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VIP दर्शन पर नई व्यवस्था: महाकाल मंदिर में लाइव मॉनिटरिंग से नजर होगी हर खास मेहमान और आम श्रद्धालु पर

उज्जैन  उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में अब प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का सहारा लिया जा रहा है। मंदिर में वीआईपी श्रद्धालुओं के दर्शन के दौरान रियल टाइम में उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। यह व्यवस्था मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के निर्देशन में लागू की गई है, जिसका उद्देश्य श्रद्धालुओं के अनुभव को और बेहतर बनाना है। इस नई व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों, न्यायिक अधिकारियों, नेताओं, अभिनेताओं और मीडिया से जुड़े व्यक्तियों के लिए विशेष प्रोटोकॉल दर्शन की प्रणाली को तकनीकी रूप से सुदृढ़ किया गया है। जब वीआईपी श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं, तो मंदिर के शंख द्वार पर तैनात कर्मचारी उनकी जानकारी को गूगल डॉक्स पर दर्ज करते हैं। यह जानकारी सीधे मंदिर के प्रशासक और सहायक प्रशासक के मोबाइल पर लाइव अपडेट होती है, जिससे सभी गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जा सके। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के निर्देशन में यह नई व्यवस्था लागू की गई है। इसमें जनप्रतिनिधियों, न्यायिक अधिकारियों, नेताओं, अभिनेताओं और मीडिया से जुड़े उन लोगों के लिए विशेष प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत किया गया है, जो पूर्व सूचना या अनुशंसा के आधार पर दर्शन के लिए आते हैं। जब कोई वीआईपी श्रद्धालु दर्शन के लिए आता है, तो मंदिर के शंख द्वार पर तैनात दो कर्मचारी कंप्यूटर पर उसकी जानकारी गूगल डॉक्स में एंटर करते हैं। ये जानकारी सीधे मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक और सहायक प्रशासक आशीष पलवड़िया के मोबाइल पर लाइव होती है। कौन आया, कब आया सब कुछ रिकॉर्ड में     श्रद्धालु कब मंदिर पहुंचे     किस गेट से एंट्री की     कितने समय में दर्शन किए     कितने लोग साथ आए     किसने प्रोटोकॉल दर्शन के लिए अनुरोध किया     सभी नामित व्यक्तियों ने दर्शन किया या अतिरिक्त लोग शामिल थे इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि वीआईपी को रिसीव किसने किया और उनके प्रोटोकॉल दर्शन की प्रक्रिया में कौन-कौन कर्मचारी शामिल रहा। तीन स्तर पर चेकिंग और मोबाइल पर फीड प्रोटोकॉल पॉइंट्स की जानकारी तीन स्थानों पर चेक की जा रही है और इन तीनों जगह की लाइव फीड अधिकारियों के मोबाइल पर उपलब्ध हो रही है। सहायक प्रशासक आशीष पलवड़िया के अनुसार, दिनभर में प्रोटोकॉल दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या, उन्हें नंदी हॉल व जलद्वार तक दर्शन की व्यवस्था और पूरी गतिविधि की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। यह तकनीकी व्यवस्था अक्टूबर के पहले हफ्ते में शुरू की गई है और इसके प्रभावी नतीजे भी सामने आ रहे हैं। जानिए इस नई व्यवस्था की जरूरत क्यों पड़ी? महाकालेश्वर मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इनमें से कई श्रद्धालु प्रोटोकॉल व्यवस्था के तहत दर्शन करते हैं। इस व्यवस्था के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पुलिस, न्यायिक अधिकारियों आदि को विशेष अनुमति दी जाती है। इसके लिए प्रति व्यक्ति 250 रुपए मंदिर में दान स्वरूप जमा करना अनिवार्य है। हालांकि, बीते साल में इस व्यवस्था में कई बार गड़बड़ियां सामने आईं हैं। मंदिर समिति द्वारा की गई जांच में यह पाया गया कि कई बार अधिक संख्या में श्रद्धालु दर्शाए गए और उनके माध्यम से अवैध रूप से एंट्री कराई गई। साथ ही, रुपयों के लेन-देन के आरोप भी मंदिर कर्मचारियों पर लगे हैं। इन्हीं अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए अब मंदिर समिति ने प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और अवैध वसूली पर रोक लगाना है। 10 माह पहले पकड़ा गया था अवैध वसूली का रैकेट करीब 10 महीने पहले महाकाल मंदिर में वीआईपी और प्रोटोकॉल दर्शन के नाम पर अवैध वसूली का बड़ा मामला सामने आया था। इसमें उत्तर प्रदेश, गुजरात सहित अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं से 1100 से 2000 रुपए तक वसूले जा रहे थे। जांच में सामने आया कि इस ठगी में मंदिर के कुछ कर्मचारी, पुरोहित और सुरक्षा गार्ड शामिल थे। मंदिर समिति ने इस मामले में करीब 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें से 6 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था। ऐसे होता था घोटाला     महाकाल मंदिर में प्रोटोकॉल दर्शन के तहत न्यायिक अधिकारियों, मीडिया कर्मियों, जनप्रतिनिधियों और अन्य वीआईपी श्रद्धालुओं को नंदी हॉल तक जाने की अनुमति दी जाती है। आम श्रद्धालु भी 250 रुपए की रसीद के माध्यम से बिना लंबी कतार के दर्शन कर सकते हैं।     इसी व्यवस्था का दुरुपयोग करते हुए कुछ कर्मचारी श्रद्धालुओं को विशेष दर्शन और जल अर्पण का झांसा देकर पुजारियों और पुरोहितों से मिलवाते थे। इसके बाद प्रत्येक श्रद्धालु से 1100 से 2000 रुपए तक की अवैध वसूली की जाती थी।     यह राशि मंदिर समिति के खाते में जानी चाहिए थी, उसे कर्मचारियों ने खुद हड़प लिया। इस पूरे मामले के उजागर होने के बाद मंदिर समिति ने सख्त कदम उठाते हुए अब संपूर्ण प्रोटोकॉल व्यवस्था को डिजिटल और ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है।

डॉ. यादव बोले: परमात्मा ने शरीर सेवा के लिए दिया है, अच्छे कर्मों से बने समाज के आदर्श

परमात्मा ने शरीर कर्म के लिए दिया है, सत्कर्मों से समाज की करें सेवा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव जबलपुर में रोटरी अवार्ड समारोह में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि परमात्मा ने हमें शरीर अच्छे कर्मों के लिए दिया है, यदि हमारे कर्म सत्कर्म में बदल जाएं तो समाज का कल्याण हो जाएगा। रोटरी क्लब इसी दिशा में पूरे मनोयोग से कम कर रहा है और समाज को एक नई दिशा दे रहा है, जो हम सबके लिए प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को संस्कारधानी जबलपुर में रोटरी इंटरनेशनल के अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा रोटरी इंटरनेशनल अवार्ड प्राप्त करने वाले रोटेरियन  अरुण कांत अग्रवाल एवं  संदीप जैन को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को रोटरी क्लब की मानद सदस्यता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां नर्मदा का उद्गम अमरकंटक से होता है और वह समुद्र में समाहित हो जाती है। मां नर्मदा ने जबलपुर को अद्भुत आशीर्वाद दिया है, इससे जबलपुर का नाम संस्कारधानी पड़ा है। मां नर्मदा के आशीर्वाद से ही जबलपुर का काला पत्थर संगमरमर में बदला जा रहा है यह केवल जबलपुर में ही संभव है। मां नर्मदा के आशीर्वाद से संस्कारधानी जबलपुर को रोटरी क्लब के लिए कार्य करने वाले महान सपूत मिले हैं, जिन्होंने अपने सामाजिक दायित्व और सेवा भाव से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संस्कारधानी जबलपुर का नाम रोशन किया है। रोटरी इंटरनेशनल अवार्ड पाने वाले  अरुण कांत अग्रवाल और  संदीप जैन ने जो सेवा भाव दिखाया है वह अनुकरणीय और प्रेरणादायक है। विकास के मामलों में प्रदेश सरकार जन कल्याण की भावना से सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर रही है। यह काम रोटरी जैसी संस्था पिछले 120 सालों से कर ली रही है और इसने अपने कर्मों से साबित किया है कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोटरी क्लब जबलपुर को जिला एक्सीलेंस अवार्ड मिलने के लिए बधाई दी और कहा कि सेवा के क्षेत्र में रोटरी क्लब इसी तरह आगे बढ़ता रहेगा। लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने कहा कि रोटरी क्लब निस्वार्थ भाव से सेवा के अनेक प्रकल्पों को जमीन पर उतार रहा है। संस्कारधानी जबलपुर के लिए यह गर्व की बात है कि यहां के दो रोटेरियन को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। संस्कारधानी जबलपुर के रोटेरियन  अरुण कांत अग्रवाल को "स्वयं से परे सेवा पुरस्कार" के लिए चुना गया है पूरे विश्व में इस पुरस्कार के लिए 118 रोटेरियन का चयन किया गया है। इसी प्रकार गैर रोटेरियन क्षेत्र में  संदीप जैन को मानवता की सेवा में उत्कृष्टता के लिए विश्व पुरस्कार दिया गया है। यह पुरस्कार पूरे विश्व में केवल 39 लोगों को दिया गया है। संस्कारधानी जबलपुर की दो समाजसेवियों को यह पुरस्कार मिलना गर्व एवं सम्मान की बात है। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद  विवेक तंखा, मती सुमित्रा वाल्मिक, कार्यक्रम के संयोजक डॉ. जितेंद्र जामदार, विधायक  अखिलेश पांडे,  संतोष वरकड़े,  अखिलेश जैन और रोटरी परिवार की सभी सदस्य उपस्थित थे।  

मौसम अपडेट: मध्यप्रदेश के 20 जिलों में बारिश, श्योपुर सबसे ज्यादा भीगा; भोपाल-इंदौर में हल्की बारिश की संभावना

भोपाल मध्यप्रदेश में बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के 20 जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है। श्योपुर में बीते 9 घंटे में 2 इंच तक बारिश दर्ज की गई है। ग्वालियर-चंबल संभाग के 8 जिलों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। भोपाल और इंदौर में रिमझिम बूंदाबांदी से मौसम सुहावना बना हुआ है। खेतों में रखी फसल बारिश से बह गई है, जिससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ा। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के असर से हवा की रफ्तार 60-70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। छत्तीसगढ़ के 5 जिलों में कल भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।  मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट पलटी है, जिसका असर प्रदेश के कई जिलों में बारिश के रूप में देखने को मिल रहा है. रविवार को राजधानी भोपाल में दिनभर रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा, जिसके चलते अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई. वहीं प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश श्योपुर में 2 इंच रिकॉर्ड हुई. इसके अलावा बालाघाट में भी करीब 1 इंच पानी गिरा. साथ ही इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, रायसेन, विदिशा, सीहोर, सागर, रतलाम, शाजापुर, देवास, दमोह, बालाघाट, धार और आगर-मालवा जैसे 20 से ज्यादा जिलों में बारिश रिकार्ड की गई. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 31 जिलों में बारिश की संभावना जताई है. इसमें मुख्य रूप से ग्वालियर संभाग के जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है. इसलिए बदला मौसम, 3 दिन असर सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अरब सागर की खाड़ी में एक डिप्रेशन एक्टिव है। इससे एक ट्रफ भी जुड़ी है, जो मध्यप्रदेश के बीचों-बीच तक आ रही है। इस वजह से अगले 3 दिन तक बारिश होने का अनुमान है। अगले 24 घंटे में यह ग्वालियर-चंबल समेत उत्तरी हिस्से में ज्यादा असर दिखाएगा। इसलिए कुछ जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। इसके बाद पूर्वी हिस्से में भी तेज बारिश होगी। वहीं, बंगाल की खाड़ी में एक डीप डिप्रेशन एक्टिव है, जो अगले 48 घंटे में एमपी में असर दिखाने लगेगा। इससे भी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

अन्नकूट महोत्सव: रणजीत हनुमान मंदिर में 30 अक्टूबर को विशेष प्रसादी, 101 मंदिरों तक पहुंचेगी भोग सामग्री

इंदौर  इंदौर के पश्चिम क्षेत्र में स्थिति प्राचीन रणजीत हनुमान मंदिर में 30 अक्टूबर को चलित अन्नकूट महोत्सव का आयोजन होगा। इसमें 50 हजार से ज्यादा भक्तों के लिए भोजन प्रसादी बनेगी।29 अक्टूबर को भट्टी पूजन के साथ प्रसादी बनाने की शुरुआत की जाएगी। अन्नकूट के लिए पूड़ी, सब्जी, नुक्ती और भजिए बनाए जाएंगे। पैकेट से लोग प्रसादी ले सकेंगे। एक दिन पहले होगी भोजन प्रसादी की शुरुआत मंदिर में ही भक्त मिलकर सब्जी काटने का काम सहित अन्य काम करेंगे। रणजीत हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी पं.दीपेश व्यास ने बताया कि 29 अक्टूबर को सुबह भट्टी पूजन किया जाएगा। जिसके बाद भक्तों के लिए भोजन प्रसादी बनाने की शुरुआत होगी। 50 हजार भक्तों के लिए इतना सामान लगेगा आटा 50 क्विंटल बेसन 16 क्विंटल शक्कर 10-11 क्विंटल सब्जी 60 क्विंटल मूंगफली का तेल 130 डिब्बे शुद्ध घी 55 डिब्बे   101 मंदिरों में जाएगा मंदिर से भोग पं.व्यास ने बताया कि 30 अक्टूबर को बाबा का भव्य शृंगार किया जाएगा। छप्पन भोग बाबा को अर्पित किए जाएंगे। 6.30 बजे बाबा की आरती के साथ चलित अन्नकूट महोत्सव की शुरुआत होगी। रणजीत हनुमान मंदिर से परंपरागत रूप से शहर के 101 मंदिरों में भोग भेजा जाएगा। वहीं, शाम से चलिए अन्नकूट महोत्सव की शुरुआत होगी जो देर रात तक जारी रहेगा। हालांकि, चलित भंडारा होने से यहां आने वाले भक्तों को भी परेशानी नहीं होगी। 10-15 मिनट में मिल जाएगी प्रसादी पंडित दीपेश ने बताया कि मंदिर के ग्राउंड में पहले बैठाकर प्रसादी खिलाई जाती थी, जिसके कारण मंदिर के बाहर लोगों की काफी भीड़ जमा हो जाती थी। धक्का-मुक्की, भगदड़ जैसी स्थिति बन जाती थी। हालांकि पिछले समय हुई कुछ अप्रिय घटनाओं के बाद से यहां की व्यवस्थाओं में बदलाव किया है। चलित व्यवस्था होने से लोगों को 4-4 घंटे लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 10 से 15 मिनट में भक्तों का नंबर आ जाएगा और वे आसानी से भोजन प्रसादी ले सकेंगे। साथ ही महिला-पुरुषों की लाइन भी अलग-अलग रहेगी। बता दें, अन्नकूट में कोई सामग्री दान करना चाहे या राशि देने चाहे तो वह काउंटर पर दे सकता है। अलग-अलग काउंटर पर रहेगी व्यवस्था मंदिर के मैदान में ही अलग-अलग काउंटर की व्यवस्था रहेगी। जिसमें भक्त मंडल के करीब 500 सदस्य भी व्यवस्था संभालेंगे। यहां आने वाले भक्तों को एक काउंटर से पैकेट मिलेगा। जिसके बाद अगले काउंटर पर पूड़ी, उसके बाद सब्जी, उसके बाद नुक्ती और उसके बाद भजिए पैकेट में मिलेंगे। इसके बाद भक्त वहां से पैकेट को अपने घर भी ले सकते है या बाहर खड़े होकर खा भी सकते हैं। व्यवस्था संभालने के लिए भक्त मंडल के सदस्यों के साथ ही सिक्योरिटी गार्ड और पुलिस-प्रशासन की व्यवस्था रहेगी।  

डॉ. मोहन यादव इंदौर पहुंचे — 8 करोड़ रुपए की फूड एंड ड्रग लैब का उद्घाटन और शहर को मिलेंगी नई विकास सुविधाएँ

 इंदौर मुख्यमंत्री मोहन यादव आज सोमवार को इंदौर में कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे नंदानगर गोल स्कूल प्रांगण में कथा‑कार्यक्रम से अपने दिन की शुरुआत करेंगे। इसके बाद वे तलावली‑चांदा में 8.30 करोड़ की लागत से बनी नई फूड एंड ड्रग लैब का उद्घाटन करेंगे। यह लैब शहर की स्वास्थ्य व सुरक्षा पर्वाह को नया आयाम देगी। इसके बाद सीएम मोहन यादव ब्लू लोटस गार्डन, स्कीम‑140 में बरसाना गार्डन और ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर नक्षत्र गार्डन में भी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।  इन विकास कामों का करेंगे भूमिपूजन मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया विधानसभा 3 और 4 में अमृत-2.0 योजना और मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना के तह 55 करोड़ से अधिक के विभिन्न विकास कामों का शुभारंभ करेंगे। इसी कड़ी में अमृत-2.0 योजना के छावनी चौराहा से चंद्रभागा ब्रिज तक 6 करोड़ की लागत से 300 एमएम व्यास से 900 एमएम व्यास की कुल लंबाई 3.0 किमी. की सीवर लाइन बिछाई जाने का काम का शुभारंभ करेंगे। इससे क्षेत्र के रहवासियों को जलमल निकासी संबंधित आवश्यक सुविधाओं और कान्ह नदी शुद्धिकरण में लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री इसी योजना के तहत विधानसभा 4 के सुदामा नगर सेक्टर डी और ई में 30 करोड़ की लागत से कुल 34.235 किमी सीवर लाइन बिछाने का काम का शुभारंभ करेंगे। ऐसे ही रामबाग चौराहा से अहिल्या आश्रम तक रिव्हर फ्रंट तक19.25 करोड़ की लागत से कुल लंबाई 1.13 किमी से संबंधित विकास काम किया जाएगा। इसमें नदी के दोनों किनारों पर सौंदर्यीकरण संबंधित कार्य किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें वाक-वे निर्माण, गेबियन वॉल, पिचिंग, स्ट्रीट लाइट और आकर्षक म्युरल वाल आर्ट आदि काम किए जाना प्रस्तावित है। इस क्षेत्र को एक रमणीय स्थल के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी को बढ़ावा देने और शासन की योजनाओं को जनजन तक पहुंचाने का किया आहवान

डॉ. यादव का जनप्रतिनिधियों से संवाद — विकास योजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के संकल्प को पूरा करने के लिए अपने-अपने क्षेत्र में स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने का आहवान जनप्रतिनिधियों से किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को जबलपुर के होटल कल्चुरी में संभाग के सभी सांसद एवं विधायकों के साथ आयोजित संवाद के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने, नव उद्यमियों को प्रोत्साहित करने तथा रोजगार परक कार्यों से युवाओं को जोड़ने की दिशा में शासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहभागी बनने पर जोर दिया। संवाद कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल, लोक स्वास्थ यांत्रिकी मंत्री मती संपतिया उइके, राज्यसभा सदस्य मती सुमित्रा बाल्मिकी, बालाघाट सांसद मती भारती पारधी, छिंदवाड़ा सांसद  विवेक बंटी साहू, नर्मदापुरम सांसद  दर्शन सिंह चौधरी सहित संभाग के सभी विधायक और अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित कल्याणकारी एवं विकासपरक योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सांसद एवं विधायक को अपने-अपने क्षेत्र में योजनाओं का कमजोर वर्ग के हर व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए और ज्यादा प्रयास करने होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दो वर्ष में उद्योग और रोजगार के लिए अभियान चलाये जाने के बाद अगला वर्ष कृषि और कृषि से जुड़े विकास कार्यों पर केन्द्रित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सरकार द्वारा रानी दुर्गावती के नाम पर अन्न प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। कोदो-कुटकी की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी का निर्णय भी सरकार द्वारा लिया गया है। उन्होंने सांसदों एवं विधायकों से अपने-अपने क्षेत्र में कोदो-कुटकी के उपार्जन में सहयोग करने तथा अन्न के उत्पादन को प्रोत्साहित करने कहा। मुख्यमंत्री ने कृषि आधारित उद्योगों और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया। साथ ही भावांतर योजना पर भी चर्चा की और सोयाबीन उत्पादन का किसानों को लाभ लेने के लिए प्रेरित करने का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1 नवम्बर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस से लेकर 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मशताब्दी वर्ष तक राज्य शासन द्वारा चलाये जाने वाले कार्यक्रमों के संबंध में सांसद एवं विधायकों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि 15 नवम्बर तक भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर भी प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। हमारा उद्देश्य भगवान बिरसामुंडा सहित वीरांगना रानी दुर्गावती, रानी अवंतीबाई एवं राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह जैसे जनजातीय नायकों के आदर्शों को सामने लाना तथा समाज और खास तौर पर युवाओं को इससे जोड़ना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा परिक्रमा पथ के लिये हो रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने विधायकों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और विधानसभा क्षेत्र में हुए विकासकार्यों पर केन्द्रित पुस्तिकाएं प्रकाशित करें। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को जनोन्मुखी बनाने के लिए जनसुनवाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिये सांसद एवं विधायकों से सुझाव मांगे। उन्होंने स्कूलों, आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं अस्पतालों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में भी सक्रिय सहयोग प्रदान करने का आग्रह करते हुए कहा कि सांसद एवं विधायक अपने-अपने क्षेत्र में रक्तदान शिविरों और स्वास्थ शिविर का आयोजन करें तथा हृदय रोग से पीडि़तों का आयुष्मान योजना के माध्यम से उपचार करायें। डॉ. यादव ने पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा का भी प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया, जिससे ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में जिला विकास समिति की बैठकों के आयोजन पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि संभाग स्तर पर सांसदों एवं विधायकों की बैठकों के बाद अब जिला स्तर पर भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की बैठकें आयोजित की जायेंगी, जिससे विकास कार्यों को गति देने में सार्थक और परिणाममूलक चर्चा की जा सके। नक्सलियों के विरूद्ध बालाघाट में हुई कार्रवाई की सराहना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नक्सलियों के विरूद्ध बालाघाट में की गई कार्रवाई की सराहना की और इसके लिये सुरक्षा बलों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लाल सलाम को आखरी सलाम करने की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। बैठक के प्रारंभ में लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का निर्देश: कानून-व्यवस्था मजबूत करें, नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाएं

कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करें और नशे के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने जबलपुर में ली संभागीय बैठक कानून व्यवस्था और योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की समीक्षा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संभाग में कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के सभी आवश्यक उपाय और नशे के खिलाफ अभियान चलाकर सख्ती से कार्यवाही करें। जो व्यक्ति बार-बार अपराध करता है, उस पर सख्त निर्णय लें। बदमाशों को सूचीबद्ध कर उन पर निगरानी रखें। मादक पदार्थों को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। जबलपुर और नरसिंहपुर की तहर अन्य जिले भी अभियान चलाकर कार्यवाही करें। पुलिस अधीक्षक अपने जिले में नियंत्रण रखें, सिवनी जैसी शर्मनाक घटनाएं कहीं न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को जबलपुर में जिला एवं पुलिस प्रशासन सहित संभागीय अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ को दृष्टिगत रखते हुए मरीजों को सरकारी हॉस्पिटल में ले जाना सुनिश्चित करें, कुछ ड्राईवर प्राइवेट हॉस्पिटल की ओर रुख करते हैं, अत: उन पर निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि जन सहयोग के उदाहरण प्रस्तुत करें, अच्छे समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लें, गांवों में रात्रि विश्राम करें। हाई-वे पर स्थित ढाबों में अवैध मदिरा विक्रय पर कार्यवाही करें। यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी सिविल आचरण के विरूद्ध कुछ न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि जनसुनवाई में वे स्वयं बैठें और आवेदनों का निराकरण करें। विधानसभावार विजन डॉक्यूमेंटस के आधार पर कार्य हो। जिले का दस्तावेजीकरण हो। साहसिक एवं रोजगार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दें। उद्योग रोजगार वर्ष में समग्र रूप से औद्योगिक विकास की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश, आत्मनिर्भर भारत का हिस्सा है, अत: सामाजिक समरसता का आयोजन हो और विकास की बातें करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल, 1 नवम्बर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस और 15 नवम्बर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती है। ऐसे अवसरों पर आयोजित कार्यक्रमों में विकास परक गतिविधियां आयोजित हों। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश में युवा वर्ग को जोड़े, खेलकूद की गतिविधियां भी हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भावांतर योजना के क्रियान्वयन पर सतत नजर रखे। प्रतिबंधित दवाइयों पर और गौवंश तस्करी पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधी जिन्होंने अपराध कर संपत्ति अर्जित की है, उन पर राजसात जैसी आवश्यक कार्यवाही करें। भू-माफियों पर कार्यवाही हो, जिला बदर के आदेशों का सख्ती से पालन हो। उन्होंने समग्र विकास के लिए विकास समिति मॉडल बनाने के निर्देश भी दिये और कहा कि अच्छी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करें। बैठक में एसीएस  संजय दुबे, एडीजे, संभागायुक्त  धनंजय सिंह, जबलपुर व बालाघाट के आईजी, डीआईजी, संभाग के सभी कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ, सीईओ जिला पंचायत एवं संभागीय अधिकारी मौजूद थे। संभागायुक्त  सिंह ने शासन की प्राथमिकता के विषयों के साथ कृषि व कृषि संबद्ध विषयों प्रेजेन्टेशन दिया, जिसमें सोयाबीन भावांतर, धान व कोटो-कुटकी उपार्जन, उर्वरक वितरण, टेकहोम राशन, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, राजस्व में नवाचार, मातृ एवं शिशु मृत्युदर तथा मातृवंदना आदि विषय शामिल थे। आईजी  प्रमोद वर्मा ने संभाग में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के संबंध में प्रेजेन्टेशन दिया। आईजी बालाघाट ने नक्सल उन्मूलन के लिए की जा रही गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। कलेक्टर जबलपुर व बालाघाट ने अपने जिले के विकासकार्यों के साथ शासन की प्राथमिकता के विषयों की जानकारी दी।  

सख्त आदेश: मध्यप्रदेश के इस शहर में दो महीने तक कोई अनधिकृत जुलूस नहीं!

रतलाम  मध्यप्रदेश के रतलाम शहर में एसडीएम ने आदेश जारी कर बिना अनुमति के कोई भी रैली, जुलूस, धरना या प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। ये आदेश अगले दो महीने के लिए प्रभावशाली रहेगा। एसडीएम आर्ची हरित ने जो आदेश जारी किया है उसके मुताबिक लोक शांति बनाए रखने के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय, जिला न्यायालय और अस्पताल परिसरों में धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन देने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि करणी सेना ने 31 अक्टूबर को रतलाम शहर में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है और उससे पहले ही प्रशासन की ओर से ये प्रतिबंध लगाया गया है। 24 घंटे पहले लेनी होगी परमिशन जो आदेश जारी किया गया है कि उसके मुताबिक रतलाम शहर की राजस्व सीमा के जिला कोर्ट, कलेक्ट्रेट परिसर, समस्त शासकीय कार्यालय, जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कोई दल, संगठन धरना प्रदर्शन नहीं करेंग। अगर किसी को कोई प्रदर्शन करना भी है तो 24 घंटे पहले इसकी अनुमति लेनी होगी। इतना ही नहीं इन स्थानों पर ध्वनि विस्तार यंत्रों (लाउडस्पीकर) के उपयोग पर भी रोक रहेगी। आदेश न मानने पर होगी कार्रवाई एसडीएम आर्ची हरित के आदेश में ये भी स्पष्ट किया गया है कि बगैर प्राप्त किए किसी भी धरना प्रदर्शन या रैली का आयोजन किया जाएगा तो आयोजन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही बिना अनुमति लिए धरना प्रदर्शन व रैली या बंद का प्रचार प्रसार भी नहीं किया जाएगा। ये आदेश अगले दो महीने के लिए प्रभावी है।

सरकारी नौकरी का मौका! SI और Subedar के पदों पर निकली बड़ी भर्ती, जानें योग्यता व आवेदन प्रक्रिया

भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर (SI) और सूबेदार के पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इस भर्ती ते तहत सब इंस्पेक्टर और सूबेदार के कुल 500 पदों को भरा जाएगा, जिनमें सब इंस्पेक्टर के 472 पद और सूबेदार के 28 पद शामिल हैं। विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2025 तय की गई है। ऐसे अभ्यर्थी जो पात्रता मानदंड पूरे करते हैं और अब तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, वे esb.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद आवेदन लिंक बंद कर दिया जाएगा।   करेक्शन विंडो 3 नवंबर तक खुली आवेदन प्रक्रिया के दौरान जिन अभ्यर्थियों से किसी प्रकार की त्रुटि हो गई है, वे उसे सुधारने का मौका पा सकते हैं। इसके लिए करेक्शन विंडो 3 नवंबर 2025 तक सक्रिय रहेगी। उम्मीदवार लॉग इन कर अपने आवेदन पत्र में आवश्यक संशोधन कर सकते हैं। पात्रता मानदंड इन पदों पर आवेदन के लिए अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्था से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवारों के पास निम्न में से किसी एक योग्यता का प्रमाण पत्र होना चाहिए- उम्मीदवारों की आयु सामान्य श्रेणी में अधिकतम 33 वर्ष तथा आरक्षित वर्ग के लिए अधिकतम 38 वर्ष तक निर्धारित की गई है। आयु की गणना 17 अक्टूबर 2025 को आधार मानकर की जाएगी। आरक्षित वर्ग को नियम अनुसार आयु में छूट दी जाएगी। आवेदन प्रक्रिया 1. सबसे पहले उम्मीदवार esb.mp.gov.in वेबसाइट पर जाएं। 2. होमपेज पर “Online Form – Subedar (Stenographer) & Asst. Sub-Inspector Recruitment Test For Police H.Q., Home (Police) – 2025” लिंक पर क्लिक करें। 3. आवश्यक विवरण भरकर रजिस्ट्रेशन करें। 4. लॉग इन करके शेष विवरण भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। 5. निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान कर फॉर्म सबमिट करें। आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग एवं अन्य राज्यों के उम्मीदवार: ₹560 ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग: ₹310 इसके अलावा, सभी आवेदकों को ₹60 पोर्टल शुल्क अलग से देना होगा। जो उम्मीदवार पुलिस विभाग में करियर बनाने का सपना देखते हैं, उनके लिए यह सुनहरा अवसर है। इसलिए समय रहते आवेदन करें और अंतिम तिथि का इंतजार न करें।

MP के बांधवगढ़ में बड़ा खुलासा: फर्जी वाउचर से चल रहा था सफारी टिकट का काला कारोबार

उमरिया दिल्ली के एक गिरोह द्वारा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की सफारी टिकटों की कालाबाजारी का पर्दाफाश सीसीआईओ साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की कार्रवाई के बाद हुआ है। जांच में पता चला कि आरोपियों के पास केवल बांधवगढ़ के वाउचर ही नहीं, बल्कि गिर सफारी (राजस्थान), ताड़ोबा (महाराष्ट्र), जिम कॉर्बेट (उत्तराखंड), काजी रंगा (असम) और अन्य स्थानों के बुकिंग वाउचर भी मिले हैं। इस मामले में दिल्ली से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डा. अनुपम सहाय ने बताया कि अहमदाबाद (गुजरात) के सासंगीर सिंह दर्शन सहित उन पर्यटकों ने, जिन्होंने सफारी स्लॉट अग्रिम में बुक किए थे, उनसे तय कीमत से तीन गुना अधिक राशि वसूल की गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपित सरकारी वेबसाइट का दुरुपयोग कर एडवांस बुकिंग करते थे तथा फिर इन वाउचरों को उच्च कीमत पर बेच देते थे।   सीसीआईओ साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने बताया कि आरोपितों द्वारा टिकट बुकिंग के लिए सरकारी साइट को हैंक कर दूसरे राज्यों के पर्यटन स्थलों की एडवांस बुकिंग की जा रही थी। इस तरह का जाल गुजरात, मध्यप्रदेश के बांधवगढ़, राजस्थान के गिर, महाराष्ट्र के ताड़ोबा, उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट और असम के काजी रंगा तक फैला हुआ पाया गया। अभी इस घोटाले की तफ्तीश जारी है और साइबर टीम मामले के तकनीकी पक्ष की विस्तृत जांच कर रही है। फील्ड डायरेक्टर डा. अनुपम सहाय ने पर्यटकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी टाइगर रिजर्व में सफारी टिकट बुक करते समय सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट और आधिकारिक काउंटर का ही उपयोग करें। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की आधिकारिक साइट पर ही ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है और साइट पर भुगतान ऑनलाइन या रिजर्व के काउंटर द्वारा किया जा सकता है। साथ ही साइट पर संपर्क हेतु आवश्यक फोन नंबर भी दिए गए हैं, जिनसे कोई शंका होने पर सीधे संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बांधवगढ़ प्रशासन टिकट की कालाबाजारी पर नजर बनाए हुए है और ऐसे किसी भी प्रयास को सख्ती से रोका जाएगा। जिले की स्थानीय प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियाँ भी इस दिशा में सतर्क हैं और संभावित पीड़ित पर्यटकों को जानकारी दे रही हैं। सीसीआईओ की कार्रवाई और दिल्ली से आरोपियों की गिरफ्तारी से यह संदेश गया है कि साइबर माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी और कालाबाजारी के खिलाफ भी त्वरित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने पर्यटकों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी ऑफर या तीसरे पक्ष के माध्यम से खरीदारी करने से पहले आधिकारिक स्रोत की पुष्टि अवश्य कर लें। उन मामलों में जहां अग्रिम भुगतान करना आवश्यक हो, वहां भुगतान के पुख्ता सबूत और रसीद रखना अनिवार्य है। बांधवगढ़ प्रबंधन ने कहा है कि यदि पर्यटक किसी धोखाधड़ी का सामना करते हैं तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके और अन्य संभावित शिकारों को भी बचाया जा सके।