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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना के म्याना रेलवे स्टेशन को सम्मानित होने पर दी बधाई

भोपाल राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर गुना के 'म्याना रेलवे स्टेशन" को सम्मानित किया है। ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए म्याना रेलवे स्टेशन द्वारा 9 हजार 687 यूनिट विद्युत ऊर्जा की बचत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस पर राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार (नेशनल एनर्जी कंजर्वेशन अवार्ड-2025) के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट कैटेगरी (रेलवे स्टेशन) में जिला गुना के "म्याना रेलवे स्टेशन" को बेस्ट परफॉर्मिंग यूनिट के रूप में सम्मानित होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के म्याना रेलवे स्टेशन ने ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित कर गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि के लिए संबंधित अधिकारी-कर्मचारी और सहयोगी टीम बधाई की पात्र है।  

मध्यप्रदेश के कई शहरों में ठंड बरकरार, कड़ाके की सर्दी ने बढ़ाई कंपकंपी

भोपाल लगातार चल रही सर्द हवाओं के असर से प्रदेश में ठिठुरन बरकरार है। आधे प्रदेश में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम पर बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मौसम (MP Weather) का इस तरह का मिजाज अभी बना रह सकता है। हालांकि शीतलहर से राहत मिल सकती है। उधर शनिवार को प्रदेश में सबसे कम 5.4 डिग्री सेल्सियस तापमान राजगढ़ एवं पचमढ़ी में दर्ज किया गया। भोपाल एवं इंदौर में शीतलहर का प्रभाव रहा। 23 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम पर रहा। नरसिंहपुर में शीतल दिन रहा।   मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ ईरान पर द्रोणिका के रूप में सक्रिय हुआ है। उत्तर-पूर्वी भारत के ऊपर 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 176 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। साथ ही राजस्थान की तरफ से सर्द एवं शुष्क हवाएं चलने के कारण रात में ठिठुरन बनी हुई है। हालांकि दो पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हुए हैं, लेकिन उनकी तीव्रता कम रहने के कारण फिलहाल कड़ाके की ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। 5.9 डिग्री सेल्सियस रहा इंदौर का न्यूनतम तापमान शनिवार को इंदौर शहर में न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम रहा। लगातार आठवे दिन इंदौर में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम रहा। अगले एक सप्ताह में भी पारा 10 डिग्री से नीचे रहने की संभावना है। शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 28.2  डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अभी दिन व रात के तापमान में आगामी दिनों में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। हालांकि शहरवासियों को अलसुबह व रात में हल्की ठंड का अहसास होगा। शहर में सुबह धुंध का असर दिखाई दिया और न्यूनतम द्श्यता दो हजार मीटर दर्ज की गई। ग्वालियर में बढ़ेगी ठंड, मौसम साफ दिसंबर की ठंड अब ग्वालियर में अपने तेवर दिखाना शुरू कर चुकी है। शनिवार को शहर में ठंड महसूस की गई, हालांकि दिन में खिली तेज धूप ने लोगों को थोड़ी राहत दी। मौसम विभाग के अनुसार, दिन का अधिकतम तापमान लगभग 27.5 डिसे दर्ज किया गया, लेकिन रात का तापमान 9.8 डिसे पर रहा, जिससे रातें ठिठुरन भरी रहीं। सुबह के समय शहर के बाहरी क्षेत्रों में हल्की धुंध भी छाई रही, जो धूप निकलने के बाद छंट गई।   रविवार, 14 दिसंबर को भी मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क बना रहेगा। अधिकतम तापमान: लगभग 27 डिसे के आसपास रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान: रात लगभग 9 से 10 डिसे के बीच में रहेगा। मौसम विभाग ने बताया है कि रविवार को दिनभर धूप खिली रहेगी, जिससे दिन का मौसम खुशनुमा रहेगा। जबलपुर में ठंड बरकरार उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदल रहा है। जिसका असर जबलपुर सहित मैदानी इलाकों में देखने मिलेगा। मसलन तापमान आंशिक रूप से बढ़ेगा परंतु वातावरण में ठंडक बरकरार रहेगी। क्षेत्रीय मौसम कार्यालय के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान के ऊपर हवा में चक्रवातीय परिसंरचरण के रूप में सक्रिय है। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री के आसपास और न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री सेल्सियस के आस-पास बने रहने की संभावना है।

नर्सिंग एडमिशन मामले में हाई कोर्ट सख्त, रजिस्ट्रार काउंसिल के अधिवक्ता को कोर्ट में हाजिर होने के निर्देश

भोपाल मध्य प्रदेश में एमएससी नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया में अनियमितताओं और काउंसिल की लापरवाही को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। याचिकाकर्ता एनएसयूआइ (NSUI) उपाध्यक्ष रवि परमार एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के अधिवक्ता को 15 दिसंबर 2025 को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। वेबसाइट गैर-कार्यशील, हजारों पात्र छात्र परेशान मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट में याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय ने न्यायालय को बताया कि एमएनआरसी द्वारा एमएससी नर्सिंग और पोस्ट बीएससी की काउंसलिंग के लिए समय-सारणी तो जारी की गई है, लेकिन परिषद की वेबसाइट पूरी तरह से गैर-कार्यशील है, जिससे हजारों पात्र छात्र परेशान हैं।   कोर्ट ने पूछा, एमएससी नर्सिंग को इससे अलग क्यों रखा गया न्यायालय ने इस बात पर गंभीर सवाल उठाया कि जब सुप्रीम कोर्ट ने तीन दिसंबर 2025 के आदेश से नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दी थी, तो एमएससी नर्सिंग को इससे अलग क्यों रखा गया है। भारतीय नर्सिंग परिषद से भी स्पष्टीकरण मांगा हाईकोर्ट ने भारतीय नर्सिंग परिषद (आइएनसी) से भी इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। याचिकाकर्ता रवि परमार ने कहा कि वेबसाइट बंद होने और अस्पष्ट फैसलों के कारण हजारों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में क्या की मांग? याचिकाकर्ता रवि परमार ने मांग की है कि एमएससी नर्सिंग में भी प्रवेश की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ाई जाए। हाईकोर्ट ने एमएनआरसी के अधिवक्ता अभिजीत अवस्थी को अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर प्रवेश की समय-सीमा बढ़ाने की व्यवस्था स्पष्ट करने का आदेश दिया है।  

मध्यप्रदेश के विदिशा में स्कूल बस दुर्घटनाग्रस्त, नदी में गिरने से 28 छात्रों को आई चोटें

विदिशा विदिशा जिले के नटेरन थाना क्षेत्र अंतर्गत जोहद गांव में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बंगला चौराहा स्थित एक निजी स्कूल की बस, जिसमें करीब 48 छात्र सवार थे, सगड़ नदी पुल पार करते समय अनियंत्रित होकर पुल से नीचे जा गिरी। यह घटना (Vidisha School Bus Accident) सुबह करीब दस बजे की बताई जा रही है। नदी में पानी नहीं था, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। बस नीचे पत्थरों पर गिरी, जिससे लगभग 28 छात्र घायल हो गए। इनमें कुछ छात्रों को मामूली चोटें आईं, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए राजीव गांधी शासकीय जन चिकित्सालय, गंजबासौदा लाया गया।   गंभीर रूप से घायल लगभग पांच छात्रों की हालत को देखते हुए उन्हें विदिशा मेडिकल कॉलेज के अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायल छात्रों की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। बताया गया है कि सभी बच्चे स्कूल की ओर से पिकनिक मनाने सांची जा रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। विदिशा पुलिस ने बताया कि हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पुल की संकरी चौड़ाई और चालक द्वारा सामने से आ रहे वाहन को रास्ता देने के प्रयास के दौरान बस का संतुलन बिगड़ गया, जिससे यह दुर्घटना हुई। हादसे के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत अभिभावकों को सूचना दी और घायलों के लिए आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि यह घटना छात्रों के लिए बेहद भयावह रही, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी भी छात्र की जान को खतरा नहीं है। इस दुर्घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में संकरे पुलों और सड़कों पर यातायात सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतें और स्कूल बसों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी. नगर को मध्यप्रदेश के बेस्ट अवॉर्ड श्रेणी का पुरस्कार

वर्ष 1964 से भोपाल में संचालित हो रहा है मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल भोपाल  भोपाल के मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी. नगर को मुम्बई में स्टार एजुकेशन अवॉर्ड प्राप्त हुआ है। यह पुरस्कार मध्यप्रदेश के बेस्ट स्कूल की श्रेणी में प्राप्त हुआ है। स्कूल की प्राचार्य श्रीमती रेखा शर्मा ने यह पुरस्कार मुम्बई में प्राप्त किया। अवॉर्ड कार्यक्रम का आयोजन टाइम्स ऑफ इण्डिया और ईएसएफई के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 10 हजार से अधिक शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। देश के स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और सुधार विषय पर 150 से अधिक वैश्विक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुख्य कार्यकारी और सचिव कॉउंसिल फॉर द इण्डियन स्कूल सर्टिफिकेट एक्जामिनेशन डॉ. जोसेफ एमैनुएल, अध्यक्ष पोद्दार एजुकेशन नेटवर्क सुश्री स्वाति पोपट वत्स, पूर्व भारतीय राजदूत और प्रधानमंत्री के विशेष सलाहकार डॉ. दीपक बोहरा ने शिक्षा के क्षेत्र में लगातार हो रहे सुधार पर विचार व्यक्त किये। मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी. नगर को इस शैक्षणिक सत्र में अक्टूबर माह में एजुकेशन वर्ल्ड इण्डिया स्कूल रैकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त हो चुका है। भोपाल के टी.टी. नगर में मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल का संचालन वर्ष 1964 से माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश द्वारा किया जा रहा है।  

मध्य प्रदेश की मिसाल: वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए हाईवे पर शुरू हुई देश की पहली ‘रेड रोड’ पहल

भोपाल   वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश ने नेशनल हाईवे पर भारत की पहली 'रेड रोड' की शुरुआत की है। यह अभिनव पहल वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे-45 के लगभग दो किलोमीटर लंबे हिस्से में लागू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मृत्यु को रोकना और संवेदनशील वन क्षेत्रों में वाहनों की गति को नियंत्रित करना है। अधिकारियों के अनुसार, यह विशेष सड़क डिजाइन ड्राइवरों को बिना किसी सख्त ट्रैफिक अवरोध के स्वाभाविक रूप से धीमी गति अपनाने के लिए प्रेरित करती है। यह उपाय न केवल जानवरों की सुरक्षा बढ़ाएगा, बल्कि सड़क पर चलने वाले यात्रियों के लिए भी अधिक सुरक्षित वातावरण तैयार करेगा।   कैसे काम करती है 'रेड रोड' 'रेड रोड' की सतह लाल रंग की और हल्की उभरी हुई बनाई गई है, जिससे यह एक टेबलटॉप जैसी संरचना बनाती है। पारंपरिक स्पीड ब्रेकर की तुलना में यह अधिक सुरक्षित और प्रभावी मानी जा रही है, क्योंकि इसमें अचानक ब्रेक लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। लाल रंग और अलग बनावट ड्राइवरों को दूर से ही सतर्क कर देती है कि वे एक संरक्षित वन क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह विज़ुअल संकेत मनोवैज्ञानिक रूप से भी प्रभावी है और वाहन चालकों को अधिक जिम्मेदार ड्राइविंग के लिए प्रेरित करता है। इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व बाघों के अलावा हिरण, तेंदुआ और अन्य वन्यजीव प्रजातियों का प्राकृतिक आवास है। चूंकि ये जानवर अक्सर भोजन और पानी की तलाश में हाईवे पार करते हैं, इसलिए इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। 'रेड रोड' के माध्यम से इन घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। विकास और संरक्षण का संतुलन यह पहल इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि किस प्रकार बुनियादी ढांचे का विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। राज्य सरकार और वन विभाग का मानना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में देश के अन्य वन्यजीव गलियारों से गुजरने वाले हाईवे पर भी इसी तरह की पर्यावरण-अनुकूल सड़क डिजाइन अपनाई जा सकती है। यह कदम न केवल मध्य प्रदेश को वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी बनाता है, बल्कि पूरे देश के लिए एक नई दिशा भी प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियों का स्वर्णिम अध्याय: प्रद्युम्न सिंह तोमर

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश का ऊर्जा क्षेत्र आज अभूतपूर्व परिवर्तन का साक्षी बन रहा है। राज्य सरकार ने ऊर्जा के क्षेत्र में ऐसे निर्णय लिए हैं, जो न केवल वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं, बल्कि आने वाले दशकों की बढ़ती मांगों के अनुरूप मजबूत आधारशिला तैयार करते हैं। उनका लक्ष्य स्पष्ट है—हर घर, हर खेत और हर उद्योग को गुणवत्तापूर्ण, निर्बाध और किफायती बिजली उपलब्ध कराना। इसी भावना को केंद्रीय तत्व मानते हुए ऊर्जा विभाग ने बीते वर्षों में योजनाओं, संरचनात्मक सुधारों, तकनीकी उन्नयन, निवेश संवर्धन और उपभोक्ता हित को केंद्र में रखते हुए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। राज्य में दीर्घकालिक और सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 4000 मेगावॉट ताप विद्युत क्षमता हेतु निविदा प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है। यह संयंत्र DBFOO (Design, Build, Finance, Own, Operate) मॉडल के अंतर्गत स्थापित किए जा रहे हैं, जिनके लिए कोयला आपूर्ति ‘शक्ति’ नीति के तहत सुनिश्चित की गई है। इस कदम से प्रदेश में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावनाएँ बनी हैं, जिससे 5 से 7 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा और अनेक सहायक उद्योग भी गति पकड़ेंगे। 51711 नवीन नियमित पद स्वीकृत प्रदेश में विद्युत कंपनियों की संगठनात्मक संरचना का पुनर्गठन कर 51,711 नवीन नियमित पदों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे कंपनियों की कार्यक्षमता, क्षेत्रीय उपस्थिति तथा उपभोक्ता सेवाओं का प्रभावी विस्तार संभव हो सकेगा। स्वीकृत पदों में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के लिये 17402, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के लिये 16165, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के लिये 15690, पावर ट्रांसमिशन कम्पनी के लिये 1431 और पॉवर जनरेटिंग कम्पनी के लिये 1017 पद हैं। इनमें भर्ती प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पारेषण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण हेतु 5163 करोड़ रुपये के कार्य तथा सारनी व चचाई में 23,000 करोड़ रुपये लागत की 2×660 मेगावॉट की नई ताप विद्युत इकाइयों की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की गई है। गांधीसागर तथा राणा प्रताप सागर जल विद्युत गृह के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण की संयुक्त परियोजना को भी अनुमोदन किया गया है, जिससे जल विद्युत उत्पादन की क्षमता आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगी। उपभोक्ताओं को राहत ऊर्जा उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से अटल गृह ज्योति योजना, अटल कृषि ज्योति योजना और निःशुल्क विद्युत प्रदाय योजना के माध्यम से लाखों परिवारों और किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2025-26 में इन योजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो राज्य सरकार की जनहितकारी सोच को परिलक्षित करता है। अटल ज्योति योजना में इस वित्तीय वर्ष में 7131 करोड़, अटल कृषि ज्योति योजना में 13909 करोड़ और नि:शुल्क विद्युत प्रदाय योजना में 5299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आरडीएसएस योजना अंतर्गत उपकेन्द्रों, लाइनों, कृषि फीडरों के विभक्तिकरण तथा नए ट्रांसफॉर्मरों की स्थापना जैसे कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया गया है। स्मार्ट मीटरिंग के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और राज्य में 26 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। प्री-पेड स्मार्ट मीटर को बढ़ावा देने के लिए उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है। समाधान योजना 2025-26 ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ता, जो किन्हीं कारणों से बिल नहीं जमा कर पाते, उनके लंबित बिलों पर सरचार्ज लगाया जाता है। साथ ही उनके बिजली कनेक्शन विच्छेदित कर दिये जाते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को सुविधा प्रदान करने के लिये समाधान योजना 2025-26 लागू की गयी है। योजना 2 चरणों में लागू की गयी है। इसका प्रथम चरण 3 नवम्बर से 31 दिसम्बर तक लागू रहेगा। दूसरा एवं अंतिम चरण एक जनवरी, 2026 से 28 फरवरी, 2026 तक रहेगा। योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्त मूल राशि का भुगतान करने पर सर्वाधिक लाभ होगा। योजना में 6 आसानी किश्तों में भुगतान की सुविधा प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं को प्रथम चरण में सरचार्ज में 60 से 100 प्रतिशत तक की छूट एवं द्वितीय चरण में 50 से 90 प्रतिशत तक की छूट प्राप्त हो सकेगी। योजना में प्रदेश के सभी घरेलू, गैर घरेलू, औद्योगिक एवं कृषि श्रेणी के सभी अशासकीय उपभोक्ताओं को उनके विगत 3 माह अथवा अधिक अवधि के देयक लंबित होने की स्थिति में सरचार्ज में छूट प्राप्त कर एकमुश्त अथवा किश्तों में भुगतान की सुविधा दी गयी है। मुख्यमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) अंतर्गत भारिया, बैगा और सहरिया जैसे पीवीटीजी समुदायों के लगभग 27 हजार घरों को बिजली से जोड़ने की कार्ययोजना को भारत सरकार द्वारा स्वीकृति दी गई है। इसमें से सितंबर 2025 तक 25,362 घरों का विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है। साथ ही धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत 59,172 घरों के विद्युतीकरण की योजना तेजी से क्रियान्वित की जा रही है। राज्य की पारेषण कंपनी ने वर्ष 2024-25 में 99.47 प्रतिशत उपलब्धता तथा मात्र 2.60 प्रतिशत लाइन हानियों के साथ देश में उदाहरण प्रस्तुत किया है। ड्रोन पेट्रोलिंग, ऑप्टिकल फाइबर आधारित संचार प्रणाली, हाई टेम्परेचर लो-सेग कंडक्टर और GIS उपकेन्द्र जैसी तकनीकों को अपनाकर विद्युत व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और भविष्य के अनुरूप बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में नवीन एमवाय अस्पताल भवन के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा के नेतृत्व में देश और प्रदेश की स्वास्थ सुविधाओं में पिछले 11 वर्षों से लगातार वृद्धि हो रही है। मध्य प्रदेश में नए-नए मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज कॉलेज खोले जा रहे हैं। प्रदेश सरकार नागरिकों की सुविधाओं में वृद्धि के लिए दिन-रात प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर के महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय परिसर में कुल 773.07 करोड रुपए लागत से निर्मित होने वाले 1450 बिस्तरीय अस्पताल के नवीन भवन निर्माण कार्य के भूमि पूजन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि जिस तरह इंदौर शहर हमारे प्रदेश का गौरव है, उसी तरह इंदौर के एमवाय अस्पताल की भी मध्यप्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि इंदौर में 1450 बिस्तरीय अस्पताल बन जाने से न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि हमारे पड़ोसी राज्यों के सीमावर्ती जिलों के मरीजों को भी यहां बेहतर स्वास्थ सुविधाएं उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग को मिलाकर इस विभाग को और सशक्त बनाया गया है। उन्होंने इस अवसर पर बताया कि इंदौर के एमवाय अस्पताल में बोनमेरो ट्रांसप्लांट और किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा निशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को नए अस्पताल भवन के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्मित किए जाने वाले नए अस्पताल भवन में मेडिसिन वार्ड में कुल 330 बिस्तर, सर्जरी विभाग में 330 बिस्तर, ऑर्थोपेडिक्स विभाग में 180 बिस्तर, शिशु रोग सर्जरी विभाग में 60, शिशु रोग वार्ड में 100, न्यूरो सर्जरी में 60, नाक कान गला विभाग में कुल 30, दंत रोग विभाग में 20, त्वचा रोग विभाग में कुल 20, मातृ एवं शिशु वार्ड में 100, नेत्र वार्ड में 80 तथा इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए 180 बिस्तरीय सुविधा उपलब्ध रहेगी। नए अस्पताल भवन में कुल 1450 बिस्तरीय वार्डों के निर्माण पर कुल 528 करोड़ रुपए व्यय होंगे। इसके अलावा 550 बिस्तरीय नर्सिंग हॉस्टल के निर्माण पर 21.37 करोड रुपए, 250 सीटर मिनी ऑडिटोरियम के निर्माण पर 1.60 करोड रुपए व्यय किए जाएंगे। इसके अलावा सार्वजनिक पार्किंग के निर्माण पर 31.50 करोड़ रुपए, विद्युतीकरण, बाउंड्रीवॉल एवं सोलर पैनल स्थापना पर 25.53 करोड रुपए तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, प्लंबिंग एवं वाटर सप्लाई संबंधी कार्यों कार्य पर लगभग 10 करोड रुपए लागत आएगी। इसे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। स्वागत उद्बोधन विधायक श्री गोलू शुक्ला ने दिया। कार्यक्रम में सांसद श्री शंकर लालवानी, इंदौर के महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक श्री महेंद्र हार्डिया, विधायक श्री मधु वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण भी मौजूद थे 

पहचान छिपाकर की दोस्ती, दरगाह पहुंचते ही खुला सच, इंदौर रेप केस में नया मोड़

इंदौर  इंदौर में एक हिंदू युवती को प्रेमजाल में फंसाकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शख्स ने पहले प्रेमजाल में फंसाया फिर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर कर दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने तक की धमकी दी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर दुष्कर्म सहित गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। लसूड़िया पुलिस के अनुसार, थाना क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाली 22 वर्षीय हिंदू युवती की शिकायत पर अनस उर्फ अश्विन पिता नईम बैग, निवासी ताज नगर, झलारिया रोड, इंदौर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने पहले खुद को हिंदू बताकर युवती से दोस्ती की और बाद में धोखे से उसे धर्म परिवर्तन के लिए दबाव में लिया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मां और भाई के साथ रहती है। करीब एक वर्ष पहले उसकी पहचान अश्विन नाम के युवक से हुई थी। दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती थी, लेकिन वह कभी उसके साथ घूमने नहीं गई थी। 7 दिसंबर 2025 को आरोपी ने उसे स्टार चौराहे पर मिलने बुलाया और मामा-भांजे की दरगाह ले गया। वहीं आरोपी ने खुलासा किया कि वह हिंदू नहीं, बल्कि मुस्लिम है और उसका असली नाम अनस है। इसके बाद उसने निकाह करने की बात कही। धोखाधड़ी का एहसास होने पर युवती ने शादी से इनकार कर दिया और घर लौट आई। पीड़िता के अनुसार, 12 दिसंबर की रात करीब 10:30 बजे आरोपी ने दोबारा उसे स्टार चौराहे पर बुलाया। बातचीत के बहाने वह उसे स्कीम नंबर-78 स्थित एक कमरे में ले गया, जहां कोई मौजूद नहीं था। वहां आरोपी ने पहले भावनात्मक बातें कीं और फिर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाने लगा। विरोध करने और वहां से जाने की बात कहने पर आरोपी ने कथित तौर पर जबरन दुष्कर्म किया, मारपीट की और धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो जान से खत्म कर देगा। किसी तरह वहां से निकलकर युवती घर पहुंची और पूरी घटना अपनी मां को बताई। इसके बाद मां के साथ वह हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं के साथ लसूड़िया थाने पहुंची, जहां शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी अनस उर्फ अश्विन को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से अन्य युवतियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और एक चाकू की फोटो भी मिली है। पुलिस सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक राजकुमार टेटवाल ने आरोप लगाया कि आरोपी अनस उर्फ अश्विन लंबे समय से हिंदू युवती को प्रताड़ित कर रहा था और धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करने की तैयारी में था। युवती की जागरूकता के कारण उसका प्रयास विफल रहा। सूचना मिलने पर संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। इस दौरान जिला सह संयोजक पंकज खंडेलवाल सहित पीयूष गांधी, नीरज दुबे, अर्पित ठक्कर, शक्ति चौहान, कुशाल शिंदे, तरुण भांड, विशु वर्मा, मुकेश गुर्जर, सुमित जाटव, आकाश पाल, सोनू धाकड़ सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।  

वंदे भारत ट्रेनों में परोसा जाएगा स्थानीय भोजन, रेलवे ने फर्जी टिकट बुकिंग रोकने के लिए सख्त नियम और ओटीपी प्रणाली लागू की

भोपाल   भारतीय रेलवे यात्रियों को बेहतर और यादगार सफर देने के लिए लगातार नई पहल कर रहा है. इसी कड़ी में अब वंदे भारत ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को उस क्षेत्र का स्थानीय भोजन चखने का मौका मिलेगा. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल भवन में अधिकारियों के साथ हुई एक समीक्षा बैठक में इस योजना की जानकारी दी. उनका कहना है कि इससे यात्रियों को न केवल आरामदायक यात्रा मिलेगी, बल्कि वे उस इलाके की संस्कृति और खानपान से भी जुड़ सकेंगे. वंदे भारत ट्रेनों में मिलेगा लोकल फूड रेल मंत्री ने बताया कि वंदे भारत ट्रेनों में स्थानीय भोजन की सुविधा शुरू की जाएगी. उदाहरण के तौर पर, यदि ट्रेन दक्षिण भारत से गुजर रही है तो यात्रियों को वहां के पारंपरिक व्यंजन मिलेंगे, वहीं उत्तर भारत के रूट पर स्थानीय स्वाद परोसा जाएगा. यह योजना पहले वंदे भारत ट्रेनों में लागू होगी और इसके सफल रहने पर इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य ट्रेनों में भी लागू किया जाएगा. फर्जी टिकट बुकिंग पर रेलवे की सख्ती रेलवे ने टिकट बुकिंग प्रणाली को पारदर्शी और आम यात्रियों के लिए आसान बनाने के लिए फर्जी टिकट बुकिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं. रेल मंत्री ने बताया कि फर्जी और संदिग्ध यूजर आईडी के कारण असली यात्रियों को तत्काल टिकट नहीं मिल पाता था. अब इस समस्या से निपटने के लिए कड़ा सिस्टम लागू किया गया है. 3.03 करोड़ फर्जी अकाउंट किए गए बंद रेलवे और आईआरसीटीसी ने अब तक 3.03 करोड़ फर्जी अकाउंट बंद कर दिए हैं. इसके अलावा 2.7 करोड़ यूजर आईडी को संदिग्ध गतिविधियों के चलते अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है. कड़े सत्यापन के बाद अब आईआरसीटीसी वेबसाइट पर प्रतिदिन करीब 5,000 नए यूजर अकाउंट ही बनाए जा रहे हैं, जबकि पहले यह संख्या एक लाख तक पहुंच जाती थी. आधार आधारित OTP सिस्टम लागू फर्जी बुकिंग रोकने के लिए रेलवे ने आधार-आधारित ओटीपी सिस्टम लागू किया है. यह व्यवस्था अभी 322 ट्रेनों में शुरू हो चुकी है, जिससे तत्काल टिकट कन्फर्म होने की संभावना करीब 65% तक बढ़ गई है. इसके साथ ही आरक्षण काउंटरों पर भी यह सिस्टम 211 ट्रेनों में लागू किया जा चुका है. एंटी-बॉट तकनीक से मिले बेहतर परिणाम रेल मंत्री ने बताया कि Akamai जैसी एंटी-बॉट तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे फर्जी यूजर्स की पहचान आसानी से हो रही है. इससे असली यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान, सुरक्षित और स्मूथ बन गई है. रेलवे के इन कदमों से यात्रियों को अब बेहतर सुविधा और न्यायसंगत टिकट प्रणाली का लाभ मिल रहा है.