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उपभोक्‍ताओं को धारा 126 के प्रकरणों में दी 02 करोड़ 68 लाख से अधिक की छूट

30 सितंबर तक छूट प्राप्‍त करने का अवसर, ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन करें आवेदन भोपाल  म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्य क्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों के उपभोक्‍ताओं के लिए धारा 126 में लंबित प्रकरणों में लोक अदालत की तर्ज पर छूट प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में अब तक  कंपनी कार्यक्षेत्र के उपभोक्‍ताओं को लंबित प्रकरणों में 02 करोड़ 68 लाख 66 हजार की छूट प्रदान करते हुए 5995 प्रकरणों का निपटान किया गया है। कंपनी ने बताया कि भोपाल क्षेत्र में कुल 4596 प्रकरणों में 01 करोड़ 67 लाख 46 हजार की छूट प्रदान करते हुए 02 करोड़ 58 लाख, 99 हजार रूपए कंपनी के खाते में जमा कराए गए हैं। इसी तरह ग्‍वालियर क्षेत्र में कुल 1399  प्रकरणों में 01 करोड़ 01 लाख 20 हजार की छूट प्रदान करते हुए 01 करोड़ 67 लाख 45 हजार रूपए कंपनी के खाते में जमा कराए गए हैं। उपभोक्‍ता धारा 126 के प्रकरणों में छूट का लाभ लेना चाहते हैं उन्‍हें ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन करने की सुविधा दी गई है। आवेदन 30 सितंबर तक लिए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन के लिए उपभोक्‍ता कंपनी पोर्टल पर जाकर प्रदर्शित क्विक लिंक टैब में “Rebate As lokadalat in section 126” पर क्लिक कर आवेदन प्रस्‍तुत करना होगा। कंपनी के portal.mpcz.in पोर्टल पर कंज्‍यूमर आईडी की प्रविष्टि करते ही उपभोक्‍ता को धारा-126 में दर्ज लंबित प्रकरण प्रदर्शित होगा। उपभोक्‍ता को लोक अदालत की तर्ज पर धारा-126 में छूट प्राप्‍त किए जाने के लिये “उपभोक्‍ता के परिसर या अन्‍य परिसर पर संयोजन के विरूद्ध विद्युत देयक की बकाया राशि नहीं है तथा विचाराधीन प्रकरण पर धारा 127 के अंतर्गत गठित अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष या किसी अन्‍य न्‍यायालय के समक्ष कोई अपील लंबित नहीं है न ही निर्णित है“ सत्‍यापित कर सबमिट करना होगा। इसके बाद उपभोक्‍ता ऑनलाइन भुगतान का विकल्‍प चयन कर भुगतान कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन के लिये उपभोक्‍ताओं के लिए नजदीकी विद्युत वितरण केन्‍द्र/जोन पर निर्धारित प्रारूप में आवेदन करने की सुविधा भी उपलब्‍ध है। कंपनी ने कहा है कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 के लंबित प्रकरणों में लोक अदालत की तर्ज पर छूट प्रदान कर प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माह के दौरान ही किया जाएगा। लोक अदालत की प्रक्रिया के अनुरूप निर्धारित मापदंडों के अधीन 10 लाख रूपए तक की सिविल दायित्व की राशि के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवाट तक गैर घरेलू व 10 अश्वशक्ति तक के औद्योगिक श्रेणी के लंबित प्रकरणों का आवेदन संबंधित उप महाप्रबंधक को दिया जाकर, आकलित राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने पश्चात प्रत्येक 6 माही चक्रवर्ती दर अनुसार 16 प्रतिशत की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर, 100 फीसदी की छूट दी जाएगी। बशर्ते किसी प्रकरण में धारा 127 के अंतर्गत गठित अपील प्राधिकरण के समक्ष अथवा उच्‍च न्‍यायालय में कोई अपील लंबित न हो। कंपनी ने बताया कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 के अंतर्गत यदि एक संयोजन पर एक से अधिक प्रकरण दर्ज हैं तो एक साथ सभी प्रकरणों का भुगतान एक मुश्‍त किया जाना अनिवार्य है। यदि किसी एक संयोजन पर एक से अधिक विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 में प्रकरण दर्ज है तो उपभोक्‍ता को वितरण केन्‍द्र/ जोन पर संपर्क कर आवेदन करना होगा।    

राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा अभ्यास साइबर भारत सेतु पर दो दिवसीय कार्यशाला

भोपाल प्रदेश में डिजिटल संचालन और सेवाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा अभ्यास "साइबर भारत सेतु'' ब्रिजिंग स्टेट्स,सिक्योरिंग भारत पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 18 एवं 19 सितम्बर को भोपाल में होटल पलाश में प्रात: 10 बजे से किया जा रहा है। कार्यशाला मध्यप्रदेश कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम और इण्डियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम के संयुक्त तत्वावधान में होगी। कार्यशाला का उद्देश्य साइबर सुरक्षा के बढ़ते महत्व को रेखांकित करते हुए डिजिटल बुनियादी ढाँचे को सुरक्षित करने और साइबर खतरों से निपटने की दिशा में क्षमता निर्माण करना है। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे के मार्गदर्शन में कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जिला स्तर के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी शामिल होंगे। कार्यशाला में सीईआरटी-इन के वैज्ञानिक-ई श्री आशुतोष बहुगुणा, श्री शशांक गुप्ता और मोहित कटारिया भी उपस्थित रहेंगे।  

राज्यपाल पटेल ने रक्तदान और स्वास्थ्य शिविर का लिया जायज़ा

मानवता के महादान प्रसंग का साक्षी बना राजभवन भोपाल मानवता के महादान रक्तदान का राजभवन बुधवार को साक्षी बना। विदित हो कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर रक्तदान और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम से वापस आकर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल सीधे राजभवन के शिविर में पहुंचे। उन्होंने शिविर की व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। शिविर में रक्तदान के लिए उपस्थित रक्त-दाताओं से चर्चा की। स्वास्थ्य परीक्षण के संबंध में चिकित्सकों से जानकारी प्राप्त की। रक्त दान-दाताओं का उत्साहवर्धन कर फलों की टोकरी उपहार स्वरूप भेंट की। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल को बताया गया कि शिविर में स्वेच्छा से कुल 82 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। दान-दाताओं में राज्य‌पाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव और विधि अधिकारी श्री उमेश कुमार श्रीवास्तव भी शामिल थे। रक्तदाताओं में 13 महिलाएं और 69 पुरुष शामिल थे। नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर के दौरान स्त्रीरोग, नेत्ररोग और मेडिसन रोग विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य परीक्षण का कार्य किया। शिविर के दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ ने तीन महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। नेत्ररोग विशेषज्ञों ने 75 महिला पुरूष के स्वास्थ्य की जाँच की। इसी तरह मेडिसन रोग विशेषज्ञों के द्वारा 30 नागरिकों को परामर्श सेवाएं प्रदान की। शिविर में विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य जाँच सुविधा से कुल 118 नागरिक लाभान्वित हुए। उल्लेखनीय है कि शिविर का शुभारम्भ बुधवार की प्रातः राजभवन के सांदीपनि सभागार में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया था। इस अवसर पर रेडक्रास सोसायटी के जनरल सेक्रेटरी श्री रामेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।  

बच्चों को नहलाया, कपड़े धोए और नाखून काटे – पीएम मोदी के जन्मदिन पर BJP सांसद का अलग अंदाज

रीवा मध्यप्रदेश के रीवा जिले में सांसद जनार्दन मिश्रा का अनोखा अंदाज देखने को मिला। सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत मंगलवार को वे बड़ागांव पंचायत पहुंचे, जहां उन्होंने मुसहर समाज के बच्चों को खुद नहलाया, उनके नाखून काटे और गंदे कपड़े भी धोए।   सांसद ने इस मौके पर ग्रामीण महिलाओं को स्वच्छता का महत्व समझाते हुए कहा कि साफ-सुथरे रहकर ही स्वस्थ जीवन संभव है। उन्होंने समझाया कि बच्चों की नियमित साफ-सफाई और स्वच्छ कपड़े पहनाना उतना ही जरूरी है, जितना उनकी पढ़ाई। मिश्रा ने बच्चों को नहलाने और कपड़े धोने के बाद उन्हें स्कूल भेजने के लिए तैयार भी किया। उन्होंने बच्चों के माता-पिता से अपील की कि वे पढ़ाई के साथ बच्चों की स्वच्छता पर ध्यान दें, क्योंकि जब बच्चे साफ-सुथरे होकर स्कूल जाएंगे तभी उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे शिक्षा के महत्व को समझ पाएंगे। गांव में मौजूद लोग सांसद को बच्चों को नहलाते और कपड़े धोते देख हैरान रह गए। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब सांसद मिश्रा अपने अलग अंदाज से चर्चा में आए हैं। इससे पहले भी वे स्वच्छता अभियान के तहत खुद हाथों से शौचालय साफ कर चुके हैं, जो उस समय भी खूब चर्चा का विषय बना था।

हाईकोर्ट में याचिका: महाकाल मंदिर के पुजारी-पुरोहित की नियुक्ति बिना आधार, जांच के आदेश

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पुरोहित और मंदिर समिति के 306 कर्मचारी की नियुक्ति को हाईकोर्ट इंदौर में लगाई गई याचिका में अवैध बताया है। उज्जैन की याचिकाकर्ता सारिका गुरु ने मंदिर में पूजन पाठ कर रहे पुजारी पुरोहित और कर्मचारियों की नियुक्ति पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि मंदिर समिति ने न तो किसी अखबार में विज्ञप्ति निकाली। न ही कोई टेस्ट लिया। समिति ने बिना किसी आधार पर नियुक्ति की है। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए उज्जैन कलेक्टर से पूरे मामले में 3 माह में जवाब मांगा है। उज्जैन के फ्रीगंज क्षेत्र में रहने वाली सारिका गुरु ने 16 जून 2025 को इंदौर हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट ने इस पर सुनवाई करते हुए 1 सितंबर को हुई सुनवाई में उज्जैन कलेक्टर से जवाब मांगा है। उज्जैन की सारिका गुरु ने कहा कि मंदिर परिसर के 40 मंदिरों में नियुक्त पुजारी पुरोहित और मंदिर में 300 से अधिक कर्मचारी की नियुक्ति अवैध है। नियुक्ति का आधार क्या- सारिका गुरु ने मंदिर समिति से आरटीआई में पुजारी पुरोहित और कर्मचारियों की नियुक्ति के संबध में दस्तावेज मांगे थे। जिसमें पूछा था कि मंदिर परिसर के 40 मंदिरों में पुरोहित पुजारी और मंदिर में 300 से अधिक कर्मचारियों की नियुक्ति किस आधार पर की गई। इसके लिए क्या के मापदंड तय किए गए। किस पेपर में विज्ञप्ति निकाली गई। जब मंदिर समिति ने गोपनीय दस्तावेज का हवाला देकर किसी भी प्रकार के दस्तावेज देने से इंकार कर दिया और मंदिर समिति ने दस्तावेज नहीं उपलब्ध करवाए थे। 7 फरवरी को राज्य सूचना आयोग में अपील की। जिसका 30 अक्टूबर 2023 को जवाब आया। इसके बाद भी याचिकाकर्ता को किसी भी तरह के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। जिसके बाद सारिका गुरु ने नवंबर माह में महाकाल मंदिर के कर्मचारियों और पुरोहित की नियुक्ति संबंधी दस्तावेज मंदिर समिति और राज्य सूचना आयोग द्वारा उपलब्ध नहीं करने को लेकर हाईकोर्ट इंदौर में 12 नवंबर 2023 को याचिका लगाई थी। आरोप 19 मंदिरों का एक पुजारी कैसे याचिकाकर्ता सारिका गुरु ने बताया कि महाकाल मंदिर परिसर में स्थित 19 मंदिरों में एक ही पुजारी की नियुक्ति की है। यह अवैध है। आखिरकार कैसे एक ही पुजारी 19 मंदिरों का कामकाज देख सकता है। मंदिर में बिना वेरिफिकेशन दस्तावेज की जांच और बिना विज्ञप्ति जारी किए अपनों को समिति ने नियुक्ति दे दी है। मंदिर की सूची में ये हैं पुजारी और पुरोहित     16 पुजारी : गौरव शर्मा, दिलीप शर्मा, विजय शंकर शर्मा, विजय शर्मा, श्रीराम शर्मा, गणेश नारायण शर्मा, संजय शर्मा, अजय शर्मा, कैलाश नारायण शर्मा, अमर शर्मा, स्व. शांति कुमार, राजेश शर्मा, घनश्याम शर्मा, दिनेश त्रिवेदी और कमल शर्मा है।     22 पुरोहित : शरदचंद्र व्यास, विनोद व्यास, राधेश्याम शास्त्री, कौशल व्यास, चंद्र शेखर शर्मा, सुभाष शर्मा, बालकृष्ण जोशी, अजय शर्मा, स्व. सूर्यनारायण जोशी, नीरज शर्मा, विजय उपाध्याय, लोकेंद्र व्यास, अशोक शर्मा, स्व. रवि पंडित, दीपक भट्ट, मुकेश शर्मा, स्व. गणेश नारायण, विपुल चतुर्वेदी, गोपाल व्यास, दीपक शर्मा, गोपाल शर्मा और विश्वास कराड़कर है।

पत्नी ने सोते पति के कान में डाला उबलता पानी, फिर हथौड़े से किया हमला

ग्वालियर हर बार पति ही जुर्म नहीं करते. कुछ पत्नियां ऐसी भी होती हैं जो अपने पतियों पर जुर्म करती हैं. ऐसा ही एक मामला सामने आया है मध्य प्रदेश के ग्वालियर से. यहां एक पति पर उसकी पत्नी ने पहले को खौलता हुआ पानी डाल दिया. जलन होने पर पति की नींद खुली. उसने पत्नी का विरोध करना चाहा, मगर पत्नी ने उस पर हथौड़े से हमला कर दिया. पति को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. यहां उसका इलाज जारी है. फिलहाल पुलिस ने पति की शिकायत पर पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. मामले में जांच जारी है. पूरा मामला ग्वालियर जिले के भितरवार कस्बे के वार्ड क्रमांक 3 का है. यहां पर खेती किसानी का काम करने वाला आकाश जाटव मंगलवार की सुबह गहरी नींद सो रहा था. तभी अचानक पत्नी पूजा ने पहले तो अपने पति आकाश के कान में गर्म पानी डाला, जिससे तिलमिलाकर उठे पति आकाश ने इसका विरोध किया. फिर पत्नी पूजा ने भगौने में बचा पूरा खौलता हुआ पानी उसके ऊपर डाल दिया. पत्नी पूजा का इससे भी मन नहीं भरा तो उसने अपने पति पर हथौड़े से वार कर दिया. गर्म पानी से झुलसे और हथौड़े की मार से चोटिल हुए आकाश को परिजन तुरंत भितरवार स्थित स्वास्थ्य केंद्र उपचार के लिए लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने वहां आकाश का प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे ग्वालियर रेफर कर दिया है. पति ने लगाए गंभीर आरोप पति के मुताबिक पत्नी उससे आए दिन गालीगलौच और मारपीट करती है. लेकिन इस बार तो उसने हद ही पार कर दी. पहले पत्नी ने सारा सामान बाहर फेंक कर सभी को घर के बाहर ही बैठा दिया. फिर खुद अंदर से चटखनी लगाकर बैठ गई. इसके बाद जब वो लोग बाहर ही सो गए तो पत्नी ने ऐसी हरकत की. ‘मानसिक रूप से बीमार पत्नी’ पुलिस अधिकारी का कहना है कि मामले में FIR दर्ज कर ली गई है. मगर जब हमने इनके पड़ोसियों से बात की तो पता चला पत्नी पूजा मानसिक रूप से बीमार है. दंपति के दो बच्चे भी हैं. फिलहाल केस की जांच जारी है. पता लगाया जा रहा है कि वाकई पत्नी को कोई बीमारी है या फिर ये सिर्फ मनगढ़ंत कहानी है.  

मंत्री सारंग ने किया रक्तदान शिविर का शुभारंभ

’सेवा पर्मो धर्मः’ की भावना के साथ राष्ट्र सेवा व जनकल्याण के लिये कार्य करें युवा : मंत्री  सारंग मंत्री  सारंग ने किया रक्तदान शिविर का शुभारंभ महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण में बेटियों ने सीखी आत्मरक्षा की तकनीकें: मंत्री  सारंग भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत बुधवार को तात्या टोपे खेल स्टेडियम, भोपाल में खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर एवं खिलाड़ियों द्वारा सेवा कार्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंत्री  सारंग ने स्कूली छात्राओं व खिलाड़ियों के साथ प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा धार जिले के भैंसोला में पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास एवं स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा। रक्तदान: जीवनदान का पवित्र कार्य रक्तदान शिविर में खिलाड़ियों और युवाओं में काफी उत्साह था। सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने रक्तदान कर मानवता का संदेश दिया। मंत्री  सारंग ने कहा कि रक्तदान निस्वार्थ सेवा का सर्वोच्च उदाहरण है। यह केवल एक मानवीय कर्तव्य नहीं बल्कि किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का पवित्र कार्य है। उन्होंने कहा कि आज के दिन खिलाड़ियों ने जिस उत्साह के साथ रक्तदान किया है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि नियमित रक्तदान से शरीर में नई रक्त कोशिकाएँ बनने की प्रक्रिया तेज़ होती है। समय-समय पर रक्तदान से शरीर में आयरन का संतुलन बना रहता है, जिससे हृदय रोग का खतरा कम होता है। रक्तदान करने से आत्मिक शांति और संतोष की अनुभूति होती है। कहा भी गया है "रक्तदान महादान है।" मंत्री  सारंग ने कहा कि खेल और समाजसेवा का यह अनूठा संगम युवाओं को नई दिशा देगा। हमारा उद्देश्य है कि युवा उत्कृष्ट खिलाड़ी के साथ ही समाज के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। जब खेल भावना और सेवा भावना मिलती है, तो राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया और भी सशक्त होती है। कार्यक्रम में छात्राओं और महिलाओं के लिये महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर की भी शुरुआत की गई, जिसमें प्रशिक्षकों ने आत्मरक्षा की तकनीकें सिखाईं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन से लें प्रेरणा मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का जीवन सेवाभाव और राष्ट्रहित को समर्पित है। गरीब परिवार में जन्म लेकर कठिन संघर्षों के बाद देश के प्रधानमंत्री बनने तक का उनका सफर सभी के लिए अनुकरणीय है। उनके नेतृत्व में भारत ने हर क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं और आज विकसित भारत 2047 के संकल्प की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ‘सेवा पर्मो धर्मः’ की भावना के साथ युवाओं को राष्ट्र सेवा और जनकल्याण के लिए कार्य करना चाहिए। सेवा पखवाड़ा उसी प्रेरणा का प्रतीक है, जो युवाओं को राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय योगदान देने का संदेश देता है। महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास कार्यक्रम के अंतर्गत महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर में छात्राओं और महिलाओं ने मार्शल आर्ट अकादमी के प्रशिक्षकों से आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकें सीखीं। यह प्रशिक्षण महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना भी जगाता है।मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि बहन-बेटियां हर परिस्थिति में सुरक्षित और सशक्त रहें। इस प्रकार के शिविर उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से मजबूत बनाते हैं। सेवा पखवाड़ा में विविध आयोजन खेल और युवा कल्याण विभाग ने सेवा पखवाड़ा के दौरान कई कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित किया है। इनमें रक्तदान शिविर, महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण, वृद्धाश्रम और अनाथालय में खिलाड़ियों द्वारा सहयोग और भोजन वितरण, शासकीय अस्पतालों में सेवा कार्य, अनाथाश्रम के बच्चों का स्टेडियम भ्रमण, खेलकूद प्रतियोगिताएं, स्वच्छता अभियान और नमो मैराथन जैसे आयोजन शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से खेल, युवा और समाजहित को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।  

अमरकंटक ताप विद्युत गृह की यूनिट ने रचा इतिहास, लगातार 350 दिन तक किया उत्पादन

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं व कार्मिकों के समर्पण, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता से 210 मेगावाट स्थापित क्षमता की यूनिट लगातार 350 दिन तक संचालित होने में सफल हुई। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के इतिहास में यह प्रथम विद्युत उत्पादन यूनिट है जिसने लगातार 350 दिन तक लगातार विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड स्थापित किया। इस बात की पूरी संभावना है कि अगले 15 दिन में यह यूनिट लगातार 365 दिन का सतत् व निर्बाध विद्युत उत्पादन करने का कीर्तिमान बनाएगी। अमरकंटक ताप विद्युत 210 मेगावाट क्षमता की यह यूनिट 1 अक्टूबर 2024 से लगातार विद्युत उत्पादन कर रही है। इससे पूर्व इस यूनिट ने इस यूनिट ने 27 अगस्त 2023 से 22 जून 2024 तक 300 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया था।इस यूनिट के सतत् बिजली उत्पादन करने से प्रदेश की बिजली की आपूर्ति को विश्वसनीय बनाने के पावर जनरेटिंग कंपनी के उद्देश्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विभिन्न मापदंडों में भी मिली उपलब्धि-210 मेगावाट की यूनिट ने जिस समय 350 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का कीर्तिमान अर्जित किया तब इसने विभिन्न मापदंडों में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। यूनिट ने 98.71 फीसदी प्लांट उपलब्धता फेक्टर (पीएएफ), 95.97 फीसदी प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ) व 9.18 प्रतिशत ऑक्जलरी कंजम्पशन की उपलब्धि हासिल की। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई व मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह ने अमरकंटक ताप विद्युत गृह के यूनिट नंबर 5 के अभियंताओं व कार्मिकों को बधाई देते हुए उनकी सराहना करते हुए कहा कि समर्पण, कड़ी मेहनत व प्रतिबद्धता से लक्ष्य अर्जित करने का यह सर्वश्रेष्ठ व अनुकरणीय उदाहरण है।  

30 सितंबर तक छूट प्राप्‍त करने का अवसर, ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन करें आवेदन

उपभोक्‍ताओं को धारा 126 के प्रकरणों में दी 02 करोड़ 68 लाख से अधिक की छूट 30 सितंबर तक छूट प्राप्‍त करने का अवसर, ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन करें आवेदन भोपाल म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्य क्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों के उपभोक्‍ताओं के लिए धारा 126 में लंबित प्रकरणों में लोक अदालत की तर्ज पर छूट प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में अब तक  कंपनी कार्यक्षेत्र के उपभोक्‍ताओं को लंबित प्रकरणों में 02 करोड़ 68 लाख 66 हजार की छूट प्रदान करते हुए 5995 प्रकरणों का निपटान किया गया है। कंपनी ने बताया कि भोपाल क्षेत्र में कुल 4596 प्रकरणों में 01 करोड़ 67 लाख 46 हजार की छूट प्रदान करते हुए 02 करोड़ 58 लाख, 99 हजार रूपए कंपनी के खाते में जमा कराए गए हैं। इसी तरह ग्‍वालियर क्षेत्र में कुल 1399  प्रकरणों में 01 करोड़ 01 लाख 20 हजार की छूट प्रदान करते हुए 01 करोड़ 67 लाख 45 हजार रूपए कंपनी के खाते में जमा कराए गए हैं। उपभोक्‍ता धारा 126 के प्रकरणों में छूट का लाभ लेना चाहते हैं उन्‍हें ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन करने की सुविधा दी गई है। आवेदन 30 सितंबर तक लिए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन के लिए उपभोक्‍ता कंपनी पोर्टल पर जाकर प्रदर्शित क्विक लिंक टैब में “Rebate As lokadalat in section 126” पर क्लिक कर आवेदन प्रस्‍तुत करना होगा। कंपनी के portal.mpcz.in पोर्टल पर कंज्‍यूमर आईडी की प्रविष्टि करते ही उपभोक्‍ता को धारा-126 में दर्ज लंबित प्रकरण प्रदर्शित होगा। उपभोक्‍ता को लोक अदालत की तर्ज पर धारा-126 में छूट प्राप्‍त किए जाने के लिये “उपभोक्‍ता के परिसर या अन्‍य परिसर पर संयोजन के विरूद्ध विद्युत देयक की बकाया राशि नहीं है तथा विचाराधीन प्रकरण पर धारा 127 के अंतर्गत गठित अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष या किसी अन्‍य न्‍यायालय के समक्ष कोई अपील लंबित नहीं है न ही निर्णित है“ सत्‍यापित कर सबमिट करना होगा। इसके बाद उपभोक्‍ता ऑनलाइन भुगतान का विकल्‍प चयन कर भुगतान कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन के लिये उपभोक्‍ताओं के लिए नजदीकी विद्युत वितरण केन्‍द्र/जोन पर निर्धारित प्रारूप में आवेदन करने की सुविधा भी उपलब्‍ध है। कंपनी ने कहा है कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 के लंबित प्रकरणों में लोक अदालत की तर्ज पर छूट प्रदान कर प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माह के दौरान ही किया जाएगा। लोक अदालत की प्रक्रिया के अनुरूप निर्धारित मापदंडों के अधीन 10 लाख रूपए तक की सिविल दायित्व की राशि के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवाट तक गैर घरेलू व 10 अश्वशक्ति तक के औद्योगिक श्रेणी के लंबित प्रकरणों का आवेदन संबंधित उप महाप्रबंधक को दिया जाकर, आकलित राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने पश्चात प्रत्येक 6 माही चक्रवर्ती दर अनुसार 16 प्रतिशत की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर, 100 फीसदी की छूट दी जाएगी। बशर्ते किसी प्रकरण में धारा 127 के अंतर्गत गठित अपील प्राधिकरण के समक्ष अथवा उच्‍च न्‍यायालय में कोई अपील लंबित न हो। कंपनी ने बताया कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 के अंतर्गत यदि एक संयोजन पर एक से अधिक प्रकरण दर्ज हैं तो एक साथ सभी प्रकरणों का भुगतान एक मुश्‍त किया जाना अनिवार्य है। यदि किसी एक संयोजन पर एक से अधिक विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 में प्रकरण दर्ज है तो उपभोक्‍ता को वितरण केन्‍द्र/ जोन पर संपर्क कर आवेदन करना होगा।    

IPS संवर्ग में शामिल होंगे राज्य पुलिस सेवा के 7 अधिकारी, इस साल 5 को दी जाएगी पदोन्नति

 भोपाल  राज्य पुलिस सेवा के पांच अधिकारी इस वर्ष आईपीएस संवर्ग में पदोन्नत हो जाएंगे। अगले वर्ष एक जनवरी 2025 की स्थिति में सात को पदोन्नति मिलनी है। यह सभी 1998 बैच के होंगे। यानी, अभी 27 वर्ष की सेवा के बाद भी वह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ही हैं। बड़े-बड़े बैच, हर पांच वर्ष में काडर रिव्यू नहीं होने सहित कई कारणों से मप्र के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी आईपीएस संवर्ग में पदोन्नति में अन्य राज्यों से काफी पीछे हैं। वर्ष 2025 में सात पदों के लिए डीपीसी की तैयारी शासन अक्टूबर-नवंबर से प्रारंभ कर सकता है। इनकी डीपीसी लगभग एक वर्ष पीछे चल रही है। बता दें कि कर्नाटक में 2012, तेलंगाना, गुजरात और आंध्र प्रदेश में 2010 बैच के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी पदोन्नत होकर आइपीएस बन चुके हैं, पर प्रदेश में अभी वर्ष 1998 का ही पूरा बैच पदोन्नत नहीं हो पाया है। उधर, प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2006 के अधिकारी आईएएस में पदोन्नत हो चुके हैं। राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी लंबे समय से शासन से मांग कर रहे हैं कि छोटे जिलों में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी उन्हें दी जाए, पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है, जबकि यह व्यवस्था मध्य प्रदेश में पहले लागू रही है। शशिकांत शुक्ला, रमन सिंह सहित कई अधिकारी दो जिलों में एसपी रहने के बाद आइपीएस बने। अब कई वर्षों से इसे बंद कर दिया गया है।