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गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा! जबलपुर में 20 दिन से चली आ रही किल्लत से हजारों परिवार प्रभावित

जबलपुर जिले में घरेलू गैस सिलेंडर (एलपीजी) की आपूर्ति इन दिनों चरमरा गई है। खासतौर से हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी के सिलेंडरों की किल्लत से उपभोक्ता परेशान हैं। एक सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ता एजेंसियों के सामने घंटों कतार में लगने को मजबूर हैं। 10 हजार सिलेंडरों की वेटिंग होने से घरों तक सप्लाई बीते 20 दिनों से प्रभावित है। दरअसल, मनेरी स्थित एचपीसीएल के बाटलिंग प्लांट की क्षमता करीब 24 से 25 हजार सिलेंडर प्रतिदिन की है। पाइपलाइन में खराबी और जबलपुर के प्लांट से एलपीजी की खेप भोपाल भेजे जाने से सप्लाई प्रभावित है। यही कारण है घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि दो-चार दिन में रसोई गैस की किल्लत दूर हो जाएगी और वेटिंग में कमी आएगी।   20 दिन से है संकट जबलपुर में एचपी कंपनी के गैस सिलेंडर 20 दिनों से उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच रहे हैं। जो उपभोक्ता सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी पहुंच रहे हैं, उन्हें भी घंटों कतारबद्ध होना पड़ रहा है। इनमें से अधिकांश को फिर भी गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। जिले में करीब साढ़े तीन लाख गैस उपभोक्ता हैं, जिसमें एचपी, भारत और इंडेन एलपीजी गैस कनेक्शन धारक हैं। खाद्य विभाग के मुताबिक एचपी कंपनी के बाटलिंग प्लांट की पाइपलाइन में खराबी आने से मांग और आपूर्ति बाधित हो रही है। गैस पहुंचाने का टेंडर खत्म हो गया है सूत्रों के अनुसार जबलपुर और भोपाल समेत प्रमुख शहरों में बने एलपीजी रिफिल प्लांट तक वाहनों की मदद से एलपीजी आती है। कैप्शूलनुमा वाहनों के संचालक का काम निजी कंपनी के पास है। इस कंपनी का भोपाल में गैस पहुंचाने का टेंडर खत्म हो गया है। इस वजह से एचपीसीएल के माध्यम से रिफिल से भरे ट्रक को भोपाल भेजा जा रहा है।

डॉ. तोगड़‍िया का जनसंख्या फॉर्मूला: ‘तीन बच्चे हों हिंदुओं के, तीसरे की पढ़ाई का खर्च मेरा’

मंडला अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया आज मध्य प्रदेश के मंडला दौरे पर हैं। वे दोपहर 2 बजे मंडला कृषि मंडी में सभा को संबोधित करेंगे। इससे पूर्व वे जंतीपुर पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। कार्यकर्ताओं से चर्चा के दौरान डॉ. तोगड़िया ने कहा कि हिंदू राष्ट्र निर्माण के लिए मोहन भागवत ही पर्याप्त और सक्षम हैं, हम उनके पीछे हैं। वह सब कुछ करा लेंगे। साथ ही उन्होंने जनसंख्या को लेकर कहा कि हिंदुओं को तीन बच्चे पैदा करने चाहिए, तीसरे बच्चे कि स्कूल फीस मैं भरवा दूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुओं के लिए काम करने वाले व्यक्ति या कोई संस्था, आरएसएस के मोहन भागवत का सम्मान करना चाहिए।

2035 War Policy पर मध्यप्रदेश में बड़ा बैठक: सेना के शीर्ष दिग्गज होंगे शामिल

महू  डॉ. आंबेडकर नगर (महू) के आर्मी वॉर कॉलेज में 24-25 नवंबर को सेना का दो दिनी सेमिनार होगा। इसमें सीनियर मिलिट्री कमांडर, स्ट्रैटेजिक थिंकर्स, एकेडेमियर और इंडस्ट्री के सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट, टेक्नोलॉजिस्ट और वेटरन्स एक साथ विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। महू में सेना द्वारा रणसंवाद के बाद तीन माह में दूसरा बड़ा सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। ऑर्मी वॉर कॉलेज (Army War College) द्वारा होने वाले इस सेमिनार का विषय ' फ्यूचर रेडी' है। इसमें कल के युद्ध के लिए भारतीय सेना की दक्षता को मजबूत करना है। यह 27वां डाक्ट्रिन और स्ट्रेटेजी सेमिनार है। यह सेमिनार डिसरप्टिव टेक्नोलाजी, बदलते जियो पालिटिकल इक्वेशन और मुश्किल थ्रेट मैट्रिक्स से पैदा होने वाली जरूरी चुनौतियों और मौकों पर फोकस करेगा।  एआइए रोबोटिक्स सहित अन्य तकनीक पर चर्चा सेमिनार में चर्चा का मुख्य उद्देश्य अनमैन्ड सिस्टम, काउंटर ड्रोन कैपेबिलिटीए एआई बेस्ड डिसीजन सपोर्ट, रोबोटिक्स,क्वांटम टेक्नोलाजी, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम ऑपरेशन और नियर स्पेस प्लेटफॉर्म में भारत की टेक्नोलाजिकल तैयारी का आकलन करना होगा। बातचीत में आत्मनिर्भरता और लंबे समय की कैपेबिलिटी आटोनामी को आगे बढ़ाने में डिफेंसइकोसिस्टम की ताकत की भी जांच होगी। जिसमें डीआरडीओए डीपीएसयूए प्राइवेट फर्म, स्टार्ट-अप और एकेडेमिया शामिल हैं। सेमिनार भविष्य की लड़ाइयों के लिए जरूरी सैद्धांतिक, स्ट्रक्चर और लीडरशिप सुधारों को बताने पर फोकस करेगा।   ऑर्मी चीफ भी हो सकते हैं शामिल सेमिनार में ऑर्मी चीफ जनरल उपेंद्र ‌द्विवेदी भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि इसको लेकर अभी अधिकृत पुष्टी नहीं हो सकीं। तीन माह पहले रणसंवाद में रक्षामंत्री राजनाथसिंह, सीडीएस जनरल अनिल चौहान सहित एयर चीफ मार्शल और नेवी चीफ भी शामिल हुए थे।   तीन थीम पर होगी चर्च भविष्य के लिए एक तय दिशा देने के लिए मुय तीन थीम पर चर्चा होगी। जिसमें यूचर बैटलफील्ड मिलियू 2035- इंडियन कांटेक्स्ट, आपरेशंस को असरदार तरीके से चलाने के लिए टेक्नोलाजिकल तैयारी और यूचर कोर्स को क्रिस्टल गेजिंग शामिल हैं। थीम में वर्तमान से 2035 तक की सुरक्षा परिस्थितियों को देखा जाएगा। जिसमें मिलिट्री माडनॉईजेशन, इंटेलिजेंट वारफेयर, एसिमेट्रिक स्ट्रैटेजी, ग्रे जोन आपरेशन और दुश्मनों द्वारा पैदा किए गए कोआर्डिनेटेड मल्टी डोमेन मिश्रित वाली स्थितियों की संभावना शामिल है। एक्सपर्ट स्पेस, साइबर, इंफॉर्मेशन और काग्निटिव वारफेयर के पहलुओं व रोकथाम और एस्केलेशन कंट्रोल के लिए उनके असर का एनालिसिस करेंगे।

MP का दमोह-जबलपुर हाइवे जाम! शादी समारोह की अव्यवस्था से ट्रैफिक चरमराया, गंभीर मरीज परेशान

दमोह मध्य-प्रदेश में शनिवार रात दमोह–जबलपुर स्टेट हाईवे पर शादी समारोहों के कारण भारी जाम लग गया, जिससे पूरे क्षेत्र में अव्यवस्था फैल गई। यह स्थिति तब और गंभीर हो गई जब जाम में एक एंबुलेंस फंस गई, जिसमें एक गंभीर मरीज को जबलपुर रेफर किया जा रहा था। सड़क के दोनों ओर वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग और मैरिज गार्डन में पर्याप्त पार्किंग स्थान की कमी के कारण लगभग एक किलोमीटर लंबा जाम बन गया। शहर के छह मैरिज गार्डन राधिका पैलेस, दमयंती मैरिज गार्डन, विद्या वाटिका, महावीर पैलेस, वृंदावन पैलेस, कृष्णा पैलेस और पवित्र बंधन मैरिज गार्डन में एक ही रात में विवाह समारोह आयोजित थे। समारोह में पहुंचे मेहमानों ने अपने वाहन सड़क पर खड़े कर दिए, जिससे दमोह–जबलपुर स्टेट हाईवे पूरी तरह ठप हो गया। जाम में फंसे लोगों ने इस स्थिति के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए और पुलिस अधिकारियों को सूचित किया।   जानकारी मिलने पर नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। लगभग डेढ़ घंटे की कोशिशों के बाद रास्ता साफ किया गया और एंबुलेंस को आगे बढ़ने का मार्ग मिला। ट्रैफिक सामान्य होने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक श्री सोमवंशी को दी। पार्किंग व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर छहों मैरिज गार्डन संचालकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 270 और 285 के तहत मामला दर्ज किया गया। इन सभी को नोटिस जारी किया जा रहा है। गौरतलब है कि ऐसी स्थितियां हर साल शादी के सीजन में लगातार बनती हैं। प्रशासन और पुलिस बार-बार मैरिज गार्डन संचालकों को पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हैं, लेकिन अब तक किसी भी गार्डन में पर्याप्त पार्किंग नहीं बनाई गई। पुलिस और प्रशासन भी इस समस्या पर कठोर कार्रवाई नहीं कर पाए हैं, जिसके कारण हर वर्ष इसी तरह के हालात सामने आते हैं। इस वर्ष भी शादी का सीजन अभी शुरू ही हुआ है, जिससे आने वाले दिनों में इसी तरह की स्थिति बने रहने की आशंका है।

सोयाबीन का मॉडल रेट 4282 रुपये: भावांतर योजना में किसानों को बड़ी राहत

भोपाल  भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए 23 नवंबर को 4282 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए और 22 नवंबर को 4285 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।  

आयुक्त विकास मिश्रा ने कहा- शत-प्रतिशत हो जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन

भोपाल  मध्यप्रदेश में विवाह तथा जन्म-मृत्यु पंजीयन को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के लिए आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री विकास मिश्रा ने सभी जिला कलेक्टर एवं जिला विवाह रजिस्ट्रार को निर्देश दिए हैं। “मध्यप्रदेश विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन नियम-2008”के तहत राज्य में किसी भी विधि या परंपरा से संपन्न हुए सभी विवाहों का पंजीयन अनिवार्य है। व्यवहारिक रूप से सभी विवाह पंजीकृत न हो पाने से विशेषकर महिलाओं को पति की मृत्यु या अन्य कानूनी परिस्थितियों में प्रमाण और अधिकार प्राप्त करने में कठिनाई होती है। इसी समस्या को दूर करने और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जिलों को विशेष कदम उठाने को कहा गया है। महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा, परिवार को मिलने वाली वैधानिक सुविधाओं की गारंटी तथा शासन की जनहितकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इस प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। आयुक्त श्री मिश्रा ने बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम जैसे मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री निकाह योजना तथा अन्य सामाजिक आयोजनों में विवाह स्थल पर ही प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था को सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने सभी नगरीय निकायों और सार्वजनिक स्थानों पर विवाह पंजीयन के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। शादी हॉल, मैरेज गार्डन और समारोह स्थलों पर विवाह पंजीयन को अनिवार्य बताते हुए सूचनात्मक होर्डिंग लगाने के निर्देश भी जारी किये गये हैं। टेंट हाउस और केटरिंग व्यवसायियों को अपनी रसीदों पर विवाह पंजीयन को बढ़ावा देने वाले स्लोगन—जैसे “विवाह का आठवां वचन—विवाह का हो पंजीयन”और “नारी का सम्मान—विवाह का प्रमाण”अंकित करने के लिए भी कहा गया है। प्रदेश में जन्म-मृत्यु पंजीयन की स्थिति में सुधार के लिए आयुक्त श्री मिश्रा ने कहा कि सभी अनाथालयों, बाल संप्रेषण गृहों तथा बाल सुधार गृहों में रहने वाले बच्चों के जन्म प्रमाण-पत्र तत्काल बनवाए जाएँ। साथ ही महारजिस्ट्रार कार्यालय नई दिल्ली द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन जिले स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले के सभी रजिस्ट्रार और उप-पंजीयक अपने कार्यालयों के बाहर जन्म-मृत्यु पंजीयन संबंधी नियमावली को दीवार पर पेंट करवाकर प्रदर्शित करें, जिससे हर नागरिक को जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से मध्यप्रदेश में विवाह तथा जन्म-मृत्यु पंजीयन की दर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे न केवल नागरिकों को उनके अधिकार समय पर मिल सकेंगे, बल्कि सरकारी योजनाएँ भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू हो सकेंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- इन्दौर स्वच्छता और स्वाद के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बनाएगा विशेष पहचान

फिटनेस, सामूहिक चेतना और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित "वन इन्दौर-रन इन्दौर" मैराथन इन्दौर के लिए गर्व का विषय अपने शहर के लिए बेहतर करने की इन्दौरवासियों की ऊर्जा, भावना और सामूहिक संकल्प शक्ति सराहनीय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर ने स्वच्छता और स्वाद के क्षेत्र में विश्व में विशेष पहचान बनाई है। आज की मैराथन, इंदौर को स्वास्थ्य क्षेत्र में भी विशेष पहचान देगी। स्वास्थ्य की मूल आधार दौड़ है और दौड़ के लिए इतनी बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हैं। यह इन्दौरवासियों की ऊर्जा और सामूहिक संकल्प शक्ति से शहर के लिए कुछ बेहतर करने की उनकी भावना को प्रकट करती है। सकारात्मक पहल के परिणाम सदैव बेहतर होते हैं। इंदौर इस मैराथन के माध्यम से स्वास्थ्य के क्षेत्र में रिकॉर्ड स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को प्रात: 7 बजे "वन इन्दौर-रन इन्दौर" मैराथन के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित इन्दौरवासियों को मुख्यमंत्री निवास भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैराथन के सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए मैराथन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फिटनेस, सामूहिक चेतना और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित "वन इन्दौर-रन इन्दौर" मैराथन का यह भव्य आयोजन इन्दौर शहर के लिए गर्व का विषय है। यह आयोजन यूनाइटेड इन्दौर की भावना को सशक्त करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य इन्दौरवासियों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना, सामुदायिक एकता को मजबूत करना और फिटनेस को एक जनआंदोलन का रूप देना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपने शहर के लिए इतने संवेदनशील विषय पर आयोजित मैराथन में भौतिक नहीं पर भावनात्मक रूप से वे स्वयं भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रसन्नता का विषय है कि इस कार्यक्रम में 10 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है। मैराथन की 3, 5 और 7 किलोमीटर रन की श्रेणियों में दौड़ने के लिए उनकी उपस्थिति इन्दौर की जागरूकता और उत्साह का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इन्दौर की जनता हमेशा से सकारात्मक पहल में अग्रणी रही है। यह कार्यक्रम शहर की ऊर्जा, उमंग और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता को नई दिशा प्रदान करेगा। स्वच्छता में देश का निरंतर नेतृत्व करने वाला हमारा इन्दौर, अब स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी देश में नम्बर 1 बने, यह हम सभी का सामूहिक संकल्प है। "वन इन्दौर-रन इन्दौर" उसी दिशा में एक सशक्त पहल है। यह कार्यक्रम इन्दौरवासियों में फिटनेस के प्रति उत्साह को और अधिक बढ़ाएगा, साथ ही स्वस्थ समाज निर्माण का संदेश पूरे प्रदेश में प्रसारित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास के साथ प्रदेशवासियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी राज्य सरकार द्वारा निरंतर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। युवाओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य के आधार, खेल को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि अब प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से प्रदेश के खिलाड़ी पदक लेकर ही लौट रहे हैं। इसका हाल का उदाहरण सुश्री क्रांति गौड हैं, जिन्होंने महिला वर्ल्ड कप में विश्व में अपनी प्रतिभा स्थापित की। राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहन स्वरूप उन्हें एक करोड़ रुपए की राशि प्रदान की गई। इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मैंदोला, श्री मधु वर्मा सहित बड़ी संख्या में युवा वर्ग उपस्थित रहा।  

उमा बोलीं, नमाज पढ़ना नहीं बनाता मुस्लिम, राहुल गांधी पर भी निशाना साधा

भोपाल मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हिंदू एकता, हिंदू राष्ट्र, आरक्षण, शासन–प्रशासन, धर्मांतरण और भ्रष्टाचार जैसे कई मुद्दों पर बेबाक बयान दिए। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र की बात खुलकर कही है और बुंदेलखंड से हमेशा ऐसी विभूतियाँ सामने आती रही हैं। भारत हिंदू राष्ट्र है- उमा भारती उमा भारती ने कहा ‘भारत हिंदू राष्ट्र है, इसे सभी को स्वीकार करना चाहिए। हिंदू राष्ट्र इसलिए सेक्युलर है क्योंकि हिंदू ने हर मज़हब को स्थान दिया है। जब इस्लाम, जैन, बौद्ध और ईसाई धर्म नहीं थे, तब भी सनातन था। हिंदू विविधता में एकता का प्रतीक है।’ उन्होंने जाति-भेद और सामाजिक विभाजन को हिंदू एकता का सबसे बड़ा बाधक बताया और कहा कि हिंदू समाज की मजबूती का आधार आर्थिक समानता है। धर्म परिवर्तन और लव जिहाद पर कड़ा रुख उन्होंने धर्म परिवर्तन को गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि ‘धर्म परिवर्तन और लव जिहाद राष्ट्रद्रोह है। भारत में हर धर्म का सम्मान है, लेकिन धोखे से धर्मांतरण अपराध है। घुसपैठियों को एक मिनट भी देश में रहने का अधिकार नहीं।’ उमा भारती ने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, ईसाई सभी को भारत की सांस्कृतिक आत्मा को समझना होगा। ‘सियाराम में सब जग जानी यही भारत की पहचान है। Jihad और Kafir जैसे शब्दों की इस देश में कोई जगह नहीं है।’ उन्होंने अंत में कहा कि वे न तो हाशिए पर हैं और न ही किसी पद की इच्छुक, लेकिन गंगा और गौ माता से जुड़ी किसी भी जिम्मेदारी के लिए हमेशा तैयार हैं। मैं नमाज पढ़ूं, तो मुस्लिम नहीं बन जाऊंगी उमा ने कहा कि धर्म परिवर्तन और लव जिहाद देशद्रोह है। यदि मैं कुरान पढ़ लूं दरगाह में चली जाऊं या अल्लाह बोल दूं इसे मेरा धर्म परिवर्तन नहीं होगा। भारत में बहुसंख्यक सभी धर्म का सम्मान करते हैं और यदि ऐसे मामले सामने आते हैं तो यह जगन्य अपराध राष्ट्र और देशद्रोह है। राहुल गांधी पर निशाना राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी करते हुए उमा ने कहा कि ‘राहुल जनेऊ पहनने का नाटक करते हैं। कल गाय का मुद्दा बढ़ गया तो गोबर का टीका लगा लेंगे और जेब में गौमूत्र रखकर घूमेंगे। नाटक करने में नंबर वन हैं।’

जब जज ही सुरक्षित नहीं… MP HC के CJI की चिंता बढ़ी, मोहन सरकार को नोटिस

जबलपुर  मध्य प्रदेश में प्रदेश की निचली अदालतों में पदस्थ जजों पर हो रही घटनाओं पर चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने सख्त रुख अपनाया। इस पर हाई कोर्ट ने जजों पर हो रहे हमलों को लेकर राज्य सरकार से जबाब मांगा है। अभी तक मिले जबाब से कोर्ट ने असंतोष जताया है और नई स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि जब जज ही सुरक्षित नहीं तो न्याय व्यवस्था कैसे सुरक्षित मानी जाएगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2016 से लेकर 2025 तक 5 जजो पर धमकी और हमले के 5 मामले हुए हैं जिसमें एक में थाना प्रभारी को निलंबित किया गया और 4 आरोपी जेल पहुंचाए गए हैं। इन 9 सालों में प्रदेश के मंदसोर, ग्वालियर, रीवा, अनूपपुर,और इंदौर में जजों को धमकी मिल चुकी है। कोर्ट ने 4 दिसम्बर को अगली सुनवाई तय की है और राज्य सरकार से जबाब मंगा है।   जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश में जजों पर हो रहे हमलों और अपराधों पर कड़ी नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने सरकार से इन घटनाओं पर जवाब मांगा है। हाईकोर्ट प्रदेश के सभी जिला सत्र न्यायालयों और वहां पदस्थ जजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है,और जिला स्तरीय निगरानी समिति की रिपोर्टों के आधार पर सरकार को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। हालिया मामलों को देखते हुए कोर्ट ने सुझाव दिए और अगली सुनवाई की तारीख 4 दिसंबर रखी है। कोर्ट ने कहा कि जजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। जब वे खुद सुरक्षा की मांग करने को मजबूर हैं, तो प्रदेश में आम जनता की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। बता दें मंदसौर में 23 जुलाई 2016 को एक जज पर हमला हुआ था, जिस पर तत्कालीन एक्टिंग चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन ने स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज की थी। इसके बाद बालाघाट के जज पर हमला, और भोपाल गैस प्राधिकरण के पीठासीन अधिकारी पर एसिड अटैक जैसी घटनाएं सामने आईं। जजों पर हो रहे ये लगातार हमले न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। चीफ जस्टिस ने सुनवाई के दौरान कहा कि हाल ही में दो जजों के घर चोरी की घटनाएं हुईं, दो मामलों में घर में घुसने का प्रयास किया गया और एक जिला जज पर हमला भी हुआ। उन्होंने कहा, इन घटनाओं को देखकर बिल्कुल नहीं लगता कि सब ठीक है। यहां लॉ एंड ऑर्डर का कम्पलीट ब्रेकडाउन दिख रहा है। सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने कोर्ट को बताया कि प्रदेश के सभी 52 जिला सत्र न्यायालयों में बाउंड्रीवाल बनाकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर निगरानी समितियों की रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य स्तरीय कार्यशाला और वाटर शेड महोत्सव का करेंगे शुभारंभ

बड़ी संख्या में जुटेंगे जनप्रतिनिधि व अधिकारी कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कंन्वेंशन सेंटर में 24 से 26 नवम्बर तक होगा आयोजन भोपाल प्रदेश की पंचायतों को आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा तीन दिन तक मंथन किया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यशाला होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कंन्वेंशन सेंटर, भोपाल में होने वाली राज्य स्तरीय कार्यशाला और वाटरशेड महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, श्री जगदीश देवड़ा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह सहित जनप्रतिनिधि, विषय-विशेषज्ञ व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे। संचालक सह आयुक्त पंचायत राज श्री छोटे सिंह ने बताया कि भोपाल में 24, 25 एवं 26 नवंबर को तीन दिवसीय “आत्‍मनिर्भर पंचायत समृद्ध मध्‍यप्रदेश’’ पर केन्द्रित कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्‍य पंचायतों को आत्‍मनिर्भर के साथ समृद्ध बनाना है। कार्यशाला में त्रि-स्तरीय पंचायत से जुड़े जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाली कार्यशाला में पंचायतों के लिए “स्‍वनिधि से समृद्धि’’ अभियान की अवधारणा, शहरीकरण के साथ सामंजस्‍य, वाटरशेड परियोजना का क्रियान्‍वयन एवं शुद्ध पेयजल की उपलब्‍धता, स्‍वच्‍छ ग्राम, विभिन्न शासकीय योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम पोषण एवं पेसा ग्राम सभाओं की वर्तमान स्थिति एवं सफल क्रियान्वयन सहित प्रशासनिक रूप से सक्षम पंचायत, प्रश्‍न-उत्‍तर इत्‍यादि विषयों पर विस्‍तृत रूप से चर्चा की जायेगी। 2000 से अधिक जनप्रतिनिधि व अधिकारी होंगे शामिल तीन दिन तक चलने वाली राज्य स्तरीय कार्यशाला में 2000 से अधिक लोग शामिल होंगे। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मुख्य कार्यापालन अधिकारी, जिला पचांयत, जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत के सरपंच एवं अन्य राज्य स्तरीय पदाधिकारी शामिल होंगे। राज्य स्तरीय कार्यशाला में जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट कार्य वाले जिलों के साथ ही जिला एवं जनपद स्तर पर अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। जल गंगा संवर्धन अभियान में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले जिलों में खंडवा प्रथम, रायसेन द्वितीय एवं बालाघाट तीसरे नंबर रहा। खेत तालाब निर्माण में श्रेष्ठ कार्य वाले प्रथम जिले को दो श्रेणियों 'ए' और 'बी' में पुरस्कृत किया जाएगा। 'ए' श्रेणी में अनूपपुर जिला एवं 'बी' श्रेणी में बालाघाट जिला शामिल है। इसी तरह से जल गंगा संवर्धन अभियान में खेत तालाब निर्माण में विकासखंड स्तर पर श्रेष्ठ कार्य करने वाली जनपद पंचायतों को 'ए' और 'बी' श्रेणी में पुरस्कृत किया जाएगा। 'ए' श्रेणी में बालाघाट जिले की बिरसा जनपद एवं 'बी' श्रेणी में अनूपपुर जिले की पुष्पराजगढ़ जनपद पंचायत शामिल है। साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मनरेगा परिषद के राज्य स्तरीय अधिकारी-कर्मचारियों को भी सम्मानित किया जाएगा। इसमें राजीव गांधी जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन के अतिरिक्त संचालक श्री विवेक दवे, टेक्नीकल एक्सपर्ट सुश्री शिल्पी अधोलिया के साथ मनरेगा परिषद के सिस्टम एनालिस्ट श्री ओबेस अहमद, अधीक्षण यंत्री श्री सोमन सिंह डाबर, परियोजना अधिकारी श्रीमती आकांक्षा सिंह, सहायक प्रबंधक श्री पियूष प्रताप सिंह, नॉलेज पार्टनर टीम लीड श्री सुमेंद्र पुनिया, जीआईएस मैनेजर श्री राजेंद्र स्वामी, प्रोजेक्ट मैनेजर सुश्री नुपुन नवानी शामिल हैं। साथ ही परियोजना संचालक स्वान श्री अंशुमन राज सहित एमपीएसईडीसी के हेड डॉ. श्री राकेश दुबे, जनरल मैनेजर जीआईएस श्री अशोक पैडी, टेक्नीकल लीड श्री पुलकेश दास, एसोसिएट इंजीनियर श्री सागर तंतुवाय को भी सम्मानित किया जाएगा। कार्यशाला का उद्देश्य कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पंचायतों को प्रशासनिक, वित्तीय एवं सामुदायिक स्तर पर मजबूत बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार करना है। इसके अंतर्गत स्थानीय शासन की पारदर्शिता व जवाबदेही, मनरेगा, आजीविका मिशन, सामाजिक अंकेक्षण, डिजिटल ट्रैकिंग एवं मॉनिटरिंग, वित्तीय प्रबंधन एवं पंचायत शासन, "स्‍वनिधि से समृद्धि" अभियान, वाटरशेड परियोजनाओं का क्रियान्वयन, शुद्ध पेयजल, स्वच्छ ग्राम तथा विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं का प्रभावी संचालन, पेसा ग्राम सभाओं की वर्तमान स्थिति एवं सफल क्रियान्वयन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा और प्रशिक्षण दिया जाएगा। पैनल डिस्कशन एवं तकनीकी सत्र कार्यशाला के इन सत्रों में मंत्री, अपर मुख्य सचिव, विषय-विशेषज्ञ एवं विभाग के प्रमुख अधिकारियों की सहभागिता से उच्च स्तरीय पैनल डिस्कशन होगा। प्रत्येक दिन तकनीकी सत्रों में केस स्टडी, समूह गतिविधियाँ, फील्ड आधारित उदाहरण, अनुभव-साझा सत्र द्वारा प्रतिभागियों को व्यावहारिक सीख प्रदान की जाएगी।