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खाद्य मंत्री राजपूत के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की समीक्षा

भोपाल  खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा के उपार्जन के लिए प्रदेश में अब तक लगभग 6.80 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। इनमें धान उत्पादक 6.77 लाख तथा मोटा अनाज उत्पादक 13 हजार किसान शामिल हैं। पंजीकृत किसानों का कुल रकबा 10.88 लाख हेक्टेयर है। किसान पंजीयन में आ रही तकनीकी समस्याओं के निराकरण और पंजीयन प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी को आवश्यक निर्देश दिए थे। अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला अधिकारियों से चर्चा कर पंजीयन की स्थिति और तकनीकी समस्याओं की समीक्षा की। बैठक का उद्देश्य तकनीकी समस्याओं का निराकरण कर किसानों को पंजीयन में सुविधा उपलब्ध कराना तथा निर्धारित समय-सीमा में पंजीयन प्रक्रिया पूरी कराना है। विभाग के अनुसार, किसानों के पंजीयन के लिए विभिन्न माध्यमों से सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। किसान 10 अक्टूबर 2026 तक अपना पंजीयन करा सकते हैं। एग्रीस्टेक आईडी से भूमि के रकबे की जानकारी बैठक में बताया गया कि समर्थन मूल्य पर वास्तविक किसानों से धान एवं मोटा अनाज की खरीदी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस वर्ष पहली बार किसान पंजीयन में एग्रीस्टेक आईडी का उपयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से किसान की भूमि के रकबे की जानकारी प्राप्त की जा रही है। इससे पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और पंजीयन केंद्रों के ऑपरेटरों द्वारा किसी किसान का रकबा अनधिकृत रूप से दूसरे किसान के पंजीयन में जोड़ने की आशंका पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही, उपार्जन प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम है। एग्रीस्टेक आईडी बनाने और रिकॉर्ड सुधारने की सुविधा भूमिधारक किसानों की एग्रीस्टेक आईडी बनाने के लिए पटवारी, सहायक, कॉमन सर्विस सेंटर तथा फार्मर रजिस्ट्री सेल्फ एप के माध्यम से सुविधा उपलब्ध कराई गई है। एग्रीस्टेक आईडी में किसान के समस्त खसरों के रिकॉर्ड संधारित किए जाते हैं। यदि किसी किसान का कोई खसरा छूट गया है, तो उसे रिकॉर्ड में जोड़ने की सुविधा भी उपलब्ध है। डिजिटल क्रॉप सर्वे की व्यवस्था यथावत किसान के रकबे पर बोई गई फसल की जानकारी प्राप्त करने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे की व्यवस्था पिछले वर्ष की तरह ही रखी गई है। वहीं, राजस्व पट्टे, वन पट्टे तथा मंदिर और ट्रस्ट की भूमि के पंजीयन के लिए एग्रीस्टेक आईडी की अनिवार्यता नहीं रखी गई है। ऐसे रकबों का पंजीयन पूर्व की व्यवस्था के अनुसार पंजीयन केंद्र अथवा डीएसओ लॉगिन के माध्यम से किया जा सकेगा।

अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत बच्चों को वितरित किए निशुल्क चश्में

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ खड़ी है और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तत्परता से कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से जनविश्वास अभियान के माध्यम से सरकार घर-घर पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रत्येक वर्ग को राहत देने तथा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर योजनाएं संचालित कर रही है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा जिला चिकित्सालय पहुंचकर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया तथा मरीजों से चर्चा कर उनके उपचार एवं अस्पताल में मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अंधत्व निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूली बच्चों को निःशुल्क चश्में वितरित किए। साथ ही क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मरीजों को पोषण सहायता के उद्देश्य से फूड बास्केट प्रदान की। बुजुर्ग महिला से ली स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, बच्चों को किया दुलार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल में मौजूद मरीजों के परिजनों से चर्चा करते हुए उपचार की व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान उनका संवेदनशील अंदाज भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने एक बुजुर्ग महिला से बातचीत कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने बुजुर्ग महिला से चर्चा करते हुऐ कुशलक्षेम पूछा, बुजुर्ग महिला ने बताया कि इलाज बहुत अच्छा मिल रहा है और अब पहले से आराम है। मुख्यमंत्री ने बच्चों से दुलार करते भी नजर आए। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित बच्चों के सर पर दुलार से हाथ फेरते हुए उनका भी हाल-चाल पूछा। अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री द्वारा स्कूली बच्चों को वितरित किए गए निःशुल्क चश्में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव बच्चों के बीच पहुंचे जहां उन्होंने बच्चों को निशुल्क चश्में वितरित किए। मुख्यमंत्री द्वारा शासकीय कन्या शाला की कक्षा 12वी की छात्रा कु. शिवानी, कु. छाया एवं शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय की छात्रा कु. मुस्कान को चश्मा वितरित किया। हरदा में जिला अन्धत्व निवारण कार्यक्रम के अन्तर्गत 135 स्कूलों में 20320 बच्चों की जांच की गई जिसमें 1156 बच्चों में दृष्टिदोष पाए जाने पर उन्हें निशुल्क चश्में वितरित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में टीबी मरीजों को पोषण आहार की टोकरी भी वितरित की। प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट से युक्त लगभग 8 किलोग्राम की प्रत्येक फूड बास्केट में आटा, मूंगफली दाना, दाल और चना आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने हरदा जिले के ग्राम झिरी की रामबाई धुर्वे, उषा गिनारे तथा टिमरनी के परसराम लोवंशी को पोषण आहार की टोकरी प्रदान की। उल्लेखनीय है कि नि-क्षय पोषण योजना के अंतर्गत क्षय रोगियों को पोषण सहायता के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाती है। जिले में टीबी उन्मूलन की दिशा में व्यापक स्तर पर जांच एवं स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। अब तक हरदा जिले के हाईरिस्क ग्रामों एवं मोहल्लों को कवर करते हुए घर-घर जाकर 1 लाख 86 हजार 332 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत हाईरिस्क ग्रामों एवं वार्डों में एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन और बलगम (स्यूटम) जांच के माध्यम से संभावित टीबी मरीजों की पहचान की जा रही है। इसके साथ ही समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से टीबी मरीजों को पोषण आहार की फूड बास्केट भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जिला अस्पताल को मिला आईएसओ सर्टिफिकेट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा जिला अस्पताल को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए प्राप्त आईएसओ सर्टिफिकेट भी कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह को प्रदान किया। यह उपलब्धि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृद्धजनों का किया सम्मान, वृद्धजनों ने दिया स्नेह और आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम अंतर्गत हरदा में सार्थक सेवा वृद्धजन आश्रम पहुंचकर वृद्धजनों से आत्मीय भेंट की। उन्होंने वृद्धजनों को शाल, फल एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया। वृद्धजनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति स्नेह व्यक्त करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृद्धजनों से उनकी कुशलक्षेम जानी तथा आश्रम में उपलब्ध व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृद्धाश्रम का भ्रमण किया तथा सेवा संकल्प अभियान के तहत आश्रम में आयोजित विभिन्न गतिविधियों से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में आश्रम में आयोजित भ्रमण, भेंट एवं सम्मान सहित अन्य गतिविधियों की जानकारी प्रदर्शित की गई थी। सार्थक सेवा आश्रय समिति को सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संस्था के रूप में शासन स्तर से मान्यता प्रदान की गई है। समिति द्वारा जिला प्रशासन के निर्देशन में वृद्धाश्रम का आधिकारिक संचालन किया जा रहा है। संस्था द्वारा वृद्धाश्रम में निवासरत बुजुर्गों को ऐसा पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराया गया है, जिसमें उन्हें अपनापन, सम्मान, स्वास्थ्य सुविधाएं, पौष्टिक भोजन एवं मानसिक शांति का अनुभव मिल रहा है। वर्तमान में 50 सीटर वृद्धाश्रम में 37 वृद्धजन निवासरत हैं, जिनमें 19 महिलाएं एवं 18 पुरुष शामिल हैं। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री  दुर्गादास उइके, पूर्व कृषि मंत्री  कमल पटेल, पूर्व विधायक  संजय शाह, जिला पंचायत अध्यक्ष  गजेंद्र शाह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  दर्शन सिंह गहलोत,  राजेश वर्मा, नगर पालिका उपाध्यक्ष  अंशुल गोयल, नगर पालिका अध्यक्ष टिमरनी  देवेन्द्र भारद्वाज,  विशाल सिंह बघेल, मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल, सचिव मुख्यमंत्री सुदाम खाड़े, कमिश्नर नर्मदापुरम  कांत बनोठ, आईजी  चंद्रशेखर सोलंकी, कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन, पुलिस अधीक्षक  शशांक सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

दस माह से अधिक समय तक मानदेय भुगतान लंबित रखने पर जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग निलंबित

भोपाल  मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरदा में समाधान ऑनलाइन में जनसमस्याओं के निराकरण की समीक्षा करते हुए पाँच आवेदकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजनों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए तथा अधिकारी जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करते हुए जमीनी स्तर पर पहुंचकर समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करें। शासन और प्रशासन जनता की सेवा के लिए हैं, इसलिए नागरिकों की शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। समाधान ऑनलाइन के दौरान कर्मचारियों के मानदेय भुगतान में अनावश्यक विलंब और शिकायत के निराकरण में लापरवाही बरतने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक प्रमोद माथुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। समाधान ऑनलाइन के दौरान सामने आया कि रसोई कार्य करने वाले महिला कर्मचारी का मानदेय दस माह से अधिक समय से लंबित था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित शिकायत के लंबित रहने का कारण पूछा। इस पर जिला संयोजक प्रमोद माथुर द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संदीप गौर से चर्चा कर कृषि यंत्रों पर सब्सिडी से संबंधित उनकी शिकायत सुनी। इसी प्रकार सतीश उइके की विद्युत बिल से संबंधित समस्या पर चर्चा करते हुए महाप्रबंधक विद्युत विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए मीटरों की सेम्पल विवरण कर जानकारी लेने के निर्देश भी दिए। विद्युत बिल संबंधी शिकायतों के समय पर निराकरण में देरी पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने शबाना, रेखा यादव और अरविंद इवने सहित अन्य आवेदकों से की समस्याओं को सुना तथा मौके पर ही उनके निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं होने पर होगी कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं करने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अर्थदंड अधिरोपित करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सीएम-हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण तय समय-सीमा में किया जाना सुनिश्चित करें। शिकायतों की जांच और उनके निराकरण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी कर्मचारी का वेतन भुगतान लंबित नहीं रहे। नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों की मानिटरिंग करे मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों का निराकरण इस स्तर पर किया जाए कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए समाधान ऑनलाइन तक पहुंचने की आवश्यकता न पड़े। इसके लिए कलेक्टर सभी शिकायतों की व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग करें। शिकायतों की विवेचना और निराकरण में देरी या लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस विभाग से संबंधित 100 दिवस से अधिक समय से लंबित 27 शिकायतें सामने आने पर मुख्यमंत्री ने अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि वे स्वयं इन शिकायतों की समीक्षा करें तथा यह सुनिश्चित करें कि निराकरण में कहां और किस स्तर पर शिथिलता बरती जा रही है। लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि, ऊर्जा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, राजस्व और गृह विभाग से संबंधित 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निराकरण में संवेदनशीलता बरतें और आवेदकों को समय पर राहत प्रदान करें। नल-जल योजनाओं की निरंतर निगरानी के निर्देश इस अवसर पर मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि हस्तांतरित नल-जल योजनाओं की निरंतर निगरानी की जाए। योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध हो सके। मुख्य सचिव ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी नल-जल योजनाओं का हस्तांतरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी संचालन और आमजन को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जिले में विद्युत संबंधी समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई की जाए। साथ ही जिले में विद्युत ट्रिपिंग जैसी समस्याएं ना आए यह सुनिश्चित किया जाये। विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित विभागीय समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हरदा जिला छोटा जिला है। इसे बहुत आदर्श बनाया जा सकता है। सभी मिलकर जिले को संवारने का कार्य करें। नर्मदा परिक्रमा पथ का शीघ्रता से विकास हो, जिले में उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने कहा कि जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए जिले में नए औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए। वरिष्ठ नागरिकों से किया संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के वरिष्ठ नागरिक  सरगम जैन और  विक्रान्त अग्रवाल से चर्चा की। इस दौरान वरिष्ठ नागरिक  सरगम जैन ने जिले के विकास के संबंध में सुझाव दिये। उन्होने नाभि कुण्ड के विकास के संबंध में भी अनुरोध किया। इसी तरह  विक्रान्त अग्रवाल द्वारा जिले में ओपन स्टेडियम बनाने की बात कहीं। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री  दुर्गादास उइके, मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल, सचिव मुख्यमंत्री  सुदाम खाड़े, पूर्व कृषि मंत्री  कमल पटेल तथा कमिश्नर नर्मदापुरम  कांत बनोठ, आईजी  चंद्रशेखर सोलंकी, कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन, पुलिस अधीक्षक  शशांक सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जिले के ‘मिशन कोड शक्ति’ नवाचार की सराहना उद्यमियों, युवाओं और किसानों से मुख्यमंत्री डॉ यादव ने किया संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को कौशल विकास, आधुनिक तकनीक, शिक्षा और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उद्यमियों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने तथा ई-कॉमर्स और डिजिटल माध्यमों से देश-दुनिया के बाजार तक पहुंच बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को भी परंपरागत खेती के साथ पशुपालन, प्राकृतिक खेती, खाद्य प्रसंस्करण और … Read more

जापान-रूस समेत 7 देशों से निवेश लाने की तैयारी, MP में फार्मा सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार

भोपाल  एमपी ने ग्लोबल निवेश की अगली बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। सीएम मोहन यादव ने मुंबई में सात देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें GIS-2027 में पार्टनर कंट्री बनने का न्योता दिया। इसी दौरान फार्मा उद्योग के दिग्गजों के साथ बैठक में पिछले 18 महीनों के 19,477 करोड़ के प्रस्तावित निवेश और 18,646 संभावित रोजगार का खाका सामने रखा गया। GIS-2027 में सात देशों की भागीदारी पर जोर जापान, मेक्सिको, रूस, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, मिस्र और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधियों से चर्चा में सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश की वैश्विक साझेदारी अब ठोस परियोजनाओं पर आधारित होगी। जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली GIS के जरिए प्रदेश निवेश और व्यापारिक रिश्तों को और विस्तार देना चाहता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश प्रस्तावों की असली सफलता उनके जमीन पर उतरने से तय होगी। फार्मा में 19,477 करोड़ के प्रस्ताव मिले फार्मा, बायोटेक और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 18 महीनों में 54 निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें करीब 19,477 करोड़ का निवेश और 18,646 रोजगार की संभावना है। इनमें 34 इकाइयों के करीब 12,306 करोड़ के प्रस्तावों के लिए जमीन आवंटित होने और 14 इकाइयों में उत्पादन शुरू होने की जानकारी दी गई। मेडिकल डिवाइस पार्क में 17 इकाइयां शुरू उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी मेडिकल डिवाइस पार्क में 57 इकाइयों को आवंटन दिया गया है, जबकि 17 इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है। यहां करीब 2,374.86 करोड़ के निवेश और 9,625 रोजगार की संभावना बताई गई। रतलाम में 1,666.3 हेक्टेयर में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां फार्मा, बायोटेक और केमिकल सेक्टर को प्राथमिकता मिलेगी। पीथमपुर से उज्जैन तक विदेशी निवेश मुख्यमंत्री ने ब्रिटेन की हेलियॉन के पीथमपुर में करीब 2,000 करोड़, जापान के टोप्पन समूह के करीब 950 करोड़ और दक्षिण कोरिया की ईसीडीएस के उज्जैन में करीब 780 करोड़ के प्रस्तावों का उल्लेख किया। प्रदेश में 300 से अधिक फार्मा कंपनियां और 30 से ज्यादा API एवं बल्क ड्रग निर्माता होने की जानकारी भी दी गई। R&D और एक्सपोर्ट पर भी फोकस उद्योग संवर्धन नीति-2025 के तहत फार्मा, बायोटेक और मेडिकल डिवाइस को फोकस सेक्टर बनाया गया है। पात्र निवेश पर 40 प्रतिशत तक प्रोत्साहन, R&D खर्च पर 50 प्रतिशत सहायता और टेस्टिंग व क्वालिटी सर्टिफिकेशन के लिए वित्तीय सहयोग का प्रावधान बताया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य केवल दवा बनाने तक सीमित नहीं है। मध्यप्रदेश में API, वैक्सीन, इंजेक्टेबल, बायोटेक, मेडिकल डिवाइस, रिसर्च, टेस्टिंग और निर्यात की पूरी वैल्यू चेन विकसित करने की तैयारी है। 8.5 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश का दावा मुख्यमंत्री ने बताया कि 2025 की GIS के बाद मध्यप्रदेश में ₹8.5 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि GIS-2027 में भी सरकार का जोर घोषणाओं से ज्यादा उनके क्रियान्वयन पर रहेगा। उन्होंने विदेशी प्रतिनिधियों को 2028 के उज्जैन सिंहस्थ में आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है और उसका स्वभाव दुनिया को जोड़ना है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदल रहा भारत, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही बड़ी बात

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत प्रवेश कर चुका है नए दौर में : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सेवा के रंग-राष्ट्र के संग कार्यक्रम में बच्चों ने रंगोली से किया राष्ट्र के प्रति अपने भावों का प्रकटीकरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टी.टी. नगर स्टेडियम में किया कार्यक्रम को संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण भारत, नए दौर में प्रवेश कर चुका है। मध्यप्रदेश भी तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मोत्सव को पूरे एक माह तक सेवा संकल्प अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर सेवा के रंग-राष्ट्र के संग कार्यक्रम में विशाल और आकर्षक रंगोलियां तैयार की गईं। रंगोली के माध्यम से बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और राष्ट्र के प्रति अपने भावों का प्रकटीकरण किया है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'सेवा के रंग-राष्ट्र के संग' कार्यक्रम के अंतर्गत मानव रंगोली निर्माण कार्यक्रम को टीटी नगर स्टेडियम में  संबोधित कर रहे थे। भारत के नक्शे के रूप में बनाई मानव रंगोली मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को टी.टी. नगर स्टेडिटम में अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर, प्रधानमंत्री मोदी और विकसित भारत के संकल्प पर आधारित विशाल रंगोलियों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत के नक्शे के रूप में बनी मानव रंगोली में शामिल बच्चों के बीच जाकर बैठे और बच्चों से संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  इस अवसर पर रंगीन गुब्बारे आसमान में छोड़े। पूरा स्टेडियम भारत माता की जय के नारों से गुंजायमान हो रहा था। स्टेडियम में उपस्थित युवाओं ने देश को @2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए "वी विल डू इट" और  भारत माता की जय के नारों का उद्घोष किया। इस अवसर पर युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था, विद्यार्थी मुख्यमंत्री डॉ यादव से हाथ मिलाने,उनका अभिवादन करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने  के लिए आतुर थे। एशियन गेम्स : 2026 में हमारे खिलाड़ियों ने उत्कृष्टता सिद्ध की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने जापान में संपन्न हुए एशियन गेम्स-2026 की विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अपनी उत्कृष्टता सिद्ध की। मध्यप्रदेश को इस प्रतियोगिता में कुल 11 पदक मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी खिलाड़ियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। रंगोली के माध्यम से दिया 'विकसित भारत-सशक्त भारत' का संदेश प्रदेशाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित 'सेवा के रंग-राष्ट्र के संग' विशाल रंगोली कार्यक्रम में बच्चों ने सुंदर रंगोली बनाई हैं। इनके माध्यम से बच्चों ने प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत-सशक्त भारत का संदेश दिया है। हमारे प्रतिभाशाली युवा ही कल के भारत का नेतृत्व करेंगे। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, स्थानीय सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, राहुल कोठारी और रवींद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं खिलाड़ी और विद्यार्थी उपस्थित थे।                                             

‘We Will Do It’ का संदेश, 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक संकल्प और विश्वास पर कैलाश सारंग का जोर

We Will Do It- 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प विश्वास कैलाश सारंग भोपाल भारत की विकास यात्रा आज उस मुकाम पर पहुंच चुकी है, जहां दुनिया भारत को केवल संभावनाओं वाले देश के रूप में नहीं बल्कि अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की क्षमता रखने वाली एक सशक्त शक्ति के रूप में देख रही है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का वी विल डू इट का मंत्र देशवासियों के भीतर नए आत्मविश्वास, नई ऊर्जा और बड़े संकल्प का संचार करता है। 7 अक्टूबर को अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने राष्ट्र के सामने भविष्य के भारत की एक ऐसी तस्वीर रखी जिसमें लक्ष्य छोटे नहीं बल्कि विराट हैं। सपने सीमित नहीं बल्कि वैश्विक हैं और उन्हें पूरा करने का विश्वास 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक संकल्प में है। प्रधानमंत्री जी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत अब असंभव समझे जाने वाले लक्ष्यों से पीछे हटने वाला नहीं है। वी विल डू इट प्रधानमंत्री जी का यह मंत्र भारत की उस बदलती मानसिकता का प्रतीक है, जिसमें चुनौतियों को बाधा नहीं बल्कि अवसर के रूप में देखने का आत्मविश्वास पैदा हुआ है। हम कर सकते हैं से आगे बढ़कर हम करके दिखाएंगे का भाव ही इस मंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है। प्रधानमंत्री जी ने जिन लक्ष्यों को सामने रखा उनमें 2047 तक विकसित भारत, विश्व की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में भारत का स्थान, आत्मनिर्भर भारत, भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना, ओलंपिक की मेजबानी और अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूना शामिल हैं। हर लक्ष्य के साथ उनका उद्घोष वी विल डू इट देश की सामूहिक संकल्प की इच्छाशक्ति को अभिव्यक्त करता है। 2047 में भारत अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएगा। यह केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं बल्कि वर्तमान पीढ़ी के सामने इतिहास रचने का अवसर है। आज की युवा पीढ़ी के सामने यह जिम्मेदारी है कि वह ऐसा भारत बनाए जो आर्थिक रूप से मजबूत हो, तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर हो, सामाजिक रूप से सशक्त हो और वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने की क्षमता रखता हो। प्रधानमंत्री जी ने इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए कहा कि आज सवाल केवल यह नहीं है कि 2047 में भारत को कहां पहुंचना है बल्कि यह है कि उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आज से क्या करना है? यही विचार वी विल डू इट को भविष्य के संकल्प से वर्तमान के कर्म से जोड़ता है। आत्मनिर्भर भारत का अर्थ दुनिया से अलग होना नहीं बल्कि दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाते हुए अपनी क्षमताओं को मजबूत करना है। आज भारत मोबाइल निर्माण से लेकर रक्षा उत्पादन, डिजिटल तकनीक से लेकर अंतरिक्ष अनुसंधान और नवीकरणीय ऊर्जा से लेकर स्टार्टअप इकोसिस्टम तक अनेक क्षेत्रों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है। प्रधानमंत्री जी के वी विल डू इट का संदेश इसी आत्मविश्वास को और मजबूत करता है कि भारत केवल दूसरों से सीखने वाला देश नहीं बल्कि दुनिया को सिखाने वाला देश बने। यह आत्मविश्वास उस भारत का है जो अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ वैश्विक बाजार के लिए भी उत्पादन करने की क्षमता रखता है। भारत की विशाल युवा आबादी, प्रतिभा, तकनीकि क्षमता और बड़ा घरेलू बाजार उसे वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग के लिए स्वाभाविक रूप से सक्षम बनाते हैं। मेक इन इंडिया से शुरू हुई सोच अब मेक फॉर द वर्ल्ड की दिशा में आगे बढ़ रही है। भारत में निर्मित उत्पाद जब दुनिया के बाजारों में अपनी पहचान बनाते हैं तो यह केवल आर्थिक उपलब्धि नहीं होती बल्कि भारतीय प्रतिभा और सामर्थ्य पर दुनिया के बढ़ते विश्वास का प्रमाण भी होती है। प्रधानमंत्री जी ने इसी संदर्भ में बड़े लक्ष्यों की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका संदेश स्पष्ट है कि यदि लक्ष्य बड़ा होगा तो प्रयास भी बड़ा होगा और परिणाम भी असाधारण प्राप्त होंगे। प्रधानमंत्री जी के वी विल डू इट मंत्र में भारत की खेल शक्ति के विस्तार का संकल्प भी दिखाई देता है। ओलंपिक की मेजबानी का लक्ष्य केवल एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन की आकांक्षा नहीं है बल्कि भारत को वैश्विक खेल शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आज देश में खेल अधोसंरचना का विस्तार हो रहा है। छोटे शहरों और गांवों से प्रतिभाएं सामने आ रही हैं और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। गांव से ग्लोबल तक पहुंचती भारतीय खेल प्रतिभा इस विश्वास को मजबूत करती है कि यदि अवसर, संसाधन और सही मार्गदर्शन मिले तो भारत के युवा किसी भी वैश्विक मंच पर तिरंगे की शान बढ़ा सकते हैं। जिस देश ने कभी अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत सीमित संसाधनों के साथ की थी, वही भारत आज चंद्रमा पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है और अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई महत्वाकांक्षाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जी का अंतरिक्ष में भारत की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का संकल्प यह दर्शाता है कि भारत की आकांक्षाएं अब धरती की सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। प्रधानमंत्री जी के संदेश का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि उन्होंने इन लक्ष्यों की जिम्मेदारी केवल सरकार पर नहीं छोड़ी है। उन्होंने देश की 140 करोड़ आबादी को भारत की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया है। भारत की हर समस्या के समाधान में करोड़ों भारतीयों की क्षमता जुड़ी है। किसान, युवा, महिला, वैज्ञानिक, उद्यमी, श्रमिक, खिलाड़ी, शिक्षक, स्टार्टअप संस्थापक और देश का प्रत्येक नागरिक विकसित भारत की यात्रा का भागीदार है। यही कारण है कि वी विल डू इट में वी सबसे महत्वपूर्ण शब्द है। यह मैं करूंगा का नहीं बल्कि हम करेंगे का सामूहिक मंत्र है। भारत के पास युवा शक्ति है, विशाल बाजार है, तकनीकी क्षमता है, लोकतांत्रिक मजबूती है और वैश्विक स्तर पर बढ़ता प्रभाव है। इसलिए आज भारत के सामने छोटे सपने देखने का समय नहीं है बल्कि बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी शक्ति से जुट जाने का समय है। वी विल डू इट की वास्तविक शक्ति केवल इसे बोलने में नहीं बल्कि इसे अपने जीवन और कर्म में उतारने में है। 2047 का विकसित भारत किसी एक सरकार, … Read more

मध्यप्रदेश में रोजगार की बड़ी सौगात, टेक्सटाइल उद्योग में ₹7,500 करोड़ का निवेश; हजारों नौकरियां मिलेंगी

भोपाल /मुंबई  मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है। मुंबई स्थित होटल 'द सेंट रेजिस' में आयोजित 'इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से देश की अग्रणी टेक्सटाइल कंपनी 'भिलोसा इंडस्ट्रीज' के प्रबंध निदेशक श्री संदीप जैन ने उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक के दौरान भिलोसा इंडस्ट्रीज ने पीएम मित्र पार्क (धार) को केंद्र में रखते हुए राज्य में चरणबद्ध रूप से कुल ₹7,500 करोड़ के बड़े निवेश और करीब 3,750 प्रत्यक्ष रोजगार सृजन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। पीएम मित्र पार्क, धार में स्थापित होगी अत्याधुनिक इकाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ चर्चा में श्री संदीप जैन ने बताया कि कंपनी पीएम मित्र पार्क, धार में टेक्सटाइल निर्माण के लिए 200 एकड़ और सहायक इकाइयों के लिए अतिरिक्त 100 एकड़ (कुल 300 एकड़) भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया में है, जिसका चयन अंतिम चरण में है। कंपनी प्रारंभिक रूप से ₹2,500 करोड़ के पूंजीगत निवेश के साथ कार्य प्रारंभ कर समग्र रूप से ₹7,500 करोड़ का निवेश करेगी। इस परियोजना के तहत वर्ष 2028 से उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। धार-इंदौर बेल्ट में बनेगा संपूर्ण पॉलिएस्टर इकोसिस्टम इस परियोजना के माध्यम से धार-इंदौर क्षेत्र में पॉलिएस्टर यार्न, फाइबर, निटेड फैब्रिक तथा मैन-मेड फाइबर आधारित नॉन-गारमेंट फैब्रिक का एक एकीकृत विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जाएगा। इसके अंतर्गत पॉलिएस्टर आधारित मुख्य उद्योगों के साथ-साथ कई सूक्ष्म एवं लघु सहायक इकाइयों को भी गति मिलेगी। वैश्विक स्तर पर स्थापित है भिलोसा इंडस्ट्रीज की साख उल्लेखनीय है कि भिलोसा इंडस्ट्रीज 13,232 करोड़ रुपये के वार्षिक टर्नओवर के साथ भारतीय पॉलिएस्टर बाजार में लगभग 25% हिस्सेदारी रखने वाली शीर्ष निर्माता कंपनी है। कंपनी के उत्पाद घरेलू बाजार के साथ-साथ दक्षिण अमेरिका, तुर्की, नेपाल सहित कई वैश्विक बाजारों में निर्यात किए जाते हैं। मध्यप्रदेश में इस संयंत्र की स्थापना से राज्य के निर्यात राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उद्योगों को हर संभव प्रोत्साहन देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि धार स्थित 'पीएम मित्र पार्क' विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी से परिपूर्ण है, जो टेक्सटाइल उद्योग के लिए देश के सबसे मुफीद केंद्रों में से एक बनकर उभर रहा है। उन्होंने उद्योग समूह को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पॉलिएस्टर आधारित उद्योगों और उनके सहयोगी उपक्रमों के लिए अनुकूल नीतियां, पारदर्शी प्रक्रियाएं और केंद्रित प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

त्विषा शर्मा मौत मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर कराने की मांग

 भोपाल  त्विषा शर्मा मौत मामले में पीड़ित पक्ष ने मामले की सुनवाई भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जिसे मंजूरी मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट में लगाए गए ट्रांसफर पिटिशन पर 16 अक्टूबर को सुनवाई होगी। याचिका में पीड़ित पक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उसे भोपाल न्यायालय में निष्पक्ष न्याय मिलने को लेकर भरोसा नहीं है। इसी आशंका के चलते मामले की सुनवाई दिल्ली की अदालत में कराने की मांग की गई है। निष्पक्ष सुनवाई पर उठाए सवाल याचिका में कहा गया है कि मामले में आरोपित पूर्व जिला जज गिरीबाला सिंह को भोपाल न्यायालय से पहले ही जमानत मिल चुकी है। पीड़ित पक्ष ने इस तथ्य को भी अपनी आशंका का आधार बनाया है। याचिका में कहा गया है कि गिरीबाला सिंह पूर्व में भोपाल में जिला जज के पद पर रह चुकी हैं। ऐसे में पीड़ित पक्ष को आशंका है कि उनके प्रभाव के चलते मामले की सुनवाई निष्पक्ष रूप से प्रभावित हो सकती है। दिल्ली में सुनवाई की अपील पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि मामले से जुड़े आरोपितों ने पहले भी अपने प्रभाव और शक्ति का इस्तेमाल जांच को प्रभावित करने तथा साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने के प्रयास किए हैं। इसी आधार पर याचिका में कहा गया है कि भोपाल में सुनवाई जारी रहने पर उन्हें न्याय मिलने को लेकर भरोसा नहीं है। पीड़ित पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट से मामले को भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित कर वहां सुनवाई कराने की मांग की है। अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। गिरीबाला सिंह के सामने नई मुसीबत, CBI ने फंसाया पेच जेल में बंद पूर्व जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. उनकी तरफ से दहेज एक्ट की धाराओं को विलोपित कर दायर की गयी संशोधित जमानत याचिका हाई कोर्ट में पेश की गयी. सीबीआई की तरफ से जमानत याचिका का विरोध किया गया।  सीबीआई ने दहेज मांग के साक्ष्य नहीं मिलने बताए इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान सीबीआई ने हाईकोर्ट में लिखित आपत्ति पेश की थी। इसमें बताया गया था कि मामले में दहेज की मांग किए जाने से संबंधित साक्ष्य नहीं मिले हैं। इसके बाद गिरिबाला सिंह की ओर से जमानत आवेदन में संशोधन कर दहेज प्रताड़ना से संबंधित धारा हटाने की अनुमति मांगी गई थी। गुरुवार को सुनवाई के दौरान उनकी ओर से आवेदन में सुधार की दरख्वास्त पेश की गई, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया। तकनीकी साक्ष्यों की जांच जारी सीबीआई ने हाई कोर्ट जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ को बताया "एकत्र किये गये तकनीकी साक्ष्यों को जांच के लिए लैब भेजा गया था, जिनकी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है. सीबीआई प्रकरण की जांच कर रही है और लैब रिपोर्ट प्राप्त होने पर साक्ष्यों के आधार पर संबंधित न्यायालय के समक्ष विधि अनुसार कार्रवाई की जायेगी." भोपाल की पूर्व जिला व सत्र न्यायाधीश गिरीबाला सिंह की बहू व मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध हालात में 12 मई 2026 को मौत हो गई थी।  ट्विशा मौत केस में अब तक क्या हुआ पुलिस ने सास पूर्व जज गिरीबाला तथा उसके बेटे के खिलाफ दहेज हत्या व दहेज एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था. आरोपी सास को भोपाल जिला व सत्र न्यायालय से 15 मई को अग्रिम जमानत का लाभ मिल गया था. पीड़ित पक्ष ने अग्रिम जमानत मिलने के खिलाफ हाई कोर्ट ने याचिका दायर की थी।  इसके अलावा मृतका का दोबारा पोस्टमार्टम कराने जाने की मांग करते हुए भी हाई कोर्ट में याचिका दायर की गयी थी. हाई कोर्ट ने दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की टीम से दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिये थे. हाई कोर्ट ने 27 मई को पूर्व न्यायाधीश को मिली अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया था. सरकार द्वारा प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपी गयी थी।  संशोधित याचिका पेश करते ही सीबीआई सक्रिय पिछली सुनवाई के दौरान एकलपीठ को बताया गया था कि दहेज की मांग किये जाने के संबंध में साक्ष्य नही मिलने के कारण सीबीआई के तरफ से प्रकरण में दहेज एक्ट की धाराओं को हटा दिया गया है. एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को दहेज एक्ट की धाराओं को विलोपित कर संशोधित याचिका दायर करने के निर्देश जारी किए थे।  आदेश का पालन करते हुए याचिकाकर्ता की तरफ से संशोधित याचिका पेश की गयी. लेकिन सीबीआई की तरफ से एकलपीठ को बताया गया कि जब्त किये गये लैपटॉप, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यो के रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है. एकलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को निर्धारित की है।  अब आत्महत्या से जुड़े आरोपों पर सुनवाई जमानत आवेदन में संशोधन के बाद अब मामला आत्महत्या से जुड़े आरोपों के संदर्भ में आगे बढ़ेगा। हाईकोर्ट ने संशोधन की अनुमति देते हुए जमानत याचिका पर आगे की सुनवाई के लिए 16 अक्टूबर की तारीख तय की है। 12 मई को ट्विशा ने आत्महत्या की थी गिरीबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा ने 12 मई को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद ट्विशा के परिजन ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। परिजन का आरोप था कि ट्विशा को दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था और मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ प्रताड़ना की गई। परिवार की ओर से यह भी आरोप लगाया गया था कि लगातार मानसिक प्रताड़ना के चलते ट्विशा ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। गिरीबाला और बेटे पर केस दर्ज इसके बाद भोपाल पुलिस ने गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ दहेज हत्या और दहेज एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था। पूर्व न्यायाधीश को भोपाल जिला सत्र न्यायालय से इस मामले में जमानत मिल गई थी। अग्रिम जमानत मिलने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसके अलावा मृतका का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। AIIMS दिल्ली की टीम ने किया दोबारा पोस्टमार्टम हाईकोर्ट ने दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) की टीम से दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने 27 मई को पूर्व न्यायाधीश को मिली अग्रिम जमानत … Read more

मध्य प्रदेश में निवेश को मिलेगी रफ्तार, आगर की मैक्केन फूड परियोजना से 2,000 लोगों को रोजगार

आगर में 3800 करोड़ की मैक्‍केन फूड परियोजना होगी शुरू : मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव 2 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार पशुपालन, किसानों की आय बढ़ाने का महत्‍वपूर्ण साधन है मुख्‍यमंत्री ने आगर के बलराम कृषि महोत्‍सव में किसानों से किया वर्चुअली संवाद भोपाल  मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियों कॉन्‍फ्रेसिंग से आगर में शुक्रवार को आयोजित बलराम कृषि महोत्‍सव में सहभागिता करते हुए किसानों से सीधा संवाद किया। उन्‍होंने कृषक कल्‍याण वर्ष के तहत् आयोजित कार्यक्रमों में किसानों से कृषि गतिविधियों, शासन की किसान हितैषी योजनाओं से मिल रहे लाभ, कृषि के क्षेत्र में नवाचार तथा किसानों की आवश्‍यकताओं के संबंध में संवाद किया। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगर में 3800 करोड़ की मैक्‍केन फूड परियोजना शुरू हो रही है, इसमें 2 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। पशुपालन किसानों की आय बढ़ाने का महत्‍वपूर्ण साधन है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगर-मालवा जिले के लालूखेड़ी में आलू प्रसंस्‍करण का 200 करोड़ का उद्योग स्‍थापित हो रहा है, लालूखेड़ी के साथ ही अब आगर-मालवा जिले के किसान भी आलू उगाऐंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगर एवं सुसनेर का संतरा देश भर में भेजा जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि जिले के पशुपालक गौपालन के लिये भी विशेष रूप से जाने जाते है। जैविक दूध प्रदेश में कही मिलता है तो आगर में ही मिलता है। उन्‍होंने कहा कि प्रदेश का दूध उत्‍पादन भी बढ़ेगा, सांची का दुग्‍ध ब्राण्‍ड भी बढ़ रहा है। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि आगर जिला सौर उर्जा एवं विण्‍ड एनर्जी के लिये भी अपनी अलग पहचान रखता है। प्रदेश में पर्याप्‍त बिजली, सिंचाई के लिये पानी उपलब्ध है और पांच लाख किलोमीटर की सड़कों का जाल भी है। उन्‍होंने ने कहा कि वर्ष 2027 तक गेहूं 2700 से के भाव में खरीदेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगर जिला गौ-सेवा के लिये भी विशेष पहचान रखता है। गौ-अभयारण्य सालरिया एवं जिले की अन्‍य गौशालाओं में 20 हजार से अधिक गौवंश की समुचित देखभाल की जा रही है। सरकार प्रति गौवंश 40 रूपए प्रतिदिन की दर से गौवंश की देखभाल के लिये गौशालाओं को राशि प्रदान कर रही है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौपालन को बढ़ावा देने के लिये गौपालन पुरस्‍कार योजना के तहत् अच्‍छे पशुपालकों की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जिसमें प्रत्‍येक विकास खण्‍ड से प्रथम पुरस्‍कार प्राप्‍त करने वाले पशुपालक को एक लाख रूपए, द्वितीय पुरस्‍कार के लिये 50 हजार एवं तृतीय पुरस्‍कार के रूप में 25 हजार रूपए की राशि पशुपालक को प्रदान की जाएगी। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने बिनायगा बड़ौद के प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने वाले किसान राधेश्‍याम परिहार, आखाखेड़ी तनोडिया के प्राकृतिक अरहर खेती करने वाले किसान रोहित शर्मा एवं अन्‍य उपस्थित प्रगतिशील कृषकों से वर्चुअली संवाद कर उनके द्वारा की जा रही प्राकृतिक, जैविक एवं उन्‍नत कृषि के बारे में जानकारी ली तथा इससे होने वाले लाभ के बारे में भी चर्चा की। सांसद रोड़मल नागर ने कहा कि मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने खेती को उद्यम बनाकर किसानों के लिये लाभ का धन्‍धा बना दिया है। आज उच्‍च शिक्षा प्राप्‍त करने के बाद भी किसान पुत्र कृषि की ओर आकर्षित हो रहे है। किसान मोर्चा के प्रदेश अध्‍यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, अपेक्‍स बैंक के प्रशासक महेन्‍द्र सिंह यादव और विधायक मधु गेहलोत ने भी संबोधित किया। प्रगतिशील किसानों, मेधावी विद्यार्थियों और भूतपूर्व सैनिकों का किया सम्‍मान कार्यक्रम मे उत्‍कृष्‍ट एवं प्रगतिशील किसानों, किसान परिवार के मेधावी छात्र-छात्राओं और भूतपूर्व सैनिकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्‍मानित किया गया। कार्यक्रम को कपिल यारदे, कप्‍तान सिंह यादव ने भी सम्‍बोधित किया। कार्यक्रम स्‍थल पर विभिन्‍न विभागों द्वारा लगाई गई, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्‍स्‍य विभाग एवं आधुनिक कृषि यंत्रों सहित अन्‍य विभागों की प्रदर्शनियों लगायी गई।  

गरबा में जाने को लेकर भोपाल में बयानबाजी तेज, मुफ्ती ने बताया हराम; हिंदू संगठन भी कर रहे विरोध

भोपाल  नवरात्रि और गरबा का सीजन शुरू होने से पहले होते ही शहर का सियासी और सामाजिक पारा चढ़ गया है। पिछले कुछ सालों से जहां हिंदू संगठन गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री का कड़ा विरोध करते रहे हैं, वहीं इस बार समीकरण एक नया मोड़ ले चुके हैं। अब हिंदू संगठनों के बाद खुद मुस्लिम धर्मगुरुओं और संगठनों ने भी मुस्लिम युवाओं के गरबा में शामिल होने पर पूरी पाबंदी का ऐलान कर दिया है। मुफ्ती ने जारी किया वीडियो भोपाल के मुफ्ती मोहम्मद गुफरान खान नदवी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर हलचल मचा दी है। मुफ्ती नदवी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि मुस्लिम युवाओं का हिंदू रस्मों और गरबा में शिरकत करना सरासर 'हराम' है। उन्होंने चेतावनी दी कि दूसरी कौम की परंपराओं का अनुकरण करना समाज के लिए फितने (विवाद) का कारण बनता है, इसलिए युवाओं को अपने दोस्तों के साथ भी गरबा पंडालों में जाने से तौबा करनी चाहिए। मुस्लिमों से न जाने की अपील की इसी कड़ी में ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी भी खुलकर सामने आ गई है। कमेटी ने समुदाय के लोगों से अपील की है कि वे गरबा आयोजनों से पूरी तरह दूर रहें। अध्यक्ष शेख इस्माइल खान का कहना है कि यह कदम किसी धर्म के विरोध में नहीं, बल्कि आपसी विवादों से बचने और शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया है। इसके लिए अब जिलों में विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। मध्य प्रदेश में पहले भी हुए हैं विवाद मध्य प्रदेश में गरबा पंडाल हमेशा से सियासत का केंद्र रहे हैं। महू से बीजेपी विधायक उषा ठाकुर पहले ही गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक और पहचान पत्र की जांच की कड़ी मांग उठा चुकी हैं। पिछले वर्षों में भी पहचान छिपाकर पंडालों में एंट्री को लेकर कई बड़े विवाद और हंगामे सामने आए थे। गौरतलब है कि अब स्थिति यह बन गई है कि एक तरफ हिंदू संगठन पंडालों के दरवाजे बंद करने पर अड़े हैं तो दूसरी तरफ मुस्लिम उलेमाओं ने भी अपने समाज के युवाओं के लिए पाबंदी का दायरा खींच दिया है। इस दोतरफा माहौल के बीच भोपाल का इस बार का गरबा सीजन तीखी बयानबाजी और गर्माहट के साथ सुर्खियों में आ गया है।