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मेगा इंजीनियरिंग अचीवमेंट: इंदौर में 400 टन का गर्डर 23 मीटर ऊंचाई पर सफलतापूर्वक लॉन्च

इंदौर लवकुश चौराहा पर बन रहे डबल डेकर फ्लाईओवर की सबसे लंबी 65 मीटर स्टील गर्डर को लंबे इंतजार के बाद लॉच कर दिया गया। 400 टन वजनी गर्डर को 23 मीटर ऊंचाई पर रखने की पूरी प्रक्रिया करीब 12 घंटे चली। तीन विंच मशीन की सहायता से बो स्ट्रिंग्स स्पान पर गर्डर को लाया गया। दो विंच मशीन से गर्डर को खींचा गया, जबकि एक विंच मशीन पीछे से रोकने के लिए लगाई गई थी। अब जेक पुश कर इसको दूसरी तरफ के बो स्ट्रिंग्स स्पान पर शिफ्ट किया जाएगा। इस कार्य के पूरा होने के बाद अब दूसरी स्टील गर्डर का निर्माण शुरू किया जाएगा। फ्लाईओवर की संरचना और तकनीकी बारीकियां इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा लवकुश चौराहा पर 1452 मीटर लंबा डबल डेकर फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। इसमें 19 सेगमेंटल स्पान, चार कंपोजिट गर्डर स्पान एवं एक बो स्ट्रिंग्स स्पान है। बो स्ट्रिंग्स स्पान की लंबाई 65 मीटर है और यहां पर दो स्टील गर्डर रखी जानी हैं। पहली गर्डर का निर्माण पूरा होने के बाद बो स्ट्रिंग्स स्पान पर रख दिया गया। गुरुवार रात 11 बजे इसकी प्रक्रिया शुरू की गई, जो सुबह 11 बजे पूरी हुई। गर्डर को पुल करने में करीब पांच घंटे का समय लगा। पुल करने से पहले रीले पर गर्डर को चढ़ाने और बैलेंसिंग के कार्य किए गए। गर्डर को लॉच करने के लिए नीचे से यातायात पूरी तरह से बंद किया गया, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो। 23 मीटर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर असेंबलिंग और क्रेन का उपयोग 400 टन वजनी गर्डर को फ्लाईओवर के जिस बो स्ट्रिंग्स पर रखा गया है उसकी ऊंचाई 23 मीटर है। यह शहर के सभी फ्लाईओवर में सबसे अधिक ऊंचाई है। फ्लाईओवर के नीचे से मेट्रो और फ्लाईओवर गुजरने के कारण गर्डर को ऊपर ही असेंबल किया गया था। वहीं खींचकर स्पान पर फिट किया जाएगा। स्टील गर्डर को ऊपर असेंबल करने के लिए 900 टन क्षमता की दो क्रेन का उपयोग किया गया। इसमें एक 600 टन और दूसरी 300 टन क्षमता की क्रेन थी। इन क्रेन की सहायता से गर्डर के एंगल और अन्य सामग्री ऊपर पहुंचाई गई। जिस कंपोजिट गर्डर स्पान में यह असेंबल की गई, उसका निर्माण दूसरी गर्डर के लांच होने के बाद होगा। सेगमेंटल स्पान और पियर पर रखे गए 247 सेगमेंट फ्लाईओवर के पियर तैयार होने के बाद स्पान पर सेगमेंट रखे गए। एक स्पान पर 13 सेगमेंट रखे गए हैं। एक सेगमेंट की चौड़ाई 25 मीटर और वजन 120 टन है। इसके अनुसार 13 स्पान की चौड़ाई 351 मीटर और वजन 1560 टन हुआ। सभी 24 स्पान पर सीमेंट और स्टील के 30 हजार टन वजन के 247 सेगमेंट रखे गए हैं। लवकुश चौराहा स्थित फ्लाईओवर की पहली गर्डर की लॉचिंग पूरी हो चुकी है। इसको खींचकर स्पान पर रखा गया। अब दूसरी गर्डर का निर्माण शुरू किया जाएगा।- डॉ. परीक्षित झाड़े, सीईओ आइडीए  

सरकार के खिलाफ गेस्ट टीचर्स का मोर्चा, 30 मार्च को भोपाल में शक्ति प्रदर्शन का एलान

भोपाल  प्रदेश में अतिथि शिक्षक एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी में हैं। सरकार द्वारा किए गए वादों को पूरा न करने के विरोध में 30 मार्च को राजधानी भोपाल के आंबेडकर पार्क में बड़े प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने बताया कि इस आंदोलन में प्रदेशभर के सभी संगठन एकजुट होकर भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव 2023 से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षकों की महापंचायत में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थीं। स्थायीकरण और वार्षिक अनुबंध की घोषणाओं पर अमल न होने से नाराजगी इन घोषणाओं में विभागीय परीक्षा के माध्यम से स्थायीकरण, वार्षिक अनुबंध लागू करना और सीधी भर्ती में बोनस अंक देने जैसे वादे शामिल थे, लेकिन अब तक इन वादों पर अमल नहीं हुआ है, जिससे अतिथि शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। वहीं आजाद स्कूल अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष केसी पवार ने भी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा में स्पष्ट जवाब दिया गया है कि इन वादों को पूरा करना संभव नहीं है। इससे अतिथि शिक्षकों में आक्रोश और अधिक बढ़ गया है। समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी पीडी खैरवार, बीएम खान, उमाशंकर बैस और रविकांत गुप्ता ने सभी अतिथि शिक्षकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में भोपाल पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाएं। पीएमश्री स्कूलों से कार्यमुक्त करने के आदेश का विरोध संगठन के पवन प्यासी और चंद्रशेखर राय ने कहा कि हर वर्ष 30 अप्रैल तक सेवा कार्यकाल बढ़ाना केवल दिखावा है। उन्होंने मांग की कि सरकार वार्षिक अनुबंध लागू करे। साथ ही पीएमश्री स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को 31 मार्च को कार्यमुक्त करने के आदेश को वापस लेकर स्थायी समाधान निकाला जाए। हजारों अतिथि शिक्षकों के जुटने की तैयारी के साथ इस आंदोलन में मुख्य रूप से स्थायीकरण और वार्षिक अनुबंध की मांग की जाएगी।  

छिंदवाड़ा में पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री यादव, दिल्ली से लौटते ही लिया हाल-चाल

भोपाल/छिंदवाड़ा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज दिल्ली दौरे के बाद अपने सभी कार्यक्रमों को रद्द कर सीधे छिंदवाडा पहुंचे। जहां उन्होंने छिंदवाड़ा जिले की तहसील मोहखेड़ के ग्राम करेर, ग्वारा और झिरिया पहुंचकर सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए नागरिकों के परिजनों से मुलाकात की और शोक संवेदनाएं व्यक्त कर उन्हें सांत्वना प्रदान की। इस दौरान उन्होंने छिंंदवाड़ा जिला अस्पताल में पहुंचकर घायलों से भी मुलाकात कर उनक कुशलक्षेम जाना । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आत्मीयता के साथ ढांढ़स बंधाते हुए कहा, यह दुर्घटना पीड़ा दायक है। आप सभी धैर्य और साहस बनाए रखें, प्रदेश सरकार संकट में आपके साथ खड़ी है"। उन्होंने कहा मैंने कल ही प्रभारी मंत्री को रात में ही यहां भेज दिया था मेडिकल डॉक्टर की टीम भी जबलपुर से भेजी गई और एक टीम को नागपुर भेजा गया जिससे वहां भी घायलों का इलाज सुनिश्चित हो। इसके साथ ही घटना के जांच के आदेश दिए हैं। हर मृतक के परिजन को 8-8 लाख की सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसके साथ ही प्रत्येक मृतक के परिजनों को 8-8 लाख की आर्थिक मदद की जाएगी। 4-4 लाख सरकार की ओर से और 4-4 लाख संबल योजना के माध्यम से आर्थिक मदद प्राप्त होगी । उन्होंने कहा की घटना में घायल हर नागरिक को 1-1 लाख की आर्थिक मदद दी जाएगाी। और घायलों का पूरा इलाज सरकार कराएगी। पल-पल लेते रहे घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठकों के व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद, रामनवमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव छिंदवाड़ा पीड़ितों के लिए चिंचित रहे। वे पल-पल घायलों के स्वास्थ्य का विवरण लेते रहे और दिल्ली से लौटते ही अपने आधिकारिक कार्यक्रमों को रद्द कर सीधे छिंदवाड़ा पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की। ज्ञात हो कि गुरुवार शाम को छिंदवाड़ा के पास सिमरिया नाला में क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से प्रभारी मंत्री राकेश सिंह को अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम निरस्त कर छिंदवाड़ा पहुंचने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही, घायलों को उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु जबलपुर से विशेषज्ञ चिकित्सकों के दल को भी तत्काल रवाना कर दिया था। परिवार के सदस्यों की भांति हो पीड़ितों की देखभाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीड़ितों व उनके परिजनों से मुलाकात के समय भावुक हो गए, परिवार के मुखिया की भांति छिंदवाड़ा कलेक्टर और चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रत्येक घायल व्यक्ति की देखभाल "अपने परिवार के सदस्य" की भांति की जाए।  उन्होंने स्पष्ट किया कि घायलों के समुचित उपचार के लिए किसी भी प्रकार की कमी न हो, प्रदेश सरकार संकट में हर नागरिक के साथ है। डॉ. यादव ने संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर भविष्य की सभी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रभावितों को हर संभव सहायता सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि इस संकट के समय में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के दुःख को साझा करने और उनकी सहायता करने हेतु संकल्पित है।  

“पत्नी को बुलाओ वरना कूद जाऊंगा” — खंडवा में टावर पर चढ़े युवक का हंगामा, घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन

खंडवा कोतवाली थाना परिसर में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक अपनी मांग मनवाने के लिए पुलिस टावर पर चढ़ गया। करीब चार घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस और प्रशासन की समझाइश पर युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया। जानकारी के अनुसार, सूरजकुंड निवासी दादू नामक युवक गुरुवार रात पारिवारिक विवाद के बाद शुक्रवार तड़के करीब चार बजे कोतवाली परिसर स्थित टावर पर चढ़ गया। सुबह ड्यूटी पर मौजूद आरक्षक आनंद झंझोट ने उसे देखा और नीचे उतरने के लिए समझाइश दी, लेकिन युवक अपनी जिद पर अड़ा रहा। उसने मांग रखी कि उसकी पत्नी रोशनी को मौके पर बुलाया जाए, अन्यथा वह कूद जाएगा। घटना के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना रहा। क्लेम की राशि को लेकर चल रहा था पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है कि युवक ने अपनी रिश्तेदारी में रोशनी से विवाह किया है। रोशनी के पहले पति की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो चुकी है और उसे मिलने वाली एक्सीडेंट क्लेम राशि को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। आरोप है कि युवक उक्त राशि अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और मामला थाने तक पहुंच गया। कोतवाली परिसर में चार घंटे चले इस ड्रामे के बीच पत्नी ने आरोप लगाया कि वह क्लेम की राशि हड़पना चाहता है। शिकायत करने पहुंची पत्नी तो युवक ने खुद को कर लिया घायल पुलिस के अनुसार, जब महिला शिकायत दर्ज कराने पहुंची तो युवक ने खुद को घायल कर लिया और बाद में टावर पर चढ़ गया। सूचना मिलते ही सीएसपी अभिनव बारंगे मौके पर पहुंचे। पुलिस ने युवक की पत्नी और मीडिया कर्मियों को बुलाकर समझाइश दी, जिसके बाद सुबह करीब 7:45 बजे युवक सुरक्षित नीचे उतर आया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। स्वजन के अनुसार, युवक पहले भी नशे की हालत में इस तरह की हरकतें कर चुका है और पेड़ व बिजली के खंभों पर चढ़कर हंगामा करता रहा है।  

प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से देश में नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने खाड़ी युद्ध के बीच उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। पेट्रोल-डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती स्वागत योग्य कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की नीतियों से देश में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे। भारतीय बाजार में तेल की उपलब्धता पर्याप्त रहेगी, उपभोक्ताओं पर भी तेल कीमतों का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और देश की तेल रिफायनरियां अपना काम सरलता से करती रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम में बढ़ोतरी के बीच रामनवमी के दिन इस जनहितैषी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री  मोदी बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मीडिया के लिए जारी संदेश में ये विचार व्यक्त किए।  

मानवता को निरोगी बनाने का एक मात्र साधन प्राकृतिक खेती ही है

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सेमरिया क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मोलई कुशवाहा का स्वतंत्रता आंदोलन में दिया गया योगदान अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। ऐसे महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के बलिदान से प्ररेणा लेकर देश को आगे ले जाने में हम सभी को समवेत होना है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल रीवा के सेमरिया में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मोलई कुशवाहा के जयंती समारोह में आयोजित कृषक सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने मोलई कुशवाहा की मूर्ति के सम्मुख पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि आज सौभाग्यशाली दिन है, क्योंकि आज भगवान राम का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जा रहा है साथ ही इस क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी  मोलई कुशवाहा की जयंती है और आज ही कृषक सम्मेलन में प्राकृतिक खेती को अपनाने का संकल्प लिया जा रहा है। स्वयं को एवं अपनी धरती माता को स्वस्थ रखने के लिए प्राकृतिक खेती आवश्यक है। किसान भाईयों को चाहिए कि वह उपलब्ध जमीन में से कुछ हिस्से में प्राकृतिक खेती करें। मानवता को निरोगी रखने का सही साधन प्राकृतिक खेती ही है। उन्होंने कुशवाहा समाज के लोगों से आह्वान किया कि वह प्राकृतिक खेती को अपनाने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें क्योंकि उनका कृषि एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में अग्रणी स्थान है। रीवा जिले के निवासी प्राकृतिक खेती को अपनाने में आगे आ रहे हैं। गौ माता धरती में जीती जागती देवी की स्वरूप हैं। इनके गोबर और गौमूत्र का उपयोग भगवान के पूजन में किया जाता है। गौ माता के गोबर से निर्मित खाद और कीटनाशक प्राकृतिक खेती के लिए लाभकारी है। उन्होंने प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन बनाने के लिए सभी को संकल्पित होने का आह्वान किया।  शुक्ल ने चौराहे में सम्राट अशोक की मूर्ति स्थापना किए जाने की बात भी कही। कार्यक्रम में पूर्व विधायक  केपी त्रिपाठी ने कहा कि आज का आयोजन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मोलई कुशवाहा के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है। प्रदेश में इस वर्ष कृषक कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। प्राकृतिक खेती का लाभ लेने और इसको बढ़ावा देने के लिए सेमरिया के लोग सबसे पहले आगे आए हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी इसे अपनाने का आह्वान किया। कोटा ग्राम में आयोजित कृषक सम्मेलन में स्थानीय जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

रानी तालाब मंदिर परिसर में माँ भगवती जागरण कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल नवरात्रि के उपलक्ष्य में महा अष्टमी पर गत रात्रि रीवा के रानी तालाब मंदिर परिसर में विशाल माँ भगवती जागरण का आयोजन किया गया। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि माँ के आशीर्वाद से ही सभी कार्य सफल होते हैं। हम सभी पर माता का आशीर्वाद बना रहे और हमारा रीवा हर क्षेत्र में नित नई उपलब्धियाँ हासिल करता रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि माँ भगवती के जागरण से देवी माँ प्रसन्न होती हैं। प्रतिवर्ष यह आयोजन होता रहे और माता का आशीर्वाद हमको मिलता रहे। उन्होंने कहा कि इस समय मानवता संकट में है। इस संकट से सिर्फ माँ ही उबार सकती हैं। उन्होंने कहा कि माता के दरबार एवं रानी तालाब के चमकने के साथ ही रीवा भी चमकने लगा है। हम सब की प्रार्थना है कि माँ हमें आशीर्वाद देती रहें और रीवा की चमक बरकरार रहे। उप मुख्यमंत्री ने देवी जागरण में भजन की प्रस्तुति देने वाली गायिका यशस्वी की भावपूर्ण प्रस्तुति की सराहना की। कार्यक्रम में नगर निगम अध्यक्ष  व्यंकटेश पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।  

वेस्ट से वेल्थ: भोपाल के आदमपुर छावनी में 220 करोड़ का आधुनिक कोयला प्लांट चालू

भोपाल राजधानी भोपाल में सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट की दिशा में बड़ी पहल करते हुए आदमपुर छावनी में स्थापित टोरिफाइड चारकोल प्लांट का ट्रायल रन शुरू हो गया है। NTPC Limited द्वारा 220 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मोड पर तैयार इस प्लांट में सूखे कचरे को कोयले (चारकोल) में बदला जाएगा। तीन दिन में 800 टन कचरा पहुंचा ट्रायल के शुरुआती तीन दिनों में ही प्लांट में 800 टन सूखा कचरा पहुंचाया गया है। अधिकारियों के अनुसार ट्रायल के दौरान कुल 1800 टन कचरे का उपयोग किया जाएगा हर दिन 400 टन कचरे की प्रोसेसिंग 15 एकड़ में फैले इस प्लांट में प्रतिदिन 400 टन सूखे कचरे को प्रोसेस कर टोरिफाइड चारकोल तैयार किया जाएगा। यह तकनीक कचरा निपटान के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन के लिए भी उपयोगी साबित होगी। आयुक्त ने किया निरीक्षण नगर निगम आयुक्त Sanskriti Jain ने प्लांट का दौरा कर कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। उन्होंने इसे भोपाल के लिए गौरव का क्षण बताते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम बताया। एक नजर में प्रोजेक्ट 12 अक्टूबर 2021 को हुआ अनुबंध 220 करोड़ रुपये की लागत 15 एकड़ में स्थापित प्लांट प्रतिदिन 400 टन कचरे की प्रोसेसिंग क्षमता पर्यावरण को मिलेगा फायदा यह प्रोजेक्ट कचरे के वैज्ञानिक निपटान के साथ कोयले के विकल्प के रूप में उपयोगी होगा। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और भोपाल देश के चुनिंदा शहरों में शामिल हो सकेगा, जहां कचरे का शत-प्रतिशत उपयोग किया जा रहा है।  

धनवाल की याचिका पर जबलपुर उच्च न्यायालय ने नहीं दिया स्थगन

जबलपुर अपेक्स बैंक द्वारा दिनांक  22-3-26 को आदेश क्रमांक मप्रमु/13/केडर/प्रसं/2979 से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित सीधी के निलंबित मुख्य कार्यपालन अधिकारी पीएस धनवाल द्वारा जबलपुर उच्च न्यायालय में अपने निलंबन आदेश को चुनौती देते हुए याचिका क्रमांक 10732/2026 प्रस्तुत की थी । इस याचिका में माननीय उच्च न्यायालय की एकल पीठ के माननीय न्यायमूर्ति  मनिंदर सिंह भट्टी की पीठ के समक्ष दिनांक 26 मार्च 2026 की तिथि सुनवाई के लिए नियत की गई थी, जिसमें  धनवाल के अधिवक्ता द्वारा निलंबन आदेश को स्थगित करने का निवेदन किया गया, जिस पर अपेक्स बैंक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता  हरप्रीत सिंह रूपरा एवं अधिवक्ता  कपिल दुग्गल एवं शासन की ओर से  उपमहाधिवक्ता  स्वप्निल गांगुली ने पुरजोर  विरोध करते हुए तर्क किया कि उनका जवाब तैयार है एवं जवाब पेश होने के उपरांत ही मुकदमे की सुनवाई करने का निवेदन किया ।  माननीय उच्च न्यायालय ने अपेक्स बैंक के निवेदन को स्वीकार करते हुए  निलंबन आदेश को स्थगित न करते हुए, प्रकरण की आगामी सुनवाई हेतु दिनांक 31 मार्च 2026 की तिथि को नियत किया है एवं  समस्त कार्यवाही को न्यायालय के अंतिम निर्णय के अध्ययधीन रहने का आदेश दियाl

मध्यप्रदेश 11.6 प्रतिशत विकास दर से कर रहा प्रगति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

देश में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश 11.6 प्रतिशत विकास दर से कर रहा प्रगति जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए हमारे पास पर्याप्त धनराशि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर भरोसा, जनता पसंद कर रही है सरकार के काम अब तक का सबसे सुव्यस्थित और भव्य होगा उज्जैन सिंहस्थ सिंहस्थ में आने वाले अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए की जा रही हैं तैयारियां भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय संसाधनों के समुचित प्रबंधन से अच्छे परिणाम देने का मॉडल तैयार किया है। हम कम संसाधनों में भी बेहतर से बेहतर रिजल्ट दे रहे हैं। आज हमारा मध्यप्रदेश देश में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले प्रदेश के रूप में पहचाना जा रहा है। मध्यप्रदेश 11.60 प्रतिशत की विकास दर से तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार के पास 106 प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए समानुपातिक आवंटन के लिए पर्याप्त धनराशि है। जनकल्याण के साथ हम प्रदेश के औद्योगिक और अधोसंरचनात्मक विकास के लिए भी सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय मीडिया समूह की एनुअल समिट को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने विकास के लिए हर क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है। हमारी कृषि विकास दर भी पहले से बेहतर हुई है। हमने बीते दो साल में औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान देकर जीआईएस और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव कर मध्यप्रदेश में निवेश के लिए एक नया माहौल तैयार किया है। उन्होंने कहा कि बीते दो साल में प्रदेश में करीब 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आया है। यह हमारे अपने राज्य की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। लाड़ली बहना योजना में हमारी 1 करोड़ 25 लाख 27 हजार बहने हैं। इनके हित में हम हर महीने 1500-1500 रुपये खाते में डाल रहे हैं। किसानों को किसान सम्मान निधि भी दे रहे हैं। भारत सरकार के वित्तीय व्यवस्था के जो उच्चतम मापदंड है उसके दायरे में रहकर हम अपनी आय-व्यय को विनियमित कर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अपने पद के अनुरूप आचरण नहीं कर रहे हैं। उन्हें कितना बड़ा मौका मिला है, लेकिन उन्होंने इस पद की गरिमा का पतन कर दिया है। भारत-पाकिस्तान में स्ट्राइक हो रही है और अपोजिशन लीडर सेना का मनोबल गिरा रहे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। वर्ष 1971 में बांग्लादेश के समय स्व. अटल बिहारी वाजपेई पूरी दृढ़ता से सरकार के साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा था हम सेना के साथ हैं। जब राष्ट्रीय संकट हो तो देश के साथ रहना चाहिए, यह विपक्ष को सीखना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल और वायु हमेशा सीमाओं से परे होती है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को दो राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजनाओं की सौगात दी है। यह परियोजना राज्यों के हित में है। इस राष्ट्रीय परियोजना की 90 प्रतिशत लागत राशि भारत सरकार दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश तो नदियों का मायका है। यहां 250 से ज्यादा नदियां हैं। हमारे पड़ोसी राज्य राजस्थान के 15 जिले सालों से पीने के पानी, उद्योग और सिंचाई के लिए भारी कष्ट में थे। माननीय अटल जी की सरकार के वक्त नदी जोड़ो योजना बनी थी लेकिन राजस्थान और मध्यप्रदेश की सरकार के साथ तालमेल न होने से इस विषय को लटकाए रखा। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से मध्यप्रदेश और राजस्थान ने साथ आने का प्रयास किया और दोनों राज्यों की पश्चिमी भारत को सिंचाई की सुविधा से संपन्न करने के लिए पार्वती-कालीसिंध-चंबल योजना पर सहमति बनी। इस पर लगभग 70 हजार करोड़ रुपये की धनराशि प्रधानमंत्री मोदी ने मंजूर की। प्रधानमंत्री जी की मौजूदगी में ही इस परियोजना का शुभारंभ हुआ। इस गठबंधन का परिणाम यह हुआ कि दोनों राज्यों के लोगों का एक तरह से अब जीवन बदलने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच सौहार्द्रपूर्ण संबंध होने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे देश में प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली और हमारी सरकार पसंद बनी हुई है। इसलिए तो हमारी सरकार विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 21 से अधिक प्रदेशों में हमारी सरकार है। जहाँ आज भी जनता काम पसंद करती है। प्रधानमंत्री की कार्यनीति को भी जनता पसंद करती है। जनता जान रही है कि दुनिया के सामने भारत का मान बढ़ रहा है, सम्मान बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय अवधारणा पर काम कर रही है। आखिरी पंक्ति में खड़े हुए गरीब आदमी की जिंदगी में मदद हो जाए, उसके जीवन से कष्ट मिट जाए, हम इस आधार पर काम कर रहे हैं। हमारे राज्य की प्रोग्रेस भी पर्याप्त हो रही है और हम सभी योजनाओं के लिए धनराशि लेकर चल रहे हैं। लाड़ली बहना योजना से बेहतर नारी सशक्तिकरण की कौन सी योजना हो सकती है, जबकि विपक्ष के लोग कहते हैं कि महिलाओं को पैसे मत दीजिए, वे शराब पी जाती हैं। क्या उन्हें ऐसी भाषा बोलनी चाहिए। अपनी भाषा के कारण ही वे सरकार से बाहर हैं। हम पूरी श्रद्धा के साथ समाज के सभी वर्गों के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं चला रहे हैं। गरीब आदमी की जिंदगी बेहतर करने के लिए भी पर्याप्त धनराशि दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बारे में कहा कि उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह केवल उज्जैन और मध्यप्रदेश का ही नहीं देश का भी सबसे गरिमापूर्ण आयोजन है। उज्जैन की आबादी 8 लाख है, पर सिंहस्थ के दौरान यहां दो महीनों के भीतर 40 करोड़ लोग आएंगे। इसके लिए हमें उज्जैन को तैयार करना है, जिससे किसी भी श्रद्धालु को बाल बराबर भी कष्ट न होने पाए, हमारी सरकार इसके लिए सारे प्रबंधन करके चल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनारस जैसी पुण्य नगरी में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन कराने जा रही हैं। हमारे लिए सौभाग्य की बात है सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के … Read more