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MP में जुजुत्सु के अधिकारी गिरफ्तार, रोहिणी कलम सुसाइड केस में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी से प्रेम का मामला सामने आया

 देवास मध्य प्रदेश के देवास में एक जिउ-जित्सु ( jiu-jitsu ) ऑर्गनाइजेशन के सीनियर अफसर को 35 साल की एक इंटरनेशनल महिला  खिलाड़ी को परेशान करने और सुसाइड के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया.बैंक नोट प्रेस पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अमित सोलंकी ने बताया कि जि-जित्सु प्लेयर रोहिणी कलम (35) ने 26 अक्टूबर को अपने घर में फांसी लगा ली. उन्होंने कहा कि कलाम के परिवार के बयानों और टेक्निकल सबूतों के आधार पर जांच से पता चला कि उनके कोच और मध्य प्रदेश जि-जित्सु एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विजेंद्र खरसोदिया और वाइस-प्रेसिडेंट प्रीतम सिंह सोलंकी उन्हें मेंटली परेशान कर रहे थे. एथलीट की मौत के सिलसिले में दोनों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (सुसाइड के लिए उकसाना) और दूसरे जरूरी कानूनी नियमों के तहत मामला दर्ज किया गया और सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया गया. खरसोदिया की तलाश शुरू कर दी गई है. प्राइवेट स्कूल में मार्शल आर्ट की कोच भी थी रोहिणी मार्शल आर्ट खिलाड़ी रोहिणी कलम के पिता महेश कलम बीएनपी के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। रोहिणी आष्टा के निजी स्कूल में मार्शल आर्ट कोच थीं और वहीं रह रही थीं। उन्होंने 2007 में खेल जीवन की शुरुआत की थी। 2015 से पेशेवर रूप से जुजुत्सु में भाग लेने लगीं। वह जुजुत्सु संघ की महासचिव भी थीं। चार बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थीं। उनकी आईपीएस बनने की इच्छा थीं। खरसोदिया कलम के कोच थे और उनकी देखरेख में उन्होंने नेशनल और इंटरनेशनल जि-जित्सु कॉम्पिटिशन में कई अवॉर्ड जीते थे. एक और पुलिस ऑफिसर ने FIR का जिक्र करते हुए कहा कि जून में कलाम के पेट के ट्यूमर की सर्जरी होने के बावजूद आरोपी उसे बार-बार फोन करके और ट्रेनिंग करने की मांग करके परेशान करते रहे. आरोप है कि दोनों कलम को उनकी इजाजत के बिना किसी भी कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने नहीं देते थे और उसकी मर्जी के खिलाफ हिस्सा लेने के लिए दबाव डालते थे. इस बीच, कलम परिवार ने देवास पुलिस की जांच से नाखुशी जताई है. रिपोर्टर्स से बात करते हुए कलम की छोटी बहन रोशनी ने कहा, "जब हमने अपनी बहन की आत्महत्या के खिलाफ प्रोटेस्ट करने की बात की, तभी पुलिस ने बुधवार को जल्दबाजी में केस दर्ज किया. मैं पुलिस की जांच से पूरी तरह नाखुश हूं और चाहती हूं कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) मेरी बहन की मौत की जांच करे." उन्होंने कहा कि खरसोदिया और सोलंकी कभी-कभी उनकी बहन की पर्सनल लाइफ में बहुत ज्यादा दखल देते थे और उन पर बेवजह दबाव डालते थे. परिजन ने आगे दावा किया कि उनकी गुजर चुकी बहन के कमरे से एक लैपटॉप और एक पेन ड्राइव गायब है और उनके परिवार को इस बारे में पता नहीं था. पुलिस की जांच- तनाव में थीं रोहिणी पुलिस जांच में सामने आया कि रोहिणी काफी तनाव में थीं। घटना वाले दिन भी आत्महत्या से पहले रोहिणी की प्रीतम सिंह से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद ही यह कदम उठाया। परिवार का कहना है कि 26 अक्टूबर को कोच विजेंद्र खरसोदिया ने रोहिणी की छोटी बहन को फोन किया। बताया था कि रोहिणी के कमरे में देखो, कुछ करने वाली है। बहन कमरे में पहुंची, तो बाहर से दरवाजा बंद था। दरवाजा तोड़कर देखा तो वह फंदे पर लटकी थी। बहन ने शोर मचाया तो अन्य लोग पहुंचे और से फंदे से नीचे उतारा। उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पता चला कि घटना की जानकारी मिलते ही कोच भी बेसुध हो गया था। बीपी बढ़ने के कारण वह दो दिन तक निजी अस्पताल में भर्ती रहा था। कोचिंग के दौरान प्रीतम से मुलाकात पुलिस के अनुसार 26 अक्टूबर को रोहिणी की मौत की सूचना मिली थी। पूछताछ में परिवार ने बताया कि रोहिणी कलम वर्ष 2009-10 से जुजुत्सु (मार्शल आर्ट्स) की ट्रेनिंग के लिए यूनिवर्सल मार्शल आर्ट्स अकेडमी जॉइन किया था। बाद में उसने M.Ped तक पढ़ाई की। अकेडमी में विजेंद्र खरसोदिया उसके कोच थे। रोहिणी ने मार्शल आर्ट्स में नेशनल, इंटरनेशनल अवॉर्ड जीते। साल 2022-2023 में म.प्र. जुजुत्सु संघ के महासचिव भी रही, जिसमें विजेंद्र खरसोदिया अध्यक्ष (कोच) हैं। इसी दौरान दो साल पहले रोहिणी की प्रीतम सिंह सोलंकी निवासी हाटपिपल्या देवास से पहचान हुई। प्रीतम सिंह भी म.प्र. जुजुत्सु संघ में उपाध्यक्ष था और अभी भी उसी पद पर है। रोहिणी की उसके कोच विजेंद्र खरसोदिया और प्रीतम सिंह सोलंकी से फोन पर बात होती थी। रोहिणी को मई महीने में पेट में तेज दर्द होने लगा था, तो विजेंद्र सिंह उसे इंदौर में डॉक्टर के पास ले गए थे, जहां डॉक्टर ने पेट में गठान होना बताया था। रोहिणी का जून महीने में ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद वह घर पर ही रहकर आराम कर रही थी। मर्जी से कहीं नहीं जा सकती थी रोहिणी परिजनों का आरोप- मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर सुसाइड किया परिवार ने बताया कि डॉक्टर ने उसे आराम करने के लिए बोला था, लेकिन उसके कोच विजेंद्र खरसोदिया और प्रीतम सिंह बार-बार फोन करके परेशान करते थे। ऑपरेशन के बाद भी कोच उसे ट्रेनिंग दिलाने के लिए बुलाते रहते थे। उस पर दबाव बनाकर रखते थे। बिना पूछे कहीं भी जाने नहीं देते थे। उन्हें जहां लेकर जाना होता था, वहां रोहिणी की मर्जी के बिना भी लेकर चले जाते थे। प्रीतम कभी भी उसे फोन लगाता रहता था। रोहिणी अगर प्रीतम का फोन नहीं उठाती, तो वह घर के अन्य सदस्य को फोन करके पूछता रहता था। रोहिणी को जब नैनीताल के टूर्नामेंट के लिए जाना था, तब वह फोन पर बात करते हुए कह रही थी कि प्रीतम को पता नहीं चलना चाहिए कि वह नैनीताल जा रही है, नहीं तो वह भी आ जाएगा। उनकी बातों से यह तो पक्का था कि वह रोहिणी के पीछे पड़ा था, लेकिन वह उससे दूर भाग रही थी। रोहिणी ने भी यह बात घर पर बताई थी कि वह उसके कोच और प्रीतम से परेशान हो गई है। कोच विजेंद्र खरसोदिया और प्रीतम सिंह से मानसिक रूप से प्रताड़ित होकर रोहिणी ने सुसाइड किया है।

मध्यप्रदेश में बड़े बदलाव की तैयारी: इंदौर से लॉन्च होगी 10,000 बसों की सुगम परिवहन योजना

भोपाल मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत मध्य प्रदेश के सभी जिलों में सरकारी नियंत्रण वाली यात्री बसें अप्रैल, 2027 तक संचालन में आ जाएंगी। इस योजना के अंतर्गत कुल 10,879 बसें चलाई जाएंगी। ये बसें निजी ऑपरेटरों की होंगी, लेकिन इनके संचालन, प्रबंधन और किराया संरचना पर पूरा नियंत्रण शासन के पास रहेगा। योजना की शुरुआत अप्रैल, 2026 से इंदौर के आठ अंतर्शहरी और 24 उपनगरीय मार्गों पर की जाएगी। संचालन कार्य में देरी न हो, इसलिए हर चरण और गतिविधि की स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी गई है। बसों का किराया शुरुआती एक किलोमीटर के लिए सात रुपये तथा उसके बाद प्रति किमी 1.25 रुपये निर्धारित है। इसी दर से 50 किमी का किराया 70 रुपये बनता है, जबकि वर्तमान में निजी बस संचालक 50 प्रतिशत तक अधिक किराया वसूल रहे हैं।   CM की अध्यक्षता में हुई बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में बस सेवा को चरणबद्ध ढंग से पूरे प्रदेश में लागू करने की रूपरेखा तय की गई। तय कार्यक्रम के अनुसार सेवा शुरू होने के एक वर्ष के भीतर सभी जिलों में सुगम परिवहन सेवा उपलब्ध होगी। फिलहाल इंदौर, उज्जैन, सागर और जबलपुर के लिए यात्रियों की संख्या एवं मार्ग सर्वेक्षण का काम पूरा कर लिया गया है। परिवहन विभाग ने इंदौर संभाग के जिलों के मार्ग 15 दिसंबर, 2025 तक और उज्जैन क्षेत्र के मार्ग 26 नवंबर से पहले निर्धारित करने का लक्ष्य रखा है। बसों के व्यवस्थापन के लिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, जिसमें व्हीकल लोकेशन, ट्रैकिंग, किराया संग्रहण और अलर्ट जैसे 18 मॉड्यूल शामिल हैं। हालांकि ITMS सॉफ्टवेयर का पूर्ण निर्माण मई, 2026 तक संभव होगा। किराया संरचना (रुपये में)     10 किमी – 19 रुपये     20 किमी – 32 रुपये     30 किमी – 45 रुपये     40 किमी – 57 रुपये     50 किमी – 70 रुपये किस चरण में कहां शुरू होगी सेवा: प्रथम चरण – इंदौर शहर से 50 किमी दायरे के शहरी व अंतर्शहरी रूट रूट: 32 बसें: 310 समय सीमा: अप्रैल, 2026 द्वितीय चरण – इंदौर संभाग के सभी जिले रूट: 771 बसें: 1706 समय सीमा: जून, 2026 तृतीय चरण – भोपाल व उज्जैन शहर से 50 किमी दायरे वाले रूट रूट: भोपाल 50, उज्जैन 23 बसें: भोपाल 152, उज्जैन 127 समय सीमा: जुलाई, 2026 चौथा चरण – उज्जैन संभाग के सभी जिले रूट: 386 बसें: 1318 समय सीमा: नवंबर, 2026 पांचवां चरण – सागर एवं जबलपुर संभाग रूट: 1228 बसें: 2635 समय सीमा: दिसंबर, 2026 छठा चरण – भोपाल व नर्मदापुरम संभाग रूट: तय नहीं बसें: 1843 समय सीमा: अप्रैल, 2027 सातवां चरण – रीवा एवं शहडोल संभाग रूट: निर्धारित नहीं बसें: 1470 समय सीमा: अप्रैल, 2027 आठवां चरण – ग्वालियर एवं चंबल संभाग रूट: निर्धारित नहीं बसें: 1318 20 वर्ष बाद फिर शुरू होगी सरकारी परिवहन सेवा साल 2005 में 700 करोड़ रुपये से अधिक घाटे के कारण मप्र राज्य सड़क परिवहन निगम बंद हो गया था। इसके बाद से बस संचालन पूरी तरह निजी क्षेत्र पर निर्भर था, जिससे मनमाना किराया, वाहनों की खराब फिटनेस और क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जाने जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही थीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पदभार ग्रहण करने के बाद दोबारा सरकारी सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद यह योजना लागू की जा रही है।

छात्रों के आरोपों पर कार्रवाई: छिंदवाड़ा के स्कूल में तीन शिक्षक हटाए गए

छिंदवाड़ा जिले में बड़े पैमाने पर मत्तांतरण का खेल चल रहा है। इस मामले में ईसाई मिशनरियों के सबसे ज्यादा निशाने पर भोले भाले आदिवासी रहते हैं। ताजा मामला जुन्नारदेव के बिलावर कला का है। यहां मतांतरण के आरोप में 3 शिक्षकों पर गाज गिरी है। इससे पहले भी तामिया, चौरई और अन्य इलाके में भी इस प्रकार के मामले सामने आ चुके हैं। बताया जा रहा है कि इस काम के लिए विधिवत प्लानिंग की जाती है। पैसे और अन्य प्रलोभन देकर आदिवासियों को अपनी तरफ किया जाता है। इस मामले में शैक्षणिक संस्थान सबसे ज्यादा निशाने पर होते हैं। जुन्नारदेव के बिलावर कला गांव के एक सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों ने शिकायत दर्ज कराई है कि एक शिक्षिका (सीमा मैथ्यूज) और छात्रावास अधीक्षक (नरेंद्र उईके) उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर कर रहे थे। छात्रों ने आरोप लगाया था कि शिक्षिका उन्हें हिंदू रीति-रिवाजों से दूर रहने और ईसाई धर्म की बातें मानने के लिए कहती थीं। साथ ही, टीका या कलावा पहनकर आने पर उसे जबरन हटवाया जाता था और आदेश न मानने पर टीसी (स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र) देने की धमकी दी जाती थी।   दो शिक्षकों को बीईओ कार्यालय अटैच किया गया विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और कन्हान बचाओ मंच की शिकायत और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर, जिला प्रशासन और जनजातीय कार्य विभाग ने कार्रवाई की। मामले के तीनों आरोपितों (शिक्षिका, अधीक्षक और प्राचार्य अनिल कुमार सूर्यवंशी) को उनके पदों से हटा दिया और प्राचार्य का तबादला कर दिया गया है, जबकि अन्य दो को बीईओ कार्यालय अटैच किया गया है। लागातर मामले आ रहे है सामने जिले में लगातार इस प्रकार के मामले सामने आ रहे हैं। परासिया के ग्राम सोनापिपरी, कोसमी में मतांतरण की शिकायत की गई थी कि सीधे-साधे आदिवासियों को प्रलोभन देकर उन्हें जबरन ईसाई बनाने की कोशिश की जा रही है। इसको लेकर आदिवासियों ने शिकायत की थी कि अन्य ग्रामों में पांढ़रापानी, सहपानी, देवरीटाना, सोनापिपरी, गांगीवाड़ा समेत ग्रामीण अंचलों के लोगों को अपने निवास पर बुलाकर प्रलोभन देने की बात कही गई। इनका कहना है कि हमें जैसे ही इस मामले में शिकायत मिली हमने तत्काल कारवाई की है। विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है। सत्येंद्र मरकाम, सहायक आयुक्त। जनजातीय कार्य विभाग।

इंडियन रेलवे का आदेश: 21 नवंबर से नहीं चलेगी पातालपानी–कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन

महू प्रदेश की एकमात्र हेरिटेज ट्रेन, जो पातालपानी से कालाकुंड तक की खूबसूरत वादियों और प्राकृतिक झरनों के बीच से होकर गुजरती है, उसका संचालन इस वर्ष 21 नवंबर से बंद किया जा रहा है। पश्चिम रेलवे ने गुरुवार को हेरिटेज ट्रेन बंद करने का आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है। रेलवे ने इस रेल सेक्शन को पहले ही हेरिटेज घोषित किया था, लेकिन अब पातालपानी से बढ़िया, चोरल मार्ग होते हुए खंडवा तक ब्राडगेज लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा। हर वर्ष यह हेरिटेज ट्रेन मानसून के बाद अगस्त में शुरू होती है और मार्च या अप्रैल तक संचालित की जाती है। मगर इस बार रेलवे ने नवंबर में ही संचालन रोकने का निर्णय लिया है। यह फैसला रेलवे के विकास कार्यों विशेषकर ब्राडगेज प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के लिए लिया गया है।   महू से पातालपानी तक ब्राडगेज लाइन बिछाई जा चुकी है और इसका सीआरएस निरीक्षण भी संपन्न हो चुका है। अब पातालपानी से आगे खंडवा ब्राडगेज लाइन के लिए ट्रैक बिछाने तथा पातालपानी स्टेशन के पास नए रेलवे ब्रिज के निर्माण का काम किया जाएगा। इन कार्यों के चलते हेरिटेज ट्रेन अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगी। हेरिटेज ट्रेन के बंद होने से महू स्टेशन से चलने वाली नियमित ट्रेनों को अब अतिरिक्त रेलवे स्टाफ मिल पाएगा। पहले गार्ड, लोको पायलट, टीसी सहित अन्य कर्मचारी सप्ताह में तीन दिन हेरिटेज ट्रेन में ड्यूटी देते थे, अब उन्हें अन्य ट्रेनों में नियुक्त किया जाएगा। गौर करने वाली बात यह है कि इस ट्रेन को हर साल, खासकर मानसून से मार्च तक, यात्रियों से शानदार प्रतिसाद मिलता है। क्रिसमस और नववर्ष के दौरान तो यात्रियों की इतनी भीड़ रहती थी कि ट्रेन पूरी तरह भरी रहती थी। लेकिन इस वर्ष सैलानी हेरिटेज ट्रेन का आनंद और वादियों के मनोहारी दृश्य नहीं देख सकेंगे।

भैरव घाट पर 450 मीटर वायाडक्ट और टनल बन रही, इंदौर–खंडवा रोड पर सफर होगा सुरक्षित और आसान

इंदौर मध्य प्रदेश में सड़क परिवहन विभाग विकास के नए-नए आयाम लिख रहा है. निमाड़-मालवा वालों के लिए खुशखबर यह है कि इंदौर-खंडवा रोड का काम पूरा होने जा रहा है. इंदौर इच्छापुर हाईवे का फोर लेन निर्माण कार्य किया जा रहा है. यह निर्माण कार्य 2026 में पूरा हो जाएगा. भैरव घाट में वर्तमान सड़क से अलग टनल और ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है जिससे घुमावदार मोड़ वाले घाट और एक्सीडेंट झोन खत्म हो जाएंगे. नर्मदा नदी पर वायाडक्ट का निर्माण सड़क निर्माण कंपनी मेघा इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट हेड नागेश्वर राव के अनुसार, ''वर्तमान में सड़क निर्माण का कार्य लगातार तेजी से किया जा रहा है. भैरव घाट पर हादसों को देखते हुए सड़क डिजाइन में कई विशेष बातों का ध्यान रखा गया है. जिसमें मुख्य तौर पर यहां नर्मदा नदी पर बने पुल से ऊंचा वायाडक्ट पुल के रूप में तैयार किया गया है. साथ ही भैरव घाट और चोरल घाट में तीन अलग-अलग टनल का निर्माण किया जा रहा है.'' अप्रैल 2026 तक पूरा हो जाएगा कार्य इस वायाडक्ट और टनल के चलते हादसों की संभावना लगभग ना के बराबर होगी. इसे हादसों को ध्यान में रखते हुए ही डिजाइन किया गया है. यह प्रोजेक्ट भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत चल रहा है. सड़क निर्माण से आने वाले समय में लोगों को काफी सुविधा होगी. भैरव घाट में निर्माण कार्य लगभग अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा. वहीं, इसे जून महीने तक यात्रियों के लिए शुरू कर दिया जाएगा. जिन टनल का निर्माण किया जा रहा है उनमें पहली टनल 300 मीटर लंबी, दूसरी टनल 480 में और तीसरी 550 मीटर लंबी है. 450 लंबा वायाडक्ट हो रहा तैयार भैरव घाट में वर्तमान में सड़क पर वाहनों को चढ़ाई करने के दौरान उल्टी तरफ चढ़ना पड़ता है. ऐसे में कई बार हादसों की स्थिति बनी रहती है. वर्तमान में तैयार किया जा रहा वायाडक्ट करीब 450 मी का है. जिसमें अलग-अलग चीजों का ध्यान रखा गया है. यह सड़क इंदौर इच्छापुर हैदराबाद हाईवे के नाम से पहचानी जाती है. करीब 300 किलोमीटर के इस हाइवे पर कंपनी द्वारा पहले हिस्से में काम किया जा रहा है, यह सड़क करीब 80% पूरी हो चुकी है. अप्रैल 2026 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. भैरव घाट पर सड़क हादसों में कई लोगों की मौत इंदौर-खंडवा रोड पर स्थित भैरव घाट को आमतौर पर मौत की सड़क के नाम पर जाना जाता है. आए दिन होने वाले हादसों में यहां कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं. बीते दिनों हुए हादसों में करीब एक दर्जन से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं. आने वाले दिनों में इन हादसों पर अब रोकथाम लगने वाली है. सड़क निर्माण कंपनी मेघा इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट हेड नागेश्वर राव के अनुसार वर्तमान में सड़क निर्माण का कार्य लगातार तेजी से किया जा रहा है.

सिंगापुर के साथ MANIT भोपाल कर रहा अभिनव शोध, भविष्य की EV और सोलर टेक्नोलॉजी में आएगा बदलाव

भोपाल  मैनिट भोपाल अब दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी में शामिल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर (NUS) के साथ मिलकर ऐसा हाई-टेक शोध करने जा रहा है, जिसकी बदौलत भारत में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग सिस्टम और सोलर ग्रिड मैनेजमेंट पूरी तरह बदल सकता है। शिक्षा मंत्रालय की SPARC योजना के तहत मैनिट को इसके लिए 1 करोड़ रुपये का मेगा अनुदान मिला है। क्या खास होने वाला है?  भारत में पहली बार EV चार्जिंग का “डिजिटल ट्विन” बनेगा इस परियोजना में EV चार्जिंग सिस्टम का डिजिटल ट्विन मॉडल तैयार किया जाएगा। यानी-चार्जिंग स्टेशन का वर्चुअल क्लोन, जो रियल टाइम में बतायेगा कि लोड कितना है? कितनी गाड़ियां चार्ज हो सकती हैं? कहां ओवरलोडिंग का खतरा है? चार्जिंग को कैसे तेज और सस्ती बनाई जाए? यह टेक्नोलॉजी विदेशों में तो है, भारत में अभी शुरुआत भी नहीं हुई। दो साल की अवधि वाली परियोजना स्वीकृत परियोजना का शीर्षक है इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के लिए ग्रिड-इंटीग्रेटेड सोलर पीवी सिस्टम के उन्नत प्रबंधन हेतु डेटा फ्यूज़न के साथ डिजिटल ट्विन इंटीग्रेशन। दो साल की अवधि वाली यह परियोजना डिजिटल ट्विन तकनीक, उन्नत डेटा फ्यूजन, स्मार्ट सोलर पीवी सिस्टम और बुद्धिमान ईवी चार्जिंग प्रबंधन जैसे आधुनिक शोध क्षेत्रों पर काम करेगी। मैनिट की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मिलेगा नया आयाम यह अनुदान न सिर्फ मैनिट की वैश्विक शोध प्रतिष्ठा को मजबूत करेगा, बल्कि संस्थान में अंतर्विषयक सहयोग और उन्नत तकनीकों पर शोध को नई दिशा देगा। परियोजना से मिलने वाले परिणाम भविष्य के स्वच्छ, स्मार्ट और सतत ऊर्जा समाधानों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस परियोजना से क्या बदल जाएगा? – भारत में EV चार्जिंग होगी तेज, सस्ती और स्मार्ट – सोलर ग्रिड होगा भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए तैयार – शहरी यातायात और ऊर्जा प्रबंधन होगा डिजिटल और स्वचालित – मैनिट की ग्लोबल पहचान नई ऊंचाई पर जाएगी  

रोड एक्सीडेंट पर MP हाई कोर्ट की नाराज़गी, पुलिस को फटकार—ट्रैफिक कौन संभालेगा?

इंदौर   इंदौर में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर हाई कोर्ट ने ट्रैफिक पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए. शहर के एयरपोर्ट रोड पर करीब 2 माह पहले बेलगाम ट्रक ने कई लोगों को कुचल दिया था. इस मामले में दायर याचिका पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सुनवाई चल रही है. हाई कोर्ट की सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इंदौर पुलिस कमिश्नर पेश हुए. इस दौरान हाई कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर पर चालानी कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए. मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी. पहले ट्रैफिक रूल्स तुड़वाते हैं, फिर चालानी कार्रवाई हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस संजीव सचदेव और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ द्वारा इस मामले की सुनवाई की जा रही है. सुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बताया "ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा रही है." उन्होंने इसका ब्यौरा भी पेश किया. इस पर युगलपीठ ने कहा "आपकी पुलिस द्वारा पहले वाहन चालकों से नियम तुड़वाए गए और उसके बाद उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई." चालान काटने में लगी रहती है ट्रैफिक पुलिस हाई कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर से कहा "मुंबई में जाकर देखें, वहां पर बीच चौराहे पर पुलिसकर्मी नजर आता है लेकिन आपके इंदौर में पेड़ के पीछे जवान खड़े रहते हैं और वह ड्यूटी करने के दौरान सिग्नल तोड़ने वालों के चालान बनाने में लगे रहते हैं. आपको 31 दिसंबर तक चालानी कार्रवाई का टारगेट मिलता है. यदि 31 दिसंबर तक निश्चित संख्या में चालानी कार्रवाई नहीं हुई तो चालानी कार्रवाई बड़े स्तर पर की जाती है." इससे पहले भी कलेक्टर, कमिश्नर ,आरटीओ द्वारा कई प्लान बताए गए, उन प्लान में कई तरह की खामियां थी. इस पर कोर्ट ने आपत्ति ली है. भारी वाहनों की मनमानी पर पुलिस ने क्या किया कोर्ट ने इंदौर पुलिस कमिश्नर से पूछा "हादसा होने के बाद भी शहरी क्षेत्र में भारी वाहन घुस रहे हैं. ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, इस पर पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है." इस पर पुलिस कमिश्नर ने बताया "भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्ती जारी है. जरूरी सामान लाने ले जाने वाले वाहनों को अनुमति दी गई है." इंदौर शहर के ट्रैफिक को सुधारने के लिए लगातार वालेंटियर का भी सहयोग लिया जा रहा है. अब 27 नवंबर को एक बार फिर हाई कोर्ट के समक्ष सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित होंगे और अभी तक ट्रैफिक सुधारने को लेकर क्या कदम उठाए हैं, इस बारे में जानकारी देंगे. ट्रक ने बरपाया कहर, 2 की मौत, 13 घायल हुए थे इंदौर के एयरपोर्ट रोड पर दो महीने पहले एक ट्रक अनियंत्रित हो गया था और उसने आधा दर्जन से अधिक वाहन चालकों को टक्कर मारी. इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 13 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. इस घटना के बाद याचिका इंदौर हाई कोर्ट में हाई कोर्ट बार एसोसिशन के अध्यक्ष रितेश ईरानी द्वारा लगाई गई थी. वकील रितेश ईरानी के अनुसार याचिका पर लगातार सुनवाई चल रही है. 

राजा भोज एयरपोर्ट पर उड़ानों की बढ़त, नए वर्ष में यात्री संख्या डेढ़ लाख के पार जाने की संभावना

भोपाल  वर्ष 2026 की शुरूआत के साथ ही भोपाल से एयर कनेक्टिविटी बढ़ने की संभावना है। जल्द ही नवीं मुंबई एवं नोएडा के जेवर एयरपोर्ट से भी भोपाल का कनेक्शन जुड़ जाएगा। नए साल की पहली तिमाही में एयर इंडिया की सहयोगी कंपनी एआई एक्सप्रेस की उड़ानें भी शुरू हो जाएंगी। यदि ऐसा हुआ भोपाल का राजा भोज एयरपोर्ट देश के उन चुनिंदा एयपोर्ट में शामिल हो जाएगा जहां से मासिक यात्री संख्या का आंकड़ा डेढ़ से दो लाख के बीच है। पिछले छह माह से भोपाल से यात्रियों की मासिक संख्या एक से सवा लाख के बीच रही है। एयरपार्ट अथॉरिटी लंबे समय से पैसेंजर ग्रोथ प्लान पर काम कर रही है। अथॉरिटी के प्रयास से ही हाल ही में लंबे समय से बंद गोवा उड़ान पुन: शुरू हुई है। बेंगलुरू एवं दिल्ली तक एयर कनेक्टिविटी भी बढ़ी है। अब अथॉरिटी का फोकस ऐसे शहरों की उड़ान शुरू कराने पर जहां से भोपाल का कनेक्शन कभी नहीं जुड़ा। धार्मिक पर्यटन नगरों पर भी फोकस एयरपोर्ट अथॉरिटी का प्रयास है कि भोपाल से ऐसे शहरों की उड़ानें भी शुरू हो जाएं जो धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूण हैं। भोपाल से अमृतसर, शिर्डी, जम्मू एवं तिरूपति तक बड़ी संख्या में यात्री जाते हैं। इनमें से किसी भी शहर तक सीधी उड़ान नहीं है। वर्ष 2026 में कुछ शहर जुड़ने की उम्मीद की जा रही है। इंडिगो की हैदराबाद उड़ान को तिरूपति तक बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। यदि दो में से एक उड़ान को तिरूपति से जो़ड़ दिया जाए तो तिरूपति बालाजी दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा हो जाएगी। हैदराबाद से तिरूपति का हवाई सफर मात्र 45 मिनट में पूरा हो जाता है। भोपाल से ट्रेन से तिरूपति जाने में 24 घंटे से अधिक समय लगता है। एआई एक्सप्रेस ने स्लाट लिया आई एक्सप्रेस ने भोपाल से दिल्ली, मुंबई के अलावा बेंगलुरू एवं हैदराबाद तक उड़ानें शुरू कराने का भरोसा एयरपोर्ट अथॉरिटी को दिलाया है। फरवरी माह में कम से कम दो उड़ानों के साथ कंपनी भोपाल में दस्तक दे सकती है। इन उड़ानों की शुरुआत से यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होना तय है। इंटरनेशनल रूट पर दुबई उड़ान भी नए साल में प्रारंभ होने की उम्मीद है। ऐसे में भोपाल डेढ़ से दो लाख मासिक यात्री संख्या वाले क्लब में आसानी से शामिल हो सकता है। ऐतिहासिक होगा वर्ष 2026     एयरपोर्ट अथारिटी और भोपाल के लिए वर्ष 2026 ऐतिहासिक होगा। हम लगातार नए रूट जोड़ने के प्रयास कर रहे हैं। इंटरनेशनल उड़ान भी शुरू होने की उम्मीद है। ऐसे में यात्री संख्या बढ़ना तय है। – रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर  

सिक्सलेन प्रोजेक्ट में पर्यावरण पर ध्यान, राजधानी तक सड़क के निर्माण में पेड़ों की सुरक्षा की तैयारी

भोपाल   रत्नागिरी तिराहा से आशाराम तिराहा तक अयोध्या बायपास सिक्सलेन प्रोजेक्ट में 8000 पेड़ों की बली को कोकता बायपास से बचाया जा सकता है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से इसकी संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। एक दूसरे के समानांतर गुजर रहे दोनों बायपास के बीच चार किमी का अंतर है। भोपाल बायपास को कोकता बायपास भी कहा जाता है और अब भी अपेक्षाकृत ट्रैफिक नहीं है। नेशनल हाइवे के अफसरों का भी मानना है कि यदि कोकता बायपास पर ट्रैफिक बढ़ाया जाए तो अयोध्या बायपास किनारे पेड़ों को बचाया जा सकता है। दरअसल कोकता के पास से गुजरने वाले बायपास को भोपाल के बाहर भारी वाहनों के लिए बनाया गया था, उसे ही मजबूत करके शुरू किया जाए तो अयोध्या बायपास के पेड़ कटने से बच सकते हैं। ठेका एजेंसी को देना होगा हर्जाना यहां ठेका एजेंसी तय कर दी गई है। एजेंसी ने अपने प्लांट भी स्थापित कर दिए। एनएच को सिर्फ जगह खाली करना है, जिसके लिए पेड़ों की कटाई की जाएगी। एनजीटी के निर्देश के बाद केंद्रीय स्तर पर ही इसकी अनुमति हो सकती है। बीते सप्ताह इसे लेकर शासन की बैठक थी, लेकिन यहां भी मामला बना नहीं। ठेका एजेंसी का इसमें बड़ा खर्च हो रहा है। हर्जाना लेकर ठेका छोड़ने की चेतावनी दे दी गई है। ऐसेे में अब नए विकल्प की तलाश की जा रही है। बायपास के प्रोजेक्ट महत्वूपर्ण बायपास के प्रोजेक्ट महत्वूपर्ण है। जमीन निकालने के लिए प्रशासनिक अफसरों से कहा गया है। एनएच और एमपीआरडीसी से चर्चा की जा रही है। शासन स्तर से ही इसे लेकर निर्णय होगा। कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर

स्मृति मंधाना और पलाश मुछाल की शादी की तैयारियां पूरी, इंदौर में 23 नवंबर को रस्में

 इंदौर  भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार प्लेयर स्मृति मंधाना तीन दिन बाद ‘इंदौर की बहू’ बनने वाली हैं। वो मशहूर सिंगर और म्यूजिक कम्पोजर पलाश मुछाल से शादी करने जा रही हैं। बताया जा रहा है कि 23 नवंबर को सांगली (महाराष्ट्र) में शादी की रस्में संपन्न होगी। शादी की तैयारियां जोरों पर हैं। उधर, पूरी टीम इंडिया भी स्मृति की शादी का बेसब्री से इंतजार कर रही है। यहां जानें कहां हो रही है शादी स्मृति के होमटाउन सांगली(महाराष्ट्र) में शादी की रस्में शुरू हो चुकी हैं। पलाश की सिंगर बहन पलक मुछाल ने बताया कि पूरा परिवार बेहद उत्साहित है। स्मृति (Smriti Mandhana Wedding) और पलाश की शादी में बॉलीवुड और क्रिकेट दोनों दुनिया के बड़े सितारे शामिल हो सकते हैं। टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि स्मृति (Smriti Mandhana Wedding) की शादी में हम सब मिलेंगे और बहुत मजे करेंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुछाल परिवार पूरी तरह से मुंबई में बस चुका है, इसलिए इंदौर में कोई भी रस्म नहीं की जाएगी। हालांकि शहर से पलाश के पारिवारिक सदस्य उनके मामा शादी समारोह में शामिल होंगे। दोनों परिवारों की एक ही कुलदेवी मिली जानकारी के अनुसार पलाश और स्मृति दोनों ही माहेश्वरी समाज से हैं। दोनों ही परिवार मूलत: राजस्थान के डीडवाना के हैं, इसलिए एक ही कुलदेवी को इन परिवारों से निमंत्रण भेजा गया है।इंदौरसे शादी में पुराने मित्र और नजदीकी रिश्तेदार शामिल हो सकते हैं।