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बेल्जियम में दोस्ती, सिंगरौली में विवाह, संदीप-शेरला भारतीय रिवाज से बनेंगे जीवनसाथी, हल्दी की रस्म में शामिल हुए

सिंगरौली जिला मुख्यालय सिंगरौली बैढ़न स्थित होटल हेरिटेज पैलेस में विदेशी सैलानियों के लिए बनी पहली पसंद, जहां शाही मेहनवाजी और विश्वस्तरीय सुविधाओं को लेकर सर्वश्रेष्ठ होटलों में गिना जा रहा हैं। आए दिन सिंगरौली भ्रमण के लिए आने वाले विदेशी सैलानी इस हेरिटेज होटल में निवास करते हैं। इतना ही नहीं बल्कि अब इस होटल हेरिटेज पैलेस में विदेशियों द्वारा हिन्दू रीति रिवाजों के साथ विवाह भी किया जाने लगा है। बता दें कि हेरिटेज पैलेस में सिंगरौली निवासी संदीप कुमार सिंह पुत्र स्व.रमेश प्रसाद सिंह का विवाह फ्रांस लियाना कि शेरला पुलानीया के साथ दिनांक पांच फरवरी दिन गुरुवार को सम्पन्न होगा।  विवाह रस्म के पूर्व 4 फरवरी हेरिटेज पैलेस में संदीप और शेरला पुलानीया का हल्दी रस्म हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पवित्र अवसर पर लगभग आधा सैकड़ा फ्रांसीसी नागरिकों ने पीले वस्त्र धारण कर हेरिटेज पैलेस होटल में परिवार के सदस्यों के साथ दूल्हा-दुल्हन को हल्दी का लेप लगाया, जो सौंदर्य, पवित्रता, सुरक्षा और वैवाहिक जीवन के लिए आशीर्वाद का प्रतीक है। इस दौरान फ्रांसीसियों ने भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता का विशेष सम्मान करते हुए सारी रस्म हिन्दी रस्म मंत्रोचारण के साथ सम्पन्न कराया। जानकारी के लिए बता दें कि संदीप कुमार सिंह बैढ़न सिंगरौली के निवासी है जो सरस्वती शिशु मंदिर बैढ़न से 12वीं पास करने के पश्चात इंदौर से बीसीए तथा पुणे से एमसीए की उपाधि प्राप्त कर बेल्जियम में सेटल हो गए जहां उन्होंने आईटी कंसल्टेंसी में अपना व्यवसाय प्रारंभ किया। इसी दौरान फ्रांसीसी शेरला पुलानीया के साथ उनकी मुलाकात हुई, फिर दोस्ती हुई, इसके बाद यह मुलाकात धीरे धीरे प्यार में तब्दील हो गया। शेरला पुलानीया सनाफ्री फार्मास्यूटिकल कंपनी में ब्रांड मैनेजर के रूप में कार्य कर रही है। जो आज वे दोनों शादी के दाम्पत्य सूत्र में बधने जा रहे हैं। हल्दी रस्म में दिखा हल्दी कलर का पहनावा हल्दी समारोह भारतीय शादी की सबसे रंगीन और खुशियों से भरी रस्मों में से एक है, जहां आज हेरिटेज पैलेस में आयोजित इस हल्दी रस्म में भारतीय परंपरा के अनुसार वैदिक रस्मों एवं मंत्रोचारण के साथ हल्दी रस्म की प्रक्रिया पूरी की गई। फ्रांसीसी नागरिकों ने पीले रंग की चमकदार कपड़े पहनकर पूरे माहौल को रोशन कर दिया। बताते हैं कि इस खास मौके पर पीले रंग की ड्रेस पहनना न सिर्फ शुभ माना जाता है, बल्कि यह दुल्हन की खूबसूरती और ब्राइडल ग्लो को और भी निखार देता है। विदेशियों ने भारतीय संस्कृति की प्रशंसा की हेरिटेज पैलेस होटल में आयोजित उक्त कार्यक्रम में आए फ्रांसीसियों ने बातचीत के दरम्यान बताया कि वह हेरिटेज पैलेस होटल में भारतीय संस्कृति की विविधता, आध्यात्मिकता, मेहमाननवाज़ी (अतिथि देवो भव) की परंपरा से काफी प्रसन्न हैं। वे हेरिटेज होटल के खान-पान, पारंपरिक पहनावे से गहराई से प्रभावित हैं, जो भारत की अनूठी सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने उजागर करता है। हेरिटेज होटल में पधारे फ्रांसीसी नागरिकों ने कहा कि भारत की यह एक अच्छी संस्कृति है, जहां हर जात धर्म के लोग एकजुट होकर सामाजिक समरसता का उदाहरण पेश करते है, जिसकी उन्होंने काफी प्रशंसा की। विदेशियों ने भारतीय व्यंजनों एवं होटल प्रबंधन की काफी तारीफ की फ्रांसीसियों ने हेरिटेज होटल प्रबंधन की सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली, स्मार्ट तकनीकों, स्वच्छता, कुशल परिचालन व मजबूत टीम को देख काफी सराहा। कहा होटल प्रबंधन की अपनत्वता और व्यवस्था को देख हमें खुशी हुई। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब भी हमें भारत आने का सौभाग्य हुआ तो वह यहां निश्चित रूप से प्रवास करेंगे। 

एक शाम राष्ट्र के नाम का सफल आयोजन हुआ

एक शाम राष्ट्र के नाम का सफल आयोजन हुआ  इंदौर  प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पातालपानी झरने के सामने अहिंसा पर्वत स्थित अमर जवान स्मारक पर एक शाम राष्ट्र के नाम का सफल आयोजन हुआ। कार्यक्रम के आयोजक पर्यावरणविद् अशोक मेहता ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमें अपने संवैधानिक अधिकार समझना चाहिए और देश एवं समाज के प्रति अपनी कर्तव्य निष्ठा को भूलना नहीं चाहिए। कार्यक्रम के संयोजक राजेश बियानी ने बताया कि गायक कलाकार श्री राजा सलूजा श्री सुनील बामनिया श्रीमती मंगला जैन, श्री एवं श्रीमती जसविंदर बेस ने देशभक्ति आधारित राष्ट्र गीतों से श्रोताओं को झुमा दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में बालिका आरना मेहता, चहेती जैन, कियारा मेहता, हिरल जैन ने अपनी राष्ट्र के प्रति भावना प्रकट की साथ ही इस भावुक अवसर पर श्रीमती पायल परदेसी ने वंदे मातरम गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर सभी को मंत्र मुक्त कर दिया। इस अवसर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, एनिमल वेलफेयर, समाज सेवा, योग एवं सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग आदि क्षेत्रो में अपनी उत्कृष्ट सेवाओ के लिए श्रीमती पायल परदेसी, श्री यशवंतसिंग बिस्ट, डॉ अमित सोनी, श्री इंदरसिंग योगी, श्री आनंद यादव, श्रीमती आशा परमार, श्रीमती सुमित्रा अरोरा, श्री राधेश्याम वर्मा, डॉ अनुपम श्रीवास्तव, श्रीमती राधा तोषनवाल, डॉ लकी खंडएलवाल, श्रीमती दीक्षित, श्रीमती कांता मजदे को उत्कृष्ट सेवा सम्मान प्रदान किया गया।  कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री गोरू बियानी, श्रीमती रिवा सिंह, श्री आर एस बियानी, श्री सुमेर सिंह (गोल्डनमेन), श्री केपी सिंह,डाॅ शिवकांत वाजपेई, श्री विजय शर्मा, श्री मोहन चावडा, श्री हुकुम आंजना, श्री गनु भाई, श्रीमती नेहा जैन आदि उपस्थित थे। आभार कार्यक्रम संयोजक श्रेयांश मेहता ने प्रकट किया।

SP जैन की सार्थक पहल, पुलिसकर्मियों को जन्मदिन और विवाह सालगिरह पर मिलेगा विशेष अवकाश

पुलिस अधीक्षक अगम जैन की सार्थक पहल : सभी थानों एवं कार्यालय में पदस्थ पुलिसकर्मियों को जन्मदिन एवं विवाह की सालगिरह पर प्रदान किया जाएगा अवकाश छतरपुर  स्थानीय पुलिस अधीक्षक  अगम जैन द्वारा पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, मनोबल एवं पारिवारिक समन्वय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिसकर्मियों के जन्मदिन एवं विवाह की सालगिरह के अवसर पर आयोजनों को परिजनों के साथ मनाने की पहल की जा रही है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से पुलिस कर्मियों को अपनी व्यस्त और चुनौतीपूर्ण ड्यूटी के बीच परिवार के साथ समय बिताने का अवसर प्राप्त होता है, जिससे मानसिक तनाव में कमी आती है एवं कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। परिजनों की सहभागिता से पारिवारिक रिश्तों में मजबूती आती है, कार्य-जीवन संतुलन बेहतर होता है।  इस हेतु पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले के सभी प्रभारी अधिकारियों, थाना चौकी प्रभारी एवं कार्यालय के मुख्य लिपिक एवं अवकाश लिपिक हेतु आदेश जारी किया गया है।

मोहन सरकार का किसानों के लिए तोहफा, 12 हज़ार करोड़ रुपये अब किसानों के खाते में डालेंगी सरकार

भोपाल मध्य प्रदेश के किसानों के लिए सरकार ने राहत दी है। दरअसल धान किसानों के लिए सरकार आंशिक राहत लेकर आई है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में इस बार धान का बंपर उत्पादन हुआ जिसके कारण रिकार्ड खरीदी भी हुई। सीएम मोहन यादव ने कहा कि इस साल 51.74 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान उपार्जित की गई है । खरीफ़ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था । इससे  किसानों को इससे बड़ी राहत मिली। अब  राज्य सरकार, धान किसानों के खातों में कुल 12 हज़ार करोड़ से ज्यादा की राशि डालेगी, और सरकार अधिकतर राशि का भुगतान भी कर  चुकी है। सीएम मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को इसकी राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। किसानों को जल्द ही भुगतान हो इसके लिए तकनीक आधारित भुगतान प्रणाली लागू की गई है। समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि का किसानों को खासा लाभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि खरीफ़ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था, जो पिछले सत्र के एमएसपी से 69 रुपए अधिक है। पिछले खरीफ़ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपए प्रति क्विंटल था। न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई इस वृद्धि का किसानों को खासा लाभ हुआ है। खरीफ सत्र में प्रदेश में कुल 8 लाख 59 हज़ार 822 धान उत्पादक किसानों का पंजीयन किया गया था। इनमें से 7 लाख 89 हज़ार 757 किसानों ने स्लॉट बुक कर धान उपार्जन प्रक्रिया में भाग लिया। इन किसानों में से 7 लाख 62 हज़ार 620 किसान (89 प्रतिशत) धान विक्रेता के रूप में उपार्जन केंद्रों पर पहुंचे। इस वर्ष धान उपार्जन के लिए प्रदेश में 1,436 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए। सीजन में 51 लाख 74 हज़ार 792 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया। उपार्जित धान में से 48 लाख 38 हज़ार 637 मीट्रिक टन से अधिक धान का परिवहन भी पूरा कर लिया गया है। परिवहन किए गए धान में से 46 लाख 30 हज़ार 21 मीट्रिक टन धान गुणवत्ता परीक्षण के बाद स्वीकार किया जा चुका है। कुल 12 हज़ार 259 करोड़ रुपए आंकलित सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस सीजन में उपार्जित धान के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य कुल 12 हज़ार 259 करोड़ रुपए आंकलित किया गया। बेची गई धान की यह पूरी राशि किसानों को दी जाएगी इस आंकलित मूल्य में से करीब 11 हज़ार करोड़ रुपए किसानों के बैंक खातों में सीधे अंतरित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उपार्जन मूल्य से किसानों को आर्थिक संबल मिला है। समर्थन मूल्य में बढ़ौतरी करने से किसानों को मिला है लाभ सीएम मोहन यादव ने बताया कि खरीफ़ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था, जो पिछले सत्र के एमएसपी से 69 रुपए अधिक है। न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई इस वृद्धि का किसानों को खासा लाभ हुआ है। आपको बता दें कि  खरीफ सत्र में  कुल 8 लाख 59 हज़ार 822 धान उत्पादक किसानों का पंजीयन किया गया था। इनमें से 7 लाख 89 हज़ार 757 किसानों ने स्लॉट बुक कर धान उपार्जन प्रक्रिया में हिस्सा लिया था मोहन यादव ने कहा कि इस सीजन में उपार्जित धान के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य कुल 12 हज़ार 259 करोड़ रुपए आंकलित किया गया। अब बेची गई धान की यह पूरी राशि किसानों को ट्रांसफर की जाएगी। वही इस आंकलित मूल्य में से करीब 11 हज़ार करोड़ रुपए किसानों के बैंक खातों में सीधे अंतरित किए जा चुके हैं।  लिहाजा किसानों के लिए ये बड़ी राहत मानी जा रही है।

एमपी के 8 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे, राजगढ़ में 7 डिग्री सेल्सियस तापमान, 30 जिलों में कोहरा

भोपाल   मध्य प्रदेश एक बार फिर से घने कोहरे की आगोश में है। आज सुबह प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा छाया रहा। जिससे विजिबिलिटी भी काफी कम हो गई। एमपी में सर्द हवाओं का सिलसिला भी जारी है। बुधवार को दिन में भी ठंडी हवाएं चलती रहीं। जिसके कारण अधिकांश जिलों में दिन का पारा 25 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ। प्रदेश में फिलहाल बारिश पर ब्रेक लग गया है। आज कहीं भी बारिश को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। लेकिन जल्द ही MP में फिर से बारिश लौटने की संभावना है। MP में कब होगी बारिश मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, साथ ही साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है। जिसका प्रभाव एमपी के मौसम पर देखने को मिलेगा। इसकी वजह से कई जिलों में बादल छाए रहने की संभावना है। पहाड़ों पर हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश में सर्द हवाएं आ रही हैं। जिससे सुबह-शाम के साथ ही दिन में भी सर्दी का एहसास बना हुआ है। 8 फरवरी को एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालय रीजन में एक्टिव हो रहा है। जिसका प्रभाव फिर से एमपी में देखने को मिल सकता है। जिसके कारण 10 फरवरी को फिर से बारिश की संभावना जताई गई है। एमपी का सबसे ठंडा जिला एमपी में आज सुबह घने कोहरे के कारण ग्वालियर में विजिबिलिटी घट कर 50 मीटर से भी कम हो गई। वहीं दतिया और रीवा में 50 से 200 मीटर के बीच दृश्यता दर्ज की गई। रतलाम, उज्जैन, नौगांव, सीधी और दमोह में 500 मीटर से 1 किमी के बीच विजिबिलिटी रही। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सबसे ठंडा जिला राजगढ़ रहा, यहां का न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा। अन्य सभी जिलों का न्यूनतम पारा 10 डिग्री से ऊपर दर्ज हुआ। इस दौरान सबसे कम अधिकतम तापमान नौगांव और पृथ्वीपुर में रहा, यहां का अधिकतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इस दौरान नर्मदापुर में सबसे अधिक अधिकतम पारा 31.5 डिग्री सेल्सियस रहा। 6 फरवरी- ग्वालियर, भिंड, दतिया, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में घना कोहरा रहेगा। वहीं, भोपाल, गुना, अशोकनगर, इंदौर, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, विदिशा, सीहोर, रायसेन समेत कई जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे का असर बना रहेगा। 7 फरवरी- कई जिलों में हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा। इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है। क्यों बना है ऐसा मौसम मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के कारण प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहे। वहीं पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के बाद मैदानी क्षेत्रों में सर्द हवाएं पहुंच रही हैं, जिससे ठंड और कोहरे की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 8 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर मध्यप्रदेश में भी दिखेगा। 10 फरवरी से प्रदेश के कुछ हिस्सों में मावठा गिरने की संभावना जताई गई है।

मुरैना में यूजीसी विरोध में बाजार बंद, 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात, 2 बजे के बाद खुलेंगी दुकानें

मुरैना  यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज ने आज मुरैना बंद का ऐलान किया था, इसी के चलते आज मुरैना शहर के सभी प्रतिष्ठान बंद नजर आए। यह बंद सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। शादियां होने के कारण दोपहर 2 बजे से बाजार खोलने के लिए आंदोलन कर्ताओं और प्रशासन में बनी सहमति।  सवर्ण समाज की ओर से आज यूजीसी कानून का विरोध करते हुए मुरैना शहर का बाजार बंद कराया। सदर बाजार, हनुमान चौराहा, मिर्च बजरिया, मार्कण्डेश्वर बाजार, एम एस रोड, सिकरवारी बाजार, तेलीपाड़ा, नाला नंबर एक सभी मुख्य बाजार पूर्ण रूप से बंद दिखे। व्यापारियों ने भी इस बंद में खुल कर सहयोग करते हुए बाजार को बंद रखा। दोपहर 2 बजे तक रहेगा बंद सवर्ण समाज के द्वारा यूजीसी कानून का विरोध करते हुए बाजार बंद की घोषणा के बाद पुलिस प्रशासन ने कल आंदोलन कर्ताओं से बैठक की थी, जिसमें शादियों का सीजन देखते हुए बंद सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक रखने का निश्चय हुआ था। इस पर व्यापारियों ने भी सहमती दी थी। 100 से अधिक जवान अधिकारी तैनात सीएसपी दीपाली चन्दौरिया के अनुसार यूजीसी कानून के विरोध में मुरैना शहर बंद कराया गया है इस पर 100 पुलिस जवान अधिकारी शहर में चप्पे चप्पे पर मौजूद है । बज्र रिजर्व फोर्स किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार है । अभी यह सिर्फ संकेत सर्वण समाज सदस्य और ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश दंडोतिया ने बताया कि यूजीसी कानून के विरोध में सांकेतिक बंद है, सभी व्यापारियों का सहयोग मिल रहा है। स्वेच्छा से बंद में शामिल है। बुधवार को जिला प्रशासन की बैठक में भी हमसे और प्रशासनिक अधिकारियों से बहस हुई थी लेकिन हम अपनी बात पर अड़े थे। शादियां होने के कारण हमने दोपहर दो बजे के बाद व्यापारियों भाइयों को बाजार खोलने की सहमति भी दी है।

65 करोड़ के टेंडर के साथ ग्वालियर में आउटसोर्स स्टाफ भर्ती की तैयारी, जल्द खुलेंगे आवेदन

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के एक बड़े जिले में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब खत्म होने की कगार पर है। नगर निगम ने आउटसोर्स मैनपावर की नई टेंडर प्रक्रिया के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही एमआईसी (Mayor-in-Council) के समक्ष रखा जाएगा। एमआईसी की मंजूरी और परिषद से पास होने के बाद नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों की नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे निगम के विभिन्न विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने का रास्ता साफ हो जाएगा। गलत गणना बनी थी विवाद की जड़ दरअसल, वर्ष 2024 में नगर निगम द्वारा आउटसोर्स मैनपावर के लिए करीब 65 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था। इसमें सर्विस चार्ज की गणना में गंभीर त्रुटि सामने आई, जिससे निगम को करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति होने की आशंका थी। इसी कारण निगमायुक्त ने परिषद द्वारा पारित ठहराव पर पुनर्विचार का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन परिषद ने उसे अस्वीकार कर दिया। यदि उस समय कार्यादेश जारी होता, तो निगम पर 3.22 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ता। शासन ने किया हस्तक्षेप मामले की गंभीरता को देखते हुए मार्च 2025 में निगमायुक्त ने शासन से मार्गदर्शन मांगा। इसके बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सचिव शीलेंद्र सिंह ने 7 जनवरी को परिषद के सभी ठहरावों को रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद अब नगर निगम को दोबारा से सही और पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया अपनाने की अनुमति मिल गई है।

आष्टा मंडी में रबी सीजन की शुरुआत, 2585 रुपये MSP से किसानों की उम्मीदें बढ़ीं

आष्टा केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीजन के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 160 रुपये की बढ़ोतरी करते हुए इसे 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। बीते साल यह मूल्य 2425 रुपये था। एमएसपी की घोषणा के बाद प्रदेश सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। किसान अब खरीदी की तारीख की प्रतीक्षा कर रहे हैं।  पंजीयन की जानकारी समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसान 7 फरवरी से 7 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। नई व्यवस्था के तहत किसान ऑनलाइन नि:शुल्क पंजीयन कर सकते हैं। वहीं कियोस्क या अन्य ऑनलाइन केंद्रों से पंजीयन कराने पर 50 रुपये शुल्क देना होगा। पंजीयन के लिए आधार कार्ड, भू-अभिलेख, ऋण पुस्तिका और आधार से लिंक बैंक खाता अनिवार्य है। किसान एप और ई-उपार्जन पोर्टल पर घर बैठे पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध है। मौसम और उत्पादन की उम्मीद इस रबी सीजन में मौसम अब तक किसानों के अनुकूल रहा है। पर्याप्त ठंड और नमी की वजह से फसल अच्छी स्थिति में है। लोकवन, तेजस, 1544 और 322 जैसी उन्नत किस्मों की बोवनी बड़े पैमाने पर की गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मौसम इसी तरह बना रहा, तो इस बार गेहूं का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है, जिससे खरीदी व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ेगा। MSP का पिछले वर्षों का सफर पिछले वर्षों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 में गेहूं का MSP 2300 रुपये था। उस पर मध्य प्रदेश सरकार ने 125 रुपये बोनस जोड़कर 2425 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदी की थी। वर्ष 2025 में केंद्र ने MSP 2425 रुपये तय किया, जबकि राज्य सरकार ने 175 रुपये बोनस जोड़कर 2600 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को भुगतान किया। अब 2026-27 के लिए MSP 2585 रुपये घोषित किया गया है। चुनावी वादा और किसानों की उम्मीद किसान राधेश्याम राय और कैलाश विश्वकर्मा का कहना है कि विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में किसानों से 2700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदी का वादा किया था। बीते वर्ष बोनस देकर सरकार इस आंकड़े के करीब जरूर पहुंची, लेकिन वादा अधूरा रहा। इस बार MSP 2585 रुपये होने के बाद किसानों को उम्मीद है कि यदि राज्य सरकार 115 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देती है, तो भाजपा अपना चुनावी वचन पूरा कर सकती है। बोनस पर टिकी निगाहें प्रदेश में भाजपा की सरकार होने की वजह से किसानों की नजरें पूरी तरह राज्य सरकार के फैसले पर हैं। पिछले वर्ष बोनस ने किसानों को बड़ी राहत दी थी। इस बार भी किसान आशा लगाए बैठे हैं कि सरकार उनकी लागत, मेहनत और भरोसे की कद्र करेगी। अब देखना है कि आने वाले दिनों में सरकार उनकी उम्मीदों को हकीकत में बदलती है या 2700 रुपये का वादा फिर इंतजार में रह जाएगा। आष्टा मंडी में रबी सीजन की नीलामी शुरू सीहोर जिले की आष्टा कृषि उपज मंडी में मंगलवार से नए रबी सीजन की गेहूं की आवक और नीलामी का औपचारिक शुभारंभ हो गया। मंडी परिसर में सुबह से ही किसानों की चहल-पहल और व्यापारियों की सक्रियता ने नए सीजन की शुरुआत खास बना दी। पहली नीलामी से उत्साह सीजन की पहली नीलामी में इछावर तहसील के ग्राम डाबला राय निवासी किसान राजाराम ने चार क्विंटल गेहूं मंडी में लाया। उसकी उपज को सात्विक एग्रो फूड इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड ने 2381 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा। पहले दिन मिले भाव ने न सिर्फ राजाराम का हौसला बढ़ाया, बल्कि मंडी पहुंचे अन्य किसानों में भी उत्साह भर दिया। एक दिन में 9904 क्विंटल आवक मंडी सचिव नरेंद्र कुमार मेश्राम ने बताया कि 3 फरवरी 2026 को आष्टा मंडी में कुल 9904 क्विंटल गेहूं की आवक दर्ज की गई। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में आवक और बढ़ सकती है क्योंकि आसपास के क्षेत्रों में फसल की कटाई जोरों पर है। उन्नत किस्मों को बेहतर भाव मंडी में गेहूं की अलग-अलग किस्मों को गुणवत्ता के अनुसार अच्छा भाव मिला। ‘गेहूं सुजाता 3006’ किस्म का उच्चतम भाव 3440 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। वहीं लोकवन किस्म 2602 रुपये से 2834 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिकी। अच्छी क्वालिटी वाले गेहूं की मांग ने मंडी में प्रतिस्पर्धा का माहौल बना दिया। शरबती गेहूं की साख आष्टा मंडी शरबती और उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं के लिए प्रसिद्ध है। यहां की फसल देश के कई हिस्सों में पसंद की जाती है। व्यापारियों का कहना है कि मंडी में आने वाले गेहूं की गुणवत्ता लगातार बेहतर हो रही है, जिससे बाहर के खरीदार ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं और किसानों को बेहतर भाव मिलने की संभावना मजबूत हुई है। पड़ोसी जिलों के किसानों का भरोसेमंद केंद्र सीहोर जिले की आष्टा और भैरूंदा मंडी बड़े व्यापारिक केंद्र मानी जाती हैं। यहां की साख ऐसी है कि हरदा, देवास और राजगढ़ जैसे जिलों के किसान भी अपनी उपज लेकर पहुंचते हैं। मंडी से खरीदा गया गेहूं महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में भेजा जाता है। बेहतर भाव और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के कारण किसान बड़ी संख्या में आष्टा मंडी का रुख कर रहे हैं।  

महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियां पूरी, आम श्रद्धालु डेढ़ किमी और पासधारी एक किमी पैदल चलेंगे

उज्जैन विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल के मंदिर में आगामी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का महापर्व पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर देशभर से उमड़ने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंध समिति ने पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं। रविवार को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए मंदिर क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। महाशिवरात्रि महापर्व 2026 (15 फरवरी) पर भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस अवसर पर सामान्य श्रद्धालुओं को लगभग डेढ़ किलोमीटर और 250 रुपए की शीघ्र दर्शन रसीद या पासधारी श्रद्धालुओं को करीब एक किलोमीटर पैदल चलने के बाद भगवान महाकाल के दर्शन होंगे। भक्तों को सुलभ और सुरक्षित दर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भस्म आरती दर्शन, लड्डू प्रसाद, पूछताछ केंद्र, पार्किंग, जूता स्टैंड, पेयजल, प्रकाश, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर मंदिर परिसर में अहम बैठक आयोजित की गईं। जिसमें कई निर्णय लिए गए। बैठक में कलेक्टर एवं मंदिर प्रशासक रौशन सिंह, प्रथम कौशिक, डीआईजी नवनीत भसीन, एसपी प्रदीप शर्मा, निगम आयुक्त अभिलाष मिश्र, सहायक प्रशासक आशीष फलवाडीया सहित मंदिर समिति के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने तैयार किया सुरक्षा और दर्शन का रोडमैप कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ दर्शन मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भक्तों को कम से कम समय में सुगमता से दर्शन हों, इसके लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की आवाजाही के रास्तों और मूलभूत सुविधाओं जैसे पीने का पानी, छाया और प्राथमिक चिकित्सा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सामान्य श्रद्धालुओं की प्रवेश-निर्गम व्यवस्था सामान्य श्रद्धालु भील समाज धर्मशाला के समीप बने द्वार से प्रवेश करेंगे। वे भील समाज धर्मशाला, चारधाम मंदिर पार्किंग, शक्ति पथ, त्रिवेणी संग्रहालय के समीप, नंदी द्वार, श्री महाकाल महालोक, मानसरोवर भवन, फेसेलिटी सेंटर-01, टनल, नवीन टनल-01 होते हुए गणेश मंडपम से भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। दर्शन के बाद श्रद्धालु आपातकालीन निर्गम द्वार से बाहर निकलकर बड़ा गणेश मंदिर, हरसिद्धि मंदिर चौराहा होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएंगे। शीघ्र दर्शन व पासधारी श्रद्धालुओं की व्यवस्था शीघ्र दर्शन 250 रुपए टिकटधारी श्रद्धालुओं के लिए अलग से बैरिकेटिंग की गई है। ये श्रद्धालु भील समाज धर्मशाला, चारधाम मंदिर पार्किंग, अशोक सेतु, मानसरोवर भवन, फेसेलिटी सेंटर-01, टनल, नवीन टनल-01 होते हुए गणेश मंडपम से दर्शन करेंगे। इसके अलावा शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालु हरसिद्धि पाल पार्किंग, बड़ा गणेश गली, प्रीपेड बूथ तिराहा, शहनाई जिगजेग, द्वार क्रमांक-01 से मंदिर में प्रवेश कर दर्शन कर सकेंगे। भस्म आरती दर्शन व्यवस्था महाशिवरात्रि पर्व पर भस्म आरती के लिए पंजीयनधारी श्रद्धालुओं का प्रवेश मानसरोवर भवन और द्वार क्रमांक-01 से निर्धारित किया गया है। पार्किंग सुविधा के लिए     पार्किंग : सामान्य श्रद्धालु के लिए कर्कराज पार्किंग, मेघदूत पार्किंग में व्यवस्था की गई है।     शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालुओं के लिए कार्तिक मेला ग्राउंड, राणौजी की छत्रि, शगुन गार्डन, महाकाल मंडपम् पर व्यवस्था की गई है।     जूता स्टैंड : सुविधा के लिए भील समाज धर्मशाला, झालरिया मठ एवं हरसिद्धि पाल पर व्यवस्था की गई।     शीघ्र दर्शन काउंटर : कर्कराज पार्किंग, हरसिद्धि पाल पार्किंग पर की जाएगी।     लड्डू प्रसाद : काउंटरों की व्यवस्था नृसिंहघाट रोड पर एवं हरसिद्धि रोड पर की जाएगी। प्रशासन की अपील मंदिर समिति और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें, सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें और धैर्य बनाए रखें, जिससे सभी भक्त सुचारू रूप से भगवान महाकाल के दर्शन कर सकें। कलेक्टर ने तैयार किया सुरक्षा और दर्शन का रोडमैप कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ दर्शन मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भक्तों को कम से कम समय में सुगमता से दर्शन हों, इसके लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की आवाजाही के रास्तों और मूलभूत सुविधाओं जैसे पीने का पानी, छाया और प्राथमिक चिकित्सा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  

दलहन क्षेत्र में नीति निर्धारण और अनुसंधान में मील का पत्थर होगा साबित : कृषि मंत्री कंषाना

दलहन क्षेत्र का राष्ट्रीय सम्मेलन 7 फरवरी को सीहोर के अमलाहा में दलहन क्षेत्र में नीति निर्धारण और अनुसंधान में मील का पत्थर होगा साबित : कृषि मंत्री  कंषाना कृषि मंत्री कंषाना का बयान: दलहन नीति निर्धारण और अनुसंधान में ऐतिहासिक पहल भोपाल प्रदेश के अमलाहा, जिला सीहोर में 7 फरवरी को दलहन उत्पादन एवं उत्पादकता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श के लिये एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में दलहन क्षेत्र की मूल संवेदनाओं, वर्तमान चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में देश के प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारीगण, दलहन अनुसंधान से जुड़े वैज्ञानिक, सरकारी बीज उत्पादक संस्थाएँ, दाल उद्योग से संबंधित प्रतिनिधि एवं अन्य सहयोगी एजेंसियाँ भाग लेंगी। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा कि दलहन उत्पादन को सुदृढ़ करने, किसानों की आय बढ़ाने तथा उन्नत तकनीकों के माध्यम से उत्पादकता सुधार पर अपने विचार साझा करेंगे। यह सम्मेलन दलहन क्षेत्र में नीति निर्धारण और अनुसंधान में मील का पत्थर साबित होगा। सम्मेलन का उद्देश्य किसानों तक नवीन शोध, गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक खेती पद्धतियों तथा बाज़ार से जुड़ी जानकारी पहुँचाना है, जिससे दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सके। साथ ही विभिन्न राज्यों के अनुभवों के आदान-प्रदान से राष्ट्रीय स्तर पर दलहन विकास की दिशा में ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।