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भोपाल AIIMS की बड़ी उपलब्धि, जटिल जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी से ट्रांसजेंडर महिला की जिंदगी में आया बदलाव

भोपाल  अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भोपाल में डॉक्टरों की टीम ने एक ट्रांसजेंडर महिला की जटिल बॉटम सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की है। सरकारी अस्पताल में इस तरह की यह पहली सर्जरी बताई जा रही है। करीब आठ घंटे तक चले ऑपरेशन के जरिए मरीज के शरीर को उनकी लैंगिक पहचान के अनुरूप बनाने की प्रक्रिया पूरी की गई। सर्जरी मरीज की इच्छा, सहमति, काउंसलिंग और चिकित्सकीय जांच के बाद की गई। मरीज ने लगभग 14 साल तक पुरुष के रूप में जीवन बिताया, लेकिन वह स्वयं को महिला के रूप में पहचानती थीं। इसी पहचान के अनुरूप जीवन जीने की इच्छा लेकर वह एम्स भोपाल के ट्रांसजेंडर क्लीनिक पहुंचीं। यहां विशेषज्ञों ने उनकी काउंसलिंग की और जरूरी जांचों के बाद सर्जरी का निर्णय लिया। आठ घंटे की जटिल सर्जरी  एम्स के डॉक्टरों के अनुसार, यह प्रक्रिया संवेदनशील होने के साथ चिकित्सकीय रूप से चुनौतीपूर्ण भी थी। विशेषज्ञों की टीम ने करीब आठ घंटे में ऑपरेशन पूरा किया। सर्जरी के बाद मरीज को निगरानी में रखा गया और उनकी सेहत में संतोषजनक सुधार होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल से जाते समय मरीज ने इस बदलाव पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि सर्जरी से उन्हें अपनी पहचान के अनुरूप जीवन जीने और भविष्य में अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इन्होंने किया ऑपरेशन इस सर्जरी को एम्स भोपाल के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग की अध्यक्ष डॉ. मनाल खान और सहायक प्राध्यापक डॉ. अभिनव सिंह ने अपनी टीम के साथ अंजाम दिया। ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. अनुज जैन, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के डॉ. अरुण कुमार डोरा और यूरोलॉजी विभाग के डॉ. देवाशीष कौशल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों के समन्वय से यह जटिल प्रक्रिया पूरी की गई। एम्स में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए समर्पित क्लीनिक एम्स भोपाल में ट्रांसजेंडर समुदाय की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए समर्पित क्लीनिक संचालित है। यहां मरीजों को जांच, काउंसलिंग और जरूरत के अनुसार इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इस तरह की सर्जरी में मरीज की इच्छा, सूचित सहमति और चिकित्सकीय मूल्यांकन को विशेष महत्व दिया जाता है। क्या होती है बॉटम सर्जरी? बॉटम सर्जरी लैंगिक पहचान के अनुरूप शरीर के जननांगों में बदलाव करने वाली सर्जरी है। ट्रांसजेंडर महिलाओं के मामले में इसका उद्देश्य शारीरिक संरचना को उनकी लैंगिक पहचान के अनुरूप बनाना होता है। यह एक जटिल चिकित्सकीय प्रक्रिया है, जिसके लिए विशेषज्ञों की टीम, विस्तृत परामर्श और ऑपरेशन के बाद उचित देखभाल की जरूरत होती है।     यह सर्जरी संस्थान की बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और सभी लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रदेश के शासकीय अस्पताल में पहली बार ऐसी सर्जरी होना संस्थान के लिए गर्व की बात है।     – लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) डॉ. नरेंद्र कोतवाल, कार्यपालक निदेशक, एम्स भोपाल।  

लाडली बहनों के खाते में 14 अक्टूबर को आएगी 41वीं किस्त, CM मोहन यादव करेंगे राशि ट्रांसफर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव देंगे नवरात्रि में लाडली बहनों को देंगे 41 वीं किश्त की सौगात 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में अंतरित होगी राशि 14 अक्टूबर को उमरिया के गुरुवाही से सिंगल क्लिक से होगी जारी राशि 144 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन उमरिया नवरात्रि के पावन पर्व पर प्रदेश की लाड़ली बहनों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 41 वीं किश्त की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री 14 अक्टूबर को उमरिया जिले के मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत गुरुवाही ग्राम में आयोजित लाड़ली बहना योजना सम्मेलन में सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की किश्त की राशि अंतरित करेंगे। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,500 रुपये के मान से आर्थिक सहायता राशि अंतरित की जायेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी करेंगे। नवरात्रि के दौरान महिलाओं को मिलने वाली यह राशि महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सम्मान के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी। महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को मजबूत कर रही योजना मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में निरंतर सुधार करना तथा परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका को सशक्त करना है। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ परिवार की आर्थिक गतिविधियों में भी अधिक प्रभावी भागीदारी निभा सकें। योजना के अंतर्गत पात्र सामान्य लाभार्थी महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ प्राप्त करने वाली पंजीकृत पात्र महिलाओं को योजना के प्रावधानों के अनुसार प्रतिमाह 900 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। सहायता राशि आधार से जुड़े डीबीटी सक्रिय बैंक खातों में सीधे अंतरित की जाती है, जिससे भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी और सुविधाजनक बनी रहती है। जून 2023 से अब तक 40 किस्तों का नियमित अंतरण योजना के अंतर्गत जून 2023 में लगभग 1.25 करोड़ लाभार्थी महिलाओं को पहली मासिक आर्थिक सहायता राशि अंतरित की गई थी। सितंबर 2026 तक नियमित रूप से 40 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। अब 14 अक्टूबर बुधवार को 41वीं किस्त जारी की जाएगी। इसके अतिरिक्त अगस्त 2023, अगस्त 2024, अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में लाभार्थी महिलाओं को चार बार 250-250 रुपये की विशेष आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनके आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास को बढ़ावा दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना में 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। 136 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव उमरिया जिले के गुरुवाही में आयोजित लाड़ली बहना योजना सम्मेलन में कुल 14,415.93 लाख रुपये की लागत के 136 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। इनमें 8,731.55 लाख रुपये की लागत के 68 कार्यों का लोकार्पण और 5,684.41 लाख रुपये की लागत के 68 कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है। इन विकास कार्यों में बांधवगढ़ और मानपुर विधानसभा क्षेत्रों के कार्य भी शामिल हैं। बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 5,906.99 लाख रुपये की लागत के 18 कार्यों का लोकार्पण तथा 3,225.22 लाख रुपये की लागत के 46 कार्यों का भूमि-पूजन किया जाएगा। मानपुर विधानसभा क्षेत्र में 2,824.56 लाख रुपये की लागत के 50 कार्यों का लोकार्पण तथा 2,459.16 लाख रुपये की लागत के 22 कार्यों का भूमि-पूजन होगा।  

जहां की थी गोलीबारी, वहीं जमानत पर लौटकर निकाला जुलूस; सड़क पर लगा लंबा जाम

 भोपाल कोहेफिजा के करबला इलाके में गोलीबारी के मामले में जेल पहुंचे बदमाश शाहिद इटारसी उर्फ शाहिद अंसारी की सोमवार रात जमानत पर रिहाई हुई तो उसके समर्थकों ने स्वागत के नाम पर सड़क पर शक्ति प्रदर्शन किया। उसे लेने 100 से ज्यादा समर्थक कारों और बाइकों से केंद्रीय जेल पहुंचे। इसके बाद लालघाटी से वीआइपी रोड तक काफिला निकाला गया। करीब आठ किलोमीटर के रास्ते पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। कार की छत से हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन रात करीब 10 बजे यातायात प्रभावित होने से आम वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शाहिद कार में सवार होकर निकला और कार की छत से हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन करता रहा। पीछे कारों और बाइकों का हुजूम चलता रहा।  

प्रेम प्रसंग में छात्रा की हत्या से सनसनी, रतलाम पुलिस ने प्रयागराज से आरोपी को दबोचा

रतलाम  राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के घाटोल से शुरू हुई प्रेम कहानी का रतलाम में खौफनाक अंत हो गया। 20 वर्षीय प्रथम वर्ष की छात्रा सुनहरी पुत्री नारायण भगोरा की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके प्रेमी 20 वर्षीय विकास पुत्र प्रतिपाल यादव को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। सुनहरी 9 अक्टूबर को घर से लापता हुई थी। अगले दिन रतलाम में रेलवे ट्रैक किनारे नाले में उसका शव मिला। विकास उसे प्रयागराज ले जाने की बात कहकर स्टेशन क्षेत्र में ले गया और विवाद के बाद गला घोंटकर हत्या कर दी। शव नाले में छोड़कर वह प्रयागराज भाग गया। बांसवाड़ा से रतलाम तक की घटना और शिनाख्त सुनहरी बांसवाड़ा जिले के घाटोल थाना क्षेत्र के बडलिया की रहने वाली थी। विकास भी उसी गांव का निवासी है। वह मूल रूप से प्रयागराज के पास बिजलपुर गांव का रहने वाला है और बांसवाड़ा में परिवार के साथ रहकर मावे की दुकान पर मिठाई बनाने का काम करता था। सुनहरी के लापता होने पर स्वजन ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी और विकास पर उसे साथ ले जाने का संदेह जताया था। 10 अक्टूबर को सुबह 11 से 12 बजे के बीच रतलाम जीआरपी को प्लेटफार्म नंबर-4 से आगे बकरा पुल के पास रेलवे ट्रैक किनारे नाले में शव मिलने की सूचना मिली। जीआरपी ने शव को मेडिकल कॉलेज की मर्चुरी में रखवाया। पहचान के लिए तस्वीर आसपास के थानों और जिलों की पुलिस को भेजी गई। बांसवाड़ा पुलिस तक तस्वीर पहुंचने के बाद 12 अक्टूबर को सुनहरी की पहचान हुई। मंगलवार को उसके स्वजन तीन वाहनों से रतलाम पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। होटल में चार घंटे रुके, फिर स्टेशन की ओर ले गया बांसवाड़ा पुलिस विकास की तलाश में प्रयागराज पहुंची। वह गांव में नहीं मिला तो स्वजन से संपर्क किया। परिवार में किसी की मृत्यु के बाद आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने आए विकास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को डीएसपी देवेंद्र सिंह टीम के साथ उसे रतलाम लाए और एसपी अमित कुमार को सूचना दी। एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल, राजस्थान पुलिस और जीआरपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। तलाशी में शव मिलने की जगह से स्टेशन की ओर करीब 100 मीटर दूर कॉलेज बैग मिला। उसमें किताबें, कापियां और कॉलेज की यूनिफॉर्म थी। राजस्थान पुलिस ने बैग जब्त कर लिया। शारीरिक संबंध, विवाद और हत्या का खुलासा टीम विकास को स्टेशन रोड की मनोहर गली स्थित होटल जय महाकाली ले गई। रजिस्टर के अनुसार वह 9 अक्टूबर की शाम सुनहरी के साथ कमरा नंबर-2 में रुका था। दोनों करीब चार घंटे बाद वहां से निकले। डीएसपी देवेंद्र सिंह ने बताया कि विकास ने पूछताछ में होटल में युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाने और रेलवे ट्रैक किनारे विवाद के बाद गला घोंटकर हत्या करने की बात बताई। जीआरपी थाना प्रभारी सोहनलाल पाटीदार ने बताया कि विकास युवती को स्टेशन के बाहर से दूसरे रास्ते बकरा पुल की ओर ले गया, ताकि दोनों सीसीटीवी कैमरों में कैद न हों। होटल और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटा रहे हैं। आरोपित के किसी दूसरी युवती से संबंध होने की जानकारी भी सामने आई है। हत्या की वजह और घटनाक्रम की पुष्टि के लिए जांच जारी है।  

मध्य प्रदेश में DA बढ़ोतरी की तैयारी, दिवाली से पहले मिल सकती है खुशखबरी

 भोपाल प्रदेश में साढ़े चार लाख पेंशनरों की महंगाई राहत दस माह से नहीं बढ़ाई गई है। अभी भी इन्हें एक जनवरी 2026 से सातवें वेतनमान में 58 और छठे वेतनमान में 257 की दर से महंगाई राहत मिल रही है। जबकि, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को एक जनवरी 2026 से ही भारत सरकार द्वारा निर्धारित 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता व राहत दी जा रही है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल को पत्र लिखकर एक जनवरी 2026 से ही महंगाई राहत बढ़ाकर देने की मांग की है। कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ भेदभाव का आरोप पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी, प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने सामान्य प्रशासन विभाग के 26 मई 2026 के परिपत्र का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। जब अखिल भारतीय सेवा के सदस्यों को एक जनवरी 2026 से बढ़ी दरों पर 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है तो इसके लाभ से प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों को वंचित क्यों रखा गया है। दस माह से पेंशनर महंगाई राहत में वृद्धि की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारी सीमित पेंशन पर निर्भर रहते हैं और उन्हें बढ़ती कीमतों के साथ चिकित्सा खर्च तथा दैनिक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। शीघ्र मांग न मानने पर आंदोलन की चेतावनी एसोसिएशन की भोपाल इकाई के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने महंगाई राहत में शीघ्र वृद्धि के आदेश जारी करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होता है तो हम आंदोलन के लिए सड़क पर उतरने को विवश होंगे। सूत्रों का कहना है कि सरकार दीपावली के आसपास महंगाई भत्ता और राहत बढ़ाने की घोषणा कर सकती है। इसे लेकर वित्त विभाग तैयारी कर चुका है और वरिष्ठ स्तर से हरी झंडी की प्रतीक्षा है।  

बाढ़ प्रभावितों को आर्थिक मदद और स्टेशनरी सामग्री वितरित

आपदा प्रभावित परिवारों की मदद और बच्चों की शिक्षा को जारी रखना संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल : श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ग्वालियर छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए गोपाल किरन समाजसेवी संस्था (GKSSS) ने आर्थिक सहयोग प्रदान करने के साथ पीड़ितों के लिए स्टेशनरी सामग्री भी भेजी। संस्था की इस पहल का उद्देश्य आपदा से प्रभावित लोगों को कठिन परिस्थितियों में सहयोग देना तथा बच्चों की शिक्षा को बाधित होने से बचाने की दिशा में प्रयास करना है। गोपाल किरन समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने कहा कि आपदा के समय प्रभावित परिवारों की सहायता करना संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल है। संस्था समय-समय पर आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए सहयोग करती रही है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण लोगों को आर्थिक कठिनाइयों, दैनिक आवश्यकताओं की कमी और बच्चों की शिक्षा से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होना सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय संवेदना का महत्वपूर्ण उदाहरण है।  निमराजे ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएँ केवल घरों, संपत्तियों और आजीविका को ही प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई और उनके सामान्य जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। इसलिए प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहयोग देने के साथ बच्चों के लिए स्टेशनरी सामग्री उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। संस्था की ओर से भेजी गई शैक्षणिक सामग्री का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना और विपरीत परिस्थितियों में उनके शैक्षणिक हितों का ध्यान रखना है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सहायता, जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और शिक्षा को प्रोत्साहन देना गोपाल किरन समाजसेवी संस्था के कार्यों की प्रमुख प्राथमिकताएँ हैं। संस्था का मानना है कि सामाजिक सेवा का वास्तविक अर्थ केवल सामान्य परिस्थितियों में समाज के लिए कार्य करना नहीं, बल्कि संकट के समय जरूरतमंद लोगों के साथ खड़े होकर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहयोग करना भी है। आपदा प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिलने से उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करने में संबल मिलता है। गोपाल किरन समाजसेवी संस्था शिक्षा, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तीकरण, वंचित समुदायों के कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में कार्य करती रही है। संस्था अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता के अंतर्गत जरूरतमंद लोगों की सहायता तथा आपदा के समय सहयोगात्मक गतिविधियों को भी महत्व देती है। जगदलपुर के बाढ़ पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता और स्टेशनरी सामग्री भेजने की पहल इसी सामाजिक दृष्टिकोण का हिस्सा है। श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने कहा कि आपदाओं से प्रभावित लोगों की सहायता करना केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के सभी सक्षम व्यक्तियों, सामाजिक संगठनों और संस्थाओं का साझा दायित्व है। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि वे जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए आगे आएँ और विशेष रूप से प्रभावित बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में यथासंभव योगदान दें। संस्था का उद्देश्य है कि कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे परिवारों को सहयोग मिले और बच्चों को शिक्षा से जुड़े रहने के अवसर प्राप्त हों। गोपाल किरन समाजसेवी संस्था आगे भी अपनी क्षमता और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार सामाजिक जरूरतों तथा आपदा प्रभावित लोगों की सहायता के लिए प्रयासरत रहेगी।  

राज्यमंत्री गौर बोली – क्षेत्र का समग्र विकास प्राथमिकता, वार्ड 74 को मिलेंगे नए विकास कार्य

क्षेत्र का समग्र विकास और उन्नत नागरिक सुविधाएं हमारी प्राथमिकता : राज्यमंत्री  गौर वार्ड 74 में 60 लाख रुपये के विकास कार्यों किया भूमि-पूजन भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा कि गोविंदपुरा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास तथा नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण मूलभूत नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क, नाली, पेयजल एवं अन्य ढांचागत संरचनाओं को सशक्त बनाने की दिशा में विकास कार्य निरंतर गतिशील हैं। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौर ने उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए तथा उन्हें निर्धारित समयावधि के भीतर पूर्ण किया जाए, जिससे जन-सामान्य को इन लोक-कल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ अविलंब मिल सके। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर मंगलवार को भोपाल के गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 74 में लगभग 60 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत विभिन्न बुनियादी विकास कार्यों के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं ।उन्होंने कहा कि इन जनोपयोगी निर्माण कार्यों के पूर्ण होने से संपूर्ण क्षेत्रवासियों को सुदृढ़ सड़क मार्ग एवं समुचित जल-निकासी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के क्षेत्र में स्थायी राहत एवं सुगमता प्राप्त होगी। राज्यमंत्री  गौर ने साईंधाम करारिया में 17 लाख 60 हजार रुपये की लागत से बनने वाली सीसी रोड एवं आरसीसी नाली निर्माण कार्य तथा कैलाश नगर सेमरा में 12 लाख 25 हजार रुपये की लागत से निर्मित होने वाली सीसी नाली का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने महाराज रंजीत सिंह मार्ग से गणपति रॉयल तक 13 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित सीसी रोड, कैलाश नगर में 11 लाख 50 हजार रुपये की लागत से आकार लेने वाली सीसी रोड व आरसीसी नाली तथा शारदा नगर में 4 लाख रुपये की लागत के सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। समारोह के समापन अवसर पर राज्यमंत्री  गौर ने विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के कड़े निर्देश दिए। वहीं, क्षेत्र में बुनियादी विकास की इस नई सौगात के लिए स्थानीय नागरिकों एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने राज्यमंत्री श्रीमती गौर का हृदय से आभार व्यक्त किया।  

MP Tourism: मध्यप्रदेश में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, इंदौर में निजी होटल का शुभारंभ कर CM ने बताई विकास की रफ्तार

मध्‍यप्रदेश में पर्यटन सुविधाओं और आर्थिक गतिविधियों का तेजी से हो रहा है विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में किया एक निजी होटल का शुभारंभ इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। प्रदेश में आधुनिक सुविधाओं से युक्त होटल एवं अन्य बड़ी परियोजनाओं में निवेश से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है और जनता के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए इंदौर का महत्व और अधिक बढ़ गया है। उज्जैन के निकट होने के कारण इंदौर में पर्यटकों, श्रद्धालुओं और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े लोगों की आवाजाही में वृद्धि होगी। ऐसे में कॉर्पोरेट जगत की बैठकों, व्यापारिक आयोजनों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होटल्स की महती भूमिका होती है। उन्होंने होटल के शुभारंभ पर बधाई देते हुए कहा कि नवरात्रि के पावन पर्व पर अहिल्या की नगरी इंदौर को यह नई सुविधा मिलना विशेष महत्व रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि होटल पर्यटन, व्यापार और कॉर्पोरेट गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के साथ ही इंदौर की आधुनिक आतिथ्य सुविधाओं को और मजबूत करेगा। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी तथा रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला तथा विधायक मधु वर्मा, सुमित मिश्रा, श्रवण सिंह चावड़ा, मयंक राज सिंह भदौरिया सहित वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश में बदलेगा मौसम, ग्वालियर-चंबल में बारिश और भोपाल-इंदौर में दिन में गर्मी का असर

भोपाल  मध्य प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के 9 जिलों में असर देखने को मिलेगा। इससे पहले 13 और 14 अक्टूबर को मौसम साफ रहेगा।मौसम केंद्र (IMD) के मुताबिक- ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अनुमान है। भोपाल और इंदौर में रात में ठंडक बनी रहेगी, जबकि उज्जैन, जबलपुर समेत अन्य शहरों में भी ऐसा ही मौसम रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) का असर खत्म हो गया, लेकिन अब नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। उत्तरी हिस्से में एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) और नए चक्रवात की वजह से प्रदेश में असर देखने को मिलेगा। मानसून लौट चुका, बारिश जारी प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही मानसून लौट चुका है, लेकिन सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर फिर से शुरू हुआ। पिछले एक सप्ताह से पूर्वी हिस्से के जिलों में आंधी-बारिश का असर देखा गया। हालांकि, रविवार और सोमवार को कहीं भी आंधी-बारिश रिकॉर्ड नहीं की गई। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिल गई। वहीं, रात में ठंडक है। वहीं, कई जिलों में बारिश भी हो रही है। इस बार प्रदेश में 100 दिन तक दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिव रहा है। इस साल सामान्य से कम हुई बारिश दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी, 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है। इन 25 जिलों में कोटा फुल भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर। बाकी 30 जिलों में कम बारिश हुई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

स्व. तेजकुंवरबाई काश्यप को CM मोहन यादव की श्रद्धांजलि, परिजनों के प्रति जताई संवेदना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. तेजकुंवरबाई काश्यप को पुष्पांजलि अर्पित कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं रतलाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य काश्यप की माताजी, एवं समाजसेवी स्व. श्रीमती तेजकुंवरबाई काश्यप के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम स्थित विसाजी मेंशन, स्टेशन रोड पहुंचकर स्व. श्रीमती काश्यप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोकाकुल परिजन से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया और इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. श्रीमती तेजकुंवरबाई काश्यप के जीवन का स्मरण करते हुए कहा कि उन्हें माताजी का स्नेह सदैव मिलता रहा। उन्होंने कुक्षी जैसे छोटे स्थान से अपनी जीवन यात्रा प्रारंभ की। पति के निधन के बाद उन्होंने अपनी छोटी-छोटी संतानों को संभाला और उन्हें संस्कारों के साथ आगे बढ़ाया। उन्होंने दूरदृष्टि के साथ अपने पुत्रों को कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी और परिवार को सुदृढ़ आधार प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतान ही अमरता की निशानी है। स्व. श्रीमती काश्यप ने अपने उत्तराधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपकर उनकी कार्ययात्रा को आगे बढ़ते हुए देखा। चेतन्य काश्यप फाउंडेशन जरूरतमंद परिवारों के पुनर्वास, स्वावलंबन और संस्कार निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तेजकुंवरबाई के नाम में ही तेज समाहित था और उनका तेज सदैव सबके कल्याण के लिए रहा। उन्होंने उनके जीवन की यात्रा को निकट से देखा है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत पुण्यात्मा को शत-शत नमन करते हुए परमात्मा के श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने की प्रार्थना की।