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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया रिलायंस कम्प्रेस्ड बायो गैस संयंत्रों का वर्चुअल उद्घाटन

कचरे को ऊर्जा में बदलने का उत्कृष्ट उदाहरण हैं कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट्स इससे पराली जलाने जैसी घटनाएं भी होती हैं कम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) आज की जरूरत है। समेकित ऊर्जा उत्पादन पद्धति से हम देश और प्रदेश को स्वच्छ, हरित और उज्जवल भविष्य की ओर लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निजी भागीदारी और सहयोग से हम मध्यप्रदेश को हरित ऊर्जा का हब बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रिलायंस ग्रीन एनर्जी कंपनी द्वारा भोपाल, इंदौर एवं सतना में नवनिर्मित तीन कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट्स का वर्चुअल उद्घाटन कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अत्याधुनिक कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट्स साझेदारी और प्रगति का प्रतीक हैं। यह कचरे को ऊर्जा में बदलते हैं। मध्यप्रदेश की धरती बेहद उपजाऊ है। कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट्स के जरिए ऊर्जा उत्पादन से प्रदेश में पराली/नरवाई जलाने जैसी घटनाएं भी कम होंगी। उन्होंने कहा कि हम मध्यप्रदेश में भविष्य की ऊर्जा तैयार कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इन तीनों सीबीजी प्लांट्स का वर्ष 2023-24 में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ही भूमिपूजन किया था और बुधवार को उनके द्वारा लोकार्पण भी किया गया। कम्पनी द्वारा प्रदेश में कुल 6 संयंत्र स्थापित किए गए हैं। इनमें से तीन का लोकार्पण बुधवार को सम्पन्न हुआ। जबलपुर, बालाघाट और सीहोर में एक-एक संयंत्र निर्माणाधीन होकर तेजी से प्रगति पर हैं। कम्पनी द्वारा इन 6 संयंत्रों में करीब 700 करोड़ रूपए का निवेश किया गया है। इनकी संयुक्त उत्पादन क्षमता 45 हजार टन प्रतिवर्ष है। इन संयंत्रों के शुरू होने से वार्षिक स्तर पर लगभग 17 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइट उत्सर्जन में कमी आएगी, जो सरकार के पर्यावरण-संरक्षण के प्रयासों का सशक्त प्रमाण है। कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज स्वच्छ ऊर्जा, हरित विकास और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के नए युग का शुभारम्भ हो रहा है। भोपाल के आदमपुर छावनी क्षेत्र में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड द्वारा स्थापित मध्यप्रदेश के सबसे बड़े और अत्याधुनिक कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट का उद्घाटन किया जा रहा है। यह प्लांट प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “वेस्ट-टू-वेल्थ” और “एनर्जी फ्रॉम वेस्ट” के विज़न को साकार करने का प्रतीक है। इसका उद्देश्य स्वच्छ और सतत ऊर्जा उत्पादन के साथ भारत के 2070 तक “नेट जीरो कार्बन एमिशन” लक्ष्य प्राप्ति में भूमिका निभाना है। भोपाल का सीबीजी प्लांट केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि “हरित क्रांति 2.0” की शुरुआत भी है। झीलों की नगरी भोपाल में बन रहा वेस्ट से वेल्थ का सेंटर कार्यक्रम में रिलायंस कम्पनी के पदाधिकारियों ने बताया कि भोपाल के 130 करोड़ रुपये की लागत से 20 एकड़ भूमि में बने कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट से प्रतिदिन 22.5 टन बायो गैस का उत्पादन होगा, जिसके लिए 260 टन कृषि अवशेष जैसे पराली और नेपियर घास का उपयोग किया जाएगा। यही कचरा, जो पहले प्रदूषण का कारण बनता था, अब ऊर्जा का स्रोत बनेगा। यह अपने आप में "कचरे से कंचन" की साकार मिसाल है। इस प्लांट से निकलने वाली गैस का उपयोग बायो-CNG के रूप में वाहनों, घरेलू और औद्योगिक उपयोग में होगा, जो लगभग 2000 ऑटो रिक्शा और लघु वाहनों को ईंधन प्रदान कर सकेगी। इस प्लांट से 250 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। अपशिष्ट से अवसर : वेस्ट मैनेजमेंट का नया मॉडल कम्पनी पदाधिकारियों ने बताया कि यह सीबीजी संयंत्र जीरो लिक्विड डिस्चार्ज तकनीक पर आधारित है और प्रदूषण नियंत्रण मानकों की व्हाइट कैटेगरी में आता है, जो पर्यावरण के लिए पूर्णतः सुरक्षित है। इस परियोजना की तकनीकी प्रक्रिया भी अत्याधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल है। इसमें Anaerobic Digestion Technology का उपयोग किया गया है, जिसे GPS Renewables (भारत) और Snow Leopard Projects (जर्मनी) ने विकसित किया है। यह संयंत्र केवल ऊर्जा उत्पादन का केंद्र नहीं है, बल्कि किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने का माध्यम भी है। इससे न केवल पराली जलाने की समस्या का समाधान होगा, बल्कि किसानों को अपनी फसलों के अवशेष से अतिरिक्त आमदनी का भी स्रोत मिलेगा। इस प्लांट से प्रतिदिन 90 टन “Fermented Organic Manure” तैयार होगा, जो प्राकृतिक जैविक खाद के रूप में किसानों को मिलेगा। इससे मिट्टी की जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ेगी, रासायनिक खादों पर निर्भरता घटेगी और फसलों की गुणवत्ता सुधरेगी। प्रदेश में बन रहे अन्य जगह कंप्रेस्ड बायो गैस के प्लांट रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के भोपाल के साथ इंदौर और सतना में कंप्रेस्ड गैस प्लांट कमीशनिंग स्टेज में है और जबलपुर में काम अंतिम चरण में है और बालाघाट, सीहोर में यह प्रक्रिया निर्माणधीन है। यह प्लांट सिर्फ नेपियर ग्रास के माध्यम से एग्री वेस्ट से ही नहीं, बल्कि बंजर भूमि और वेस्टलैंड को भी पुनर्जीवित करेगा। इस परियोजना के पहले चरण में 100 संयंत्रों का समूह स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक संयंत्र में लगभग 120-120 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे लगभग 500 से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। आने वाले वर्षों में रिलायंस कम्पनी प्रदेश में 500 कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट्स लगाने की योजना है।  

400 के.वी. सबस्टेशन इंदौर में घुसे तेंदुए को बहादुरी से पकड़ा

ट्रांसको टीम की सतर्कता और साहस से टला बड़ा हादसा भोपाल  मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के 400 के.वी. सबस्टेशन, इंदौर में गत दिवस अर्धरात्रि के समय अचानक एक तेंदुआ घुस आया। इस आकस्मिक और जोखिमपूर्ण स्थिति में ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने अदम्य साहस, सतर्कता और उत्कृष्ट टीम भावना का परिचय देते हुए संभावित दुर्घटना को टाल दिया। वन विभाग की सहायता से तेंदुए को सकुशल पकड़वाने में सफलता प्राप्त की। ड्यूटी पर तैनात आउटसोर्स सिक्योरिटी गार्ड कृष्णा बघेला, सूरज मोहनिया तथा मेंटेनेंस टीम के सदस्य श्रीराम अभिलाष ने यार्ड क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी को देखकर तत्काल सबस्टेशन की ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस टीम को सूचित किया। इन कर्मियों ने अत्यंत धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी कार्मिकों को सावधानीपूर्वक सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी या नुकसान से स्थिति को बचाया। वन विभाग को दी गई त्वरित सूचना कर्मियों को सुरक्षित करने के उपरांत परीक्षण परिचारक के.के. मिश्रा ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सबस्टेशन यार्ड में अस्थायी पिंजरा स्थापित कर रेस्क्यू अभियान आरंभ किया। अथक प्रयासों के बाद तेंदुए को सुरक्षित रूप से पिंजरे में कैद किया गया। वन विभाग की टीम ने उसे बिना किसी हानि के सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। रही इनकी सक्रिय भूमिका इस सराहनीय और अनुकरणीय कार्य में आउटसोर्स कर्मियों के साथ परीक्षण परिचारक के.के. मिश्रा, सहायक अभियंता अतुल पराड़कर, कार्यपालन अभियंता श्रीमती नूतन शर्मा एवं अधीक्षण अभियंता जयेश चोपड़ा की सक्रिय एवं समन्वित भूमिका रही। प्रबंध संचालक ने की सराहना एम.पी. ट्रांसको के प्रबंध संचालक ने इस घटना में कर्मियों द्वारा दिखाई गई सतर्कता, टीमवर्क और मानवीय संवेदनशीलता की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल सबस्टेशन में कार्यरत कर्मियों की कार्यकुशलता और समर्पण का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आकस्मिक परिस्थितियों में ट्रांसको कर्मी सजगता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने में पूर्णतः सक्षम हैं। आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगा सम्मान प्रबंध संचालक ने कहा है कि इस साहसिक एवं प्रेरणादायी कार्य के लिए एम.पी. ट्रांसको प्रबंधन द्वारा संबंधित आउटसोर्स कर्मियों सहित सभी को सम्मानित कर पुरस्कृत किया जाएगा।  

पति के इलाज के लिए केरल गईं अलका सिंह, घर लौटने पर बंगले में सोने-चांदी के जेवर और घड़ियों की चोरी का खुलासा

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में डिप्टी कलेक्टर के बंगले में चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। चोर सोने-चांदी के सारे जेवर समेटकर ले गए। कई घड़ियां भी अपने साथ लेकर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि डिप्टी कलेक्टर अपने पति का इलाज कराने के लिए केरल गई थी। वीवीआईपी इलाके में हुई इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे है। यह पूरा मामला हबीबगंज थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, डिप्टी कलेक्टर अलका सिंह के चार इमली वाले बंगले में चोरी की घटना हुई। बताया जा रहा है कि चोर उनके बंगले से सोने-चांदी के जेवरात समेटकर ले गए। घड़ियां भी चुरा ले गए। डिप्टी कलेक्टर अपने पति का इलाज कराने के लिए केरल गई हुई थी। जब वहां से वापस भोपाल लौटी तब चोरी का खुलासा हुआ। यह कोई पहला मामला नहीं है। चार इमली इलाके में सिलसिलेवार आपराधिक घटनाएं हो रही है। इसके बाद भी प्रशासन इन वारदातों पर लगाम कसने में नाकाम साबित हो रहा है। वीवीआईपी इलाके में हुई चोरी की घटना के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में आम इलाकों का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा आप खुद ही लगा सकते हैं। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इन घटनाओं को रोकने के लिए क्या सख्त कदम उठाती हैं।

जननायकों की जीवनी को पाठ्यक्रमों में किया गया शामिल

कदम से कदम मिलाकर करेंगे सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान बिरसा मुंडा की 150 जयंती एवं जनजातीय गौरव वर्ष के उपलक्ष्य में आल इंडिया एनजीओ मीट का किया शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम गौरव से भरे हैं कि मध्यप्रदेश, देश का सर्वाधिक जनजातीय आबादी वाला प्रदेश है। प्रदेश में जनजातीय वर्ग की 21 प्रतिशत आबादी निवास करती है। जनजातीय वर्ग के लोग प्रकृति का संरक्षण करते हुए इसी की छाया में अपना जीवन बिताते हैं। इन सभी जनजातियों के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए हमारी सरकार कटिबद्ध है। जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को बेहद गौरवपूर्ण तरीके से मनाई जाएगी। जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए विचार मंथन जरूरी है। इसके लिए देशभर से स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी भोपाल में एकत्रित हुए हैं। इस विचार मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह हमारी पूंजी है। जनजातियों के कल्याण के लिए सरकार सभी स्वयंसेवी संस्थाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रम चलाने वाली संस्थाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार में जनजातीय वर्ग से जुड़े कल्याण कार्यों के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए नवाचारों के धनी हैं। उन्होंने जनजातीय वर्ग के चिकित्सकों को माला के स्थान पर आला भेंटकर न केवल सम्मान किया वरन सभी को सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में भगवान बिरसा मुंडा की 150 जयंती एवं जनजातीय गौरव वर्ष के उपलक्ष्य में केन्द्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ऑल इंडिया एनजीओ मीट को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर एक दिवसीय मीट का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समुदाय के शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक कल्याण के लिए गैर-सरकारी संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस पुनीत कार्य में राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ संस्थाओं के साथ खड़ी है। जनजातीय कल्याण हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार ने रानी दुर्गावती के 300वें जयंती वर्ष में उन्हें समर्पित कैबिनेट बैठक का आयोजन जबलपुर में किया। राज्य सरकार राजा शंकर शाह, कुंवर रघुनाथ शाह के जनहितैषी कार्यों को भी जनता के बीच लेकर आई है। हमारी सरकार ने खरगोन जैसे ट्राइबल बेल्ट में टंट्या मामा भील के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन के कार्यों में स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग मिलने से लक्ष्य प्राप्ति में आसानी होती हैं। उन्होंने कहा कि 15 नवम्बर 2025 को प्रदेश के जबलपुर और आलीराजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के जरिए भगवान बिरसा मुण्डा का 150वां जन्म जयंती समारोह मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम गौरवान्वित हैं कि देश-प्रदेश के जनजातीय भाईयों के कल्याण के क्षेत्र में कार्य कर रहे एनजीओ के नेशनल कॉन्क्लेव आयोजन का सौभाग्य हमें मिला है। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार ने हमेशा जनजातीय सशक्तिकरण को ही अपनी नीतियों के केन्द्र में रखा है। जनजातीय कल्याण से जुड़ी योजनाओं को लागू करने तथा दूर-दराज के क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों के स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति, रोजगार, पर्यटन विकास जैसे क्षेत्रों में एनजीओ बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मध्यप्रदेश है जनजातियों से पुष्पित और पल्लवित भूमि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जनजातियों का घर है। देश में सबसे ज्यादा जनजातियां मध्यप्रदेश में निवास करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातियों का गौरव लौटा है। हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी उन्हें पूज रहे हैं। आज राष्ट्रपति भवन से लेकर गांवों के पंचायत भवनों तक जनजातीय भाई-बहनों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है। पीएम जन-मन और धरती आबा जैसे अभियान जनजातीय भाई-बहनों के सशक्तिकरण का आधार बन रहे हैं। गरीब कल्याण के लिए चलाई जा रही अनेक योजनाओं से जनजातीय भाई-बहनों का जीवन आसान हुआ है। पेसा नियमों ने जनजातीय भाई-बहनों को सशक्त बनाया है। मध्यप्रदेश में जनजातीय जननायकों की स्मृतियों को सहेज रही है हमारी सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाना हो या देश भर में जननायकों के सम्मान में संग्रहालयों और स्मारकों का निर्माण हो। हम अपने जननायकों की स्मृतियां सहेज रहे हैं। पाठ्यक्रमों में जननायकों की जीवनी को शामिल किया गया है, जिससे आने वाली पीढ़ी अपने असली नायकों से परिचित हो सके। हमारी सरकार ने जन-जन तक अमर राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह की वीरता को पहुँचाने और उनकी स्मृतियों को सहेजने के लिए जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निर्माण कराया है। भोपाल स्थित हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति के नाम पर और पातालपानी रेलवे स्टेशन का नामकरण जननायक टंट्या भील स्टेशन किया गया। हम प्रदेश में जननायकों और वीरांगनाओं की शौर्य गाथा जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। वीरांगना रानी दुर्गावती को समर्पित 2 कैबिनेट बैठक जबलपुर और सिंग्रामपुर (दमोह) में हो चुकी हैं। बीते 3 जून को हमने पचमढ़ी में राजा भभूत सिंह को समर्पित कैबिनेट बैठक की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एन.जी.ओ. समाज में सकारात्मक बदलाव लाने, वंचितों एवं हाशिये पर खड़े समूहों की आवाज उठाने व सरकार और जनता के बीच एक कडी के रूप में कार्य करने वाली संस्थाएं हैं। एन.जी.ओ. ग्रामीण विकास एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में योजनाओं को लागू करने और सरकारी नीतियों को जमीनी स्तर पर पहुँचाने में सरकार एवं जनता की मदद करते हैं। एन.जी.ओ. का शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका एवं वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन आदि के क्षेत्र में काफी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आज के इस नेशनल कॉन्क्लेव में 4 सेक्टरों शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, वन अधिकार अधिनियम एवं ट्राइबल गर्वनेंस पर इन्टरैक्टिव चर्चाएं होंगी। इसमें प्राप्त निष्कर्ष केन्द्र एव राज्य सरकार को अपनी योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय में डिप्टी डायरेक्टर जनरल सुश्री अंशु सिंह ने कहा कि जनजातीय गौरव भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह सम्मेलन आयोजित किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से पीएम जन-मन और धरती आबा जनजातीय … Read more

मध्यप्रदेश की धरती पर स्वागत है निवेशकों का : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कम्पनी मध्यप्रदेश में करेगी 950 करोड़ रूपए का निवेश पदाधिकारियों ने कहा – हम सरकार की निवेश प्रोत्साहन योजना का लेंगे भरपूर लाभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की पुण्यधरा पर सभी निवेशकों का हृदय से स्वागत है। निवेशकों को सरकार अपनी योजनाओं का लाभ देने के साथ इकाई या कारखाना स्थापित करने में सहयोग भी करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में टोपान स्पेशलिटी फिल्म्स प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी (जापानी समूह द्वारा अधिगृहित) के भारतीय एवं जापानी पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। इस कंपनी का मुख्यालय जापान एवं पंजाब में है। यह समूह करीब 950 करोड़ रुपए की लागत से धार जिले के पीथमपुर के औद्योगिक प्रक्षेत्र के सेक्टर-7 में करीब 71,200 टन सालाना क्षमता की बीओपीपी एवं सीपीटी फिल्म निर्माण इकाई स्थापित करना चाहता है। यह शत-प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के रूप में होगा। इसी सिलसिले में निवेश की अग्रिम कार्यवाही के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कम्पनी पदाधिकारियों द्वारा विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर कम्पनी के सीएफओ एवं होल टाईम डायरेक्टर श्री अमित जैन, कमर्शियल हेड श्री रितेश तिरखा, मैनेजिंग एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री हिरोशी सुजुकी, जनरल मैनेजर श्री तासुकु सेना, सेक्टर स्टाफ श्री तोमोहिरो कोमा एवं टेक्निकल एडवाईजर श्री तोशीयुकी माकी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश में निवेश की अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए पदाधिकारियों ने बताया कि कम्पनी द्वारा मध्यप्रदेश पहली बार निवेश किया जा रहा है। कम्पनी मध्यप्रदेश की निवेश प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत उपलब्ध निवेश प्रोत्साहन को अधिक से अधिक प्राप्त करना चाहती है। कम्पनी पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 1988 में टोपान समूह की स्थापना एक भारतीय कंपनी के रूप में हुई थी, जिसे आगे चलकर जापानी समूह द्वारा अधिग्रहित किया गया। कंपनी मुख्य रूप से पैकेजिंग फिल्म, लेबल फिल्म, ग्राफिक लेमिनेशन फिल्म के निर्माण का कार्य करती है। इकाई की पंजाब स्थित विनिर्माण इकाई लगभग 45 एकड़ में स्थापित है। इस समूह का वैश्विक टर्नओवर एक लाख 25 हजार करोड़ रूपये (14 बिलियन यू.एस. डॉलर) है। समूह का भारत में टर्नओवर 1500 करोड़ रूपये है। कम्पनी का भारत में सिंगल लोकेशन प्लान्ट पंजाब में है। मध्यप्रदेश में इकाई की स्थापना के लिए औद्योगिक प्रक्षेत्र पीथमपुर सेक्टर-7 में 14 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है, जिसका प्राथमिक अवलोकन इकाई के प्रतिनिधियों द्वारा किया जा चुका है।  

इंदौर के 400 के.वी. सबस्टेशन में घुसे तेंदुए को ट्रांसको टीम ने बहादुरी से पकड़ा, बड़ा हादसा टला

400 के.वी. सबस्टेशन इंदौर में घुसे तेंदुए को बहादुरी से पकड़ा, ट्रांसको टीम की सतर्कता और साहस से टला बड़ा हादसा  इंदौर मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के 400 के.वी. सबस्टेशन, इंदौर में गत दिवस अर्धरात्रि के समय अचानक एक तेंदुआ घुस आया। इस आकस्मिक और जोखिमपूर्ण स्थिति में ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने अदम्य साहस, सतर्कता और उत्कृष्ट टीम भावना का परिचय देते हुए संभावित दुर्घटना को टाल दिया। वन विभाग की सहायता से तेंदुए को सकुशल पकड़वाने में सफलता प्राप्त की। ड्यूटी पर तैनात आउटसोर्स सिक्योरिटी गार्ड कृष्णा बघेला, सूरज मोहनिया तथा मेंटेनेंस टीम के सदस्य राम अभिलाष ने यार्ड क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी को देखकर तत्काल सबस्टेशन की ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस टीम को सूचित किया। इन कर्मियों ने अत्यंत धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी कार्मिकों को सावधानीपूर्वक सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी या नुकसान से स्थिति को बचाया। वन विभाग को दी गई त्वरित सूचना कर्मियों को सुरक्षित करने के उपरांत परीक्षण परिचारक के.के. मिश्रा ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सबस्टेशन यार्ड में अस्थायी पिंजरा स्थापित कर रेस्क्यू अभियान आरंभ किया। अथक प्रयासों के बाद तेंदुए को सुरक्षित रूप से पिंजरे में कैद किया गया। वन विभाग की टीम ने उसे बिना किसी हानि के सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। रही इनकी सक्रिय भूमिका इस सराहनीय और अनुकरणीय कार्य में आउटसोर्स कर्मियों के साथ परीक्षण परिचारक के.के. मिश्रा, सहायक अभियंता अतुल पराड़कर, कार्यपालन अभियंता मती नूतन शर्मा एवं अधीक्षण अभियंता जयेश चोपड़ा की सक्रिय एवं समन्वित भूमिका रही। प्रबंध संचालक ने की सराहना एम.पी. ट्रांसको के प्रबंध संचालक ने इस घटना में कर्मियों द्वारा दिखाई गई सतर्कता, टीमवर्क और मानवीय संवेदनशीलता की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल सबस्टेशन में कार्यरत कर्मियों की कार्यकुशलता और समर्पण का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आकस्मिक परिस्थितियों में ट्रांसको कर्मी सजगता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने में पूर्णतः सक्षम हैं। आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगा सम्मान प्रबंध संचालक ने कहा है कि इस साहसिक एवं प्रेरणादायी कार्य के लिए एम.पी. ट्रांसको प्रबंधन द्वारा संबंधित आउटसोर्स कर्मियों सहित सभी को सम्मानित कर पुरस्कृत किया जाएगा।  

अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा ग्राहक प्रबोधन का कार्यक्रम संपन्न

भोपाल भोपाल में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा आज एल.एन. आयुर्वेद महाविद्यालय, भोपाल में ग्राहक जागरूक के संबंध में ग्राहक प्रबोधन का कार्यक्रम का आयोजन किया गया,जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनकर सबनीस, अध्यक्ष मध्यभारत प्रान्त विवेक भटनागर, प्रान्त कार्यकारणी सदस्य डॉ अनूप कुमार श्रीवास्तव एवं प्रांत कार्यालयप्रभारी दीपकबाबू श्रीवास्तव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। एल एन आयुर्वेद महाविद्यालय से डायरेक्टर डॉ विशाल शिवहरे, प्राचार्य डॉ सपन जैन और उपप्राचार्य डॉ वर्षा  वजारी उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता माननीय दिनकर सबनीस ने बताया कि जब तक कंपनियों में ग्राहक के प्रति डर नहीं होगा वे ग्राहक को ठगती रहेंगी, मूर्ख बनाएंगी l लेकिन जैसे ही ग्राहक ने डर दिखाना शुरू कर दिया तो कंपनियां उसके साथ कभी धोखा नहीं कर सकती हैं l कहा भी गया है भय बिन होय प्रीत। यानी बिना भय की प्रीत नहीं होती हैं। यह तभी होगा जब आप किसी भी समान के गलत या त्रुटिपूर्ण होने पर शिकायत करेंगे। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत का उद्देश्य भी यही हैं कि हर ग्राहक के मन में यह बात हो कि वह शांत नहीं बैठेगा। गलत होने पर उसके विरोध में आवाज उठाएगा। दिनकर सबनीस ने कहा कि हमें संगठन का ऐसा जाल बिछाना है कि पीड़ित ग्राहक सरलता से संपर्क कर सके और स्वयं को अकेला न समझे। उसे यह अहसास हो कि ग्राहक पंचायत हमारे पास है। हमारा उद्देश्य ग्राहक आंदोलन खड़ा करना है। चेतना जगाना है कि हम चौबीस घंटे ग्राहक हैं। सुबह जब हम नींद से जागते हैं तो हम ग्राहक होते हैं। सुबह उठते ही हमें टूथपेस्ट की होते जरूरत पड़ती है और जब हम सोते हैं तो गुड नाइट जलाकर सोते हैं। यानि सुबह से रात तक हर समय हम ग्राहक हैं। इसके बाद भी हम सजग नहीं हैं। मुख्य वक्ता ने आगे कहा कि आंदोलन का मतलब है, मन में आंदोलन सर्वांगीण चेतना। आज जितने साइबर अपराध होते हैं वे लालच के कारण होते हैं। पहले लॉटरी निकलती थी। लौटरी में लालच में फंसकर लोग ठगी के शिकार होते थे। लॉटरी का चलन कम हुआ तो फिल्म के लिंक आने लगे उसके बाद एप आने लगे। अब लालच के साथ डर भी दिखाया जाने लगा है। डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं हम सुनते ही हैं, भारत के प्रधानमंत्री ने भी कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ नहीं है। इसके बाद भी बहुत बड़े अधिकारी डिजिटल अरेस्ट हो गए और ठगों ने उनके करोड़ों रुपए ठग लिए। इसलिए जरूरी है कि सजग रहें, सतर्क रहें और डरें नहीं। अगर ये बातें हमनें  ग्राहक को सिखा दी तो ग्राहक आंदोलन खड़ा हो जाएगा। धोखे वाले एप हर मोबाइल में मिलेंगे मुख्य वक्ता ने कहा आज कल हर मोबाइल में धोखे वाले ऐप मिल जाएंगे लेकिन कंज्यूमर एप दो-चार मोबाइल में ही देखने को मिलेगा। ज्ञात हो कि उपभोक्ता मंत्रालय ने ग्राहक शिकायत समाधान प्रणाली को आरंभ किया है। पहले हर विभाग की शिकायत के लिए अलग-अलग जाना पड़ता था। इसलिए ग्राहक पंचायत ने मांग की थी कि ग्राहक मंत्रालय पृथक बनाओ ताकि ग्राहक को विभिन्न विभागों के चक्कर न लगाना पड़ें। उपभोक्ता मंत्रालय ने एप जारी किया। बाद में टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया। भ्रामक विज्ञापनों से बचें और सुरक्षित रहें दिनकर सबनीस ने कहा कि आज भ्रामक विज्ञापनों की वजह से लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। इसकी शिकायत गामा पोर्टल पर या सीसीपीए पर कर सकते हैं। एक भ्रामक विज्ञापन को लेकर सीसीपीए ने एक शिकायत के सही पाए जाने पर 10 लाख रुपए का जुर्माना संबंधित कंपनी पर लगाया था। यह तभी संभव हुआ जब उस विज्ञापन की शिकायत सीसीपीए में की गई। कंपनियों को डर होना चाहिए कि ग्राहक सतर्क है। बिना शिकायत के कुछ नहीं होगा। उन्होंने बताया कि कंपनियां फ्यूचर के सपने या असफलता का भय या फैशन के नाम पर बहुत आसानी से ग्राहक को अपने जाल में फंसा लेते हैं। हमें अपने ऊपर होने वाले इन तमाम बौद्धिक, संवेदनात्मक और मनोवैज्ञानिक आक्रमणों को भी समझने पड़ेंगे क्योंकि ये दवे पांव आते हैं। ग्राहक पंचायत द्वारा मांग की जाती रही है कि मनमानी एमआरपी प्रिंट करने के स्थान पर कॉस्ट आफ प्रोडक्शन के आधार पर इसके लिए कोई सूत्र सरकार को बनाना चाहिए। इसको लेकर सभी से सहभागिता करने की अपील की। अंत में श्रोताओं की जिज्ञासाओं का समाधान और अतिथियों के आभार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

पहली बार बढ़ी राशि: लाड़ली बहनों के खाते में 1500 रुपए जमा, पहले थी 1250 रुपए

 सिवनी ड़ली बहना योजना के तहत आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिवनी में लाड़ली बहनों के खाते में 1500 रुपए की किस्त ट्रांसफर कर दी है। अब तक हितग्राही को 1250 रुपए प्रति माह दिए जाते थे। कैबिनेट की मंजूरी के बाद 250 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सिवनी के पॉलीटेक्निक मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश की एक करोड़ 26 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 30वीं किस्त के रूप में 1857 करोड़ रुपये भेजे। लाड़ली बहनों के खाते में पहली बार 1500 रुपये पहुंचे। 250 रुपये की राशि बढ़ाने का निर्णय सरकार ने कैबिनेट बैठक में लिया था। इसके पहले लाड़ली बहनों को 1250 रुपये मिल रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री 560.75 करोड़ रुपये के 114 विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री वर्चुअल माध्यम से पेंच टाइगर रिजर्व के खवासा गेट पर कबाड़ से बनी दुनिया की सबसे बड़ी बाघ प्रतिमा का लोकार्पण भी करेंगे। इसके बाद वे कटनी रवाना होंगे और झिंझरी में आयोजित दद्दाजी के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होंगे। दिल्ली की घटना के बाद पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट में है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। अतिरिक्त बल भी तैनात किया गया है। अब हर माह लाड़ली बहनों के खाते में 1250 की जगह 15 सौ रुपए री राशि ही डाली जाएगी। 1 करोड़ 26 लाख 36 हजार महिलाओं के खाते में 1587 करोड़ रुपए एक साथ ट्रांसफर किए जाएंगे। जानकारी थी कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का नाम 'देवी सुभद्रा योजना' किए जाने का ऐलान भी करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने सीएम हाउस में हुए भाई दूज कार्यक्रम के दो दिन पहले इसके संकेत दिए थे। अपने संबोधन के दौरान लाड़ली बहना योजना को सुभद्रा योजना कहा था, बाद में उसमें सुधार किया था। हालांकि महिला और बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता ने योजना का नाम बदलने की जानकारी से इनकार किया। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर फोकस योजना के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण पर फोकस है। महिलाओं को गांव और शहर में स्वरोजगार चलाने के लिए अलग-अलग विभागों की योजनाओं से जोड़ने का काम किया जाएगा। सरकार अब तक इस योजना में 29 किस्तों में 44 हजार 900 करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर कर चुकी है। इस योजना की शुरुआत पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में जून 2023 में की गई थी। सीएम श्रीकृष्ण-सुभद्रा का कई बार कर चुके हैं जिक्र दिवाली के बाद भाईदूज पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा था कि भगवान श्रीकृष्ण और सुभद्रा का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम और संरक्षण की सबसे सुंदर मिसाल है। जिस तरह श्रीकृष्ण ने हर परिस्थिति में बहन सुभद्रा की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखा, उसी भावना से हमारी सरकार भी प्रदेश की हर लाड़ली बहन के सुख, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की साथी है। श्रीकृष्ण और सुभद्रा का संबंध इस बात की याद दिलाता है कि भाई का स्नेह केवल वचन निभाना ही नहीं, कर्म से निभाई जाने वाली जिम्मेदारी भी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना को संबोधन में सुभद्रा योजना कहा था, जिसे बाद में सुधार लिया। बताया जा रहा है कि इस योजना का नाम लाड़ली बहना की बजाय देवी सुभद्रा योजना करने को लेकर कई महीने तक मंथन किया गया। इसमें पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से भी चर्चा हुई है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी ने योजना का नाम बदलने की बात नहीं कही है।  

भावांतर योजना: आज जारी हुआ नया मॉडल रेट, बढ़कर 4077 रुपए

भोपाल भावांतर योजना 2025 अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए बुधवार 12 नवंबर को 4077 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी रही। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए तथा 11 नवंबर को 4056 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ।

मेघालय कोर्ट में पेश हुए विपिन रघुवंशी, हत्याकांड पर किए सवालों के जवाब और वीडियो पेश

 इंदौर  इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में मंगलवार को भाई विपिन रघुवंशी के बयान शिलांग की कोर्ट में दर्ज किए गए। यहां दो घंटे तक विपिन से 20 से अधिक सवाल पूछे गए। विपिन ने हर सवाल का जवाब दिया। बयान 3.30 बजे शुरू हुए थे, जो शाम 5.30 बजे तक चलते रहे। बयान में बताया कि राजा और सोनम की सहमति से शादी की थी। शादी में दोनों पक्षों के रिश्तेदार और समाजजन पहुंचे थे। इस दौरान शिलांग के सोहरा गांव स्थित खाई के पास राजा के शव की वीडियो रिकार्डिंग भी कोर्ट के समक्ष रखी गई। उसने कहा कि सोनम ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाह, आकाश सिंह राजपूत, विशाल और आनंद कुर्मी की मदद से हत्याकांड को अंजाम दिया था। हत्या के बाद सोनम लगातार पुलिस को बरगला रही थी। विपिन ने बताया कि जब राजा से बात नहीं हो रही थी तो वे उसे ढूंढते हुए शिलांग पहुंचे थे। यहां रुककर राजा को ढूंढा, मशक्कत के बाद शव मिला था। हाथ पर नाम गुदा होने से उसकी पहचान हो पाई थी। विपिन ने शिलांग की कुछ होटलों के फुटेज हासिल किए थे। यह फुटेज भी कोर्ट में दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई आगामी 26 नवंबर को होगी।