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श्रम विभाग में अधिकारियों को तनावमुक्त और कार्यकुशल बनाने के लिए ऑनलाइन सत्र आयोजित

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि हमारे अधिकारी निरंतर भारी दबाव में जनसेवा का कार्य करते हैं, इसलिए उनकी भलाई और मानसिक स्वास्थ्य हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंत्री  पटेल श्रम विभाग के अधिकारियों के लिए आयोजित 'उच्च-तनाव वाली लोक सेवा भूमिकाओं में बर्नआउट की रोकथाम' विषय पर एक विशेष ऑनलाइन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मंत्री  पटेल ने कहा कि कार्यस्थल पर तनाव से जुड़े फीडबैक तंत्र को लागू कर विभागीय टीमों की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। इस सत्र में राज्य से 79 वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। दिनभर की भागदौड़, लगातार बजते फोन और फाइलों के दबाव से जूझने वाले अधिकारियों की मानसिक सेहत को सुदृढ़ बनाने और कार्यस्थल पर उनके दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से यह सत्र आयोजित किया गया था। आर्डेन विश्वविद्यालय, लंदन की व्याख्याता और स्वास्थ्य मनोविज्ञान विशेषज्ञ  मुक्ति सिंह ठाकुर ने सत्र का मुख्य संचालन किया। उन्होंने एक व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि अत्यधिक तनाव के साथ-साथ यह मानना कि 'तनाव सेहत बिगाड़ रहा है', मृत्यु के जोखिम को 43 प्रतिशत तक बढ़ा देता है। वहीं, जो लोग तनाव को हानिकारक नहीं मानते, उनमें ऐसा कोई खतरा नहीं देखा गया।  ठाकुर ने तनाव प्रबंधन का एक बेहद सरल और प्रभावी उपाय साझा किया। उन्होंने कहा कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में उद्वेलित होने से पहले महज 30 सेकंड का ठहराव लें और आस-पास की किसी आम चीज़, जैसे छत का पंखा, खिड़की या अपनी आती-जाती सांसों पर ध्यान केंद्रित करें। यह संक्षिप्त ठहराव मस्तिष्क को 'सुरक्षित' होने का गहरा संकेत देता है, जिससे तंत्रिका तंत्र का झूठा अलार्म बंद हो जाता है। लंबी सांस छोड़ने और धीमी सांस लेने की यह प्राणायाम तकनीक दिल को शांत कर रक्तचाप को तुरंत नियंत्रित करती है। विशेषज्ञ  ठाकुर ने कहा कि रोज़-रोज़ की अनियंत्रित तनावपूर्ण प्रतिक्रियाएं शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ा देती हैं। यही स्थिति आगे चलकर उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और टाइप-2 मधुमेह (डायबिटीज) जैसी गंभीर बीमारियों की छिपी वजह बनती है। उन्होंने आईसीएमआर-इण्डियाब अध्ययन (2023) का संदर्भ देते हुए बताया कि देश में करीब 10.1 करोड़ लोग मधुमेह से ग्रस्त हैं। अत्यधिक तनाव से निर्णय लेने की क्षमता और याददाश्त कमजोर हो जाती है, जो अधिकारियों को गंभीर बर्नआउट की ओर धकेल देती है।  

झाबुआ, इंदौर और खरगोन में सबसे बड़ी कार्रवाई, शराब के साथ वाहन भी जब्त

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए जून माह में अब तक 2 करोड़ 86 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब, वाहन और अन्य सामग्री जब्त की है। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना है, बल्कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना भी है। सबसे बड़ी कार्रवाई झाबुआ जिले में की गई, जहां थांदला, राणापुर और झकनावदा चौकी क्षेत्र में पुलिस ने 176 से अधिक पेटी अवैध शराब और तस्करी में इस्तेमाल वाहनों सहित लगभग 47.71 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की। वहीं इंदौर और इंदौर ग्रामीण पुलिस ने संयोगितागंज, द्वारकापुरी और बड़गोंदा क्षेत्रों में कार्रवाई कर करीब 37.81 लाख रुपये की अवैध शराब और वाहन जब्त किए। खरगोन जिले में पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार और अन्य वाहनों सहित लगभग 28.96 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की। सागर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर 26.95 लाख रुपये मूल्य की अवैध शराब और वाहन पकड़े गए। पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र में दो मामलों में 2,484 लीटर से अधिक अवैध शराब और पिकअप वाहन सहित 22.50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई। बड़वानी, छिंदवाड़ा, छतरपुर, नरसिंहपुर, सिंगरौली, विदिशा, सीधी, उज्जैन, भिंड, जबलपुर, नर्मदापुरम, खंडवा, मुरैना, आगर मालवा, डिंडोरी, दमोह और भोपाल ग्रामीण सहित कई जिलों में भी बड़ी मात्रा में अवैध शराब और तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को जब्त किया गया। कई स्थानों पर पुलिस ने ऑपरेशन ईगल क्लॉ के तहत विशेष कार्रवाई करते हुए शराब तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने का प्रयास किया। पुलिस मुख्यालय के अनुसार प्रदेशभर में अवैध शराब के कारोबार, परिवहन और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस नशे के अवैध कारोबार से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है, ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

संतोष चौबे होंगे कर्मवीर सम्मान–2026 से सम्मानित

भोपाल माधवराव सप्रे संग्रहालय, भोपाल द्वारा अपने 43वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में वरिष्ठ कवि–कथाकार, विश्व रंग के निदेशक एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति  संतोष चौबे को प्रतिष्ठित 'कर्मवीर सम्मान–2026' से सम्मानित किया जाएगा।  यह सम्मान समारोह 19 जून (शुक्रवार) को सुबह 10.30 बजे सप्रे संग्रहालय, भोपाल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद पटेल के मुख्य आतिथ्य और तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष  रघुनंदन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित होगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के टैगोर अंतरराष्ट्रीय हिंदी केंद्र के निदेशक तथा वैश्विक हिंदी पत्रकारिता के अध्येता डॉ. जवाहर कर्नावट को भी कर्मवीर सम्मान प्रदान किया जाएगा। साथ ही इतिहास एवं पुरातत्व के अध्येता डॉ. सुभाष अत्रे, संस्कृति मर्मज्ञ  राम तिवारी तथा वरिष्ठ पत्रकार  नुरूल हसन 'नूर' भी सम्मानित होंगे।  इस अवसर पर मध्यप्रदेश अभिलेखागार के पूर्व संचालक  शंभुदयाल गुरू द्वारा प्रदत्त साहित्य से इतिहास प्रभाग का शुभारंभ भी होगा।

भोपाल को अतिक्रमण मुक्त और सुरक्षित बनाने में मंत्री सारंग ने की बड़ी पहल

भोपाल  सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने मंत्रालय में भोपाल शहर एवं नरेला विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों, आवासीय परियोजनाओं, अतिक्रमण, नागरिक सुरक्षा तथा आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक में भोपाल कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर, नगर निगम कमिश्नर, राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री  सारंग ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा आमजन से जुड़े विषयों का त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने भोपाल को अतिक्रमण मुक्त, सुरक्षित और बेहतर नागरिक सुविधाओं से युक्त शहर बनाने के लिए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। भू-माफियाओं और अवैध निर्माणों के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूरे भोपाल में अभियान चलाकर भू-माफियाओं और शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि, सार्वजनिक उपयोग की भूमि तथा विकास परियोजनाओं में बाधा बनने वाले सभी अतिक्रमणों को चिन्हित कर हटाया जाए। उन्होंने अवैध प्लॉटिंग और अवैध भवन निर्माण को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में केवल अतिक्रमण हटाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। जहां-जहां अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं या अवैध निर्माण हो रहे हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मोती नगर, रेलवे भूमि और अशोका गार्डन से हटेंगे अवैध कब्जे बैठक में मोती नगर क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मंत्री  सारंग ने रेलवे और पीडब्ल्यूडी की प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेलवे लाइन और सुभाष नगर क्षेत्र के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। साथ ही अशोका गार्डन थाना परिसर के पीछे हुए अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री  सारंग ने कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अतिक्रमण रोकने में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई मंत्री  सारंग ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में बड़े स्तर पर अतिक्रमण हुआ है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की भी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अतिक्रमण रोकने में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। शासन की मंशा स्पष्ट है कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जनहित के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। पीएम आवास योजना और ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ परियोजनाओं को मिलेगी नई गति प्रधानमंत्री आवास योजना एवं ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री  सारंग ने निशांतपुरा में पुलिस लाइन विकसित करने की संभावनाओं पर भी कार्यवाही आगे बढ़ाने के सुझाव दिए। साथ ही रचना नगर, नयापुरा, गैस राहत कॉलोनी, कस्तूरबा नगर और पलासी क्षेत्रों में आवासीय परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। मंत्री  सारंग ने रचना नगर की भूमि को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर वहां आवासीय परियोजना विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराये जा सकें। चांदबढ़ की कपड़ा मिल भूमि पर विकसित होगी नई आवासीय परियोजना चांदबढ़ स्थित कपड़ा मिल की उपलब्ध भूमि पर भी चर्चा हुई। मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को सुझाव दिए कि इस भूमि पर ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ के अंतर्गत नई आवासीय परियोजना विकसित करने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए, जिससे जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा सके। बरसात से पहले जर्जर भवनों पर होगी सख्त कार्रवाई आगामी मानसून को देखते हुए मंत्री  सारंग ने नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जर्जर भवनों की अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ऐशबाग के 600 जर्जर मकान होंगे खाली ऐशबाग स्थित जनता क्वार्टरों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री  सारंग ने बताया कि यहां लगभग 600 मकान अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मकानों को तत्काल खाली कराया जाए और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं, जिससे बरसात के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि न हो। गौतम नगर के जर्जर पुलिस क्वार्टरों पर भी होगी कार्रवाई मंत्री  सारंग ने गौतम नगर क्षेत्र स्थित जर्जर पुलिस आवासों की समीक्षा करते हुए कहा कि इन भवनों में निवासरत परिवारों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने ऐसे भवनों को असुरक्षित घोषित कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पूरे शहर में होगा प्री-मानसून सुरक्षा सर्वे मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि नगर निगम, राजस्व विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियां संयुक्त रूप से प्री-मानसून सर्वे करें तथा जर्जर भवनों, कमजोर संरचनाओं, जलभराव संभावित क्षेत्रों और अन्य जोखिम वाले स्थानों को चिन्हित कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई करें। अन्ना नगर में स्थायी बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अन्ना नगर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याओं की समीक्षा करते हुए मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीएचईएल और ऊर्जा विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर स्थायी बिजली कनेक्शन की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। सुभाष नगर में अस्पताल निर्माण का मार्ग होगा प्रशस्त जोन-12 अंतर्गत सुभाष नगर क्षेत्र में प्रस्तावित अस्पताल परियोजना की भी समीक्षा की गई। मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि अस्पताल निर्माण संबंधी स्वीकृतियों की प्रक्रिया पूर्ण कर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। गोकुल धाम के रहवासियों की समस्या के समाधान के लिए बनेगी विशेष कार्ययोजना नरेला विधानसभा स्थित गोकुल धाम क्षेत्र की आवासीय समस्या पर चर्चा करते हुए मंत्री  सारंग ने बताया कि यहां बड़ी संख्या में परिवार निवास कर रहे हैं, लेकिन संबंधित बिल्डर द्वारा परियोजना अधूरी छोड़ दिए जाने के कारण रहवासियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक समग्र और व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे वर्षों से लंबित इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके और रहवासियों को राहत मिल … Read more

मुख्यमंत्री ने प्राचीन वीरगढ़ी हनुमान मंदिर परिसर की बावड़ी का किया अवलोकन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी प्राचीन बावड़ियाँ और जल संरचनाएँ हमारी समृद्ध वास्तुकला और उत्कृष्ट जल प्रबंधन की प्रतीक हैं। इन ऐतिहासिक धरोहरों को संजोकर रखना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को इंदौर के प्राचीन  वीरगढ़ी हनुमान मंदिर परिसर में स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन बावड़ी का अवलोकन कर यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को वैज्ञानिक पद्धति से जीर्णोद्धार, बावड़ी के मूल ऐतिहासिक स्वरूप को बिना नुकसान पहुँचाए, वैज्ञानिक पद्धति से इसकी सफाई और जीर्णोद्धार कार्य तत्काल प्रारंभ के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और आम जन की सुरक्षा के लिए बावड़ी के चारों ओर मजबूत सुरक्षा जाली अथवा रैलिंग अनिवार्य रूप से लगाई जाए। बावड़ी के प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए तकनीकी उपाय किए जाएं, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके। मंदिर और बावड़ी के आस-पास के क्षेत्र का व्यवस्थित सौंदर्यीकरण किया जाए, जिससे यहाँ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समस्त विकास एवं जीर्णोद्धार कार्य एक निश्चित समय-सीमा तय कर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। नगरीय विकास प्रशासन एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, सांसद  शंकर लालवानी, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव,  सुमित मिश्रा,  सुदर्शन गुप्ता, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार और कलेक्टर  शिवम वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।  

राष्ट्रपति मुर्मु का बैतूल प्रथम आगमन पर परम्परागत लोक नृत्य की प्रस्तुति से किया स्वागत

भोपाल राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु का गुरुवार को बैतूल प्रथम आगमन पर गोंडी जनजातीय कड़पड़ा दल के कलाकारों ने परंपरागत लोक नृत्य की प्रस्तुति कर राष्ट्रपति का स्वागत किया। राष्ट्रपति ब्रह्मकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित “आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण” महासम्मेलन में शामिल हुईं। राष्ट्रपति  मुर्मु के साथ ब्रह्मकुमारी संस्था के सदस्यों ने सामूहिक फोटो क्लिक करवाया। राष्ट्रपति  मुर्मु के आगमन पर घोड़ाडोंगरी विधायक  गंगा उईके, भैंसदेही विधायक श्री महेंद्र सिंह चौहान, मुलताई विधायक श्री चंद्रशेखर देशमुख, आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर राष्ट्रपति का स्वागत किया। राष्ट्रपति ने रुद्राक्ष का पौधा रोपा राष्ट्रपति  मुर्मु ने बैतूल के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में पवित्र एवं औषधीय गुणों से भरपूर रुद्राक्ष का पौधा लगाया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, केंद्रीय राज्य मंत्री जनजातीय कार्य विभाग श्री दुर्गादास उइके, प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल उपस्थित थे।  

MP हाईकोर्ट की नई गाइडलाइन, पार्किंग समस्या के समाधान के लिए अधिवक्ताओं को कार पूलिंग अपनाने की सलाह

 जबलपुर कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने गुरुवार को हाई कोर्ट के सामने प्रस्तावित 117 करोड़ रुपये के अधिवक्ता चैंबर और मल्टीलेवल पार्किंग प्रोजेक्ट को लेकर दायर याचिका का महत्वपूर्ण दिशा निर्देश सहित पटाक्षेप कर दिया। कोर्ट ने केवल अधिवक्ता चैंबर निर्माण प्रक्रिया लंबित होने पर असंतोष जताया। इसके साथ ही हाई कर्ट परिसर के आसपास बढ़ते यातायात और पार्किंग संकट पर महत्वपूर्ण गाइडलाइन जारी कर दी। दिलचस्प यह है कि अदालत की टिप्पणियों और निर्देशों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा समय-समय पर दिए गए कार पूलिंग और यातायात अनुशासन के संदेशों की प्रतिध्वनि भी सुनाई दी। युगलपीठ ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के तत्कालीन अध्यक्ष धन्य कुमार जैन की याचिका का निराकरण करते हुए स्पष्ट किया कि अब जबकि टेंडर प्रक्रिया जारी हो चुकी है, याचिका को लंबित रखने का औचित्य नहीं रह जाता। हालांकि कोर्ट ने यह रास्ता खुला रखा कि यदि भविष्य में राज्य सरकार परियोजना को लेकर अनावश्यक विलंब करती है तो याचिकाकर्ता पुनः न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है। कोर्ट ने परियोजना को लेकर संतोष जताया मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बताया कि हाई कोर्ट के गेट नंबर-चार के सामने आधुनिक अधिवक्ता चैंबर और बहुस्तरीय पार्किंग निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। इसका टेंडर भी जारी कर दिया गया है। इसके बाद कोर्ट ने परियोजना को लेकर संतोष व्यक्त किया। आदेश का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष पार्किंग व्यवस्था को लेकर रहा। कोर्ट ने सरकारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे हाई कोर्ट परिसर के निकट अनावश्यक वाहन खड़े करने के बजाय पिक एंड ड्राप व्यवस्था को बढ़ावा दें। अधिवक्ताओं से भी वाहन साझा (कार पूलिंग) करने की व्यवस्था अपनाने की अपेक्षा जताई गई। वहीं यातायात पुलिस को क्षेत्र की सतत निगरानी कर पार्किंग अनुशासन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। केवल नई पार्किंग बनाना ही समाधान नहीं दरअसल, चार मई 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी, न्यायमूर्ति एससी शर्मा, न्यायमूर्ति सूर्यकांत व तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत की उपस्थिति में परियोजना का भूमिपूजन हुआ था, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से बार एसोसिएशन ने चिंता जताई थी। न्यायालय के आदेश ने यह संदेश भी दिया है कि केवल नई पार्किंग बनाना ही समाधान नहीं है। यातायात अनुशासन, कार पूलिंग और पिक एंड ड्राप संस्कृति अपनाए बिना न्यायालय परिसर की भीड़भाड़ कम नहीं होगी। यही कारण है कि एक साधारण दिखने वाली याचिका का पटाक्षेप, न्यायालय परिसर की भावी यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण नजीर बनकर उभरा है।

राष्ट्रपति मुर्मु का संदेश: विकास और संस्कृति के संतुलन से ही बनेगा सशक्त भारत

विकास और संस्कृति का संतुलन ही सशक्त और समृद्ध समाज की आधारशिला : राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु जनजातीय समाज की जीवन पद्धति मानवता की मार्गदर्शक सेवा और अध्यात्म के संगम से ही समाज में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन संभव राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने बैतूल में "आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज के सशक्तिकरण"कार्यक्रम को किया संबोधित बैतूल राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि समाज का सशक्तिकरण केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं होना चाहिए। वास्तविक सशक्तिकरण तब होता है जब व्यक्ति में आत्म विश्वास, आत्म सम्मान, जागरूकता और दायित्व बोध का विकास हो। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू ने कहा कि जनजातीय समाज आत्म सम्मान के साथ जीवन जीने वाला समाज है और उसकी यही विशेषता उसे विशिष्ट बनाती है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक जागृति व्यक्ति को अपनी आंतरिक शक्ति का अनुभव कराती है तथा सकारात्मक सोच को जीवन के उच्च आदर्शों से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि विकास और संस्कृति का संतुलन ही किसी भी सशक्त और समृद्ध समाज की आधारशिला होता है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु बैतूल में आयोजित “आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण” महासम्मेलन को संबोधित कर रही थी। विकास और संस्कृति का संतुलन ही किसी भी सशक्त और समृद्ध समाज की आधारशिला होता है। शाश्वत विकास वही है जो हमारी जड़ों को मजबूत बनाते हुए भविष्य की संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करे। राष्ट्रपति श्रीमति मुर्मु ने कहा कि भारत ने वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति तभी संभव है जब देश का प्रत्येक वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ जाएंगी। हिमालय से लेकर कन्याकुमारी तक भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत सुरक्षित और अक्षुण्ण रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रह्मकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित इस प्रकार के सम्मेलन जनजातीय समाज के आध्यात्मिक उत्थान, सामाजिक जागरूकता और समग्र विकास के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।    राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने मध्यप्रदेश शासन की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा जनजातीय कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से सिकल सेल एनीमिया का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में इस बीमारी की संभावना अधिक पायी जाती है और इसके उन्मूलन के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से जनजातीय समाज का स्वास्थ्य स्तर और बेहतर होगा। राष्ट्रपति श्रीमति मुर्मू ने कहा कि मध्यप्रदेश का बैतूल जिला अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक चेतना के लिए पूरे देश में विशेष पहचान रखता है। यहां के जनजातीय समुदायों ने अपनी परंपराओं, लोकज्ञान और सांस्कृतिक मूल्यों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित रखा है। सामूहिकता, सहयोग, सरलता, ईमानदारी और आध्यात्मिकता जैसे उच्च जीवन मूल्यों का जीवंत स्वरूप बैतूल की जनजातीय संस्कृति में दिखाई देता है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण के लक्ष्य पर केंद्रित इस महासम्मेलन में शामिल होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए ब्रह्मकुमारी संस्थान को बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन केवल बैतूल या मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश और समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु विश्वास व्यक्त किया कि महासम्मेलन में तैयार होने वाली कार्य योजनाएं जनजातीय समाज को राष्ट्र की प्रगति का सशक्त भागीदार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।   राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि ब्रह्मकुमारी संस्थान ने मातृशक्ति को केंद्र में रखकर अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया है। संस्थान की आंतरिक शुचिता, मानवीय गरिमा, सेवा भावना तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी दुनिया में आंतरिक शुचिता और आध्यात्मिक मूल्यों का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। इन्हीं मूल्यों के आधार पर समाज में समतापरक आचरण, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की भावना विकसित होती है। वर्तमान समय में जब विश्व तनाव, संघर्ष और युद्ध जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहा है, तब ऐसे आयोजनों की आवश्यकता और भी अधिक बढ़ जाती है। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि जनजातीय समुदाय की जीवन शैली स्वाभाविक रूप से आध्यात्मिक मूल्यों और प्रकृति के निकट रही है। जनजातीय समाज, जिसे आदिवासी समाज भी कहा जाता है, सृष्टि के आरंभ से ही धरती के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन व्यतीत करता आया है। यह समाज सुख, शांति, आनंद और प्रेम के साथ जीवन बिताना जानता है तथा हिंसा से दूर रहता है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज प्रकृति ही नहीं, बल्कि पंचतत्वों—धरती, आकाश, वायु, जल, सूर्य और चंद्रमा—को पूजनीय मानता है। इनके लिए किसी विशेष मंदिर या पूजा स्थल की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि पूरी प्रकृति ही उनके लिए आराधना का केंद्र है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि धरती, जल और वायु के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। जनजातीय समाज प्रकृति को नुकसान पहुंचाने के बजाय उसका संरक्षण करता है। वे धरती को क्षति नहीं पहुंचाते, जल स्रोतों को प्रदूषित नहीं करते और प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग भी आवश्यकता के अनुसार करते हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज किसी भी संसाधन के उपयोग से पहले प्रकृति को नमन करता है, यही कारण है कि उनकी जीवनशैली पर्यावरण संरक्षण का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत करती है। आज जब पेड़-पौधों, नदियों और समुद्रों के संरक्षण की आवश्यकता पूरी दुनिया महसूस कर रही है, तब जनजातीय समाज की जीवन पद्धति मानवता के लिए मार्गदर्शक बन सकती है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु द्वारा कलश एवं ध्वज को ब्रह्मकुमारी बहनों को प्रदान कर अध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण महासम्मेलन का शुभारंभ किया। महासम्मेलन में राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु और राज्यपाल मंगुभाई पटेल सहित अन्य अतिथियों का राजयोगिनी मंजू दीदी द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।  राष्ट्रपति श्रीमति मुर्मु ने महासम्मेलन परिसर में बैतूल जिले की सांस्कृतिक झलक और विकास योजनाओं पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने जनजातीय समाज द्वारा प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों की सराहना की। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और विदेशी कीटनाशकों का बढ़ता उपयोग भूमि की उर्वरता को नष्ट कर रहा है तथा इसके कारण अनेक प्रकार की बीमारियां भी बढ़ रही हैं। प्राकृतिक खेती भारत की मूल परंपरा रही है और आज देश पुनः उसी दिशा में लौट रहा है। प्राकृतिक खेती न केवल स्वास्थ्य के लिए … Read more

राष्ट्रपति मुर्मू ने दिया विकसित भारत का मंत्र, जनजातीय महासम्मेलन में सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण पर जोर

बैतूल  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को मध्यप्रदेश के बैतूल में आयोजित ब्रह्मकुमारीज संस्थान के महासम्मेलन में कहा कि विकसित भारत के निर्माण की यात्रा अध्यात्म, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक शिक्षा व्यक्ति के जीवन में शांति, संतुलन और नई आशा का संचार करती है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। राष्ट्रपति बैतूल के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में ब्रह्मकुमारीज संस्थान द्वारा आयोजित “आध्यात्मिक जागृति द्वारा आदिवासी समाज का सशक्तिकरण” महासम्मेलन का शुभारंभ करने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों की सराहना की। राष्ट्रगीत के साथ शुरुआत, दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारंभ स्टेडियम में मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ की गई। इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने दीप प्रज्ज्वलित कर महासम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया। मंच पर उन्हें मोमेंटो भेंट कर उनका सम्मान किया गया।इस अवसर पर कलाकारों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिसके बाद महासम्मेलन की औपचारिक शुरुआत हुई। राष्ट्रपति बोलीं- जनजातीय समाज ने परंपरा काे संभालकर रखा उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज ने अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी दर पीढ़ी संजोकर रखा है। उनके जीवन में संवेदना, सहयोग, ईमानदारी और मानवीय मूल्यों की गहरी जड़ें हैं, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि आदिवासी समुदाय का प्रकृति के प्रति जुड़ाव और जल, जंगल, जमीन के संरक्षण का दृष्टिकोण आज के समय में पूरे समाज के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने अधिक से अधिक वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। बोलीं- राष्ट्र निर्माण में सबकी भूमिका अपने संबोधन में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी को याद करते हुए उनके प्रसिद्ध कथन “भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि जीता-जागता राष्ट्रपुरुष है” का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश का हर हिस्सा भारत की आत्मा का अभिन्न अंग है और राष्ट्र निर्माण में सभी समुदायों की समान भागीदारी जरूरी है। राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि यह महासम्मेलन जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और आध्यात्मिक जागरूकता को नई दिशा देगा। साथ ही उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी से मिलकर काम करने की अपील की। मंच पर मौजूद रहे राज्यपाल और विशिष्ट अतिथि इस विशाल महासम्मेलन की अध्यक्षता मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। मंच पर उनके अलावा केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके, प्रदेश के राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल और संस्था के ओडिशा प्रभारी डॉ. नथमल मौजूद रहे। साथ ही, माउंट आबू से आईं लीना बहन और शैलजा बहन सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

इंदौर के उभरते कराटे सितारों का कमाल, राष्ट्रीय चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर बढ़ाया गौरव

इंदौर  उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित हुई राष्ट्रीय स्तर की कराटे प्रतियोगिता में इंदौर के होनहार खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 4 से 7 जून 2026 तक संचालित हुई केआईओ (KIO) राष्ट्रीय सब-जूनियर, कैडेट एवं जूनियर कराटे चैंपियनशिप 2026 में इंदौर के युवा कराटेबाजों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का परिचय दिया। इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए कुल छह पदक अपने नाम किए, जिसमें एक स्वर्ण पदक और पांच कांस्य पदक शामिल हैं। इस शानदार सफलता से खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी वॉरियर मार्शल आर्ट्स अकादमी का नाम पूरे देश में रोशन कर दिया है।   पदक विजेताओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन कराटे अकादमी के मुख्य कोच राहुल जाट ने प्रतियोगिता के परिणामों की जानकारी देते हुए बताया कि चैंपियनशिप में इंदौर की प्रतिभावान खिलाड़ी यशस्वी सोनी ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अपनी श्रेणी में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके साथ ही अकादमी के अन्य होनहार खिलाड़ियों में होमेश गुर्जर, मानवी मिश्रा, श्रुत जैन, पहर शर्मा और स्तुति गौर ने भी कड़े मुकाबलों में अपनी प्रतिभा दिखाते हुए देश भर से आए प्रतिद्वंदियों को मात दी और कांस्य पदक जीतकर शहर का गौरव बढ़ाया। राष्ट्रीय मंच पर खिलाड़ियों का सराहनीय प्रयास पदक विजेताओं के अतिरिक्त इंदौर के अन्य कराटे खिलाड़ियों ने भी इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अपनी तकनीकी और जुझारू क्षमता से सभी को प्रभावित किया। कोच राहुल जाट के अनुसार प्रतियोगिता के विभिन्न मुकाबलों में दिया चतुर्वेदी, काव्या गुर्जर, राजविका परमार, अद्विका चौधरी, भाव्या परमार तथा रोनित थापा ने भी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। भले ही ये खिलाड़ी पदक तालिका में स्थान बनाने से चूक गए, लेकिन राष्ट्रीय मंच पर उनके इस जुझारू खेल प्रदर्शन ने खेल अकादमी के सम्मान को और अधिक बढ़ाया है। खेल प्रेमियों और पदाधिकारियों ने दी शुभकामनाएं इंदौर के मार्शल आर्ट्स खिलाड़ियों की इस अभूतपूर्व राष्ट्रीय उपलब्धि पर स्थानीय खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों के अभिभावकों ने गहरा हर्ष व्यक्त किया है। खिलाड़ियों की इस बड़ी सफलता पर इंदौर जिला सेइकोकाई के अध्यक्ष अजय शुक्ला, संगठन के सचिव मयूर यादव तथा अमेय शर्मा ने सभी पदक विजेताओं और प्रतिभागी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई दी। पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि इंदौर के इन बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर पर शहर का मान बढ़ाया है और उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।