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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मौके पर सुनाया न्याय, धोखाधड़ी करने वाले पर की कार्रवाई

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार साबित किया कि वे राजा विक्रमादित्य को आदर्श क्यों मानते हैं। अपने चिर-परिचित अंदाज में उन्होंने एक बार फिर सुनवाई की और फैसला ऑन द स्पॉट किया। उन्होंने एक युवक की गुहार पर वहीं खड़े-खड़े मामले के दोषी की गिरफ्तारी के आदेश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि दोषी को तत्काल हवालात में बंद करें। इसके बाद उन्होंने युवक को गले से लगाकर मदद का आश्वासन दिया। दरअसल, यह मामला एक फॉर-व्हीलर से जुड़ा है। पीड़ित युवक का आरोप है कि उसे कंपनी ने गलत गाड़ी बेची है। सीएम डॉ. यादव के निर्देश के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीएम डॉ. यादव के यह अंदाज सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।   गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रतलाम में एक जगह जनता से संवाद कर रहे थे। इस बीच पूनम चंद नाम का शख्स अपनी फरियाद लेकर उसके पास आया। उसे देखते ही सीएम डॉ. यादव ने अपने पास बुलाया और मामला पूछा। युवक ने बताया कि मसला उसकी गाड़ी का है। उसने फायनेंस पर 8 लाख 32 हजार की फॉर-व्हीलर ली थी। इस पर वह 9 लाख 86 हजार दे भी चुका है। बेचने वाली कंपनी ने बॉडी बदलकर एक साल पुरानी गाड़ी मुझे दे दी। मेरे साथ बहुत बड़ा धोखा हो गया। भावुक कर देने वाला पल युवक की बात सुनकर सीएम डॉ. मोहन यादव तत्काल एक्शन में आए और फैसला ऑन द स्पॉट किया। उन्होंने वहीं खड़े पुलिस अधिकारी को दोषी युवक को हवालात में बंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि जिसने भी यह फ्रॉड किया है उसे 420 की धारा में गिरफ्तार करें। उसके बाद उन्होंने युवक के साथ कुछ समय बातचीत की और उसे गले से लगा लिया। उनके इस अंदाज की वहां मौजूद लोगों ने जमकर तारीफ की। लोगों ने कहा कि एक मुख्यमंत्री को सीएम डॉ. मोहन की तरह ही होना चाहिए। सरकार को गरीबों की इसी तरह तत्काल मदद करनी चाहिए।

बच्‍चे पर अपराध करने वाला 60 साल का आरोपी विदिशा में 20 साल जेल भेजा गया

विदिशा डेढ़ वर्ष की अबोध बच्ची के साथ दुष्कृत्य करने वाले 60 वर्षीय आरोपित को कुरवाई की अदालत ने कठोर सजा सुनाई है। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आनंद गौतम ने शुक्रवार को दिए फैसले में आरोपी को पॉक्सो सहित विभिन्न धाराओं में कुल 20 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया।   यह है पूरा मामला मामला थाना पठारी क्षेत्र का है। फरियादिया की बुआ ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 नवंबर 2024 की सुबह उसकी भतीजी बरामदे में खेल रही थी। तभी उनके रिश्ते के जीजा ने बच्ची के साथ छेड़छाड़ की। बच्ची के रोने पर जब वह पहुंची तो आरोपी भाग खड़ा हुआ। इस संबंध में थाना पठारी में बीएनएस की धारा 64(2), 65(2), 332(ए) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एम)/6 और 5(एन)/6 के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसपी रोहित काशवानी ने सहायक अभियोजन अधिकारी मनीष कथोरिया को विशेष पैरवी हेतु नियुक्त किया। विचारण के दौरान प्रस्तुत साक्ष्य और गवाहों के बयानों को अदालत ने प्रमाणित मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। न्यायालय ने बीएनएस की धारा 64(2) और 65(2) में 10-10 वर्ष का कठोर कारावास, धारा 332(ए) में एक वर्ष का कारावास तथा पॉक्सो की धारा 5(एम)/6 और 5(एन)/6 में 20-20 वर्ष का कठोर कारावास दिया है। इस प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी विमलेशा राय ने की थी। पैरवी एडिशनल डीपीओ मनीष कथोरिया ने की, जबकि मार्गदर्शन सहायक उपनिदेशक जे.एस. तोमर का रहा। पांच साल की सजा काट चुका है आरोपित एसपी रोहित काशवानी ने बताया कि इस घटना का आरोपित पहले भी एक साढ़े चार वर्ष की बालिका से दुष्कृत्य कर चुका है। उसे न्यायालय ने इस मामले में पांच साल की सजा भी सुनाई थी। काशवानी ने बताया कि वर्ष 2017 में त्योंदा थाना क्षेत्र में आरोपित ने साढ़े चार वर्ष की बालिका से दुराचार किया था। पीड़िता की मां की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। इस मामले में आरोपित को न्यायालय ने पांच साल की सजा सुनाई थी। आरोपित पांच साल की सजा काटकर वर्ष 2021 में जेल से रिहा हुआ था।

मेडिकल कॉलेज की लेबर रूम बनी जंग का अखाड़ा, महिला डॉक्टरों में हाथापाई

शहडोल बिरसा मुंडा शासकीय मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर डॉक्टरों की फूहड़ता सामने आई है। शुक्रवार की रात में यहां के लेबर रूम में इंटर्न महिला डॉक्टरों ने हंगामा किया। मरीजों के सामने डॉक्टर आपस भिड़ गए और एक दूसरे के साथ मारपीट करने लगे। जहां डाक्टर लड़ रहे थे वहां गर्भवती महिलाओं का वार्ड है। डॉक्टरों की हंगामेदार लड़ाई से वहां भर्ती महिलाएं डर गई थीं। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद जानकारी के अनुसार एक महिला डॉक्टर शिवानी लाखिया ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि उसकी सहपाठी इंटर्न डॉक्टर ने उसके बाल पकड़कर उसे जमीन पर पटक दिया और कपड़े फाड़ दिए। जान से मारने की धमकी भी दी है। इस पूरे घटनाक्रम को नर्सिंग स्टाफ, गार्ड और अन्य मेडिकल कर्मियों ने देखा जिनके नाम गवाहों में दर्ज हैं। वहीं पूरी घटना वहां के लेबर रूम के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।   इंटर्न डॉक्टर का यह पहला विवाद नहीं इतना ही नहीं, इस घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। प्रसारित वीडियो के बाद कॉलेज प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग में हलचल मची है। सूत्रों के अनुसार इंटर्न डॉक्टर का यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले भी वह नफीस बस विवाद और महादेव प्रकरण जैसी कई घटनाओं में शामिल रही है। इसके बाद एक और वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें प्रसव कराते समय डॉक्टर पर हमला करते हुए कैमरा छीन लिया गया है। डॉक्टरों की सुरक्षा पर उठे सवाल पीड़िता और स्टाफ ने आरोपित इंटर्न डॉक्टर के निलंबन के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की गई है। इधर कॉलेज प्रबंधन और पुलिस पर मामले को दबाने के आरोप भी लग रहा है। मारपीट कांड ने मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था और महिला डॉक्टरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉलेज में इलाज कराने आई महिलाओं और उनके परिजनों का कहना है कि जिस जगह पर जीवन बचाने की जिम्मेदारी है, वहां खुद डॉक्टर ही हिंसक हो जाएं तो क्या स्थिति बनेगी। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों का विवाद हुआ। जांच कमेटी बना दी गई है और विवाद करने वाले डॉक्टरों के अभिभावकों भी बुलाया गया है। लड़ने वाले डॉक्टर बाहर के हैं। सोमवार तक जांच रिपोर्ट आ जाएगी और अभिभावक भी आ जाएंगे। लापरवाही हुई है कार्रवाई होगी। डीन अभी बाहर हैं। वे भी सोमवार को आ जाएंगे और कार्रवाई होगी। डॉ.नागेंद्र सिंह,अधीक्षक मेडिकल कालेज शहडोल।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: विक्रमादित्य थे भारतीय न्याय व्यवस्था के महान पुरोधा

मुख्यमंत्री इंदौर में अखिल भारतीय बैठक में हुए शामिल  इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय न्याय व्यवस्था का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। सम्राट विक्रमादित्य भारतीय न्याय व्यवस्था के महान पुरोधा थे, जिनके निर्णयों की मिसाल आज भी दी जाती है। न्याय के क्षेत्र में उनकी पहचान विश्व स्तर पर अद्वितीय थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में विश्व हिंदू परिषद विधि प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित अखिल भारतीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के अनेक कानूनों में समयानुकूल बदलाव किए गए हैं, जो समय की आवश्यकता भी थे। न्याय व्यवस्था में मन की पवित्रता और पंचों का निष्पक्ष निर्णय ही असली न्याय है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी भारतीय संस्कृति और न्याय परंपरा पर गर्व है और न्यायालयों के निर्णयों का सबको समान रूप से पालन करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में कोलाहल नियंत्रण अधिनियम का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। साथ ही खुले में मांस विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है और उसका भी सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान है और उसके साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लव जिहाद के विषय में स्पष्ट कहा कि यह धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्ति की गरिमा के विरुद्ध है। प्रदेश में लव जिहाद करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि न्याय और कानून व्यवस्था में किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो। समाज के प्रत्येक वर्ग को समान न्याय मिले और जनता को यह विश्वास रहे कि मध्यप्रदेश में कानून सर्वोपरि है। कार्यक्रम को स्वामी जितेंद्रानंद जी महाराज ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल, परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक जी, संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन, राष्ट्रीय संयोजक विधि प्रकोष्ठ डॉ. अभिषेक अत्रे एवं विधि प्रकोष्ठ के संरक्षक न्यायमूर्ति व्ही.एस. कोकजे विशेष रूप मौजूद थे।  

समाज में अनुशासन लाने में संत, महात्मा और मुनियों का अहम योगदान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

समाज में अनुशासन लाने में संत, महात्मा और मुनियों का अहम योगदान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. यादव के अनुसार समाज को अनुशासित करने में संत-महात्माओं की महत्वपूर्ण भूमिका मुख्यमंत्री ने इंदौर में जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ के अधिवेशन में की सहभागिता इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समाज को अनुशासित रखने में संत महात्माओं और मुनियों की महती भूमिका रही है। धर्म गुरुओं के संदेश, उपदेशों से भारतीय संस्कृति अक्षुण्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में आयोजित जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ के 14 वें अधिवेशन एवं श्रीसंघ मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेश में "सेवा पखवाड़ा अभियान" शुरू किया जा रहा है। अभियान सभी जिलों में विभिन्न गतिविधियाँ और कार्यक्रम आयोजित होंगे। उन्होंने सभी से अभियान में सहभागिता का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्योग विकास, निवेश और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। गौमाताओं, गौशालाओं का संरक्षण, दुग्ध संघ के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में बेहतर कार्य हुए हैं। इन सब प्रयासों से प्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहा है। संघ मिलन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आचार्य विश्वरत्न सागर का शुभाशीष प्राप्त किया। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंगल कलश और शुभ अक्षतों की वर्षा कर स्वागत किया गया। इस दो दिवसीय समारोह में अन्य राज्यों व जिलों से धर्मावलंबी शामिल हुए। इस दौरान आचार्य विश्वरत्न सागर ने आशीष वचनों से उपस्थितजन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मुखिया अपने सरल, सहज और समन्वय भाव से प्रदेश को विकास की ओर ले जा रहे हैं। नए उद्योग और रोजगार, धार्मिक न्यास को लेकर प्रदेश में जो कार्य हुए है वे अतुल्यनीय है। सरकार ने जन हितैषी कार्यों बढ़ावा दिया है। समारोह में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी गौड़, मधु वर्मा, रमेश मेंदोला, श्वेतांबर मालवा महासंघ के पदाधिकारी, सदस्य, एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए जारी हैं सतत प्रयास

प्रदेश में पर्यटन को नई पहचान दिलाने हो रहे हैं निरंतर कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंबल नदी में बोटिंग कर जेट स्काय की सवारी की गांधी सागर के प्राकृतिक सौंदर्य का लिया आनंद गांधीसागर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को गांधीसागर में चंबल नदी के अद्भुत और आकर्षक प्राकृतिक नजारे का अनुभव करते हुए बोटिंग की। बोट में बैठकर उन्होंने नदी की मनोहारी छटा को निहारा और इस मनमोहक सफर का आनंद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। चंबल नदी क्षेत्र में विकसित हो रही पर्यटन गतिविधियाँ न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करेंगी बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगी। बोटिंग के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंबल नदी में जेट स्काय की सवारी भी की। पानी की लहरों पर बाइक बोट चलाते हुए मुख्यमंत्री अत्यंत प्रसन्नचित और उत्साहित नजर आए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल पर्यटन को बढ़ावा देंगी बल्कि प्रदेश की प्राकृतिक धरोहरों को देखने-समझने का नया अवसर भी प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सफारी जीप में बैठकर टेंट सिटी का भी अवलोकन किया और यहां की पर्यटन सुविधाओं एवं आकर्षक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ सांसद सुधीर गुप्ता, गरोठ विधायक चंदर सिसोदिया, कमिश्नर आशीष सिंह, आईजी उमेश जोगा, कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा सहित पर्यटक मौजूद रहे।  

लाइव स्ट्रीमिंग पर हाई कोर्ट की रोक, याचिकाकर्ता ने जताई भ्रामक प्रसारण की आशंका

जबलपुर  हाईकोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग को कोर्ट ने बैन कर दिया है. दरअसल, हाईकोर्ट की सुनवाई के वीडियोज यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर मीम्स या शॉर्ट्स के माध्यम से प्रसारित किए जा रहे थे, जिसे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी गई थी. हाईकोर्ट चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग के वीडियोज के दुरुपयोग को बेहद गंभीरता से लिया और अंतरिम आदेश में सभी क्रिमिनल कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक लगा दी. गलत तरीके से प्रसारित किए जा रहे कोर्ट के वीडियो दरअसल, जबलपुर निवासी अधिवक्ता अरिहंत तिवारी और विदित शाह की ओर से ये याचिका दायर की गई थी. याचिका में कहा गया था कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग के वीडियोज यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर मीम्स या शॉर्ट्स के माध्यम से डाली जाती हैं. न्यायाधीशों द्वारा ओपन कोर्ट में कही बातों को मिर्च मसाला लगाकर उन्हें प्रसारित किया जाता है. ऐसा कृत्य न्यायालय की गरीमा को ठेस पहुंचाने वाले व आपत्तिजनक हैं. इसके अलावा यह अदालत की अवमानना की श्रेणी में आता है. याचिका में उठाई आपत्ति जबलपुर निवासी अरिहंत तिवारी और विदित शाह ने हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा कि क्रिमिनल मामलों की लाइव स्ट्रीमिंग के वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित किए जा रहे हैं। कई बार इन्हें शॉर्ट वीडियो बनाकर यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर डाला जाता है, जिनमें तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जाता है। यह कोर्ट की अवमानना और न्यायपालिका की छवि धूमिल करने वाली है। हाई कोर्ट का आदेश मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सभी क्रिमिनल कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्रार आईटी, केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, यूट्यूब और मेटा प्लेटफार्म के शिकायत अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं की दलील याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया पर डाले जा रहे ऐसे वीडियो न केवल भ्रामक हैं, बल्कि आम जनता के बीच न्यायिक बिरादरी की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कोर्ट से मांग की कि रजिस्ट्रार आईटी को इस तरह की गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग करने और सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए जाएं। अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप याचिका में आरोप लगाया गया कि जिन अधिकारियों को निगरानी और नियंत्रण की जिम्मेदारी दी गई है, उन्होंने लापरवाही बरती है। इसी वजह से सोशल मीडिया पर ऐसे अपमानजनक और भ्रामक वीडियो लगातार प्रसारित हो रहे हैं। इन्हें बनाया पक्षकार     केंद्र सरकार का सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, नई दिल्ली     मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और रजिस्ट्रार आईटी, जबलपुर     यूट्यूब कंपनी के डायरेक्टर और शिकायत अधिकारी सूरज राय, बेंगलुरु     मेटा प्लेटफार्म के डायरेक्टर और शिकायत अधिकारी अमृता कौशिक, गुरुग्राम हाई कोर्ट ने क्रिमिनल कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक लगाते हुए सभी पक्षकारों से जवाब तलब किया है। मामले पर अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी। यूट्यूब पर न हो कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग याचिका में मांग की गई कि यू-ट्यूब के स्थान पर वेबेक्स आधारित प्लेटफार्म के जरिए प्रकरणों की लाइव स्ट्रीमिंग की जाए, जोकि कुछ हद तक सुरक्षित है. याचिका में राहत चाही गई कि रजिस्ट्रार आईटी भी इस तरह की गतिविधियों पर मॉनिटरिंग करें और नियंत्रण सुनिश्चित करें. युगलपीठ ने याचिका में उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्रार आईटी, यू-ट्यूब, मेटा, यू-ट्यूब के शिकायत अधिकारी सूरज राव और मेटा प्लेटफॉर्म्स की शिकायत अधिकारी अमृता कौशिक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. कोर्ट ने सभी अनावेदकों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है. इसके अलावा अंतरिम आदेश में सभी क्रिमिनल कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक लगा दी है. युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 25 सितंबर को निर्धारित की है. कोर्ट के शॉर्ट्स और यूट्यूब वीडियोज से गलत प्रसार गौरतलब है कि इन दिनों यूट्यूब और इंस्टाग्राम में हाईकोर्ट समेत कई क्रिमिनल कोर्ट के वीडियो मनोरंजन के तौर प्रसारित किए जा रहे हैं. कई मामलों में सुनवाई के कुछ ही अंश शॉर्ट्स में पोस्ट कर दिए जाते हैं, जिससे न्यायालय की गरीमा को ठेस पहुंचती है और न्याय प्रक्रिया की गंभीरता की भी गलत छवि पेश होती है.

MP में लागू हुआ नगरपालिका संशोधन अध्यादेश 2025, समझें इसके मुख्य प्रावधान और प्रभाव

भोपाल   प्रदेश की नगर पालिका और नगर परिषदों के पार्षद अब अध्यक्ष को अविश्वास प्रस्ताव लाकर नहीं हटा सकेंगे। उन्हें सीधे जनता ही हटाएगी। इसके लिए सरकार ने मप्र नगरपालिका संशोधन अध्यादेश 2025 लागू कर दिया है। इसके अनुसार अध्यक्ष को हटाने के लिए कराए गए गुप्त मतदान में नपा क्षेत्र के कुल मतदाताओं में से आधे से ज्यादा बहुमत जरूरी होगा। अध्यक्ष को वापस बुलाने की प्रक्रिया भी पद संभालने के तीन साल तक शुरू नहीं हो सकेगी। इतना ही नहीं, अध्यक्ष को वापस बुलाने की प्रक्रिया पूरे कार्यकाल में सिर्फ एक बार हो सकेगी। विधि एवं विधायी विभाग ने मप्र नगरपालिका संशोधन अध्यादेश 2025 का राजपत्र में प्रकाशन कर दिया है। अध्यादेश कैबिनेट में मंजूर होने के साथ 9 सितंबर को ही राजपत्र में प्रकाशन के लिए भेजा गया था। वर्तमान में अविश्वास से जूझ रहे अध्यक्षों को भी राहत अध्यादेश लागू होने के बाद वर्तमान में शिवपुरी समेत अन्य नगरीय निकायों में अविश्वास से जूझ रहे अध्यक्षों को राहत मिलेगी। इसके लागू होने से मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 के अविश्वास प्रस्ताव संबंधी प्रावधान निष्प्रभावी हो गए हैं। वहीं अध्यादेश के लागू रहने की अवधि में नपा अधिनियम में अध्यादेश के संशोधनों के अधीन रहते हुए ही प्रभावी होगा। खासतौर पर धारा 3 से 18 तक संशोधन ही प्रभावी होंगे। बता दें, अध्यादेश 6 माह तक लागू रहेगा। इस अवधि में विधानसभा में इस प्रस्ताव को पारित कराना जरूरी है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान: अवैध लाउडस्पीकरों पर कार्रवाई और मांस बिक्री पर कड़े नियम लागू

इंदौर   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की अखिल भारतीय बैठक में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नए कानूनों को लागू करने में तेजी से काम कर रही है और कानून का पालन सभी के लिए अनिवार्य है। लाउडस्पीकर और मांस की बिक्री पर सख्त सरकार मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, "सरकार बनते ही हमने लाउडस्पीकर के शोर को नियंत्रित किया। आप अपने धर्म का पालन करें, इसमें कोई रोक नहीं है, लेकिन कानून का पालन तो सबको करना पड़ेगा।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार ने प्रदेश भर में 60,000 से अधिक अवैध लाउडस्पीकर हटाने का काम किया है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि राज्य में मांस बेचने वालों को खाद्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। उन्होंने कहा, "इस राज्य के अंदर मछली-मांस सबके ठिकाने लगाए गए हैं, अपनी सरकार के माध्यम से। कानून सबके लिए बराबर है।" विहिप की बैठक और अन्य कार्यक्रमों में शिरकत यह बैठक शहर के एक निजी गार्डन में आयोजित की गई, जिसमें विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी और अन्य नेता शामिल हुए। विहिप की बैठक के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. यादव दलाल बाग पहुंचे और श्री जैन श्वेताम्बर मालवा महासंघ के 14वें अधिवेशन एवं श्रीसंघ मिलन समारोह में भी शामिल हुए। इन कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद मुख्यमंत्री भोपाल के लिए रवाना होंगे।  

कलेक्टर-कमिश्नर को मिले सख्त निर्देश, सीएम मोहन यादव ने जिलों में सफलता सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा

  मंदसौर प्रदेश में 17 सितंबर से शुरू हो रहे सेवा पखवाड़े की जिलों में सफलता के लिए प्रभारी मंत्री, संभागायुक्त व कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। जिलों में कलेक्टरों को इसका नेतृत्व करना होगा, तो प्रभारी मंत्री समय-समय पर मार्गदर्शन करेंगे। जबकि संभागों में संभागायुक्त निगरानी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) ने मंदसौर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संभागों के संभागायुक्तों व जिलों के कलेक्टरों से चर्चा की और उन्हें जिम्मेदारी दी। यह पखवाड़ा 2 अक्टूबर तक चलेगा। इस बार सेवा पखवाड़ा के दौरान जनसामान्य के बीच खादी की ब्रांडिंग पर विशेष जोर दिया जाएगा। इनकी खरीदी-बिक्री के लिए उचित मंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रचार-प्रसार कराना होगा। स्थानीय उत्पादों व स्व सहायता समूहों द्वारा तैयार की जाने वाली सामग्री के लिए प्रदर्शनी व मेले लगाने होंगे। पीएम मोदी की सुरक्षा को लेकर मंथन पीएम मित्रा पार्क की आधारशिला रखने 17 सितंबर को धार के भैंसोला आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा को लेकर शुक्रवार को हाई लेवल मीटिंग हुई। गृह विभाग के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सुरक्षा पर चर्चा की। उन्होंने गृह विभाग के एसीएस शिवशेखर शुक्ला और डीजीपी कैलाश मकवाना को कई बिंदुओं पर सुधार के निर्देश दिए। सुरक्षा और आमजन की आवाजाही को लेकर स्थिति साफ करने को कहा। बिंदुवार निगरानी के निर्देश दिए। सेवा पखवाड़े में यह होगा     रक्तदान शिविर लगेंगे, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण होगा, जिसके लिए एलइडी लगाने होंगे, स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, नगरीय निकायों व पंचायतों में स्वच्छता अभियान चलेगा। एक पेड़ मां के नाम, एक बगिया मां के नाम के तहत वृक्षारोपण करना होगा।     भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा, रतलाम, सागर में नमो मैराथन होगी।     27 व 28 सितंबर को कलेक्टर सामाजिक न्याय विभाग को कलेक्टर की निगरानी में दिव्यांगजनों के लिए जिले के स्तर पर शिविर लगाने होंगे।