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टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

सतना पेप्टक सिटी में रविवार को उस समय सनसनी फैल गई जब कॉलोनी के भीतर गोली चलने की घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार, शुभम सिंह छीन्दा के भाई गोलू छीन्दा पर रघु सिंह ने लायसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी, जिससे वह घायल हो गए। घटना मकान नंबर 1 के सामने गेट के पास हुई। गोली चलने की आवाज से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने CCTV फुटेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है, वहीं घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। टेंडर विवाद बताई जा रही घटना की वजह जानकारों के मुताबिक, इस पूरे मामले की जड़ एक सड़क निर्माण के टेंडर को लेकर चल रहा विवाद है। करीब 10-15 दिन पहले एक रोड का टेंडर खुला था, जो गौरव सिंह के नाम पर हुआ। इस टेंडर में रघुराज सिंह भी दावेदार थे। बताया जा रहा है कि पहले दोनों के बीच अच्छे संबंध थे, लेकिन टेंडर को लेकर मतभेद बढ़ते गए। रविवार को कॉलोनी के गुलाब पार्क में एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें दोनों पक्ष मौजूद थे। बैठक के दौरान भी कहासुनी हुई, जिसके बाद रघुराज वहां से चले गए। रास्ते में रोकने की कोशिश, हवाई फायरिंग के बाद हमला घायल के मुताबिक बैठक के बाद जब गौरव सिंह अपने साथियों के साथ लौट रहे थे, तभी रघुराज सिंह ने उन्हें रोकने की कोशिश की। नहीं रुकने पर उन्होंने पिस्टल से हवाई फायर कर दिया। फायरिंग की आवाज सुनकर गौरव ने गाड़ी रोकी और बात करने का प्रयास किया, तभी रघु सिंह ने पास आकर पिस्टल के बट से उन पर हमला कर दिया।  

12 शहरों में चोरी का जाल: ग्वालियर का दंपती निकला मास्टरमाइंड, पुलिस ने दबोचा

ग्वालियर. महाराजपुरा इलाके में लगातार हो रही चोरियों का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने शातिर चोर अरविंद रजक और उसकी पत्नी ज्योति रजक को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 105 ग्राम सोने के गहने और दो लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दंपती चोरी के गहनों को आंतरी स्थित एक खंडहरनुमा घर में जमीन के अंदर करीब पांच फीट गहरा गड्ढा खोदकर छिपाते थे। समय के साथ उस स्थान पर घास उग आई थी, जिससे किसी को शक नहीं हुआ। पुलिस ने खुदाई कर वहां से सामान बरामद किया। सीसीटीवी से मिला सुराग, दंपती गिरफ्तार महाराजपुरा में रिटायर्ड सूबेदार ओंकार सिंह तोमर के घर हुई चोरी के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अरविंद रजक की पहचान हुई और उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसकी पत्नी ज्योति को भी हिरासत में लिया गया। 100 से ज्यादा वारदात, 56 एफआईआर दर्ज जांच में खुलासा हुआ कि अरविंद रजक मध्यप्रदेश के कई शहरों के साथ-साथ गुजरात में भी चोरी की वारदातें कर चुका है। उसने अब तक 100 से अधिक चोरियों को अंजाम दिया है और उसके खिलाफ 56 FIR दर्ज हैं। हालांकि, महाराजपुरा क्षेत्र की उसने छह चोरियां कबूल की हैं। सूबेदार के घर की चोरी पर बना संशय पुलिस के अनुसार 105 ग्राम सोना बरामद हुआ है, लेकिन रिटायर्ड सूबेदार के घर से चोरी हुआ सामान अब तक नहीं मिला है। आरोपी का कहना है कि वहां से उसे केवल 600 रुपये मिले थे, जबकि पीड़ित ने 50 लाख रुपये की चोरी का दावा किया था। पुलिस ने पांच लाख रुपये की चोरी दर्ज की थी। मोबाइल में मिले अहम सुराग ज्योति रजक के मोबाइल से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अरविंद की गिरफ्तारी के बाद ज्योति ही वकील का इंतजाम कर रही थी। मोबाइल में उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिसकर्मियों और वकीलों से बातचीत के रिकॉर्ड भी मिले हैं, जिसकी जांच जारी है। 105 ग्राम सोने के गहने बरामद शातिर चोर और उसकी पत्नी से 105 ग्राम सोने के गहने बरामद हुए हैं। जमीन में सोना गाढ़ रखा था, यह बरामद कर लिया है। -विदिता डागर, एएसपी।

फर्जी वर्दी, असली ठगी: मैहर में नकली पुलिस का आतंक, कैमरा देखते ही बदला रूप

सतना  मैहर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां खुद को पुलिसकर्मी बताकर कुछ लोग एक महिला के घर में घुस गए और पैसों की मांग करते हुए उसे धमकाया। मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पीड़िता रजनी मुग्धु (निवासी विधि कॉलोनी) ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उनके अनुसार, शनिवार शाम कुछ लोग खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उनके घर में जबरन घुस आए। मारपीट और उगाही: वीडियो बनते ही बदला आरोपियों का चोला आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज की, पति के साथ मारपीट की और 5 लाख रुपये की मांग की। महिला का कहना है कि जब उन्होंने घटना का वीडियो बनाना शुरू किया, तो आरोपियों का रवैया बदल गया। पहले खुद को पुलिस बताने वाले लोग अचानक पत्रकार होने का दावा करने लगे और जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। वीडियो रिकॉर्डिंग बनी अहम कड़ी: पुलिस को सौंपे सबूत पीड़िता ने घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की है, जिसे पुलिस को सौंपा गया है। यह वीडियो अब जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। महिला का कहना है कि आरोपी जाते-जाते यह धमकी भी दे गए कि “हम पुलिस वाले हैं, देख लेंगे।” फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की पहचान और तलाश में जुट गई है।

खुशियां बनीं हादसा: गुना में हवा से उड़ा जंपिंग झूला, बच्ची गंभीर घायल

गुना. गुना जिले के बजरंगगढ़ स्थित माता 20 भुजा मंदिर पर चैत्र नवरात्र मेले के दौरान रविवार को एक हादसा हो गया। यहां तेज हवा के झोंके से मिकी माउस का झूला अचानक उखड़कर दूर जा गिरा, जिससे एक वर्षीय बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बालक की पहचान आशुतोष शर्मा के रूप में हुई है। उसे तुरंत गुना के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे भोपाल रेफर करने का निर्णय लिया। दर्शन करने आया था परिवार जानकारी के अनुसार आशुतोष अपनी मां संगीता शर्मा के साथ अशोकनगर जिले के शाढौरा से ट्रेन द्वारा माता मंदिर के दर्शन करने आया था। पहाड़ी पर स्थित मंदिर में दर्शन करने के बाद परिवार मेले में घूम रहा था। झूले की जिद बनी हादसे की वजह मेले में घूमते समय बच्चे ने झूले पर बैठने की जिद की। झूले में एक अन्य बच्चा भी मौजूद था, जिसे इस हादसे में कोई चोट नहीं आई। घटना के बाद मेले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

ग्राम मलैकी में नहीं है बिजली पानी की सुविधा शासन प्रशासन मौन।

राजेंद्रग्राम/छबिलाल जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्रामपंचायत परसेल में आने वाले ग्राम मलैकी में जीवन यापन करने वाले ग्रामीण पानी व बिजली की समस्याओं से जूझ रहे हैं। शासन ने लाखों रुपये की लागत से नल जल योजना अंतर्गत लगाया है। लेकिन कोई काम का नहीं बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पाया मलैकी में पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है। गांव में पीने योग पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। गांव की महिला एवं बच्चे कठिन रास्ते से गुजरते हुए घढ़े और बर्तनों में पानी भरकर नहाने कपड़े धोने और घरेलू उपयोग के लिए ग्रामीणों को इसी प्रकार दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है ग्रामीणों की परेशानी वहीं समाप्त नहीं होगी गांव के लोग आज भी नल मे पानी कब तक आएगा इंतजार में लगे रहते हैं लेकिन पानी न मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश जनक साबित हो रहा है।  गांव में नहीं है बिजली गांव में करीब एक माह से लगातार आज भी बिजली की समस्याओं से जूझ रहे हैं। लेकिन शासन प्रशासन अपना जिम्मेदारी ना समझते हुए ग्रामीणों को अंधेरे में रहने को प्रताड़ित किया जा रहा है ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम पंचायत के सरपंच को अवगत कराया जा चुका है उन्होंने बताया कि जब भी ग्रामीणों द्वारा इस विषय में पूछा जाता है तो सरपंच द्वारा यही कहा जाता है कि इस संबंध में आवेदन किया जा चुका है हालांकि लंबे समय से यही जवाब मिल रहा है लेकिन समस्या का समाधान अब तक नहीं हो पाया है ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए एवं विद्यार्थी बच्चों की पढ़ाई को मद्देनजर रखते हुए देखा जाए तो बिजली न होने से समय से पढ़ाई भी नहीं कर पा रहे हैं जिससे बच्चों के भविष्य से भी खिलवाड़ किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक महीने पहले ट्रांसफार्मर जल गया था उसके लिए हम चंदा लगाकर बिजली ऑफिस जाकर ऑफिसर को कह कर थक चुके हैं लेकिन देखने नहीं आ रहे हैं आज लगाएंगे कल लगाएंगे इस तरीके का बहाना बनाते हुए नजरअंदाज करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन को आवेदन देकर गांव में पेयजल व्यवस्था बिजली आपूर्ति की मांग की है। इनका कहना है कि यदि जल्द ही इन मूलभूत सुविधाओं को व्यवस्था नहीं दी गई तो ग्रामीणों को इसी प्रकार आगे परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

दिन-रात का संतुलन बदला: उज्जैन वेधशाला में वसंत संपात का अद्भुत दृश्य

उज्जैन. 21 मार्च को देशभर में ‘वसंत संपात’ के रूप में एक विशेष खगोलीय घटना देखने को मिली, जब दिन और रात लगभग बराबर, 12-12 घंटे रहे। इस दौरान सूर्य भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर स्थित रहा, जिससे पृथ्वी के दोनों गोलार्द्धों पर समान रूप से प्रकाश पड़ा और यह संतुलन बना। वेधशाला में खगोलीय शंकु यंत्र और नाड़ीवलय यंत्र के माध्यम से सूर्य की स्थिति और छाया में होने वाले बदलाव को आमजन के लिए प्रत्यक्ष रूप से प्रदर्शित किया गया, जिससे लोगों को इस खगोलीय संतुलन को समझने का अवसर मिला। 21 मार्च को शंकु यंत्र की छाया सीधी रेखा में दिखाई दी, जो दिन-रात के बराबर होने का स्पष्ट संकेत मानी जाती है। दिन सबसे लंबे होंगे वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने बताया कि खगोलीय घटना वर्ष में दो बार होती है, लेकिन मार्च का वसंत संपात उत्तरी गोलार्द्ध के लिए खास महत्व रखता है। वसंत संपात के बाद अब उत्तरी गोलार्द्ध में दिन लगातार बड़े होते जाएंगे और यह क्रम जून में ग्रीष्म अयनांत तक जारी रहेगा, जब दिन सबसे लंबे होंगे। वहीं दक्षिणी गोलार्द्ध में इसका उल्टा प्रभाव देखने को मिलेगा। वसंत संपात केवल खगोलीय घटना नहीं, बल्कि मौसम परिवर्तन का भी संकेत है। इसके साथ ही वसंत ऋतु का प्रभाव बढ़ने लगता है, तापमान में वृद्धि होती है और प्राकृतिक गतिविधियों में तेजी आती है, जिसका असर कृषि और पर्यावरण पर भी सकारात्मक रूप से पड़ता है।  

स्क्रैप गोदाम में लगी आग से हड़कंप: इंदौर में दूर-दूर तक फैला धुआं

इंदौर. इंदौर में रविवार सुबह सांवरे रोड स्थित एक स्क्रैप गोदाम में भीषण आग लग गई। घटना की सूचना मिनले के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और इसे बुझाने का प्रयास शुरू किया। कई किमी दूर से इस आग से उठता धुएं का गुबार नजर आ रहा है। गोदाम में आग लगते ही अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक गोदाम में प्लास्टिक स्क्रैप का सामान भरा हुआ था। गर्मी शुरू होते ही आग की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। हाल ही में शहर की बृजेश्वरी (एनएक्स) कॉलोनी में एक घर में लगी आग से 8 लोगों की मौत हो गई थी। इंदौर के पालदा क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक स्क्रैप फैक्ट्री के गोदाम में भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में काले धुएं का गुबार फैल गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड अधिकारियों के अनुसार यह आग समता नगर स्थित नसबी मोहम्मद समीर के गोदाम में लगी थी। आग बुझाने के लिए करीब 10 हजार लीटर पानी और 10 हजार लीटर फोम का उपयोग किया गया। आसपास अतिक्रमण होने के कारण दमकल वाहनों को मौके तक पहुंचने और आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आग के कारण क्षेत्र में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। दमकल को आईं भारी दिक्कतें फायर ब्रिगेड कर्मचारियों के मुताबिक इलाके में अवैध अतिक्रमण के कारण सड़क काफी संकरी हो गई थी, जिससे दमकल वाहनों को गोदाम तक पहुंचने में भारी परेशानी हुई। शुरुआत में बाहर से ही पाइप डालकर आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन काफी मशक्कत के बाद रास्ते से गाड़ियां हटाकर एक दमकल वाहन को अंदर भेजा जा सका। इसी वजह से आग पर काबू पाने में काफी देर लग गई। 20 फीट की सड़क पर 7 फीट अतिक्रमण यहां की सड़क की कुल चौड़ाई करीब 20 फीट है, लेकिन स्थानीय रहवासियों द्वारा लगभग 7 फीट हिस्से पर अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है। व्यापारियों का कहना है कि यह पूरा इलाका इंडस्ट्रियल एरिया है, जहां करीब 60 से 70 फैक्ट्रियां संचालित हैं और 2 से 3 हजार कर्मचारी काम करते हैं। अतिक्रमण के कारण ट्रक और अन्य भारी वाहनों को फैक्ट्री और गोदाम तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। व्यापारियों के अनुसार, इस समस्या को लेकर पहले भी नगर निगम को लिखित शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

खस्ताहाल पुल बना मौत का जाल: तेज रफ्तार बाइक गिरने से 4 युवकों की जान गई

मंडला. मंडला-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार की रात बड़ा हादसा हो गया। बीजाडांडी थाना क्षेत्र के ग्राम भैंसवाही के पास कालपी निवास मार्ग पर एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में बाइक सवार चार युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही बीजाडांडी पुलिस ने मौके पर पहुचकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी अनुसार एक ही बाइक पर सवार चार युवक काफी तेज रफ्तार में जा रहे थे। भैंसवाही ग्राम के पास अचानक चालक का नियंत्रण खो गया और बाइक सीधे पुलिया के नीचे जा गिरी। हादसे में बाइक के परखच्चे उड़ गए और चारों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रात में शिनाख्त न हो पाने के कारण पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन रविवार सुबह चारों मृतकों की पहचान कर ली गई है। इनके नाम प्रमोद कुमार नरेती (24), निवासी रमतिला, बीजाडांडी, संतलाल उइके (23), निवासी ग्राम बस्तरी, निवास, शिवम यादव (17), निवासी टिकरिया मूल निवासी बिछिया कुरई, गंगा राम उइके (22), निवासी टिकरिया है। सूचना मिलते ही बीजाडांडी पहुंचे स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिससे अस्पताल परिसर का माहौल गमगीन हो गया। पीएम के बाद स्वजनों को सौंपे गए शव बीजाडांडी थाना प्रभारी ने बताया कि चारों युवकों के शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए स्वजनों को सौंप दिया गया है। बीजाडांडी पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में दुर्घटना का कारण तेज रफ्तार और बाइक का अनियंत्रित होना माना जा रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। इधर… एनएच 30 पर कंटेनर पलटा, पीछे से आ रहा ट्रक भी टकराया शनिवार देर रात ही नेशनल हाईवे 30 पर स्थित राधाकृष्ण मंदिर के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। मंडला-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में बीजाडांडी के पास एक तेज रफ्तार कंटेनर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे अचानक पलट गया। तेज रफ्तार कंटेनर मार्ग किनारे बनी एक झोपड़ी में पलटा था, गनीमत रही कि हादसे के दौरान वहां कोई नहीं था, जिसके कारण एक बड़ा हादसा और जनहानि टल गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कंटेनर के पलटने के तुरंत बाद पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने पलटे कंटेनर को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। जिससे दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि कंटेनर में सवार ड्राइवर, परिचालक बाल-बाल बच गए और उन्हें मामूली चोटे आई। जिन्हें उपचार के लिए स्वास्थ्य केन्द्र भेजा गया। बीजाडांडी थाना पुलिस इस हादसे की जांच कर रही है और हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

₹213 करोड़ की बड़ी योजना: भोपाल में 10 STP बनेंगे, जल स्रोतों की सेहत सुधरेगी

भोपाल. राजधानी के जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त करने और सीवेज प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए अमृत-2.0 योजना के तहत बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके तहत शहर के 10 प्रमुख नालों पर नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाए जाएंगे। इस योजना पर कुल 213.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे शहर की सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। रोजाना 360 एमएलडी सीवेज, बड़ा हिस्सा बिना उपचार वर्तमान में भोपाल से प्रतिदिन करीब 360 एमएलडी सीवेज निकलता है। इसमें से लगभग 240 एमएलडी बिना उपचार के सीधे बड़े तालाब, छोटा तालाब, बेतवा नदी और अन्य जल स्रोतों में मिल रहा है। इससे जल स्रोतों का प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है, जो पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। 171 एमएलडी क्षमता का होगा इजाफा नए एसटीपी प्रोजेक्ट से शहर की उपचार क्षमता में 171 एमएलडी का इजाफा होगा। इसके बाद कुल उपचारित सीवेज 119 एमएलडी से बढ़कर 290 एमएलडी तक पहुंच जाएगा। साथ ही शहर की कुल स्थापित क्षमता 204 एमएलडी से बढ़कर 375 एमएलडी हो जाएगी। भानपुर में बनेगा सबसे बड़ा प्लांट इस परियोजना में सबसे बड़ा एसटीपी भानपुर क्षेत्र में लगाया जाएगा, जिसकी क्षमता 60 एमएलडी होगी। पातरा नाला पर बनने वाले इस प्लांट का उपचारित पानी हलाली डैम में छोड़ा जाएगा। इसके अलावा बावड़िया कलां में 32 एमएलडी और खजूरी कलां में 20 एमएलडी क्षमता के प्लांट प्रस्तावित हैं। 10 स्थानों पर लगेंगे नए एसटीपी चार इमली, समरधा, माता मंदिर, बाणगंगा, अरहेड़ी, एकांत पार्क, कोटरा, खजूरी कलां, बावड़िया कलां और भानपुर सहित कुल 10 स्थानों पर नए एसटीपी स्थापित किए जाएंगे। इनकी कुल क्षमता 171 एमएलडी होगी। वर्तमान एसटीपी पूरी क्षमता से नहीं चल रहे नगर निगम वर्तमान में 17 एसटीपी संचालित कर रहा है, जिनकी कुल क्षमता 204 एमएलडी है। हालांकि, इनमें से केवल 119.63 एमएलडी सीवेज ही उपचारित हो पा रहा है। यह अंतर सिस्टम की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े करता है, जिसे सुधारने की जरूरत है। जल स्रोतों को मिलेगा बड़ा लाभ नए प्लांट शुरू होने के बाद शहर के नालों से आने वाला दूषित पानी पहले साफ किया जाएगा, फिर जल स्रोतों में छोड़ा जाएगा। इससे बड़े तालाब, छोटे तालाब और बेतवा नदी के प्रदूषण में कमी आएगी और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। 17 एसटीपी संचालित – अमृत-टू प्रोजेक्ट के तहत शहर में 10 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा रहे हैं। इनसे 171 एमएलडी पानी उपचारित करने के बाद ही विभिन्न जलस्त्रोतों में छोड़ा जाएगा। वर्तमान समय में शहर में 17 एसटीपी संचालित किए जा रहे हैं। – संस्कृति जैन, निगमायुक्त

MP के इस शहर में 100 ई-बसों की शुरुआत, यात्रियों के लिए नई सुविधाएं और 10 रूट तय

ग्वालियर ग्वालियर शहर में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ी तैयारी चल रही है। केंद्र सरकार की पीएम-ई बस सेवा के तहत ग्वालियर को मिलने वाली 100 इलेक्ट्रिक बसें डिपो का काम पूरा होते ही सड़कों पर दौड़ेंगी। इन बसों को इंटेलिजेंट ट्रांजिट मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (पीआईएस) से लैस किया जाएगा, जिससे उनकी हर गतिविधि स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से लाइव मॉनिटर की जा सकेगी। निगम के अधिकारियों ने धार के पीथमपुर में तैयार हो रही बसों का निरीक्षण भी कर लिया है। हालांकि जलालपुर आइएसबीटी और रमौआ डिपो पर सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य देरी से शुरू होने के कारण परियोजना में कुछ विलंब हो सकता है। ऐसे में अब ई-बसों के मई-जून 2026 तक शहर में शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। बसों का संचालन अब नगर निगम की जगह राज्य सरकार की होल्डिंग कंपनी के माध्यम से किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। केंद्र सरकार करेगी सिस्टम का टेंडर बसों में लगाए जाने वाले आइटीएमएस और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम के लिए टेंडर और कंपनी का चयन केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा। बसों में स्पीकर सिस्टम भी होगा, जिससे किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से ड्राइवर और कंडक्टर को सीधे निर्देश दिए जा सकेंगे। ऐसे चलेगी ई-बस सेवा पीएम-ई बस सेवा के तहत शहर में कुल 100 बसें चलाई जाएंगी। पहले चरण में 60 बसें और दूसरे चरण में 40 बसें आएंगी। सभी बसें 9 मीटर लंबी मिडी इलेक्ट्रिक बसें होंगी। इनका संचालन जलालपुर आइएसबीटी और रमौआ डिपो से होगा और यहीं बनाए जा रहे चार्जिंग स्टेशन से बसों को चार्ज किया जाएगा। 10 रूट किए गए फाइनल शहर में बस संचालन के लिए 10 रूट तय किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने इन रूटों का निरीक्षण कर नागरिकों से सुझाव भी लिए हैं। बसें आते ही इन्हीं रूटों पर संचालन शुरू किया जाएगा। 15.50 करोड़ से बन रहे डिपो और चार्जिंग स्टेशन ई-बस सेवा के संचालन और रखरखाव के लिए रमौआ और आइएसबीटी डिपो पर करीब 15.50 करोड़ रुपए से सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें रमौआ डिपो पर सिविल व आंतरिक इलेक्ट्रिकल कार्य 4.29 करोड़, चार्जिंग के लिए एचटी कनेक्शन 7.31 करोड़, आइएसबीटी में सिविल व आंतरिक इलेक्ट्रिकल कार्य 1.16 करोड़ और बाहरी इलेक्ट्रिकल कनेक्शन के लिए 2.73 करोड़ रुपए शामिल हैं। 58.14 रुपए प्रति किलोमीटर का भुगतान बस संचालन के लिए एजेंसी को नगर निगम 58.14 रुपए प्रति किलोमीटर का भुगतान करेगा। इसमें केंद्र सरकार 22 रुपए प्रति किलोमीटर देगी, जबकि शेष 36.14 रुपए नगर निगम को वहन करना होगा। निगम को उम्मीद है कि बसों से होने वाले कलेक्शन से इस खर्च की भरपाई हो जाएगी। बसों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं पीएम-ई बसें पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल होंगी। इनमें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, डिजिटल डिस्प्ले और पैसेंजर सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं होंगी। बस जिस स्थान से गुजरेगी, उस क्षेत्र की जानकारी डिस्प्ले स्क्रीन पर दिखाई देगी। ये बसें एक बार चार्ज होने पर लगभग 180 किलोमीटर तक चल सकेंगी। नोडल अधिकारी मुनीष सिकरवार के अनुसार पीथमपुर में बसों का निरीक्षण किया जा चुका है और बसें तैयार हैं। रमौआ और आइएसबीटी में चार्जिंग स्टेशन का कार्य पूरा होते ही संभावित रूप से मई-जून तक बसें ग्वालियर में आ सकती हैं। पहले चरण में 60 बसें आएंगी।