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खेलो एमपी यूथ गेम्स में इस बार लोकल खेलों का रंग, पिट्ठू से मलखंब तक के मुकाबले 12 जनवरी से छिंदवाड़ा में

छिन्दवाड़ा   खेलो एमपी यूथ गेम्स में पहली बार बचपन में खेले जाने वाले खेलों के मुकाबले देखने मिलेंगे. छिंदवाड़ा जिले में 12 जनवरी से शुरू हो रहे यूथ गेम्स में पहली बार पिट्ठू और रस्साकसी जैसे पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया है. आयोजन की तैयारियों की जिम्मेदारी देने के लिए गुरुवार को कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने कलेक्टर कार्यालय सभा कक्ष में अधिकारी कर्मचारियों की बैठक ली, जिसमें यूथ गेम्स से जुड़े आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए. 21 खेलों को किया गया शामिल,पिट्ठू-रस्साकसी भी शामिल कलेक्टर हरेन्द्र नारायण ने बैठक में बताया गया कि म.प्र.शासन खेल और युवा कल्याण विभाग के निर्देशानुसार छिंदवाड़ा में "खेलो एमपी यूथ गेम्स" का आयोजन किया जा रहा है. इसके तहत ब्लॉक स्तरीय चयन प्रक्रिया व जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा. खेलो एमपी यूथ गेम्स के अंतर्गत 21 खेल – एथलेटिक्स, बास्केटबॉल, बैडमिन्टन, बॉक्सिग, पिट्ठू, क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, जूडो, कबड्डी, खो-खो, मलखम्ब, तैराकी, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, टेबिल टेनिस, योगासन, वॉलीबॉल, लॉन टेनिस, रस्साकसी व शतंरज के मुकाबलों का आयोजन किया जाएगा. इसके साथ 7 खेल – ताईक्वांडो, फेंसिंग, रोइंग, क्याकिंग-कैनोइंग, शूटिंग, आर्चरी, थ्रो बॉल के लिए खिलाड़ी सीधे राज्य स्तर के लिए चयनित होंगे. 12 जनवरी से होगी यूथ गेम्स की शुरुआत खेलो एम.पी. यूथ गेम्स के तहत जिले में ब्लॉक स्तरीय चयन प्रतियोगिता का आयोजन 12 से 15 जनवरी तक और जिला स्तरीय आयोजन 16 से 20 जनवरी तक किया जाएगा. जिला खेल अधिकारी केके चौरसिया ने बताया, '' सभी विकासखंडो में खेलो एमपी यूथ गेम्स के तहत 21 खेलों में चयन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी और जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में सभी ब्लाकों से चयनित गाइड लाइन के अनुसार जिला खेल संघों से रजिस्टर्ड खिलाड़ी भाग लेंगे. खिलाड़ी ऑनलाइन,ऑफलाइन रजिट्रेशन कर संबंधित ब्लॉक युवा समन्वयक से सम्पर्क कर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. कलेक्टर ने दी जिम्मेदारी डेट की गई फिक्स बैठक में सभी खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए स्थान और तारीखों का चयन किया गया और आयोजन के लिए सभी पीटीआई व खेल शिक्षकों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए. कलेक्टर ने कहा, '' प्रतियोगिताओं के आयोजन के दौरान खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए. आयोजन स्थल पर साफ पीने के पानी एवं समुचित स्वच्छता सुनिश्चित की जाए. एम्बुलेंस व फर्स्ट ऐड किट भी तैयार रहे.'' वहीं, पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने कहा, '' विभिन्न स्तर पर खिलाड़ियों के चयन में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती जाएगी.''

आबकारी नीति 2026-27 पर मंथन: अवैध शराब पर सख्ती, 18 हजार करोड़ राजस्व लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश

आबकारी अधिनियम प्रावधान में होगा संशोधन संभागीय एवं जिला आबकारी अधिकारियों ने भी अपने सुझाव दिये भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा शुक्रवार को नई आबकारी नीति वर्ष 2026-27 पर चर्चा के लिए इफको भवन में आयोजित बैठक में शामिल हुए। बैठक में आबकारी राजस्व बढ़ाने, अवैध शराब पर प्रभावी नियंत्रण तथा विभागीय कार्य प्रणाली को और सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत विचार- विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि नई नीति‍के लिए सभी जिला अधिकारी अपने सुझाव लिखित में भी दे सकते हैं। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने बताया कि वर्ष 1915 में बना आबकारी अधिनियम की कंडिका अगर अव्यावहारिक है तो उसमें संशोधन किया जाएगा जो कि समय के अनुकूल हो। इस वित्तीय वर्ष में आबकारी राजस्व का लक्ष्य 18 हजार करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जिसे मार्च 2026 तक पूरा किया जाना है। उन्होंने एक हजार करोड़ रुपये की आबकारी बकाया राशि की वसूली के निर्देश दिए। जिन मामलों में प्रकरण न्यायालय में लंबित हैं, वहां विशेष प्रयास कर संपूर्ण राशि की वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब के विक्रय पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। संबंधित जिलों के अधिकारियों से कहा कि किसी भी परिस्थिति में अवैध शराब का कारोबार नहीं होना चाहिए, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। हाल ही में भोपाल, धार, ग्वालियर एवं रायसेन में की गई शराब जब्ती की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए बिना परमिट शराब के परिवहन पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि सभी अधिकारी तय लक्ष्य को पूरा करें। उन्होंने कहा कि विभाग की छवि राजस्व की दृष्टि में बहुत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने विजन 2047 को पूरा करने के लिए निर्धारित राजस्व वसूली को 100 प्रतिशत पूरा करना है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं द्वारा शराब की दुकानों से संबंधित जो शिकायत प्राप्त होती है उसे गंभीरता से लेते हुए यथाशीघ्र निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी जिम्मेदारी, इच्छाशक्ति एवं मजबूती से कार्य करें। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने जहरीली शराब की घटनाओं पर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी जिले में इस प्रकार की घटना दोबारा न हो। यदि ऐसी कोई घटना सामने आती है तो संबंधि‍त जिला आबकारी अधिकारी पूर्णत: जिम्मेदार होंगे, क्योंकि ऐसी घटनाओं से सरकार की छवि धूमिल होती है। विभाग में लंबित विभागीय जांचों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण करने, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता एवं संभागीय उड़नदस्तों को और अधिक सक्रिय करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि अवैध शराब के निर्माण और विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। इसके साथ ही विभागीय अधिकारियों को उच्चतर पदनाम देकर उनका मनोबल बढ़ाने के प्रयास जारी रखने की बात कही गई, जिससे आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी हो सके। बैठक में वाणिज्यिक कर के प्रमुख सचिव श्री अमित राठौर, आबकारी आयुक्त श्री अभिजीत अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

झाबुआ के ग्रामों में विकास कार्यों को मिली नई गति

 मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने आंगनवाड़ी भवन का लोकार्पण एवं विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमि पूजन किया भोपाल महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि विकास की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और ग्रामीण अंचलों में सशक्त अधोसंरचना का निर्माण हो। सुश्री भूरिया शुक्रवार को झाबुआ जिले के विभिन्न ग्रामों में विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इसके तहत ग्राम झुमका में 11.22 लाख रुपये की लागत से निर्मित नवीन आंगनवाड़ी भवन का विधिवत लोकार्पण किया गया। साथ ही ग्राम पंचायत अंतर्गत 37.50 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित नवीन भवन निर्माण कार्य का भूमि-पूजन, ग्राम लखपुरा में 38 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित पुलिया सह स्टॉप डैम निर्माण कार्य का भी विधिवत भूमि पूजन किया गया। मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत आधारभूत संरचना का निर्माण ही समग्र विकास की कुंजी है। आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास की पहली पाठशाला होते हैं। नवीन आंगनवाड़ी भवन के निर्माण से बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधायुक्त वातावरण मिलेगा, जिससे पोषण स्तर में सुधार होगा और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी बनेंगी। मंत्री सुश्री भूरिया ने लखपुरा में पुलिया सह स्टॉप डैम निर्माण कार्य को क्षेत्र के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे वर्षा जल का संरक्षण होगा, भूजल स्तर में वृद्धि होगी और किसानों को सिंचाई हेतु पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही पुलिया निर्माण से आवागमन व्यवस्था सुदृढ़ होगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

राज्य सरकार सैनिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सैनिक केवल भारत की सीमाओं की रक्षा नहीं करते बल्कि देश के स्वाभिमान की भी रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि जो वर्दी पहन कर देश के लिए खड़ा होता है, उसके सामने पूरा राष्ट्र नतमस्तक होता है। मातृभूमि के प्रति सैनिकों के प्रेम और समर्पण के कारण ही भारत का तिरंगा शान से लहरा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत माता की सेवा में सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में राज्य सैनिक रैली को भोपाल के राजकीय विमानतल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी हम सबके लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं, सैनिकों के प्रति उनकी संवेदनाएं सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि हमारे उन वीर सैनिकों जिन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर किए, उनकी कमी तो पूरी नहीं की जी सकती, लेकिन ऐसे वीरों के परिवारों के साथ सरकार हर कदम पर खड़ी है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शहीद आश्रितों को पेंशन, वित्तीय सहायता, रोजगार और सभी मूलभूत सुविधाएँ समय पर और सम्मानपूर्वक प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि जहाँ भी आवश्यकता होगी, इन योजनाओं को और अधिक सशक्त किया जाएगा। राज्य सरकार ने शहीदों के माता-पिता को दी जाने वाली मासिक सहायता राशि अब 10 हजार रूपए प्रतिमाह कर दी है। शहीदों की पुत्रियों और बहनों के विवाह पर 51 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। युद्ध एवं सैन्य कार्रवाई में शहीद हुए सेना एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों के आश्रितों को दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ाकर 1 करोड़ रूपए की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवासरत द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिकों और उनकी पत्नियों की मासिक पेंशन राशि 8 हजार से बढ़ाकर 15 हजार प्रतिमाह की गई है, जो देश मे सर्वाधिक है। विभिन्न शौर्य एवं विशिष्ट सेवा अलंकरणों से नवाजे गए सैनिकों एवं उनके आश्रितों को राज्य शासन द्वारा सर्वाधिक सम्मान राशि दी जाती है। मध्यप्रदेश निवासी ऐसे माता-पिता, जिनकी पुत्री सेना में है, उनकी सम्मान निधि 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए प्रतिवर्ष की गई। इन्हीं प्रयासों के परिणाम स्वरूप वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश सैनिक कल्याण निदेशालय को रक्षा मंत्री द्वारा "प्रोगेसिव स्टेट ट्रॉफी" से सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है, साथ ही सैनिक विश्राम गृहों के उन्नयन का कार्य भी जारी है। प्रदेश में रोजगार एवं स्व-रोजगार के अवसरों को विस्तारित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सैनिक रैली राष्ट्र गौरव और एकता की भावना को और सुदृढ़ करे, यही कामना है। उन्होंने सभी को गणतंत्र दिवस की अग्रिम शुभकामनाएँ भी दीं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुरातत्व, दस्तावेज प्रबंधन और संग्रहालयों पर केन्द्रित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सुप्रसिद्ध पुरातत्वविद् डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर का भारतीय पुरातत्व के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान रहा है। पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर ने पुरातत्व को जन आंदोलन बना दिया था। यह उनके व्यक्तित्व और संप्रेषण का ही प्रभाव था कि उज्जैन का जन-जन अपने परिवेश को पुरातत्व की दृष्टि से देखने लगा था। पुरातत्व को लोक रुचि का विषय बनाने का डॉ. वाकणकर का प्रयास अद्भुत और अनुकरणीय था। पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर अनेक प्रतिभाओं के धनी थे। उन्होंने सितार वादन, मूर्ति कला, चित्रकला, काव्य लेखन एवं संगीत के माध्यम से भारतीय संस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाया। पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर के परिश्रम और प्रयासों से काल गणना के केंद्र डोंगला की खोज हुई। उन्होंने बताया कि पृथ्वी की दीर्घकालीन घूर्णन धुरी में परिवर्तन के कारण उज्जैन में होने वाला शून्य देशांतर-रेखा और कर्क रेखा का मिलन उत्तर की ओर खिसक कर डोंगला में हुआ। पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर ने उज्जैन क्षेत्र में गहन सर्वेक्षण किया था। शंकु की सहायता से उन्होंने कर्क रेखा की नई स्थिति का पता लगाया। पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर ने शिलाओं और गुफाओं में छिपे प्रमाणों के माध्यम से भारतीय सभ्यता की उस कहानी को दुनिया के सामने रखा, जो लिखित इतिहास से भी पहले की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में 19वें डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय सम्मान समारोह और राष्ट्रीय संगोष्ठी के शुभारंभ अवसर पर यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पद्मश्री से सम्मानित डॉ. प्रो. यशोधर मठपाल को शॉल-श्रीफल और भू वराह की प्रतिकृति तथा 2 लाख रुपये का चैक भेंट कर 19वें डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय सम्मान वर्ष 2022-2023 से सम्मानित किया। समारोह में अंतरराष्ट्रीय सितार वादक सुश्री स्मिता नागदेव एवं कवि लेखक श्री राहुल शर्मा ने सितार और कविता की जुगलबंदी से डॉ. वाकणकर द्वारा रचित कविता "इतिहास के पटल पर" का राग बैरागी भैरव में गायन प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा डॉ. वाकणकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "20वीं सदी में मध्यप्रदेश में स्वाधीनता आंदोलन 1920-1947, दुर्लभ अभिलेख और छाया चित्रों की प्रदर्शनी" पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया तथा एक स्टॉल पर कुम्हार के चाक पर स्वयं शिवलिंग की प्रतिकृति का निर्माण कर भारतीय संस्कृति, कला एवं शिल्प परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त किया। संचालनालय पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय का तीन दिवसीय राष्ट्रीय आयोजन 11 जनवरी तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भीमबेटका के शैलचित्र 30 हजार वर्ष पुराने माने जाते हैं। पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर ने वर्ष 1957 में भीमबेटका के शैलचित्रों का उत्खनन और गहन अध्ययन कर न केवल इन प्राचीन स्थलों पर प्रकाश डाला, बल्कि भारत को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान दिलाई। आज भीमबेटका केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बन चुका है। इसे विश्व धरोहर स्थल के रूप में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संचालित किया जा रहा है। पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर ने महेश्वर, मंदसौर, नावड़ाटौडी, इंद्रगढ़, मनोटी, आवरा, कायथा, आजादनगर, इंदौर, दंगवाड़ा और रूनिजा जैसे विभिन्न पुरातात्विक स्थलों के उत्खनन और अध्ययन का नेतृत्व किया। डॉ. वाकणकर का मानना था कि ऋग्वेद में वर्णित सरस्वती नदी कोई मिथक नहीं, बल्कि एक वास्तविक, विशाल प्राचीन नदी थी। उन्होंने राजस्थान, हरियाणा और गुजरात के क्षेत्रों में सर्वेक्षण कर यह दिखाने का प्रयास किया कि आज की घग्गर-हकरा नदी प्रणाली ही प्राचीन सरस्वती का अवशेष है। पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर भारत तक ही सीमित नहीं रहे। उन्होंने भारत, यूरोप और अमेरिका में 4 हजार से अधिक शैलचित्रों की खोज और अध्ययन किया। उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें पद्मश्री से अलंकृत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. वाकणकर के इस अद्वितीय योगदान के लिए पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया गया। पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विचारों से ओत-प्रोत थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. वाकणकर द्वारा पद्मश्री सम्मान ग्रहण करने के समय का संस्मरण साझा करते हुए बताया कि डॉ. वाकणकर ने राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के गणवेश का प्रमुख अंग 'ब्लैक कैप' धारण करके ही पद्मश्री सम्मान ग्रहण किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस विरासत को संजोते हुए हम विकास की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। उनके सम्मान में रातापानी अभ्यारण्य का नाम डॉ. विष्णु वाकणकर के नाम पर रखकर राज्य सरकार ने महान इतिहासदृष्टा को श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में देश में पुरातत्व संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। आज से 1000 साल पहले गुजरात के सोमनाथ महादेव मंदिर पर हुए आक्रमण के बाद आज हमारी आस्था का यह केंद्र भव्य और गौरवशाली रूप में स्थापित हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार उज्जैन में 14 जनवरी से महाकाल महोत्सव की शुरुआत करने जा रही है। राज्य सरकार उज्जैन में पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर की स्मृतियों और उनके द्वारा एकत्रित पुरातत्व ऐतिहासिक महत्व की वस्तुओं का संरक्षण करते हुए संग्रहालय को भी वर्तमान तकनीकी व्यवस्थाओं से लैस कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पुरातत्वविद डॉ. मठपाल को राष्ट्रीय सम्मान, पुरातत्व एवं शैल चित्र अध्ययन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। डॉ. मठपाल एक वरिष्ठ पुरातत्वविद, चित्रकार, क्यूरेटर और शैल चित्र संग्रहण विशेषज्ञ हैं। डॉ. मठपाल ने पश्चिमी घाट, हिमालय, विंध्य और कैमूर पर्वत श्रृंखलाओं में 400 से अधिक प्राचीन गुफाओं की खोज की है। मध्यप्रदेश के पुरातत्व कला और संस्कृति में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। शैल चित्र संरक्षण की वैज्ञानिक पद्धतियों के विकास में उनके योगदान ने भारत की प्रागैतिहासिक विरासत के अध्ययन और संरक्षण को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा प्रदान की है। कार्यक्रम में सचिव पर्यटन श्री टी. इलैयाराजा तथा आयुक्त पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय श्रीमती उर्मिला शुक्ला तथा राष्ट्रीय स्तर के प्रख्यात विचारक तथा विशेषज्ञ उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रवासी भारतीय दिवस पर दीं शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रवासी भारतीय दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं के साथ जुड़ाव तथा विदेशी धरती पर प्रगति के नए अध्याय लिख रहे अप्रवासी भारतीयों पर हम सभी को गर्व है। प्रवासी भारतीय भाई-बहन, दुनिया में भारत को गौरवान्वित करते रहें, यही मंगलकामनाएं हैं।

मुख्यमंत्री ने किया सीधी जिले में 201 करोड़ रूपए के 209 विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण

बहरी में खुलेगा नया कॉलेज, सिंहावल और देवसर के कॉलेज में विज्ञान और वाणिज्य संकाय किए जाएंगे शुरू देवसर में लगेगी फुल टाइम एडिशनल कलेक्टर कोर्ट गोपद नदी पर बनेगा 500 मीटर लंबा पुल, महान नदी पर बनेगा रपटा बहरी से चुरहट तक बनेगी 64.54 कि.मी. लंबी टू लेन रोड सीधी में लगाए जाएंगे सभी प्रकार के उद्योग संकल्प से समाधान महाभियान-1 चलेगा 12 जनवरी से 31 मार्च तक   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सबके सहयोग से हम एक नया मध्यप्रदेश गढ़ने जा रहे हैं। विकसित मध्यप्रदेश के लिए गांव, गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, सभी को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाना जरूरी है और हम इसी दिशा में मिशन मोड में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश के किसी भी क्षेत्र को विकास से वंचित नहीं रहने देंगे। विकास की राह पर हम सब मिलकर आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को सीधी जिले की सिंहावल विधानसभा क्षेत्र के तहसील मुख्यालय बहरी में विभिन्न शासकीय विभागों के हितग्राहियों के प्रशिक्षण सह उनमुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनता का सरकार पर अटूट विश्वास ही हमें प्रदेश के समग्र विकास और कल्याण के लिए नई ऊर्जा और ताकत देता है। नए विकास कार्यों और नवरोजगार सृजन से हम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती देने के लिए हर जरूरी प्रयास कर रहे हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम बहरी से ही सीधी जिले के लिए 201 करोड़ 64 लाख रूपए की लागत वाले कुल 209 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इसके अतिरिक्त 11 करोड़ 58 लाख रूपए की लागत से एक बगिया माँ के नाम के अंतर्गत 505 कार्यों का भी शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने 133 करोड़ 62 लाख रूपए के 30 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 68 करोड़ रूपए से अधिक की लागत वाले 179 विकास कार्यों का लोकार्पण कर सीधी जिलेवासियों को कई निर्माण कार्यों की सौगातें दीं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहरी में नया कॉलेज खोलने की घोषणा की। यह कॉलेज अगले सत्र से ही प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ग्राम बहरी से चुरहट तक 129 करोड़ की लागत से 64.54 कि.मी. लंबे टू-लेन रोड निर्माण की भी घोषणा इस मौके पर की। उन्होंने सिंहावल और देवसर के महाविद्यालयों में विज्ञान और वाणिज्य संकाय की कक्षाएं प्रारंभ करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने देवसर में वर्तमान में संचालित पार्ट टाइम एडिशनल कलेक्टर कोर्ट को अब फुल टाइम संचालित किए जाने की घोषणा की। साथ ही सीधी जिले की गोपद नदी पर 500 मीटर लंबा एक नया पुल तथा महान नदी पर रपटा बनवाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहावल विधानसभा क्षेत्र के कुछ स्कूलों को हाईस्कूल से हायर सेकेण्डरी स्कूल में प्रोन्नत करने तथा कुछ गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बहरी तहसील क्षेत्र के सभी गांवों में सिंचाई की स्थायी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीधी जिले में सभी प्रकार के उद्योग-धंधे लगाए जाएंगे। पंजा दरी सीधी की पहचान है। सिंहावल ब्लॉक के क्लस्टर में पंजा दरी और कालीन बुनाई की विभिन्न इकाइयां हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सीधी की पंजा दरी को जीआई टैग दिलाने के लिए प्रयासरत है, हम पंजा दरी को वैश्विक पहचान दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर में भारी निवेश आ रहा है। इससे पंजा दरी कला को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय युवा दिवस 12 जनवरी से 31 मार्च तक 'संकल्प से समाधान अभियान-1' चलाया जाएगा। इसमें नागरिकों को सरकार की 106 प्रकार की हितग्राहीमूलक योजनाओं/सेवाओं/सुविधाओं का घर-घर जाकर लाभ प्रदाय किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोन नदी के किनारे सीधी जिला सोने की नगरी के समान है। आज यहां 201 करोड़ की लागत से क्षेत्र के विकास के लिए लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किए गए हैं। इसमें सीधी जिले में नए जनपद भवन, ग्राम पंचायत भवन, बालक-बालिका छात्रावास जैसे विभिन्न निर्माण कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार नारी सशक्तिकरण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए यह पूरा साल आरक्षित कर दिया है। प्रदेश के सभी पात्र किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सालभर में 12 हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। हमारी लाड़ली बहनों को हर महीने दी जा रही सहायता राशि लगातार बढ़ती जाएगी। अभी हर महीने 1500 रुपए दिए जा रहे हैं। इससे बहनें उद्यमी और आत्मनिर्भर बन रही हैं। घर का खर्च चलाने के साथ बच्चों के ट्यूशन फीस भी भर रही हैं। लाड़ली बहनों को सरकार ने लगभग 50 हजार करोड़ रुपए दिए हैं। बहनों को रोजगार आधिरित उद्योगों में काम करने पर 5000 रुपए महीने का अतिरिक्त लाभ भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने विगत 2 सात में ही 10 लाख हैक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ा दिया है। नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से अभी प्रदेश में 55 लाख हैक्टेयर सिंचाई का रकबा पहुंचा है। अगले 5 साल में इसे 100 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य हमने रखा है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए गौपालन एवं दूध उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की गई है, जिसमें लाभार्थियों के लिए 40 लाख रुपए तक के अनुदान का प्रावधान है।   क्या है संकल्प से समाधान महाअभियान-1 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के दौरान घोषणा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस 12 जनवरी से 31 मार्च तक प्रदेश में 'संकल्प से समाधान महाअभियान-1' चलाया जाएगा। इसमें नागरिकों को राज्य सरकार की 106 प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की घर पहुंच सेवा उपलब्ध कराई जाएंगी। इस दौरान पूरे प्रदेश की हर विधानसभा, ब्लॉक, तहसील, जिले, गांव-गांव और नगरों के वार्डों-मोहल्लों तक भी शासकीय अधिकारी पहुंचेंगे और पात्र हितग्राहियों को सभी योजनाओं का लाभ दिलाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया‍ कि इस महाभियान के पहले चरण में … Read more

इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर कलेक्टर शिवम वर्मा और पूर्व निगमायुक्त के खिलाफ परिवाद दायर

 इंदौर  इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीकर लोगों की मौत होने के मामले में अब एक नया कोर्ट केस दायर किया गया है. यह केस दूषित पानी के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए लगाया गया है. भागीरथपुरा के रहने वाले रामू सिंह द्वारा वकील दिलीप नागर के माध्यम से कोर्ट में यह परिवाद लगाया गया है. इस याचिका में बताया गया है कि 2 साल से भागीरथपुरा के लोग गंदा पानी पी रहे हैं. 2024 में एक युवती की दूषित पानी पीने से मौत हो गई थी. इसके बाद से यहां की नर्मदा पाइपलाइन बदलने की नोटशीट जारी हो गई थी. इसके टेंडर भी हो गए थे, लेकिन तत्कालीन निगमायुक्त और वर्तमान इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने टेंडर को दबा लिया, उनके बाद आए निगमायुक्त दिलीप यादव ने भी यह टेंडर पास नहीं किया. लगातार लोगों के बीमार और मौत होने के बाद 30 दिसंबर को यह टेंडर पास किया गया था. यदि यह टेंडर समय पर पास हो जाता तो इतने लोगों की जान नहीं जाती. इस वजह से तत्कालीन दोनों निगमायुक्त, अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और जल कार्य अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज किए जाने का आवेदन रामू के वकील बाणगंगा थाने गए थे, वहां पुलिस द्वारा आवेदन नहीं लिए जाने की वजह से रामू को वकील के माध्यम से जिला कोर्ट में परिवाद लगाकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग कोर्ट से की गई है. साथ ही मांग की गई है कि जांच होने तक सभी अधिकारियों को उनके पद से हटाया जाए. सरकार ने इतने लोगों की जान लेने वाले अधिकारियों की पदोन्नति की है. कोर्ट ने 24 जनवरी तक पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश बाणगंगा थाना प्रभारी को दिए है.

एम.पी. ट्रांसको का बड़ा कदम, 40 एम.व्ही.ए. पॉवर ट्रांसफार्मर की साईट पर हुई मेजर रिपेयरिंग

एम.पी. ट्रांसको ने 40 एम.व्ही.ए. पॉवर ट्रांसफार्मर की साईट पर ही की मेजर रिपेयरिंग इन-हाउस तकनीकी क्षमता का बना उत्कृष्ट उदाहरण भोपाल एम.पी. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के इंजीनियर्स ने अपनी तकनीकी दक्षता, मटेरियल मैनैजमेंट और त्वरित निर्णय क्षमता का प्रभावी परिचय देते हुए 40 एम.व्ही.ए. क्षमता के एक अत्यधिक क्षतिग्रस्त पॉवर ट्रांसफार्मर की सब स्टेशन स्थल पर ही मेजर रिपेयरिंग कर उसे सफलतापूर्वक पुनः ऊर्जीकृत किया। इस प्रयास से कंपनी को संभावित आर्थिक नुकसान से तो बचाया जा सका, साथ ही रबी फसल के महत्वपूर्ण लोड सीजन के दौरान ट्रांसमिशन नेटवर्क में लंबे आउटेज की आशंका को भी समाप्त किया गया। मनगवां में क्षतिग्रस्त हुआ था ट्रांसफार्मर रीवा जिले के 132 के.व्ही. सब स्टेशन, मनगवां में स्थापित 40 एम.व्ही.ए. पॉवर ट्रांसफार्मर तकनीकी कारणों से आग लगने के चलते गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। ट्रांसफार्मर निर्माता कंपनी के इंजीनियर द्वारा निरीक्षण के बाद यह अभिमत दिया गया कि ट्रांसफार्मर की साईट पर रिपेरिंग संभव नहीं है। इसे कंपनी के वर्कशॉप में भेजकर रिपेयरिंग कराना आवश्यक होगा। रबी सीजन के दौरान क्षेत्रीय ट्रांसमिशन नेटवर्क में 40 एम.व्ही.ए. क्षमता की महत्ता एवं स्थानीय ट्रांसमिशन नेटवर्क आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए एम.पी. ट्रांसको प्रबंधन द्वारा इसे साईट पर ही रिपेयर करने का निर्णय लिया गया। अधीक्षण अभियंता शर्मा की अगुवाई मुख्यालय जबलपुर वृत्त के अधीक्षण अभियंता आर.सी. शर्मा के मार्गदर्शन में साईट पर ही मेजर रिपेयरिंग के लिये विस्तृत तकनीकी कार्य योजना तैयार की गई। प्रदेश के विभिन्न स्थलों पर उपलब्ध ट्रांसफार्मर स्पेयर्स, जिनमें एच.वी./एल.वी. बुशिंग, प्रेशर रिलीफ डिवाइस, ऑयल वॉल्व, विभिन्न ओ-रिंग्स एवं गैस्केट्स (जो ट्रांसफार्मर में ऑयल लीकेज रोकने हेतु आवश्यक होती हैं), की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित की गई। जबलपुर के कार्यपालन अभियंता नरेन्द्र पटेल के साथ अधीक्षण अभियंता शर्मा द्वारा मनगवां में कैंप कर लगभग 15 दिनों में उच्च तकनीकी स्तर के रिपेयरिंग कार्यों को चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया गया। इस दौरान क्षतिग्रस्त बुशिंग को डिस्मेंटल कर उनके स्थान पर लोकली मॉडीफाइड बुशिंग टरेट में फिटमेंट, ट्रांसफार्मर के टॉप कवर सहित विभिन्न पार्ट्स की गैस्केट रिप्लेसमेंट, आवश्यक प्री एवं पोस्ट-रिपेयर टेस्टिंग, ट्रांसफार्मर ऑयल फिल्ट्रेशन एवं अन्य प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक संपादित किया गया। रिपेरिंग और टेस्टिंग के उपरांत ट्रांसफार्मर को सुरक्षित रूप से पुनः सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया।  

भोपाल ग्रामीण के 12 हजार 785 उपभोक्‍ताओं को दिसंबर माह में 15 लाख 76 हजार की छूट

भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के अंतर्गत 4 लाख 29 हजार 935 स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को उनके मासिक विद्युत बिल में टाइम ऑफ डे (ToD) छूट का लाभ प्रदान करते हुए दिसंबर 2025 में कुल 2 करोड़ 71 लाख 72 हजार की रियायत प्रदान की गई है। इसमें भोपाल ग्रामीण वृत्‍त के 12 हजार 785 उपभोक्‍ताओं को 15 लाख 76 हजार रूपए की दिन के टैरिफ में छूट मिली है। कंपनी द्वारा स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनकी खपत के आधार पर टाइम ऑफ डे (ToD) छूट के तहत यह रियायत प्रदान की गई है।