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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के पहले दिन 1.12 करोड़ बच्चों एवं किशोरियों को दी गई कृमिनाशन खुराक

भोपाल  मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (National Deworming Day) के अंतर्गत 06 अक्टूबर 2026 को प्रदेशभर में कृमिनाशन गतिविधियां आयोजित की गईं। प्रथम दिवस की अब तक प्राप्त प्रारंभिक रिपोर्टिंग के अनुसार, प्रदेश में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 1.12 करोड़ बच्चों एवं किशोरों तथा प्रजनन आयु वर्ग (WRA) की लगभग 1 लाख महिलाओं को कृमिनाशन हेतु एल्बेंडाजोल की निर्धारित खुराक दी गई। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान का उद्देश्य बच्चों, किशोरों एवं लक्षित प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं में आंतों के कृमि संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण करना है। कृमि संक्रमण के कारण होने वाली पोषण संबंधी समस्याओं एवं एनीमिया के जोखिम को कम करने तथा बच्चों एवं किशोरों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और शारीरिक एवं मानसिक विकास में सहयोग के लिए नियमित कृमिनाशन महत्वपूर्ण है। अभियान के अंतर्गत विद्यालयों, आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं सहित विभिन्न सेवा प्रदायगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को कृमिनाशन सेवाएं प्रदान की गईं। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर दवा सेवन से वंचित रहे पात्र हितग्राहियों के लिए 09 अक्टूबर 2026 मॉप-अप राउंड आयोजित किया जाएगा। मॉप-अप राउंड के दौरान प्रथम दिवस पर अनुपस्थित अथवा किसी अन्य कारण से एल्बेंडाजोल की खुराक नहीं ले सके पात्र बच्चों, किशोरों एवं लक्षित प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं को कृमिनाशक दवा दी जाएगी, ताकि अभियान के अंतर्गत अधिकतम पात्र हितग्राहियों का कवरेज सुनिश्चित किया जा सके।  

अपराध स्थल से न्यायालय तक—वैज्ञानिक साक्ष्य, पुलिस जांच और अभियोजन की पूरी प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन

भोपाल  नवीन न्याय संहिताओं के प्रावधानों और अपराध की सूचना से लेकर न्यायालय के अंतिम निर्णय तक की पूरी प्रक्रिया को आमजन के लिए सरल, रोचक और व्यावहारिक रूप में समझाने के उद्देश्य से बीएचईएल दशहरा मैदान में आयोजित प्रदर्शनी में वैज्ञानिक अनुसंधान एवं फॉरेंसिक जांच के महत्वपूर्ण पहलुओं का सजीव नाट्य मंचन किया गया। प्रदर्शनी में यह दिखाया गया कि किसी अपराध के बाद पुलिस द्वारा घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करने से लेकर फॉरेंसिक प्रयोगशाला में परीक्षण, रिपोर्ट तैयार करने और आगे की कानूनी कार्रवाई तक विभिन्न विशेषज्ञ एवं इकाइयां किस प्रकार समन्वय के साथ कार्य करती हैं। प्रदर्शनी में फॉरेंसिक जांच की पूरी प्रक्रिया को अपराध स्थल से प्रयोगशाला तक चरणबद्ध रूप से प्रस्तुत किया गया। मध्यप्रदेश में विकसित फॉरेंसिक जांच व्यवस्था के अंतर्गत सभी जिलों में उपलब्ध Mobile Forensic Units की भूमिका को भी प्रदर्शित किया गया। प्रशिक्षित फॉरेंसिक विशेषज्ञ अपराध स्थल पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्यों का collection, documentation, photography एवं videography किस प्रकार करते हैं, इसे सजीव प्रस्तुति के माध्यम से समझाया गया। प्रदर्शनी में यह भी बताया गया कि BNS की धारा 176(3) के प्रावधानों के अंतर्गत निर्धारित गंभीर अपराधों में crime scene examination तथा photography/videography का विशेष महत्व है। अपराध स्थल पर उपलब्ध साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित करना और उनका दस्तावेजीकरण आगे की जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत आधार प्रदान करता है। सजीव मंचन में फॉरेंसिक जांच के विभिन्न चरणों को इस प्रकार प्रस्तुत किया गया कि आमजन आसानी से समझ सकें कि—         · Crime Scene पर Mobile Forensic Unit/Forensic Expert वैज्ञानिक साक्ष्यों का documentation और collection करता है।         · Hospital में Post-Mortem Forensic Medicine Expert द्वारा किया जाता है, जिसमें मृत्यु के कारण, प्रकृति तथा अन्य medico-legal aspects का परीक्षण किया जाता है।         · FSL Laboratory में Scientific Officer/Forensic Scientist द्वारा जब्त exhibits का वैज्ञानिक परीक्षण कर examination report तैयार की जाती है। DNA से Voice Analysis तक—प्रयोगशाला में वैज्ञानिक परीक्षणों का प्रदर्शन प्रदर्शनी में फॉरेंसिक विज्ञान की विभिन्न शाखाओं में होने वाली वैज्ञानिक परीक्षण प्रक्रियाओं को भी व्यावहारिक रूप से प्रदर्शित किया गया। इसमें DNA, Biology, Chemistry, Toxicology, Ballistics, Physics तथा Voice Analysis से संबंधित परीक्षणों को सरल एवं समझने योग्य तरीके से प्रस्तुत किया गया। आगंतुकों को यह दिखाया गया कि अपराध स्थल से प्राप्त साक्ष्य किस प्रकार प्रयोगशाला तक पहुंचते हैं, विभिन्न शाखाओं के विशेषज्ञ उनका वैज्ञानिक विश्लेषण किस प्रकार करते हैं और परीक्षण के आधार पर निष्कर्ष तक पहुंचने के बाद रिपोर्ट किस प्रकार तैयार की जाती है। प्रदर्शनी में e-Forensic 2.0 प्रणाली के माध्यम से फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने, उसके डिजिटल संधारण तथा पुलिस एवं माननीय न्यायालय को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी सजीव नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से समझाया गया। इस प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आधुनिक पुलिसिंग में वैज्ञानिक साक्ष्य केवल जांच को दिशा देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया को भी अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ‘मुस्कान अभियान’ और महिला सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं भी प्रदर्शनी में प्रदर्शित प्रदर्शनी में ‘मुस्कान अभियान’ के माध्यम से बाल सुरक्षा के प्रति मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशील एवं समन्वित कार्यप्रणाली की जानकारी प्रदर्शित की गई है। इसमें बालक-बालिकाओं के गुम होने की सूचना मिलने पर थाना पुलिस, जिला पुलिस, साइबर सेल, जीआरपी तथा महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़ी इकाइयों द्वारा किए जाने वाले समन्वित प्रयासों को दर्शाया गया है। तकनीकी विश्लेषण, CCTV फुटेज, अंतर्राज्यीय समन्वय तथा अन्य माध्यमों से गुमशुदा बच्चों की तलाश और उन्हें सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी जा रही है। प्रदर्शनी में बाल सुरक्षा से जुड़े गुड टच-बैड टच, POCSO Act, साइबर सुरक्षा, बाल अधिकार, बाल विवाह, लैंगिक समानता एवं सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार जैसे विषयों पर पुलिस द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर किए जाने वाले जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जा रही है। महिला हेल्प डेस्क की भूमिका और थानों में महिलाओं को उपलब्ध कराए जाने वाले सहज एवं संवेदनशील प्रथम संपर्क बिंदु की जानकारी भी दी जा रही है। महिला हेल्प डेस्क के माध्यम से महिलाओं को पुलिस प्रक्रिया, उनके विधिक अधिकारों तथा आवश्यक सहायता के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। विद्यार्थियों और युवा आगंतुकों में भी दिखा उत्साह, पुलिस प्रदर्शनी बनी सीखने का अनुभव प्रदर्शनी में विद्यार्थियों एवं युवा आगंतुकों की भी उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिल रही है। एक्सीलेंस कॉलेज, भोपाल के फोरेंसिक विषय के विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा FSL अधिकारी डॉ. प्रीति गायकवाड़ द्वारा उन्हें फोरेंसिक विज्ञान एवं अपराध अनुसंधान से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया गया। विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी के क्विज जोन में भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और डायल-112 की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल के विद्यार्थियों ने पुलिस बैंड दल की आकर्षक एवं मनमोहक संगीतमयी प्रस्तुति का आनंद लिया। वहीं विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी में प्रस्तुत अभियोजन एवं न्यायालय से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन कर न्यायिक प्रक्रिया को नजदीक से समझने का अनुभव प्राप्त किया। प्रदर्शनी के अवलोकन के बाद युवा विद्यार्थियों ने अपने अनुभव भी साझा किए और पुलिस की कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक, फोरेंसिक अनुसंधान तथा नागरिक सुरक्षा से जुड़ी प्रस्तुतियों को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।  

प्रधानमंत्री मोदी ने लोकतंत्र को गौरवान्वित करते हुए सार्वजनिक जीवन जिया है

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का जन्मदिवस सेवा के संकल्प को साकार करते हुए मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी ने विकास को विरासत से जोड़कर आगे बढ़ाया है। कई सालों तक ब्रिटिश काल में बने भवन में हमारी संसद चलती रही। लेकिन अब हमारी संसद का नया भवन ऐसा बना है, जिसमें भारतीयता के दर्शन होते हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने लोकतंत्र को गौरवान्वित करते हुए सार्वजनिक जीवन जिया है। यह गर्व का विषय है कि अमेरिका के राष्ट्रपति भी हमारी चुनाव प्रक्रिया की तारीफ करते हुए उसे अपनाने की मंशा जताते हैं। प्रधानमंत्री  मोदी की छवि वैश्विक नेताओं के बीच विशिष्ट दिखती है। प्रधानमंत्री  मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस उपलब्धि पर सेवा संकल्प अभियान-2026 में पूरा देश एक साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत राज्य स्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टी.टी. नगर भोपाल में आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभकिया। कार्यक्रम वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुआ। 55 जिलों से चयनित उत्कृष्ट चित्रकला कृतियों का हुआ प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर प्रदेश के 55 जिलों से चयनित उत्कृष्ट चित्रकला कृतियों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में राज्य स्तरीय भाषण प्रतियोगिता के प्रथम तीन विजेताओं ने भाषण भी प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटे-बेटियों की चित्रकला प्रतिभा और भाषण की दक्षता की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारे विद्यार्थियों ने अपने मन के भाव को भाषण और चित्रों के माध्यम से बहुत प्रभावी तरीके से अंकित और अभिव्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेरे सपनों का भारत-राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त अशोक नगर की सु जी मिश्रा का वक्तव्य सुना। द्वितीय स्थान पर रहीं जिला धार की सु छवि मंगरोलिया और तृतीय पर रहीं गुना जिले की सु रानी रजक के विचार भी सुने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त नरसिंहपुर जिले की आयुष अहिरवार, द्वितीय स्थान पर रहीं बालाघाट की सु डीनू बोपचे और तृतीय स्थान पर रहीं टीकमगढ़ की सु आयुषी सिद्धी नामदेव को पुरस्कार प्रदान किए। पांच जिला शिक्षा अधिकारियों को मिला सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य के लिए अधिकारियों को भी सम्मानित किया। इसके अंतर्गत जिला शिक्षा अधिकारियों में सतना की  सलोनी शर्मा, नरसिंहपुर के  अनिल कुशवाहा, बालाघाट की सु धन जैन, अनूपपुर के  तुलाराम आरमो, उज्जैन के  महेंद्र खत्री तथा लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के संयुक्त संचालक  एच.एन. नेमा को उनके सराहनीय योगदान और निष्ठापूर्ण सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कार्यक्रम में शासकीय बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोरसा जिला मुरैना की कक्षा 10वीं छात्रा कुमारी इकरा ने सम्पर्क कर उनसे कठिन परिस्थितियों में आगे पढ़ाई संबंधी अपनी समस्या साझा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिटिया इकरा को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। देश के साथ मध्यप्रदेश भी तेजी से बदल रहा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी तीन बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने और अब तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री के कार्यकाल में उन्होंने राज्य की अनेक चुनौतियों को समाप्त करते हुए गुजरात को एक सशक्त और समृद्ध प्रदेश बनाया। उनके कार्यकाल में पेट्रोकेमिकल की रिफाइनरी गुजरात में स्थापित हुईं, जिससे आज भारत ईंधन के मामले में आत्मनिर्भर बन पाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने मेरा भारत और विकसित भारत की संकल्पना के भाव से बड़े से बड़े फैसले लिए और उन्हें सरलता से लागू भी किया। आज हम डिजिटल भुगतान के माध्यम से दुनिया में सबसे अधिक यूपीआई ट्रांजैक्शन करने वाले देश हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने डीबीटी की शुरुआत की, इससे जरूरतमंदों को उनके हक की रकम सीधे बैंक खाते में पहुंचती है। देश के साथ मध्यप्रदेश भी तेजी से बदल रहा है। स्कूल शिक्षा की बेहतरी केलिए हरसंभव प्रयास जारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के शासकीय और अशासकीय विद्यालयों के लाखों विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस के सेवा संकल्प अभियान में सहभागिता की है। विद्यार्थियों के लिए स्वच्छता, पौध-रोपण, प्रकृति संरक्षण, जल संरक्षण, गरीबों की मदद करना तथा माता-पिता की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विद्यार्थियों ने सुशासन पर विश्वास रखते हुए देश के लिए प्रतिबद्धता से सभी कामों को ईमानदारी से करने का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा की बेहतरी केलिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। हमारी सरकार ने आगामी 2 वर्ष में स्कूलों के सभी जर्जर भवनों के स्थान पर नए भवन तैयार करने का संकल्प लिया है। मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी, लैपटॉप और किताब, ड्रेस भी नि:शुल्क दी जा रही हैं। हमारी सरकार ने वर्षों से लंबित शिक्षकों के प्रमोशन कर उन्हें भी नई सौगात दी है। स्कूलों के लिए शिक्षकों की भर्ती भी की जाएगी। अमृतकाल की युवा पीढ़ी विकसित भारत को आकार देगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 21 वर्ष बाद दोबारा सार्वजनिक बस सेवा की शुरुआत की गई है। ये बसें प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों में भी नागरिकों को सुगम परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराएंगी। स्कूलों में विद्यार्थियों के आवागमन के लिए भी बसें संचालित की जा रही हैं। हमारी सरकार राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रत्येक क्षेत्र में संकल्प के साथ कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्य बना है। प्रदेश सरकार वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने जा रही है। हमारे अमृतकाल की युवा पीढ़ी वर्ष 2047 तक विकसित भारत को आकार देगी। भविष्य का भारत बेहतर होगा स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिता में स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रदेश के 41 हजार से अधिक विद्यालयों में जिला स्तर, ब्लॉक स्तर और राज्य स्तर पर 'मेरे सपनों का भारत' विषय पर चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें कक्षा 6 से 12वीं तक के 50 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों के विचार … Read more

फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता स्वर्ण पदक, लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए किया क्वालीफाई

भोपाल  20वें एशियाई खेल आइची-नागोया, जापान में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। 3 अक्टूबर को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने मलेशिया को 5-1 से पराजित कर एशियाई खेलों में लगातार दूसरी बार हॉकी का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस स्वर्णिम सफलता के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी सीधे क्वालीफाई किया। भारतीय टीम की इस शानदार उपलब्धि पर मध्यप्रदेश पुलिस के पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने पूरी भारतीय पुरुष हॉकी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने टीम के सदस्य एवं मध्यप्रदेश पुलिस में पुलिस उप अधीक्षक  विवेक सागर प्रसाद को भी इस गौरवपूर्ण उपलब्धि का हिस्सा बनने पर बधाई दी। स्वर्णिम सफलता का हिस्सा रहे डीएसपी विवेक सागर प्रसाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम की इस ऐतिहासिक जीत में मध्यप्रदेश पुलिस के उप पुलिस अधीक्षक  विवेक सागर प्रसाद भी टीम के सदस्य के रूप में शामिल रहे। टीम के मिडफील्डर  विवेक सागर प्रसाद ने पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम के साथ अपने खेल कौशल और योगदान से देश की स्वर्णिम सफलता में सहभागिता की। भारतीय पुरुष हॉकी टीम की इस उपलब्धि से मध्यप्रदेश पुलिस भी गौरवान्वित है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय हॉकी को गौरवान्वित करने वाली टीम का हिस्सा बनकर  विवेक सागर प्रसाद ने मध्यप्रदेश पुलिस का नाम भी खेल जगत में रोशन किया है। इटारसी क्षेत्र के चांदौन निवासी  विवेक सागर प्रसाद वर्ष 2021 में मध्यप्रदेश पुलिस में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्त हुए। इससे पूर्व वे टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम, 19वें एशियन गेम्स 2023 में स्वर्ण पदक, पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक तथा कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में रजत पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के भी सदस्य रहे हैं। इस प्रकार विभिन्न प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय हॉकी टीम के साथ उनकी निरंतर सहभागिता देश के लिए गौरव का विषय है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम की एशियाई खेलों में यह स्वर्णिम उपलब्धि देश के खेल इतिहास में एक और गौरवपूर्ण अध्याय है। टीम के सदस्य के रूप में  विवेक सागर प्रसाद की सफलता मध्यप्रदेश पुलिस के लिए भी गौरव का विषय है।    

34 देशों के 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और 15 राज्यों के 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स सहित 600 से अधिक प्रतिनिधि होंगे शामिल

भोपाल  मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक स्थापत्य, जैव-विविधता और नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से 'मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट' (MPTM 2026) के सातवें संस्करण का आयोजन 07 से 10 अक्टूबर 2026 तक भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित आयोजन राज्य के पर्यटन परिदृश्य का अब तक का सबसे विशाल और रणनीतिक बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) नेटवर्किंग मंच सिद्ध होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अक्टूबर, बुधवार को मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी करेंगे। राज्य मंत्री  लोधी ने बताया कि मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट केवल एक व्यापारिक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के सर्वांगीण आर्थिक विकास, स्थानीय रोजगार सृजन और वैश्विक सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक प्रभावी माध्यम है। राज्य सरकार वर्ष 2030 तक मध्यप्रदेश को देश का शीर्ष साहसिक पर्यटन स्थल बनाने की सुविचारित कार्ययोजना पर अग्रसर है। इसके साथ ही, प्रदेश को "भारत की वन्यजीव राजधानी" (Wildlife Capital of India) के रूप में ब्रांडिंग करते हुए संरक्षण-आधारित और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को प्राथमिकता दी जा रही है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी मॉडल) के माध्यम से विश्वस्तरीय सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण होमस्टे के जरिए स्थानीय समुदायों का सशक्तीकरण तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) व बहुभाषी डिजिटल तकनीकों के जरिए पर्यटकों के अनुभव को आधुनिक बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सचिव पर्यटन और प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयाराजा टी. ने मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट की रूपरेखा, तैयारियों और रणनीतिक लक्ष्यों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य शासन की सुदृढ़ और प्रगतिशील पर्यटन नीतियों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश में पर्यटन ने अप्रत्याशित वृद्धि हासिल की है। वर्ष 2025 में पर्यटकों के आवागमन में 57 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे प्रदेश में पर्यटकों का कुल आंकड़ा 21.05 करोड़ तक पहुंच गया है। MPTM 2026 का मूल उद्देश्य इसी तीव्र संवृद्धि को वैश्विक निवेश, आधुनिक अधोसंरचना और सतत आजीविका के अवसरों में रूपांतरित करना है।  MPTM 2026 के इस संस्करण में विश्व के 34 से अधिक प्रमुख देशों के 100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि और पर्यटन स्टेकहोल्डर इस मार्ट में प्रत्यक्ष सहभागिता कर रहे हैं। इनमें यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, इटली, ग्रीस, नीदरलैंड्स, पोलैंड, फिनलैंड, बुल्गारिया, बेलारूस, अल्बानिया, हंगरी और स्लोवाकिया जैसे प्रमुख यूरोपीय राष्ट्र शामिल हैं। अमेरिकी महाद्वीप से संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको; एशिया-प्रशांत क्षेत्र से ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस और लंका; तथा पश्चिम एशिया व अफ्रीका से संयुक्त अरब अमीरात, इजराइल, मॉरीशस, केन्या और रूस के प्रमुख टूर ऑपरेटर्स व ट्रैवल लेखक भोपाल पहुंच चुके हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी देश के 15 से अधिक राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों जिनमें दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा, हरियाणा, ओडिशा तथा जम्मू और कश्मीर के 180 से अधिक प्रमुख घरेलू टूर ऑपरेटर्स भाग ले रहे हैं। इस चार दिवसीय आयोजन की सबसे बड़ी व्यापारिक विशेषता 10 हजार से अधिक पूर्व-निर्धारित B2B बैठकें होंगी। इन व्यापारिक बैठकों के सुचारु संचालन के लिए एक अत्याधुनिक ऑनलाइन शेड्यूलिंग प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से देश-विदेश के प्रतिष्ठित खरीदारों (Buyers), राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों, होटल समूहों, एयरलाइंस और ट्रैवल एजेंसियों का राज्य के 355 स्थानीय हितधारकों (होटलियर्स, रिसॉर्ट संचालकों, हेरिटेज प्रॉपर्टीज, होमस्टे स्वामियों और एडवेंचर स्पोर्ट्स संचालकों) से सीधा संवाद स्थापित होगा। प्रत्यक्ष और वर्चुअल दोनों माध्यमों से होने वाली ये बैठकें राज्य के स्थानीय पर्यटन उत्पादों, लोक-संस्कृति, हस्तशिल्प और अद्वितीय यात्रा पैकेजों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सीधे स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी। मध्यप्रदेश में निजी पूंजी निवेश और विश्वस्तरीय अधोसंरचना को गति देने की दृष्टि से MPTM 2026 एक ऐतिहासिक मील का पत्थर सिद्ध होगा। आयोजन के दौरान लगभग ₹1,100 करोड़ से अधिक के संयुक्त निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न अंचलों में होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी टेंटेड कैंपिंग और इको-टूरिज्म इकाइयों की स्थापना के लिए 14 प्रमुख परियोजनाओं हेतु निजी निवेशकों को ₹252 करोड़ के 'लेटर ऑफ अवार्ड' (LOA) औपचारिक रूप से सौंपे जाएंगे। इसके अतिरिक्त, पर्यटकों की सड़क यात्रा को सुगम, सुरक्षित और स्वच्छ बनाने के लिए राज्य के 3 प्रमुख पर्यटन राजमार्गों पर अत्याधुनिक 'मार्ग सुविधा केंद्रों' (Way-side Amenities) के विकास हेतु भी LOA प्रदान किए जा रहे हैं। इस निवेश अभियान का सबसे बड़ा आकर्षण सीहोर जिले के रामगढ़ में होने वाला ₹848.40 करोड़ का मेगा पर्यटन निवेश समझौता है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड एवं मेसर्स ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के मध्य संपन्न होने वाले इस ऐतिहासिक अनुबंध के अंतर्गत रामगढ़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, गोल्फ विला, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी होटल और उच्चस्तरीय आतिथ्य अधोसंरचना का निर्माण किया जाएगा। यह विशाल परियोजना न केवल विंध्य और मालवा क्षेत्र के पर्यटन मानचित्र को वैश्विक पहचान देगी, बल्कि इससे क्षेत्र में लगभग 920 प्रत्यक्ष और सैकड़ों अप्रत्यक्ष स्थानीय रोजगारों का सृजन होगा। प्रदेश के पर्यटन तंत्र को भविष्योन्मुखी बनाने के उद्देश्य से MPTM 2026 में 12 विशिष्ट रणनीतिक एमओयू, एमओए और समझौतों पर विधिवत हस्ताक्षर किए जाएंगे। इन समझौतों में कौशल विकास के तहत भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM), ग्वालियर के साथ साझेदारी शामिल है, जिसके प्रथम चरण में भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग, शिष्टाचार और ग्राहक सेवा का RPL प्रशिक्षण देकर प्रमाणित किया जाएगा। ग्रामीण पर्यटन के डिजिटलीकरण के लिए 'ग्राम स्टे' के साथ समझौता किया जा रहा है, जिससे सुदूर ग्रामीण होमस्टे को वैश्विक बुकिंग प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जा सके। साहसिक और जल पर्यटन के विस्तार हेतु 'रॉयल एनफील्ड' के साथ नए बाइक राइडिंग रूट्स के चिन्हांकन, 'एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया' (ATOAI) के साथ सुरक्षा मानकों के निर्धारण तथा पीथमपुर स्थित एशिया के सबसे बड़े ऑटोमोटिव टेस्टिंग ट्रैक 'नैट्रैक्स' (NATRAX) के साथ मोटरस्पोर्ट्स पर्यटन के विकास हेतु एमओयू किए जा रहे हैं। फिल्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। आर्टमिसिया कॉलेज ऑफ आर्ट एंड डिजाइन (ACAD), इंदौर के साथ विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण व डिजिटल एसेट लाइब्रेरी निर्माण का गैर-वित्तीय समझौता हो रहा है, जबकि प्रसिद्ध डिजिटल मीडिया समूह 'द वायरल फीवर' (TVF) … Read more

मुंबई में उद्योगपतियों से वन-टू-वन मिलेंगे CM डॉ. यादव, MP में निवेश पर होगा सीधा संवाद

मुंबई में उद्योग जगत से सीधा संवाद करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों पर प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें मुंबई में होगा उच्चस्तरीय निवेश संवाद जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले उद्योग समूहों के साथ संपर्क बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल भोपाल  मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों और औद्योगिक संभावनाओं को देश के प्रमुख उद्योग समूहों तक सीधे पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 अक्टूबर को मुंबई में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ संवाद करेंगे। द सेंट रेजिस, लोअर परेल में आयोजित होने वाले मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों पर संवादात्मक सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगपतियों के साथ वन टू वन बैठकें करेंगे और प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा भी करेंगे। मुंबई देश के प्रमुख औद्योगिक, वित्तीय और कारोबारी समूहों का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग जगत के साथ सीधा संवाद मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को लेकर चल रहे संपर्क अभियान का महत्वपूर्ण चरण होगा। संवाद के दौरान प्रदेश की औद्योगिक नीति, निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों तथा विभिन्न क्षेत्रों में विकसित हो रहे औद्योगिक आधार से उद्योग समूहों को अवगत कराया जाएगा। निवेशकों से सीधे संवाद पर होगा फोकस मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठक करेंगे । इसके बाद मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों पर केंद्रित प्रस्तुतिकरण और विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मुख्य संबोधन भी निवेशकों के साथ संवाद का प्रमुख केंद्र रहेगा। मध्यप्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश में उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, निवेश अनुकूल नीतिगत वातावरण और विभिन्न क्षेत्रों में विकसित हो रहे औद्योगिक अवसरों को विस्तार से सामने रखा जाएगा। औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर प्रस्तुतीकरण देंगे। संवाद में विशेष रूप से यह रेखांकित किया जाएगा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में स्थित होने के कारण बड़े बाजारों से जुड़ाव, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक अधोसंरचना और विभिन्न क्षेत्रों में विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर्स के माध्यम से निवेशकों के लिए व्यापक संभावनाएं उपलब्ध करा रहा है। प्रदेश में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप अधोसंरचना और निवेश सुविधा तंत्र को लगातार मजबूत किया जा रहा है। जनवरी 2027 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले बढ़ाया जा रहा सीधा संपर्क मध्यप्रदेश सरकार ने जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों के साथ देश और विदेश के प्रमुख उद्योग समूहों से सीधे संपर्क की प्रक्रिया तेज की है। इसी क्रम में मुंबई का यह संवाद महत्वपूर्ण है। सरकार का प्रयास है कि समिट से पहले विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग समूहों के साथ उनकी आवश्यकताओं, निवेश योजनाओं और प्रदेश में उपलब्ध अवसरों पर प्रत्यक्ष संवाद स्थापित हो। मुंबई संवाद में प्रमुख उद्योग क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। इससे प्रदेश में निवेश के इच्छुक उद्योग समूहों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप अवसरों और औद्योगिक क्षेत्रों की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ संभावित निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाने के लिए सीधा संवाद स्थापित करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उद्योगपतियों के साथ वन टू वन बैठकें इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं कि इनमें निवेशकों के प्रस्तावों और उनकी व्यावसायिक आवश्यकताओं को सीधे समझने का अवसर मिलेगा। प्रदेश सरकार की ओर से निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने, आवश्यक अनुमतियों और सुविधाओं को सुगम बनाने तथा उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की जाएगी। मुंबई में होने वाला यह निवेश संवाद मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देने और देश के प्रमुख उद्योग समूहों के साथ प्रदेश के संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में आयोजित यह संवाद निवेश प्रस्तावों तक सीमित न रहकर उद्योगों की आवश्यकताओं को समझने और उन्हें मध्यप्रदेश में उपलब्ध अवसरों से जोड़ने पर विशेष रूप से केंद्रित रहेगा।  

नाड़ी विश्लेषण आयुर्वेद का विज्ञान और भारत का गौरव: राज्यपाल पटेल

नाड़ी विश्लेषण, आयुर्वेद का विज्ञान और भारत का गौरव : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने किया राष्ट्रीय संगोष्ठी नाड़ी विश्लेषण- 2026 का शुभारंभ भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि नाड़ी विश्लेषण विज्ञान, भारत की समृद्ध चिकित्सकीय ज्ञान परंपरा है। यह विज्ञान के साथ भारतीय ज्ञान की गौरवशाली विरासत भी है। आधुनिक तकनीक और आयुष विज्ञान के साथ नाड़ी विश्लेषण को जोड़ना और विस्तारित करना स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत बनाने का मार्ग है। उन्होंने संगोष्ठी के आयोजन की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि “सबके लिए स्वास्थ्य” के लक्ष्य की पूर्ति में आयुर्वेद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, क्योंकि यह स्वस्थ जीवनशैली और स्व-देखभाल को बढ़ावा देता है। नाड़ी विश्लेषण, कम खर्चीली, बिना किसी शारीरिक नुकसान की जाँच विधि है, जिसमें जटिल उपकरणों की आवश्यकता नहीं होती है। इसलिए नाड़ी विश्लेषण ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सस्ती, सुलभ और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के द्वारा जन स्वास्थ्य को नया आयाम दे सकती है। राज्यपाल पटेल मंगलवार को नाड़ी विश्लेषण – 2026 पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी का आयोजन, राष्ट्रीय आयुष मिशन और पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में ''नाड़ी परीक्षा की व्यवहारिक तकनीकों की खोज एवं निदान में नाड़ी का नैदानिकी महत्व'' विषय पर किया गया था। स्वस्थ जीवन और वेलनेस को बढ़ाता है आयुर्वेद राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आज दुनिया आयुर्वेद केहॉलिस्टिक विजन और जीवन दर्शन की ओर लौट रही है। आयुर्वेद आरोग्य का ऐसा विज्ञान है, जो रोग के उपचार से आगे बढ़कर स्वस्थ जीवन और वेलनेस को बढ़ावा देता है। इसके बहुउद्देश्यीय महत्व के कारण आयुर्वेद का भविष्य स्वर्णिम है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, हमें अनुशासन सिखाता है। मौसम के अनुसार खान-पान और जीवन शैली में परिवर्तन का मार्गदर्शन देता है। आयुष की अलग-अलग विधाएं भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। योग, हौम्योपैथी और नैचुरोपैथी हर घर-हर व्यक्ति तक पहुँच गई है। परिणामस्वरूप आज विश्वभर में इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासित जीवनशैली और संयमित खान-पान की उपयोगिता बताई। सभी को नियमित व्यायाम, पौष्टिक आहार, भरपूर नींद और पर्याप्त पानी को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी। एकीकृत स्वास्थ्य प्रणाली का हिस्सा बनाने पर हो चिंतन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने आयुर्वेद को नई पहचान दिलाई है। समय की मांग है कि नाड़ी विश्लेषण के पारंपरिक ज्ञान से जुड़े दावों का आधुनिक वैज्ञानिक मानकों और शोध पद्धतियों के आधार पर विश्लेषण तथा सत्यापन किया जाए। नाड़ी विश्लेषण की व्यक्तिपरकता और विशिष्ट आकलन के अंतरों को कम करने पर चर्चा की जाए। आधुनिक वैज्ञानिक मापदण्डों के आधार पर प्रमाणित विश्लेषण द्वारा इसे एकीकृत स्वास्थ्य प्रणाली का हिस्सा बनाने पर भी चिंतन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन क्षेत्रों में जहाँ आधुनिक जाँच सुविधाएँ सीमित हैं, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में नाड़ी विश्लेषण विधि के द्वारा बड़ी संख्या में लोगों तक स्वास्थ्य परामर्श तथा प्रारंभिक स्वास्थ्य आकलन में आयुर्वेद चिकित्सक और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की संभावनाओं को भी खोजा जाना चाहिए। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ भगवान धन्वतरी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उनका आयुष विभाग के प्रमुख सचिव शोभित जैन ने पौधा और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल पटेल ने ''आयु वर्धनम् – सिकल सेल'' लघु पुस्तिका का लोकार्पण किया। भारत के प्रतिष्ठित नाड़ी विशेषज्ञों का सम्मान किया। महाविद्यालय परिसर में औषधीय पौधे का रोपण किया। कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी ने आयुर्वेद को आगे बढ़ाने में महाविद्यालय की सतत और सक्रिय भूमिका की सराहना की। स्वागत उद्बोधन में आयुष विभाग के प्रमुख सचिव शोभित जैन ने नाड़ी विश्लेषण विज्ञान के प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन के उद्देश्य, महत्व और उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। आभार आयुष विभाग की आयुक्त सुउमा माहेश्वरी ने व्यक्त किया। संगोष्ठी का प्रारंभ और समापन राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रीय गान से हुआ। कार्यक्रम में पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य उमेश शुक्ला, नाड़ी विशेषज्ञ, महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के संकाय प्रमुख, आचार्यगण और विद्यार्थी उपस्थित थे।  

कूनो-गांधीसागर के बाद अब बुंदेलखंड में बसेंगे चीते, CM मोहन यादव करेंगे दो चीतों को विमुक्त

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 7 अक्टूबर को 2 चीतों को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में करेंगे विमुक्त मध्यप्रदेश में कूनो और गांधीसागर के बाद अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व बनेगा चीतों का तीसरा आवास वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन पर सागर और बुंदेलखंड के लिए ऐतिहासिक अवसर सागर वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन अवसर पर सागर और बुंदेलखंड के लिए वन्यजीव संरक्षण का एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अक्टूबर को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में कूनो से लाए गए दो चीतों को विमुक्त करेंगे। इसके साथ ही यह मध्यप्रदेश में चीतों का तीसरा आवास बन जाएगा। चीतों की मौजूदगी से सागर और बुंदेलखंड में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर सृजित होंगे। देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटकों के यहां पहुंचेंगे, जिससे होटल, रिसॉर्ट, होम-स्टे, परिवहन, गाइड, वाहन चालक, छोटे व्यवसाय और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। 439 हेक्टेयर क्षेत्र में चीतों के लिए विशेष व्यवस्थाएं कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य के बाद वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को मध्यप्रदेश में चीतों के तीसरे आवास के रूप में विकसित किया गया है। चीतों की सुरक्षा और अनुकूलन के लिए लगभग 439 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। आधुनिक बाड़ों (बोमा) और अन्य सुविधाओं से युक्त सुरक्षित आवास तैयार किया गया है। वन विभाग द्वारा चीतों की सुरक्षा, नियमित निगरानी और स्वास्थ्य देखभाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। साथ ही, क्षेत्र में मौजूद अन्य वन्यजीवों के लिए भी सुरक्षित और अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया गया है। प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, जिसे नौरादेही टाइगर रिजर्व के नाम से भी जाना जाता है, सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों में लगभग 2,339 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। वर्ष 1997 में स्थापित इस क्षेत्र को नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य के साथ एकीकृत करने के बाद 20 सितंबर 2023 को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया। यह क्षेत्र बाघ, तेंदुआ, चीतल, सांभर, नीलगाय और भालू सहित विविध वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है तथा संकटग्रस्त भारतीय गिद्ध प्रजातियों के संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है। चीता पुनर्स्थापना अभियान को मिला नया विस्तार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से लाए गए चीतों को विमुक्त कर भारत में चीता पुनर्स्थापना अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका से भी चीते भारत लाए गए। अब यह अभियान मध्यप्रदेश के अन्य उपयुक्त वन क्षेत्रों तक विस्तार ले रहा है। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों की विमुक्ति इसी व्यापक संरक्षण अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है। देश में चीतों की संख्या बढ़कर 60 5 अक्टूबर 2026 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में जन्मी मादा चीता KJP21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया। इसके साथ देश में चीतों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है, जिनमें 41 भारत में जन्मे चीते शामिल हैं। 7 अक्टूबर को कूनो से नर थोलो और मादा CCB-3 को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व लाया जाएगा। इनके स्थानांतरण के बाद कूनो में 54 चीतें रहेंगे। गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में दक्षिण अफ्रीकी मूल के नर चीते प्रभास और पावक, मादा धीरा तथा सितंबर 2026 में बोत्सवाना से लाकर विमुक्त की गई मादा राधा मौजूद हैं। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों की विमुक्ति के साथ मध्यप्रदेश में चीता पुनर्स्थापना अभियान एक नए चरण में प्रवेश करेगा।

PM सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, मंत्री शुक्ला ने दिए निर्देश

लोगों को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का करें प्रभावी क्रियान्वयन : नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला भोपाल में सेवा सेतु अभियान अन्तर्गत आयोजित शिविर का किया शुभारंभ भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुसार लोगों को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए जरूरी है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाये। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने यह बात मंगलवार को सेवा सेतु अभियान अन्तर्गत रवीन्द्र भवन भोपाल में आयोजित शिविर में कही। मंत्री शुक्ला ने कहा कि रूफटॉप सोलर पैनल लगाने के लिए क्षेत्रवार लक्ष्य निर्धारित कर उसकी शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाये। इस कार्य की सतत मानीटरिंग होना चाहिए। योजना के क्रियान्वयन में आ रही कमियों को भी दूर करें। उन्होंने कहा कि आगे आने वाली पीढ़ी को हरा भरा और सोलर बिजली से युक्त मध्यप्रदेश सौंपना हम सबकी जिम्मेदारी है। अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने कहा कि सोलर संयत्र से मिलने वाली बिजली 2 रूपये प्रति यूनिट है, जबकि कोयला बनने वाली बिजली 6 रूपये प्रति यूनिट है। साथ ही सोलर एनर्जी पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। अत: इस अभियान में सभी लोग सक्रिय सहभागिता करें। एम.डी. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ऋषि गर्ग ने बताया कि प्रदेश में एक लाख 88 हजार रूफटॉप सोलर पैनल लग चुके हैं। प्रदेश में 750 मेगावॉट की सेालर एनर्जी की क्षमता विकसित हो चुकी है। उन्होंने बताया कि शिविरों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आर.ई.सी. के पदाधिकारी विजय कुलकर्णी ने बताया कि देश में एक करोड़ घरों में रूफटाप सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य है। अभी तक 51 लाख लगाये गये हैं। वीडियो के माध्यम से सोलर पैनल के उपयोग की जानकारी दी गयी। मंत्री शुक्ला ने सोलर पैनल से संबंधित लगे स्टॉल का भी अवलोकन किया। आभार प्रदर्शन एम.डी. ऊर्जा विकास निगम अमित तोमर ने किया।

म.प्र लोक सेवा आयोग की वर्ष 2027 में होंगी दो परीक्षाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्ष 2027 प्रदेश में युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा और एक वर्ष में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की एक नहीं, दो परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही प्रदेश में 12 नए मेडिकल कॉलेज और रोजगारपरक कोर्स के लिए 12 नए विश्वविद्यालय आरंभ किए जाएंगे, जो कौशल उन्नयन पर केन्द्रित होंगे। प्रदेश के एक लाख युवाओं को कौशल उन्नयन योजना से जोड़ा जाएगा। युवा वर्ष 2027 के लिए एक पोर्टल की भी शुरूआत की जाएगी, जिसमें युवा अपने विचार और सुझाव दे सकेंगे। राज्य सरकार उपयुक्त सुझावों को लागू करने की दिशा में कार्य करेगी। प्रदेश के सभी जिलों के शासकीय महाविद्यालयों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। कॉलेजों में विद्यार्थियों के बेहतर प्लेसमेंट के लिए विशेष एजेंसी निर्धारित की जाएगी, जो युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए काम करेगी। स्नातकोत्तर की छात्राओं को गांव की बेटी और प्रतिभा किरण योजना में शामिल किया जाएगा। सभी शासकीय महाविद्यालयों में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और एडवांस कम्प्युटिंग लैब की स्थापना की जाएगी। उच्च शिक्षा में शोध को प्रोत्साहन देने के लिए शोधार्थियों को मिलने वाली राशि को 16 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रूपए प्रतिमाह किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह घोषणाएं आज सीएम यूथ कॉन्क्लेव -2026 को संबोधित करते हुए कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाल परेड ग्राउंड पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। युवाओं के लिये लगाए गए अनेक स्टॉल्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में सीएम यूथ कॉन्क्लेव में यूथ आइकॉनिक सिंगर  जुबिन नौटियाल और कबीर कैफे द्वारा मंत्रमुग्ध करने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गयी। 'मेरी चौखट पर चलकर आज प्रभु राम आएं हैं', 'शंकर संकट हरना', 'कृष्ण गोविंद हरे मुरारी' जैसे भजनों पर युवा झूम उठे। लाल परेड मैदान युवाओं के उत्साह, उमंग और ऊर्जा से सराबोर हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर नेशनल एआई लिटरेसी मिशन के कौशल रथ द्वारा संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने युवाओं द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक भी देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर युवाओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य, योग, कॅरियर गाइडेंस, भारतीय ज्ञान परम्परा, कौशल उन्नयन, आयुष और नवाचार से उद्यमिता तक की थीम पर लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन भी‍किया। विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा भी अपने स्टॉल लगाए गए थे। 'मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संग-बदलाव के रंग' की रॉक प्रस्तुति ने युवाओं को किया आकर्षित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  जुबिन नौटियाल के साथ छात्रों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिवादन किया। रोबोट संग सीएम की कदमताल के अंतर्गत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोबोट 'बडी' से हाथ मिलाया और उसके साथ वॉक भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के पंजीकरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेश के उद्योगों और विकसित भारत @2047 पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, साथ ही 'डॉ. मोहन यादव के संग-बदलाव के रंग' की रॉक शैली में वीडियो प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, विधायक  भगवानदास सबनानी, विधायक  रामेश्वर शर्मा तथा अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण उपस्थित थे। राज्य स्तर पर 5 करोड़ रूपए का आइडिया फंड बनाया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं स्टार्टअप आइडिया को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य स्तर पर 5 करोड़ रूपए का आइडिया फंड बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय स्तर भी शोध को प्रोत्साहित किया जाएगा। राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रदेश में 500 नई इकाईयां बनाई जाएंगी। प्रत्येक संभाग में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2027 में पुन: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा, जिससे सम्पूर्ण प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एशियन गेम्स-2026 में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 5 स्वर्ण पदक जीते हैं। बदलते दौर में भारत दुनिया का सबसे युवा देश है। युवा शक्ति के बल पर भारत आगे बढ़ेगा और इसी के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ेगा। मध्यप्रदेश सबसे युवा प्रदेश है। यहां बेरोजगारी दर देश में सबसे कम है। हम प्रदेश की समृद्धि और युवाओं के कल्याण के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। राज्य सरकार तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में लगातार कदम उठा रही है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष 7 अक्टूबर को पूर्ण हो रहे हैं। सेवा और देश की प्रगति को समर्पित प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश में कई असंभव कार्य पूर्ण हुए हैं। मध्यप्रदेश को पहले केवल कृषि आधारित प्रदेश माना जाता था, लेकिन पिछले ढाई साल में हमारा प्रदेश उद्योग, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, मेडिकल एजुकेशन और आईटी सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ा है। प्रदेश सरकार ने सभी शासकीय विभागों में 85 हजार युवाओं को नौकरी दी। उन्होंने युवा साथियों में जोश भरते हुए कहा कि यही समय है – सही समय है। राज्य सरकार युवाओं के लिए तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में लगातार कई नए कदम उठा रही है। राज्य में नॉलेज सिटी और साइंस सिटी आकार ले रही हैं। हमारा प्रयास है‍कि राज्य के युवा नौकरी पाने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बने, इसीलिए आईटी पार्क इंदौर, रीवा, उज्जैन सहित हम देश का सबसे बड़ा टेली कम्यूनिकेशन केन्द्र ग्वालियर में बनाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से बड़े भाई के रूप में बातचीत की। वे रैम्प पर चलते हुए छात्रों के बीच पहुंचे, छात्रों से हाथ मिलाया और उनसे अनौपचारिक लहजे में संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को मंच पर बुलाकर उनसे, उनके सपनों, आकांक्षाओं और राज्य सरकार से अपेक्षाओं पर चर्चा की। भोपाल के ओरिएंटल कॉलेज की छात्रा सु आयशा खान ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पूछा कि – राज्य सरकार युवाओं को कृषि क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए क्या कर रही है ? मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि – कृषि क्षेत्र में समृद्धि के लिए सरकार ने पूरा वर्ष 2026 कृषक कल्याण को समर्पित किया है। हमारी सरकार फूड प्रोसेसिंग को लेकर वैल्यू चेन तैयार करने के लिए कार्य कर रही है। युवा साथी जैविक खेती के साथ नई … Read more