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Sunatan विरोध के बीच मुस्लिम महिला DSP की जबरदस्त प्रतिक्रिया, ‘जय श्रीराम’ से लगाया संदेश

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में डॉ आंबेडकर पर अधिवक्ता अनिल मिश्रा की गई टिप्पणी को लेकर हंगामा मचा हुआ है। इस दौरान मंगलवार को अधिवक्ता अनिल मिश्रा के समर्थक उन्हीं घर के पास ही सिद्धेश्वर मंदिर पर सुंदरकांड पाठ करना चाहते थे। वहां भी पुलिस तैनात थी। मंदिर बंद देखकर एडवोकेट मिश्रा के समर्थक भड़क गए। सड़क पर ही सुंदरकांड के लिए टेंट बुला लिया। टेंट वाले को सीएसपी विश्वविद्यालय हिना खान ने वहां से भगा दिया। इसके बाद हिना खान पर सनातनी विरोधी होने का आरोप लगाते हुए भीड़ ने "जय श्रीराम" के जयकारे लगाने शुरू कर दिए। खुद को सनातनी विरोधी कहते देख हिना खान ने भी जोर-जोर से जय श्रीराम के जयकारे लगाए। इस दौरान उन्होंने कहा यह मैं भी कर सकती हूं। मौके पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। इधर, मंदिर प्रबंधन का कहना है कि कलेक्टर-एसपी ने किसी भी तरह के आयोजन की मनाही की थी। मंदिर में पहले से एक सुंदरकांड चल रहा था तो दूसरा कैसे हो सकता था।   आज सभी स्कूलों की छुट्टी डॉ. आंबेडकर को लेकर की गई टिप्पणी के बाद आज ग्वालियर में अनुसूचित जाति संगठनों का प्रदर्शन होने वाला था, इसके साथ ही सवर्ण समाज ने भी जवाब देने की बात कही थी। इसके बाद दोनों पक्षों ने प्रदर्शन नहीं करने की घोषणा की थी। फिर भी आज पुलिस सतर्क है। सभी शासकीय व अशासकीय स्कूलों की छुट्टी घोषित की है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि 15 अक्टूबर को संभावित स्थानीय आयोजनों व यातायात व्यवस्था बाधित होने की संभावना को देखते हुए सभी शासकीय व अशासकीय स्कूलों का अवकाश रहेगा। स्कूलों की छुट्टी विद्यार्थियों के हितों और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए की गई है। लेकिन अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए हैं, स्कूलों का स्टाफ समय पर स्कूलों में पहुंचा।

आयुक्त नगरीय प्रशासन की अध्यक्षता में जी-हब क्रियान्वयन इकाई का गठन

भोपाल  राज्य शासन द्वारा जी हब पहल के अन्तर्गत शहरी क्षेत्र को ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संचालन समिति का गठन किया गया है। इसके साथ ही जी-हब क्रियान्वयन इकाई समिति भी गठित की गयी है। इस पहल द्वारा चिन्हित नगरीय क्षेत्र के आर्थिक विकास की रणनीति तथा इसे प्राप्त करने के लिए रोडमैप तैयार किया जायेगा। इस कार्य में नीति आयोग द्वारा सहयोग प्रदान किया जायेगा। मध्यप्रदेश शासन द्वारा भोपाल आर्थिक क्षेत्र (भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन एवं सीहोर) के लिए एवं इंदौर आर्थिक क्षेत्र (इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, खरगोन, रतलाम, शाजापुर एवं खंडवा) को ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने के लिए इकोनॉमिक प्लान तैयार करने का अनुरोध नीति आयोग को भेजा जा चुका है। संचालन समिति में अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास, वित्त, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम, उदयम, पर्यावरण, वन, गृह, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, ऊर्जा, स्कूल शिक्षा, सदस्य होंगे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग को सदस्य-सचिव बनाया गया है। संचालन समिति के कार्य अंतर्गत राज्य स्तर पर G-Hub Initiative की दिशा एवं रणनीति निर्धारण करना, भोपाल आर्थिक क्षेत्र एवं इंदौर आर्थिक क्षेत्र के लिए इकोनॉमिक प्लान तैयार करने के लिए नीति आयोग एवं अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जायेगा। अंतर्विभागीय समन्वय सुनिश्चित करना एवं आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना, प्रगति की नियमित समीक्षा करना और अन्य राज्यों/अंतर्राष्ट्रीय स्तर की बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने के लिए मार्गदर्शन देना जैसे काम समिति द्वारा किये जायेंगे। जी-हब क्रियान्वयन अंतर्गत भोपाल आर्थिक क्षेत्र मे अध्यक्ष आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास को बनाया गया है। आयुक्त-भोपाल एवं नर्मदापुरम, जिला कलेक्टर-भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम एवं सीहोर और नगर निगम आयुक्त-भोपाल, मुख्य नगरपालिका अधिकारी- राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, एवं सीहोर समिति में सदस्य होंगे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग को सदस्य-सचिव बनाया गया हैं। जी-हब क्रियान्वयन अंतर्गत इंदौर आर्थिक क्षेत्र मे अध्यक्ष आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास को बनाया गया है। आयुक्त इंदौर एवं उज्जैन, जिला कलेक्टर-इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, खरगोन, रतलाम, शाजापुर एवं खंडवा और मुख्य नगरपालिका अधिकारी-धार, खरगोन एवं शाजापुर सदस्य होंगे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग को सदस्य-सचिव बनाया गया हैं। जी-हब क्रियान्वयन (भोपाल एवं इंदौर आर्थिक क्षेत्र) के कार्य अंतर्गत संबंधित रीजन (भोपाल/इंदौर) के लिए बेसलाइन डेटा संग्रहण एवं आर्थिक प्रोफाइल तैयार करना, नीति आयोग द्वारा साझा किए गए प्रारूपों, प्रश्नावलियों एवं अन्य इनपुट्स के अनुसार डेटा एकत्रित कर समयबद्ध तरीके से प्रस्तुत करना, जिलों एवं नगरीय निकायों से सुझाव, आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं का संकलन कर इकोनॉमिक प्लान का प्रारूप तैयार किया जायेगा। निवेश, उद्योग, अवसंरचना, शहरी विकास, कृषि, स्वास्थ्य एवं सामाजिक क्षेत्रों की प्राथमिकताओं को पहचानकर कार्य योजना बनाना, स्थानीय स्तर पर परियोजनाओं की प्राथमिकता तय करना तथा पीएम गति शक्ति एवं अन्य राष्ट्रीय राज्य स्तरीय योजनाओं के साथ उनका समन्वय करना, संचालन समिति को समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट एवं समीक्षा विवरण प्रस्तुत करना, कार्यक्रम की निगरानी एवं मूल्यांकन सुनिश्चित करना तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम सुझाना और अन्य राज्यों एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध बेस्ट प्रैक्टिसेज का अध्ययन कर क्षेत्रीय योजनाओं में उनका समावेश किया जायेगा।  

‘स्ट्रेंथेनिंग डिजास्टर रेजिलिएन्स’ पर राज्य स्तरीय राउंडटेबल सेमिनार

आपदाओं में न्यूनतम नुकसान के दृष्टिगत पूर्व सक्रिय दृष्टिकोण अपनाना जरूरी : मुख्य सचिव जैन भोपाल  मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के बीच अब यह अत्यंत आवश्यक हो गया है कि हम अपने विकास मॉडल को रेजिलिएंट और सस्टेनेबल बनाएं। उन्होंने कहा कि आपदाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने के लिए हमें प्रतिक्रियात्मक नहीं, बल्कि पूर्व-सक्रिय दृष्टिकोण अपनाना होगा। उन्होंने बताया कि राज्य शासन का उद्देश्य ऐसा आपदा-रोधी बुनियादी ढांचा विकसित करना है, जो कठिन परिस्थितियों में भी जीवन और आजीविका की निरंतरता बनाए रखे। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग, यूएनडीपी इंडिया और आपदा प्रबंधन संस्थान, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में ‘स्ट्रेंथेनिंग डिजास्टर रेजिलिएन्स’ विषय पर बुधवार को राज्य स्तरीय राउंडटेबल संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि ‘मिशन लाइफ’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली में स्थायी परिवर्तन का प्रयास है। उन्होंने कहा कि नागरिकों से लेकर संस्थानों तक सभी को पर्यावरण-संवेदनशील व्यवहार अपनाना होगा। उन्होंने उल्लेख किया कि शहरी नियोजन ऐसा होना चाहिए जो आपदाओं को रोक सके, न कि नई आपदाओं को जन्म दे। उन्होंने सभी विभागों और स्थानीय निकायों से आग्रह किया कि वे जलवायु और आपदा जोखिमों को अपने नीति-निर्माण और परियोजना योजना का अभिन्न हिस्सा बनाएं। यूएनडीपी इंडिया की प्रतिनिधि सुश्री इसाबेल चान ने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने आपदा प्रबंधन के लिए राज्यों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए हैं, जिससे स्थानीय संस्थाओं को भी सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में नवोन्मेषी वित्तपोषण, संस्थागत क्षमता-विकास और समुदाय आधारित दृष्टिकोण अपनाना समय की मांग है। महानिदेशक, होमगार्ड एवं आपदा प्रबंधन श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने कहा कि गृह विभाग रेजिलिएंट मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि राज्य अब प्रतिक्रियात्मक दृष्टिकोण से आगे बढ़कर सक्रिय और पूर्व-तैयारी आधारित तंत्र की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन में होमगार्ड संगठन की भूमिका केवल राहत कार्यों तक सीमित नहीं, बल्कि प्रशिक्षण, जनजागरूकता और क्षमता निर्माण तक विस्तारित हो रही है। इस अवसर पर भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के निदेशक डॉ. के. रविचंद्रन, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के श्री मयंक अग्रवाल, नागालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के श्री जॉनी असिन, यूएनडीपी इंडिया के श्री मनीष मोहनदास, आपदा प्रबंधन संस्थान भोपाल के श्री आशीष भार्गव और म्यूनिच आरई के रीजनल हेड श्री मंगेश पाटनकर ने भी संगोष्ठी में अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने आपदा प्रबंधन में डेटा-आधारित नीति-निर्माण, जोखिम आकलन, सामुदायिक सहभागिता और नवाचार आधारित समाधानों की आवश्यकता पर बल दिया। संस्थान के संचालक श्री ऋषि गर्ग ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में आपदा जोखिम प्रबंधन केंद्र की स्थापना प्रस्तावित है जो नीति विश्लेषण, प्रशिक्षण और अनुसंधान के माध्यम से राज्य में एकीकृत आपदा प्रबंधन प्रणाली के विकास में सहयोग करेगा। उन्होंने बताया कि संस्थान वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को ‘डिजास्टर रेजिलिएंट स्टेट’ के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है। राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी, बीमा क्षेत्र के विशेषज्ञ, अकादमिक संस्थान, विकास सहयोगी संस्थाएं और नीति विशेषज्ञ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से इस बात पर सहमति व्यक्त की कि आपदा प्रबंधन को शासन की प्राथमिक विकास नीति के रूप में एकीकृत किया जाना चाहिए ताकि मध्यप्रदेश एक संवहनीय और रेजिलिएंट राज्य के रूप में विकसित हो सके।  

एसीएस सामान्य प्रशासन की अध्यक्षता में विभागीय आडिट समिति का गठन

भोपाल  महालेखाकार ग्वालियर द्वारा प्रतिवर्ष राज्य लेखों का अंकेक्षण किया जाता है। अंकेक्षण प्रतिवेदन में संवैधानिक प्रावधानों के अधीन उठाई गई विभागीय अंकेक्षण आपत्तियों के प्रभावी पुनरावलोकन एवं त्वरित निराकरण के लिए राज्य शासन ने अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग की अध्यक्षता में  विभागीय आडिट समिति का गठन किया गया है। समिति में संबंधित सभी विभागाध्यक्ष एवं अन्य संस्था और वित्त विभाग का प्रतिनिधि अपर सचिव/उप सचिव, बजट-8 अनुभाग सदस्य होंगे। वरिष्ठ उप महालेखाकार और उप महालेखाकार को सदस्य सचिव बनाया गया है।  

ओरछा में हो रहे हैं 239 करोड़ रूपए से अधिक लागत के कई निर्माण कार्य

प्रदेश में ओरछा सहित हो रहा 18 लोकों का निर्माण निवाड़ी प्रदेश का दूसरा जिला, जहां हर घर नल से पहुंच रहा है जल पृथ्वीपुर में 3200 करोड़ रूपए से 300 हेक्टेयर में हो रही इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट की स्थापना श्रीराम राजा लोक के निर्माण के दूसरे चरण के कार्यों का हुआ भूमिपूजन मुख्यमंत्री ने 332.85 करोड़ के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन एवं लोकार्पण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीराम का नाम ही काफी है। यथा नाम तथा गुण। राम अपने गुणों से, अपने आचरण से, अपनी पितृभक्ति से और प्रजाजन का पालनहार बनकर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम बने। ओरछावासी बड़े ही भाग्यशाली हैं कि भगवान श्रीराम ने अपने दरबार के लिए ओरछा को चुना। ओरछा के लोगों को हर दिन अवधपति श्रीराम राजा सरकार के दरबार दर्शन का पुण्य मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को निवाड़ी जिले के ओरछा में श्रीराम राजा लोक के दूसरे चरण के निर्माण कार्यों के भूमिपूजन सहित अन्य‍ विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूर्ण विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर श्रीराम राजा लोक में दूसरे चरण के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओरछा के प्रमुख मंदिर पहुंचकर श्रीराम राजा सरकार के दरबार में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने श्रीराम राजा लोक के भव्य निर्माण के लिए पहले चरण में मंजूर एवं वर्तमान में निर्माणाधीन कार्यों का मौके पर जाकर अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओरछा के साथ चित्रकूट में भी करीब 2200 करोड़ रूपए के निर्माण कार्य चल रहे हैं। श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण के लीला स्थलों को तीर्थ क्षेत्र बनाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने राशि मंजूर कर दी है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश इलेक्ट्रानिक विकास निगम एवं एक एनजीओ के बीच करार की प्रक्रिया पूरी होने पर संस्था को लेटर ऑफ अवार्ड भी प्रदान किया। निवाड़ी को नगर पालिका परिषद का दर्जा शीघ्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी शहर को 'नगर पालिका परिषद' का दर्जा देने के लिए जल्द ही परीक्षण कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ओरछा को धार्मिक पर्यटन सहित एयर एम्बुलेंस एवं हेलीकॉप्टर सेवाओं से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए एयर स्ट्रीप बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने नेंदुआ के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन कर नया अस्पताल बनाने की घोषणा की। साथ ही क्षेत्रीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए नए सड़क मार्गों के निर्माण की भी घोषणा की गई। 332 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या और ओरछा का 500 साल से अधिक पुराना नाता है। ओरछा के बुंदेला शासक मधुकर शाह की महारानी कुंवरि गणेश जो भगवान श्रीराम की उपासक थीं, 16वीं शताब्दी में भगवान श्रीराम को अयोध्या से लेकर ओरछा आई थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओरछा में जिस रूप में श्रीराम राजा पूजे जाते हैं, वैसे कहीं और नहीं पूजे जाते। उन्होंने ओरछा के विषय में बताया कि मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम अपना दिन ओरछा में ही बिताते हैं, केवल शयन करने के लिए ही अयोध्या जाते हैं। उन्होंने कहा‍कि आज निवाड़ी जिले को 332.85 करोड़ रुपए की लागत के 21 से अधिक विकास कार्यों की सौगात मिली है। क्षेत्रवासियों को नया सांदीपनि विद्यालय और नया शासकीय महाविद्यालय भी आज मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रभु श्रीराम की अनंत कृपा से हम ओरछा में एक दिव्य और भव्य श्रीराम राजा लोक का निर्माण कर रहे हैं। आज श्रीराम राजा लोक निर्माण के पहले चरण के 130 करोड़ रुपए की लागत वाले विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज ही श्रीराम राजा लोक के दूसरे चरण के लगभग 125 करोड़ रूपए की लागत वाले दूसरे चरण के निर्माण कार्यों की आधारशिला भी रखी जा रही है। साथ ही यहां के ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण एवं पुरातात्विक परिसर का भूमिपूजन भी किया जा रहा है। देशी-विदेशी पयर्टकों को मिलेगी सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि श्रीराम राजा लोक के पहले चरण में लगभग 5.50 करोड़ रूपए की लागत से तैयार 103 नवीन दुकानों एवं प्लाज़ा का लोकार्पण भी आज ही किया जा रहा है। यह विकास कार्य ओरछा आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की सुविधाओं में और अधिक इजाफा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ओरछा में श्रीराम राजा लोक के निर्माण के दोनों चरणों सहित सात विभिन्न प्रकार की विकास परियोजनाओं पर करीब 239 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के कई निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। यह सभी कार्य श्रीराम राजा सरकार के चरणों में अर्पित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवाड़ी प्रदेश का दूसरा जिला जहां हर घर में नल से जल इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट की स्थापना होगी। प्रदेश का दूसरा ऐसा जिला है, जहां हर घर में नल से जल पहुंच रहा है। निवाड़ी केन-बेतवा परियोजना से भी लाभान्वित होने जा रहा है। इससे संपूर्ण क्षेत्र को भरपूर लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीराम राजा लोक के निर्माण से ओरछा में धार्मिक एवं पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा। क्षेत्र का विकास होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि लाड़पुरा खास एवं राधापुर ग्राम की महिलाओं द्वारा संचालित होम-स्टे मध्यप्रदेश में पहले एवं दूसरे स्थान पर रहे हैं। इस वर्ष चंदपुरा तथा जमुनियां खास में एक दर्जन नए होमस्टे प्रारंभ किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया‍कि निवाड़ी औद्योगिक विकास में भी आगे आ रहा है। जिले के पृथ्वीपुर में पेसिफिक इंडस्ट्री मेटल लिमिटेड द्वारा 3200 करोड़ रूपए की लागत से करीब 300 हेक्टेयर भूमि में 'इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट' की स्थापना की जा रही है। इससे बड़ी संख्या में जिले के युवाओं को ही रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओरछा अब वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा ओरछा में पर्यटन अधोसंरचनाओं और सुविधाओं के विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत टूरिस्ट एक्सपीरियंस सेंटर, हुनरशाला, एंट्री प्लाजा के साथ यात्रा पथ का विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ओरछा को यूनेस्को की एच.यू.एल. (हिस्टोरिकल अर्बन लैंडस्केप) पहल के तहत चुना गया है। … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री श्री नाइक के निधन पर दु:ख व्यक्त किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री श्री रवि नाइक के निधन पर दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने शोक संदेश में कहा है कि स्व. रवि नाइक ने जनसेवा के लिए जीवन का बड़ा हिस्सा समर्पित किया है। विभिन्न पदों पर रहते हुए वे समाज के कमजोर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य करते रहे। गोवा राज्य के विकास के लिए वे सदैव प्रयासरत रहते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. नाइक की आत्मा की शांति के लिए और शोक-संतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की महाकाल से प्रार्थना की है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चिकित्सा महाविद्यालयों में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की

पीपीपी मोड में शहडोल मेडिकल कॉलेज में सीटी-एमआरआई सेवा प्रारंभ करने के दिए निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मेडिकल कॉलेजों में अधोसंरचना विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की विभिन्न गतिविधियों की निवास कार्यालय में वृहद समीक्षा की। उन्होंने छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल निर्माण, सब-स्टेशन निर्माण तथा आउटसोर्स के अतिरिक्त पदों की स्वीकृति संबंधी कार्यों की समीक्षा की और शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए ताकि छात्रों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएँ समय पर उपलब्ध कराई जा सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने ईदगाह हिल्स, भोपाल में विभागीय जमीन की बाउंड्रीवाल का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। भोपाल चिकित्सा महाविद्यालय में प्रस्तावित नवीन कार्यों का अनुमोदन शीघ्र प्राप्त कर कार्य आरम्भ करने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने भोपाल मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष श्री मयंक अग्रवाल, डीन, जीएमसी भोपाल डॉ. कविता सिंह और अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ जीएमसी भोपाल के परिसर के विकास के संबंध में चर्चा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने रीवा मेडिकल कॉलेज के लिए सीएसआर अंतर्गत प्राप्त राशि से गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए और कहा कि प्रशासनिक औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कर सेवाएं प्रारंभ की जाएँ। शहडोल मेडिकल कॉलेज में सीटी और एमआरआई सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान में पीपीपी मॉडल में इन सेवाओं को तत्काल प्रदान करने के निर्देश भी दिए। बैठक में विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दी दीपावली की शुभकामनाएं और सौगात

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि अपने कार्यों से दूसरों की जिंदगी को बेहतर बनाने में ही कार्य की सफलता है। उन्होंने सफाई मित्रों का दृष्टांत देते हुए कहा कि वह सुबह सवेरे सबसे पहले उठकर हमारे आस-पास का वातावरण स्वच्छ बनाते है ताकि हम सबको दिनभर स्वच्छ और सुखद वातावरण मिले। राज्यपाल श्री पटेल बुधवार को राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित दीपावली शुभकामना समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने समारोह में भोपाल, पचमढ़ी राजभवन के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के साथ राजभवन में स्थित डाक घर, बैंक एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों को उपहार भेंट किये। कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव भी मंचासीन थे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि मानव का जीवन एक बार ही मिलता है। कर्मों का फल इसी जीवन में मिलता है। प्रकृति से अच्छी और बुरी दोनों वृत्तियां मानव को मिलती है। उन्होंने कहा कि जीवन में स्थायी आनंद और सच्चा सुख संतोष मेहनत और योग्यता से ही मिलता है। व्यक्ति के नसीब में जो है वह उसको मिलता ही है। दूसरों की उन्नति से ईष्या के भाव से जीवन के सारे सुख और संतोष का आनंद खत्म हो जाता है इसलिए व्यक्ति को स्वयं ही अपनी गलत प्रवृत्तियों को नियंत्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अक्टूबर का महीना उत्सवों का और आत्म शुद्धि का प्रसंग है। पहले नवरात्र उसके बाद विजयादशमी का पर्व हमें अपने अंदर के दुर्गणों का अंत करने का अवसर देता है। दीपावली का पर्व भी नये उत्साह और ऊर्जा के साथ जीवन के नव आरम्भ का प्रसंग है। यह दूसरों की गलतियों और कमियों को भूलकर प्रेम और पारस्परिक सदभाव को बढ़ाने का अवसर है। उन्होंने सभी को दीपावली की बधाई और सुखमय जीवन की शुभकामनाएं दी। ईश्वर से प्रार्थना की है कि हर दिन सबके जीवन में खुशिया लाएं। कार्यक्रम का संचालन नियंत्रक हाउस होल्ड शिल्पी दिवाकर ने किया।

आस्था और विकास का संतुलन: इंदौर-इच्छापुर हाईवे के विस्तार में शांतिपूर्ण कार्रवाई

बुरहानपुर शहर से गुजरे इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे पर मौजूद धार्मिक स्थल और पेड़ लंबे समय से सुगम आवागमन में बाधा बने हुए थे। बुधवार को जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सभी 14 धार्मिक स्थलों को हटा दिया। इनमें मजारें और मंदिर शामिल थे। इसके साथ ही सड़क पर मौजूद पेड़ों को भी हटाया गया है। राजपुरा गेट और गुड हास्पिटल के पास मौजूद पीपल के पेड़ों को शिफ्ट करने पर भी विचार किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने बस स्टैंड के पास बेरिकेड लगा कर शिकारपुरा थाने तक के मार्ग को बंद कर दिया था। मजारों और मूर्तियों को ससम्मान वाहनों में रखकर ले जाया गया। हाइवे को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई थी। बड़ी बात यह रही कि इस कार्रवाई का किसी भी पक्ष ने विरोध नहीं किया, बल्कि लोग स्वयं आगे आए और मंदिरों व महारों को तोड़ने में सहयोग दिया। कलेक्टर हर्ष सिंह और एसपी देवेंद्र पाटीदार की सटीक प्लानिंग के कारण कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से निपट गई।   तड़के पहुंच गए थे अफसर-कर्मचारी इस कार्रवाई की पूरी तैयारी पुलिस और प्रशासन ने मंगलवार को ही कर ली थी। बुधवार सुबह साढ़े छह बजे से अधिकारी, कर्मचारी व पुलिस बल अंकिता टाकीज क्षेत्र के पास एकत्र होने शुरू हो गए थे। आसपास के चार जिलों से बुलाए गए पुलिस बल, जिला बल, नगर निगम आदि के कर्मचारियों को मिलाकर 500 से ज्यादा कर्मचारी मैदान में उतरे। मौके पर कलेक्टर हर्ष सिंह, एसपी देवेंद्र पाटीदार, अपर कलेक्टर वीरसिंह चौहान, एडिशनल एसपी अंतर सिंह कनेश, एसडीएम अजमेर सिंह गौड़, निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव, आधा दर्जन थानों के प्रभारियों ने मोर्चा संभाला और कार्रवाई शुरू कर दी। तारवाला बोरवेल के पास स्थित दो मजारों के बाद मंदिर को हटाया गया। इसके बाद राजपुरा गेट के पास मंदिर हटाए गए। प्रशासन की कार्रवाई देख मोमिनपुरा के पास स्थित एक अन्य मजार को लोगों ने स्वयं ही सड़क किनारे से हटा लिया। हाइवे निर्माण को मिलेगी गति उल्लेखनीय है कि आने वाले समय में इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे झिरी के पास से बन रहे बायपास मार्ग से डायवर्ट होकर इच्छापुर में मिलेगा। इसके बाद झिरी से शाहपुर व इच्छापुर तक के करीब 40 किमी के मार्ग को भी सीसी फोरलेन बनाया जाना है। निर्माण एजेंसी को काम के दौरान कोई बाधा न आए, इसलिए हाईकोर्ट के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। कलेक्टर हर्ष सिंह ने कहा कि आस्था विकास में बाधा नहीं बनेगी। नागरिकों ने प्रशासन को जिस तरह सहयोग दिया है, वह प्रेरणादायी है। अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री दिनेश सुगंधी और प्रदेश प्रवक्ता ओम आजाद ने भी प्रशासन के इस कदम की सराहना की है। सड़क पर ही खोद दिया था बोरवेल प्रशासनिक कार्रवाई के बाद तत्काल विद्युत वितरण कंपनी और नगर निगम ने अपना काम शुरू कर दिया था। सड़क से आधा दर्जन छोटे पेड़ हटाए गए तो पता चला कि नगर निगम के अधिकारियों ने सड़क पर ही बोरवेल भी खोद दिया था। निगम ने इसकी मोटर व पाइप निकलवा कर बोरवेल को बंद किया। विद्युत वितरण कंपनी ने भी टूटे बिजली के तार जोड़े और सड़क पर बिखरे मलबे और टहनियों को हटवाया।

अंबेडकर प्रतिमा विवाद के बीच ग्वालियर में हाई अलर्ट, हर मोड़ पर चौकसी

ग्वालियर ग्वालियर में चल रहे अंबेडकर प्रतिमा विवाद के बाद बढ़े तनाव के बीच 15 अक्टूबर को अंबेडकर समर्थकों ने एक बड़े आंदोलन चेतावनी दी थी। इस चेतावनी को देखते हुए बुधवार को पुलिस ने भी कमर कस ली है। चप्पे-चप्पे और हर आने-जाने वाले पर पुलिस की नजर है। इन हालातों के बीच आंदोलन करने वाले कुछ संगठन बैकफुट पर चले गए हैं, लेकिन पुलिस अब भी दो अप्रैल के दंगों को लेकर एहतियाद बरत रही है। पूरा ग्वालियर पुलिस ने छावनी में बदल दिया। इस दौरान कलेक्टर ने आदेश देकर धारा 163 भी लागू की हुई है। छह महीने पहले शुरू हुआ था विवाद ग्वालियर में 6 महीने पहले एक विवाद शुरू हुआ था। ये विवाद ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर हुआ था। वकीलों का एक पक्ष चाहता था कि, हाई कोर्ट परिसर में प्रतिमा लगायी जाए, लेकिन वहीं बार काउंसिल अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष समेत वकीलों का एक धड़ा इसके विरोध में था। नतीजा हाई कोर्ट परसर में हंगामा हुआ और प्रतिमा विवाद बढ़ गया। आपत्तिजनक टिप्पणी ने भड़काई थी आग इस विवाद की आग यहाँ खत्म नहीं हुई, बल्कि इसमें राजनैतिक और सामाजिक संगठनों की एंट्री हो गई। प्रतिमा लगाने के पक्षकार और विरोधी दोनों ही पक्षों में टिप्पणियाँ और शिकायतों का दौर शुरू हो गया। इसी बीच बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष एड अनिल मिश्रा ने डॉ भीमराव अंबेडकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। इस टिप्पणी ने आग में घी का काम किया और अंबेडकर समर्थकों और आजाद समाज पार्टी भीम आर्मी समते संगठनों ने 15 अक्टूबर को एक बड़े प्रदर्शन का ऐलान कर दिया। जिसके चलते आज पूरा ग्वालियर छावनी में तब्दील है। 4 हजार पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा, सोशल मीडिया पर भी नज़र कोई भी अप्रिय घटना ना हो इसके लिए पूरे ग्वालियर में 3 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी चप्पे चप्पे पर तैनात हैं। ग्वालियर के अलावा बाहर से भी 800 सुरक्षाकर्मियों का अतिरिक्त बल ग्वालियर में बुलाया गया है। सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। इसके साथ ही लगातार सोशल मीडिया पर हो रही पोस्ट पर भी नजर रखी जा रही है। अब तक 500 से अधिक भड़काऊ पोस्ट को हटवाया जा चुका है और सौ से अधिक लीगों को इस तरह की पोस्ट के लिए नोटिस भी दिया चुका है। सीएसपी बोली- हालात नियंत्रण में ग्वालियर सीएसपी हिना खानन से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि हालत पूरी तरह नियंत्रण में हैं। पुलिस कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। आम जन को किसी तरह की परेशानी ना हो और उनको आम दिनचर्या पर किसी तरह का प्रभाव ना पड़े ये प्रयास कर रहे हैं और लोगों से भी सहयोग की अपील है। शहर की सीमाओं पर भी नाकेबंदी बहरहाल पुलिस ने शहर की सीमाओं से लेकर बाजार और मुख्य स्थानों पर तैनात है। शिवपुरी, मुरैना, झाँसी और भिंड सभी हाईवे सीमाओं पर नाकेबंदी की अगायी है और आने जाने वालों की जाँच की जा रही है।