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इंदौर: एग्जाम से बचने के लिए छात्रों ने फैलाई मौत की अफवाह, प्रिंसिपल के घर पहुंचा स्टाफ

 इंदौर  134 साल पुराने प्रतिष्ठित शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय में छात्रों ने परीक्षा स्थगित करवाने के लिए प्राचार्य अनामिका जैन की मौत की झूठी खबर फैला दी। कॉलेज प्रबंधन, कर्मचारी, स्टाफ प्राचार्य के घर पहुंच गया। जांच हुई तो पता चला कॉलेज में सीसीई की ऑनलाइन परीक्षा है और उसको निरस्त करवाने के किए इस तरह से संदेश वायरल किए गए हैं। भवरकुआं पुलिस ने बुधवार देर रात इस मामले में कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र मयंक कछावा और हिमांशु जायसवाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। परीक्षा कैंसल करवाने के लिए प्रिंसीपल के निधन की झूठी अफवाह फैलाने का मामला शहर के सबसे प्रतिष्ठित शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय में सामने आने के बाद विद्यार्थी हैरान हैं। परीक्षा से बचने के लिए दो छात्र इस हद तक पहुंच गए कि मौत की झूठी खबर फैला दी। पुलिस के साथ अब कॉलेज प्रबंधन भी इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकता है। जानकारी के मुताबिक दोनों छात्रों ने परीक्षा कैंसल करवाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। सोशल मीडिया पर यह सूचना मिलते ही कॉलेज का स्टाफ और शिक्षक चौक गए। वे सभी प्राचार्य के घर पहुंच गए। इसके साथ ही विद्या‍र्थी भी इस सूचना को लेकर शोक में डूब गए थे। 

मप्र में मौसम का बदलता मिजाज: कई जिलों में ठंड बढ़ी, दक्षिण में बादल-बूंदाबांदी की संभावना

भोपाल मध्य प्रदेश में अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। मानसून विदा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद कई जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर जारी है। वहीं उत्तरी हवाओं के चलते प्रदेश के कई इलाकों में रातें ठंडी होने लगी हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। भोपाल, इंदौर और सागर संभाग में ठंडी हुईं रातें प्रदेश के बड़े शहरों में रात के तापमान में तेजी से गिरावट देखने को मिली है। भोपाल, इंदौर और सागर संभाग के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। भोपाल, इंदौर और सागर संभाग की रातें अब ठंडी होने लगी हैं। तापमान 17 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। दूसरी ओर, प्रदेश के दक्षिणी हिस्से के 9 जिलों में आज बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है। खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में आज मौसम भीग सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि भले ही प्रदेश से मानसून विदा हो चुका हो, लेकिन अगले कुछ दिन हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। रात के तापमान में गिरावट  प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 20 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। नौगांव और खंडवा में सबसे कम 15.4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। वहीं भोपाल में रात का तापमान 20.6 डिग्री, इंदौर में 18.2 डिग्री और ग्वालियर में 18 डिग्री रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में बर्फबारी के कारण ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश में पहुंच रही हैं, जिससे रातें सर्द होने लगी हैं। मानसून की विदाई, पर असर बरकरार इस साल मानसून 16 जून को प्रदेश में दाखिल हुआ था और 13 अक्टूबर को पूरी तरह विदा हो गया। कुल 3 महीने 28 दिन तक सक्रिय रहा। इसके बावजूद दक्षिणी एमपी में बारिश का असर बना हुआ है। मौसम विभाग ने 16 से 18 अक्टूबर तक हल्की बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है। ऐसी रही इस वर्ष की बरसात इस बार सबसे ज्यादा बारिश गुना में हुई – 65.6 इंच। मंडला और रायसेन में भी 62 इंच से ज्यादा पानी बरसा। वहीं, शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार जैसे जिलों में सबसे कम वर्षा हुई। सीजन की शुरुआत में बारिश की कमी से जूझ रहे इंदौर संभाग में सितंबर में झमाझम बारिश हुई, जिससे यहां सामान्य बारिश का लक्ष्य पूरा हो गया। हालांकि, उज्जैन जिले में अब भी कोटा पूरा नहीं हुआ है। सागर, रीवा, जबलपुर और शहडोल संभागों में मानसून का जोरदार असर रहा। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के सभी 8 जिलों ने औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की, जिनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं। 

बिहार विधानसभा चुनाव में कूदे सीएम मोहन, आज करेंगे जनसंपर्क और रैलियां

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर खास रणनीति बनाई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को मंत्र दिया है कि पार्टी तब जीतती है, जब हर बूथ मजबूत होता है। प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि हर बूथ कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में मोदी है। इस तरह उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं में नई जान फूंक दी है। उनकी ही परिपाटी पर चलते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी बिहार चुनाव के लिए कमर कस ली है। वे 16 अक्टूबर को बिहार दौरे पर रहेंगे। सीएम डॉ. यादव बिहार की कुम्हरार निर्वाचन क्षेत्र के कदमकुआं और विक्रम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पार्वती स्कूल स्पोर्ट्स ग्राउंड में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। वे विधानसभा कुम्हरार में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी संजय गुप्ता और विक्रम नर्वाचन क्षेत्र में सिद्धार्थ सौरभ के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे। इसके अलावा सीएम डॉ. यादव कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में भी हिस्सा लेंगे।  गौरतलब है कि, पार्टी संगठन के बीच सीएम डॉ. मोहन यादव की स्टार प्रचारक की छवि है। यही वजह है कि प्रदेश के मुखिया ने इसी साल हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में जबरदस्त प्रचार किया था। उन्होंने दिल्ली चुनाव में हरी नगर, मुस्तफाबाद, मालवीय नगर, विकासपुरी, नफजगढ़, त्रिनगर, उत्तम नगर, नांगलोई, बादली, रोहिणी और मादीपुर सीटों पर प्रचार किया था। इनमें से एक छोड़कर पार्टी बाकी सारी सीटें जीत गई थी।। पिछले साल लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उन्होंने उत्तर प्रदेश में प्रचार किया था। उन्होंने देवरिया लोकसभा से पार्टी प्रत्याशी  शशांक मणि त्रिपाठी और राबर्ट्सगंज लोकसभा की दुद्धी विधानसभा उप चुनाव के प्रत्याशी श्रवण सिंह गोंड के समर्थन में जनसंपर्क और रोड शो किया था।  हरियाणा-कश्मीर में चला था सीएम डॉ. मोहन का जादू इसी तरह सीएम यादव ने हरियाणा और जम्मू-कश्मीर लोकसभा चुनाव में भी जोरदार प्रचार किया। उनके दौरों की खास बात यह रही कि वे हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में जहां-जहां गए, वहां-वहां की सीटें बीजेपी जीत गई। उन्होंने हरियाणा की 5 विधानसभा सीटों भिवानी, दादरी, तोशाम, झज्जर और बवानी खेड़ा में जनसभाएं की थीं। इनमें चार सीटों पर पार्टी जीत गई थी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की सांबा में प्रचार किया था। यह सीट भी पार्टी के खाते में गई थी।

8 करोड़ की ज़मीन खरीदी, जुर्माना घटाया ₹51 करोड़ से ₹4 हजार: नागार्जुन गौड़ा बोले – सरकार से ली अनुमति

खंडवा मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में पदस्थ IAS अफसर नागार्जुन बी गौड़ा एक बार फिर चर्चा में हैं. हरदा के रहने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट आनंद जाट ने एक बार फिर अफसर पर आरोपों लगाए हैं. इस बार आरोप लगाए हैं कि आईएएस अधिकारी ने रिश्वत के रुपयों से राजधानी भोपाल में 8 करोड़ की बेशकीमती 4 एकड़ जमीन खरीदी है. उधर आईएएस अधिकारी नागार्जुन बी गौड़ा ने कहा कि शासकीय सेवा में रहते हुए कोई प्रॉपर्टी खरीदते हैं तो सरकार की अनुमति से ली है. आरटीआई एक्टिविस्ट आनंद जाट ने आईएएस अधिकारी नागार्जुन गौड़ा पर रिश्वत के रुपयों से जमीन खरीदने का आरोप लगाया है. पत्रकारों से बात करते हुए आनंद जाट ने बताया जिस जमीन को खरीदा है, उसका बाजार मूल्य 2 करोड़ रुपए प्रति एकड़ है. मतलब 4 एकड़ जमीन की कीमत 8 करोड़ रुपए हुई.  आनंद जाट ने इसके साथ ही एक बार फिर से 51 करोड़ के जुर्माने को 4 हजार करने पर सवाल उठाए और कुछ खामियां भी बताईं. आनंद का कहना है कि इस मामले में अब ईओडब्ल्यू में जाकर शिकायत की जाएगी. भोपाल की जिस जमीन को आईएएस अफसर ने खरीदा है, उस जमीन के दस्तावेजों की पड़ताल aajtak ने भी की. जिसमें पाया कि उक्त जमीन भोपाल के फंदा ब्लॉक के फतेहपुर डोबरा गांव में है. इस 4 एकड़ जमीन की सरकारी गाइडलाइन से कीमत 94 लाख 76 हजार रुपए है.  यह जमीन IAS अफसर नागार्जुन गौड़ा और भोपाल निवासी रोहित शर्मा ने मिलकर 90 लाख रुपए में खरीदी है. नागार्जुन गौड़ा के हिस्से में 2 एकड़ जमीन रहेगी. रजिस्ट्री में लिखे अमाउंट के अनुसार उन्होंने 45 लाख में 2 एकड़ जमीन खरीदी है. हालांकि, यह सब जानते हैं कि जमीन की शासकीय दर और बाजार की दर में अंतर रहता है. IAS अफसर ने आरोपों को नकारा उधर, खंडवा जिला पंचायत सीईओ नागार्जुन गौड़ा ने aajtak से फोन कॉल पर कहा कि जब शासकीय सेवक प्रॉपर्टी की खरीदी करते हैं, तो शासन से अनुमति लेकर ही खरीदते हैं. उन्होंने भी अनुमति लेकर ही खरीदी की है. ₹51 करोड़ जुर्माने को ₹4 हजार करने का विवाद यह जमीन खरीदी (मार्च 2024 में) हरदा जिले में सड़क बनाने वाली कंपनी पाथ इंडिया को अवैध खनन मामले में क्लीन चिट देने के आदेश के चार माह बाद हुई है. बता दें कि कंपनी को पहले ₹51.67 करोड़ का जुर्माना नोटिस जारी हुआ था, जिसे IAS गौड़ा ने घटाकर मात्र ₹4032 कर दिया था.  आनंद जाट के आरोप RTI एक्टिविस्ट आनंद जाट ने इस मामले को उठाते हुए गौड़ा पर ₹10 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था. उनका आरोप है कि आदेश देते समय कंपनी के वकील का पक्ष माना गया, लेकिन अमले के प्रतिवेदन को नजरअंदाज किया गया. आरोप है कि खनन की सही माप के लिए दोबारा जांच नहीं करवाई गई और सामान्य नाप वाला मीटर तहसीलदार के पास उपलब्ध न होने का बहाना बनाकर कंपनी को क्लीन चिट दे दी गई, जिससे शासन को ₹51 करोड़ का नुकसान हुआ.

पत्थर में बसी कला: गायखुरी रंगोली ने बना दी मिसाल

बालाघाट  जिला मुख्यालय स्थित गायखुरी की रंगोली एक समय पहले बहुत प्रसिद्ध हुआ करती थी। मगर यह रंगोली समय के साथ कहां लुप्त हो गई इसका पता ही नहीं चला। शहर के वार्ड नंबर 33 गायखुरी घाट के पत्थरों से बनाई जाने वाली रंगोली अब इतिहास की बात बनकर रह गई है। स्थानीय लोग बताते हैं कि करीब 30 से 35 वर्ष पहले तक गायखुरी घाट में मिलने वाले पत्थरों की पिसाई कर रंगोली बनाई जाती थी। अब बदलते समय के साथ बंद कर दी गई। रंगोली बनाने से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलता था और दीपावली का खर्चा भी निकल आता था। लेकिन समय के साथ अब यह काम बंद हो चुका है। बाहर से आने वाली रेडिमेट रंगोली ने मार्केट में अपनी जगह बना ली है। गायखुरी घाट के पत्थर से बनाई जाने वाली रंगोली अब इतिहास बन कर रह गई है। ऐसे बनती थी प्राकृतिक रंगोली जानकारी के अनुसार पहले जागपुर घाट से लेकर गायखुरी घाट तक केवल रंगोली बनाने का कार्य ही होता था। रंगोली के पत्थर को सब्बल से तोडकऱ उसके छोटे-छोटे टुकड़े किए जाते थे, फिर रोड में बिछा दिया जाता था। पत्थर चुरा होने पर उसे छानकर प्राकृतिक रंग मिलाए जाते थे। या फिर पत्थर को घर ले जाकर उसे कूटते थे, छानने के बाद उसमें प्राकृतिक रंग मिलाकर रंगोली तैयार की जाती थी। आज भी यहां का पत्थर काफी चमकीला है। यदि रंगोली बनाने का कार्य फिर शुरू किया जाए तो पूरे जिले में यही की रंगोली को लोग पसंद करेंगे। बाजार में आसानी से रंगोली उपलब्ध होने के चलते इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। दूसरे राज्यों में भी थी मांग गायखुरी घाट की रंगोली की मांग बालाघाट जिले ही नहीं बल्कि सिवनी, छग और महाराष्ट्र राज्य के अन्य जिलों में भी भारी मात्रा में रहती थी। गायखुरी घाट से चमकीले पत्थर को खोदकर निकाला जाता था। पिसाई कर उसे मार्केट में बेचने के लिए उपलब्ध कराया जाता था। एक जमाने में गायखुरी की रंगोली इतनी फेमस हो गई थी कि इसकी डिमांड बढऩे के साथ ही यहां से पत्थर निकाल कर उसे तिरोड़ी, केवलारी और तिरोड़ा की मील में पाउडर बनाने के लिए भेजा जाता था। पाउडर बनने के बाद उसमें तरह-तरह के प्राकृतिक रंग मिलाए जाते थे और रंगोली तैयार कर उसकी सप्लाई बाहर राज्यों तक में में होती थी। लेकिन अब इस घाट में रंगोली बनाने की प्रथा समाप्त हो चुकी है। केवलारी की खदानों ने ली जगह बताया गया कि गायखुरी घाट के पत्थरों की जगह केवलारी क्षेत्र की खदानों से निकलने वाले चमकीले पत्थरों में ले ली है। बताया जा रहा है कि केवलारी क्षेत्र की खदानों से निकलने वाले पत्थर गायखुरी से निकलने वाले पत्थरों से ज्यादा चमकीले हैं। जिससे गायखुरी के पत्थरों की मांग लगातार घटने लगी। वर्तमान में यह पूर्ण तरह से बंद हो गई है।   रेडीमेड रंगोली ने बनाई पकड़ स्थानीय बुजुर्गो के अनुसार धीरे-धीरे दूसरे राज्यों की केमिकल युक्त रेडीमेड रंगोली ने अपनी पकड़ बना ली। बाजार में रंगोली आसानी से उपलब्ध होने से लोगों ने भी यह कार्य छोड़ दिया और गायखुरी के पत्थर से रंगोली बनाने की प्रथा धीरे-धीरे लुप्त होते गई। मांग कम होने से लोगों ने यह व्यापार बंद कर दिया और आज गायखुरी घाट की रंगोली वाली दास्तान लोगों की जुबान में महज एक किस्सा बनकर रह गई है। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक कॉस्मेटिक, केमिकल के इस दौर में आज भी लोग उस प्राकृतिक रंगोली को याद करते हैं। जो रंगोली बाजार में आसानी से उपलब्ध हो रही है, उस रंगोली में घातक केमिकल, रंग, रेत और डीजल का उपयोग धड़ल्लेसे किया जा रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। चिकित्सक भी केमिकल वाली रंगोली से बचने की सलाह देते हैं। लेकिन बाजार में आसानी से मिलने के कारण लोग इस रंगोली का धड़ल्ले से उपयोग कर रहे हैं। अब स्वयं खरीद रहे रंगोली गायखुरी घाट का पत्थर इतना अधिक चमकीला था कि उसमें चमक पैदा करने रेत या केमिकल मिलाने की जरूरत नहीं पड़ती थी। प्राकृतिक रंगों का उपयोग कर रंगोली बनाई जाती थी। इस व्यवसाय को लगभग पूरा गांव करता था। लेकिन अब जो लोग उस समय रंगोली बनाते थे। वे आज खुद रंगोली खरीद कर अपना आंगन सजा रहे हैं।

पत्रकारिता में निष्पक्षता ही लोकतंत्र की ताकत : मुख्यमंत्री का बयान

निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता लोकतंत्र की असली ताकत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा आयुध अपडेट्स पत्रिका के कार्यक्रम से जुड़े भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता लोकतंत्र की असली ताकत है। प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को जनमाध्यमों में स्थान मिल रहा है। हमारे पत्रकार बंधुओं ने ही पूरे राष्ट्र और विश्व को अवगत करवाया है कि मध्यप्रदेश के चंदेरी और रायसेन जैसे स्थान प्राचीन काल में जोहर के साक्षी रहे हैं। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के ट्ंटया भील  और भीमानायक जैसे जनजातीय नायकों ने स्वतंत्रता संग्राम में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। लोककल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम नागरिकों तक आसानी से पहुंचती है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम रीवा से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा भोपाल में मासिक पत्रिका आयुध अपडेट्स के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुध अपडेट्स को इस समारोह के आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि पत्रिका द्वारा प्रदेश की सांस्कृतिक परम्पराओं और विकास से जुड़ी समाचार कथाओं की प्रस्तुति प्रशंसनीय है। मध्यप्रदेश की धरती पंडित माखनलाल चतुर्वेदी से लेकर डॉ. वेद प्रताप वैदिक तक अनेक प्रख्यात कलमकारों के कृतित्व की साक्षी रही है। भारत रत्न स्व. अटल जी भी मूलत: पत्रकार और कवि थे। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्कारों को आत्मसात कर अलग पहचान बनाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज नई तकनीक और सोशल मीडिया का चलन अधिक है। लेकिन पत्रकारिता के इस स्वरूप के समक्ष चुनौतियां भी अनेक हैं। तेज गति के मान से डिजिटल मीडिया का अपना प्रभाव है। कुछ ही पल में लाखों लोगों तक संदेश पहुंच जाता है। लेकिन मुद्रत माध्यमों की धरोहर दीर्घ अवधि तक बनी रहती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य सरकार द्वारा पत्रकारों को अधिमान्यता, बीमा योजनाओं के साथ ही वृद्ध पत्रकारों को सम्मान निधि के रूप में दी जा रही सुविधाओं की भी जानकारी दी। इस अवसर पर अनेक सामाजिक कार्यकर्ता  हेमंत मुक्ति बोध ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में अनेक प्रबुद्धजन और मीडियाकर्मी उपस्थित थे।      

नयी रेलवे भर्तियों में देरी, रिटायर कर्मचारी अब इन 5 पदों पर ध्यान दें

जबलपुर  रेलवे से रिटायर हुए कर्मचारियों को दूसरी पारी का मौका मिलेगा। नई भर्तियों में हो रही देरी के कारण अब पुराने कर्मचारियों को री-इंगेजमेंट के तहत फिर से सेवा का अवसर मिलेगा। इसके लिए अधिकतम 65 साल की आयु सीमा निर्धारित की गई है। ऑपरेटिंग और कमर्शियल विभाग से इस प्रक्रिया की शुरुआत की जा रही है। इसके लिए इन विभागों से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों से आवेदन मांगे गए हैं। 31 अक्टूबर 2025 तक सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को लिखित में अपना आवेदन देना होगा। आवेदन के साथ शपथ पत्र भी देना होगा कि सेवा अवधि के दौरान उनका रिकॉर्ड संतोषजनक रहा है। अगले चरण में एकाउंट व इंजीनियरिंग री-एंगेजमेंट के अगले चरण में एकांउट विभाग, इंजीनियरिंग जैसे विभागों को भी शामिल करने की तैयारी है। तर्क दिया जा रहा है कि इससे रिटायर्ड कर्मचारियों के अनुभव का फायदा रेलवे को मिलेगा। नए कर्मचारियों की भर्ती पर आने वाला खर्च और समय दोनों की बचत होगी।   बूढ़े कंधों को लेकर उठ रहे सवाल प्वाइंटसमेन जैसे पद रेलवे की सेफ्टी कैटेगरी में आते हैं, जहां त्वरित निर्णय और शारीरिक फुर्ती की जरूरत होती है। ऐसे में 60 से 65 वर्ष की उम्र के रिटायर कर्मचारियों को इन पदों पर दोबारा तैनात करने से सुरक्षा पर असर पडऩे की आशंका जताई जा रही है। रेलवे के कई अधिकारी भी मानते हैं कि 60 वर्ष के कर्मचारी पर इस तरह की जिम्मेदारी डालना जोखिमभरा हो सकता है। वहीं दूसरी और नए युवाओं के लिए भी रोजगार के अवसर कम होंगे। इन पदों पर की जा रही भर्ती कामर्शियल सुप्रीटेंडेंट, डिप्टी स्टेशन मास्टर (डीएसएम), चीफ कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर, सीनियर कार्मशियल कम टिकट क्लर्क एवं प्वाइंटसमेन। विभाग ने ऐसे कर्मचारियों से आवेदन मांगे हैं जो रिटायरमेंट के बाद फिर से काम करना चाहते हैं। ऐसे कर्मचारियों को अक्टूबर तक आवेदन भरकर देना होगा जिसके बाद विभाग निर्णय लेगा।- डॉ. मधुर वर्मा, सीनियर डीसीएम रेलवे

खुशखबरी: धनतेरस से पहले किसानों के खाते में आएंगे फसल मुआवजे के पैसे

राजगढ़  मध्य प्रदेश के किसानों के लिए धनतेरस का त्योहार इस बार खास खुशियां लाने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई वाली राज्य सरकार धनतेरस यानी 29 अक्टूबर 2025 को प्रदेश के किसानों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये की सौगात देंगे। राजगढ़ जिले के ब्यावर में होने वाले इस मेगा इवेंट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद उपस्थित होंगे और मंच से सिंगल क्लिक पर संबंधित किसानों के खातों में राशि ट्रांसफर करेंगे। इसका लाभ प्रदेश के लाखों किसानों को होगा। मध्य प्रदेश सरकार ने धनतेरस के मौके पर किसानों को राहत राशि बांटने का फैसला लिया है। सीएम मोहन यादव सिंगल क्लिक पर फसल मुआवजे की राशि किसानों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करेंगे। ये इवेंट राजगढ़ जिले के ब्यावर में आयोजित होने जा रहा है, जो पूरे प्रदेश के लिए खास होगा। कार्यक्रम ब्यावर के दशहरा मैदान में होगा, जहां से किसानों को फसल मुआवजे की राशि वितरित की जाएगी। त्योहारी सीजन में होंगी खुशियां डबल यह राशि उन किसानों को ट्रांसफर की जाएगी, जिनकी फसलें प्राकृतिक आपदाओं या दूसरी वजहों से खराब हुईं हैं। इस पहल से किसानों को अपनी फसल के नुकसान की भरपाई करने में मदद मिलेगी। ये पहल किसानों को दिवाली से पहले आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इससे उनकी त्योहारी खुशियां डबल हो जाएंगी। किसानों को लंबे समय से प्रतीक्षित ये राशि सीधे उनके बैंक खातों में डाली जाएगी।   आपको बता दें कि, इस साल के मानसूनी सीजन में प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश का प्रभाव रहा है। 16 जून, 2025 को मॉनसून आने के बाद प्रदेश में औसत से 120 फीसदी अदिक बारिश हुई, जिससे किसानों को खासा नुकसान का सामना करना पड़ा है।

MP में 10वीं-12वीं परीक्षा होगी सुपरवाइज्ड, CCTV से होगी पूरी निगरानी

भोपाल मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं की वार्षिक परीक्षा सात फरवरी से शुरू होना है। नकल रोकने की कोशिशों में इस बार माशिमं नई शुरुआत करने जा रहा है। पहली बार बोर्ड परीक्षा सीसीटीवी की निगरानी में होगी। इसके लिए माशिमं चुने हुए 200 केंद्रों पर प्रत्येक कक्ष में कैमरे लगवाएगा। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक उन स्कूलों को प्राथमिकता से परीक्षा केंद्र बनाया जाता रहा है, जहां सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था हो। लेकिन प्रदेश में ऐसे स्कूलों की संख्या बेहद कम है। ऐसे में मंडल ने खुद सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी की है। यह कैमरे किराए के होंगे, जिन्हें परीक्षा से पहले लगाया जाएगा और परीक्षा खत्म होने के बाद हटा लिया जाएगा।   इसके लिए निविदा प्रक्रिया जल्दी ही शुरू होगी। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि 200 स्कूलों में कैमरा लगवाने पर कितना खर्च आता है। संवदेनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। जिन स्कूलों में कैमरे चालू हालत में नहीं होंगे, वहां इन्हें चालू करवाया जाएगा। इस बार वीडियो रिकार्डिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। माशिमं के भोपाल स्थित मुख्यालय में एक कंट्रोल रूम बनेगा, जहां सभी केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज लाइव दिखेंगे। यानी कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारी कैमरों के जरिए प्रत्येक परीक्षा कक्ष को उसी समय देख पाएंगे। फिलहाल इस साल यह व्यवस्था प्रायोगिक तौर पर होगी। प्रयोग सफल रहा, तो अगले वर्ष से सभी केंद्र सीसीटीवी निगरानी के दायरे में होंगे। बोर्ड परीक्षा में हर साल करीब चार हजार केंद्र बनाए जाते हैं। इस साल यहां 18 लाख परीक्षार्थी बैठने वाले हैं। परीक्षा केंद्रों की चयन प्रक्रिया शुरू इस बीच परीक्षा केंद्र तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। मंडल ने सभी कलेक्टरों को केंद्र चिह्नित करने को निर्देशित किया गया है। कहा गया है कि उन स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर केंद्र बनाया जाए, जहां शौचालय, फर्नीचर, बिजली, पानी, कंप्यूटर, प्रिंटर जैसी सुविधा हो।

रीवा-सतना में एयरफोर्स सर्वे, जल्द बन सकता है नया रडार स्टेशन

सतना पिछले कुछ दिनों से सतना और मैहर के आसमान में उड़ते फाइटर प्लेन लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। तेज गर्जना और धुएं की लकीरों के साथ उड़ान भरते इन विमानों को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की अटकलें और अफवाहें फैल रही थीं। लेकिन अब स्पष्ट हो गया है कि यह कोई रहस्यमयी गतिविधि नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना का रणनीतिक अभ्यास है। जानकारी के अनुसार, ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरने वाले एयरफोर्स के फाइटर जेट्स इन दिनों विंध्य क्षेत्र में नियमित रिहर्सल और निगरानी अभ्यास कर रहे हैं। सतना, मैहर और रीवा के आसमान को वायुसेना ने अपने रणनीतिक प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त माना है।   विभिन्न मौसम परिस्थितियों में, दिन और रात दोनों समय, ये उड़ानें लगातार जारी हैं। इस गतिविधि को लेकर स्थानीय प्रशासन को पूर्व सूचना दी गई है। विशेष रूप से रीवा जिला प्रशासन को भारतीय वायुसेना ने आधिकारिक तौर पर सूचित किया था कि विंध्य क्षेत्र में कुछ समय के लिए एयर सर्विलांस और फ्लाइट रिहर्सल किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, वायुसेना इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, ऊंचाई और मौसमीय परिस्थितियों का बारीकी से अध्ययन कर रही है। माना जा रहा है कि यहां एक नया एयर सर्विलांस रडार स्टेशन या ट्रैकिंग यूनिट स्थापित करने की योजना पर विचार चल रहा है। इस दिशा में वायुसेना अधिकारियों ने रीवा और सतना के कुछ हिस्सों का सर्वे भी पूरा कर लिया है। विंध्य का आसमान इन दिनों देश की सुरक्षा तैयारियों का साक्षी बन गया है और संभव है कि आने वाले दिनों में यह क्षेत्र भारतीय वायुसेना की निगरानी क्षमताओं का एक नया केंद्र बन जाए।