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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहगीरी आनंद उत्सव का उद्घाटन किया, मंच से लहराई गदा

उज्जैन  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन प्रवास के दौरान राहगीरी आनंद उत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने लोगों को योगा, सुबह-सुबह भ्रमण और व्यायाम करने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर आनंद उत्सव राहगीरी कार्यक्रम का शुभारंभ किया।  राहगीरी में पारंपरिक खेल, योग, नृत्य, संगीत और मनोरंजन का संगम देखने को मिला। यहां लोग अपने परिवार के साथ बड़ी संख्या में पहुंचे। जश्न के बीच सफाई पर भी पूरा ध्यान रखा गया। नगर निगम के कर्मचारी लगातार कार्यक्रम स्थल की सफाई में लगे रहे। इस मौके पर शहर के विकास पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। उज्जैन के परंपरागत लाठी खेल संघ ने दमदार करतब दिखाए। इस दौरान महापौर मुकेश टटवाल और बीजेपी जिला अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने भी लाठी घुमाई। युवा बीच सड़क पर गरबा और डांस करते भी दिखाई दिए। उज्जैन कोठी रोड पर आयोजित आनंद उत्सव राहगीरी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को देखकर लोगों में उत्साह रहा। बच्चे, बुजुर्ग, युवा और महिलाएं सभी मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाने के लिए उत्साहित दिखे। लोगों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि आपका स्वास्थ्य अच्छा है और परिवार के सभी सदस्य स्वस्थ हैं तो इससे बड़ा कोई सुख नहीं है। हमें अपने स्वास्थ्य के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने मंच से जनता से आह्वान किया कि बच्चे और परिवार के युवा साथी इस राहगीरी में भाग लें और इसका प्रतिदिन अनुसरण करें। जीवन में अच्छा स्वास्थ्य और निरोगी काया सबसे बड़ा सुख है। मुख्यमंत्री ने उज्जैन में इस आनंद उत्सव को बनाए रखने के लिए जनता का धन्यवाद दिया। इस अवसर पर उन्होंने बैलगाड़ी की सवारी की और जनता का अभिवादन भी स्वीकार किया। मुख्यमंत्री यादव ने 100 से अधिक मंचों पर जाकर लोगों का अभिनंदन किया। संस्थाओं द्वारा मुख्यमंत्री को साफा पहनाकर और मालाएं पहनाकर स्वागत किया गया। इस दौरान प्रेस क्लब उज्जैन द्वारा राहगीरी आनंदोत्सव में दूध-जलेबी का निशुल्क काउंटर भी लगाया।  राहगीरी में देशी खेल का आयोजन भी हुआ कार्यक्रम में अंटी (कंचे), रस्सीकूद, बोरा दौड़ और सितोलिया जैसे पुराने खेल भी आयोजित किए गए। इसके अलावा गरबा, मालवी और हरियाणवी नृत्य, योग, एरोबिक, मलखंभ और अखाड़ा प्रदर्शन भी किए गए। कार्यक्रम स्थल पर खाने-पीने के कई स्टॉल लगाए गए। कृषि विभाग की ओर से मोटे अनाज से बने हलवा, लड्डू और खिचड़ी मुफ्त में बांटी गई। इसके अलावा पोहा, जूस, फल, अंकुरित आहार और सूप के स्टॉल भी रहे। प्रेस क्लब उज्जैन की ओर से दूध-जलेबी का निःशुल्क वितरण किया गया। मुख्यमंत्री के दिनभर के कार्यक्रम     राहगीरी कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ‘उड़ान’ कार्यक्रम में मानसिक रूप से कमजोर और दृष्टिबाधित बच्चों से मुलाकात करेंगे। वे बच्चों के बनाए उत्पाद देखेंगे और उनका हौसला बढ़ाएंगे।     इसके बाद मुख्यमंत्री अटल परिसर, फाजलपुरा में बने नए स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण करेंगे। यह परिसर करीब 28 करोड़ 31 लाख रुपए की लागत से बनाया गया है।     मुख्यमंत्री आरडी गार्गी मेडिकल कॉलेज के नए ऑडिटोरियम और कन्वेंशन सेंटर का भी उद्घाटन करेंगे और कॉलेज के रजत जयंती कार्यक्रम में शामिल होंगे।     शहर में यातायात सुधार के लिए मुख्यमंत्री हरि फाटक पुल को दो लेन से छह लेन करने के काम का भूमिपूजन करेंगे।     इसके अलावा रत्नाखेड़ी में पाटीदार समाज के कार्यालय का भूमिपूजन, ग्राम डेंडिया में महालोक होटल और रिसॉर्ट का शुभारंभ और विद्या भारती भवन में निःशुल्क हृदय रोग जांच शिविर की शुरुआत भी की जाएगी।

एमपी में ठंड की वापसी, कई जिलों में कोहरा; 27-28 जनवरी में बारिश का अनुमान

भोपाल मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। सर्दी और कोहरे के बीच गुजर रहे दिनों के बाद अब प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने 27 और 28 जनवरी को राज्य के लगभग आधे हिस्से के लिए बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। इसकी वजह उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हुआ मजबूत पश्चिमी विक्षोभ बताया जा रहा है, जिसका असर अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गया है। रविवार को कई जिलों में सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे ठंड का असर बढ़ गया है। मैदानी इलाकों में दिख रहा नए सिस्टम का असर पश्चिमी विक्षोभ के चलते जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी हुई है, जबकि दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में बारिश के बाद ठंडी हवाओं ने सर्दी को और तीखा कर दिया। यही मौसम प्रणाली अब मध्य प्रदेश में भी असर दिखा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव क्षेत्र की वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और बीते 24 घंटों में ग्वालियर-चंबल अंचल के कुछ जिलों में बारिश भी दर्ज की गई है। सुबह कोहरा, दिन में बादल बढ़ाएंगे परेशानी प्रदेश के कई जिलों में सुबह के समय घना और मध्यम कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, रीवा और बुंदेलखंड के इलाकों में दृश्यता काफी कम रही, जिससे सड़क पर चलना चुनौती भरा हो गया। भोपाल समेत आसपास के जिलों में भी हल्का कोहरा छाया रहा। शनिवार को भी कई जगहों पर तेज हवाएं चलीं और दिनभर बादल बने रहे, जिससे ठंडक का एहसास बना रहा। रायसेन में तापमान गिरा, फिर लौटी कड़ाके की ठंड हिमाचल प्रदेश से उत्तराखंड तक हुई बर्फबारी के असर से रायसेन जिले में एक बार फिर ठंड बढ़ गई है। शनिवार दोपहर से मौसम में अचानक बदलाव आया, जिसके कारण दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बर्फीली हवाओं ने लोगों को फिर से सर्दी का एहसास कराया। मौसम में इस बदलाव के बाद दिन के अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। शनिवार को यह 27 डिग्री से घटकर 24 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह, रात के न्यूनतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस की कमी आई, जो 14 डिग्री से गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। कोहरे के कारण लोग घरों से नहीं निकले रविवार सुबह जिले में बर्फीली हवाओं के साथ कोहरा छाया रहा, लोगों देर तक घरों में कैद रहे। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी कुछ दिनों तक ठंडी हवाओं का प्रभाव बना रह सकता है, जिससे तापमान में और गिरावट या उतार-चढ़ाव की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों को सुबह-शाम ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। महीने के अंत में फिर ठंड की दस्तक मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक तेज ठंड से राहत मिलेगी, लेकिन जनवरी के आखिरी दिनों में सर्दी का एक और दौर देखने को मिल सकता है। शनिवार शाम नरसिंहपुर के सालीचौका इलाके में अचानक हुई तेज बारिश ने लोगों को चौंका दिया, जिससे सड़कों पर फिसलन बढ़ गई। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में आने वाले दिन मौसम के लिहाज से उतार-चढ़ाव भरे रहने वाले हैं और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। सुबह कोहरा, दिन में बादल बढ़ाएंगे परेशानी प्रदेश के कई जिलों में आज सुबह के समय घना और मध्यम कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, रीवा और बुंदेलखंड क्षेत्र में दृश्यता काफी कम रही, जिससे सड़क पर चलना चुनौतीपूर्ण हो गया। भोपाल और आसपास के इलाकों में भी हल्का कोहरा छाया रहा। शनिवार को कई स्थानों पर तेज हवाएं चलीं और दिनभर बादल बने रहे, जिससे ठंडक बनी रही। नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सीधी, रायसेन, उज्जैन, दमोह, सतना, उमरिया, राजगढ़, ग्वालियर, गुना, छिंदवाड़ा, खजुराहो, मंडला, नौगांव, सागर, मलाजखंड में भी कोहरा छाया हुआ है। दूसरी ओर, कई शहरों में रात के तापमान में गिरावट देखने को मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार-रविवार की रात में राजगढ़ सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री पहुंच गया। दतिया में 7.4 डिग्री, गुना में 7.7 डिग्री, पचमढ़ी-श्योपुर में 8.4 डिग्री, नौगांव में 9 डिग्री और रतलाम-रीवा में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 11.9 डिग्री, इंदौर में 13.2 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 15 डिग्री रहा। दो दिन गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट प्रदेश के आधे हिस्से में 27 और 28 जनवरी को बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, 26 जनवरी को उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) स्ट्रॉन्ग है। यह एमपी में भी असर दिखाएगा। इससे पहले ग्वालियर-चंबल में बादल-बारिश और कोहरे वाला मौसम है। IMD (मौसम केंद्र), भोपाल के अनुसार, उत्तर भारत में दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) सक्रिय है। वहीं, एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) और ट्रफ की भी एक्टिविटी देखने को मिली। इस वजह से पिछले 24 घंटे के अंदर ग्वालियर-चंबल के जिलों में बारिश हुई। एक दिन पहले भी छाए रहे बादल एक दिन पहले शनिवार को कई जिलों में बादल छाए रहे। छतरपुर, रतलाम समेत 10 से ज्यादा जिलों में तेज हवाएं चली। भोपाल में दिन में बादल भी छाए रहे। शनिवार को नरसिंहपुर जिले के सालीचौका क्षेत्र में देर शाम 20 से 25 मिनट तक तेज बारिश हुई। अचानक हुई बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्वालियर-चंबल के जिलों में हुई बारिश  मौसम विभाग के मुताबिक, 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस अब एमपी में असर दिखाएगा। इसका सबसे पहला असर ग्वालियर-चंबल संभाग में दिख रहा है, जहां बादल, हल्की बारिश और घना कोहरा बना हुआ है। वहीं उत्तर भारत में दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) सक्रिय है। इस वजह से पिछले 24 घंटे के अंदर नरसिंहपुर एवं ग्वालियर-चंबल के जिलों में बारिश … Read more

बॉयफ्रेंड के साथ जंगल घूमने गई थी युवती, तभी आए दो लोग और फिर

सागर   सागर जिले के गौरझामर थाना क्षेत्र में एक युवती संग गैंगरेप का मामला सामने आया है। मामला 20 जनवरी का है। युवती का कथित तौर पर गैंगरेप तब किया गया जब वह अपने एक दोस्त के साथ जंगल घूमने गई थी। पीड़िता की उम्र 20 साल के आसपास है। युवती दोस्त संग जंगल में जब एक जगह बैठी हुई थी इसी दौरान दो व्यक्ति जंगल के भीतर से ही उनके पास आए। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने इस दौरान युवती के दोस्त को पीटकर भगा दिया और फिर उसे घसीटकर जंगल के भीतर ले गए। इस दौरान युवती चीखती चिल्लाती रही और दोनों आरोपियों ने बारी-बारी से उसका रेप किया। रेप करने के बाद आरोपी उसे वहीं छोड़कर भाग गए। इसके बाद युवती किसी तरह जंगल के नजदीक मौजूद सड़क तक पहुंचने में कामयाब रही और उसने शोर मचाया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मुताबिक युवती के साथ 20 जनवरी को गैंगरेप हुआ और उसी रात आरोपियों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज हो गई थी। रेप करने के बाद आरोपी उसे वहीं छोड़कर भाग गए। कोर्ट में पेश किया गया पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है। पीड़िता का बयान दर्ज अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता की मेडिकल जांच की गई है और बयान भी दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी जंगल के पास स्थित एक छोटी बस्ती में रहते हैं। आरोपियों की पहचान रानू उर्फ ​​जयगोपाल गौर (27) और सुंदर भगवान दास (26) के रूप में हुई है।

तराना में दो गुटों के संघर्ष ने मचाई दहशत, सोहिल ठाकुर पर हमले के बाद 25 दंगाइयों को गिरफ्तार, रासुका लगाई

तराना  तराना में बजरंग दल के नगर मंत्री सोहिल ठाकुर पर हमले के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा पर काबू पाने में पुलिस-प्रशासन को तीन दिन लग गए। शनिवार को हालात सामान्य होने के बाद प्रशासन ने शांति बहाल होने का दावा किया। पुलिस के अनुसार अब तक 25 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही माहौल बिगाड़ने में शामिल आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जा रही है। 22 जनवरी गुरुवार रात से तराना में हालात बेकाबू हो गए थे। उपद्रवियों ने 12 बसें, 10 से अधिक कारें और कई बाइकें तोड़ दीं। एक दुकान, बस और आरामशीन टाल को आग के हवाले कर दिया गया। कई घरों पर जमकर पथराव हुआ। करीब 72 घंटे बाद शनिवार को स्थिति पूरी तरह शांत हुई। पुलिस ने रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 25 उपद्रवियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। बलराम जोशी मार्ग पर घरों में की गई तोड़फोड़ और पथराव को लेकर एक और एफआईआर दर्ज की गई है। स्थानीय निवासी शक्तिबाला जोशी की शिकायत पर छह से अधिक उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। पुलिस का कहना है कि अन्य चिह्नित आरोपियों की तलाश जारी है। नुकसान व कामधंधा भी प्रभावित : तराना में उपद्रव की घटना से स्थानीय रहवासी दहशत में हैं। घरों पर पथराव हुआ और वाहन तोड़ दिए गए। पीड़ितों का कहना है कि दो गुटों की आपसी रंजिश में पूरा नगर सुलग उठा। करीब 12 बसों और 10 कारों में तोड़फोड़ से लाखों का नुकसान हुआ। बस मालिक खालिक शाह ने एक बस में आग लगने से चार लाख से अधिक के नुकसान की बात कही। तीन दिन बाद बाजार खुले, लेकिन रौनक गायब रही। शाम को हिंदुवादी संगठनों ने थाना पहुंचकर कार्रवाई पर सवाल उठाए। अब सौहार्द और शांति की अपील शहर काजी सफीउल्लाह ने नगर में शांति बनाए रखने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की अपील की। विधायक महेश परमार ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अमन-चैन और भाईचारे की बात कही। पूर्व भाजपा विधायक ताराचंद गोयल ने प्रशासन पर भरोसा जताया। तिलभांडेश्वर मंदिर के महंत मोहन भारती महाराज (जूना अखाड़ा) ने नगर की प्राचीन परंपरा शांति, सामंजस्य और सद्भाव से रहने की याद दिलाते हुए संयम बरतने की अपील की। बाजार खुल गए हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 25 उपद्रवी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनके आपराधिक रिकाॅर्ड है और माहौल खराब करने में उनकी भूमिका सामने आई है। रासुका के तहत सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। – प्रदीप शर्मा, एसपी 

महिलाओं के लिए बड़ी खबर: मुफ्त गैस कनेक्शन अब तेजी से दिए जाएंगे

गुना  गुना जिले की अनुसूचित जनजाति से जुड़ी उन महिलाओं के लिए अच्छी खबर है जिनको गैस के नवीन कनेक्शन की आवश्यकता है। उज्जवला योजना 3.0 के तहत पात्र हितग्राहियों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिलेंगे। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टोरेट सभागार में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बैठक ली। बैठक का उद्देश्य योजना के तहत निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करना रहा। बैठक के प्रारंभ में जिला आपूर्ति अधिकारी अवधेश पाण्डे द्वारा उज्ज्वला योजना 3.0 की प्रगति एवं निर्धारित लक्ष्यों के संबंध में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुति में बताया गया कि योजना के अंतर्गत 25 लाख नए गैस कनेक्शन जारी किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पात्र महिलाओ को प्राथमिकता देने के निर्देश कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना 3.0 का लाभ अनुसूचित जनजाति वर्ग की ऐसी पात्र महिलाओं को दिया जाए, जिनके परिवार में पहले से किसी भी सदस्य के नाम पर गैस कनेक्शन उपलब्ध न हो। कलेक्टर ने धरती आबा योजना के अंतर्गत आने वाले गांवों को उज्ज्वला योजना के क्रियान्वयन में विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। 2 तारीख तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी 2 तारीख तक निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है, जिससे वे पारंपरिक ईधन के स्थान पर एलपीजी गैस का उपयोग कर सकें। कलेक्टर ने दिए अहम निर्देश इसके साथ ही कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य के हर पात्र परिवार तक स्वच्छ ईंधन की पहुंच सुनिश्चित हो। उज्ज्वला योजना 3.0 के माध्यम से न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य की रक्षा होगी, बल्कि जंगलों से लकड़ी लाने की मजबूरी भी कम होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मैदानी स्तर पर जागरूकता बढ़ाई जाए, ताकि कोई भी पात्र अनुसूचित जनजाति महिला योजना से वंचित न रहे। जिला प्रशासन, आपूर्ति विभाग और गैस एजेंसियों के समन्वय से योजना को प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया गया, ताकि गुना सहित पूरे मध्यप्रदेश में उज्ज्वला योजना का लाभ समय पर जरूरतमंदों तक पहुंचे। 

बसंत पंचमी का खास संयोग: तीन साल बाद शुक्रवार को, 2032 में फिर बनेगा

धार धार की भोजशाला में इस बार बसंत पंचमी और शुक्रवार का संयोग शांति के साथ बीत गया। पिछले चौबीस साल में जब भी यह खास मौका आया, तब धार में हालात काफी चुनौतीपूर्ण रहे। इतिहास के पन्नों को देखें तो चार बार ऐसे मौके आए जब प्रशासन को सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पड़े और उनमें से तीन बार तो शहर को पथराव और कर्फ्यू जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ा,लेकिन इस साल शहरवासियों और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली क्योंकि पूजा और नमाज दोनों ही बिना किसी टकराव के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गए। भोजशाला की मिल्कियत का मामला फिलहाल हाई कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट के आदेश पर पुरातत्व विभाग ने करीब तीन महीने तक यहां सर्वे का काम किया और पुरानेे अवशेषों  की खोजबीन की। हिंदू पक्ष को उम्मीद है कि आने वाले समय में कोर्ट का फैसला उनके हक में आएगा। विश्व हिंदू परिषद की ओर से भी यह बात कही गई है कि भोजशाला के निर्माण को जल्द ही एक हजार साल पूरे होने वाले हैं और तब तक वे कानूनी तरीके से अपनी कोशिशें जारी रखेंगे। आने वाले वक्त की बात करें तो पंडितों का अनुमान है कि साल 2029 में एक बार फिर बसंत पंचमी और शुक्रवार का मेल होगा। इसके बाद साल 2032 और फिर साल 2052 में भी यही स्थिति बनेगी। हालांकि इस बार का उत्सव शांति से निकल गया, फिर भी पुलिस प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। धार में 27 जनवरी तक भारी पुलिस बल शहर में तैनात रखने का फैसला लिया गया है ताकि सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।  

इंदौर में सफेद गिद्धों की बढ़ी संख्या, 9 साल बाद हुआ ‘आकाश के रक्षक’ का आगमन

इंदौर  इंदौर के आकाश से लगभग गायब हो चुकी इजिप्शियन वल्चर यानी सफेद गिद्धों की प्रजाति एक बार फिर शहर के बाहरी इलाकों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। नेचर एंड वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन एंड अवेयरनेस सोसायटी द्वारा हाल ही में किए गए एक विस्तृत सर्वे में यह सुखद जानकारी सामने आई है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ये दुर्लभ सफेद गिद्ध विशेष रूप से देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड और कंपेल के आसपास के क्षेत्रों में उड़ान भरते देखे गए हैं। सर्वे के आंकड़ों में हुआ सुधार देवगुराड़िया पहाड़ी का क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से इन गिद्धों का प्राकृतिक वास स्थल रहा है, लेकिन बीते कुछ वर्षों में इनकी आबादी में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। एनजीओ एनडब्ल्यूसीएस द्वारा हर साल दिसंबर और जनवरी के महीनों में गिद्धों की गणना के लिए सर्वे किया जाता है। इस वर्ष के सर्वे में उत्साहजनक परिणाम मिले हैं। करीब डेढ़ महीने तक चली इस प्रक्रिया के बाद क्षेत्र में 15 सफेद गिद्धों की पहचान की गई है। यदि पिछले साल के आंकड़ों से तुलना करें तो यह संख्या 7 अधिक है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि यह सुधार अभी शुरुआती है क्योंकि 9 साल पहले इसी क्षेत्र में गिद्धों की संख्या 83 हुआ करती थी। नगर निगम आयुक्त को सौंपा जाएगा प्रस्ताव गिद्धों के संरक्षण को लेकर संस्था अब ठोस कदम उठाने की तैयारी में है। एनडब्ल्यूसीएस के अध्यक्ष रवि शर्मा ने जानकारी दी कि वे लंबे समय से इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं। संस्था की योजना है कि इंदौर नगर निगम मौजूदा डंपिंग यार्ड के अलावा शहर से लगभग 15 से 20 किलोमीटर दूर एक ऐसा स्थान चिन्हित करे, जहां कचरे की प्रोसेसिंग खुले में की जा सके। इससे गिद्धों को कचरे में मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करने और भोजन प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इस प्रस्ताव को लेकर जल्द ही निगमायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। कचरा प्रबंधन और आबादी का गहरा संबंध विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में गिद्धों की संख्या कम होने का मुख्य कारण खुले क्षेत्रों में कचरा डंपिंग का बंद होना था। चूंकि सफेद गिद्ध कचरे से अपना भोजन खोजने में सक्षम होते हैं, इसलिए भोजन की कमी ने इन्हें पलायन के लिए मजबूर किया। अब पिछले दो वर्षों में भोजन की उपलब्धता में मामूली सुधार होने से इनकी संख्या फिर बढ़ने लगी है। हालांकि, वन्यजीव प्रेमियों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में कचरे की प्रोसेसिंग पूरी तरह से बंद और कवर्ड प्लांट्स में होने लगी, तो इन गिद्धों के अस्तित्व पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा सकते हैं। 

उज्जैन शहर में होगा बुलडोजर ऑपरेशन, 18 बीघा जमीन जल्द होगी खाली

उज्जैन  सिंहस्थ को देखते हुए सरकार जहां उज्जैन में शिप्रा सहित सभी जल स्रोतों में साफ पानी के लिए योजनाएं बना रही है। दावे कर रही है, लेकिन सप्तसागर से दो साल में न तो कब्जे हटे और न सीवेज मिलना रुक पाया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने नाराजगी जाहिर की है। कहा है, उज्जैन नगर निगम आयुक्त और कलेक्टर ने पहले जारी निर्देशों का न तो सही से पालन किया और न प्रगति के संबंध में समय पर हलफनामा दाखिल किया। ट्रिब्यूनल ने मुख्य सचिव को दिए निर्देश निर्देशों का पालन करने में प्रतिबद्धता व ईमानदारी की कमी को एनजीटी हल्के में नहीं लेगा। ट्रिब्यूनल ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि वे कलेक्टर व निगम कमिश्नर को निर्देशित कर तालाबों से अतिक्रमण हटवाएं। पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए कार्रवाई करें। पर्यावरण विभाग के पीएस निर्देशों के अनुपालन की निगरानी करें। शासन से भी दो हफ्ते में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी। 36 में से 18 बीघा पर अतिक्रमण सेंट्रल जोन बेंच ने प्रशांत मौर्य और बाकिर अली रंगवाला की याचिकाओं पर सुनवाई कर यह निर्देश दिए। याचिका में बताया गया कि उज्जैन जिले के सप्तसरोवर-रुद्रसागर, पुष्कर सागर, क्षीरसागर, गोवर्धनसागर, रत्नाकर सागर, विष्णुसागर और पुरुषोत्तम सागर का धार्मिक, ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व है। राजस्व रिकॉर्ड में यह तालाब गोवर्धन सागर के नाम से खसरा 1281 पर 36 बीघा जमीन में दर्ज हैं। 18 बीघा पर अतिक्रमण हो चुका है। एनजीटी के अगस्त 2024 के आदेश में समिति से जांच कराई थी। अतिक्रमण और सीवेज मिलने की पुष्टि हुई थी।

रेलवे ने शुरू की डिजिटल व्यवस्था, अब ट्रेनों में बैठे-बैठे मिलेगा स्वादिष्ट खाना

भोपाल  ट्रेन के सफर के दौरान यात्रियों को अब गर्म ताजा भोजन, मिनरल वाटर या जरूरी यात्रा जानकारी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भोपाल मंडल (Bhopal Rail Division) में एकीकृत मोबाइल ऐप सेवा को एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म सर्विस प्रोवाइडर सर्वर से कनेक्ट कर दिया है। इस आधुनिक डिजिटल पहल से रेल यात्रा पहले से कहीं अधिक आसान और सुविधाजनक हो गई है। सीट पर बैठे-बैठे मिलेगी सुविधा सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि यात्रियों की दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने यात्रा से जुड़ी अनेक सेवाओं को एक ही मोबाइल ऐप प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया है। इस ऐप के माध्यम से यात्री अपनी सीट पर बैठे-बैठे ट्रेन की लाइव लोकेशन, रिजर्वेशन चार्ट, टिकट विवरण, पीएनआर स्टेटस और ट्रेन के रनिंग स्टेटस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मिलेगा गर्म भोजन एकीकृत मोबाइल ऐप के जरिए यात्री आरक्षित टिकट, अनारक्षित टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट की बुकिंग भी आसानी से कर सकते हैं। इसके साथ ही ट्रेन सर्च, कोच और सीट लोकेशन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी तुरंत उपलब्ध हो जाती हैं, जिससे स्टेशन पर अनावश्यक पूछताछ और भीड़ से राहत मिलती है। यात्रा के दौरान भोजन की समस्या को दूर करने के लिए इस ऐप में ई-कैटरिंग सेवा को भी शामिल किया गया है। यात्री अब अपनी पसंद का गर्म और ताजा भोजन, साथ ही मिनरल वाटर, सीधे अपनी सीट पर ऑर्डर कर सकते हैं। यह सेवा समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित करती है, जिससे यात्रियों का सफर अधिक आरामदायक बनता है। 

300वीं जयंती के मौके पर कर्तव्य पथ पर गूंजेगा अहिल्या के सुशासन का संदेश, प्रदेश की झांकी पेश

 इंदौर  राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस समारोह 2026 में दिल्ली के कर्तव्य पथ पर चलने वाली मध्य प्रदेश की झांकी लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती को समर्पित है। राज्य शासन ने गणतंत्र दिवस परेड 2026 में प्रदेश की भव्य झांकी ‘पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर’ के गौरवशाली व्यक्तित्व, सुशासन, आत्मनिर्भरता, नारी सशक्तीकरण और सांस्कृतिक संरक्षण को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया है।   झांकी के अग्र भाग में लोकमाता देवी अहिल्याबाई की चिर-परिचित प्रतिमा को दर्शाया गया है, जिसमें वे हाथ में शिवलिंग धारण किए पद्मासन में विराजमान हैं। यह दृश्य भारतीय मातृशक्ति की सौम्यता, गरिमा और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। झांकी के मध्य भाग में लोकमाता अहिल्याबाई अपने मंत्रि-गण एवं सैनिकों के साथ दिखाई गई हैं, जो उनके सुदृढ़ प्रशासन और न्यायप्रिय शासन व्यवस्था को दर्शाता है। इसके निचले हिस्से में उनके शासनकाल में होलकर साम्राज्य द्वारा किए गए मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं निर्माण कार्यों का चित्रण है, जहां एक सैनिक पहरा देते हुए सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा का संदेश देता है। अंतिम भाग में देवी अहिल्याबाई की राजधानी महेश्वर के प्रसिद्ध घाट, मंदिर एवं किले को प्रदर्शित किया गया है। नीचे पवित्र नर्मदा नदी, घाट एवं नौकाओं का दृश्य अंकित है। झांकी के अंतिम छोर पर महेश्वर घाट स्थित मंदिरों के शिखर दिखाई देते हैं। वहीं भित्तिचित्रों में लोकमाता अहिल्याबाई के मार्गदर्शन में महिलाएं प्रसिद्ध महेश्वरी साड़ी की बुनाई करती हुई नजर आती हैं, जो उनके काल में नारी सशक्तीकरण, स्वदेशी उत्पादन और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रमाण है। झांकी के साथ चलते लोक कलाकारों का पारंपरिक नृत्य इस प्रस्तुति को जीवंत, रंगीन और भावनात्मक रूप से प्रभावशाली बनाता है।