धुआं और अफरा-तफरी रविवार की दोपहर जब पुलिस लाइन में सामान्य कामकाज चल रहा था, तभी रिकॉर्ड रूम से अचानक धुआं निकलता देख ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस लाइन में मौजूद पुलिस बल ने बिना देर किए आग बुझाने के संसाधनों का उपयोग शुरू किया।  

जबलपुर हादसा: दो दिन बाद खत्म हुआ सर्च ऑपरेशन, पिता-पुत्र के शव बरामद

जबलपुर  बरगी बांध में गुरुवार को डूबे क्रूज में सवार लापता पर्यटकों में से 48 घंटे बाद नौ वर्षीय मयूरन पिता परिमल और आर कामराज के शव आज रविवार की सुबह से शुरू हुए सर्च ऑपरेशन में मिल गए हैं। हादसे के 48 घंटे बाद सर्च अभियान भी समाप्‍त हो गया। चार लोग लापता थे, एक एक तीन के शव मिल गए घटना के बाद से जबलपुर आयुध निर्माणी खमरिया निवासी आर कामराज, उनका भतीजा मयूरन (9) लापता थे। तलाश के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने शनिवार को सुबह छह बजे से रेस्क्यू अभियान चला रही है। विशेष विमान से तमिलनाडु ले जाया गया शव दुर्घटना में मृत दो महिला पर्यटकों के शव को शनिवार को विशेष विमान से तमिलनाडु ले जाए गए थे। आयुध निर्माणी खमरिया में कार्यरत कामरान अपनी पत्नी, बच्चों, तमिलनाडु से आए माता-पिता, भाई-भाभी एवं अन्य स्वजन के साथ घूमने पहुंचे थे। हादसे के दौरान 10 वर्षीय बेटा लहरों के सहारे किनारे आ गया था, जिसे सुरक्षित बचा लिया गया। लेकिन उसका छोटा बेटा श्रीतमिलवेंदन और भतीजा मयूरन सहित स्वयं आर कामराज डूब गए थे। रविवार की सुबह भतीजा मयूरन और आर कामराज के शव भी मिल गए।  

मंत्रालय वल्लभ भवन में हुआ अल्पविराम कार्यक्रम

मंत्रालय वल्लभ भवन में हुआ अल्पविराम कार्यक्रम निजी जीवन और कार्यस्थल पर सरल कार्य संस्कृति के टिप्स दिए भोपाल  पुलिस कर्मियों को बिना स्ट्रेस के आनंदपूर्वक अपनी सेवा देने के उद्देश्य से मंत्रालय वल्लभ भवन, सतपुड़ा एवं विंध्याचल भवन के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अल्पविराम प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वयं की स्वयं से बात में विशेषज्ञों ने कई टिप्स दिए। निजी जीवन और कार्यस्थल पर सरल कार्य संस्कृति पर विशेष बल दिया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम का रविवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण में प्रतिभागी अधिकारियों और कर्मचारियों को निजी जीवन एवं कार्य स्थल पर आनंद के महत्व को बताया गया। जीवन में आंतरिक आनंद के महत्व को बताया गया सभी ने जीवन के विभिन्न पहलुओं में उत्साह और ऊर्जा के विभिन्न आयामों पर विमर्श किया और कार्य स्थल पर टिप्स को अपनाने पर बल दिया। इस अवसर पर मंत्रालय के रजिस्ट्रार श्री मनोज श्रीवास्तव, सहायक पुलिस आयुक्त सुरक्षा अविनाश शर्मा, आनंद विभाग के मास्टर ट्रेनर श्रीमती अंजना श्रीवास्तव, मुकेश, अजीत एवं समन्वयक के रूप में आनंद विभाग के श्री मनु दीक्षित भी उपस्थित रहें।  

लक्ष्मी गामड़ की पोस्ट पर बवाल, ‘सामने वाले को थप्पड़ मारने वाला असिस्टेंट’ की मांग से हड़कंप

 भोपाल मध्य प्रदेश अजब है, सबसे गजब है ये बात एक बार फिर सही साबित हो रही है. इस बार गजब खबर राजधानी भोपाल से सामने आई है. भोपाल में पदस्थ मध्य प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा की लेडी अधिकारी लक्ष्मी गामड़ का एक सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो रहा है. जिसमें उनको एक ऐसे असिस्टेंट की तलाश है जो उनके इशारे पर जरूरत के हिसाब से सामने वाले को दो चमाट (थप्पड़) रसीद कर सके।  लक्ष्मी गामड़ ने सोशल मीडिया पर इसकी वैकेंसी ओपन बताते हुए संपर्क करने के लिए कहा है. उनकी इस पोस्ट पर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल भी किया जा रहा है. एक यूजर ने लिखा कि आप प्रशासनिक अधिकारी हैं. आपको ऐसे पोस्ट मीडिया में डालने से बचना चाहिए. हालांकि, वहीं कई यूजर्स बोले बताइए मैडम जी कब से ज्वाइन करना है नौकरी?  बाद में डिलीट कर दिया पोस्ट सोशल मीडिया पर जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई तो महिला अधिकारी ने चुपचाप इसे डिलीट कर दिया. आपको बता दें कि लक्ष्मी अलग-अलग रील बनाकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहती हैं. गामड़ की फेसबुक पोस्ट पर अलग-अलग रील देखने को मिलेगी. जिसमें कई पब्लिक स्पॉट पे रील बनी हैं. लेकिन अभी तक इस पोस्ट को लेकर उनकी सफाई सामने नहीं आई है।  वहीं 1 मई को मजदूर दिवस की बधाई देते हुए उन्होंने पोस्ट किया था. जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था. जिसमें उन्होंने लिखा था कि ऐसा बिल्कुल नहीं कि बीवियां सिर्फ खून पीती हैं. हम भी कभी-कभी मजदूरों पर तरस खाकर खून भी दान देते हैं।  कौन है लक्ष्मी गामड़ लक्ष्मी गामड़ राज्य सेवा प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं. नीमच में अपर कलेक्टर रह चुकी हैं. फिलहाल उनकी तैनात भोपाल स्थित एमपी गवर्नमेंट प्रेस में अपर नियंत्रक पद पर है। 

सिस्टम फेल या दबाव ज्यादा? स्लॉट बुकिंग अटकी, 44 हजार किसान शेष, डेडलाइन 23 मई

सागर समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में जैसे-जैसे तेजी आ रही है, वैसे ही किसानों की समस्याएं भी बढ़ रहीं हैं। पिछले 3 दिनों से किसान स्लॉट बुकिंग से परेशान हैं। पूरे दिन सर्वर समस्या से स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं। कई किसान रात-रात भर जागकर मोबाइल से स्लॉट बुकिंग का प्रयास कर रहे हैं। जिले में अब तक मात्र 16590 किसान ही गेहूं बेच पाए हैं और 33272 के स्लॉट बुक हो पाए हैं। वहीं 44 हजार से अधिक किसान के स्लॉट बुक नहीं हुए हैं। स्लॉट बुकिंग की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 से बढ़ाकर 23 मई कर दी है। इस बार 4 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य बीते साल जिले से 3 लाख 44 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, लेकिन इस बार सरकार ने जिले से 4 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया है, जबकि अभी मात्र 66 हजार मीट्रिक टन ही खरीदी हो पाई है। बारदाना की कमी दूर करने 11 हजार बारदाना गठान होने का दावा प्रशासन कर रहा है, इससे करीब 2 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सकेगा। मौसम ने बढ़ाई चिंता, खुले में रखा है अनाज गुरुवार को हुई बूंदाबांदी और बदलते मौसम के कारण जिला प्रशासन की चिंताएं बढ़ गईं हैं। खरीदी केंद्रों पर किसानों से खरीदा गया गेहूं खुले आसमान के नीचे है, इससे अनाज भीगने की आशंका बनी हुई है। हालांकि नागरिक आपूर्ति निगम का कहना है कि 176 केंद्रों में से 116 केंद्र गोदाम स्तरीय हैं, 11 केंद्र मंडी में बनाए गए हैं। सिर्फ 45 केंद्र समितियां चला रहीं हैं, वहां भी पानी से बचाव के पर्याप्त इंतजाम हैं। केंद्रों से 39001 मीट्रिक टन अनाज परिवहन कर लिया गया है, जबकि 52130 मीट्रिक टन रेडी टू ट्रांसपोर्ट कैटेगरी में रखा गया है। 175.18 में से 17.40 करोड़ रुपए किसानों को भुगतान हो गए। खरीदी केंद्रों पर गेहूं उपार्जन जारी है, एक-दो दिन से सर्वर की वजह से स्लॉट बुकिंग की जो समस्या आई है, लेकिन गुरुवार को ही 1500 से अधिक स्लॉट बुक हुए हैं। गुरुवार को भैंसवाही व रहली रोड के खरीदी केंद्र से बूंदाबांदी की सूचना आई थी, लेकिन वहां भी अनाज को बचाने के पर्याप्त इंतजाम थे। बारिश से नुकसान की कोई सूचना नही है।- ज्योति बघेल, अधिकारी जिला आपूर्ति निगम।