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MP के 16 स्टेट अफसर को मिला IAS का प्रतिष्ठित सम्मान, सरकार ने किया नोटिफिकेशन जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश के 16 राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) अफसरों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में प्रमोशन मिला है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने वर्ष 2023 और 2024 में खाली हुए IAS पदों के विरुद्ध यह अवार्ड जारी किया। वर्ष 2023 और 2024 के प्रत्येक आठ-आठ अफसरों को इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। मध्य प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के 16 अफसरों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में प्रमोशन दिया गया है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने वर्ष 2023 और 2024 में उपलब्ध IAS पदों के लिए यह निर्णय लिया है। इसका  नोटिफिकेशन सोमवार को जारी किया गया। वर्ष 2023 के आठ और 2024 के आठ अधिकारियों को आईएएस अवॉर्ड हुआ है। हालांकि इस आदेश के साथ ही यह भी शर्त जोड़ी गई है कि यह नियुक्तियां मध्य प्रदेश सरकार बनाम कमल नागर और अन्य संबंधित प्रकरणों में जबलपुर हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी।  वर्ष 2023 के IAS अवार्ड प्राप्त अधिकारियों में नारायण प्रसाद, नामदेव, डॉक्टर कैलाश बुंदेला,  नंदा भलावे कुशरे, अनिल कुमार डामोर, सविता झानिया,  सारिका भूरिया, कमल सोलंकी, जितेंद्र सिंह चौहान शामिल है। वहीं, वर्ष 2024 के IAS अवार्ड प्राप्त अधिकारियों में संतोष कुमार टिगोर, निशा डामर, राकेश कुशरे, शैली कनाश, रोहन सक्सेना, कविता बतुला, सपना अनुराग जैन औरआशीष कुमार पाठक है।   

IAS ट्रांसफर लिस्ट जारी: आशीष सिंह बने उज्जैन के नए कमिश्नर, इंदौर-जबलपुर समेत 5 जिलों के कलेक्टर बदले

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने सोमवार (8 सितंबर) की देर रात प्रशासनिक सेवा में बड़ा फेरबदल किया है. रात में एमपी के 14 आईएएस अफसरों का तबादला कर दिया गया. नए ड्यूटी पर तैनात हुए अफसरों की लिस्ट भी जारी हो गई है. इससे कुछ ही घंटे पहले 20 IPS अफसरों के तबादले किए गए थे.  सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार, 5 जिलों के कलेक्टर बदल दिए गए हैं. इनमें इंदौर, जबलपुर, कटनी, बड़वानी और आगर मालवा शामिल हैं. जबलपुर के कलेक्टर अब बने जनसंपर्क आयुक्त सबसे अहम बदलाव जनसंपर्क विभाग में हुआ है. जनसंपर्क आयुक्त डॉ. सुदाम पंढरीनाथ खाड़े को हटा दिया गया है. उनकी जगह जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना को जनसंपर्क आयुक्त बनाया गया है. किसे कहां मिली जिम्मेदारी? डॉ. सुदाम पंढरीनाथ खाड़े को इंदौर संभागा का आयुक्त बनाया गया है. दीपक सिंह मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के सह सचिव बने हैं. अभिषेक सिंह एमपी शासन गृह विभाग के सचिव नियुक्त किए गए हैं. वहीं, आशीष सिंह को उज्जैन संभाग के सह आयुक्त पद की जिम्मेदारी मिली है. इसके अलावा, अतिरिक्त प्रभार के तौर पर उन्हें सिंहस्थ मेला के लिए उज्जैन मेला अधिकारी बनाया गया है. दीपक कुमार सक्सेना को एमपी जनसंपर्क का सह आयुक्त नियुक् किया गया है. एमरी माध्यम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी मिला है. नए कलेक्टरों की नियुक्ति शिवम वर्मा इंदौर के नए कलेक्टर बने हैं. राघवेंद्र सिंह को जबलपुर का कलेक्टर नियुक्त किया गया है. दिलीप यादव इंगौर नगर पालिक निगम के आयुक्त बनाए गए हैं. साथ ही उन्हें मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड इंदौर का अतिरिक्त प्रभार मिला है. आशीष तिवारी को कटनी के कलेक्टर पद की जिम्मेदारी मिली है. जयति सिंह बड़वानी कलेक्टर पद पर नियुक्त हुई हैं. प्रीति यादव आगर मालवा की कलेक्टर बनी हैं. डॉ. परिक्षित संजयराव झाड़े को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, इंदौर विकास प्राधिकरण, इंदौर बनाया गया है. रामप्रकाश अहिरवार को जबलपुर नगर पालिक निगम का आयुक्त बनाया गया है. इन 5 जिलों में कलेक्टर बदले इंदौर – शिवम वर्मा को कलेक्टर बनाया गया है। वर्मा अभी इंदौर नगर निगम में कमिश्नर हैं। जबलपुर – राघवेन्द्र सिंह को कलेक्टर बनाया गया हैं। राघवेंद्र सिंह अभी आगर-मालवा जिले के कलेक्टर हैं। कटनी – आशीष तिवारी को कलेक्टर बनाया गया हैं। तिवारी अभी मुख्य सचिव कार्यालय में उपसचिव हैं। बड़वानी – जयति सिंह को कलेक्टर बनाया गया हैं। जयति अभी उज्जैन जिला पंचायत की सीईओ हैं। आगर-मालवा – प्रीति यादव को कलेक्टर बनाया गया हैं। प्रीति अभी जबलपुर नगर निगम में कमिश्रर हैं।

इलेक्ट्रिक वाहन संवर्धन बोर्ड का होगा गठन- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

विश्व ईवी दिवस 9 सितम्बर मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाने वाला देश का पहला राज्य-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इलेक्ट्रिक वाहन संवर्धन बोर्ड का होगा गठन- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ईवी मैन्यूफैक्चरिंग हब बनने की क्षमता है मध्यप्रदेश में- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन परिवहन के भविष्य का प्रतिनिधित्व करने के लिये तैयार हो रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। जलवायु परविर्तन से लड़ने के वैश्विक जनादेश और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण लक्ष्यों को हासिल करना मध्यप्रदेश की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व ईवी दिवस पर लोगों से कार्बन उत्सर्जन कम करने और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है। इलेक्ट्रिक वाहन जनसहयोग से कार्बन उत्सर्जन को कम करने में तेजी लाने के लिए सबसे प्रभावी समाधान हैं। मध्यप्रदेश में जल्दी ही इलेक्ट्रिक वाहन संवर्धन बोर्ड का गठन किया जायेगा। यह अंतर विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने और विभिन्न मुददों का समाधान निकालने के लिए जिम्मेदार होगा। मध्यप्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में आदर्श राज्य बनाने और इस क्षेत्र में उत्कृष्ट उदाहरण स्थापित करने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश की इलेक्ट्रिक वाहन नीति में रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिये वित्तीय प्रोत्साहन दिया जायेगा। चार्जिंग और स्वैपिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर लगाने में तेजी लाने के प्रयासों को भी प्रोत्साहन दिया जायेगा। ईवी और ईवी संबंधित पाठयक्रम होंगे शुरू प्रदेश में ईवी उदयोग के लिए आवश्यक कौशल के साथ कार्यबल तैयार करने के लिए नीति में इंजीनयिरिंग कालेजों और आईटीआई में ईवी और ईवी संबंधित पाठयक्रम भी शुरू किये जायेंगे। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन को ईवी मॉडल सिटी के रूप में स्थापित किया जायेगा। मध्यप्रदेश का लक्ष्य है कि 2070 तक भारत को अपने शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग करे और स्वयं को कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने वाले राज्यों में पहला स्थान हासिल करे। प्रदेश में वायु गुणवत्ता  के सुधार एवं पेट्रोल, डीजल वाहनों पर निर्भरता को कम करने तथा इलेक्ट्रिक चार्जिंग अधोसंरचना के निर्माण के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा मध्य्प्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीरकल नीति-2025 का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत वर्ष 2030 तक प्रदेश में कुल पंजीकृत 02 पहिया, 03 पहिया, चार पहिया वाहन एवं बस के लिये इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकृत के लिए क्रमश: 40%, 80%, 15% एवं 40% का लक्ष्य रखा गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टे्शन जैसे:- स्माल, मीडियम और लार्ज चार्जिंग स्टेशन के लिए 10 लाख रूपये तक, अनुसंधान, नवाचार एवं कौशल विकास के लिए 2 करोड़ रूपये, बैटरी स्वैपिंग स्टेशन के लिये 5 लाख रूपये तक और 02 पहिया, 03 पहिया एवं कार के लिए रेट्रोफिटिंग अंतर्गत 25 हजार रूपये तक के वित्तीय प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थांन भोपाल द्वारा 9 सितंबर को विश्व ईवी दिवस पर लोगों में जागरूकता लाने ईवी कार्यशाला विद्युत 25 और इलेक्ट्रि‍क आटो एक्सपो का आयोजन मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में किया जा रहा है। ईवी उद्योग के विकास को बढ़ावा देने में मध्यप्रदेश अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है। ईवी सेगमेंट को बढ़ता देख आम लोगों में उत्साह है कि भविष्य में मध्यप्रदेश ईवी मैन्यूफैक्चरिंग हब बनेगा। मध्यप्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण का केंद्र बनने की क्षमता है। यहां सभी प्रकार की सहयोगी अधोसंरचनाएं मौजूद हैं। निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर की मौजूदगी जरूरी है, जिसमें बैटरी निर्माण सुविधाएं, असेंबली प्लांट और सप्लाई चैन नेटवर्क शामिल हैं। मध्यप्रदेश में इसकी भरपूर सभावनाएं हैं। भारत में लिथियम खनन का काफी विकास हुआ है। देश के भीतर लिथियम की उपलब्धता से मौजूदा हालात पूरी तरह बदल सकते हैं। यह इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी का सबसे महत्वपूर्ण घटक है। भारत में हाल ही में खोजे गए लिथियम के भंडार से आयात पर निर्भरता में कमी आने के साथ-साथ पूरे ईवी सप्लाई चैन को मजबूती मिलने की संभावना है। इसका सबसे बड़ा लाभ मध्यप्रदेश को होगा। ईवी का उपयोग न केवल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और उपयोग  की लागत को कम करता है बल्कि वितरण दक्षता भी बेहतर बनाता है। प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण के लिए ईवी को अपनाना प्रासंगिक है। मध्यप्रदेश में इसके रूझान दिख रहे हैं। समुदायों और ग्राहकों में जागरूकता बढ़ रही है। भारत दुनिया में दो पहिये वाले वाहनों का सबसे बड़ा निर्माता हैं। विद्युत वाहन इलेक्ट्रॉनिक्स और सॉफ़्टवेयर का मिश्रण है और मध्यप्रदेश का इन दोनों में अच्छा प्रदर्शन है। मध्यप्रदेश में प्रतिभा, अच्छा वातावरण और सरकार के समर्थन से इलेक्ट्रिक वाहन हब बनने को तैयार हो रहा है।  

श्रमिक परिवारों के लिए खुशखबरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतरित करेंगे 175 करोड़ की आर्थिक मदद

CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान: श्रमिक परिवारों को मिलेंगे 175 करोड़ रुपये, सीधे खातों में जाएगी सहायता राशि श्रमिक परिवारों के लिए खुशखबरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतरित करेंगे 175 करोड़ की आर्थिक मदद अनुग्रह सहायता के 7953 प्रकरणों में लाभान्वित होंगे हितग्राही भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 सितम्बर को मंत्रालय भोपाल में संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 7953 प्रकरणों में 175 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से हितग्राहियों के खातों में अंतरित करेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल भी उपस्थित रहेंगे। संबल योजना के अंतर्गत प्रारम्भ से अब तक 7 लाख 60 हजार 866 प्रकरणों में 7046 करोड़ रूपये से अधिक के हितलाभ वितरित किये जा चुके है। संबल योजना, प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। अनुग्रह सहायता के अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। इसी प्रकार स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रूपये और अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये, श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा का सम्पूंर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स का पंजीयन प्रारंभ भारत सरकार के नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबंल योजना में सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के सभी लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है जिससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनाएँ भी संचालित की जाती हैं। इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है। अब वे भी 5 लाख रूपये वार्षिक नि:शुल्क चिकित्सा प्राप्त कर रहे है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ से अब तक 1 करोड़ 77 लाख से अधिक श्रमिकों का संबल योजना के अंतर्गत पंजीयन किया गया है, पंजीयन प्रक्रिया निरंतर जारी है।  

उज्जैन और जबलपुर में जू कम रेस्क्यू सेंटर के निर्माण में लाएं गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पर्यावरण की स्वच्छता के लिए समाज और सरकार करें साझा प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन और जबलपुर में जू कम रेस्क्यू सेंटर के निर्माण में लाएं गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वच्छ पर्यावरण से ही स्वस्थ और समृद्ध बनेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में बॉयो डायवर्सिटी पार्क की स्थापना की तैयारी मुख्यमंत्री ने की पर्यावरण विभाग की गतिविधियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पर्यावरण की शुचिता बनाये रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण से ही प्रदेश के हर नागरिक का जीवन स्वस्थ और समृद्ध बनेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी विभाग आपसी सामंजस्य और सहयोग के साथ कारगर कदम उठाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल एवं वायु की शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। इन दो विशेष घटकों की शुद्धता पर ही संपूर्ण पर्यावरण की स्वच्छता निर्भर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मंत्रालय में पर्यावरण विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन और जबलपुर में जू कम रेस्क्यू सेंटर की स्थापना होनी है। इस कार्य में गति लाएं और जल्द से जल्द इस कार्य को अंजाम दिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण की शुद्धता से ही हम सबका जीवन सुरक्षित रह सकता है और यह संदेश समाज तक भी पूरी जिम्मेदारी से पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की बेहतरी केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज को भी आगे आना होगा। समाज और सरकार के साझा प्रयास ही पर्यावरण को स्वच्छ और संरक्षित बनाए रख सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े तालाब में डल झील की तरह शिकारे चलाने की कार्यवाही जल्द से जल्द पूरी की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन एक वृहद विषय है। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य आधारित कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भोपाल, इंदौर, उज्जैन एवं ग्वालियर के अलावा जबलपुर, रीवा, सागर एवं खजुराहो में भी हीट कंट्रोल के लिए एक्शन प्लान बनाकर उसे क्रियान्वित किया जाए। मुख्यमंत्री ने हर्ष जताते हुए कहा कि प्रदेश में अमरकंटक, पचमढ़ी और पन्ना पहले से ही यूनेस्को बायोस्फियर रिजर्व घोषित हैं। इसके अलावा अब कान्हा, पेंच एवं बांधवगढ़ को भी यूनेस्को बायोस्फियर रिजर्व घोषित कराने के लिए समुचित कार्यवाही की जाए। अपर मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण अशोक वर्णवाल ने भोपाल के शाहपुरा क्षेत्र में करीब 100 हेक्टेयर क्षेत्र में स्टेट ऑफ द आर्ट के सहयोग से बॉयो डायवर्सिटी पार्क की स्थापना करने की विभागीय योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह संभवत: देश का पहला बॉयो डायवर्सिटी पार्क होगा। यह अहम जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे देश का मॉडल बॉयो डायवर्सिटी पार्क बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोपाल शहर को जैव विविधता के संरक्षण के मामले में एक नई पहचान देने वाले इस नवाचार के लिए सभी कार्यवाहियां तेजी से पूरी की जाएं। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण वर्णवाल ने बताया कि बड़े तालाब में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही मानसून अवधि के बाद की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रदूषण फैलाने वाले अर्थात् लाल श्रेणी के उद्योगों की संख्या घट गई है, इससे पर्यावरण और बेहतर हुआ है। उन्होंने बताया कि नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत प्रदेश के पहले से शामिल 7 शहरों के अलावा 3 नए शहरों मंडीदीप, सिंगरौली और पीथमपुर को भी इस प्रोग्राम में शामिल करने के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी में भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने बताया कि पिछले छह माह में विभाग द्वारा यूनियन कार्बाइड के अपशिष्ट का सुरक्षित रूप से भस्मीकरण कराया गया। रियल टाइम क्रॉप बर्निंग मॉनीटरिंग के लिए एक सॉफ्टवेयर विकसित कर इसका डाटा पब्लिक पोर्टल पर प्रसारित किया गया। प्रदेश के सभी जिलों के लिए राज्य पर्यावरण योजना एवं जिला पर्यावरण योजना का अपडेट पोर्टल उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रदूषणकारी उद्योगों एवं संक्रामक कचरे (बॉयो मेडिकल वेस्ट) के समुचित निपटान के लिए हर माह एक सप्ताह में विशेष अभियान चलाया जाएगा, गड़बड़ी मिलने पर संबंधितों पर कार्यवाही भी की जाएगी। अपर मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण वर्णवाल ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण के अंतर्गत जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से प्रदेश की 5 रामसर साइट क्रमश: भोज वेटलैण्ड भोपाल, सिरपुर, यशवंत सागर इंदौर, तवा जलाशय नर्मदापुरम एवं साख्य सागर शिवपुरी में उपलब्ध सभी जैव विविधताओं का सर्वे कर विधिवत दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हरित मध्यप्रदेश मिशन के तहत विभाग अगले तीन माह में एक मिशन डाक्यूमेंट तैयार कर शासन को प्रस्तुत करेगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मिशन में पर्यावरण विभाग के साथ-साथ वन एवं कृषि विभाग को भी जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने कहाकि प्रदेश में करीब 247 नदियां हैं, इन सभी नदियों का भी दस्तावेजीकरण कराया जाए। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति हमारे लिए प्रेरणा भी है और आनंद भी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को धार जिले के भैसोला गांव में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का करेंगे शिलान्यास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति हमारे लिए प्रेरणा भी है और आनंद भी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री का धार प्रवास प्रदेश के विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगा स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ भी करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री के आगमन एवं भैसोला में होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा बैठक की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितंबर को मध्यप्रदेश आएंगे। प्रधानमंत्री मोदी धार जिले की बदनावर तहसील के ग्राम भैसोला में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ, सेवा पखवाड़ा तथा यहां देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से प्रदेश के जनजातीय बहुल मालवा अंचल में किसानों को एक बहुत बड़ी सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश का धार, झाबुआ, उज्जैन और निवाड़ का खरगोन, बड़वानी सबसे बड़ा कपास उत्पादक क्षेत्र है। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश में कॉटन आधारित बड़े इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना होने जा रही है, यह देशभर में मंजूर 7 पीएम मित्रा पार्क में से पहला पार्क है जिसका भूमि-पूजन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क से 1 लाख प्रत्यक्ष और 2 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष, कुल मिलाकर 3 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार में पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने वाला गौरवशाली क्षण होगा। हम सब प्रदेशवासी मिलकर प्रधानमंत्री मोदी के आत्मीय एवं भव्य स्वागत के लिए तैयारी करें। यह दौरा प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की देश के पहले पीएम मित्रा पार्क के भूमिपूजन अवसर पर मध्यप्रदेश में उपस्थिति हम सबके प्रेरणा भी और आनंद का अवसर भी है, उनकी उपस्थिति में हमें उत्साह देती है। उनके मार्गदर्शन में हमारी सरकार पीएम मित्रा पार्क को देश का मॉडल पार्क बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मंत्रालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 17 सितंबर को ग्राम भैसोला, बदनावर जिला धार में आगमन सहित वहां आयोजित अन्य कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री स्वस्थ नगरी, सशक्त परिवार अभियान का करेंगे शुभारंभ बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 17 सितम्बर को 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' अभियान का शुभारंभ 'सुमन सखी' चैटबॉट को लांच करेंगे। पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास करेंगे। जनजातीय स्व-सहायता समूहों से स्वदेशी उत्पादों की खरीद और यूपीआई से भुगतान, सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी अभियान का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी "एक बगिया मां के नाम" अभियान के तहत महिला लाभार्थियों को पौधों का वितरण, एक करोड़ सिकल सेल कार्ड के वितरण सहित स्वदेशी पखवाड़े का शुभारंभ भी करेंगे। कार्यक्रम में लाड़ली बहनें, स्व-सहायता समूह के सदस्य, स्वास्थ्य एवं स्वावलंबन योजना के हितग्राही सहित टेक्सटाइल एवं गारमेंट क्षेत्र के प्रमुख उद्यमी, युवा उद्यमी, महिला उद्यमी एवं हितग्राही उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को कार्यक्रम की रूपरेखा की विस्तार से जानकारी देकर कहा कि सभी अधिकारी आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप दें। आयोजन स्थल पर कैम्प करें और वहीं से आपसी समन्वय एवं सहयोग से व्यवस्थाओं को अंजाम दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिले आवश्यक तैयारी कर लें। महिला प्रतिभागियों को आयोजन स्थल तक पहुंचने में कोई कठिनाई न होने पाए। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कार्यक्रम की समन्वित तैयारियों की सिलसिलेवार जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए 11 विभाग अपनी गतिविधियां प्रारंभ कर चुके हैं। कार्यक्रम स्थल का लेआउट सहित मीडिया प्लान भी तैयार कर लिया गया है। बैठक में कलेक्टर धार ने पीपीटी प्रेजेन्टेशन के जरिए अब तक की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल ग्राम भैसोला तक पक्की एप्रोच रोड तैयार की जा रही है। चारों दिशाओं से प्रतिभागियों का आगमन होगा, इसलिए परिवहन व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिव उपस्थित थे।

अनाधिकृत रूप से उपस्थिति दर्ज करने वाले अतिथि विद्वानों के प्रकरण शीघ्र किए जाएं निराकृत: मंत्री परमार

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सोमवार को मंत्रालय स्थित प्रतिकक्ष में, उच्च शिक्षा विभाग की बैठक लेकर विविध विभागीय गतिविधियों एवं कार्यों के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को, जो मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित सहायक प्राध्यापकों की पदस्थापना से या स्थानांतरण से प्रभावित हुये है, ऐसे अतिथि विद्वानों के प्रकरणों में विचार करते हुये पृथक से विकल्प भरने का अंतिम अवसर प्रदान करने के निर्देश दिये। परमार ने सार्थक पोर्टल पर अनाधिकृत रूप से उपस्थिति दर्ज करने वाले अतिथि विद्वानों के प्रकरणों में विचार करते हुये, संबंधित द्वारा इस प्रकार की पुनरावृत्ति न होने की प्रतिबद्धता के साथ, शीघ्र निराकृत करने को कहा। मंत्री परमार ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न महाविद्यालयों में एकल संकाय से बहुसंकाय एवं स्नातक से स्नातकोत्तर किए जाने को लेकर भी विस्तृत चर्चा कर, आवश्यक निर्देश दिए। परमार ने विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर, परफॉमेंस इंडेक्स तैयार करने की कार्ययोजना पर क्रियान्वयन करने को कहा। मंत्री परमार ने नकल पर नकेल कसने, परीक्षा पद्धति को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली एवं विधि महाविद्यालय से जुड़े विषयों सहित अन्य बिंदुओं पर व्यापक चर्चा कर, आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन एवं आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये करें बेहतर प्रबंधन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सुशासन का मिले सबको लाभ, यही हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये करें बेहतर प्रबंधन अपनी दक्षता और क्षमता से नागरिकों को दिलायें सुशासन और योजनाओं का लाभ समाधान ऑनलाइन में नागरिक सेवाओं में लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध हुई कड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री ने समाधान ऑनलाइन में की 12 जिलों के आवेदकों की सुनवाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के हर नागरिक और जरूरतमंद को सुशासन का सीधा लाभ मिले, यही सरकार का मूल लक्ष्य है। इसलिए प्रदेश के हर नागरिक को सुशासन का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। हरसंभव तरीके से अपनी दक्षता और क्षमता बढ़ायें। जिले में लंबित प्रकरणों पर पैनी नजर रखें। योजनाओं का समय-सीमा में क्रियान्वयन सुनिश्चित हों, इसके लिए बेहतर से बेहतर प्रबंधन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय से समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाईन में आए प्रदेश के 12 जिलों के विभिन्न श्रेणी के प्रकरणों की सीधी सुनवाई की और आवेदकों से रू-ब-रू बात कर उनके मामले के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिक सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स सरकार की योजनाओं के डिलेवरी सिस्टम की बेहतरी और मजबूती के लिये सतत् प्रयास करें। नागरिकों के काम समय पर हों और उन्हें अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिये यहां-वहां भटकना न पड़े, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि आवेदकों की समस्याएं रूटीन कोर्स में जिला स्तर पर ही निराकृत हो जाएं, आवेदकों को सीएम हेल्पलाईन में शिकायत करने की स्थिति ही नहीं आनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीएम हेल्पलाईन में प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों का तय समय-सीमा में ही निराकरण किया जाये। यदि कोई मसला समाधान ऑनलाईन तक आ रहा है, तो यह गंभीर विषय है। सुशासन के तहत स्थानीय स्तर पर ही आवेदकों को उनकी समस्या का निदान मिल जाये, यह सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में नागरिकों को बेहतर प्रशासन एवं व्यवस्थाओं को जनहितैषी (कस्टमर फ्रेंडली) बनाकर उनका विश्वास हासिल करें। समाधान ऑनलाईन में आये ये मामले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाईन में बालाघाट, उमरिया, देवास, भिण्ड, पन्ना, शहडोल, मऊगंज, कटनी, पांढुर्णा, टीकमगढ़, रायसेन एवं दमोह जिले के 12 प्रकरणों में सीधी सुनवाई की। बालाघाट के डीएफओ को एससीएन बालाघाट जिले के आवेदक झुन्ना लाल पनकू ने वन विभाग द्वारा उसे बांस कटाई की मजदूरी की राशि पांच साल से न दिए जाने की शिकायत की गयी थी। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पांच साल बहुत लंबा अरसा होता है, दोषियों पर कार्यवाही होनी चाहिए। इस पर अपर मुख्य सचिव सचिव वन अशोक वर्णवाल ने बताया कि आवेदक को उसकी मजदूरी की राशि दे दी गई है और देरी के लिए जिम्मेदार संबंधित वन मंडलाधिकारी को कारण बताओ नोटिस देकर अन्य पर भी कार्यवाही की गई है। लंबित स्वत्वों का हुआ भुगतान उमरिया जिले के में एक सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी स्व. धीरज प्रसाद कोल के पुत्र ने शिकायत की कि उन्हें पेंशन नहीं मिल रही है। स्व. कोल जनजातीय कार्य विभाग में पदस्थ थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से जवाब मांगा तो आयुक्त कोष एवं लेखा ने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मचारी का पीपीओ संबंधित बैंक से गुम हो जाने के लिए कारण विलंब हुआ। अब सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी के परिजन को पेंशन के साथ लंबित स्वत्वों का भुगतान कर दिया गया है। तत्कालीन सिविल सर्जन एवं वर्तमान सीएमएचओ देवास की रोकी वेतनवृद्धि देवास जिले की आवेदिका श्रीमती प्रियंका पत्नी हिमांशु दीक्षित ने कहा कि उसे प्रसूति सहायता के 12 हजार रुपए नहीं मिले, तो उसने सीएम हेल्पलाईन में शिकायत की थी। अब उसे राशि मिल गई है। कलेक्टर देवास ने जानकारी दी कि प्रसूति सहायता की राशि आवेदिका को उपलब्ध करा दी गई है। इस मामले में विलम्ब के लिए जिम्मेदार आउटसोर्स कम्प्यूटर ऑपरेटर और तत्कालीन संविदा लेखापाल की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और बहुउद्देशीय कार्यकर्ता को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही जिला चिकित्सालय के सहायक अस्पताल प्रबंधक की दो वेतनवृद्धियां रोकी गई हैं। वर्तमान संविदा लेखापाल को शोकॉज नोटिस जारी कर 10 दिन का वेटन काटा गया है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक को भी शोकॉज नोटिस देकर 7 दिन का वेतन काटा गया है। तत्कालीन सिविल सर्जन-सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक एवं वर्तमान सीएमएचओ देवास की एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई है। 4 पटवारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भिण्ड जिले के आवेदक रामरतन ने उसकी खसरा ऑनलाईन अपडेट नहीं किए जाने की शिकायत की थी। बताया गया कि इस मामले में देरी के लिए जिम्मेदार तत्समय से अब तक के 4 पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है और तत्समय से अब तक के 4 तहसीलदारों के विरूद्ध कार्यवाही का प्रस्ताव भेजा गया है। पन्ना जिले के आवेदक अनिल लाटोलिया ने उसे प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की राशि नहीं मिलने की शिकायत की थी। समाधान में आने के बाद अब उसे यह राशि मिल गई है। शहडोल जिले के आवेदक छात्र शिवम पनिका ने उसे छात्रवृत्ति न मिलने की शिकायत की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्र से बात की अब उसे छात्रवृत्ति की राशि मिल गई है। मऊगंज जिले के आवेदिका सुराजकुमारी ने उसके गांव में नल-जल योजना का ग्राम पंचायत को हस्तांतरण न होने के कारण उन्हें पेयजल आपूर्ति में हो रही परेशानी की शिकायत की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख सचिव पीएचई से जवाब मांगा। प्रमुख सचिव ने बताया कि आवेदिका के गांव में केवल 42 घर हैं। पीएचई के मैकेनिकल विंग द्वारा मामले का समाधान कर दिया गया है। शिकायत हल हो गई है। कटनी जिले के आवेदक जावेद अफ्तार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत मकान न मिलने की शिकायत की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आवेदक से चर्चा कर समस्या की जानकारी ली। अपर मुख्य सचिव नगरीयविकास ने बताया कि आवेदक को 26 अगस्त को ही उसके द्वारा चाहा गया मकान नंबर – 45 दे दिया गया है। पांर्ढुणा जिले … Read more

उच्च शिक्षा विभाग का फैसला: प्रदेश के विश्वविद्यालयों में भारतीय भाषाओं के विशेष पाठ्यक्रम शुरू

भोपाल  महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में भाषाई विवाद चर्चा का विषय है. भाषा को लेकर पैदा हो रहे तनाव और सामाजिक असंतुलन को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार ने एक बड़ी पहल की घोषणा की है. प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था अब केवल पारंपरिक विषयों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें भारतीय भाषाओं से जुड़े विशेष कोर्स भी शामिल किए जाएंगे. इसके जरिए न सिर्फ छात्रों को नई भाषाओं का ज्ञान मिलेगा, बल्कि देश की विविधता में एकता का संदेश भी जाएगा.  मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार ने कहा, ''मध्य प्रदेश अब भाषाई एकता का केंद्र बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है. सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का युवा देश के किसी भी राज्य या क्षेत्र में जाए तो वहां के निवासियों से सहजता और आत्मीयता से संवाद कर सके. भारत में कुल 12 राष्ट्रीय और 22 क्षेत्रीय भाषाएं हैं. इनमें से 12 से 15 भाषाओं को विश्वविद्यालयों में पढ़ाने की प्रक्रिया इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू कर दी जाएगी.'' मंत्री का कहना है कि भाषा के आधार पर उत्पन्न संघर्षों को रोकने और सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने में यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. इसके साथ ही एमपी देश में एक आदर्श के रूप में उभरकर अन्य राज्यों के लिए मार्गदर्शक बनेगा. सरकारी पहल का उद्देश्य इस योजना के पीछे सरकार की मंशा स्पष्ट है– भारतीय विविधता को सम्मान देना और संवाद की भाषा के रूप में भाषा को जोड़ने का माध्यम बनाना. प्रदेश में ऐसे युवाओं की बड़ी संख्या है जो नौकरी, व्यवसाय या शिक्षा के लिए अन्य राज्यों में जाना चाहते हैं, लेकिन भाषा की बाधा के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इस पहल के माध्यम से प्रदेश के छात्र न सिर्फ अपनी मातृभाषा में पढ़ाई कर सकेंगे बल्कि अन्य राज्यों की भाषा, संस्कृति और परंपराओं से परिचित होंगे. इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि आपसी विश्वास और संवाद भी मजबूत होगा. विपक्ष का विरोध हालांकि, इस योजना का विरोध भी शुरू हो गया है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह योजना केवल चुनावी लाभ के लिए लाई गई है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में दूसरी भाषाओं को पढ़ाने से व्यावहारिक लाभ नहीं होगा. उनका आरोप है कि इससे छात्रों को वास्तविक फायदा नहीं मिलेगा और यह योजना केवल प्रचार का हिस्सा है. कांग्रेस का यह भी कहना है कि पहले से चल रही हिंदी माध्यम की योजनाओं का कोई प्रभाव नहीं पड़ा, ऐसे में नई योजना भी सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगी.

ग्रामसभा का सख्त निर्णय: देवनाला रैयत गांव में शराब बनाने या बेचने पर भारी जुर्माना

पांढुर्णा  तहसील के देवनाला रैयत गांव ने नशा मुक्ति के लिए बड़ा कदम उठाया है। रविवार को हुई ग्रामसभा में गांव के सभी लोगों ने सर्वसम्मति से शराब निर्माण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया। साथ ही इसका उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माने का प्रावधान भी तय किया गया। ग्रामसभा में लिया गया कड़ा निर्णय ग्रामसभा में तय हुआ कि गांव में यदि कोई व्यक्ति शराब बनाएगा या बेचेगा तो उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, नशे की हालत में किसी भी व्यक्ति का अपमान करने पर 505 रुपए अर्थदंड भरना होगा। यह निर्णय गांव को नशामुक्त बनाने और सामाजिक समरसता कायम करने के उद्देश्य से लिया गया। ग्रामीणों ने खुद की पहल निर्णय के बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर गांव के आसपास नाले और जंगलों में बने अवैध कच्ची शराब के ठिकानों को खुद ही ध्वस्त कर दिया। इस दौरान गांव के दिनेश उईके, देवराम भलावी, अनिल मर्सकोले, देवीलाल तुमदाम, पूनाजी तड़ाम, सम्पिलाल उईके, गणेश उईके सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एकमत से संकल्प लिया कि अब गांव में किसी भी प्रकार का नशे का कारोबार नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस ने की पहल की सराहना थाना प्रभारी अजय मरकाम ने देवनाला रैयत के इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय समाज में जागरूकता और अनुशासन का उदाहरण है। गांव की इस पहल से क्षेत्र के अन्य गांवों को भी प्रेरणा मिलेगी। थाना प्रभारी ने भरोसा दिलाया कि किसी भी समस्या या चुनौती की स्थिति में पुलिस गांव का पूरा सहयोग करेगी। सामाजिक दृष्टि से ऐतिहासिक कदम गांव के बुजुर्गों का कहना है कि नशे ने कई परिवारों को बर्बाद किया है। युवा पीढ़ी गलत राह पर जा रही थी। अब इस प्रतिबंध से गांव में माहौल सुधरेगा और बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा। ग्रामीण महिलाएं भी इस फैसले से काफी खुश हैं। उनका कहना है कि अब घरों में झगड़े और कलह की स्थिति खत्म होगी।