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6 लाख 82 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को मिली 4.40 करोड़ रुपये की छूट

भोपाल. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के जिलों के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को 'टाइम ऑफ डे' (ToD) टैरिफ व्यवस्था के तहत सोलर ऑवर (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) में बिजली की खपत पर 20 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की गई है। इस 'टाइम ऑफ डे' (ToD) टैरिफ व्यवस्था के तहत कंपनी कार्यक्षेत्र में कुल 6 लाख 82 हजार 249 उपभोक्ताओं को बिजली बिल में 4 करोड़ 40 लाख 44 हजार रुपये की छूट का सीधा लाभ मिला है, जिसमें से भोपाल जिले में 3 लाख 60 हजार 423 उपभोक्ताओं के बिलों में 2 करोड़ 41 लाख 85 हजार रुपये की छूट प्रदान कर उन्हें लाभान्वित किया गया है। प्रबंध संचालक मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ऋषि गर्ग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे आधुनिक तकनीक को अपनाएं और अपने परिसरों में स्मार्ट मीटर लगवाने के लिये आगे आएं। स्मार्ट मीटर न केवल ऊर्जा संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि यह उपभोक्ताओं को अपनी खपत के प्रति जागरूक कर आर्थिक लाभ दिला रहा है। 'टाइम ऑफ डे' टैरिफ जैसी सुविधाओं का लाभ उठाकर उपभोक्ता दिन के समय बिजली उपयोग कर अपने बिलों में भारी बचत कर सकते हैं। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सोलर ऑवर (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड/अनुबंध मांग वाले उपभोक्ताओं को 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। स्मार्ट मीटर के संबंध में उपभोक्ता किसी भी जानकारी अथवा समस्या के निराकरण के लिये कॉल सेन्टर 1912 अथवा नोडल अधिकारी कैलाश कुमार चौधरी, प्रबंधक (स्मार्ट मीटरिंग सेल) से ई-मेल आईडी Smartmeteringcellbhopal@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।

17572 किसानों से 7 लाख 75 हजार 240 क्विंटल गेहूँ की खरीदी : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल.  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक 17 हज़ार 572 किसानों से 7 लाख 75 हजार 240 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को 6 करोड़ 97 लाख रुपए का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है। गेहूँ का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि शेष संभागों में 15 अप्रैल से गेहूँ का उपार्जन शुरू किया जायेगा। अभी तक 2 लाख 9 हजार 369 किसानों द्वारा 93 लाख 21 हजार 682 क्विंटल गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। गेहूँ खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। गेहूं की खरीदी कार्यालयीन दिवसों में होती है। उपार्जन केंद्र में किसानों के लिये गेहूं बिक्री की सभी सुविधाएं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि जिन जिलों में गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, वहाँ गेहूं विक्रय की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केन्द्रों में छायादार स्थान में बैठने और पेय जल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्र में बारदाने ,तौल कांटे सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छनना आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूं में से 1लाख 5 हजार 260 क्विंटल गेहूं का परिवहन किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्व की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।

संवाद, सहयोग और सहभागिता से हो नारी शक्ति वंदन अधिनियम का क्रियान्वयन : प्रधानमंत्री मोदी

भोपाल.  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत 21वीं सदी का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लेने जा रहा है, जो देश की नारी शक्ति को समर्पित है। लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़े, इसके लिए 16 अप्रैल, 2026 से संसद का विशेष सत्र शुरू हो रहा है। वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सभी दलों ने सर्वसम्मति से पास कराया था। लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं को आरक्षण देने की बात दशकों से हो रही है। सभी दलों ने इस विचार को अपने-अपने ढंग से आगे बढ़ाया है। अधिनियम को लागू करने के लिए सरकार के प्रयास जारी हैं। इसे लागू करने का कार्य संवाद, सहयोग और सहभागिता से हो। इस बार भी सभी का सहयोग मिलेगा और संसद की गरिमा नई ऊंचाइयों को छुएगी। महिलाओं के लिये विधानसभा और लोकसभा में अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व का मार्ग प्रशस्त होने जा रहा हैं। देश में एक सकारात्मक माहौल बना है। देश की सभी महिलाओं को एक नए युग की बधाई। प्रधानमंत्री मोदी 13 अप्रैल को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्तर के 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की प्रख्यात हस्तियों और उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं ने भाग लिया। इसमें सरकार, शिक्षा जगत, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति जैसे विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिनिधि शामिल थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद के सदस्यों के साथ कार्यक्रम में मंत्रालय से वर्चुअली शामिल हुए। संसद ने सितंबर 2023 में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया जो विधायी निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। अब देश भर में महिला आरक्षण के कार्यान्वयन को ध्यान में रखते हुए 16 अप्रैल को संसद का तीन दिवसीय सत्र आहूत किया गया है। महिलाओं को और अधिक अवसर प्रदान करेगा नारी शक्ति वंदन अधिनियम प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान में राष्ट्रपति से लेकर केन्द्रीय वित्त मंत्री तक महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। पंचायती राज संस्थाएं भी देश में महिला नेतृत्व का प्रभावी उदाहरण हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को और अधिक अवसर प्रदान करेगा। केन्द्र सरकार द्वारा महिलाओं के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। सशक्त भारत के निर्माण में देश की बेटियों की आर्थिक भागीदारी को बढ़ाना आवश्यक है। भारत विमेन लेड डेवलपमेंट के पथ पर निरंतर अग्रसर है। सरकार महिला सुरक्षा के प्रति भी विशेष रूप से संवेदनशील और सतर्क है। देश की नारी शक्ति ने अपने परिश्रम, साहस और आत्मविश्वास ने नई ऊँचाइयों को छुआ है। अब हमें मिलकर इस शक्ति को नई ऊर्जा देनी है और उनके लिए अवसरों का विस्तार करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने सभागार में उपस्थित महिलाओं से नारी शक्ति वंदन अधिनियम में होने वाली चर्चाओं का गांव-गांव तक विस्तार करने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले के व्यापक प्रचार से देश की हर महिला तक अधिनियम की जानकारियां पहुंचाना है, जिससे वे यह समझ सकें कि गांव की पंचायत से लेकर संसद तक होने वाले निर्णयों में महिलाएं अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकती हैं। महाविद्यालयों में नारी शक्ति वंदन से संबंधित कार्यक्रम होंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के नई दिल्ली से प्रसारित संबोधन के बाद मंत्रालय भोपाल में उपस्थित मंत्रीगण को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के अनुरूप नारी शक्ति वंदन अधिनियम की जानकारी और भावना का विस्तार जन-जन तक करने के लिए प्रदेश में व्यापक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। राज्य सरकार 10 से 25 अप्रैल तक नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा मना रही है। पूरे प्रदेश में वृहद् स्तर पर नारी शक्ति वंदन सम्मेलन होंगे, इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर नारी शक्ति पदयात्रा भी निकल जाएगी। प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में इस दौरान नारी शक्ति वंदन से संबंधित कार्यक्रम विभिन्न स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। अधिनियम की जानकारी का प्रसार आवश्यक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम और महिला सशक्तिकरण के लिये जन-जन तक जानकारी के विस्तार के लिए सभी दलों, संगठनों और समाज के सभी वर्गों से सहयोग का आहवान किया गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री स्तर से सभी जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखा गया है। यह पत्र सांसदगण, विधायकगण, नगरीय निकाय और पंचायत राज संस्थाओं के सभी प्रतिनिधियों को भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा अन्य संगठनों को भी पत्र प्रेषित कर महिला नेतृत्व और महिलाओं के प्रतिनिधित्व को विस्तार देने वाले इस अधिनियम की जानकारी का प्रसार करने का आग्रह किया है। आधी आबादी को भी महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेने और देश का नेतृत्व करने के समान अवसर मिलें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों को प्रेषित पत्र में लिखा है कि "16 अप्रैल 2026 से देश की संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पूर्ण क्रियान्वयन को लेकर ऐतिहासिक चर्चा होने जा रही है। यह केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक अवसर है जब हमारे लोकतंत्र को और अधिक समावेशी और सशक्त बनाने का एक महायज्ञ किया जा रहा है।" उन्होंने लिखा है, "मेरा स्पष्ट मानना है कि समाज की प्रगति तभी संभव है, जब देश और समाज की आधी आबादी को भी महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेने और देश का नेतृत्व करने के समान अवसर मिलें। देश के प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने में देश की नारी शक्ति का महत्वपूर्ण योगदान है। आज भारत की बेटियां सेना से लेकर स्टार्ट-अप्स और खेल मैदान से अंतरिक्ष तक सफलता का परचम लहरा रही हैं।" मध्यप्रदेश हमेशा से महिला सशक्तिकरण के मामले में देश के लिए रहा है मॉडल राज्य "मध्यप्रदेश हमेशा से महिला सशक्तिकरण के मामले में देश के लिए एक मॉडल राज्य साबित होता रहा है। हमारी सरकार ने महिलाओं को प्रदेश के विकास का 'भागीदार' माना है। लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना जैसी योजनाओं ने करोड़ों बहनों और बेटियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है। मध्यप्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में है , जिसने पुलिस भर्ती से लेकर शिक्षक भर्ती तक अपनी बेटियों को विशेष अवसर प्रदान किए हैं जिससे वे प्रदेश की शासन … Read more

जल गंगा संवर्धन अभियान में सभी विभागों को डैशबोर्ड में जानकारी दर्ज करने का आदेश, बोलीं अपर मुख्य सचिव रस्तोगी

जल गंगा संवर्धन अभियान के सहभागी सभी विभाग डैशबोर्ड में अनिवार्य रूप से दर्ज करें जानकारी : अपर मुख्य सचिव श्रीमती रस्तोगी गंगा संवर्धन अभियान के सहभागी विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ की बैठक कार्यों के प्रगति की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश भोपाल  अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने जल गंगा संवर्धन अभियान के सहभागी विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की। विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। सभी विभागों के नोडल अधिकारियों को रैकिंग के लिए बनाए गए डैशबोर्ड में अनिवार्य रूप से समय पर जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए। जिससे अभियान की प्रगति का प्रभावी मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्षा जल की प्रत्येक बूंद को सहेजने तथा पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से प्रदेश में 19 मार्च से “जल गंगा संवर्धन अभियान” संचालित किया जा रहा है। अभियान से जुड़े 18 विभागों द्वारा जल संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन को लेकर विभिन्न प्रकार के कार्य किए जा रहे हैं, इससे प्रदेश में जल संसाधनों के संरक्षण को नई दिशा मिल रही है। अपर मुख्य सचिव श्रीमती रस्तोगी ने 19 मार्च से अब तक किए गए कार्यों की विभाग वार प्रगति की समीक्षा कर सभी विभागों को अभियान का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।  आयुक्त, म.प्र. राज्य रोजगार गारंटी परिषद श्री अवि प्रसाद ने बैठक में सहभागी विभागों के नोडल अधिकारियों से विभागवार प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सभी विभाग मॉनिटरिंग एवं रिपोर्टिंग के लिए बनाए गए डैश बोर्ड में अनिवार्य रूप से जानकारी दर्ज करें। डैश बोर्ड के माध्यम से अभियान की प्रगति की विभागवार रैंकिंग भी की जाएगी। बैठक में सहभागी विभागों द्वारा अभियान अंतर्गत संचालित की जा रही गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन एवं आवास, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, उद्यानिकी, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, राजस्व, संस्कृति और जन अभियान परिषद सहित अन्‍य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।  

सेवा ही सच्ची साधना, यही जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एक व्यक्ति जब अपने पूरे जीवन को समाज के लिए समर्पित कर देता है, तब वह केवल व्यक्ति नहीं, एक विचार बन जाता है। स्व. भगवत शरण माथुर भी ऐसा ही एक जीवंत विचार थे। उन्होंने अपने जीवन में यह सिद्ध कर दिया कि समाज की सेवा ही ईश्वर की सच्ची साधना है। समाज सेवा ही हर मनुष्य के जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर ने अपनी निजी सुख-सुविधाओं को त्याग कर समाज के वंचित वर्ग के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वे आज भी हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर मूलरूप से राजगढ़ जिले के निवासी थे। उनका जन्म सीका गांव में हुआ था। उन्होंने अपने जीवनकाल में क्षेत्रीय सामाजिक पिछड़ेपन को दूर करने तथा शिक्षा के प्रसार के लिए प्रकल्प स्थापित कर इस दिशा में विशेष प्रयास किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को 'नर्मदे हर सेवा न्यास' के संस्थापक अध्यक्ष स्व. भगवत शरण माथुर की जयंती पर न्यास के मुख्यालय अमरकंटक में आयोजित विचार गोष्ठी सह श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाजसेवी स्व. माथुर की जयंती पर उन्हें विन्रम श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महादेव की कृपा से सिद्ध क्षेत्र अमरकंटक से मां नर्मदा, सोन और जोहिला प्रकट होकर त्रिवेणी धारा प्रवाहित करती हैं। इसी स्थान से निकलकर मां नर्मदा मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों को आशीर्वाद देती है। सोन नदी भी आगे जाकर गंगा की धारा को समृद्ध करती है। जीवनभर का पुण्य होने पर ही अमरकंटक आने का अवसर मिलता है। परमात्मा ने इस स्थान को जी भरकर आशीर्वाद दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर ने अपनी अंतिम सांस तक भारत माता और नर्मदा माता की सेवा कर उनका आशीष पाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमरकंटक में संचालित गौशाला के लिए अनुदान प्रारंभ कराने, कथा-प्रवचन के लिए पर्यावरण हितैषी आधुनिक भवन का निर्माण करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अमरकंटक के हराभरा रहने से मध्यप्रदेश के गांव-गली-मौहल्लों में आनंद होगा। जल गंगा संवर्धन अभियान के जरिए मध्यप्रदेश सरकार और जन अभियान परिषद राज्य के सभी पुराने जल स्त्रोतों को पुनर्जीवन देने की चिंता कर रही है। प्रदेश में तीन माह (गुढ़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक) सभी जल स्त्रोतों का संरक्षण और जीर्णोद्धार किया जाएगा। मां नर्मदा का यह स्थान भी इसी से जुड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने नर्मदा परिक्रमा मार्ग को विकसित करते हुए परिक्रमावासियों के लिए सभी सुविधाएं विकसित करने का संकल्प लिया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए नर्मदा नदी के किनारों पर अधिकाधिक पौध-रोपण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर विचार गोष्ठी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन कर उन्हें नमन् किया साथ ही मंच पर उपस्थित संतों-महंतों एवं समाजसेवियों का सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'पंच परिवर्तन' विषय पर हुई विचार गोष्ठी में कहा कि स्व. माथुर ने समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय होकर अमरकंटक में काम किया। मुख्यमंत्री ने समाजसेवी और नर्मदा समग्र के स्व. अनिल माधव दवे का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि स्व. दवे ने राजनीतिक क्षेत्र में रहते हुए भी नर्मदा की अविरल धारा और जलवायु परिवर्तन जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया। राज्य सरकार उनकी भावना के अनुरूप नर्मदा के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर के उज्जैन जिले के प्रचारक रहते हुए उनसे बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। वे असंभव काम को भी संभव करने में सिद्धहस्त थे। स्व. माथुर ने विंध्य क्षेत्र में मौजूद अनेक चुनौतियां का समाधान खोजा। इसी का परिणाम है कि आज विंध्य क्षेत्र तेजी से समग्र विकास की ओर अग्रसर है। स्व. माथुर मां नर्मदा के इस क्षेत्र को संरक्षित करने के लिए जो मार्ग दिखाया है। हम उसी पर आगे बढ़ते हुए काम कर रहे हैं। उन्होंने संकल्प लिया था कि मां नर्मदा की धारा अविरल होनी चाहिए। इसके चारों ओर का क्षेत्र हरा-भरा होना चाहिए। यह क्षेत्र अतिक्रमण से मुक्त होना चाहिए। आज यही संकल्प लेने का अवसर आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में हर व्यक्ति के लिए पंच निष्ठा आयाम तय किए हैं। इन पंच निष्ठाओं के तहत हम सभी को अपने परिवार को संस्कारित करने, सामाजिक समरसता को प्रोत्साहित करने, पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को अंगीकार करने और अपने नागरिक कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने का संकल्प लेना चाहिए। समाज में आज सामाजिक समरसता की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंगलवार (14 अप्रैल) को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती है। बाबा साहेब ने जीवनभर अपने मूल सिद्धांतों और हिंदु समाज की विविधताओं के साथ समाज को जातिगत बुराईयों से बाहर लाने का कार्य किया। कमजोर वर्ग के बीच समता और समानता का भाव विकसित किया। भारत को लगभग 1000 साल की गुलामी के बाद आजादी मिली है। हम सब इस आजादी को अक्षुण्ण रखकर हमारी भारतीय संस्कृति को गले लगाकर मानवता के मूल गुणों को स्थापित करने के लिए आगे बढ़ते रहें। हमारे समाज में अस्पृश्यता और जातिवाद का कोई स्थान नहीं है। जातिवाद और विषमता को खत्म कर राज्य सरकार समानता के मूल भाव को तेजी से आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भौतिकता के वातावरण में समाज के हर वर्ग में परिवार के भाव को विकसित करने की आवश्यकता है। संस्कारों के अभाव में पीढ़ियों में परम्पराएं तेजी से बदल रही हैं। इससे राष्ट्र प्रेम भी प्रभावित होता है। हम सभी अपने परिवार के साथ भोजन करें, बच्चों के साथ बैठें, बच्चों को महापुरुषों की कहानियां सुनाएं। राष्ट्र निर्माण के भाव को जोड़कर नई पीढ़ी गढ़ें। आज पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी आगे बढ़कर काम करने की आवश्यकता है। आज हमारे सामने प्लास्टिक, पेस्टीसाइड जैसी कई प्रकार की चुनौतियां हैं। मौसम में परिवर्तन आने से अप्रैल जैसे ग्रीष्म माह में ओलावृष्टि हो रही है। इसे नियंत्रित करने के लिए हमें प्रकृति से प्रेम करना पड़ेगा और पर्यावरण की जड़ों के साथ जुड़ना होगा। प्रकृति … Read more

बाबा साहेब जन्म स्थली स्मारक महू में होगा विशाल समागम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव विशेष रूप से होंगे शामिल

भोपाल.  संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेड़कर की जयंती इंदौर में 14 अप्रैल को पूर्ण आस्था एवं अपार उत्साह के साथ मनाई जाएगी। डॉ. अम्बेड़कर नगर महू में स्थित उनकी जन्मस्थली पर बने भव्य स्मारक में विशाल समागम होगा। श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला लगातार जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से इस आयोजन में शामिल होंगे। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी 14 अप्रैल को डॉ. अम्बेडकर जयंती उत्सव समारोह पूर्ण उत्साह, उमंग और आस्था के साथ इंदौर जिले के डॉ. अंबेडकर नगर (महू) में मनाया जा रहा है।  जयंती उत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं की मेहमानों की तरह आवभगत की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए आवास, भोजन, शीतल पेयजल आदि की विशेष व्यवस्था की गई है। जन्म स्थली पर बने भव्य स्मारक पर विशेष साज-सज्जा की गई है। अम्बेडकर जयंती उत्सव समारोह में मध्यप्रदेश सहित अन्य प्रदेशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। श्रद्धालुओं के आगमन का सिलसिला 12 अप्रैल की शाम से शुरू हो गया है। श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था स्वर्ग मंदिर परिसर में की गई। उक्त भोजन व्यवस्था  14 अप्रैल की शाम तक जारी रहेगी। भंतो के भोजन की व्यवस्था माहेश्वरी स्कूल में की गई है तथा उनके रूकने की व्यवस्था भी माहेश्वरी स्कूल में है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये पर्याप्त संख्या में अस्थाई शौचालयों का निर्माण भी किया गया है। पेयजल व्यवस्था के लिये विभिन्न स्थानों पर प्याऊ का निर्माण किया गया है। अम्बेडकर जयंती के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के रूकने के लिये धर्मशालाओं, केन्ट बोर्ड हायर सेकेण्डरी स्कूल एवं केन्ट बोर्ड कन्या स्कूल में की गई है। इसके अलावा तीन विशाल डोम भी ठहरने के लिए बनाए गए हैं। व्यवस्था के लिये कार्यक्रम स्थलों को 7 सेक्टर में विभाजित किया गया है। यह सेक्टर महेश्वरी स्कूल महू, डॉ. अम्बेडकर जन्म स्थली, केन्ट प्रायमरी स्कूल, स्वर्ग मंदिर परिसर, रेल्वे स्टेशन से सात रास्ता, केन्ट बोर्ड कन्या विद्यालय तथा उत्कृष्ट विद्यालय महू में बनाये गए हैं। उक्त 7 सेक्टरों में दल का गठन कर सभी विभागों के व्यक्तियों की ड्यूटी लगाई गई है। उक्त 7 सेक्टरों पर मराठी भाषी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, जिससे कि आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। कार्यक्रम की व्यवस्था के लिये 3 स्थानों पर कन्ट्रोल रूम बनाए गए हैं। यह कंट्रोल रूम तहसील परिसर महू, अम्बेडकर जन्म स्थली स्मारक तथा स्वर्ग मंदिर परिसर में रहेंगे। महू में जयंती समारोह में 6 स्थान पर आकस्मिक चिकित्सा की विशेष व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सकों का दल गठन कर ड्यूटी लगाई गई है। कार्यक्रम के दौरान साफ-सफाई के लिये इन्दौर नगर निगम एवं स्थानीय निकाय का अमला तैनात किया गया है। समारोह में अग्निशमन की भी व्यवस्था रहेगी। कलेक्टर वर्मा ने महू पहुँचकर लिया व्यवस्थाओं का जायजा कलेक्टर शिवम वर्मा डॉ. अम्बेड़कर नगर (महू) पहुँचे। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने समारोह के लिए विभिन्न प्रान्तों से आए श्रद्धालुओं से चर्चा की और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर वर्मा ने श्रद्धालुओं के लिए की गई सभी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसी व्यवस्थाएं बनायी रखी जाए, जिससे कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।  

सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए 19 हजार 810 करोड़ रूपये की स्वीकृति सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए 3,553 करोड़ 35 लाख रूपये की स्वीकृति सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाईजेशन के लिए 2,250 करोड़ रूपये की स्वीकृति नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1,674 करोड़ रूपये की स्वीकृति भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,005 करोड़ रूपये का अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए तकरीबन 19,810 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। मंत्रि-परिषद ने लोक निर्माण विभाग, सिंचाई परियोजना, महिला बाल विकास के कार्यों, नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों तथा कृषि विभाग के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद द्वारा सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 286 करोड़ 26 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से सागर जिले की सागर तहसील के 27 ग्रामों की 7200 हैक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिये किसानों को लाभ मिलेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत बी.ओ.टी. मार्गों का विकास एवं पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रूपये, बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर भुगतान के लिए 765 करोड़ रूपये, एन्यूटी भुगतान के लिए 4,564 करोड़ रूपये और म.प्र. सड़क विकास निगम (एन.डी.बी.) बाह्य वित्त परियोजना के लिए 5,322 करोड़ रूपये की स्वीकृति सहित 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने की स्वीकृति दी गई है। मंत्रि-परिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 3,553 करोड़ 35 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) के तहत कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने, ग्रामीण युवाओं के माध्यम से कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना करने, नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने और प्रदेश के वन पट्टाधारियों के लिए हस्तचलित/बैलचलित कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराने के लिए योजना आगामी 5 वर्षों के निरन्तर संचालन के लिए 2,250 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।  योजना के क्रियान्वयन से फार्म पॉवर उपलब्धता में वृद्धि होगी। कृषि यंत्रों के उपयोग से श्रमिकों पर निर्भरता में कमी आएगी और लागत एवं समय की बचत सहित रोजगार सृजन होगा। इससे वन-पट्टाधारी कृषक भी लाभान्वित होंगे।  मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में भारत सरकार की सहायता से नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की योजना को आगामी 5 वर्षों तक चलाए जाने के लिए 1,674 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसमें जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय से समबद्ध किया जाएगा। मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने के लिए लगभग 1,005 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया है। बेटी बचाओ-बेटी पढाओ, वन स्टॉप सेंटर एवं महिला हेल्पलाइन-181 के संचालन के लिए 240 करोड 42 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240 करोड़ 42 लाख रूपये और आगामी 5 वर्ष, 2026-27 से 2030-31 की अवधि तक संचालन एवं निरंतरता की स्वीकृति दी गई है। 8 नये वन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार से प्राप्त स्वीकृति अनुसार प्रदेश में 8 नए वन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति दी गयी है। मैहर, मउगंज, पांढुर्णा, धार में मनावर और पीथमपुर, इंदौर में लसूडिया और सांवेर एवं झाबुआ में पेटलावद में नये वन स्टॉप सेंटर का संचालन किया जायेगा।

गांव, गरीब, नारी शक्ति, किसान और वंचित वर्ग का उत्थान भाजपा की प्राथमिकता: हेमंत खण्डेलवाल

भोपाल/बैतूल.  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने गांव-बस्ती चलो अभियान के तहत बैतूल जिले के विभिन्न गांवों का भ्रमण कर पार्टी कार्यकर्ताओं व आमजन से संवाद कर बैतूल विधानसभा क्षेत्र के मंडल प्रशिक्षण वर्ग को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यकर्ता अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक भाजपा की विचारधारा और संकल्प को पहुंचाएं। गांव, गरीब, नारी शक्ति, किसान और वंचित वर्ग का उत्थान ही भारतीय जनता पार्टी की प्राथकिता है। भाजपा कार्यकर्ता गांव-गांव संपर्क कर पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानव के सिद्धांत को प्रतिपादित करते हुए अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति की सेवा के कार्यों में जुटे रहें। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने बैतूल, भैंसदेही एवं घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र के देवगांव, खाटापानी, चिरापाटला, रामपुरमाल,  मंडई ग्रामों का भ्रमण कर ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं से भेंट कर वरिष्ठजनों को सम्मानित किया। सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर सफाई कर ग्रामीणों को स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने भीमपुर में महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। प्रशिक्षण वर्ग करते हैं कार्यकर्ताओं को गढ़ने का कार्य भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भाजपा की संगठनात्मक शक्ति प्रशिक्षित व समर्पित कार्यकर्ताओं में निहित है। प्रशिक्षण वर्ग कार्यकर्ताओं को गढ़ने का कार्य करता है तथा सभी को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। कार्यकर्ताओं की विचारधारा के प्रति अटूट निष्ठा, अनुशासन और सेवा भाव ही संगठन को मजबूत बनाते हैं। पार्टी कार्यकर्ता सरकार और जनप्रतिनिधियों के बीच की कड़ी बनकर कार्य करें और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यय्रपेदश की भाजपा सरकार के जनहितैषी और उल्लेखनीय कार्यों को जन-जन तक पहुंचाकर पार्टी की विचारधारा उनको बताएं।  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी पं. दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत के तहत अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति का जीवन संवारने का कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने पीएम आवास योजना के तहत गरीबों को पक्के मकान देने का कार्य कर रहे हैं। उज्ज्वला योजना के तहत गरीब महिलाओं को घरेलू गैस के कनेक्शन दिए गए हैं। आयुष्मान योजना के तहत गरीबों और 70 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों को पांच लाख रूपए तक के मुफ्त इलाज की गारंटी प्रदान करने के साथ गांव-गांव तक पक्की सड़कों के लिए पीएम ग्रामीण सड़क योजना चला रहे हैं। इन योजनाओं के अलावा कई अन्य योजनाओं के जरिए प्रधानमंत्री गरीबों के आर्थिक सशक्तिकरण का कार्य कर रहे हैं।  कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाते रहे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ सेवा कार्यों को आगे बढ़ाते रहें। राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को जागृत करने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाते हैं। भाजपा कार्यकर्ता अपनी विचारधारा और कार्यपद्धति के कारण ही सफल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में तीन करोड़ लखपति दीदियां बन चुकी है। भाजपा की सरकारें गरीबों और हर वर्गों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाती हैं, ताकि समाज का कोई भी वर्ग और कोई भी परिवार पीछे न रहे। पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता बूथ स्तर पर जाकर योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क करें और उन्हें भाजपा की विचारधारा से जोड़ने का कर्तव्य निभाए। यही रास्ता हमें राष्ट्र की सेवा में और अधिक समर्पण से काम करने की प्रेरणा देता है। प्रशिक्षण वर्ग हर कार्यकर्ता के कौशल को निखारने का एक सशक्त माध्यम है। भाजपा कार्यकर्ता पार्टी के सिद्धांतों को समझते हुए अपने कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।  बैलगाड़ी से पहुंचे चिरापाटला गांव भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल बैलगाड़ी से ग्राम चिरापाटला में ग्रामीणों के पास पहुंचे और संवाद किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का स्थानीय लोगों द्वारा पारंपरिक तरीके से ढोल-नगाड़ों के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। ग्रामीणों से संवाद करते हुए प्रदेश अध्यक्ष खण्डेलवाल ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को सुनना और उनका हल निकालने का कार्य भाजपा हमेशा से करती आ रही है। भाजपा की सोच हमेशा से गरीब, किसान और वंचित वर्ग के कल्याण पर केंद्रित रही है। सादगी और सहजता ही जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी ताकत होती है। गांव-गरीब, किसान और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का उत्थान ही हमारी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य के साथ भाजपा का कार्यकर्ता गांव-गांव तक पहुंच रहा है। गांव-बस्ती चलो अभियान के दौरान विधायक महेंद्र सिंह चौहान, गंगा बाई उइके, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल सिंह कुशवाह सहित पार्टी जिला पदाधिकारी, कार्यकर्ता व आमजन उपस्थित रहे। प्रशिक्षण वर्ग के दौरान पूर्व सांसद ज्योति धुर्वे, जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा, जितेंद्र कपूर सहित जनप्रतिनिधि, जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में गूंजा ‘नारी शक्ति वंदन’ का संदेश: नरेंद्र मोदी के संबोधन को महिला कार्यकर्ताओं ने उत्साह से सुना

भोपाल. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सोमवार को नई दिल्ली में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को नई दिल्ली में दिए गए संबोधन को देश भर सहित मध्यप्रदेश के पार्टी कार्यकर्ता एवं महिला कार्यकर्ताओं द्वारा श्रवण किया गया। प्रधानमंत्री के संबोधन को भाजपा प्रदेश कार्यालय में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे के नेतृत्व में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों, जिला पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियां एवं हजारों की संख्या में महिला कार्यकर्ताओं व मातृशक्ति ने सुना। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष व ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम की प्रदेश टोली की सह संयोजक अश्विनी परांजपे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश भर की नारी शक्ति को संबोधित करते हुए महिलाओं की भागीदारी को सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए अधिनियम के महत्व पर प्रकाश डाला है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी दिखाई। अभियान के तहत महिलाओं ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दर्ज कराया। साथ ही 9667173333 पर मिस्ड कॉल देकर भी अधिनियम के पक्ष में समर्थन व्यक्त किया। इस पहल से महिलाओं में जागरूकता और उत्साह का माहौल देखने को मिला। महिला सशक्तिकरण के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन कार्यक्रम का समापन महिला सशक्तिकरण के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें नारी शक्ति ने समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का संचालन महिला मोर्चा की प्रदेश में महामंत्री मोना सुस्तानी ने किया। आभार महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष वंदना जाचक ने माना। इस अवसर पर भाजपा की प्रदेश मंत्री अर्चना सिंह, विधायक मंजू दादू, पूर्व विधायक साधना स्थापक, महिला मोर्चा महामंत्री ज्योति सिंह राजपूत, कार्यालय मंत्री भावना सिंह, सह कार्यालय मंत्री विमला तिवारी, प्रदेश मीडिया प्रभारी हर्षा सिंह ठाकुर, आईटी प्रभारी सुधा सुखियानी, प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी स्मृति जैन, सह सोशल मीडिया प्रभारी सारिका उपाध्याय, नीति एवं शोध सह प्रभारी इंदु चौधरी सहित हजारों की संख्या में महिला कार्यकर्ता व मातृशक्ति उपस्थित रहीं।

शिवराज सिंह चौहान की मांग पर नितिन गडकरी की बड़ी सौगात, रायसेन रिंग रोड और सौंदर्यीकरण कार्यों को मिली मंजूरी

रायसेन/ भोपाल  राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण कृषि मेले “उन्नत कृषि महोत्सव” का रायसेन में अत्यंत उत्साह, उमंग, नवाचार और हजारों किसानों की गरिमामयी उपस्थिति के बीच भव्य समापन हुआ। समापन सत्र में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जहां सड़क विकास, कृषि तकनीक, जल संरक्षण, वैकल्पिक ऊर्जा और ग्रामीण समृद्धि का व्यापक विजन रखा, वहीं केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीज से बाजार तक तैयार रोडमैप को जमीन पर उतारने का दृढ़ संकल्प दोहराया।  शिवराज सिंह चौहान द्वारा रखी गई क्षेत्रीय मांगों पर महत्वपूर्ण घोषणाएँ रायसेन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर आयोजित “उन्नत कृषि महोत्सव” के समापन सत्र में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा रखी गई क्षेत्रीय मांगों पर महत्वपूर्ण घोषणाएँ करते हुए विकास की नई सौगात दी। उन्होंने रायसेन रिंग रोड/पूर्वी बायपास के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने, संबंधित डीपीआर तैयार करने, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा बढ़ाए जाने और पुलों के सौंदर्यीकरण संबंधी मांगों पर सकारात्मक सहमति व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य सड़क संबंधी प्रस्तावों पर भी जो संभव सहयोग होगा, वह किया जाएगा।  ज्ञान को संपत्ति में बदलना आज कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी जरूरत है अपने संबोधन में गडकरी ने कहा कि वे इस कार्यक्रम में मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि किसान के रूप में आए हैं। उन्होंने कहा कि खेती का भविष्य अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वेदर स्टेशन, सैटेलाइट आधारित सूचना, ड्रोन, नैनो यूरिया और आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़ चुका है, इसलिए किसानों को समय के साथ बदलना होगा। उन्होंने कहा कि ज्ञान सबसे बड़ी शक्ति है और ज्ञान को संपत्ति में बदलना आज कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने किसानों से इनोवेशन, रिसर्च, सफल प्रयोगों और तकनीक-आधारित खेती को अपनाने का आह्वान किया, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन संभव हो सके।  गडकरी ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं रहेगा, बल्कि ऊर्जा दाता, ईंधन दाता, हवाई ईंधन दाता, डामर दाता और हाइड्रोजन दाता भी बनेगा। उन्होंने कहा कि कृषि अवशेष, पराली, बायोमास, इथेनॉल, सीएनजी और हाइड्रोजन के माध्यम से किसानों के लिए आय के नए रास्ते खुलेंगे, आयात घटेगा और गांवों की अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी।  जल संरक्षण पर विशेष बल जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए गडकरी ने कहा कि दौड़ते हुए पानी को चलने के लिए, चलने वाले पानी को रुकने के लिए और रुके हुए पानी को जमीन को पिलाने के लिए लगाना होगा। उन्होंने “गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में, घर का पानी घर में” का संदेश देते हुए कहा कि जैसे पैसा बैंक में जमा किया जाता है, वैसे ही पानी को जमीन में डिपॉजिट करना होगा। उन्होंने कहा कि जहां सिंचाई का पानी सीधे नहीं पहुँच सकता, वहां जल संरक्षण की संरचनाएँ बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।  उन्होंने डेयरी, मत्स्य पालन और ब्लू इकोनॉमी को किसानों की आय बढ़ाने के बड़े माध्यम बताते हुए कहा कि दुग्ध उत्पादन, मत्स्य उत्पादन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर गंभीरता से ध्यान देना होगा। गडकरी ने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना काफी नहीं है, बल्कि प्रोसेसिंग प्लांट, कोल्ड स्टोरेज, प्री-कूलिंग सिस्टम और वैल्यू एडिशन की मजबूत व्यवस्था भी बनानी होगी। उन्होंने कहा कि जब बाजार में उत्पादन अधिक होता है तो कीमतें गिर जाती हैं, इसलिए भंडारण और प्रसंस्करण की मजबूत व्यवस्था किसानों को बेहतर दाम दिलाने के लिए आवश्यक है।  उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे मेले में लगे स्टॉल, मशीनरी प्रदर्शन, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस, हाइड्रोपोनिक्स, एक एकड़ खेती के मॉडल, बकरी पालन, मछली पालन और अन्य तकनीकी सत्रों को देखकर जाएँ, सीखकर जाएँ और उसे खेत में लागू करें। उन्होंने कहा कि यही ज्ञान, यही तकनीक और यही प्रयोग किसानों का भविष्य बदलेंगे, गांवों को समृद्ध बनाएंगे और स्मार्ट सिटी के साथ स्मार्ट विलेज की दिशा को मजबूत करेंगे।  शिवराज सिंह के मुख्यमंत्रीत्व कार्यकाल की म.प्र. की कृषि उपलब्धियों की सराहना गडकरी ने शिवराज सिंह के मुख्यमंत्रीत्व कार्यकाल में मध्य प्रदेश की कृषि उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों को उन्नत बनाने के लिए इस तरह के आयोजन बेहद महत्वपूर्ण हैं और यह महोत्सव किसानों को भविष्य की नई प्रेरणा देने वाला सिद्ध होगा।  यह समापन नहीं, बल्कि नई शुरुआत है केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “उन्नत कृषि महोत्सव” कोई कर्मकांड नहीं है और यह समापन नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि चार दिनों तक चले इस आयोजन ने किसानों के लिए पाठशाला का काम किया, जहाँ मिट्टी की महक, मशीन की शक्ति, नवाचार, तकनीक और विकास का अद्भुत संगम देखने को मिला। चौहान ने कहा कि इस क्षेत्र की माटी, जलवायु, जल उपलब्धता और संसाधनों के आधार पर बीज से बाजार तक का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस रोडमैप में यह तय किया गया है कि इस क्षेत्र में कौन-कौन सी फसलें, फल और सब्जियाँ अच्छी हो सकती हैं और उनके उत्पादन, प्रोसेसिंग तथा मार्केटिंग की संपूर्ण योजना कैसे बनेगी।  दलहन और बागवानी क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा, इस क्षेत्र को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित किया जाएगा उन्होंने कहा कि अच्छे बीज की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए हर ब्लॉक में बीज ग्राम बनाए जाएंगे, दलहन और बागवानी क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा और इस क्षेत्र को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ड्रिप और स्प्रिंकलर के माध्यम से पानी की एक-एक बूंद का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा तथा कस्टम हायरिंग सेंटर और पंचायतों में मशीन बैंक बनाए जाएंगे, ताकि किसानों को आधुनिक मशीनें आसानी से मिल सकें। चौहान ने कहा कि अच्छी नर्सरी और क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किए जाएंगे, एफपीओ को मजबूत किया जाएगा, बैक हाउस और कोल्ड हाउस बनाए जाएंगे और किसानों को उत्पादन से बाजार तक बेहतर ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि एकीकृत खेती के मॉडल के माध्यम से छोटे खेत के टुकड़े पर भी अधिक आमदनी प्राप्त की जा सकती है और सरकार किसानों की आय बढ़ाकर ही चैन की सांस लेगी।  रोडमैप की मॉनिटरिंग के लिए टास्क फोर्स बनाई जाएगी उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे रोडमैप की मॉनिटरिंग … Read more