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प्रदेश के विभिन्न अंचलों में होंगी कृषि कैबिनेट

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में जहां-जहां भी ओला-पाला से फसलें प्रभावित हुई हैं, उन जिलों के कलेक्टर्स, सर्वे कराकर तत्काल सहायता राशि किसानों को उपलब्ध कराएं। किसानों के सभी प्रकार के हित सुनिश्चित करने और उनकी आय दोगुना करने के उद्देश्य से ही वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषक कल्याण कृषि वर्ष में मालवा, निमाड़, चंबल और विंध्य अंचलों में कृषि कैबिनेट आयोजित की जाएगी। कृषि के साथ उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन जैसी गतिविधियां अपनाने के लिए कृषकों को प्रेरित किया जा रहा है। हाल ही में प्रदेश में पहली बार राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव आयोजित किया गया। पुष्प उत्पादन और देश-विदेश में फूलों की बेहतर मार्केटिंग व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रदेश में नरवाई प्रबंधन और पराली जलाने पर नियंत्रण के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। भावांतर योजना में सरसों और अन्य तिलहन फसलों को भी शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। मूंग के स्थान पर उड़द को प्रोत्साहित करने के लिए नीति बनाई जा रही है। इसके लिए किसानों को प्रेरित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कैबिनेट की बैठक से पहले मंत्रि-परिषद सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने प्रदेश में राज्य स्तरीय एमपी यूथ गेम्स-2026 के भव्य आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रतिष्ठित आयोजनों में देशज खेलों को भी शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा मेडिकल कॉलेज में 750 बेड की क्षमता वृद्धि की गई है। प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेज की क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीपशुपतिनाथ लोक में विकसित की गई सुविधाओं और प्रतिमा के क्षरण को रोकने के लिए किए गए उपाय को अनुकरणीय बताया। उन्होंने बताया कि मंदसौर के मल्हारगढ़ में आयोजित "अन्नदाता सम्मान समारोह" में भावांतर योजना में सोयाबीन उत्पादक एक लाख 17 हजार किसानों के खातें में 200 करोड़ रुपए की भावांतर राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रस्तुत केंद्रीय बजट विकसित भारत के संकल्पों की सिद्धि की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। राजनैतिक विषयों के स्थान पर वित्त आयोग के सुझावों को महत्व देना बजट की विशेषता है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने मंत्रि-परिषद सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में केंद्रीय बजट की विशेषताओं से जनसामान्य को अवगत कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कच्छ में आयोजित 'रण उत्सव' में टेंट सिटी के माध्यम से की गई ईको-सेंसेटिव आवास व्यवस्था और रोजगार के अवसर सृजित करने के नवाचार सराहनीय हैं। उन्होंने गिर राष्ट्रीय उद्यान में सफारी और रेस्क्यू सेंटर में सिंहों को देखने के लिए किए गए प्रयोगों से प्रेरणा लेते हुए उन्हें प्रदेश में लागू करने की दिशा में गतिविधियां संचालित करने की आवश्यकता बताई। 

सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों के आवासीय भूखंडों का पंजीकरण होगा नि:शुल्क

सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित आवासीय भूखंडो का पंजीयन नि:शुल्क कराये जाने का निर्णय 6 विभागों की 10 योजनाओं की निरंतरता के लिए 15,009 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति मैहर एवं कटनी जिले की 620 करोड़ रूपये से अधिक की 2 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित किये गए आवासीय भूखंडो का पंजीयन नि:शुल्क कराये जाने का निर्णय लिया गया। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अनुसार देय पंजीयन शुल्क एवं स्टॉम्य ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जायेगी। इससे 25,600 से अधिक परिवारों को लाभ होगा। इस निर्णय से राज्य शासन पर 600 करोड़ रूपये का वित्तीय भार आयेगा। मैहर एवं कटनी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मैहर एवं कटनी जिलें में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 620 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार मैहर एवं कटनी की धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना लागत 53 करोड़ 73 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। इससे 3500 हेक्टयर में सिंचाई की सुविधा प्राप्त होंगी और मैहर एवं कटनी जिले के 9 ग्राम के 2810 कृषक लाभान्वित होंगे। कटनी जिलें की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 566 करोड 92 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इससे, कटनी जिले की बरही एवं विजयराघवगढ़ तहसील के 27 ग्राम के 11,500 कृषक लाभान्वित होंगे और 20 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होंगी। 10 योजनाओं की निरंतरता की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा 6 विभागों की 10 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतरता के लिए 15,009 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार वित्त विभाग की लोक वित्त पोषित 500 करोड़ से कम की 8 योजनाओं के लिए 115 करोड़ 6 लाख रुपये, श्रम विभाग की मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपये, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना और स्थापना एवं कार्यालयीन योजनाओं के लिए 3 हजार 376 करोड़ 66 लाख रूपये, पशु पालन एवं डेयरी विभाग की डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर ब्लॉकग्रांट योजना एवं पशुपालन, पशु विकास और गौ संवर्धन योजना के लिए 6 हजार 472 करोड़ 18 लाख रुपये, महिला एवं बाल विकास की किशोर कल्याण निधि योजना और घरेलू हिंसा पीड़िता के लिए सहायता योजना के लिए 24 करोड़ 70 लाख रूपये और पिछड़ा वर्ग एवं अन्य कल्याण की अल्पसंख्यक स्वरोजगार/उद्यम योजना के लिए 21 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग कर कर्मचारियों का संविलयन महिला बाल विकास विभाग में करने की स्वीकृति प्रदान की गई।  

राज्यपाल के दौरे को लेकर प्रशासन मुस्तैद, कलेक्टर जयति सिंह ने नागलवाड़ी स्थल का किया निरीक्षण

बड़वानी. महामहिम राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने राजपुर के नागलवाड़ी स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मंच, बैठक व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, पेयजल, बिजली, साफ-सफाई एवं पार्किंग व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं ताकि राज्यपाल के आगमन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। कलेक्टर जयति सिंह ने कहा कि कार्यक्रम की गरिमा के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। सुरक्षा व्यवस्था विशेष रूप से मजबूत रखने तथा आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी एवं संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

मोहन यादव बोले—संबिधानिक बजट से मिलेगी आर्थिक दिशा, रेलवे क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार के यूनियन बजट को लेकर कहा है कि यह बजट केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि देश और राज्यों को दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती देने वाला है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों के रिन्यूएशन को इस बजट में आधार बनाया गया है ताकि चालू उद्योगों को संरक्षण दिया जा सके। समय और नई तकनीक के साथ आगे बढ़ाया जा सके। यह बात सीएम मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ सेंटर में आयोजित लाइव चर्चा में कही। बता दें कि वे यहां केंद्रीय बजट पर विस्तार से चर्चा कर रहे थे। अधोसंरचना सुधार, औद्योगिक भूमि, लघु सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर सीएम ने कहा कि बजट में अधोसंरचना सुधार, औद्योगिक भूमि और लघु सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। वित्तीय स्थिरता और सरकारी सहयोग के माध्यम से आत्मनिर्भरता को गति देने के लिए सेवा क्षेत्र को प्रमुखता दी गई है, जिससे भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकेगा। महिला सशक्तिकरण पर रहा फोकस महिला सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है। नारी सशक्तिकरण के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक जिले में हॉस्टल निर्माण, बहनों को सीधा लाभ और ग्रामीण महिलाओं के लिए 'लखपति दीदी' जैसी योजनाएं आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखेंगी। टियर-2 और 3 शहरों के विकास को मिलेगी रफ्तार सीएम मोहन यादव ने कहा कि मेट्रो सिटी प्लान मध्यप्रदेश में पहले से चल रहे हैं और प्रधानमंत्री के सहयोग से इन्हें पूरा विस्तार दिया जा रहा है, जिससे केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल स्पष्ट होता है। टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए दी गई राशि से संतुलित विकास होगा और मध्यप्रदेशआर्थिक रूप से समृद्ध बनेगा। कृषि को नहीं किया नजरअंदाज सीएम ने कहा कि ग्रीन एनर्जी के दौर में कृषि को नजरअंदाज नहीं किया गया है। कार्बन कैप्चर, हरित पहल और पर्यावरणीय संतुलन के साथ यह बजट भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सक्षम है। सीएम ने कहा कि राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने का यह नया मॉडल देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। बजट से रेलवे में क्रांति मुख्यमंत्री ने रेलवे क्षेत्र को मिले बजट को लेकर कहा की रेलवे में क्रांति आई है। मध्यप्रदेश और देश में रेल पटरी बिछाने की गति आठ गुना तक बढ़ी है। भुसावल-खंडवा रेल खंड से जुड़ी तीन परियोजनाओं को 18,500 करोड़ रुपए की मंजूरी रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ना किसानों और राज्य के विकास के लिए बड़ी उपलब्धि है। राहुल को खुद नहीं पता कि वो क्या कहते हैं- सीएम मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि रक्षा बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद उस पर सवाल उठाना समझ से परे है। राहुल गांधी को लेकर पूछे गए एक प्रश्न को लेकर उन्होंने कहा कि यह बजट भारत के मजबूत नेतृत्व और आत्मविश्वास को दर्शाता है। लेकिन फिर भी राहुल गांधी कुछ भी बोल देते हैं। सीएम ने कहा कि राहुल को खुद नहीं पता कि वे क्या कहते हैं। 

प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वैश्विक मंच पर मजबूत हुआ भारत: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वैश्विक मंच पर सशक्त हुआ भारत : उप मुख्यमंत्री शुक्ल भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका का व्यापार समझौता भरोसेमंद और दूरदर्शी साझेदारी संबंधों का सशक्त प्रतिबिंब भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर आत्मविश्वासी और प्रभावशाली शक्ति बना है। आर्थिक सुधारों, वैश्विक सहयोग और सतत विकास के प्रति प्रधानमंत्री  मोदी की प्रतिबद्धता ने भारत को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच संपन्न हुआ व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच गहरे, भरोसेमंद और दूरदर्शी साझेदारी संबंधों का सशक्त प्रतिबिंब है। यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार को नई गति प्रदान करेगा तथा निवेश, नवाचार और औद्योगिक सहयोग के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और प्रमुख क्षेत्रों में आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत करेगा। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहभागिता को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी। यह व्यापार समझौता भारत की विकास यात्रा को और तेज करेगा, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ करेगा तथा दीर्घकालिक आर्थिक समृद्धि में सार्थक योगदान देगा। यह अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने और भारत के समग्र विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील, मेक इन इंडिया को देगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ . मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। भारत-अमेरिका के बीच हुई नई ट्रेड डील अभिनन्दनीय है। यह ट्रेड डील, मेक इन इंडिया को नई गति देगी। इससे देश को प्रगति के नए अवसर प्राप्त होंगे। यह डील भारत के सशक्त नेतृत्व और विकास में साझा विश्वास को दर्शाता है। 

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में विदेशी मदिरा बरामद

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में विदेशी मदिरा बरामद भोपाल  कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन पर,सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन और नियंत्रण कक्ष प्रभारी रामगोपाल भदौरिया के नेतृत्व में भोपाल जिले की आबकारी विभाग की टीम ने की  रात्रि में मुखबिर की सूचना के आधार पर  विदिशा रोड पर  एक एरटिगा वाहन सहित 06 पेटी में 72 बॉटल कुल 54बल्क लीटर अवैध विदेशी मदिरा परिवहन का  प्रकरण दर्ज़ कियाl

डॉ. मोहन यादव के अनुसार केन्द्रीय बजट खुलेगा आर्थिक विकास के नए द्वार

आर्थिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा केन्द्रीय बजट •    डॉ. मोहन यादव  भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में हम विकसित भारत का मिशन लेकर आगे बढ़ रहे हैं। केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 मध्यप्रदेश के लिए आर्थिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा, उद्योगों को सरल प्रक्रियाएँ, निवेशकों को भरोसेमंद वातावरण, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण, एमएसएमई सेक्टर को संस्थागत समर्थन और नागरिकों को बेहतर सेवाएँ प्राप्त होंगी। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की जो नींव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रखी गई है उसे वर्ष 2026-27 के बजट ने और ज्यादा मजबूत किया है। भारत की अर्थव्यवस्था अब तेजी से नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तत्पर है। युवा शक्ति, नारी शक्ति, किसान शक्ति और उदयमिता के सहयोग से भारत ने आगे बढ़ने जो संकल्प लिया है वह कई अर्थों में अदभुत है। आज जब भारत औदयोगिक निवेश और निर्माण क्षेत्र का हब बनने जा रहा है, उसमें मध्यप्रदेश भी अपनी पूरी शक्ति के साथ योगदान देने के लिए तैयार है। हमने औदयोगिक निवेश के लिये अनूकूल वातावरण तैयार किया, जिससे निरंतर निवेश आ रहा है। नये बजट से पूरे इको-सिस्टम को नई ऊर्जा मिली है। बजट में हरित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर पूरा ध्यान केन्द्रित किया गया है। इससे मध्यप्रदेश को दीर्घकालिक लाभ होने वाला है। कृषक कल्याण और कृषि विकास को मिशन के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया गया है। इसी प्रकार सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, मैन्युफैक्चरिंग और एआई आधारित तकनीक के विकास पर बजट में ध्यान केन्द्रित किया गया है। इन तीनों क्षेत्रों में मध्यप्रदेश को हाई टेक उद्योग, डिजिटल निवेश और नवाचार आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा। इन क्षेत्रों के लिये नीतियां बनाने का काम पूरा कर लिया है। निवेश आकर्षित करने के प्रयास निरंतर जारी हैं।  केन्द्रीय बजट गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित है। यह सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी बजट है। जिस प्रकार मध्यप्रदेश में तेजी से शिक्षा का आधुनिकीकरण हो रहा है, नया बजट युवाओं के कौशल विकास और रोज़गार के लिए व्यापक अवसर लेकर आया है। शिक्षा से रोजगार एवं उदयम स्थायी समिति का गठन और 15 हजार माध्यमिक विदयालयों एवं 500 महाविदयालयों में एपीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना रचनात्मकता को बढ़ावा देगी। पर्यटन क्षेत्र में आईआईएम के सहयोग से 10 हजार गाइड्स के कौशल उन्नयन और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेलों के परिदृश्य में बदलाव लाने का लक्ष्य युवाओं को नई दिशा देगा। महिलाओं के लिये एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10 हजार करोड़ रूपये का आवंटन लाभदायी होगा। युवा भारत के लिये सेवा क्षेत्र का विस्तार संभावनाओं के नये द्वार खोलेगा और रोज़गार और उदयम के अवसर बढ़ेंगे।  महिला उदयमिता को बढ़ावा देने के लिए लखपति दीदी योजना में महिला उदयमियों को क्रेडिट लिंक आजीविका से उद्म स्वामित्व से जोड़ने में मदद मिलेगी। मध्यप्रदेश ने पहले ही इस दिशा में ठोस प्रयास किये हैं।      सिटी ईकॉनामिक रीजन बनाने की नीति मध्यप्रदेश के शहरी विकास के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी। शहरों को संगठित आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित करने में यह सहायक सिद्ध होगी। शहरी क्षेत्रों में नियोजित आर्थिक विकास, औद्योगिक व्यावसायिक क्लस्टरिंग और आधुनिक अधोसंरचना का निर्माण होगा। इससे मध्यप्रदेश के प्रमुख शहर संगठित आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित होंगे और निवेश अनुकूल शहरी अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा। यह निवेश मॉडल मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा और कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स तथा व्यापारिक सुगमता को व्यापक रूप से मजबूत बनायेगा।  बजट में सामाजिक समावेश पर पूरा ध्यान दिया गया है। आर्थिक विकास की ये पहल मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी होगी। समावेशी विकास के साथ मानव-पूंजी निर्माण को भी मजबूती मिलेगी। शी-मार्ट्स, दिव्यांगजन कौशल योजना, सभी जिलों में गर्ल्स हॉस्टल और शिक्षा कौशल आधारित पहल से सामाजिक सशक्तिकरण के साथ आर्थिक विकास को समावेशी स्वरूप मिलेगा। इससे मध्यप्रदेश में गुणवत्तापूर्ण मानव पूंजी का सृजन होगा। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को विकास के केन्द्र में रखते हुए यह बजट प्रशासनिक सरलीकरण, निवेश-अनुकूल नीतियों, संरचनात्मक सुधारों और वित्तीय स्थिरता के माध्यम से मध्यप्रदेश को तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने की ठोस आधारशिला रखता है। मध्यप्रदेश के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 केवल एक नीति-दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास का एक ऐतिहासिक अवसर है, जो मध्यप्रदेश को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में अत्यंत सहायक एवं परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगी।   (लेखक मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन हैं)  

वित्त मंत्री का बड़ा बयान: 4.63 लाख करोड़ का MP बजट, मोहन सरकार का फोकस समावेशी विकास पर

भोपाल  केंद्र सरकार के बजट के बाद अब मध्यप्रदेश की मोहन सरकार भी अपने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारियों में जुट गई है। वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इस बार का बजट 'सर्वस्पर्शी' होगा, जिसमें समाज के हर वर्ग को राहत देने की कोशिश की जाएगी। विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जिसमें सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप विकास और समावेशी विकास का रोडमैप पेश करेगी। इस बार का बजट पूरी तरह डिजिटल होगा और इसमें 'कृषि कल्याण वर्ष' के तहत किसानों, युवाओं और कर्मचारियों पर विशेष फोकस रखा गया है। समावेशी विकास और राहत पर फोकस मध्यप्रदेश विधानसभा में इस बार का बजट सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाला है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने स्पष्ट किया है कि बजट तैयार करते समय उन चार स्तंभों (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति) पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिनकी बात प्रधानमंत्री अक्सर करते हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस साल के बजट का आकार पिछले वर्ष के 4.21 लाख करोड़ से करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 4.63 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच सकता है। किसानों के लिए बड़ी योजनाओं की उम्मीद राज्य सरकार ने साल 2026 को 'कृषि कल्याण वर्ष' घोषित किया है, जिसका सीधा असर बजट प्रावधानों में देखने को मिलेगा। इस बार कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों जैसे डेयरी, मत्स्य पालन, सहकारिता और उद्यानिकी के लिए बजट में भारी वृद्धि की संभावना है। माना जा रहा है कि इन क्षेत्रों के फंड में पिछले साल के मुकाबले इस बार बड़ी बढ़ोतरी की जा सकती है ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिले। पूरी तरह 'डिजिटल' होगा बजट मध्यप्रदेश के संसदीय इतिहास में पहली बार पूरी तरह 'ई-बजट' पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा कागजी दस्तावेजों के बजाय टैबलेट के माध्यम से बजट भाषण पढ़ेंगे। इसके साथ ही सरकार अगले तीन वर्षों का विजन बताने वाला 'रोलिंग बजट' भी तैयार कर रही है, जो प्रदेश के भविष्य का रोडमैप तय करेगा।  बजट में बड़ी घोषणाएं संभव बजट में सरकारी कर्मचारियों के लिए बहुप्रतीक्षित स्वास्थ्य बीमा योजना की घोषणा हो सकती है। साथ ही, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए नए प्रावधान किए जा रहे हैं। सरकार का विशेष फोकस मेट्रोपॉलिटन रीजन और बड़े शहरों के अधोसंरचना विकास (Infrastructure) पर भी रहने वाला है। जैविक खेती और ग्रामीण विकास को बढ़ावा सरकार जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजनाओं का ऐलान कर सकती है। चूँकि 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, इसलिए खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) इकाइयों की स्थापना के लिए विशेष रियायतों की घोषणा की जा सकती है।

शिक्षा जगत में बदलाव: UGC गाइडलाइन पर उच्च शिक्षा विभाग का नया आदेश

भोपाल  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की नई गाइडलाइन को लेकर उठे विवाद और सुप्रीम कोर्ट से रोक लगाए जाने के बाद अब पुरानी गाइडलाइन लागू रहेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर कहा कि पुरानी गाइडलाइन लागू रहेगी। छात्रों की शिकायतों का निवारण यूजीसी विनियम, 2023 को सख्ती से लागू कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त विभाग ने मध्यप्रदेश की सभी शासकीय- अशासकीय विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग तथा संबद्ध कॉलेजों को नियमों पालन करने के आदेश दिए हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अधिकांश संस्थानों में लोकपाल की नियुक्ति तो कर दी गई है, लेकिन यूजीसी 2023 के प्रावधानों के अनुरूप अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे छात्रों की शिकायतें लंबित रहती हैं और उन्हें न्याय नहीं मिल पाता। अब इस लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जा सकती है। छात्रों को बताएं शिकायत कहां करना है जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक विश्वविद्यालय और कॉलेज को अपनी वेबसाइट और प्रोस्पेक्टस में एसजीआरसी के सदस्यों के नाम, पदनाम, संपर्क विवरण और लोकपाल का नाम, पता, ई-मेल आईडी तथा कार्यकाल स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर छात्र को यह जानकारी हो कि शिकायत कहां और किस प्रक्रिया से दर्ज करनी है। हर संस्थान को छात्रों के लिए ऑनलाइन शिकायत पोर्टल विकसित करना होगा। शिकायत प्राह्रश्वत होने के 15 दिनों के भीतर उसे स्क्रिप्ट के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। प्रवेश से 60 दिन पहले प्रोस्पेक्टस जारी करना होगा प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से कम से कम 60 दिन पूर्व प्रोस्पेक्टस का ऑनलाइन प्रकाशन अनिवार्य किया गया है। प्रोस्पेक्टस में पाठ्यक्रमों का विवरण, सीटों की संख्या, योग्यता मानदंड, चयन प्रक्रिया, पूरी फीस संरचना, रिफंड नीति, जुर्माना, संकाय की योग्यता, बुनियादी ढांचा, हॉस्टल, लाइब्रेरी और रैगिंग-रोधी नियमों की जानकारी देना अनिवार्य होगा। गलत या भ्रामक जानकारी पाए जाने पर छात्र सीधे एसजीआरसी और लोकपाल से शिकायत कर सकेंगे।