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घर पर मिलेगा डाकिया, लाइफ सर्टिफिकेट की प्रक्रिया में हुआ बदलाव

भोपाल  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने ईपीएस पेंशनधारकों को बड़ी राहत देते हुए डोरस्टेप डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) की सुविधा शुरू कर दी है। अब पेंशनधारकों को सालाना जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए बैंक, डाकघर या EPFO कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे। यह सुविधा भारत पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के सहयोग से शुरू की गई है और पूरी तरह निःशुल्क है। इससे पेंशन भुगतान में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आएगी। घर आएगा डाकिया, वहीं बनेगा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट इस योजना के तहत डाक सेवक या पोस्टमैन पेंशनर के घर पहुंचकर आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (FAT) या बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तुरंत तैयार करेगा। यह सुविधा खास तौर पर बुजुर्ग, बीमार, दिव्यांग और असहाय पेंशनधारकों के लिए वरदान साबित होगी। एक कॉल पर पहुंचेगा डाक सेवक पेंशनधारक या उनके परिजन IPPB कस्टमर केयर नंबर 033-22029000 पर कॉल करके इस डोरस्टेप सेवा का लाभ ले सकते हैं। कॉल के बाद संबंधित क्षेत्र का डाक सेवक पेंशनर के घर पहुंचकर पहचान सत्यापित करेगा और तुरंत डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जनरेट कर देगा। साथ ही भविष्य में फेस ऑथेंटिकेशन के इस्तेमाल का मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। जरूरी सावधानियां इस सेवा के लिए कोई शुल्क नहीं देना है, यह पूरी तरह मुफ्त है किसी को भी पैसे न दें किसी भी अनियमितता या शिकायत की स्थिति में EPFO या IPPB की शिकायत निवारण प्रणाली में शिकायत दर्ज करें…

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जनवरी को सर्व सुविधायुक्त सशुल्क वृद्धाश्रम ‘संध्या छाया’ का करेंगे लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जनवरी को सर्व सुविधायुक्त, सशुल्क वृद्धाश्रम संध्या छाया का लोकार्पण करेंगे भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 24 जनवरी को प्रात: 11 बजे सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा नव निर्मित "सर्व सुविधायुक्त, सशुल्क वृद्धाश्रम (संध्या-छाया) का पत्रकार कॉलोनी लिंक रोड न. 3 भोपाल में लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकार्पण कार्यक्रम में राज्य स्तरीय 'स्पर्श मेला-2026' के विजेताओं को पुरस्कार तथा सिंगल क्लिक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों 327 करोड़ की राशि अंतरित करेंगे। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, सांसद श्री आलोक शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक (दक्षिण-पश्चिम) श्री भगवान दास सबनानी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने रामघाट में 11 करोड़ के नवीन फिल्टर प्लांट का किया भूमि-पूजन

मंदसौर के हर परिवार को मिलेगा शुद्ध पेयजल- उप मुख्यमंत्री देवड़ा  उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने रामघाट में 11 करोड़ के नवीन फिल्टर प्लांट का किया भूमि-पूजन मंदसौर के हर परिवार को मिलेगा शुद्ध पेयजल, उप मुख्यमंत्री देवड़ा का आश्वासन मंदसौर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि नवीन फिल्टर प्लांट के निर्माण से मंदसौर शहर के प्रत्येक परिवार को शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। उप मुख्यमंत्री देवड़ा गुरुवार को रामघाट, मंदसौर में अमृत 2.0 योजना में 11 करोड़ 11 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले नवीन फिल्टर प्लांट, वॉटर टैंक एवं डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि नगर की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए नए और आधुनिक फिल्टर प्लांट का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। यह परियोजना मंदसौर की पेयजल व्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से सुदृढ़ बनाएगी। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में अमृत 2.0 योजना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के माध्यम से सरकार द्वारा पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि देश के हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचे और वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाया जाए। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि बिजली, स्वच्छता और जल जैसी मूलभूत सुविधाएं बनाए रखना केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी नागरिकों को अपने शहर, गांव और घर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखने में सक्रिय सहभागिता करनी चाहिए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने फिल्टर प्लांट परिसर का अवलोकन भी किया। जागरूकता रथ को किया रवाना उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कार्यक्रम के बाद विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के परिवारों के शैक्षणिक, सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए संचालित जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर ने कहा कि 16 एमएलडी क्षमता के नवीन फिल्टर प्लांट के साथ तीन जल टंकियों का निर्माण एवं तेलिया तालाब का सौंदर्यीकरण एक साथ किया जाएगा। इससे मंदसौर शहर की जलापूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में चंबल नदी से लगभग 60 प्रतिशत जलापूर्ति की जा रही है। इसके साथ ही लगभग 3300 करोड़ रुपये की लागत से मंदसौर बैराज परियोजना का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे भविष्य में शहर को और अधिक जल उपलब्ध हो सकेगा। सांसद गुर्जर ने यह भी बताया कि सिवरेज परियोजना का कार्य प्रारंभ हो चुका है, जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आएगा। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, जिला योजना समिति सदस्य राजेश दीक्षित, नगर पालिका के पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।  

मुख्य आकर्षण : लोकभवन की ऐतिहासिकता और प्राकृतिक सौंदर्य

नागरिकों के लिए 25 जनवरी को दोपहर 2 बजे से खुलेगा लोकभवन मुख्य आकर्षण : लोकभवन की ऐतिहासिकता और प्राकृतिक सौंदर्य विशेष आकर्षण : “राजभवन से लोकभवन” विषय पर आधारित प्रदर्शनी भोपाल   राज्यपाल मंगुभाई पटेल के निर्देशानुसार 25 जनवरी से 27 जनवरी 2026 तक लोकभवन आमजन के लिए खोला जा रहा है। इन तीनों दिन नागरिक लोकभवन की ऐतिहासिकता, प्राकृतिक सौंदर्य एवं विशेष सजावट को करीब से देख सकेंगे। केन्द्रीय संचार ब्यूरो और मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा “राजभवन से लोकभवन” विषय पर आधारित प्रदर्शनी विशेष आकर्षण रहेगी। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने समस्त नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे लोकभवन का भ्रमण जरूर करे। लोकतांत्रिक मूल्यों को निकट से अनुभव कर संविधान के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना को और अधिक सुदृढ़ करे। यह आयोजन नागरिकों और शासन के बीच संवाद, सहभागिता और विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रवेश गेट क्रमांक- 1 से और निकास गेट क्रमांक- 4 से राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. कोठारी ने बताया कि आमजन लोकभवन का भ्रमण 25 जनवरी से 27 जनवरी 2026 तक कर सकेंगे। दिनांक 25 और 27 जनवरी को दोपहर 2 बजे से शाम 8 बजे तक प्रवेश का समय निर्धारित है। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के दिन, लोकभवन भ्रमण का समय प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। नागरिकों के लिए कुशाभाऊ ठाकरे सभागार परिसर में वाहन पार्किंग होगी। आमजन लोकभवन में गेट क्रमांक-1 से प्रवेश और गेट क्रमांक- 4 से निकास करेंगे। भ्रमण का इस प्रकार रहेगा रूट राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. कोठारी ने बताया कि लोकभवन भ्रमण के लिए आने वाले आमजन का रूट निर्धारित किया गया है। गेट क्रमांक-1 से प्रवेश के बाद नागरिक लोकभवन सचिवालय एवं व्ही.आई.पी. रोड होते हुए कांच गेट से लोकभवन परिसर में प्रवेश करेंगे। स्वर्ण जयंती सभागार (बैंक्वेट हॉल), ऐतिहासिक दरबार हॉल, तोप एवं ध्वज वंदन स्थल का अवलोकन करेंगे। इसके पश्चात सिविल डिस्पेंसरी के सामने आयोजित केन्द्र और राज्य सरकार की प्रदर्शनी, सांदीपनि सभागार के बाहर वॉटर फाउंटेन के समीप वीडियो वॉल के माध्यम से लघु फिल्मों को देख सकेंगे। नागरिक, मंदिर के सामने वाले द्वार से होते हुए, गेट क्रमांक-4 से परिसर से बाहर निकलेंगे। विशेष आकर्षण : केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्रदर्शनियां लोकभवन की ऐतिहासिकता के अवलोकन के साथ आमजन, केन्द्र एवं राज्य सरकार के विकासपरक एवं ऐतिहासिक पलों को प्रदर्शनी के माध्यम से देख सकेंगे। भारत सरकार के केन्द्रीय संचार ब्यूरो द्वारा “वीबी-जी रामजी योजना” तथा “वंदे भारत” थीम पर आधारित आकर्षक एवं सूचनात्मक प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जो नागरिकों को राष्ट्र निर्माण की योजनाओं और विकास यात्रा से परिचित कराएगी। जनसंपर्क विभाग द्वारा “राजभवन से लोकभवन” विषय पर विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मध्यप्रदेश की स्थापना से लेकर अब तक के सभी राज्यपालों की जानकारी सरल एवं रोचक रूप में प्रस्तुत की जाएंगी। लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।  

MP बजट 2026: ग्वालियर के लिए नई उड़ान और चंबल क्षेत्र के विकास को मिलेगी गति

 ग्वालियर मध्य प्रदेश के आगामी बजट 2026-27 को लेकर ग्वालियर-चंबल संभाग की उम्मीदें सातवें आसमान पर हैं। बजट से अंचल के सभी छह जिलों ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी और श्योपुर के विकास को नए पंख लगने की आस है। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किए जाने के बाद से कृषि प्रधान इस अंचल की आशाएं बलवती हो गई हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग के लिए आगामी बजट केवल वित्तीय आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि विकास की एक ऐसी पटरी साबित होगी जिस पर अंचल की रफ्तार तय होगी। किसान कल्याण वर्ष और ग्वालियर का स्मार्ट सिटी विजन मिलकर अंचल को प्रदेश का नया ग्रोथ इंजन बना सकते हैं। ग्वालियर : 2322 करोड़ रुपये का मास्टर प्लान और म्यूजिक सिटी का कायाकल्प ग्वालियर के लिए यह बजट ऐतिहासिक हो सकता है। ग्वालियर नगर निगम ने 2322 करोड़ रुपये का एक महत्वाकांक्षी बजट प्रस्ताव तैयार किया है। इसे राज्य के बजट से संजीवनी मिलने की उम्मीद है। शहर के भीतर ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, पिंक टायलेट्स और स्मार्ट शौचालयों का जाल बिछाने की योजना है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेंटर के लिए भी काफी उम्मीदें हैं। 1000 बिस्तर वाले अस्पताल को पूर्णतः क्रियाशील बनाने और सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष पैकेज की उम्मीद है। साथ ही, यूनेस्को म्यूजिक सिटी होने के नाते संगीत और कला के क्षेत्र में नई परियोजनाओं को धनराशि मिलने की आस है। मुरैना और भिंड : अटल प्रगति पथ से औद्योगिक क्रांति चंबल क्षेत्र के दो प्रमुख जिले मुरैना और भिंड के लिए सबसे बड़ी बात अटल प्रगति पथ (चंबल एक्सप्रेस-वे) की इन-प्रिंसिपल मंजूरी है। 420 किमी लंबा यह कारिडोर भिंड और मुरैना को सीधे उत्तर प्रदेश और राजस्थान से जोड़ेगा। बजट 2026 में इसके भूमि अधिग्रहण के लिए बड़े आवंटन की उम्मीद है। मुरैना में 600 मेगावाट के सोलर-प्लस-स्टोरेज प्रोजेक्ट और भिंड के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में डिफेंस सहायक इकाइयों के विकास के लिए राशि प्रविधान होने की उम्मीद है। श्योपुर : चीता स्टेट की वैश्विक ब्रांडिंग श्योपुर जिला अब प्रोजेक्ट चीता की सफलता के बाद वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी जगह बना चुका है। कूनो नेशनल पार्क के आसपास इको-टूरिज्म और चीता सफारी के विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपये से अधिक के फंड की अपेक्षा है। ग्वालियर-श्योपुर रेल लाइन के अंतिम चरण के लिए फंड की घोषणा श्योपुर के आर्थिक परिदृश्य को बदल देगी। शिवपुरी और दतिया : पर्यटन और आस्था का संगम शिवपुरी को नए एयरपोर्ट विकास (प्रस्तावित लागत 45 करोड़) और टाइगर सफारी के लिए बड़ी राशि की उम्मीद है। साथ ही पार्वती-काली सिंध-चंबल लिंक परियोजना से सिंचाई के लिए जल अभाव की समस्या दूर होने की आस है। स्किल डेवलपमेंट को लेकर पिछले बजट में जो प्रविधान किए गए थे, उनका धरातल पर क्रियान्वयन हो, ताकि युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। शिवपुरी में औद्योगिक क्षेत्र तो विकसित कर दिए गए हैं, परंतु उनमें उद्योग अब तक नहीं आ पाए हैं। इस दिशा में काम होने की उम्मीद है। यह कहते हैं क्षेत्र के लोग     बजट 2026 से मुख्य अपेक्षा है कि इसमें स्मार्ट मोबिलिटी और ग्रीन एनर्जी के लिए ठोस आवंटन हो। विशेषकर, शहर के बढ़ते दायरे को देखते हुए और कन्वेंशन सेंटर जैसे प्रोजेक्ट्स ग्वालियर को टीयर-1 शहरों की श्रेणी में खड़ा करेंगे। सरकार स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत न केवल ऐतिहासिक स्मारकों के जीर्णोद्धार के लिए फंड देगी। ग्वालियर को अब लांग टर्म बिजनेस हब के रूप में पहचान दिलाने वाले वित्तीय प्रविधानों की जरूरत है। – डॉ. प्रवीण अग्रवाल, अध्यक्ष, चैंबर ऑफ कामर्स, ग्वालियर  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सामूहिक विवाह से मजबूत होती है सामाजिक एकता

भोपाल  बसंत पंचमी पर सामूहिक विवाह सामाजिक एकता की है मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बसंत पंचमी पर हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के 121 जोड़ों के सामूहिक विवाह को सामाजिक एकता की मिसाल निरूपित करते हुए नवदम्पत्तियों को भावी जीवन के लिये शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने नवदम्पत्तियों को मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह योजना में 51-51 हजार रुपये की राशि के चेक भी भेंट किये। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  जगत प्रकाश नड्डा ने भी नवदम्‍पत्तियों को आशीर्वाद दिया। सामूहिक विवाह समारोह में एक ही मंडप के नीचे 118 हिंदू जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज से विवाह और 3 मुस्लिम जोड़ों का निकाह मौलवियों ने संपन्न कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस एकता की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने सभी जोड़ों से देश और समाज के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपेक्षा की। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक स्वस्तिवाचन और पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। वर-वधुओं ने जैसे ही एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन पर फूलों की वर्षा कर पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। विवाह की खुशी में झूमते परिजनों के नृत्य ने समारोह की रौनक और बढ़ा दी। समारोह में स्वामी राघवदेवाचार्य और साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी, केंद्रीय मंत्री  नड्डा के साथ लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, सांसद  आशीष दुबे, राज्यसभा सांसद मती सुमित्रा बाल्मीकि, महापौर  जगत बहादुर सिंह अन्नू', विधायक  अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पांडे,  नीरज सिंह और  संतोष बरकड़े, नगर निगम अध्‍यक्ष  रिकुंज विज,  रत्‍नेश सोनकर,  राजकुमार पटेल,  अखिलेश जैन सहित अन्‍य प्रतिष्ठित नागरिक उपस्थित रहे।

सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का उत्थान: वर्मा

इछावर  अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताः राजस्व मंत्री  वर्मा राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार की योजनाएं समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच रही हैं। अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्री  वर्मा शुक्रवार 23 जनवरी को आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के सामूहिक समारोह में कही। मंत्री  वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी सहायता है। इससे बेटियों के विवाह का दायित्व सम्मानपूर्वक पूरा हो रहा है। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को भावी दांपत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के अंतर्गत इछावर में भव्य सामूहिक समारोह का आयोजन किया गया। इसमें कुल 200 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इनमें 173 जोड़ों का विवाह और 27 जोड़ों का निकाह संपन्न हुआ। समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।  

भारतीय विदेश सेवा अधिकारियों ने डीजीपी कैलाश मकवाणा से की भेंट

भोपाल  पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से भारतीय विदेश सेवा अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से आज प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षणरत् भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 5 अधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। यह भेंट प्रशासनिक अनुभवों के आदान-प्रदान, आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों तथा बहु-सेवा समन्वय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित की गई।इस अवसर पर डीजीपी  कैलाश मकवाणा ने भारतीय विदेश सेवा के अधिकारियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें मध्यप्रदेश पुलिस की संगठनात्मक संरचना, कार्यप्रणाली तथा उत्तरदायित्वों से अवगत कराया। उन्होंने कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, साइबर अपराध, अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियानतथा तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की विस्तृत जानकारी दी। डीजीपी ने कहा कि प्रशासनिक सेवा में प्रवेश के साथ ही नैतिक मूल्योंको अपने आचरण में आत्मसात करना अनिवार्य हो जाता है। ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ किया गया कार्य ही किसी अधिकारी की वास्तविक पहचान और विश्वसनीयता का आधार होता है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से उनके लक्ष्यों पर संवाद करते हुए कहा कि निस्वार्थ भाव से की गई सेवा ही सच्चे अर्थों में लोकसेवा है। डीजीपी ने दुर्ग में अपनी पहली पदस्थापना के अनुभव साझा करते हुए प्रारंभिक चुनौतियों, सीख और सेवा में निरंतर आत्म-प्रेरणा बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अपने अधीनस्थ स्टाफ के प्रति व्यवहार में संवेदनशीलता रखना, उनकी बातों को गंभीरता से सुनना और समस्याओं को समझना प्रभावी नेतृत्व की पहचान है, जिससे अधिकारी स्वाभाविक रूप से सम्मान अर्जित करते हैं।अपने मुरैना कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि निरंतर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य करते हुए प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ किया जा सकता है। वहीं बस्तर में पदस्‍थापना के दौरान किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी सूचना पर त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई से जन-विश्वासमजबूत होता है। इसके अतिरिक्त मंदसौर के लॉ-एंड-ऑर्डर से जुड़े प्रसंग साझा करते हुए डीजीपी ने स्पष्ट किया कि अधिकारी के प्रत्येक निर्णय और कार्रवाई में जनता का विश्वास परिलक्षित होना चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि यह उनका सीखने का समय है, अधिक से अधिक सीखें, आवश्यकता पड़ने पर अपने सहकर्मी अथवा अपने अनुभवी अधिकारियों से परामर्श लेने में संकोच न करें, आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करें और पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ कर्तव्य निर्वहन करें। भारतीय विदेश सेवा के अधिकारियों ने अपने प्रशिक्षण अनुभव साझा करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की कूटनीतिक भूमिका, वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य तथा राज्यों की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्थाओं के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपनाए जा रहे नवाचारों, तकनीकी समाधानों और जनहित में संचालित अभियानों की सराहना की। यह संवाद विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं के मध्य सहयोग, आपसी समझ और समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।इस अवसर पर पीएसओ टू डीजीपी  विनीत कपूर, एसओ टू डीजीपी  मलय जैन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी मती नेहा भारतीय द्वारा किया गया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: वैश्विक व्यापार में भारत बना पसंदीदा साझेदार

भोपाल रोजगार मूलक व्यवसाय उद्योग स्थापना पर दी जायेगी मदद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसी भी प्रदेश की पहचान उसके केवल नक्शे से नहीं, बल्कि उपलब्धियों से भी होती है। आज मध्यप्रदेश अपनी प्रभावी नीतियों और उनके सफल क्रियान्वयन के कारण न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बना रहा है। प्रदेश औद्योगिक विकास की दिशा में तेजी से अग्रसर है और निवेश के लिए उद्यमियों को आकर्षित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम दावोस की वार्षिक बैठक में सहभागिता के बाद जबलपुर में महाकौशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री के व्यापारियों एवं उद्यमियों द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2014 के पहले की स्थिति अब पूरी तरह बदल चुकी है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर प्रगति पथ पर आगे बढ़ रहा है और आज दुनिया का हर देश व्यापार और निवेश के लिए भारत से जुड़ने को उत्सुक है। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, महापौर  जगत बहादुर सिंह 'अन्नू', सांसद  आशीष दुबे, विधायक  अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पांडे सहित व्यापारिक एवं व्यावसायिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में 200 से अधिक देशों ने भाग लिया, लेकिन सबसे अधिक फोकस भारतीय प्रतिनिधिमंडल पर रहा। भारत सरकार के साथ-साथ देश के 10 राज्यों ने भी इस मंच पर अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई, जिसमें मध्यप्रदेश विशेष रूप से उभरकर सामने आया। विशेषकर नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश ने वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा एवं पॉवर सेक्टर के माध्यम से सस्ती बिजली का उत्पादन किया जा रहा है और मात्र 2 रुपये 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास के लिए आर्थिक समृद्धि अत्यंत आवश्यक है। राज्य यदि आर्थिक रूप से समृद्ध नहीं होगा तो विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में कठिनाई आएगी। मध्यप्रदेश आज एक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है, जहां सड़क, बिजली, पानी और लैंड बैंक जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर हर प्रकार के उद्योग-व्यवसाय को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। वर्ष 2025 को मध्यप्रदेश में उद्योग रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भारत की विकास दर विश्व में सबसे तेज है। इसमें भी मध्यप्रदेश सभी राज्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश जनसंख्या के आधार पर देश में 5वें स्थान पर है। प्रदेश युवा शक्ति के मामले में पहले स्थान पर है। प्रदेश की प्रभावी नीतियों के कारण बेरोजगारी दर के मामले में मध्यप्रदेश देश के उन तीन राज्यों में शामिल है जहां बेरोजगारी की दर सबसे कम है। उन्होंने बताया कि त्रिपुरा और तेलंगाना जैसे छोटे राज्यों की तुलना में, लगभग 9 करोड़ की आबादी होने के बावजूद मध्यप्रदेश में बेरोजगारी दर कम होना प्रदेश की बड़ी उपलब्धि है। साथ ही प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में लगातार वृद्धि हो रही है, जो समृद्धि का संकेत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार रोजगार मूलक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रोत्साहन दे रही है। उद्योगों की स्थापना पर 30 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी प्रदान की जा रही है, वहीं एमएसएमई सेक्टर को 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। राज्य के संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए नई नीतियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि देश में सबसे तेज गति से मेडिकल कॉलेज मध्यप्रदेश में खोले जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज खोलने के इच्छुक उद्यमियों को 25 एकड़ भूमि मात्र एक रुपये की दर से उपलब्ध करायी जा रही है। साथ ही निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों में नीट के माध्यम से चयनित छात्रों को फीस भुगतान के लिए राज्य सरकार द्वारा ऋण सुविधा भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरी क्षेत्र औद्योगिकीकरण होने से तेजी से आगे बढ़ते हैं। प्रदेश के महानगरों के विकास के लिए औद्योगिकीकरण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जबलपुर शहर के समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इसमें जबलपुर से 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी शहरों को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज यदि देश में कहीं चीता परिवार का विस्तार हो रहा है तो वह मध्यप्रदेश में हो रहा है, जो पूरे एशिया के लिए गर्व की बात है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में हेलीकॉप्टर सेवा प्रारंभ की गई है, जिसमें 45 मिनट की यात्रा का किराया मात्र 3500 रुपये रखा गया है, जो अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। इससे प्रदेश में पर्यटन को नई गति मिलेगी।  

नागरिकों को मिलेगा लोकभवन देखने का अवसर, 25 जनवरी से

भोपाल  नागरिकों के लिए 25 जनवरी को दोपहर 2 बजे से खुलेगा लोकभवन  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के निर्देशानुसार 25 जनवरी से 27 जनवरी 2026 तक लोकभवन आमजन के लिए खोला जा रहा है। इन तीनों दिन नागरिक लोकभवन की ऐतिहासिकता, प्राकृतिक सौंदर्य एवं विशेष सजावट को करीब से देख सकेंगे। केन्द्रीय संचार ब्यूरो और मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा “राजभवन से लोकभवन” विषय पर आधारित प्रदर्शनी विशेष आकर्षण रहेगी। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने समस्त नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे लोकभवन का भ्रमण जरूर करे। लोकतांत्रिक मूल्यों को निकट से अनुभव कर संविधान के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना को और अधिक सुदृढ़ करे। यह आयोजन नागरिकों और शासन के बीच संवाद, सहभागिता और विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रवेश गेट क्रमांक- 1 से और निकास गेट क्रमांक- 4 से राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. कोठारी ने बताया कि आमजन लोकभवन का भ्रमण 25 जनवरी से 27 जनवरी 2026 तक कर सकेंगे। दिनांक 25 और 27 जनवरी को दोपहर 2 बजे से शाम 8 बजे तक प्रवेश का समय निर्धारित है। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के दिन, लोकभवन भ्रमण का समय प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। नागरिकों के लिए कुशाभाऊ ठाकरे सभागार परिसर में वाहन पार्किंग होगी। आमजन लोकभवन में गेट क्रमांक-1 से प्रवेश और गेट क्रमांक- 4 से निकास करेंगे। भ्रमण का इस प्रकार रहेगा रूट राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. कोठारी ने बताया कि लोकभवन भ्रमण के लिए आने वाले आमजन का रूट निर्धारित किया गया है। गेट क्रमांक-1 से प्रवेश के बाद नागरिक लोकभवन सचिवालय एवं व्ही.आई.पी. रोड होते हुए कांच गेट से लोकभवन परिसर में प्रवेश करेंगे। स्वर्ण जयंती सभागार (बैंक्वेट हॉल), ऐतिहासिक दरबार हॉल, तोप एवं ध्वज वंदन स्थल का अवलोकन करेंगे। इसके पश्चात सिविल डिस्पेंसरी के सामने आयोजित केन्द्र और राज्य सरकार की प्रदर्शनी, सांदीपनि सभागार के बाहर वॉटर फाउंटेन के समीप वीडियो वॉल के माध्यम से लघु फिल्मों को देख सकेंगे। नागरिक, मंदिर के सामने वाले द्वार से होते हुए, गेट क्रमांक-4 से परिसर से बाहर निकलेंगे। विशेष आकर्षण : केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्रदर्शनियां लोकभवन की ऐतिहासिकता के अवलोकन के साथ आमजन, केन्द्र एवं राज्य सरकार के विकासपरक एवं ऐतिहासिक पलों को प्रदर्शनी के माध्यम से देख सकेंगे। भारत सरकार के केन्द्रीय संचार ब्यूरो द्वारा “वीबी-जी रामजी योजना” तथा “वंदे भारत” थीम पर आधारित आकर्षक एवं सूचनात्मक प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जो नागरिकों को राष्ट्र निर्माण की योजनाओं और विकास यात्रा से परिचित कराएगी। जनसंपर्क विभाग द्वारा “राजभवन से लोकभवन” विषय पर विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मध्यप्रदेश की स्थापना से लेकर अब तक के सभी राज्यपालों की जानकारी सरल एवं रोचक रूप में प्रस्तुत की जाएंगी। लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।