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सीएम हेल्पलाइन में योजना आर्थिक सांख्यिकी विभाग प्रथम

भोपाल सीएम हेल्पलाइन में जन शिकायतों का समाधान करने में योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग ने पहला स्थान प्राप्त किया है। विभाग ने ग्रेड ए पाकर 93.2 प्रतिशत स्कोर किया है जबकि ऊर्जा विभाग ने 90.26% के साथ दूसरे स्थान पर एवं नगरीय विकास एवं आवास विभाग 89.35 प्रतिशत के साथ तीसरा स्थान पर है। योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग को 1869 शिकायतें मिली जिसमें संतुष्टि के साथ बंद शिकायतों का प्रतिशत 54.64% रहा और 50 दिन से अधिक शिकायतों का प्रतिशत 8.68 प्रतिशत और गुणवत्ता से बंद शिकायतों का प्रतिशत 10 रहा। नोट अटेंडेंट शिकायतों का प्रतिशत 9.88 रहा। इस प्रकार ए रेटिंग के साथ योजना आर्थिक सांख्यिकी विभाग प्रथम स्थान पर रहा।  

बैंगलुरू टेक समिट में प्रदर्शति हुआ टियर-2 टेक्नोलॉजी इको सिस्टम

फ्यूचर-रेडी इनोवेशन से मध्यप्रदेश बन रहा विश्व स्तरीय कंपनियों का प्रमुख निवेश केंद्र भोपाल राज्य सरकार ने बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर (बीआईईसी) में आयोजित बेंगलुरु टेक समिट (बीटीसी) 2025 में उल्लेखनीय भागीदारी दर्ज की।बीटीसी- 2025 में विशेष प्रदर्शनी मंडप से राज्य की तेजी से विकसित होती टेक्नोलजी ईकोसिस्टम और भारत के प्रमुख टियर-2 इनोवेशन हब के रूप में मध्यप्रदेश की स्थिति को प्रभावशाली रूप से प्रदर्शित किया गया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने मध्यप्रदेश मंडप हॉल 3, बूथ एचएस 17 में स्थापित किया। मंडप में प्रदेश की समग्र नीति व्यवस्था को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया।मंडप ने वैश्विक कंपनियों, टेक्नोलॉजी लीडर्स और तेजी से बढ़ते स्टार्टअप्स का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया। प्रदर्शनी में पहुंचे उद्योग प्रतिनिधियों ने राज्य में निवेश अवसरों का आकलन किया और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के अंतर्गत प्रदेश में नए अवसरों पर विचार विमर्श किया। मंडप में प्रमुख रूप से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी 2025, ड्रोन प्रमोशन और उपयोग पॉलिसी 2025, AVGC-XR पॉलिसी 2025, सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2025 और IT, ITES & ESDM निवेश संवर्धन पॉलिसी 2023 प्रदर्शित की गईं। इन नीतियों का उद्देश्य राज्य को सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं, ईएसडीएम और सेमीकंडक्टर निर्माण, डेटा सेंटर,जीसीसी, एवीजीसी-एक्सआर स्टूडियोज और ड्रोन तकनीक के लिए एक प्रमुख और आकर्षक निवेश केंद्र बनाना है। इन प्रगतिशील नीतियो की सहायता और मिशन-आधारित प्रशासनिक दृष्टिकोण से मध्यप्रदेश भारत का अग्रणी टेक्नोलॉजी हब बन रहा है। मंडप में मध्यप्रदेश के तेजी से बढ़ते तकनीकी परिदृश्य को भी प्रस्तुत किया गया जो 15 से अधिक आईटी पार्क, 6 आईटी एसईजेड, 2000 से अधिक आईटी और ईएसडीएम इकाइयां, 1200 से अधिक टेक-स्टार्टअप्स और 2 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार से सशक्त है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में कई बड़ी कंपनियों का विस्तार और 50 से अधिक बड़ी आईटी कंपनियों का संचालन राज्य को एक मजबूत निवेशक-अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। मंडप ने इस टियर-2 विकास की कहानी को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया, जो उद्योग प्रतिनिधियों के लिए अत्यंत आकर्षक रही। राज्य प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अवंतिका वर्मा, अधिकारी-इन-चार्ज, निवेश संवर्धन, MPSEDC, राजा पंचाल, टीम लीड, एमपीएसईडीसी और निवेश संवर्धन टीम ने किया। समिट के दौरान मंडप ने इंफोसिस, टीसीएस, इम्पेटस, एक्स-ईबिया,हिताची, डीएक्ससी, टेक महिंद्रा, डब्ल्यूएनएस, टास्कयूएस, यश टेक्नोलॉजीज, एजिस, इंफोबीन्स, पर्सिस्टेंट, सिविया, कॉन्साइल, इन्क्चर, आरटेक, रेनेसाँ सॉफ्ट लैब्स, एचएलबी टेक, इंफोग्लोबल, न्यूजटेक फ्यूज और लिमिन्डो जैसी प्रमुख कंपनियों के टेक-लीडर्स के साथ संवाद किया। इन संवादों में डेटा सेंटर विस्तार, सेमीकंडक्टर और ईएसडीएम निर्माण, इंजीनियरिंग आरएंडडी जीसीसी एआई और क्लाउड तकनीक ड्रोन-टेक सॉल्यूसन और एवीजीसी-एक्सआर इनोवेशन हब के रूप में विकसित किये जाने में गहरी रुचि दिखाई दी। इससे यह स्पष्ट हुआ कि उद्योग जगत मध्यप्रदेश को नए निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देख रहा है। इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश एक फ्यूचर रैडी इनोवेशन परिदृश्य तैयार कर रहा है, जिसमें मजबूत बुनियादी ढांचा, प्रगतिशील नीतियां और विश्व स्तर की कंपनियों के लिए भरपूर अवसर मौजूद हैं। बेंगलुरु टेक समिट में हमारी उपस्थिति राज्य की तकनीकी निवेश क्षमता को और मजबूत करती है। बेंगलुरु टेक समिट 2025 में भागीदारी ने राज्य को भारत के सबसे निवेश- योग्य, नवाचार-संचालित और प्रगतिशील तकनीकी हब के रूप में स्थापित किया है। राज्य की प्रदर्शनी ने टियर-2 शहरों की ताकत, नीतिगत उत्कृष्टता और उद्योग सहयोग की क्षमता को उजागर किया, जो मध्यप्रदेश को भारत और वैश्विक स्तर पर निवेश और नवाचार के लिए प्रमुख आकर्षण केंद्र बनाता है।  

किसानों को मिली बड़ी राहत: मध्य प्रदेश में बदले नियम, हाईटेंशन लाइन के लिए दोगुना मुआवजा

भोपाल प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए हाईटेंशन लाइन बिछाने के लिए अधिग्रहित भूमि पर मिलने वाले मुआवजे में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब खेतों के ऊपर से 66 केवी या उससे अधिक क्षमता की विद्युत लाइन डाली जाती है, तो भूमि स्वामी को कलेक्टर गाइड लाइन के आधार पर 200 प्रतिशत मुआवजा भुगतान किया जाएगा। पहले यह राशि मात्र 85 प्रतिशत दी जाती थी। राजस्व विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि हाईटेंशन लाइन के लिए जहां-जहां टावर स्थापित किए जाएंगे, वहां टावर के चारों लेग के भीतर आने वाली भूमि तथा उसके दोनों ओर एक-एक मीटर अतिरिक्त क्षेत्र का पूरा मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि यह जमीन किसान के कब्जे में बनी रहेगी।   इसके साथ ही ट्रांसमिशन लाइन के नीचे आने वाले मार्गाधिकार (ROW) क्षेत्र में स्थित भूमि के कारिडोर क्षेत्रफल का कलेक्टर गाइडलाइन मूल्य का 30 प्रतिशत क्षतिपूर्ति के रूप में दिया जाएगा। आदेश के अनुसार, ROW क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण करने की अनुमति नहीं होगी। मुआवजा निर्धारण की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर को सौंपी गई है, जो भूमि के बाजार मूल्य और निर्धारित मानकों के आधार पर क्षतिपूर्ति राशि तय करेंगे। सरकार ने विभिन्न क्षमता की हाईटेंशन लाइनों के लिए मार्गाधिकार क्षेत्रफल का निर्धारण भी सार्वजनिक किया है। हाईटेंशन लाइन के नीचे भूमि के क्षतिपूर्ति क्षेत्रफल का निर्धारण केवी हाईटेंशन लाइन- सामान्य मार्ग- वन क्षेत्र- शहरी आबादी क्षेत्र 400 केवी- 46 मीटर- 40 मीटर- 38 मीटर 220 केवी- 32 मीटर- 28 मीटर- 24 मीटर 132 केवी- 25 मीटर- 21 मीटर- 19 मीटर 

नक्सली हमले में शहीद आशीष शर्मा पंचतत्व में विलीन, CM का बड़ा फैसला—छोटे भाई को मिलेगा सब इंस्पेक्टर पद

नरसिंहपुर/बोहानी बालाघाट में माओवादी मुठभेड़ में वीरगति प्राप्त करने वाले इंस्पेक्टर आशीष शर्मा का गुरुवार को उनके गृहग्राम बोहानी (नरसिंहपुर) में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने उनकी पार्थिव देह को मुखाग्नि दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल ने शहीद को कंधा दिया, जो उनकी वीरता के प्रति सर्वोच्च सम्मान को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान बड़ा एलान करते हुए कहा कि शहीद इंस्पेक्टर के छोटे भाई को सारे नियमों को शिथिल करते हुए सब इंस्पेक्टर बनाया जाएगा। परिवार को दी जाएगी एक करोड़ रुपये की सम्मान निधि इसके अलावा, परिवार को एक करोड़ रुपए की सम्मान निधि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि आशीष शर्मा के नाम पर गांव में एक पार्क और एक स्टेडियम बनाया जाएगा। इससे पहले गुरुवार दोपहर को शहीद का पार्थिव शरीर उनके गृहग्राम बोहानी लाया गया, जहां घर पर उन्हें गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद जब उनकी अंतिम यात्रा मुक्तिधाम के लिए निकली तो लोगों ने घरों की छतों पर खड़े होकर शहीद पर फूल बरसाए। अंतिम विदाई में 5000 से ज्यादा लोग शामिल हुए, जिन्होंने भारत माता की जय और अमर रहे के नारे लगाए।   इस दौरान कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह, मप्र कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी। एंटी नक्सल ऑपरेशन डीजी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्र बोर तालाब के पास एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया था, जहाँ नक्सलियों से मुठभेड़ में तीनों टीम को लीड कर रहे इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को गोली लग गई थी, जिसके बाद उन्हें शहीद घोषित कर दिया गया। शहीद आशीष शर्मा का करियर शौर्य से भरा रहा 2016 में मध्यप्रदेश पुलिस में भर्ती हुए और 2018 में हॉक फोर्स बालाघाट में पदस्थापना पाई। उन्होंने 18 दिसंबर 2022 को 14 लाख के इनामी नक्सली गोडी को मार गिराया, 22 अप्रैल 2023 को 28 लाख की इनामी एसीएम सुनीता और सरिता को ढेर किया। उनकी वीरता के कारण उन्हें 21 फरवरी 2023 को उपनिरीक्षक से निरीक्षक पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिला था। उनका अंतिम शौर्य 19 फरवरी 2025 को रौंदा टोला मुठभेड़ में दिखा, जहाँ उन्होंने 62 लाख की कुल इनामी नक्सली कमांडर आशा सहित चार नक्सलियों को मार गिराया था।

पत्नी का हंगामा! चौकी में ही चीटिंग करते ASI की कर दी धुनाई, वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलाया

सतना जिला अस्पताल परिसर में गुरुवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला ने पुलिस चौकी के अंदर ही अपने एएसआई पति की जमकर पिटाई कर दी। आरोप है कि एएसआई अपनी कथित प्रेमिका और एक बच्चे के साथ पहुंचे थे, तभी पत्नी वहां पहुंच गई और उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नागौद थाने में पदस्थ एएसआई रामायण सिंह जिला अस्पताल परिसर में एक महिला व छोटे बच्चे के साथ मौजूद थे। इसी दौरान उनकी पत्नी अनीता सिंह अचानक वहां पहुंच गईं। पति को दूसरी महिला के साथ देखकर वह भड़क उठीं और पहले चीख-चिल्लाकर आरोप लगाए, फिर चौकी के अंदर ही एएसआई पर हाथ उठा दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि चौकी में मौजूद पुलिसकर्मी पूरे घटनाक्रम को देखते रहे, लेकिन किसी ने भी बीच-बचाव की हिम्मत नहीं जुटाई। विवाद काफी देर तक चलता रहा और चौकी परिसर में लोगों की भीड़ लग गई।   6 महीने से घर नहीं आ रहे थे ASI रामायण सिंह पत्नी अनीता सिंह ने आरोप लगाया कि एएसआई रामायण सिंह 6 माह से घर नहीं आ रहे थे और न ही परिवार का खर्च वहन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पहले भी एक महिला के फोन आने पर पति जवाब देने से बचते थे। इस मामले की शिकायत उन्होंने एसपी से की थी, लेकिन बाद में परिवार बचाने की कोशिश में शिकायत वापस ले ली थी। एएसआई के बेटे प्रतीक ने बताया कि वह मां के साथ बाजार में था, तभी स्टेशन रोड पर पिता को एक महिला और बच्चे को कार में बैठाकर जाते देखा। पुलिस ने शुरू की जांच संदेह होने पर उनका पीछा किया, जिसके बाद असलियत जिला अस्पताल में सामने आई। वहीं, एएसआई के साथ दिखी महिला का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन वह घटनास्थल से गायब हो गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को कोतवाली थाने भेजकर जांच शुरू कर दी है।

मंत्री सारंग बोले – नया व्यापार सृजित करने वाले कर्मचारी को इंसेंटिव देने की योजना जल्द

72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह का समापन समारोह डिफॉल्टर किसानों के लिये भी योजना होगी शुरू अपेक्स बैंक में ई-ऑफिस और सहकार-सेतु पोर्टल का शुभारंभ भोपाल : सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि पैक्स में नया व्यापार सृजित करने वाले कर्मचारी को इंसेंटिव देने की योजना बनाई जा रही है। साथ ही डिफॉल्टर किसानों के लिये भी योजना लाई जा रही है। इस तरह की योजना बनाई जा रही है कि सोसायटी में कुछ गडबड़ी पर भी किसानों पर असर नहीं हो। यह बात मंत्री श्री सारंग ने अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में आयोजित 72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के समापन समारोह में कही। समारोह में 'परिचालन दक्षता, जवाबदेही और पारदर्शिता के लिये डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने' विषयक पर चर्चा की गई। मंत्री श्री सारंग ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले सहकारी बैंकों और पैक्स को सम्मानित किया। उन्होंने अपेक्स बैंक में ई-ऑफिस तथा सहकार-सेतु पोर्टल का शुभारंभ किया। कम्प्यूटराईजेशन के माध्यम से पूरी प्रक्रिया होगी पारदर्शी मंत्री सारंग ने कहा कि राज्य सरकार सहकारी आंदोलन के हर आयाम को मजबूती के साथ स्थापित कर रही है। कम्प्यूटराईजेशन के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने का काम कर रही है। ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था के माध्यम से सहकारी आंदोलन मजबूत होगा और सहकारिता के माध्यम से रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि सीपीपीपी के माध्यम से हर पैक्स को कॉरपोरेट के साथ जोड़कर नये आयाम स्थापित किये जा रहे है। इससे पैक्स के साथ ही किसानों को भी लाभ मिलेगा। पैक्स को फायदे के साथ कर्मचारी को भी लाभ दिलवाने का काम किया जायेगा। सहकारिता विभाग की प्रत्येक पहल प्रदेश के किसानों की खुशहाली के लिये मंत्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन तथा केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के सहकार से समृद्धि मिशन से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश का सहकारिता विभाग सतत प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है। पैक्स के कम्प्यूटरीकरण से लेकर सीपीपीपी तक सहकारिता विभाग की प्रत्येक पहल प्रदेश के किसानों की खुशहाली तथा ग्रामीण एवं शहरी अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सहकारिता को जमीनी स्तर पर पहुँचना ही उद्देश्य सहकारिता आयुक्त मनोज पुष्प ने कहा कि यह वर्ष अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया था। अब यह अंतिम पडाव पर है। इसका उद्देश्य सहकारिता को जमीनी स्तर पर पहुँचना है। अपेक्स बैंक के प्रंबध संचालक श्री मनोज गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में वक्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल, उप सचिव नोज सिन्हा, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अरूण माथुर, अपेक्स बैंक के वि.क.अ.अरुणा दुबे, अरुण मिश्रा, संजय मोहन भटनागर, अरविंद बौद्ध, उप महाप्रबंधक के.टी.सज्जन के साथ मध्यप्रदेश की सभी प्रादेशिक सहकारी संस्थाओं एवं सहकारी बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य  श्री पी.एस.तिवारी ने किया । समापन समारोह में मध्यप्रदेश में सहकारिता के विकास पर और अपेक्स बैंक बैकिंग नेटवर्क पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। शुरूआत में परिसर में सहकारी झंडा रोहण और सहकारी गान हुआ। सम्मान एवं पुरस्कार समारोह में प्रदेश के 3 उत्तम जिला बैंकों पुरस्कृत किया गया। इसमें प्रथम पुरस्कार जिला बैंक विदिशा को एक लाख 51 हजार का चैक मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय प्रकाश सिंह ने प्राप्त किया। इसी प्रकार द्वितीय पुरस्कार जिला बैंक खरगोन को एक लाख 25 हजार का चैक मुख्य कार्यपालन अधिकारी संध्या रोकडे तथा तृतीय पुरस्कार जिला बैंक रतलाम को एक लाख एक हजार रूपये का चैक मुख्य कार्यपालन अधिकारी आलोक कुमार जैन ने प्राप्त किया। पैक्स का शत प्रतिशत अंकेक्षण पूर्ण करने वाले प्रथम 3 जिलों में खरगोन, मंडला और सीहोर को एक-एक लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। ई-पैक्स को सफल क्रियान्वयन करने वाली पैक्स सिरलाय (खरगोन), मनेरी (बालाघाट) और गोविंदपुर (सतना) को भी सम्मानित किया गया। समारोह में बेंचमार्किंग के आधार प्रथम 3 नागरिक सहकारी बैंक मंदसौर, उज्जैन और इंदौर को भी पुरस्कृत किया गया।

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह की पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों से हुई चर्चा

प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाये जा रहे पाठ्यक्रम पर हो निरंतर रिसर्च- मंत्री  सिंह स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह की पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों से हुई चर्चा भोपाल  स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाये जा रहे पाठ्यक्रम पर निरंतर शोध करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में प्रदेश की संस्कृति, विरासत, आंचलिक विशेषताओं और जनजातीय गौरव जैसे विषयों को शामिल किये जाने पर विशेष ध्यान दिया जाये। इस प्रक्रिया से बच्चों को मध्यप्रदेश की विशेषताओं को समझने का मौका मिलेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री बुधवार को मंत्रालय में पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों से चर्चा कर रहे थे‍। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में और वृद्धि के लिये शिक्षकों को लगातार प्रशिक्षण दिये जाने पर भी जोर दिया। पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के सुझाव दिये। बैठक में तय हुआ कि स्कूल पाठ्यक्रम तैयार करने के लिये होने वाली बैठकों और कार्यशाला का निर्धारित कैलेण्डर तैयार किया जाये। बैठक में तय हुआ कि राज्य शिक्षा केन्द्र की लाइब्रेरी में अनुसंधान से जुड़ी पुस्तकों के संग्रह का विस्तार किया जाये। पाठ्यक्रम समिति की बैठकों में एनसीईआरटी के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर उनके भी सुझाव लिये जायें। बैठक में विभाग के टीचर ट्रेनिंग इन्स्टीट्यूट के प्रस्तावित भवन के संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में पाठ्यक्रम समिति के सदस्य डॉ. रविन्द्र कन्हारे, डॉ. अल्केश चतुर्वेदी, डॉ. भागीरथ कुमावत एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जताई शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी मुख्यमंत्री डॉ. यादव पटना में शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में पटना में आयोजित बिहार सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री,  सम्राट चौधरी एवं  विजय कुमार सिन्हा द्वारा उप मुख्यमंत्री और अन्य सदस्यों द्वारा मंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में एनडीए सरकार समाज के हर वर्ग के समग्र उत्थान और 'विकसित बिहार' बनाने के संकल्प को नई गति व ऊर्जा देने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ समर्पित रहेगी।  

सतत भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर आधारित प्रदर्शनी में बच्चों के मॉडल ने खींचा ध्यान

राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा तैयार किये गये मॉडल बने आकर्षण का केन्द्र प्रदर्शनी का विषय सतत् भविष्य के लिये विज्ञान और प्रौद्योगिकी भोपाल भोपाल में 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी इन दिनों राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान श्यामला हिल्स भोपाल में चल रही है। प्रदर्शनी में 31 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 900 विद्यार्थी एवं शिक्षकों ने संयुक्त रूप से मिलकर विज्ञान पर केन्द्रित प्रोजेक्ट और मॉडल प्रस्तुत किये हैं। यह मॉडल प्रदर्शनी में आने वाले बच्चों के बीच आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। इस वर्ष आयोजित राष्ट्रीय प्रदर्शनी का विषय सतत् भविष्य के लिये विज्ञान और प्रौद्योगिकी रखा गया है। बच्चों के लिये प्रदर्शनी अवलोकन प्रात: 9:30 से शाम 6:30 बजे तक रहता है। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के कुसुमकसा, बालोद के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के छात्रों ने अभिनव प्रोटोटाइप प्रदर्शित किया है। यह प्रोटोटाइप नारियल के रेशे और परलाइट को उगाने के माध्यम के रूप में उपयोग करते हुए एक आधुनिक मृदा-रहित कृषि तकनीक को प्रदर्शित करता है। इसके बारे में छात्रा खुशी विश्वकर्मा और उनकी शिक्षक सु सोनल गुप्ता बताती हैं कि पारंपरिक मृदा की आवश्यकता को इस तकनीक में पौधों को केवल पानी और आवश्यक पोषक तत्वों की सहायता से उगाया जाता है, जिसमें मृदा जनित रोगों को जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है। यह विधि स्वच्छ, अधिक कुशल खेती और स्वास्थ्य वर्धक फसलों के लिये उपर्युक्त है। इस प्रणाली का प्रमुख लाभ यह है कि इसमें पौधों को ऊर्ध्वाधर परतों पर उगाया जा सकता है, जिसमें कम भूमि में अधिक खाद उत्पादन संभव होता है, जो सीमित साधन या शहरी क्षेत्रों के लिये आदर्श समाधान है। इस प्रोटोटाइप में कृषि के साथ मछली पालन जैसी गतिविधियों का विस्तार भी किया जा सकता है। राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में हिमाचल प्रदेश के राजकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय लालपानी छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिये भोजन प्रबंधन प्रणाली युक्त स्मार्ट चम्मच का प्रदर्शन किया है। इस साइंस मॉडल के बारे में विद्यार्थी दिव्यांशु सोनी गौरव और उनकी शिक्षक सु नेहा शर्मा ने बताया कि इस मॉडल के माध्यम से भोजन की ताजगी का परीक्षण किया जा सकता है। तैयार किये गये प्रोटोटाइप में रियल टाइम में डिजिटल स्क्रीन पर परिणाम देखा जा सकता है। खाद्यान्न असुरक्षित पाये जाने पर उपकरण अलर्ट देता है। इस तरह के उपकरण से समाज में स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा मिलेगा। महाराष्ट्र राज्य के प्रगट विद्यामंदिर, रामगढ़ मालवन, सिंधु दुर्ग के छात्रों ने दर्भा घास से बनाया स्ट्रा पाइप को प्रस्तुत किया है। उनके द्वारा तैयार किये गये उपकरण से प्लास्टिक स्ट्रा के विकल्प के रूप में घास से तैयार स्ट्रा का उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकता है। पर्यावरण को सबसे ज्यादा खतरा प्लास्टिक से निर्मित वस्तुओं से पहुंच रहा है। प्रदर्शनी में आये बच्चों ने इस उपकरण के संबंध में जिज्ञासापूर्वक जानकारी प्राप्त की। राष्ट्रीय प्रदर्शनी में सौरमंडल के मॉडल को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इस सौरमंडल में ग्रहों की स्थिति और उनकी विशेषताओं की जानकारी दी गई है। प्रदर्शनी में यह मॉडल भी बच्चों के बीच आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। प्रदर्शनी में प्रतिदिन विभिन्न स्कूलों के करीब 2 हजार बच्चे भ्रमण कर रहे  हैं।  

शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को अंतिम विदाई, प्रहलाद पटेल ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की

नरसिंहपुर  देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले बलिदानी आशीष शर्मा को समूचे नरसिंहपुर जिले ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गोटेगांव विधानसभा के खापा गांव, जो सिवनी और नरसिंहपुर की सीमा पर स्थित है, पहुंचकर बलिदानी के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस भावुक क्षण में मंत्री पटेल के साथ ज़िलाध्यक्ष रामस्नेही पाठक, पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल, विधायक महेन्द्र नागेश और रवीन्द्र पटेल सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे। श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में जनजातीय बंधुओं और स्थानीय बच्चों की उपस्थिति रही, जो शहीद के सम्मान में एकत्रित हुए थे। बलिदानी के सम्मान में रास्ते भर जनसैलाब उमड़ा रहा। खापा रोड ग्राम से लेकर पूरे रास्ते में हर ग्राम पंचायत और स्कूल के बच्चों ने कतारबद्ध होकर खड़े होकर पुष्प मालाएं अर्पित कीं और भारत माता के वीर सपूत को अंतिम सलामी दी। नरसिंहपुर जिले की सीमा पर, खापा रोड ग्राम में, हाई सेकेंडरी स्कूल के एनसीसी छात्रों ने भी मंत्री प्रहलाद पटेल के साथ मिलकर बलिदानी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त रहा, जहां हर आंख नम थी और हर हृदय में बलिदानी के प्रति गहरा सम्मान था। यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम बलिदानी आशीष शर्मा के सर्वोच्च बलिदान के प्रति राष्ट्र के अटूट सम्मान को दर्शाता है।