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एमपी ट्रांसको के इंजीनियरों की केस स्टडी को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

भोपाल.  मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के इंजीनियरों द्वारा तैयार एक तकनीकी केस स्टडी प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय जर्नल, वॉटर एंड एनर्जी इंटरनेशनल में प्रकाशित हुई है। इसकी व्यापक सराहना इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग क्षेत्र मे देश -विदेश के नामी विशेषज्ञों ने भी की है। एमपी ट्रांसको के इंजीनियर जितेंद्र तिवारी एवं इंजीनियर आशुतोष राय द्वारा तैयार की गई यह स्टडी केस 35 वर्ष से अधिक पुराने ट्रांसमिशन लाइनों में बिजली गिरने से होने वाली समस्याओं के समाधान पर आधारित है। इसमें स्पेशल पिट आधारित अर्थिंग तकनीक के माध्यम से टॉवर फुटिंग इम्पीडेंस कम करने और फॉल्ट क्लियरिंग समय सुधारने का सफल प्रयोग प्रस्तुत किया गया है। इससे ट्रांसमिशन सिस्टम की स्थिरता और विश्वसनीयता में सुधार होता है। 

ऊर्जा मंत्री तोमर बोले – मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने रचा स्वर्णिम ऊर्जा वर्ष 2025-26

भोपाल.  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का समापन अभूतपूर्व उपलब्धियों और उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ करते हुए विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी के चारों ताप विद्युत गृहों अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई, सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी, संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर व सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया ने सामूहिक रूप से वित्तीय वर्ष 2025-26 में 26,582.7 मिलियन यूनिट ताप विद्युत उत्पादन कर प्रदेश को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की। इस दौरान चारों ताप विद्युत गृह ने 81.45 % प्लांट उपलब्धता फैक्टर (PAF) बनाए रखते हुए परिचालन दक्षता के उच्चतम मानक स्थापित किए। विद्युत गृहों की सभी इकाइयों ने निर्धारित मानकों के अनुरूप हीट रेट, विशिष्ट तेल खपत (Specific Oil Consumption) व ऑक्जलरी पावर कंजम्पशन हासिल करते हुए उत्कृष्ट तकनीकी प्रदर्शन किया। एमपीईआरसी के मानकों से बेहतर रहा प्रदर्शन परिचालन मानकों के संदर्भ में इस वर्ष अमरकंटक ताप विद्युत गृह फेज-III, सतपुड़ा ताप विद्युत गृह फेज-IV, सिंगाजी ताप विद्युत गृह फेज-II व फेज-I ने मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (MPERC) द्वारा निर्धारित PAF मानकों से अधिक प्रदर्शन किया। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह यूनिट-10 ने 98.29%, सिंगाजी सुपर ताप विद्युत परियोजना यूनिट-1 ने 94.55%, यूनिट-3 ने 88.77% और संजय गांधी ताप विद्युत गृह यूनिट-3 ने 85.92% PAF हासिल करते हुए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। विशिष्ट तेल खपत में भी कंपनी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए MPERC मानकों से कम खपत दर्ज की। वहीं अमरकंटक ताप विद्युत गृह फेज-III एवं सतपुड़ा ताप विद्युत गृह फेज-IV का हीट रेट निर्धारित मानकों से बेहतर रहा जबकि सिंगाजी ताप विद्युत गृह फेज-III का हीट रेट MPERC मानकों के लगभग समतुल्य रहा। कंपनी कार्मिकों की कर्मठता को दिया श्रेय प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन का श्रेय अभियंताओं, तकनीकी कार्मिकों व ठेका श्रमिकों को देते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य न केवल प्रदेश की विद्युत आवश्यकताओं की सतत् आपूर्ति सुनिश्चित करना है बल्कि तकनीकी दक्षता, पर्यावरणीय जिम्मेदारी व परिचालन उत्कृष्टता के क्षेत्र में राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान भी स्थापित करना है। पॉवर जनरेटिंग कंपनी अपनी विभिन्न परियोजनाओं और नीतियों के विस्तार के साथ भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए सतत् प्रयासरत रहेगी।  

खेत तालाब, अमृत सरोवर से किसानों को सिंचाई के लिए मिलेगा पानी

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में 19 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान का तीसरा चरण चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत पुरानी जल संरचनाओं को नया जीवन देने के साथ ही बारिश के पानी की प्रत्येक बूंद को बचाने का कार्य किया जा रहा है। कूप रिचार्ज पिट, खेत तालाब, अमृत सरोवार, तालाब निर्माण, कंटूर ट्रेंच सहित तालाबों, बावड़ियों, नदियों की सफाई, रैन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्य किए जा रहे हैं। अभियान में प्रदेश के 18 विभाग सहभागिता निभा रहे हैं। अभियान अंतर्गत अकेले सागर जिले में 5800 से अधिक जल संरचनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इसमें कूप रिचार्ज पिट, खेत तालाब, अमृत सरोवार, तालाब निर्माण, कंटूर ट्रेंच के कार्य शामिल हैं। कार्यों के पूरा हो जाने से सागर जिले में सूख पड़े कुओं को नया जीवन मिलेगा। कूप रिचार्ज पिट बनने से कुओं का जल स्तर बढ़ेगा। साथ ही अमृत सरोवर, खेत तालाब और तालाबों में बारिश का पानी जमा होने से किसानों को सिंचाई, उद्यानिकी व मछली पालन जैसे कार्यों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिलेगा।  

समर्थन मूल्य पर 5220 किसानों से हुई 17,965 क्विंटल गेहूँ की खरीदी : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक 5220 किसानों से 12 हजार 521 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। गेहूँ का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि शेष संभागों में 15 अप्रैल से गेहूँ का उपार्जन शुरू किया जायेगा। अभी तक एक लाख 48 हजार 247 किसानों द्वारा 6 लाख 74 हजार 290 मीट्रिक टन गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। गेहूँ खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अभी तक 97 हजार 474 किसानों द्वारा 4 लाख 46 हजार 582 मीट्रिक टन गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूँ में से मुख्य रूप से जिला उज्जैन में 3029, शाजापुर में 2785, देवास में 1747, सीहोर में 1732, इंदौर में 1364, राजगढ़ में 1210, भोपाल में 907, विदिशा में 822, रतलाम में 697, आगर-मालवा में 683, धार में 581, खंडवा में 522, मंदसौर में 498, नर्मदापुरम में 378, खरगोन में 359, नीमच में 281, हरदा में 180, झाबुआ में 91, बैतूल में 46, बड़वानी में 28 और रायसेन में 24 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।  

शाजापुर: 12 नामजद समेत 150 कांग्रेसियों पर केस दर्ज, SP ने कहा- सुरक्षा चूक पर TI होंगे जिम्मेदार

शाजापुर   शाजापुर। किसानों के समर्थन में कांग्रेस द्वारा कलेक्ट्रेट कार्यालय घेराव मामले में 12 कांग्रेसियों खिलाफ नामजद और 150 अज्ञात लोगों पर लालघाटी थाने में मामला दर्ज किया गया है। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में घुसकर विरोध प्रदर्शन किया था। इन पर हुआ मामला दर्ज लालघाटी पुलिस ने भीड़ का नेतृत्व कर रहे है कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह, कांग्रेस के कालापीपल के पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी, सीताराम पवैया, यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष जयंत रामवीर सिंह सिकरवार, किसान कांग्रेस के अध्यक्ष कमल चौधरी, पूर्व कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष इरशाद खान सहित अन्य कांग्रेसियों के खिलाफ पुलिस ने धारा 223(ए), 132,191,(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है।  कुणाल चौधरी ने जिला प्रशासन पर साधा निशाना कुणाल चौधरी ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि शाजापुर प्रशासन एक बार फिर गुलामी पर लग चुका है। सरकार किसानों का गेहूं नहीं खरीद पा रही है और ऐसे मामले पर जब कांग्रेस किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करती है तो प्रशासन के द्वारा उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। सीधा जवाब दो कब किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा, कब वसूली बंद की जाएगी। ना हम अंग्रेजों से डरे ना आप से डरेंगे। हमें जेल में डालकर आप खुश होंगे तो हमें जेल में डाल दीजिए, लेकिन किसानों का पैसा दो, किसानों के कर्ज को माफ करो। भारी पुलिस बल के बावजूद चूक प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही कड़े इंतजाम किए थे। मौके पर 5 निरीक्षक, 4 उप निरीक्षक, 4 सहायक निरीक्षक, 10 प्रधान आरक्षक, 12 आरक्षक और 5 महिला आरक्षक सहित करीब 40 पुलिसकर्मी तैनात थे। इसके अलावा एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय और एसडीएम मनीषा वास्कले सहित प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। बावजूद इसके, प्रदर्शनकारियों का कलेक्टर कक्ष तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। एफआईआर पर पर्दा डालने की कोशिश? मामले में यह भी सामने आया कि पुलिस प्रशासन शुरुआती स्तर पर एफआईआर दर्ज होने की जानकारी को सार्वजनिक करने से बचता रहा। थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे ने पहले प्रकरण दर्ज होने से इनकार किया, लेकिन बाद में दस्तावेज सामने आने पर कार्रवाई की पुष्टि हुई। इन नेताओं पर दर्ज हुआ मामला पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह, पूर्व विधायक व राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी समेत मनीष परमार, राधेश्याम मालवीय, सीताराम पवैया, जयंत सिकरवार, राजकुमार कराड़ा, इरशाद खान, इरशाद नागौरी, शकील वारसी, आशुतोष शर्मा और कमल चौधरी को नामजद आरोपी बनाया है। सभी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223(ए), 132 और 191(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने शुक्रवार से धरपकड़ शुरू करने के संकेत दिए हैं। SP बोले—TI देंगे जवाब सुरक्षा में चूक के सवाल पर एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने जिम्मेदारी थाना प्रभारी पर डालते हुए कहा कि मौके की पूरी स्थिति और तैनाती की जानकारी टीआई ही स्पष्ट करेंगे। वहीं, थाना प्रभारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। कांग्रेस का तेवर बरकरार दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने साफ किया है कि यह आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने कहा कि वे जनता के मुद्दों को लेकर आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कुल मिलाकर, शाजापुर की यह घटना अब कानून-व्यवस्था और सियासी टकराव दोनों का बड़ा मुद्दा बन गई है, जिस पर आने वाले दिनों में और गर्माहट देखने को मिल सकती है।

शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान: यूरिया और डीएपी की कीमत बढ़ने पर किसानों का चेक होगा रिकॉर्ड

भोपाल  अमेरिका-ईरान के बीच भले ही सीजफायर हो गया हो, लेकिन अभी भी तनाव बना हुआ है. ऐसे में भारत में युद्ध का असर दिखने लगा है. रासायनिक खाद संकट को देखते हुए केन्द्र सरकार ने खाद वितरण का एक नया तरीका तैयार किया है. किसानों को आगामी फसलों के लिए पर्याप्त रासायनिक खाद उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सरकार नया सिस्टम तैयार कर रही है. इसमें किसानों को उनकी जमीन और फसल के हिसाब से खाद उपलब्ध कराया जाएगा. केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी जानकारी दी है।  शिवराज बोले- नहीं बढ़ेंगी खाद की कीमतें केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा "युद्ध की वजह से अभी रासायनिक खाद का कोई संकट नहीं है. देश में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है. केन्द्र सरकार अलग-अलग स्तर पर इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है. पश्चिम एशिया में पैदा हुई परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लगातार बैठकें की जा रही हैं।  शिवराज ने कहा "युद्ध के चलते कच्चे माल की कीमतों में बढोत्तरी हुई है. इससे डीएपी और यूरिया के रेट में बढोत्तरी हुई है, लेकिन सरकार ने तय किया है कि डीएपी और यूरिया के दाम पहले के तरह ही रहेंगे. खाद की कीमतों में बढोत्तरी नहीं की जाएगी. इसके लिए केन्द्र सरकार ने अपनी पिछली कैबिनेट बैठक में 41 हजार करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की है, ताकि बढ़ती कीमतों का बोझ किसानों पर न पड़े. इसके अलावा खाद की उपलब्धता जहां से हो सकती है, उसके प्रयास किए जा रहे हैं।  किसान की आईडी के आधार पर मिलेगा खाद केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा "किसानों को मिलने वाले खाद का डायवर्सन बहुत होता है. सब्सिडी पर किसानों को मिलने वाला सस्ता खाद अलग-अलग तरीकों से इंडस्ट्री में चला जाता है, इसको रोकने के लिए मध्य प्रदेश सहित देशभर के किसानों को फॉर्मर आईडी बनाई जा रही है. अभी तक 9 करोड़ 29 लाख फार्मर आईडी बन चुकी हैं. इस संख्या को बढ़ाकर 13 करोड़ तक लेकर जाना है।  फॉर्मर आईडी से किसान का पूरा डाटा एक क्लिक पर उपलब्ध होगा. पता चल सकेगा कि किसान के पास कितनी भूमि है और वह कौन-सी फसल उगाता है. भूमि के हिसाब से उसे कितनी खाद की जरूरत होगी. उस हिसाब से ही खाद उपलब्ध कराई जाएगी. जरूरत पड़ने पर कुछ अतिरिक्त उर्वरक भी उपलब्ध कराया जाएगा. ब्लैकमार्केटिंग पर लगाम लगाने के लिए सिस्टम तैयार किया जा रहा है।  हर स्थिति पर नजर रखे है केंद्र सरकार केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा "उम्मीद तो यही की जाती है कि युद्ध की परिस्थितियां समाप्त हो जाएं. मैं यह नहीं कहता कि ऐसी परिस्थितियों का हम पर प्रभाव नहीं पड़ता. एक्सपोर्ट प्रभावित हुआ है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में भी किसान को परेशानी न हो, इसकी कोशिशें की जा रही हैं. रासायनिक खाद की उपलब्धता को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं और प्रयास किए जा रहे हैं कि यह कहां से कितना मिल सकता है।  साथ ही इसका बेहतर तरीके से वितरण कैसे करना है. किसानों के उत्पादों के निर्यात पर भी निगाह बनाए रखी है. परिस्थितियां चुनौनीपूर्ण हैं और यह सामान्य भी होंगी, लेकिन इससे निपटने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। 

थाना अरेरा हिल्स पुलिस ने गांजा तस्कर को किया गिरफ्तार, 1300 ग्राम गांजा जप्त

भोपाल   श्रीमान पुलिस आयुक्त भोपाल संजय कुमार एवं श्रीमान अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल अवधेश गोस्वामी, व श्रीमान पुलिस उपायुक्त जोन-02 विवेक सिंह तथा श्रीमान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-2, गौतम सोलंकी एवं श्रीमान सहायक पुलिस आयुक्त एम.पी. नगर, भोपाल मनीष भारद्वाज के निर्देशन मे मादक पदार्थ के संबंध में विरूद्ध त्वरित कार्यवाही के निर्देश के पालन मे थाना अरेरा हिल्स पुलिस द्वारा 01 किलो 300 ग्रांम गांजा जप्त कर 08/20 NDPS ACT के अंतर्गत कार्यवाही की गई ।  घटना का विवरणः- दिनांक 09/04/26 को मुखबिर सूचना कर बताया गया कि खेलछात्रावास के पास भीम नगर थाना अरेरा हिल्स भोपाल में कोई व्यक्ति गांजा लिये बेचने की फिराक में खडा है । मुखबिर की सूचना से उनि नरेन्द्र सिंह परमार द्वारा श्रीमान सहायक पुलिस आयुक्त एमपीनगर को अवगत कराया जाकर मय स्टाफ के मुखबिर द्वारा बताये स्थान पर पहुंचे । मुखबिर द्वारा बताये हुलिये का व्यक्ति खेलछात्रावास के पास हाथ में एक प्लास्टिक का झौला पकडे हुए था जिसे हमराह स्टाफ व गवाहान की मदद से घेराबंदी कर पकड़ा जिसका नाम पता पूछने पर अपना नाम राजू राय पिता रमेश राय उम्र 50 साल निवासी खेल छात्रावास के पास भीम नगर अरेरा हिल्स भोपाल का होना बताया बाद राजू राय को मेरे द्वारा मुखबिर सूचना से अवगत कराकर तलाशी लेने हेतु धारा 50 NDPS Act के अन्तर्गत लिखित नोटिस/सूचना पत्र दिया गया जिसमे उक्त व्यक्ति द्वारा अपनी तलाशी उनि नरेन्द्र सिंह परमार द्वारा कराये जाने हेतु अपनी सहमति दी गई । राजू राय की तलाशी ली जाने पर उसके हाथ में प्लास्टिक के झोला मे पत्ती व दाने का टुकड़े मे बंटा हुआ हल्के हरे रंग का हल्का गीला पदार्थ मिला जिस संबंध मे पंचनामा तैयार किया गया है । उक्त व्यक्ति के पास मिले पदार्थ को देखकर, सूंघ कर, जला कर, रगड कर अनुभव के आधार पर पहचानने पर वह अवैध मादक पदार्थ गांजा होना पाया गया जिस संबंध मे पहचान पंचनामा तैयार किया गया । मादक पदार्थ का तराजू से तौल किया जाने पर प्लास्टिक के झोला सहित मादक पदार्थ गांजा का बजन कुल-1 किलो 300 ग्राम होना पाया गया । आरोपी का जुर्म अजमानती होने से आरोपी को गिरफ्तारी की सूचना से अवगत कराकर माननीय उच्चतम न्यायालय व मानव अधिकार आयोग के निर्देशो का अक्षरशः पालन करते हुये विधिवत समक्ष गवाहन के गिरफ्तार किया गया । आरोपी के विरूद्ध अपक्र. 69/26 धारा 08/20 NDPS ACT का कायम कर विवेचना में लिया गया ।  तलाशी में मिला गांजा – पकड़े गए आरोपी के पास एक प्लास्टिक के झोले में अवैध मादक पदार्थ मिला। जांच के दौरान यह गांजा पाया गया, जिसका कुल वजन करीब 1 किलो 300 ग्राम बताया गया है । कानूनी कार्रवाई – आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट 1985 की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया गया है।  पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच जारी – पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है । मामले की जांच अरेरा हिल्स थाना के जांच अधिकारी उनि नरेन्द्र सिंह परमार द्वारा की जा रही है। सराहनीय भूमिकाः- इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी सुनील शर्मा के निर्देशन एवं मार्गदर्शन मे उनि नरेन्द्र सिंह परमार, सउनि उमेश कुमार, सउनि सुनीता व्यास, सउनि गोविंद प्रसाद, प्र.आर. 2728 देवीदास, प्र.आर. 1626 राधेश्याम, आर. 3256 कालूराम, आर.4491 राजेश कुमार, म.आर. 4344 पूर्णिमा, म.आर. 1518 प्रियंका , म.आर. 1817 सोनम रघुवंशी  की सराहनीय भूमिका रही है ।    

मोनालिसा की शादी में फर्जीवाड़ा: पति फरमान पर पॉक्सो एक्ट में मामला, छिपाई गई कुंभ गर्ल की उम्र, MP-केरल के DGP को दिल्ली तलब

 महेश्वर कुंभ मेले में वायरल हुई मोनालिसा की शादी का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। जांच में सामने आया है कि जिस लड़की को बालिग बताकर शादी कराई गई थी, वह वास्तव में नाबालिग है। इसके बाद पति फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय जनजाति आयोग (NCST) की जांच में यह खुलासा हुआ कि शादी के समय मोनालिसा की उम्र महज 16 वर्ष 2 माह थी। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में हुई जांच में संबंधित दस्तावेज और स्थानीय रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। मध्य प्रदेश के महेश्वर थाने में आरोपी फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एट्रोसिटी एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में हुई जांच में महेश्वर अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाले गए। NCST ने मामले में केरलम और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को दिल्ली तलब किया है। महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी का मामला अब बड़ा विवाद बन गया है. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में खुलासा हुआ है कि मोनालिसा नाबालिग है. महेश्वर थाने में आरोपी फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एट्रोसिटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. आयोग के अध्यक्ष के नेतृत्व में टीम ने अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें लड़की की जन्म तारीख 30 दिसंबर 2009 पाई गई. इस हिसाब से मार्च 2026 में हुई शादी के समय उसकी उम्र कानूनी रूप से कम थी।  जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि निकाह के समय लड़की की उम्र करीब 16 साल 2 महीने थी. मिली जानकारी के मुताबिक, नगर पालिका से जारी एक गलत जन्म प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर केरल के एक गांव में शादी का रजिस्ट्रेशन कराया गया. अब इस रजिस्ट्रेशन को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस खुलासे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है और पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी तरह की लापरवाही सामने आ सके।  मामले में एक और बड़ा खुलासा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें पता चला है कि कुछ संगठनों और राजनीतिक कनेक्शन की आशंका जताई गई है. वहीं आयोग के सामने केरल के कुछ नेताओं और संगठनों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं. साथ ही यह भी जानकारी सामने आई है कि पूरे मामले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या एजेंडा हो सकता है. जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी और लड़की पिछले तीन महीनों से अलग-अलग वीआईपी होटलों में ठहर रहे थे. इसके बाद शक और गहराता गया है।  दोनों राज्यों के DGP को तलब वहीं इस मामले को गंभीरता से देखते हुए, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने केरल और मध्य प्रदेश के डीजीपी को भी दिल्ली तलब किया है और नियमित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं. पुलिस अब फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क और इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है. साथ ही यह भी जांच हो रही है कि कहीं इसमें मानव तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधियों का कनेक्शन तो नहीं है. प्रशासन का कहना है कि पीड़ित आदिवासी लड़की को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।  PFI कनेक्शन और विदेशी फंडिंग की आशंका मामले में अधिवक्ता प्रथम दुबे ने आयोग के समक्ष केरल के सीपीआई-एम नेताओं और पीएफआई जैसे संगठनों की संभावित संलिप्तता का मुद्दा उठाया है। आरोप है कि यह निकाह किसी बड़े एजेंडे का हिस्सा हो सकता है। इसके पीछे विदेशी फंडिंग की भी आशंका जताई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी और पीड़िता पिछले तीन महीनों से वीआईपी होटलों में ठहर रहे थे। आयोग इस मामले की जांच आदिवासी बच्चों की तस्करी के एंगल से भी कर रहा है। 2 राज्यों के डीजीपी दिल्ली तलब मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने 22 अप्रैल 2026 को केरल और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को दिल्ली मुख्यालय तलब किया है। आयोग ने दोनों राज्यों की पुलिस को हर तीन दिन में जांच की प्रगति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि पीड़ित आदिवासी बेटी को न्याय दिलाने के लिए मामले की लगातार निगरानी की जाएगी। पीड़िता के पिता की शिकायत पर FIR महेश्वर पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर फरमान खान के खिलाफ FIR दर्ज की है। युवक पर नाबालिग लड़की को फिल्म स्टार बनाने का लालच देकर केरल ले जाने का आरोप है। वहां नाबालिग को बहलाकर शादी कर ली। पीड़िता के पिता के मुताबिक, शूटिंग के दौरान ही फरमान खान से संपर्क हुआ था। आरोपी ने फिल्म में 'कर्नल' का रोल दिलाने और बेटी को करोड़ों रुपए कमाने का झांसा देकर केरल बुलाया। फरमान ने खुद ही इंदौर से केरल के लिए फ्लाइट के टिकट बुक कराए थे। फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की तलाश महेश्वर पुलिस शादी के पीछे सक्रिय सिंडिकेट और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की तलाश में जुटी है। साथ ही केरल पुलिस और स्थानीय राजनेताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

रिंग रेस्क्यू नाकाम, भागीरथ की मदद से रिंग फंसी; सुरंग की खुदाई जारी, बोरवेल पर नजरें

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर तहसील के झलारिया गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। गुरुवार शाम करीब 7 बजे, 3 वर्षीय मासूम भागीरथ खेलते समय अचानक एक खुले बोरवेल में जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन मुस्तैद हो गया है और युद्धस्तर पर बचाव कार्य जारी है। संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन और चुनौतियां भागीरथ को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। भोपाल से आई NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीम के साथ हरदा, इंदौर और उज्जैन की SDRF टीमें मिलकर जॉइंट रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। घटनास्थल पर पुलिस और रेस्क्यू एजेंसियों की टीमें तैनात हैं। पूरे इलाके को कॉर्डन ऑफ कर दिया गया है और ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे यहां भीड़ न लगाएं। अधिकारियों के अनुसार, भीड़ से रेस्क्यू कार्य में बाधा आ सकती है। फिलहाल प्रशासन का पूरा फोकस बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने पर है और ऑपरेशन लगातार जारी है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भागीरथ को रिंग रेस्क्यू के जरिए बाहर निकालने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर अब बोरवेल के पास समानांतर सुरंग खोदने का काम फिर से शुरू कर दिया गया है। गौरतलब है कि बीती रात से ही रेस्क्यू टीम रोप रिंग और समानांतर सुरंग दोनों तरीकों से बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी। हालांकि, रोप रिंग के जरिए बार-बार असफलता मिलने के बाद अब सुरंग बनाकर बच्चे तक पहुंचने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। रेस्क्यू टीम लगातार प्रयास में जुटी हुई है और हर संभव तरीके से भागीरथ को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।     समानांतर खुदाई: जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद से बोरवेल के बगल में एक गड्ढा खोदा जा रहा है।     मौजूदा स्थिति: बच्चा लगभग 70 फीट की गहराई पर फंसा हुआ है। राहत की बात यह है कि उसे लगातार ऑक्सीजन सप्लाई दी जा रही है।     कठिन राह: रेस्क्यू टीमें अब तक करीब 40 फीट की खुदाई कर चुकी हैं, लेकिन नीचे कठोर चट्टानें आने की वजह से अभियान की गति थोड़ी धीमी हुई है। कैमरे के जरिए बच्चे की हर हलचल पर पैनी नजर रखी जा रही है। कैसे हुआ हादसा? भागीरथ का परिवार मूल रूप से राजस्थान के पाली जिले का रहने वाला है। वे भेड़ चराने के सिलसिले में पिछले तीन दिनों से झलारिया इलाके में ठहरे हुए थे। पिता प्रवीण देवासी के अनुसार, भागीरथ दीवार के पास खेल रहा था। मासूम ने जिज्ञासावश बोरवेल का ढक्कन हटाया और उसे बाल्टी समझकर उसमें पैर डाल दिया। मां ने उसे बचाने के लिए हाथ भी बढ़ाया, लेकिन पलक झपकते ही बच्चा गहराई में ओझल हो गया। सुरक्षा के लिहाज से मौके पर दो एंबुलेंस और मेडिकल टीम को तैनात रखा गया है, ताकि रेस्क्यू होते ही बच्चे को तुरंत उपचार मिल सके। उज्जैन में राजस्थान में होने वाले विवाह समारोह को लेकर भागीरथ के घर में उत्साह का माहौल था। मासूम भागीरथ सबसे ज्यादा खुश था, क्योंकि उसे शादी में पहनने के लिए नए कपड़े दिलाए गए थे। कल तक वह उन नए कपड़ों को पहनकर पूरे घर में चहक रहा था और उसकी हंसी से आंगन गूंज रहा था। भागीरथ की मौसी ने भारी मन से बताया कि घर के अधिकांश लोग राजस्थान पहुंच चुके थे और भागीरथ का परिवार भी निकलने ही वाला था। शाम को नए कपड़ों में खेलते हुए वह अचानक 200 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। अब घर के एक कोने में वह नई पोशाक रखी है और दूसरी ओर उसकी मां की पथराई आंखें बस बोरवेल के मुहाने की ओर टिकी हैं।  उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बीती रात से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। उन्होंने बताया कि भागीरथ को बचाने के प्रयास लगातार जारी हैं। कैमरे के माध्यम से उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि उसे जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। घटनास्थल पर पहुंचे बड़नगर विधायक जितेंद्र पंड्या ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रशासन और सरकार पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भागीरथ को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। विधायक पंड्या ने कहा कि सभी का यही प्रयास है कि मासूम भागीरथ को सकुशल बाहर निकाला जा सके।  एसडीआरएफ के कमांडेंट संतोष जाट ने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि बच्चे के हाथों में रेस्क्यू रोप की रिंग पहनाकर उसे बाहर निकाल लिया जाए। उन्होंने बताया कि इस प्रयास में भोपाल से पहुंची एनडीआरएफ की टीम, हरदा, इंदौर और उज्जैन की एसडीआरएफ टीमों के साथ संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। बोरवेल में कैमरा डालकर बच्चे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उसे ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया जा रहा है। मौके पर दो एंबुलेंस भी तैनात हैं। रेस्क्यू के दौरान भागीरथ की शर्ट निकाली गई है।

ग्रास्प फाउंडेशन, भोपाल द्वारा दीप स्तंभ कार्यक्रम का सफल आयोजन

ग्रास्प फाउंडेशन, भोपाल द्वारा दीप स्तंभ कार्यक्रम का सफल आयोजन भोपाल  ग्रास्प फाउंडेशन, भोपाल द्वारा आयोजित "दीप स्तंभ" कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अवसर पर, डॉ. वी. के. महाडिक, निदेशक, आर. डी. गार्डी मेडिकल कॉलेज, उज्जैन को "प्रदेश गौरव सम्मान" से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. रविंद्र कन्हेरे, अध्यक्ष, प्रवेश और शुल्क विनियमन समिति, मध्य प्रदेश सरकार ने कहा, "यह सम्मान उन लोगों के लिए है जो समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।" कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव, मुख्य निर्वाचन आयुक्त, मध्य प्रदेश एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ने की। उन्होंने कहा, "यह सम्मान समाज के लिए एक प्रेरणा है और हमें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता है।" इस अवसर पर कई अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कार भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम के पश्चात रात्रिभोज का आयोजन किया गया। ग्रास्प फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री अशोक जोहरी और सचिव श्रीमती स्मिता पागनीस ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।