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पुलिस भर्ती होगी और पारदर्शी: DGP कैलाश मकवाणा ने अफसरों संग की अहम समीक्षा

भोपाल प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुई पुलिस भर्ती प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा तथा आगामी भर्ती प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने उप पुलिस महानिरीक्षकों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। पुलिस महानिदेशकने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी भर्ती प्रक्रियाओं में भी पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा प्रत्येक स्तर पर निर्धारित मानकों और प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की विस्तार से समीक्षा करते हुए फील्ड स्तर पर सामने आने वाली वास्तविक चुनौतियों (ग्राउंड रियलिटी) तथा व्यावहारिक समस्याओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों की समस्याओं, परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में आने वाली कठिनाइयों एवं उनकी सुविधाओं को लेकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।साथ ही भर्ती प्रक्रिया को और अधिक सुगम, पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए भविष्य में अपनाए जाने वाले सुधारात्मक उपायों पर भी सार्थक चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर सुदृढ़ व्यवस्थाएँ लागू की गईं। अभ्यर्थियों की पहचान एवं प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने हेतु फिंगरप्रिंट आधारित पहचान सत्यापन, फेस रिकग्निशन सिस्टम,आईरिसएवं मेडिकल परीक्षण तथा दस्तावेजों का सघन सत्यापन किया गया। इसके अतिरिक्त पूरी भर्ती प्रक्रिया के दौरान सॉफ्टवेयर आधारित डेटा प्रबंधन एवं ऑनलाइन अपलोड प्रणाली का उपयोग किया गया, जिससे अभ्यर्थियों के दस्तावेजों एवं परिणामों का सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही किसी भी तकनीकी बाधा की स्थिति से निपटने के लिए तकनीकी एवं मैन्युअल दोनों प्रकार की रिकॉर्ड प्रणाली को समानांतर रूप से संचालित किया गया। भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षाएँ, जिनमें दौड़, शॉर्ट पुटएवं लॉन्ग जंप शामिल हैं, निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराई गईं तथा पूरी प्रक्रिया की सतत निगरानी सुनिश्चित की गई। अभ्यर्थियों के परिणामों का संकलन भी समयबद्ध रूप से कर पारदर्शिता बनाए रखी गई। समीक्षा के दौरान यह भी अवगत कराया गया कि भर्ती प्रक्रिया से संबंधित कुछ प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं, जिनमें विभाग द्वारा आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत किए जा चुके हैं। बैठक के दौरान भर्ती प्रक्रिया के सफल एवं उत्कृष्ट संचालन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। समीक्षा बैठक में उप पुलिस महानिरीक्षक देहात भोपाल राजेश चंदेल,उप पुलिस महानिरीक्षक रेंज, बालाघाट विनीत जैन,उप पुलिस महानिरीक्षक रेंज, मुरैना सुनील जैन,उप पुलिस महानिरीक्षक रेंज, रतलाम निमिष अग्रवाल,उप पुलिस महानिरीक्षक रेंज, रीवा हेमन्त चौहान,उप पुलिस महानिरीक्षक रेंज, ग्वालियर अमित सांघी,उप पुलिस महानिरीक्षक, रेल भोपाल पंकजवास्तवतथा पीएसओटू डीजीपी डॉ. विनीत कपूर उपस्थित थे।  

विभागीय समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को, भोपाल में मंत्रालय स्थित प्रतिकक्ष में, उच्च शिक्षा विभाग की बैठक लेकर, विभिन्न विभागीय विषयों के अद्यतन प्रगति की समीक्षा की। मंत्री  परमार ने नवीन संकाय, संकाय उन्नयन एवं विधि महाविद्यालय से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। मंत्री  परमार ने नवीन संकाय एवं स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने के संबंध में समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री  परमार ने प्रदेश में संचालित शासकीय विधि महाविद्यालयों की अद्यतन प्रगति की समीक्षा कर निर्देशित किया कि समस्त मानकों की पूर्ति करते हुए बीसीआई से मान्यता प्राप्त करने एवं विश्वविद्यालयो से संबद्धता प्राप्त करने की कार्यवाही आगामी सत्र प्रवेश प्रारंभ होने से पूर्व सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में विश्वविद्यालयों से उच्च स्तर पर समन्वय स्थापित कर कार्यवाही समय-सीमा में पूर्ण करने को भी कहा। मंत्री  परमार ने निर्देशित किया कि जन प्रतिनिधियों से प्राप्त होने वाले प्रस्तावों पर, समय-सीमा में परीक्षण कर प्रावधान अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा प्रगति से अनिवार्यतः अवगत भी कराया जाए। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि महाविद्यालय में छात्र संख्या के परिप्रेक्ष्य में स्वीकृत शैक्षणिक पदों का युक्तियुक्तकरण किया जाए एवं प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को अनुमति के लिये प्रेषित किया जाए जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हो सके। मंत्री  परमार ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना, राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

रीवा जिले की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। साथ ही रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर 40 रूपये प्रति क्विंटल के मान से बोनस दिए जाने का निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद ने उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी से इंदौर गेट तक 4-लेन एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2-लेन ऐलिवेटेड कॉरीडोर के निर्माण के लिए 945 करोड़ 20 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसके साथ रीवा की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इसी तरह मंत्रि-परिषद ने पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन किये जाने की भी स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार उपार्जित गेहूं में से भारत सरकार द्वारा स्वीकार न की जाने वाली सरप्लस मात्रा का निस्तारण मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन द्वारा खुली निविदा के माध्यम से किया जाकर इस पर होने वाला व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। किसानों को बोनस राशि का भुगतान विभागीय मद में बजट प्रावधान कराकर तथा सरप्लस मात्रा के निस्तारण व्यय की प्रतिपूर्ति मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजनांतर्गत आवंटित बजट से किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 4,525 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी (इंद्रा नगर) चौराहा से इंदौर गेट तक 4-लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2 लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर लंबाई 5.32 कि.मी. के निर्माण कार्य को विभागीय सूचकांक से मुक्त रखते हुए लागल राशि 945 करोड़ 20 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 और जन भागीदारी अंतर्गत विकास हेतु अनुदान योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 7 करोड़ 38 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। एनडीबी से वित्त पोषण पुल और सड़क निर्माण की योजना की निरंतरता के लिए 50 करोड़ 10 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-6 की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1543 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-7 की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1,476 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। शासकीय आवास गृह, विश्राम गृहों के रखरखाव और अनुरक्षण के लिये 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 200 करोड़ 35 रूपये की स्वीकृति दी गई है। कार्यालय भवनों के रखरखाव, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अनुरक्षण कार्य एवं शौर्य स्मारक के संचालन और संधारण हेतु 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 300 करोड़ 70 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना लागत राशि 228 करोड़ 42 लाख रूपयें, सैंच्य क्षेत्र 7350 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना से रीवा जिले की जवा एवं त्योंथर तहसील के 37 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन कर मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम को वित्त विभाग के अंतर्गत किए जाने का अनुमोदन दिया गया है। "मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम" को एमएसएमई से वित्त विभाग को आवंटित किये जाने से राज्य पर कोई वित्तीय भार नहीं आयेगा। पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन किये जाने की मंजूरी मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियमों की अनुसूची में संशोधन की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग का नाम संशोधित कर गौपालन एवं पशुपालन विभाग और संचालनालय, पशुपालन एवं डेयरी का नाम परिवर्तित कर संचालनालय,गौपालन एवं पशुपालन किये जाने का अनुमोदन किया गया है।  

सिंहस्थ-2028 में आने वाले सभी श्रद्धालु होंगे हमारे अतिथि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को उज्जैन में 662 करोड़ रूपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसमें उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा क्रियान्वित नगर विकास योजनाएँ, सिंहस्थ-2028 संबंधी कार्य एवं गीता भवन का भूमि-पूजन शामिल है। राज्यपाल  पटेल ने कहा है कि उज्जैन विकास की 662 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत वाली विभिन्न योजनाओं का भूमि-पूजन केवल अवसंरचनाओं का निर्माण मात्र नहीं है। यह उज्जैन के गौरवशाली भविष्य और सांस्कृतिक एवं अभ्युदय का शंखनाद है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के माध्यम से समर्थ, समृद्ध और सशक्त विकसित भारत के दिव्य संकल्प की सिद्धि का प्रतीक भी है। उन्होंने त्रिवेणी विहार में इंदौर और जबलपुर की तर्ज पर 'गीता भवन' निर्माण के निर्णय के लिए डॉ. मोहन यादव की सरकार को बधाई दी। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कन्या-पूजन के साथ किया। कार्यक्रम में भूमि-पूजन और विकास कार्यों का प्रेजेंटेशन किया गया। शुरूआत में राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 के विकास कार्यों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से बनने वाले ये निर्माण कार्य केवल कंक्रीट के ढाँचे नहीं होंगे, बल्कि उज्जैन के नये ‘स्वर्ण युग’ की आधारशिला हैं, जो दुनिया के सामने सुनियोजित विकास के प्रतीक बनेंगे। इन विशाल निर्माण कार्यों और उत्कृष्ट नगरीय सुविधाओं से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी। रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि महाकाल महालोक के निर्माण के बाद से उज्जैन में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। लाखों लोग महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन आ रहे हैं। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वैचारिक परिवर्तन का नया दौर शुरू हो गया है, अब हम सबका लक्ष्य और संकल्प विकसित भारत ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल एवं विद्युत संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता तथा ‘अतिथि देवो भव’ की भावना के अनुरूप श्रद्धालुओं को उच्च गुणवत्ता की सुविधाएँ और सेवाओं की उपलब्धता के द्वारा उज्जैन की आदर्श आध्यात्मिक पर्यटन गंतव्य के रूप में पहचान बनाने में उज्जैनवासियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि गीता भवन निर्माण हमारी भावी पीढ़ी में सुसंस्कारों के बीजारोपण और सनातन ज्ञान-पुंज को सम्पूर्ण विश्व में आलोकित करने का दूरदर्शी और महत्वाकांक्षी कदम है। गीता भवन युवाओं, शोधार्थियों और नागरिकों को भारतीय ज्ञान-परंपरा, दर्शन और संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा, जो समाज में भारतीय सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों की मजबूती और विस्तार में सहयोगी होगा। उन्होंने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन, कर्तव्य बोध और मानव कल्याण का सर्वकालिक मार्गदर्शक ग्रंथ है। फल की इच्छा किए बिना कार्य करने वाले जीवन में सफल होते है। ‘भगवद् गीता’ के दर्शन का यह ज्ञान नई पीढ़ी में नैतिकता, अनुशासन और सकारात्मक विचारों के आधार को मजबूत बनाएगा। प्रदेश में सनातन परंपरा पुनउर्त्थान के सशक्त केंद्र के रूप में गीता भवन भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैचारिक संवाद को नई दिशा देने के माध्यम बनेंगे। ‍सिंहस्थ-2028 सनातन संस्कृति का होगा वैश्विक-समागम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि ‍सिंहस्थ-2028 सनातन संस्कृति का वैश्विक-समागम है। हमारा कर्तव्य, दायित्व और जवाबदारी सिंहस्थ में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को गरिमापूर्वक सुविधाजनक दर्शन करने के प्रति है। सिंहस्थ-2028 में उज्जैन आने वाला प्रत्येक व्यक्ति हमारा अतिथि होगा। सिंहस्थ-2028 का वैभव इस बार "भूतो न भविष्यति" को साकार करते हुए अद्वितीय होगा। राज्य सरकार के प्रयासों को भारत सरकार का साथ मिल रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट ने 3 हजार 839 करोड़ की लागत से NH- 752 D के बदनावर-पेटलावद थांदला खंड को फोर लेन करने की स्वीकृति दी है। यह इस बात का प्रमाण है कि केंद्र और राज्य मिलकर सिंहस्थ-2028 को अविस्मरणीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह कॉरिडोर उज्जैन को दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधे जोड़कर विकास की नई धुरी बनेगा। राज्य सरकार ने सिहंस्थ-2028 महापर्व की भव्यता और जन सुविधाओं के लिए 13 हजार 851 करोड़ रुपए के कार्यों की ऐतिहासिक स्वीकृति दी है। वर्ष 2026-27 के बजट में सिहंस्थ के लिए 3060 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान रखा गया है, यह उज्जैन के भविष्य को बदलने का रोडमेप है। हम उज्जैन को सुविधा और शुचिता का ऐसा मॉडल बनाएंगे जो पूरी दुनिया में आध्यात्मिक नगरी के साथ आधुनिकतापूर्वक कदम से कदम मिलाकर चलने का उदाहरण बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में गीता भवन सहित अन्य विकास कार्यों के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा, हिन्दू नववर्ष की पावन बेला में उज्जैन को विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। सिंहस्थ-2028 विकास कार्यों को समर्पित है, जो तय सीमा में पूर्ण होंगे। उज्जैन को 662 करोड़ 46 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी है। आज 77 करोड़ 14 लाख की लागत से गीता भवन की आधारशिला रखी गई है। इसके साथ ही 30 करोड़ 68 लाख की लागत से विक्रम नगर रेलवे ओवर ब्रिज और 11 सड़क निर्माण कार्यों का भी भूमि-पूजन हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 में किसानों की आय बढ़ाने और पशुपालन के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। पशुपालन विभाग ने सवा साल में श्रेष्ठ कार्य करते हुए 25 प्रतिशत दूध उत्पादन बढ़ाया है। सभी पशुपालक इसके लिए बधाई के पात्र हैं। किसानों को 5 से 8 रुपए लीटर अधिक मूल्य का लाभ मिला है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जरूरी बदलाव किए गए हैं। स्कूली बच्चों को आने-जाने के लिए साइकिलें, ड्रेस, किताबें नि:शुल्क वितरित की जा रही हैं। टॉपर बच्चों को स्कूटी, मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप की सौगात मिल रही है। अब प्रदेश के बच्चों को नवीन माता यशोदा योजना अंतर्गत स्कूलों में नि:शुल्क दूध के पैकेट मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन वह नगरी है, जहां सम्राट विक्रमादित्य के गौरवशाली अतीत को जीवंत करते हुए आज 30वाँ दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ है। उज्जैन में भगवान कृष्ण … Read more

निवाड़ी के डायल 112 हीरोज: सतर्कता और समझाइशदेकर आत्‍महत्‍या के उद्देश्‍य से रेलवे पटरी पर बैठी महिला को सुरक्षित बचाया

भोपाल निवाड़ी जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र मेंडायल-112 जवानों की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाईसे आत्महत्या के उद्देश्य से रेलवे पटरी पर बैठी एक महिला की जान बचाई गई। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक संभावित गंभीर घटना को टाल दिया गया। दिनांक 16 मार्च को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई किनिवाड़ी रेलवे स्टेशनपर एक महिला आत्महत्या के उद्देश्य से रेलवे पटरी पर बैठ गई है। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही कोतवाली थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकरआरक्षक  नरेंद्र गौतम एवं पायलट  आनंद कुमारने पाया कि पारिवारिक विवाद के चलते अवसादग्रस्त 21 वर्षीय महिलारेलवे पटरी पर बैठी हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 जवानों ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए महिला को समझाइश देकर सुरक्षित पटरी से हटाया।इसके पश्चात महिला पहचान एवं सत्यापन उपरांत उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। डायल 112 हीरोजश्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा न केवल आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करती है, बल्कि संवेदनशीलता के साथ लोगों को जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित भी करती है।  

दो दिवसीय “राज्यस्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सम्मेलन-2026” हुआ सम्पन्न

भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के संकल्प विकसित भारत@2047 का ध्येय, राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के निमित्त सभी को एक दिशा की ओर जोड़ना है। स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को शिक्षा, समाज, अर्थव्यवस्था सहित हर क्षेत्र में विश्वमंच पर अग्रणी बनाने के लिए व्यापक मंथन का दौर चल रहा है। इसके लिए आवश्यक है कि शिक्षा के मंदिरों से समाज एवं राष्ट्र के प्रश्नों का समाधान करने वाले श्रेष्ठ नागरिक सृजित हों। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान के निनाद सभागृह में, राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशालय के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय "राज्यस्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सम्मेलन-2026" के समापन सत्र में सहभागिता कर कही। मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के संकल्प की सिद्धि में सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए स्वयंसेवकों को प्रेरित किया। मंत्री  परमार ने कहा कि स्वयंसेवक, अपने आचरण से समाज के लिए अभिप्रेरक बनेंगे। इसके लिए स्वयंसेवकों को शैक्षणिक परिसरों में स्वयं स्वच्छता का परिवेश निर्मित कर, अन्य लोगों के लिए प्रेरक बनना होगा। स्वयंसेवकों के द्वारा किए जा रहे कार्यों का, समाज में सकारात्मक एवं सार्थक प्रभाव दिखना चाहिए। मंत्री  परमार ने कहा कि हमारे पूर्वजों के दर्शन वसुधैव कुटुंबकम् से भारत पुनः विश्वमंच पर अग्रणी बनेगा और विश्व कल्याण के भाव से मार्ग प्रशस्त करेगा। पूर्वजों के इस दर्शन को आगे बढ़ाने से ही शिक्षा का उद्देश्य पूरा होगा। मंत्री  परमार ने क्षेत्रीय निदेशालय भोपाल द्वारा आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन की सराहना करते हुए, इसे प्रदेश के युवाओं के लिए मील का पत्थर बताया। मंत्री  परमार ने सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य “संवाद से समाधान” पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा अपनाया गया ‘संवाद से समाधान’ का मार्ग अत्यंत सराहनीय और समसामयिक है। मंत्री  परमार ने कहा कि जब युवा समाज के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हैं, तो वे न केवल समस्याओं को समझते हैं बल्कि उनके व्यवहारिक समाधान भी खोज निकालते हैं। मंत्री  परमार ने कहा कि यह पहल, प्रदेश की राष्ट्रीय सेवा योजना को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। मंत्री  परमार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक अनुशासन, सेवा और समर्पण की प्रतिमूर्ति हैं और राज्य सरकार उनके माध्यम से समाज के अंतिम छोर तक कल्याणकारी योजनाओं को पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत प्रदेश भर की गतिविधियों के मासिक संग्रह – डिजिटल न्यूज़लेटर "सेवापथ" का लोकार्पण भी किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक (मप्र-छग) डॉ. अशोक कुमार श्रोती ने स्वागत उद्बोधन में, सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए इसे युवाओं के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। यह दो दिवसीय राज्यस्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सम्मेलन-2026 न केवल विचारों के आदान-प्रदान का मंच बना, बल्कि युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और समाधान की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने में भी सफल रहा। कार्यक्रम में माधव महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवकुमार शर्मा, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनंत सक्सेना एवं डॉ. भरत व्यास सहित राष्ट्रीय सेवा योजना के विभिन्न पदाधिकारीगण एवं स्वयंसेवक विद्यार्थी उपस्थित थे। मंच संचालन डॉ. शुभम सिंह चौहान एवं आभार प्रदर्शन डॉ. राजकुमार वर्मा ने किया।  

विगत दो सप्ताह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 42 अवैध हथियार जप्त

भोपाल  प्रदेश में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त तथा उनके उपयोग पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सतत एवं सघन कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में विगत दो सप्ताह के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में की गई कार्रवाई में 42 अवैध हथियार जप्त किए गए हैं। प्रमुख कार्यवाहियां इंदौर जिले में थाना द्वारकापुरी एवं भंवरकुआ पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क कर अवैध हथियारों की सप्लाई करता था। आरोपी के कब्जे से 6 देशी पिस्टल जप्त की है। पूछताछ में आरोपी द्वारा प्रदेश स्तर पर नेटवर्क संचालित करने की बात सामने आई है, जिसके संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त भंवरकुआ पुलिस द्वारा भी एक अन्य आरोपी को अवैध पिस्टल सहित गिरफ्तार किया गया। उक्त कार्यवाहियों में कुल 07 अवैध पिस्टल जप्त किए गए। दतिया जिले के थाना सिविल लाइन, बड़ौनी, देहात, इंदरगढ़, कोतवाली एवं उनाव पुलिस द्वारा अलग-अलग दिनों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 11 अवैध हथियार जप्त किए गए। इनमें सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, लूट एवं फायरिंग जैसी घटनाओं में संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुरैना जिले में थाना पहाड़गढ़, सिविल लाइन, सिहोनिया, बानमोर एवं रिठौरा पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में कुल 06 अवैध हथियार जप्त किए गए है। ग्वालियर जिले के थाना गिजोर्रा, थाटीपुर एवं पिछोर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में कुल 04 अवैध हथियार जप्त किए गए। इनमें हत्या के प्रयास जैसे गंभीर प्रकरणों में फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। जबलपुर जिले के थाना घमापुर, गोरखपुर, शहपुरा तथा क्राइम ब्रांच की कार्यवाहियों में कुल 03 अवैध हथियार जप्त किए गए। शिवपुरी, छतरपुर एवं पन्‍ना शिवपुरी जिले के थाना सतनवाड़ा एवं करैरा पुलिस, छतरपुर की थाना कोतवाली पुलिस एवं पन्‍ना जिले की कोतवाली पुलिस ने कार्यवाही कर 02-02 अवैध हथियार जब्‍त किए है। इसी प्रकार सागर, विदिशा, खरगोन, सतना एवं निवाड़ी जिलों में भी पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई करते हुए प्रत्येक जिले से 01-01 अवैध हथियार जप्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के विरुद्ध इस प्रकार की सख्त एवं निरंतर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं आमजन में सुरक्षा का भाव स्थापित करने के लिए पुलिस पूर्णतः प्रतिबद्ध है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में दिवंगत गुरकीरत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में  गुरजीत सिंह के पार्श्वनाथ कॉलोनी स्थित निवास पहुंचकर उनके पुत्र दिवंगत गुरकीरत मनोचा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत गुरकीरत के परिजनों से चर्चा कर कनाडा में हुई असामयिक दु:खद मृत्यु पर शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरकीरत मनोचा के साथ कनाडा में हुई घटना अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में दिवंगत गुरकीरत के परिवार के साथ मेरी और प्रदेशवासियों की संवेदनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. गुरकीरत के पार्थिव देह को लाने और उसके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में होने वाला सम्पूर्ण राज्य सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजन को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।  

पहले दिन ही मध्यप्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से किया एमओयू

भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्री-मंडल ने जल जीवन मिशन की अवधि दिसंबर 2028 तक बढ़ाने और इसे जल जीवन मिशन 2.0 के रूप में पुनर्गठित कर लागू करने को मंजूरी दी है। इस निर्णय के तहत ग्रामीण पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के साथ सेवा आधारित, टिकाऊ और पारदर्शी प्रणाली विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। मिशन के लिए कुल व्यय बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार की सहायता 3.59 लाख करोड़ रुपये होगी। जल जीवन मिशन 2.0 योजना के पहले ही दिन मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्रीय जल शक्ति और पेयजल मंत्रालय से इस संबंध में एमओयू किया, जिसके तहत केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय पेयजल योजना के लिए पाइपलाइन बिछाने से लेकर पूरी अधोसंरचना का निर्माण करना जिससे पेयजल हर ग्रामीण तक पहुंच सके। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पंचायत की साझेदारी से जलापूर्ति और जल संचयन छोटे-छोटे गांव तक पहुँचाना है। जल शक्ति मंत्रालय में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी,आर पाटील , जल शक्ति राज्यमंत्री  वी. सोमन्ना और मध्य प्रदेश की ओर से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती संपत्तिया उइके, प्रमुख सचिव  पी. नरहरि सहित केंद्र और राज्य के आला अधिकारी एमओयू के दौरान मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन 2.0 के अनुमोदन के लिए वे प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में मिशन के अंतर्गत स्वीकृत सभी ग्रामीण नल-जल योजनाओं का गुणवत्ता के साथ क्रियान्वयन किया जा रहा है और निर्धारित समय-सीमा के भीतर इन्हें पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी के साथ “हर घर जल प्रमाणित” ग्राम पंचायतों में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के विभिन्न घटकों का निरीक्षण कर “जल आकलन” किया जा रहा है, जिससे योजनाओं की गुणवत्ता और स्थायित्व सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में पूर्ण हुई योजनाओं का हस्तांतरण निर्वाचित प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता से “जल अर्पण” उत्सव के रूप में किया जा रहा है। देश का पहला “जल अर्पण” उत्सव 23 दिसंबर 2025 को राजगढ़ जिले के कुंडीबेय गांव में आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 8 मार्च से 22 मार्च तक “जल महोत्सव” के अंतर्गत जल संरक्षण और जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही राज्य मंत्रि-परिषद ने “मध्यप्रदेश पंचायत (ग्रामीण नल जल योजना संचालन-संधारण एवं प्रबंधन नीति), 2026” को मंजूरी देकर ग्राम पंचायतों को योजनाओं के संचालन और रखरखाव में सशक्त बनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी आर पाटिल के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार दिसंबर 2028 तक जल जीवन मिशन के सभी कार्य पूर्ण कर प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि यह मिशन ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने और जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह एमओयू प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नल से जल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने, सेवा गुणवत्ता में सुधार, समयबद्ध लक्ष्यों की प्राप्ति, डिजिटल निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने तथा पारदर्शिता और जवाबदेही को संस्थागत रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन को केवल अवसंरचना विस्तार तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि जल स्रोतों के संरक्षण, पंचायतों की भागीदारी और सेवा की निरंतरता पर समान रूप से बल देगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती संपतिया उइके के नेतृत्व में विभाग सेवा गुणवत्ता और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना पर आगे बढ़ रहा है।  

मध्य प्रदेश में 9वीं-11वीं के छात्रों के लिए राहत, Second Annual Exam का टाइमटेबल घोषित

भोपाल मध्य प्रदेश के हजारों छात्रों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। शैक्षणिक सत्र 2025-2026 के लिए कक्षा 9वीं और 11वीं की द्वितीय वार्षिक परीक्षा (Second Annual Exam) का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए आयोजित की जा रही है जो मुख्य वार्षिक परीक्षा में अनुपस्थित रहे थे या अनुत्तीर्ण हो गए थे।  किन छात्रों को मिलेगा मौका? यह परीक्षा खास तौर पर उन छात्रों के लिए है जो किसी कारणवश मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए या फेल हो गए थे। ऐसे विद्यार्थियों को अब अपने प्रदर्शन को सुधारने और अगली कक्षा में जाने का एक और अवसर मिलेगा।  प्रश्नपत्र कहां तैयार होंगे? द्वितीय वार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्र राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद और जिला स्तर पर तैयार किए जाएंगे। इससे परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।  दिव्यांग छात्रों के लिए खास निर्देश दिव्यांग श्रेणी के छात्रों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा का संचालन और मूल्यांकन अलग से निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा।  परीक्षा संचालन और मूल्यांकन प्रक्रिया परीक्षा का आयोजन और मूल्यांकन पहले से तय गाइडलाइंस के तहत किया जाएगा, जिससे सभी छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिल सके। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए हैं।  छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह परीक्षा? फेल या अनुपस्थित छात्रों को दूसरा मौका अगली कक्षा में प्रमोशन का अवसर साल बर्बाद होने से बचाव आत्मविश्वास बढ़ाने का मौका